Category: state-news

  • जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार: सीएम रावत

    [object Promise]

    देहरादून। मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने को साढ़े तीन साल से इंतजार कर रहे भाजपा विधायकों की उम्मीदें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फिर जगा दी हैं। उन्होंने कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द ही किया जाएगा। इसके लिए वह यथाशीघ्र केंद्रीय नेतृत्व से एक बार फिर चर्चा करेंगे।

    उत्तराखंड में वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत नौ सदस्यीय मंत्रिमंडल वजूद में है। संवैधानिक प्रविधान के मुताबिक यहां अधिकतम 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। मार्च 2017 में, जब उत्तराखंड में भाजपा सत्ता में आई, उस वक्त मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा कुल नौ सदस्य शामिल थे। यानी शुरुआत से ही मंत्रिमंडल में दो स्थान रिक्त चल रहे हैं। तीसरा स्थान गत वर्ष कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन से खाली हुआ। तब से ही लगातार चर्चा रही कि मुख्यमंत्री जल्द अपनी टीम में नए सदस्य शामिल करेंगे।

    इसी साल फरवरी में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भेंट कर मंत्रिमंडल विस्तार के लिए हरी झंडी ले आए थे। तब मुख्यमंत्री ने कहा भी था कि अब जल्द नए मंत्री बनाए जाएंगे। मार्च में कोरोना संक्रमण के कारण मुख्यमंत्री को मंत्रिमंडल विस्तार को टालना पड़ा। हाल ही में प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में भी मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई। इससे एक बार फिर नए मंत्री बनाए जाने को लेकर कयास शुरू हो गए।

    शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मंत्रिमंडल विस्तार की बात से सहमत हैं। इसका फैसला फरवरी में हो गया था और इसकी तैयारी भी कर ली गई थी, लेकिन फिर कोरोना संक्रमण के फैलाव के कारण मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो पाया। संक्रमण की रोकथाम सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। अब जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे। जल्द मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा।

  • राजनीतिक दल जुटे बिहार चुनाव में सियासी मुद्दे तलाशने में

    [object Promise]

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अब तक नहीं हुई है, लेकिन सभी प्रमुख राजनीतिक दल उन चुनावी मुद्दों की तलाश में जुटे हैं जो उन्हें बिहार की सत्ता के करीब पहुंचाने में मदद कर सके। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि इस चुनाव में मुद्दा क्या होगा?

    बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में आम लोग जहां क्षेत्रीय समस्याओं को अपने स्तर पर चुनावी मुद्दा बनाने में लगे हैं वहीं कई दल अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार मतदाताओं को आकर्षित करने के जुगाड़ में लगे हुए हैं।

    वैसे बिहार में जातीय समीकरण के आधार पर जोड़-तोड की राजनीति कोई नई बात नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विकास के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरा था, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा सामने नहीं था। इस बार राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर चुकी है।

    वैसे इस चुनाव में पिछले चुनाव की तुलना में परिस्थितियां बदली हुई हैं, जद (यू) एक बार फि र राजग में शामिल हो गई है वहीं राष्ट्रीय लेाक समता पार्टी (रालोसपा) विपक्षी दलों के महागठबंधन में कांग्रेस और राजद के साथ है।

    राजनीतिक विश्लेषक सुरेन्द्र किशोर का मानना है कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का जीरो भ्रष्टाचार का दावा राजग के लिए प्रमुख मुद्दा होने की संभावना है।

    उन्होंने कहा, इसके अलावे राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरानी समस्याओं के निपटारे को भी राजग के नेता मतदाताओं के बीच लेकर जाएंगें। इसके अलावा बिहार में राजग की सरकार में किए गए विकास कायरें और केंद्र सरकार की मिल रही मदद के जरिए भी राजग के नेता मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।

    इधर, राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन के नेता कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को मदद नहीं करने और बेरोजगारी को मुद्दा बनाने में जुटी है।

    किशोर भी मानते हैं कि विपक्ष बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश करेगा।

    उन्होंने कहा कि महागठबंधन कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के पैदल आने और उचित सहायता नहीं देने को लेकर चुनाव मैदान में जरूर उतरेगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि राजग के नेता आक्रामक रूप से इसका जवाब भी देंगे।

    किशोर यह भी कहते हैं कि राजग के नेता एक बार फि र से बिहार में ‘जंगलराज’ की याद दिलाते हुए नजर आएंगें।

    वैसे माना जाता है कि राजग के नेता चुनावी समर में यह भी कहते नजर आएंगे कि बिहार में भी उसी की सरकार बननी चाहिए जिसकी सरकार केंद्र में है। इससे आपसी तालमेल के जरिए विकास करना आसान हो जाता है।

    माना जाता है कि विकास के पैमाने पर नीतीश और नरेंद्र मोदी दोनों खरे उतरते हैं। दोनों के राजनीतिक करियर में यही एक समानता है कि जब भी इन्हें मौका मिला, इन्होंने अपने नेतृत्व से विकास की एक ऐसी लकीर खींची, जिसके आम लोगों के साथ-साथ विरोधी भी प्रशंसा करते रहे हैं।

    वैसे, कहा यह भी जा रहा है कि राज्य के कई क्षेत्र में स्थानीय मुद्दे भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    बहरहाल, अब देखना होगा कि कौन सा मुद्दा यहां के मतदाताओं को आकर्षित करने में सफ ल होता है।

  • शिवराज सिंह चौहान ने कहा- विकास की फिल्म….

    [object Promise]

    भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा का चुनाव प्रचार अभियान जोरों पर है, विकास कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास का क्रम जारी है। भिंड जिले के मेहगांव व अशोकनगर के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मौजूदगी में कहा कि जो लोकार्पण और शिलान्यास हो रहे हैं, ये तो एक ट्रेलर है, असली फिल्म तो अभी बाकी है। चौहान ने इन सभाओं में कहा कि विकास के जितने काम प्रदेश में और इस अंचल में भाजपा की सरकार ने किए हैं, कांग्रेस कभी नहीं कर पाई। जिन कामों का लोकार्पण या भूमिपूजन हो रहा है, ये तो एक ट्रेलर है, असली फिल्म तो अभी बाकी है। ये कमल नाथ की नहीं, भाजपा की सरकार है और विकास के कामों के लिए पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी।

    चौहान ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में आई है तो पिछली गलतियों से सबक लेंगे, परंतु कमल नाथ ने सरकार कैसी चलाई सभी जानते हैं। इन 15 महीनों में कभी कोई काम नहीं हुआ। कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरे प्रदेश और वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। 15 महीनों में कमल नाथ कभी इस क्षेत्र में नहीं आए और न किसी से मिले। कमल नाथ कहते थे कि भोपाल से देखकर ही सभी समस्याएं दिख जाती हैं। अब कांग्रेस के लोग झूठ फैला रहे हैं।”

    पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं, उसमें मध्यप्रदेश शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक मॉडल स्टेट बनेगा, क्योंकि मध्यप्रदेश के पास वो तमाम संसाधन मौजूद हैं, जो इसके लिए जरूरी हैं। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो आत्मविश्वास से भरा हो। केंद्र की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एक सक्षम हाथ चाहिए। शिवराज में ये सभी खूबियां मौजूद हैं और विकास के काम में कोई कसर बाकी नहीं रखना उनका स्वभाव है।”

    उमा ने कहा, “आजकल पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ यह कह रहे हैं कि हमारी सरकार वोटों की सरकार थी। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि वोट भाजपा को ज्यादा मिले थे, लेकिन उनका वितरण इस प्रकार था कि कांग्रेस को कुछ सीटें ज्यादा मिली थीं। कांग्रेस की सरकार बन जरूर गई थी, लेकिन यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि सरकार चला कौन रहा है?”

  • कंगना ने किया चौकाने वाला दावा, कहा- हीरो के साथ सोने के बाद….

    [object Promise]

    मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने बुधवार को ड्रग्स कनेक्शन मामले पर सांसद जया बच्चन के दिए बयान पर अपना जवाब देते हुए चौंकाने वाला दावा किया है। समाजवादी पार्टी से सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन के संसदीय भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंगना ने एक ट्वीट में लिखा, “कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? एक थाली मिली थी, जिसमें दो मिनट के रोल आइटम नम्बर और एक रोमांटिक सीन मिलता था, वो भी हीरो के साथ सोने के बाद। मैंने इस इंडस्ट्री को फेमिनिज्म सिखाया, थाली देश भक्ति नारी प्रधान फिल्मों से सजाई। यह मेरी अपनी थाली है जया जी, आपकी नहीं।”

    संसद में बोलते हुए मंगलवार को सांसद जया बच्चन ने कहा था, “कुछ लोग बॉलीवुड को बदनाम करने में लगे हैं, जिन लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री से नाम कमाया, वे इसे गटर बता रहे हैं। मैं इससे बिल्कुल सहमत नहीं हूं, ये वो लोग हैं जो जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं।”

    कंगना ने इससे पहले आरोप लगाया था कि बॉलीवुड के 99 प्रतिशत लोग ड्रग्स का सेवन करते हैं। उन्होंने शीर्ष बॉलीवुड स्टार रनवीर सिंह, रणबीर कपूर, विक्की कौशल और निर्देशक अयान मुखर्जी से उनका रक्त परीक्षण कराने तक की चुनौती दे डाली थी।

  • बच्चे कर रहे ऑनलाइन गेम खेलने के चक्कर में माता-पिता का अकाउंट खाली

    [object Promise]

    देहरादून। अगर आपके बच्चे भी दिन भर ऑनलाइन मोबाइल गेम्स में व्यस्त रहते हैं तो आपको भी सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना महामारी के दौर में बच्चों में ऑनलाइन गेमों की लोकप्रियता और भी बढ़ गई है। दून में ऑनलाइन गेम खेलने के चक्कर में 13 साल के बच्चे ने अपने पिता के खाते से सात लाख रुपये उड़ा दिए। बेटे की इस हरकत से अनजान पिता ने बैंक खाते से रुपये निकलने की शिकायत साइबर क्राइम सेल से की तो हकीकत सामने आई। साइबर क्राइम सेल ने छात्र से पूछताछ की तो उसने सब कुछ बता दिया। पिता ने सच पता चलने के बाद शिकायत वापस ले ली।

    देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक परिवार रहता है। पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी करते हैं, वहीं 13 वर्षीय बेटा स्कूल में छुट्टी होने के चलते घर पर रह रहा था। घर पर फ्री रहने के कारण वह अपने पिता के मोबाइल पर गेम खेलता था। अगस्त महीने में बच्चे के पिता साइबर क्राइम सेल पहुंचे और उन्होंने खाते से सात लाख रुपये उड़ने की तहरीर दी। जब पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन खंगाली तो पता लगा कि दंपती के मोबाइल के प्ले स्टोर से ही पैसे खर्च किए गए हैं।

    पुलिस ने दंपती से पूछताछ की तो पता लगा कि उनका 13 वर्षीय बच्चा मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलता है। पुलिस ने जब ट्रांजेक्शन की और डिटेल निकाली तो पता लगा कि बच्चे ने डेविड कार्ड के माध्यम से शॉपिंग एप से कुछ गिफ्ट बाउचर गूगल प्ले के लिए खरीदे थे। इस तरह तीन-चार महीनों में सात लाख रुपये के गिफ्ट बाउचर खरीद डाले। पिता को सच पता चला तो उन्होंने रिपोर्ट वापस ले ली। साइबर क्राइम सेल ने छात्र को समझा कर पिता के साथ घर भेज दिया।

    पिता के डेविड कार्ड से उड़ाए 90 हजार 

    देहरादून के विकासनगर क्षेत्र से भी इसी तरह ऑनलाइन गेम खेलने के चक्कर में पैसे उड़ाने का मामला सामने आया है। यहां 30 वर्षीय युवक पहले निजी कंपनी में काम करता था। बढ़ते संक्रमण के कारण कंपनी से उसे नौकरी से निकाला तो वह घर पर ही रहने लगा। ऑनलाइन गेम की लत उसे लगी कि उसने अपने पिता के डेविड कार्ड से कुछ गिफ्ट बाउचर खरीदे। एक महीने में ही वह 90 हजार रुपये उड़ा गया। युवक के पिता ने जब बैंक में जाकर पासबुक की एंट्री करवाई तो पता लगा कि 90 हजार रुपये निकाले गए हैं। युवक के पिता साइबर सेल के पास पहुंचे और सीओ साइबर नरेंद्र पंत को इसकी जानकारी दी। खाते की स्टेटमेंट निकाली गई तो पता लगा कि उनके घर के ही मोबाइल से पैसे उड़ाए गए हैं। बेटे से पूछताछ करने पर उसने माना कि उसी ने ही ऑनलाइन कुछ गिफ्ट बाउचर खरीदे हैं।

    बच्चा मैसेज कर देता था डिलीट

    सीओ साइबर सेल नरेंद्र पंत ने बताया कि बच्चे के माता पिता दोनों सरकारी नौकरी करते हैं। ऐसे में वह मैसेज की तरफ भी ध्यान नहीं देते थे। बच्चा भी शातिर था ऐसे में वह बैंक से आने वाले मैसेज डिलीट कर देता था। बच्चे के माता-पिता ने जब खाते की स्टेटमेंट निकाली तो उनके होश उड़ गए और पुलिस को शिकायत दी।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    नरेंद्र पंत (सीओ साइबर सेल) का कहना है कि मोबाइल में डेविड कार्ड और  क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने से बचें। बच्चे जाने अनजाने में इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। हो सके तो प्ले स्टोर में कार्ड का नंबर व अन्य डिटेल न डालें।

    बच्चों की एक्टिविटी पर रखें नजर

    • मोबाइल और कंप्यूटर पर बच्चे क्या कर रहे हैं, इस बात पर अभिभावक नजर रखें।
    • बच्चे ऑनलाइन किन लोगों से बात कर रहे हैं, कौन से गेम खेल रहे हैं? इस पर भी फोकस करें।
    • बच्चों पर नजर रखे और उनके द्वारा इंटरनेट के इस्तेमाल को सीमित रखें।
    • फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब की सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करें।
    • इंडोर गेम से अधिक आउट डोर गेम खेलने के लिए करें प्रेरित।
    • सोशल मीडिया पर बच्चों की फ्रेंड लिस्ट पर रखे नजर।
    • ऑनलाइन चैटिंग पर रखें नजर।

  • पूर्व सैनिकों की भूमि के स्वामित्व का मुद्दा अजय भट्ट ने उठाया संसद में

    [object Promise]

    हल्द्वानी: सांसद अजय भट्ट ने भूतपूर्व सैनिकों द्वारा 40 साल पहले खरीदी गई भूमि पर मालिकाना हक दिखाने संबंधी विषय गुरुवार को लोकसभा में उठाया। नियम 377 के तहत उठाए प्रश्न में भट्ट ने कहा कि खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज विधानसभा में भूतपूर्व सैनिकों ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद आपसी सहमति से भूमि खरीदी और तभी से जमीन पर आवासीय मकान बनाकर रह रहे हैं।

    सांसद ने कहा कि कानूनी अड़चनों के कारण पूर्व सैनिकों को आज तक इस भूमि पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। पूर्व सैनिकों ने अपने जीवन में पूंजी जमीन खरीदने में लगा दी। उन्होंने कहा कि कानून में संशोधन अथवा शिथिल कर पूर्व सैनिकों को भूमि धरी का हक दिया जाना चाहिए। मामले को सुलझाना बहुत जरूरी है।

  • मृत पाई गईं फैशन डिजाइनर शरबरी दत्ता कोलकाता में अपने घर पर

    [object Promise]

    कोलकाता। लोकप्रिय फैशन डिजाइनर शरबरी दत्ता गुरुवार और शुक्रवार के बीच की मध्यरात्रि को अपने दक्षिण कोलकाता के ब्रॉड स्ट्रीट आवास के बाथरूम में मृत पाई गईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दत्ता शुक्रवार की रात करीब 12.15 बजे अपने बाथरूम के अंदर मृत मिली। स्थानीय पुलिस स्टेशन और कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार की होमिसाइड ब्रांच के अधिकारी रात में घटनास्थल पर पहुंच कर जांच में जुट गए।

    उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि दत्ता (63) को मंगलवार को रात के खाने के दौरान आखिरी बार देखा गया था। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

    प्राथमिक जांच से पता चला कि शौचालय में अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हुई होगी। लेकिन दत्ता के परिवार वालों ने कहा कि वह ठीक थी और उन्हें ऐसी कोई पुरानी बीमारी नहीं थी।

    कोलकाता पुलिस की होमिसाईड ब्रांच, फैशन डिजाइनर के आकस्मिक निधन के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच करेगी। दत्ता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    मशहूर बंगाली कवि अजीत दत्ता की बेटी, शरबरी दत्ता पिछले कुछ दशकों से विशेष रूप से पुरुषों के एथनिक परिधानों के क्षेत्र में पोशाक डिजाइनिंग उद्योग में एक लोकप्रिय नाम थीं। दत्ता ने ही रंगीन बंगाली धोती और डिजाइनर पंजाबी (कुर्ता) को मुख्यधारा के फैशन की दुनिया में कढ़ाई के कामों के साथ पेश किया था।

  • केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन ने हड़ताल पर लगाई पाबन्दी

    [object Promise]

    रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर परिसर व मंदिर से 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक व अपर जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जबरन धरना खत्म कराने का प्रयास किया तो वह जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। तीर्थ पुरोहित कपाट खुलने के बाद से ही उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड और केदारनाथ मास्टर प्लान निरस्त करने की मांग को लेकर मंदिर परिसर में धरना दे रहे हैं।

    जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग वंदना सिंह ने बताया कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के आदेश पर अपर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की ओर से नियुक्त सक्षम पुलिस अधिकारियों की टीम तीर्थ पुरोहितों से वार्ता के लिए भेजी गई है। यह टीम केदारनाथ में धरना दे रहे तीर्थ पुरोहितों को समझाने के साथ ही आंदोलन स्थगित करने के लिए अनुरोध करेगी। यदि धाम में शांति-व्यवस्था भंग होती है तो दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    जिलाधिकारी ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों की देवस्थानम बोर्ड भंग करने संबंधी मांग को नैनीताल हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। जबकि, केदारनाथ मास्टर प्लान के संबंध में तीर्थ पुरोहितों को अवगत करा दिया गया है कि ज्यादातर निर्माण शासकीय भूमि पर किए जाने प्रस्तावित हैं। साथ ही समय-समय पर जो मांगें तीर्थ पुरोहितों की ओर से उठाई जाती हैं, उन पर प्रशासन गंभीरतापूर्वक विचार कर कार्रवाई करता है। कहा कि भविष्य में मास्टर प्लान के तहत होने वाले निर्माण कार्यों पर तीर्थ पुरोहितों से राय लेकर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    उधर, केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला व महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती ने कहा है कि तीर्थ पुरोहित अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन द्वेषभाव से कार्य करता है तो वह जान देने जैसा कदम उठाने को विवश होंगे। कहा कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी गई है।

  • मुख्यमंत्री राज्य विधानसभा में बुलाएं विशेष सत्र कृषि विधेयक पर चर्चा के लिए: वामो और कांग्रेस

    [object Promise]

    कोलकाता। माकपा की अगुआई वाली वाममोर्चा और कांग्रेस ने संसद में पारित कृषि विधेयक को ‘किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी’’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसपर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा में विशेष सत्र बुलाने को कहा है।

    विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और वामो विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री को लिखे संयुक्त पत्र में कहा कि वे जनहित में इन मुद्दों पर विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए जाने वाले किसी भी प्रस्ताव का हिस्सा बनने को तैयार हैं।

    पत्र में कहा गया है-‘वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र सरकार के विनाशकारी कदम के खिलाफ तत्काल कोई प्रस्ताव स्वीकार किया जाना अत्यावश्यक है। संसद में मानसून सत्र के दौरान जिस तरह से किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी विधेयक पारित किए गए, वह असंसदीय, अलोकतांत्रिक और देश के लिए अत्यंत खतरनाक है।’

    पत्र में मांग की गई कि मुख्यमंत्री को संसद से पारित विधेयकों पर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

  • कोलकाता पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक की मौत पर राज्यपाल ने जताया शोक

    [object Promise]

    कोलकाता। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कोलकाता पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) तुषार कांति कोलेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। कोलेई का कोविड-19 संक्रमण के चलते निधन हो गया।

    कोरोना से कोलकाता पुलिस के यह दूसरे एएसआइ की मौत है। राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा, ‘कोविड महामारी में हमारे पुलिसकर्मी, चिकित्सक/ पैरामेडिकल के योद्धा और गाजी सरकार के अधिकारी खतरे के बावजूद अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे योद्धाओं को खोना बहुत दुखद है। सरकार और समाज को उनके परिवारों के लिए हरसंभव प्रयास करने की जरूरत है।’

    वहीं, कोलकाता पुलिस ने कोलेई के निधन की जानकारी देते हुए कहा, हम बहुत दुख के साथ यह खबर साझा कर रहे हैं कि कोरोना से संक्रमित अस्पताल में भर्ती सहायक उपनिरीक्षक तुषार कांति का निधन हो गया है।

    कोलकाता पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा ने भी ट्वीट कर कहा, ‘हम सहायक उप निरीक्षक तुषार कांति कोलेई के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह हरिदेवपुर पुलिस थाने में पदस्थ थे। वह कोरोना की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के योद्धा थे। उनकी बहादुरी को सलाम। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।’