Category: state-news

  • भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा- कांग्रेस आभार यात्रा निकाले भाजपा के कार्यों पर

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    देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा हरिद्वार में रोजगार के मसले पर परिक्रमा यात्रा निकालने की योजना पर चुटकी ली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि बेहतर होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रदेश में रोजगार अभियान चलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश सरकार के प्रति आभार यात्रा निकालें और अपने कार्यकाल में बेरोजगारों की उपेक्षा के लिए जनता से माफी मांगें।

    एक बयान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार अभियान चला रही है। यह वर्ष रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पिछले साढ़े तीन सालों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकारी, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र में लाखों रोजगार पैदा हुए और विभिन्न क्षेत्रों में सात लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए गए। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की गई भर्तियों की दृष्टि से कांग्रेस शासन में 2014 से 2017 तक कुल आठ भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनमें 801 पदों पर नियुक्ति की गई। वहीं भाजपा शासनकाल में वर्ष 2017 से 2020 तक 59 परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनमें 6000 पदों पर भर्ती की गई। वर्तमान में आयोग में 7200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।

    प्रदेश में चिकित्सकों की संख्या कांग्रेस शासन काल से ढाई गुना हो चुकी है। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। लोक सेवा आयोजन ने भी साढ़े तीन हजार पदों पर चयन पूरा कर लिया है। मनरेगा में प्रति वर्ष छह लाख लोगों को रोजगार दिया जाता है। युवाओं व प्रदेश वापस लौटे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के शानदार कार्यों से कांग्रेस नेता परेशान हैं और एक बार फिर झूठ बोलने और जनता को भ्रमित करने का पुराना हथकंडा अपना रहे हैं।

  • सत्ता की बागडोर बाहुबली नेताओं के हाथ में!

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    जब जब बिहार में सत्ता परिवर्तन हुई है तब- तब बाहुबली नेता का सत्ता परिवर्तन में बड़ा सहयोग रहा है। उदाहरण वर्ष 2005 की पहली सुशासन सरकार लाने और बनाने में मुख्य भूमिका बिहार के बाहुबली नेताओं की रही। बिहार में एनडीए की सरकार और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार को विराजमान करवाने में बड़ा सहयोग बाहुबली नेता पूर्व सांसद आनंद मोहन और मोकामा के छोटे सरकार अनंत सिंह का रहा।

    आज वही बिहार के बाहुबली नेता सत्ता परिवर्तन के लिए एकजुट होकर महागठबंधन के नेतृत्व में नई सोच वाली सरकार बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।

    बिहार में इस बार परिवर्तन के संकेत दिखाई देने लगे हैं।

    युवा सरकार बदलेगा बिहार

    नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार बनते ही कैबिनेट की पहली ही बैठक में दस लाख बेरोजगारों के लिए वे रोजगार की व्यवस्था करेंगे, जिसमें कोई जात-पात नहीं होगा, बल्कि यह नौकरियां बिहारियों को देंगे। इससे पलायन भी रुकेगा।

    उनका कहना था कि बिहार में बेरोजगारी दर 46.5 प्रतिशत है। 15 सालों में लोगों से शिक्षा और रोजगार छीन लिया गया। एक सूई का कारखाना तक भी नहीं लगा है। एनडीए सरकार ने 15 सालों में सात घोटाले किए। कोरोना काल में सीएम 145 दिनों तक घर में छुपे रहे और बिहार की जनता भूखे प्यासे परेशान रही। दो माह तक प्रवासियों को अपने हाल पर छोड़ने वाली सरकार को आप उखाड़ फेंके।

  • बिहार को समझाने उतरा पूरा देश…

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    पटना। बिहार के लोगों को कैसे और किसे वोट देना है, यह समझाने के लिए देश के उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम हर हिस्से से नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हैं। राजद, जदयू और लोजपा अपवाद हैं, लेकिन भाजपा, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, रालोसपा जैसे दलों की ओर से विभिन्न प्रदेशों से नेता और कार्यकर्ता बिहार चुनाव के लिए पहुंच चुके हैं, या पहुंच रहे हैं। औवैसी, मायावती की पार्टी भी मैदान में हैं। तो जाहिर है उनके नेता भी पहुंचने लगे हैं।

    सबसे पहले भाजपा ने प्रचार में बड़े नेताओं को उतारा

    भाजपा ने सबसे पहले प्रचार में बड़े नेताओं को उतारा। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के प्रभारी बनाए गए देवेंद्र फडनवीस, भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा बिहार में डेरा डाल रहे हैं।

    बाहरी नेताओं की फौज उतारने में कांग्रेस भी पीछे नहीं

    बाहरी नेताओं की फौज उतारने में कांग्रेस भी पीछे नहीं हैं। कांग्रेस के चुनाव अभियान को परवान चढ़ाने हेतु जल्द ही राहुल गांधी की रैलियां होने जा रही हैं। बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रणदीप सिंह सूरजेवाला, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रसाद, नेशनल मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ.संजीव सिंह, यूपी से डॉ. हर्षवद्र्धन श्याम, झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ.अजय कुमार समेत अन्य प्रमुख नेता चुनाव प्रबंधन एवं प्रचार अभियान में हैं।

    बसपा व वाम दलों के कई दिग्‍गज भी पहुंचे बिहार

    इधर, यूपी से आए बसपा के दर्जन भर नेता अपने उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रबंधन के लिए यहां कैंप कर रहे हैं। वामपंथी दलों में भाकपा माले के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार हेतु कई राज्यों के नेता चुनाव प्रचार के लिए मैदान में सक्रिय हैं। माले के उम्मीदवारों के पक्ष में जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष गीता कुमारी और एन साईं बालाजी, पोलित ब्यूरो की सदस्य एवं केरल निवासी कविता कृष्णन, यूपी के पार्टी प्रभारी रामजी राय और मो.सलीम, ओडिशा से ओम जी तथा रवि राय समेत कई नेता चुनाव अभियान की कमान संभाले हैं।

     

  • लोगों को इस साल दुर्गा पूजा पंडालों के अंदर जाने की अनुमति नहीं : कलकत्ता हाईकोर्ट

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    कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के सभी दुर्गा पूजा पंडालों को लोगों के लिए ‘नो-एंट्री जोन’ बनाने का निर्देश दिया। बंगालियों के सबसे बड़े पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत से ठीक कुछ दिन पहले यह आदेश आया है। अदालत ने कहा कि छोटे पंडालों के लिए पांच मीटर का क्षेत्र और बड़े पंडालों के लिए 10 मीटर क्षेत्र को भी नो-एंट्री जोन में शामिल किया गया है।

    हाईकोर्ट के आदेश में आगे कहा गया है कि छोटी पूजा के मामले में 15 से अधिक और बड़ी पूजा के मामले में 25 पहले से आइडेंटिफाइड किए गए लोगों को बफर जोन या पंडालों के अंदर अनुमति दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि इन लोगों को आयोजकों द्वारा पहले से पहचाना जाना होगा, जिसकी एक सूची को सख्ती से बनाए रखना होगा। सूची अस्थायी नहीं हो सकती।

    अदालत ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी को देखते हुए, पंडाल क्षेत्रों को बैरिकेडिंग करना होगा और नो-एंट्री जोन के रूप में सीमांकन करना होगा, सिवाय उन लोगों को छोड़कर जिन्हें आयोजकों द्वारा पहले से आइडेंटिफाइड किया गया है।

    यह आदेश राज्य भर में लागू है, जिसमें सभी पूजा शामिल हैं, जिसके लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले राज्य प्रशासन से 50,000 रुपये मिले हैं। कोलकाता पुलिस नियमावली में उल्लिखित सभी प्रमुख पूजाओं को बड़े पंडालों में होने वाली पूजा के रूप में माना जाएगा। चल रहे कोरोनावायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया कि वह लोगों से सोशल डिस्टिेंसिंग दिशानिर्देशों को बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध करे।

    इस बीच, 26 पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) वैन और 13 एडिशनल हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ कम से कम 600 पुलिसकर्मियों को कोलकाता और इसके आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि उत्सव के दौरान भीड़ का प्रबंधन किया जा सके।

    इनके अलावा, 31 रैपिड-सिटी पेट्रोल बाइक, 16 एम्बुलेंस और 73 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों को भी दुर्गा पूजा के दौरान निगरानी के काम में लगाया गया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि उत्सव के दिनों में कोलकाता के विभिन्न इलाकों में अतिरिक्त बलों को तैनात किया जाएगा।

  • शिवराज की 5 माह की बैलेंस शीट कमल नाथ के 15 माह पर भारी: सिंधिया

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    भोपाल । कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कमल नाथ ऐसे मुख्यमंत्री थे जो 15 माह मुख्यमंत्री रहे और बल्लभ भवन से बाहर नहीं निकले, प्रदेश के विकास की चिंता नहीं की, यही कारण है कि उनके 15 माह के शासनकाल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पांच माह की बैलेंस सीट भारी है।

    मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव हो रहे हैं। इस उप-चुनाव में सिंधिया भाजपा के स्टार प्रचारक हैं और हर क्षेत्र में पहुंचकर कमल नाथ सरकार के काल की कमियां गिना रहे हैं और शिवराज सिंह चौहान सरकार की खूबियां।

    चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया ने खास बातचीत में कहा कि यह उप-चुनाव विनाश बनाम विकास है। राज्य में 15 माह तक भ्रष्टाचारी और विकास नहीं विनाशशील सरकार थी, उसका समापन करके गरीबों के उत्थान, विकासशील सरकार बनी है। कमल नाथ की 15 माह की बैलेंसशीट और शिवराज सिंह चौहान की सात माह की बैलेंस शीट जनता के सामने है। कमल नाथ ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने 15 माह में एक भी नई योजना नहीं बनाई, नया कार्य नहीं किया, एक भी दौरा नहीं किया, बल्लभ भवन में कैद हेाकर उन्होंने उद्योगपतियों के साथ भ्रष्टाचार का एक केंद्र स्थापित कर दिया था।

    अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सिंधिया ने कहा कि एक तरफ जहां कमल नाथ के 15 माह के शाासनकाल की बैलेंसशीट हमारे सामने है तो दूसरी ओर शिवराज सिंह चौहान, जिन्होंने पांच माह में कोरोना जैसी महामारी से निपटा, साथ में नई योजनाओं की सौगात दी। इसके साथ क्षेत्रीय स्तर पर हर क्षेत्र और संभाग की विकास की योजनाएं शुरु की। इसका उदाहरण है ग्वालियर-चंबल एक्सप्रेस वे। कमल नाथ के कार्यकाल में उनसे कई बार अनुरोध किया, मगर बात उनके एक कान से होती हुई दूसरे से निकल गई। वहीं शिवराज सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पांच माह में उस परियोजना को स्वीकृति मिल गई। यह साढ़े आठ हजार करोड़ का एक्सप्रेस वे है। ऐसी हर विधानसभा क्षेत्र में अनेकों और सैकड़ों करोड़ की योजनाएं शुरु की गई है।

    कमल नाथ की कार्य शैली पर हमला बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि कमल नाथ 15 माह ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने इस अवधि में एक भी संभाग का दौरा नहीं किया, अब चुनाव हैं तो वोट मांगने आ रहे हैं। प्रदेश में अतिवृष्टि-ओलावृष्टि हुई मगर इस अवधि में भी उनका दौरा नहीं हुआ। तब कांग्रेस में रहते हुए मैंने और भाजपा से शिवराज िंसंह ने दौरा किया था। मुख्यमंत्री वास्तव में मुख्य सेवक होता है, उसे दुख और तकलीफ के समय जनता के साथ हेाना चाहिए मगर कमल नाथ बल्लभ भवन से बाहर ही नहीं निकले।

    राज्य में हो रहे उप-चुनाव में भाजपा द्वारा सिंधिया को किनारे किए जाने, उनकी साख से जोड़ते हुए कांग्रेस लगातार हमले बोल रही है। इस पर सिंधिया ने कहा कि, हर चुनाव महत्वपूर्ण होता है और उसे गंभीरता से लड़ा जाता है, वही कर रहा हूं। जहां तक कांग्रेस के आरोपों का सवाल है तो मुझे न कभी पद की अभिलाषा रही और न ही लालबत्ती की। मैंने सदैव जनता की लड़ाई लड़ी है, गरीबों के उत्थान, विकास की लड़ाई लड़ी है, कभी कुर्सी की लड़ाई नहीं लड़ी, कभी लालबत्ती की लड़ाई नहीं लड़ी और न ही इन चीजों से मोह है, जैसा कि मेरे प्रतिद्वंद्वी की आशा और अभिलाषा है।

    विधानसभा के उप-चुनाव के दौरान भाषा के गिरते स्तर को लेकर सिंधिया दुखी हैं। उनका कहना है कि बीते दो दशक से वे जनसेवा के क्षेत्र में है, उन्होंने इस बात की कभी कल्पना नहीं की थी कि भाषा का यह स्तर होगा। सिंधिया ने कहा कि चुनाव की तारीख करीब आने के साथ भाषा में जो गिरावट आ रही है वह हमारी संस्कृति के विपरीत है। जो कांग्रेस पार्टी महिलाओं की बात करती थी उसी के नेता कमल नाथ ने डबरा से भाजपा की उम्मीदवार और सरकार की मंत्री इमरती देवी जो दलित वर्ग से है उन पर जो टिप्पणी की, जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह उनके चरित्र और नीयत को दर्शाता है।

    अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सिंधिया ने कहा कि महिलाओं पर कांग्रेस नेताओं का यह ²ष्टिकोण पहली बार सामने नहीं आया है। उसी मंच से पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि इमरती देवी को जलेबी बना देंगे। दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को लेकर जो कहा था उसे तो दोहरा भी नहीं सकते। इतना ही नहीं कमल नाथ अपने बयान पर माफी मांगना तो दूर वे तो उसे सही ठहराने में लगे हैं। कह रहे हैं कि राज्यसभा और लोकसभा की आइटम संख्या से जोड़ रहे हैं। यह कमल नाथ का अजब तर्क है।

  • नवादा रैली में नीतीश पर तेजस्वी का तंज, कहा- तब तो घर में बंद थे, अब…

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    नवादा । बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता तक पहुंचने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को महागठबंधन के दो दिग्गज कांग्रेस के राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव एक मंच पर पहुंचे और विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। नवादा के हिसुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास से बाहर नहीं निकलने को लेकर आड़े हाथों लिया और करारा सियासी हमला बोला।

    उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों को उनकी जरूरत थी तब वे ‘घर में कैद थे’ और आज बाहर निकलकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से लौट रहे थे तब भी कोरोना काल था और आज भी कोरोना काल है। उस समय मुख्यमंत्री घर से नहीं निकले, लेकिन आज जब वोट मांगना हुआ तो रैली कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा, नीतीश कुमार 144 दिनों तक मुख्यमंत्री आवास में बंद थे। लेकिन अब वो घर से बाहर आ गए हैं, क्यों? तब भी कोरोना था, अब भी कोरोना है। लेकिन अब उनको आपका वोट चाहिए, तो उनको बाहर आना पड़ा है।

    उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अब भी रोजगार नहीं मिला है। आम लोग अभी भी बेरोजगार हैं।

    तेजस्वी ने भोजपुरी भाषा में लोगों में जोश भरते हुए कहा कि अगर वे सत्ता में आए तो पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को रोजगार देने के प्रस्ताव को मंजूर करेंगे।

    उन्होंने कहा कि आज बजट की आधी राशि खर्च नहीं की जाती है, वह सब वापस लौट जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों का विकास कर भी रोजगार दिया जाएगा।

    इस रैली को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संबोधित किया और केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये कानून किसानों पर आक्रमण करने के लिए लाए गए हैं।

    बिहार चुनाव में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तीन रैली को संबोधित कर रहे हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी भी बिहार के चुनावी रण में शुक्रवार को

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    पटना । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अब पूरे शवाब पर है। सभी दल प्रचार अभियान में जोरशोर से लग गए हैं। इस दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रचार अभियान में उतर जाएंगें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रचार अभियान की शुरूआत रोहतास जिले के डेहरी के बियाडा मैदान से करेंगे, जहां वे एक रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे गया के गांधी मैदान पहुंचेंगे जहां एक अन्य रैली को संबोधित करेंगे।

    भाजपा के मुताबिक प्रधानमंत्री बिहार चुनाव में 12 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। भाजपा के एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री की कई चुनावी सभाओं में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे।

    इधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने बताया कि राहुल गांधी शुक्रवार को अपनी पहली रैली नवादा के हिंसुआ में करेंगे, जबकि उनकी दूसरी रैली कहलगांव में होगी। उन्होंने बताया कि हिंसुआ में उनके साथ राजद के नेता तेजस्वी यादव भी साथ रहेंगे।

    बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी। पहले चरण में 28 नवंबर को 71 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में तीन नवंबर को 94 सीटों के लिए और आखिरी चरण में सात नवंबर को 78 सीटों के लिए मतदान होगा।

    इस चुनाव में राजद जहां कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ चुनावी मैदान में है, वहीं भाजपा और जदयू सहित चार दल मिलकर चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

  • , बेहतर क्‍वालिटी, कम कीमत वाली सबसे हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट बनेगी सेना के लिए भिलाई में

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    भिलाई। देश के लिए सबसे मजबूत लोहा बनाने वाले भिलाई शहर का नाम सैनिकों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट के निर्माण से भी जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने सबसे हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने के लिए यहां की एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया है। मौजूदा वक्‍त में सेना में इस्‍तेमाल की जा रही बुलेट प्रूफ जैकेट 17 किलो वजनी है। प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, अब भिलाई में बनी 11 किलो की जैकेट गुणवत्ता में बेहतर होने के साथ कीमत में भी 40 फीसद सस्ती होगी।

    सेना रखेगी उत्‍पादन पर निगाह

    बताया जाता है कि सरकार और सेना के विशेषज्ञ इस बुलेट प्रूफ जैकेट के उत्पादन पर नजर रखेंगे। मौजूदा वक्‍त में देश के सैनिक जिस तरह की बुलेट प्रूफ जैकेट पहनते हैं उनमें से ज्यादातर का निर्माण कानपुर की एक निजी कंपनी करती है। यही नहीं इजराइल, इंग्लैंड, फ्रांस और ग्रीस से भी सेना के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट मंगाए जाते हैं। चीन से जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत के नारे के तहत चीन से आयात बंद किया जा चुका है।

    सिलिकान कार्बाइड का होगा इस्तेमाल

    भिलाई में बनने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट में सिलिकान कार्बाइड का उपयोग किया जाएगा। यह स्टील से हल्का और उससे कई गुना अधिक मजबूत होता है। इसके उपयोग से सैनिकों के लिए जोखिम और कम हो जाएगी। मौजूदा वक्‍त में सरकार 32 से 40 हजार रुपए की दर से बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदती है। भिलाई में बनी की जैकेट करीब 40 फीसद कम कीमत की होगी और इसकी आपूर्ति केवल भारत सरकार को ही सुनिश्चित की जाएगी।

    डीआरडीओ ने दी निर्माण की तकनीक

    इस निजी कंपनी को करीब साढ़े तीन साल के प्रयास के बाद उत्पादन का लाइसेंस मिला है। जैकेट निर्माण की तकनीक डिफेंस रिसर्च डेवलप आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) से ली गई है। कंपनी साल में एक लाख से अधिक जैकेट की आपूर्ति करेगी। कंपनी के संचालक एस. सुब्रमण्यम ने बताया कि लाइसेंस मिलते ही पांडिचेरी और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने अपने यहां उत्पादन इकाइयां लगाने का न्‍यौता दिया लेकिन वह भिलाई के नंदिनी में 54 एकड़ में उत्पादन इकाई स्थापित कर रहे हैं।

     

  • शिवराज सिंह ने किया कमलनाथ पर हमला, पूछा- अगर कोई उनकी मां-बहन के साथ…

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा है। बीते दिन भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के खिलाफ एक जनसभा में अमर्यादित बयान को लेकर हुई सियासत को फिर से हवा दी है। बीदे दिन एक कमलनाथ इमरती देवी के खिलाफा अपशब्द का इस्तेमाल किया था, हालांकि कमलनाथ ने अपने बयान के लिए स्पष्टीकरण दे दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री राज्य में होने वाले उप-चुनाव में इस मौके को छोड़ना नहीं चाहते हैं। शिवराज सिंह ने ताजा हमला करते हुए सोमवार को एक चुनावी रैली में कहा कि कमलनाथ को क्या हो गया है। उन्होंने इमरती देवी के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वह उसको दोहरा भी नहीं सकतें हैं और भारतीय जनता पार्टी के सवाल उठाने पर उन्होंने खुद को बेशर्मी से सही साबित करने के लिए स्पष्टीकरण दिया। शिवराज ने कहा कि अगर आपकी मां और बहन के साथ कोई अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करे तो क्या आप सहन कर पाएंगे।

    कमलनाथ ने शिवराज को लिखी था पत्र

    बता दें कि इससे पहले कमलनाथ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के खिलाफ उन्होंने कुछ भी अपमानजनक नहीं बोला है। साथ ही दावा किया था कि इस शब्द का इस्तेमाल कई अलग-अलग संदर्भों में किया जा सकता है।

    शिवराज ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा- कमलनाथ को सभी पदों से हटाया जाए

    शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिन इमरती देवी के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द को लेकर भाजपा की तरफ से मौन उपवास रखा गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कमलनाथ को पार्टी के सभी पदों से हटाने की मांग की है। सीएम ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा था, ‘आपकी पार्टी के नेता औरपूर्व मुख्यमंत्री ने यह (अभद्र) टिप्पणी की है। क्या यह ठीक है? क्या गरीब महिला का कोई सम्मान नहीं होता है? अगर आपको लगता है कि वह टिप्पणी गलत थी तो आप क्या कार्रवाई करेंगी?मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप फैसला लें।’

     

  • बिहार: सासाराम में अपनी पहली रैली को संबोधित कर रहे हैं PM मोदी

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    सासाराम । बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान में अब कुछ ही दिन शेष है। सभी राजनीतिक दलों अपने प्रचार में पूरा दम लगा दिया है और इसी कड़ी में आज दिग्गज चुनावी मैदान में कूद रहे हैं। आज (शुक्रवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बिहार में चुनावी सभाएं हैं।

    बिहार के सपूत गलवान घाटी में तिरंगे के खातिर शहीद हो गए : PM Modi
    बिहार के सपूत गलवान घाटी में तिरंगे के खातिर शहीद हो गए, लेकिन भारत माँ का माथा नहीं झुकने दिया।पुलवामा हमले में भी बिहार के जवान शहीद हुए, मैं उनके चरणों मे शीश झुकाता हूं और उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।

    अब लालटेन का जमाना गया : PM मोदी
    बिहार अब विकास की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, अब बिहार को कोई बिमारू, बेबस राज्य नहीं कह सकता। लालटेन का जमाना गया।

    बिहार को बीमारू बनाने वाले को आसपास भी नहीं फटकने देंगे : PM मोदी
    बिहार के लोगों ने ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे।

    PM मोदी ने बाबू रघुवंश प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की
    उसी प्रकार से बाबू रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी गरीबों के लिए निरंतर काम किया। वो भी अब हमारे बीच नहीं हैं, मैं उन्हें भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

    गलवान में मातृभूमि की रक्षा बिहार ने अपने दो सपूतों को खोये है : पीएम मोदी
    हाल ही में बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है जिन्होंने यहां के लोगों की दशकों तक सेवा की है। मेरे करीबी मित्र, गरीबों, दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और आखिरी सांस तक मेरे साथ रहने वाले रामविलास पासवान जी को मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।