Category: state-news

  • पॉजिटिव आई मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की तीसरी कोरोना रिपोर्ट भी

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    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तीसरी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इसलिए वे अस्पताल में ही उपचाररत रहेंगे। राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार केा संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री चौहान को कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं मगर तीसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, इसलिए अगली रिपोर्ट के आने तक वे अस्पताल में ही रहेंगे।

    ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री चौहान की 25 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद से कोविड सेंटर चिरायु अस्पताल में भर्ती हैं।

    चौहान लगातार अस्पताल से ही विभागीय समीक्षा बैठक, कोरोना की व्यवस्था व स्थिति की समीक्षा के अलावा कैबिनेट की वर्चुअल बैठक भी कर रहे हैं।

  • सूरज पंचोली ने आदित्य ठाकरे और दिशा सालियन के साथ पार्टी करने के आरोपों पर कहा…

    सूरज पंचोली ने आदित्य ठाकरे और दिशा सालियन के साथ पार्टी करने के आरोपों पर कहा…

    नई दिल्ली l फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में लगभग हर दिन नए घटनाक्रम और साजिश का खुलासा हुआ हैं। इस मामले में सूरज पंचोली का नाम भी उभरकर सामने आ रहा है। सूरज ने हाल ही में एक समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में सुशांत के निधन में उनकी भूमिका के बारे में लगी सभी आरोपों और अटकलों के बारे में बात की है। रिपोर्ट्स की मानें तो सूरज ने अपने पेंटहाउस पर एक पार्टी रखी थी, जिसमें बॉलीवुड की कई हस्तियों और राजनेताओं को आमंत्रित किया था।

    इसी का जवाब देते हुए सूरज ने कथित तौर पर यह कहते हुए स्पष्ट किया कि 13 जून को कोई पार्टी नहीं रखी थी और उनके पास कोई पेंटहाउस नहीं है। वह मुंबई में वर्सोवा की एक इमारत की पहली मंजिल पर रहते है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी भी समय दिशा सालियन या आदित्य ठाकरे को किसी भी पार्टी में आमंत्रित नहीं किया था।

    अधिक विस्तार से बताते हुए सूरज ने कहा कि वह सुशांत के पूर्व प्रबंधक दिशा सालियन को नहीं जानते हैं और उनके द्वारा उसे गर्भवती करने की रिपोर्ट को आधारहीन बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुशांत से केवल दो बार मिले है और उन्होंने एक-दूसरे भाई कहकर बुलाया था। उनके अनुसार उनके बीच कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं थी। सूरज ने नारायण राणे के आरोपों को भी चुनौती दी। उन्होंने यह साबित करने के लिए कहा है कि वह दिशा सालियन को जानते भी है।

    सूरज ने कहा कि वह पिछले आठ वर्षों से जिया खान मामले में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए लड़ रहे है। इससे उनके करियर को भी ब्रेक लगा है और उनके परिवार को अपमानित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी लोग मिलकर उन्हें खुद को मारने के लिए उत्तेजित करेंगे। सूरज पंचोली पर जिया खान केस में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चल रहा हैंl

     

  • सीबीआई जांच की सिफारिश की सुशांत सिंह सुसाइड केस में बिहार सरकार ने

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    पटना। सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश कर दी है। इधर, सुशांत के भाई और भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब इस मामले में दूध का दूध और पानी हो जाएगा।

    बिहार विधानसभा में भी सोमवार को सुशांत आत्महत्या का मामला गूंजा था और करीब सभी दलों ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।

    उल्लेखनीय है कि 14 जून को सुशांत का शव उनके मुबई स्थित फ्लैट से बरामद किया गया था। इसके बाद मुबई पुलिस जांच प्रारंभ की। 25 जुलाई को सुशांत के पिता ने पटना में एक मामला दर्ज करवाया था और इसके बाद बिहार पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है।

  • नोटिस या समन नहीं मिला बिहार पुलिस का, फरार नहीं हैं रिया- वकील

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    मुंबई । अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के पिछले कुछ दिनों से लापता होने की खबरों के बाद उनके वकील ने कहा है कि वह फरार नहीं हैं। अभिनेत्री के अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने कहा, “बिहार पुलिस का यह तर्क सही नहीं है कि रिया चक्रवर्ती लापता हैं। उनका बयान मुंबई पुलिस ने दर्ज किया है। उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग किया है और जब भी उन्हें बुलाया गया वो गईं।”

    वकील ने आगे कहा, “आज तक उन्हें बिहार पुलिस से कोई नोटिस या समन नहीं मिला है और उनके पास इस मामले की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। रिया ने सुप्रीम कोर्ट से मामले को मुंबई स्थानांतरित करने की मांग की है।”

    कई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रिया कुछ दिन पहले आधी रात को अपने परिवार के साथ बिल्डिंग से चली गईं थीं। यह भी कहा गया था कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने प्राथमिकी में रिया समेत छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते ही रिया लापता हो गईं थीं।

    पिछले हफ्ते रिया ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए कहा था, “सत्यमेव जयते। सत्य की जीत होगी।”

    बता दें कि सुशांत को 14 जून को उनके आवास पर फांसी से लटका हुआ पाया गया था और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि अभिनेता ने आत्महत्या की थी।

  • राहुल गांधी और प्रियंका से सचिन पायलट की मुलाकात पर क्या हुआ तय जाने यहाँ…

    राहुल गांधी और प्रियंका से सचिन पायलट की मुलाकात पर क्या हुआ तय जाने यहाँ…

    जयपुर । कांग्रेस सूत्रों ने दावा किया है कि सचिन पायलट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की है। सचिन पायलट ने उन परिस्थितियों के बारे में समझाया जिनके चलते उन्हें फैसला लेना पड़ा और बताया कि उन्होंने कांग्रेस के विरुद्ध कुछ भी नहीं किया है वो सिर्फ अशोक गहलोत का विरोध कर रहे थे।
    सचिन पायलट की शिकायतों को सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया कि वह जल्द ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और इस मुद्दे को हल करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा ।

    कांग्रेस ने इस वाकये के बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया था।

    रविवार की रात जैसलमेर के एक होटल में ठहरे गहलोत खेमे के कांग्रेस विधायकों की बैठक में विद्रोहियों को पार्टी में वापस लेने को लेकर मिश्रित विचार सामने आए। कुछ विधायकों ने बागी खेमे के नेताओं को वापस लेने के लिए कहा, वहीं कुछ इसके पक्ष में नहीं थे।

    इस बीच राज्य के नेताओं की दिल्ली में चल रही सुगबुगाहट पर भी पैनी नजर है।

    कांग्रेस के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने पुष्टि की है कि राजस्थान के कुछ मंत्रियों को पायलट और उनके वफादार विधायकों को फिर से पार्टी से जोड़ने को लेकर बैठक करने के संकेत मिले थे।

  • प्रतिदिन राजस्थान में हो रही हैं 30 हजार से ज्यादा कोराना जांचें

    प्रतिदिन राजस्थान में हो रही हैं 30 हजार से ज्यादा कोराना जांचें

    जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में 30 हजार से ज्यादा कोरोना जांचें प्रतिदिन की जा रही हैं। सरकार कोरोना टेस्ट क्षमता और टेस्टिंग संख्या में लगातार बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिकवरी रेशो को बेहतर बनाने और मृत्युदर को निंरतर कम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    डॉ. शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर शून्य पर आ सके। इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सुकून देने वाली बात यह रही कि जुलाई-अगस्त में प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर घटकर 1 प्रतिशत तक आ गई। वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.5 फीसद है। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी और जीवनरक्षक इंजेक्शन के जरिए इसे और भी कम किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए सजग और सतर्क है। राजधानी के निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके इसके लिए अस्पतालों के प्रबंधकों की मुख्य सचिव के साथ बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस अस्पताल में कोरोना के मरीजों की सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों के बेहतर उपचार के लिए 1300 नए वेंटीलेटर प्रोक्योर किए गए हैं। हालांकि प्रदेश सरकार के पास वेंटीलेटर्स की कोई कमी नहीं थी लेकिन पॉजिटिव्स केसों की बढ़ती संख्या के चलते यह वेंटीलेटर्स खासे उपयोगी होंगे।

    चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़े लोग कोरोना पॉजिटिव चिन्हित पाए जाते हैं और किसी निजी अस्पताल में इलाज करवाना चाहते हैं तो पूरा पुनर्भरण सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वंदे भारत के तहत आने वाले करीब 26 हजार से ज्यादा बाहरी लोग राज्य में आए हैं। इनमें से 19 हजार लोगों को सरकार क्वारंटीन में रखा है।

    एंटीजन टेस्ट पर आईसीएमआर करें पुनर्विचार
    चिकित्सा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा करवाए जा रहे एंटीजन टेस्ट पूरी तरह शुद्धता में खरे नहीं उतरे हैं। उन्होंने कहा कि जिस कोरियन कंपनी को आईसीएमआर ने एंटीजन टेस्ट के लिए अधिकृत किया है । सरकार ने किट मांगे लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। एक निजी अस्पताल के जरिए जनहित में 200 किट लेकर परीक्षण किया गया। आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए पॉजिटिव चिन्हित 111 टेस्ट में से 57 को एंटीजन टेस्ट ने नेगेटिव बता दिया, केवल 54 मरीजों को पॉजिटिव बताया।

    डॉ. शर्मा ने कहा कि एंटीजन टेस्ट का फेल होना चिंताजनक बात है। पूरे देश में व्यापक स्तर पर एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं। सरकार ने आईसीएमआर को एंटीजन टेस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि राज्य में एंटीजन टेस्ट की शुद्धता केवल 48 फीसद आई है। ऐसे में इस टेस्ट पर आईसीएमआर को पुनर्विचार करना चाहिए।

  • रिया सुप्रीम कोर्ट पहुंची, कहा- साबित हुए बिना ही मीडिया मुझे सुशांत की मौत का दोषी बता रही

    रिया सुप्रीम कोर्ट पहुंची, कहा- साबित हुए बिना ही मीडिया मुझे सुशांत की मौत का दोषी बता रही

    मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की है। इसमें रिया ने कहा है कि मामले में उनका गलत तरीके से मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है और सुशांत की मौत का दोषी ठहराया जा रहा है।

    रिया बोली- आरोप लगने से पहले ही दोषी हो गई

    रिया ने कहा कि इस मुद्दे को मीडिया में बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। मीडिया इस मामले में गवाहों से जिरह और बहस कर रही है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कोई आरोप लगने से पहले ही मीडिया ने रिया चक्रवर्ती को दोषी ठहरा दिया है।

  • नीतीश सरकार मुसीबत में जनता को छोड़कर हो जाती है ‘गुमशुदा’: जविपा

    नीतीश सरकार मुसीबत में जनता को छोड़कर हो जाती है ‘गुमशुदा’: जविपा

    पटना। जनतांत्रिक विकास पार्टी (जविपा) के प्रमुख अनिल कुमार ने सोमवार को आरोप लगाया कि जब भी बिहार की जनता मुसीबत में आई, तब नीतीष सरकार ‘गुमशुदा’ हो जाती है। कोरोना संकट ताजा उदाहरण है जब खुद नीतीश कुमार भी गुमशुदा नजर आए। जविपा के अध्यक्ष अनिल कुमार ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा करते हुए कहा कि गुमशुदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 साल के कार्यकलापों का पोल खोलने के लिए 16 अगस्त को ‘बिहार नवनिर्माण रैली’ के नाम से डिजिटल रैली की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि कोरोना में देश में अचानक लॉकडाउन के दौरान अपने ही राज्य के लोगों को लाने के लिए तैयार नहीं थे और जब हम लोगों ने सरकार पर दवाब बनाया, तो उनकी वापसी हुई। कुमार ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

    उन्?होंने कहा, “हमने पहले से ही सरकार को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आगाह किया था, लेकिन प्रदेश की गुमशुदा नीतीश सरकार सुनने को तैयार नहीं थी। नतीजा आज बिहार में कोरोना संक्रमण के केस 80 हजार को पार करने वाले हैं। बिहार ऐसा पहला प्रदेश बन गया, जहां कोरोना काल में तीन-तीन स्वास्थ्य सचिव बदल दिये गए।”

    उन्होंने दावा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के कारण भारत में होने वाली डॉक्टर की कुल मौतों का 0.5 प्रतिशत है जबकि बिहार में, डॉक्टरों की मृत्यु का प्रतिशत 4.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से नौ गुना अधिक है। ऐसे में थाली, ताली, दीया और फूल की वर्षा तो खूब हुई, मगर उनके जान की हिफाजत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    उन्होंने मौत के षिकार हुए सभी कोरोना वॉरियर्स के के परिजनों को एक करोड़ का अनुदान राशि देने तथा उन्हें सभी को शहीद का दर्जा देने की मांग की।

    कुमार ने कहा कि पटना में एनएमसीएच 700 बेड का अस्पताल है, लेकिन कोरोना काल में 100 बेड भी तैयार नहीं थी। जब इसकी शिकायत एनएमसीएच अधीक्षक ने की तो उन्हें ही निलंबित कर दिया गया। पटना एम्स को भी केवल वीवीआई का इलाज के लिए बना दिया गया।

  • बिहार : बाढ़ में फंसे 11 हजार से ज्यादा लोगों को NDRF ने बचाया सुरक्षित

    बिहार : बाढ़ में फंसे 11 हजार से ज्यादा लोगों को NDRF ने बचाया सुरक्षित

    पटना। बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए इस समय एनडीआरएफ की कुल 23 टीमें राज्य के 14 जिलों सारण, पूर्वी चम्पारण, दरभंगा, समस्तीपुर, गोपालगंज, कटिहार, किसनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चम्पारण, सिवान, वैशाली व मुजफ्फरपुर जिलों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। एनडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे 11 हजार से ज्यादा लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।

    पटना के बिहटा स्थित 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने शनिवार को बताया कि बाढ़ बचाव ऑपेरशन इस समय मुख्यत: सारण और दरभंगा जिलों में एनडीआरएफ टीमों द्वारा चलाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा, “अब तक बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने लगभग ग्यारह हजार सात सौ बाढ़ आपदा में फंसे लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।”

    उन्होंने बताया कि शुक्रवार की देर रात मोतिहारी में तैनात 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर बंजरिया प्रखंड के बाढ़ग्रस्त सिसवनिया गांव से एक बीमार शिशु को उसके परिजनों के साथ सुरक्षित निकालकर अस्पताल तक पहुंचाया।

    एनडीआरएफ टीमें बाढ़ग्रस्त इलाकों में सिविल मेडिकल टीमों को भी मोटर बोट से पहुंचाने में मदद कर रही है, जिससे जरूरतमंद लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया किया जा सके।

    उन्होंने आगे दावा करते हुए बताया कि हमारे एनडीआरएफ के बचावकर्मी स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बाढ़ आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिए दिन-रात तत्पर व तैयार हैं।

  • यह बागी कांग्रेसी विधायक राजस्थान की आम जनता के सामने कैसे जायेंगे !

    यह बागी कांग्रेसी विधायक राजस्थान की आम जनता के सामने कैसे जायेंगे !

    जयपुर । राजस्थान में गहलोत सरकार पर भले ही राजनीतिक संकट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद टल गया हो। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बागी सचिन पायलट और बागी अन्य कांग्रेसी विधायक अब अपने-अपने क्षेत्र में आम जनता के सामने किस आधार पर जायेंगे।
    आखिर यह बागी कांग्रेसी विधायक अपने क्षेत्र के मतदाताओं को क्या कहेंगे। आखिर एक महीने की नाराजगी के बाद इन बागी कांग्रेसी विधायकों को क्या मिला। सत्ता, पद की लालसा वाले यह बागी कांग्रेसी पहले ही खुद के बिकने के आरोप मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से झेल रहे है। अब क्षेत्र की जनता और प्रदेश की जनता के सामने क्या सफाई देंगे, यह बड़ा सवाल है।

    हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने 3 सदस्यीय कमेटी का गठन करने का ऐलान कर दिया है, जो नाराज कांग्रेसी विधायकों की समस्याओं को दूर करेगी। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि सचिन पायलट की वापसी राजस्थान की राजनीति में कैसे होगी। यह माना जा रहा है कि पायलट गुट के कांग्रेसी विधायकों को अच्छे पद दिये जा सकते है। साथ ही सत्ता और संगठन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।

    फिर में एक महीने तक सीएम अशोक गहलोत की तरफ से जो तल्ख तरीके के आरोप सचिन पायलट पर लगे थे, इन आरोपों पर क्या गहलोत सफाई देंगे, या पायलट इन आरोपों को भूल जायेंगे। लेकिन राजस्थान के इस राजनीतिक संकट से यहां के वह राजनेता जरूर बेनकाब हो गए, जो सत्ता, पद और खुद के हित के लिए कुछ भी कर सकते है। आम जनता और क्षेत्र की जनता के हितों से दूर इन नेताओं को सिर्फ अपनी कुर्सी, अपने हित ही प्यारे है।