Category: state-news

  • महाराष्ट्र में 31 अगस्त तक बढ़ी पूर्णबंदी

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    मुंबई । महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना संक्रमण का बढ़ता फैलाव रोकने के लिए पूर्णबंदी (लॉकडाउन) की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। मगर भरोसा दिया है कि ‘मिशन फिर शुरू’ के हिस्से के तहत धीरे-धीरे छूट दी जएगी। यह आधिकारिक घोषणा बुधवार की देर शाम में की गई। राज्य सरकार ने यह फैसला तब लिया, जब केंद्र सरकार ने अनलॉक 3.0 के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

    महा विकास अघाड़ी सरकार ने पहले से तय सावधानियां बरतना जारी रखने का फैसला लिया है। साथ ही इस महीने के दौरान प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट देने की घोषणा की है।

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  • पायलट गुट के विधायक ने एनआईए जांच की मांग को लेकर किया हाईकोर्ट का रुख, एसओजी पर भरोसा नहीं

    पायलट गुट के विधायक ने एनआईए जांच की मांग को लेकर किया हाईकोर्ट का रुख, एसओजी पर भरोसा नहीं

    जयपुर । राजस्थान में चल रहे राजनीतिक संकट में एक और दिलचस्प मोड़ आ गया है। सचिन पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खेमे द्वारा जारी किए गए टेप मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की है। फिलहाल स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) इस मामले की जांच कर रहा है। शर्मा ने मंगलवार को राजस्थान पुलिस के एसओजी से एनआईए को जांच ट्रांसफर करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया।

    एसओजी ने 17 जुलाई को कांग्रेस के मुख्य सचेतक (व्हिप) महेश जोशी की शिकायत पर शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत देशद्रोह (124 ए) और आपराधिक साजिश (120 बी) के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।

    एसओजी की टीम अक्सर आरोपी विधायकों के आवाज के नमूने लेने के लिए हरियाणा के होटलों की तलाशी ले रही है।

    यह शिकायत तीन ऑडियो टेपों के सामने आने के बाद दर्ज की गई थी, जिसमें से एक में कथित तौर पर शर्मा की आवाज सुनी गई थी, जिसमें वह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए गहलोत सरकार को गिराने की योजना के बारे में बात करते सुने जा रहे हैं।

  • आखिर कैसे हो रही यूपी के 45 फार्म हाऊसों को हरियाणा से चोरी से बिजली सप्लाई…

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    चंडीगढ़ । हरियाणा के बिजली एवं जेल मंत्री श्री रणजीत सिंह ने बताया कि फरीदाबाद जिला में जो व्यक्ति बिजली चोरी करके अवैध रूप से उत्तरप्रदेश के 45 फार्म-हाऊसों को बिजली सप्लाई कर रहा था उसके खिलाफ केस दर्ज कर एक करोड़ 4 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में संलिप्तता के आरोप में दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के 6 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
    बिजली मंत्री ने बताया कि जब निगम अधिकारियों को सूचना मिली कि हरियाणा के साथ लगते उत्तरप्रदेश की सीमा में कुछ फार्म-हाऊस बिजली चोरी कर रहे हैं तो निगम के एक्सईएन शमशेर सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक टीम बनाकर 16 जुलाई 2020 को यमुना नदी क्षेत्र के खेड़ी कलां सब-डिवीजन में रेड की गई। टीम ने जांच में पाया कि फरीदाबाद जिला के प्रदीप त्यागी नाम के व्यक्ति ने बिजली का कनैक्शन लिया हुआ है जो साथ लगते उत्तरप्रदेश के 45 फार्म-हाऊसों को अंडरग्राऊंड तार ले जाकर अवैध रूप से बिजली सप्लाई कर रहा था। इस मामले में प्रदीप त्यागी पर एक करोड़ 4 लाख रूपए का जुर्माना किया गया है।
    उन्होंने आगे बताया कि विभागीय जांच में यह भी पाया कि यह गैर-कानूनी काम निगम के ही कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से चल रहा था, इसलिए फरीदाबाद जिला के भुपानी थाना में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनमें पूर्व में उस क्षेत्र में कार्यरत रहे एसडीओ संदीप कुंडु व जेई निशांत रोहिल्ला, वर्तमान जेई जितेंद्र सिंह, आऊटसोर्स पॉलिसी के तहत निगम में कार्यरत एएलएम देवी राम और कन्हैया लाल शामिल हैं।
    जेल मंत्री ने एक अन्य जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जेल में नशीला पदार्थ सप्लाई करने के आरोप में गुरूग्राम जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट धर्मबीर सिंह व एक अन्य व्यक्ति रवि ऊर्फ गोल्डी को गिरफ्तार किया है। उनके पास 225 ग्राम नशीला पदार्थ व 11 सिम कार्ड बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट धर्मबीर सिंह उक्त चीजें जेल में सप्लाई करता था।

  • चूहे-बिल्ली का खेल बंद करें रिया, कुछ गलत नहीं किया तो – बिहार पुलिस

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    नई दिल्ली । बिहार पुलिस स्वीकार कर चुकी है कि वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आत्महत्या मामले की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती को ‘लोकेट’ नहीं कर सकी है। बिहार पुलिस की दलील है कि उसका लक्ष्य किसी निर्दोष को सजा दिलाना नहीं है और रिया ने अगर कुछ गलत नहीं किया है तो वह पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल बंद करें और सामने आकर यथास्थिति स्पष्ट करें। बिहार पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय शनिवार को सिलसिलेवार तरीके से मीडिया से मुखातिब हुए और इस मामले से जुड़ी कई बातों का स्पष्टीकरण पेश किया। इसी क्रम में पांडेय ने एक टीवी चैनल से कहा कि अगर रिया खुद को दोषी नहीं मानती हैं तो फिर वह पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल बंद करें और सामने आकर अपना बयान दर्ज कराएं।

    पांडेय ने कहा, “रिया भाग क्यों रही हैं? अगर वह दोषी नहीं हैं तो सामने आएं और जांच में पुलिस की मदद करें। हम किसी निर्दोष को सजा देने के हिमायती नहीं हैं। हम चाहेंगे कि वह सामने आकर अपना पक्ष रखें और अगर वह खुद को निर्दोष साबित करने में सफल रहीं तो हम उन्हें हाथ भी नहीं लगाएंगे। लेकिन अगर वह हमसे भागेंगी तो मैं इतना जरूर कहूंगा कि हम एक न एक दिन उन तक जरूर पहुचेंगे और तब दूध का दूध और पानी का पानी हो ही जाएगा।”

    सुशांत ने 14 जून को मुम्बई में आत्महत्या की थी और उनके पिता केके सिंह ने 25 जुलाई को पटना में एफआईआर दर्ज कराया, जिसमें रिया को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पटना में एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद बिहार पुलिस भी जांच के लिए मुम्बई पहुंच चुकी है।

    इस बीच रिया ने पूरे मामले की सुनवाई पटना की जगह मुम्बई मे कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट मे अर्जी दी है। सुशांत के पिता ने भी अपने वकील विकास सिंह के माध्यम से इस मामले को पटना में ही रखने के लिए काउंट पीटिशन दायर किया है। इस मामले की सुनवाई पांच अगस्त को होनी है।

    उससे पहले रिया लापता हैं। बिहार पुलिस की टीम उनके फ्लैट पर भी गई थी लेकिन वह वहां नहीं मिली। इसी के बाद पांडेय ने स्वीकार किया कि बिहार पुलिस रिया को ‘लोकेट’ नहीं कर पाई है। रिया ने बीते दिनों एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया। इसी पर पांडेय ने कहा कि वीडियो के जरिए खुद को निर्दोष बताने की जगह रिया पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराएं और यही उनके हक में होगा।

    पांडेय ने कहा, “रिया को अपना पक्ष रखना चाहिए। हम उनसे कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन अगर वह इसी तरह भागती रहीं तो फिर उनके लिए मुश्किल हालात हो जाएंगे। मैं यकीन दिलाता हूं कि बिहार पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है और जिस दिन हमे उनके खिलाफ सबूत मिल जाएगा, हम उन्हें पाताल से भी खोज निकालेंगे। बिहार पुलिस इस काम में पूरी तरह सक्षम है।”

    उल्लेखनीय है कि सुशांत के पिता केके सिंह ने 25 जुलाई को रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर पटना के राजीवनगर थाना में एक मामला दर्ज करवाया है। मामला दर्ज होने के बाद बिहार पुलिस मुंबई पहुंचकर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

  • शुरुआत से ही सुशांत के परिवार के साथ है बिहार सरकार – डीजीपी

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    पटना । बिहार पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि बिहार सरकार की संवेदनाएं शुरुआत से राज्य के निवासी मरहूम अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के साथ हैं।

    सुशांत ने कथित तौर पर 14 जून को मुम्बई स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली थी। मुम्बई पुलिस आत्महत्या के एंगल से मामले की छानबीन कर रही है और अब सुशांत के पिता द्वारा 25 जुलाई को पटना में एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद बिहार पुलिस भी जांच के लिए मुम्बई पहुंच चुकी है।

    इस मामले में भले ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से कोई बयान नहीं आया है लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी लगातार इस मामले को उठाते हुए मुम्बई में बिहार पुलिस के जांच दल के साथ हो रहे खराब व्यवहार और इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठा चुके हैं।

    सुशांत ने 14 जून को कथित तौर पर आत्महत्या की थी और उसी दिन गुप्तेश्वर पांडेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शोक संदेश लेकर पटना के राजीव नगर स्थित उनके घर पर उनके पिता केके सिंह से मिलने पहुंचे थे और उन्होंने नीतीश कुमार के साथ-साथ पूरे राज्य की जनता की ओर से संवेदना व्यक्त की थी।

    गुप्तेश्वर पांडेय ने शनिवार को मीडिया से कहा, “सुशांत की मौत के बाद मैं उन लोगों में था जो सबसे पहले उनके परिवार से मिला। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के एक प्रतिभाशाली अभिनेता के असमय निधन से आज भी काफी दुखी हैं और सुशांत के निधन की खबर मिलने के बाद जब मैं उनके घर गया था तब मैंने उनके पिता से कहा था कि मैं मुख्यमंत्री महोदय की ओर से उनका शोक संदेश लेकर आपके पास आया हूं। इस मुश्किल घड़ी में पूरा प्रदेश आपके साथ है और इसी कारण मैं फिर कह रहा हूं कि बिहार पुलिस का मुखिया होने के नाते पूरे प्रदेश की ओर से मैं सुशांत के परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देता हूं।”

  • टाला जाए अयोध्या में अशुभ मुहूर्त में होने जा रहे शिलान्यास को – दिग्विजय सिंह

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    भोपाल । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय िंसंह ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यस के मुहूर्त को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 5 अगस्त को अशुभ मुहूर्त होने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिलान्यास को टालने की अपील की है।

    दिग्विजय सिंह ने सोमवार को किए गए ट्वीट की एक श्रृंखला में कहा, “भगवान राम करोड़ों हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं और हजारों वषों की हमारे धर्म की स्थापित मान्यताओं के साथ खिलवाड़ मत करिए। मैं मोदी जी से फि र अनुरोध करता हूं कि 5 अगस्त के अशुभ मुहुर्त को टाल दीजिए। सैंकड़ों वषों के संघर्ष के बाद भगवान राम मंदिर के निर्माण का योग आया है अपनी हठधर्मीता से इसमें विघ्न पड़ने से रोकिए।”

    कोरोनावायरस से भाजपा के कई नेताओं के संक्र मित होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन हालातों में क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री को क्वारंटीन नहीं होना चाहिए? क्या क्वारंटीन में जाने की बाध्यता केवल आम जनता के लिए है? प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के लिए नहीं है? क्वारंटीन की समय सीमा 14 दिवस की है।

    पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने आगे कहा, “अब एक और प्रश्न उपस्थित होता है। उत्तर प्रदेश की मंत्री की कोरोना से मौत हो गयी। उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष कोरोना पॉजिटिव, भारत के गृहमंत्री कोरोना पॉजिटिव। मोदी जी आप अशुभ मुहुर्त में भगवान राम मंदिर का शिलान्यास कर और कितने लोगों को अस्पताल भिजवाना चाहते हैं? योगी जी आप ही मोदी जी को समझाइए। आपके रहते हुए सनातन धर्म की सारी मर्यादाओं को क्यों तोड़ा जा रहा है? और आपकी क्या मजबूरी है जो आप यह सब होने दे रहे हैं?”

    पूर्व मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती द्वारा पूर्व में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा, “5 अगस्त को भगवान राम के मंदिर शिलान्यास के अशुभ मुहुर्त के बारे में विस्तार से जगद्गुरू स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने सचेत किया था। मोदी जी की सुविधा पर यह अशुभ मुहुर्त निकाला गया। यानि मोदी जी हिंदू धर्म की हजारो वषों की स्थापित मान्यताओं से बड़े हैं!! क्या यही हिंदुत्व है?”

  • हादसे का शिकार हुआ रक्षा बंधन मनाने जा रहा परिवार, 4 की मौत

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    नरिंसंहपुर। मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन मनाने जा रहा एक परिवार नरसिंहपुर के पास हादसे का शिकार हो गया, इस हादसे में परिवार के चारों सदस्यों पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई है। पूरा परिवार ट्रक के ऊपर बैठकर सफर कर रहा था। ट्रक के पलट जाने से यह हादसा हुआ।

    गाडरवारा थाने के प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने आईएएनएस को बताया है कि देवास के सोनकच्छ के निवासी वीरेंद्र मिजाजी (35) अपनी पत्नी पूजा और दो बच्चों के साथ ट्रक के ऊपर सवार होकर जबलपुर जा रहे थे। वीरेंद्र की ससुराल जबलपुर में है और पूजा रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने जा रही थीं। इस ट्रक में तेल के डिब्बे (कंटेनर) भरे हुए थे। यह ट्रक सोमवार की सुबह अनियंत्रित होकर नादनेर के करीब पलट गया।

    मिश्रा के अनुसार, ट्रक के ऊपर सो रहे परिवार के चारों सदस्य तेल के कंटेनरों में दब गए जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, ट्रक के चालक को कोई चोट नहीं आई है।

     

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  • महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लिया आढ़े हाथ, जांच रिपोर्ट पेश करने का दिया आदेश

    महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लिया आढ़े हाथ, जांच रिपोर्ट पेश करने का दिया आदेश

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच का विवरण और पालघर की घटना में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की  रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने राज्य सरकार से घटना में दायर चार्जशीट को ऑन-रिकॉर्ड लाने के लिए भी कहा। फिलहाल, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद करने के लिए कहा है।

     

  • सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने CBI जांच का आदेश देने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से किया अनुरोध

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    पटना। सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की और उनसे सुशांत की मौत के मामले में CBI जांच का आदेश देने का अनुरोध किया।

    गोर तलब है की कल सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने कहा की 25 फरवरी को मैंने बांद्रा पुलिस को आगाह किया था कि मेरे बेटे की जान को खतरा है, 14 जून को जब मेरे बेटे की जान चली गई तो हमने 25 फरवरी में नामित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा परन्तु 40 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मैंने पटना जाकर थाने में FIR दर्ज की। पटना पुलिस तुरंत एक्शन में आई। परंतु मुजरिम अब भाग रहे हैं, हम सभी को चाहिए कि पटना पुलिस की मदद करें।

  • बिहार: समस्तीपुर मंडल के 3 रेल खंड बाढ़ग्रस्त, रेल पटरियों के पास पहुंची बाढ़

    बिहार: समस्तीपुर मंडल के 3 रेल खंड बाढ़ग्रस्त, रेल पटरियों के पास पहुंची बाढ़

    हाजीपुर। बिहार में हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद समस्तीपुर रेल मंडल में स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ है। इस मंडल के समस्तीपुर-दरभंगा, दरभंगा-सीतामढ़ी एवं सहरसा-मानसी रेलखंडों के छह रेलपुलों के निकट नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इस कारण पूर्व मध्य रेल द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए इन रेलखंडों पर चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनें परिवर्तित मार्ग या आंशिक समापन कर चलाई जा रही हैं।

    पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बुधवार को बताया कि समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य रेलमार्ग के बीच तीन रेलपुल तथा दरभंगा-सीतामढ़ी रेलमार्ग पर कमतौल और जोगियारा स्टेशन के बीच एक रेलपुल पर बाढ़ का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसी तरह सहरसा-मानसी रेलखंड पर कोपरिया से बदलाघाट के बीच दो रेल पुलों के निकट भी नदी जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है।

    उन्होंने बताया कि बुधवार को सुबह पांच बजे समस्तीपुर-मुक्तापुर के बीच रेलपुल संख्या एक के निकट जलस्तर खतरे के निशान से 1.95 मीटर तथा हयाघाट-थलवारा के बीच रेलपुल संख्या 16 तथा 17 के निकट खतरे के निशान से क्रमश: 1.15 मीटर एवं 1.07 मीटर ऊपर आ चुका है। इसी तरह सहरसा-मानसी रेलखंड पर कोपरिया से बदलाघाट के बीच रेलपुल संख्या 47 एवं 50 के निकट तथा कमतौल-जोगियारा के बीच स्थित रेलपुल संख्या 18 के निकट भी पानी पहुंच चुका है।

    उन्होंने कहा, “पूर्व मध्य रेल का प्रयास है कि बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक एवं रेलपुलों को कम से कम क्षति पहुंचे, जिससे स्थिति सामान्य होते ही ट्रेनों का परिचालन यथाशीघ्र प्रारंभ किया जा सके। इसके लिए अधिकारियों द्वारा स्थिति की निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में रेलवे ट्रैक एवं रेलपुलों की दिन-रात पेट्रोलिंग सहित अन्य निरोधात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।”