Category: state-news

  • बिहार में नीतीश कुमार पर कोरोना टेस्ट‍िंग को लेकर तेजस्वी का हमला…

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    पटना:  बिहार में हर दिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) कोरोना और टेस्टिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  (Nitish Kumar) को घेरते हैं। रविवार को तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि अगर एंटीज़ेन टेस्टिंग को अलग रखा जाये तो राज्य में मुश्किल से तीन हज़ार से अधिक टेस्टिंग नहीं हो रही है। तेजस्वी ने कहा, ‘ बिहार में बाढ़ और कोरोना (Coronavirus) को लेकर स्थिति भयावह है। बिहार जैसे 12.60 करोड़ की घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35% लोगों की जांच हुई है। प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र 3508 लोगों की जांच हो रही है जो देश में सबसे कम है। बिहार में 140 दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत सिर्फ़ 3158 है। विगत 2 हफ़्तों से एंटीजेन टेस्ट को छोड़ दें तो आज भी बमुश्किल 3000 जांच हो रही है।

    बिहार प्रदेश की जुलाई महीने में पॉजिटिविटी रेट 12.54% है जो देश में सबसे ज़्यादा है। कोरोना से सिर्फ़ जुलाई महीने में अभी तक बिहार में 25 दिनों में 159 लोगों की मौत हुई है। मतलब प्रतिदिन 6 लोगों की मौत हो रही है। जो बिना जांच और इलाज़ मर रहे हैं उनकी गिनती ही नहीं है। सरकार को आंकड़ों की बाज़ीगरी छोड़ अब तो गंभीर होना चाहिए.

    तेजस्वी ने कहा, ‘ मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से पूछना चाहता हूँ कि वह बतायें कि बिहार में RT-PCR Tests की क्षमता क्यों नहीं बढ़ाई जा रही? RT-PCR Test से ही कोरोना कि सटीकता का पता चलता है। एंटीजेनटेस्ट में बहुत-सी विसंगतियाँ सामने आ रही हैं। 4 महीनों में बिहार से कई छोटे राज्यों ने काबिले तारीफ़ काम करते हुए अपने राज्यों की अस्पतालों की क्षमता को बढ़ाया। उन्होंने मेकशिफ़्ट अस्पताल बनाए. मुख्यमंत्री जी, आपने इतने दिनों में एक भी नया अस्पताल क्यों नहीं बनाया?

    तेजस्वी ने आगे पूछा, ‘ बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी दयनीय क्यों है कि आपके 15 साल के शासन के बाद भी अस्पतालों में रुई और सुई के अलावा ज़रूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध क्यों नहीं हैं? आप इतने असहाय क्यों हैं कि आपके मंत्री और अधिकारी आपकी ही बात नहीं सुनते? आपदा के बीच आप क़ाबिल अधिकारियों को दरकिनार कर नाकाम और भ्रष्ट अधिकारियों पर यक़ीन क्यों कर रहे हैं? आप जनप्रतिनिधियों से ज़मीनी फ़ीडबैक प्राप्त क्यों नहीं करते?

    तेजस्वी ने कहा, ‘ आप देश के इकलौते ऐसे असफल मुख्यमंत्री रहे जो लॉकडाउन में अपने राज्यों के छात्रों, मज़दूरों को वापस लाने में पूर्णतः नाकाम रहे। जो श्रमिक भाई वापस आए उनकी कोरोना जांच करने, क्वारंटाइन करने, रोजगार और सहायता राशि देने में विफल रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था बर्बाद करने के बाद अब कोरोना काल और बाढ़ में आपके कुप्रबंधन की सारा देश चर्चा क्यों कर रहा है? विचारिए. माननीय मुख्यमंत्री जी, भूतकाल से निकल वर्तमान में आत्मचिंतन किजीए ताकि बिहार का भविष्य बचे और आने वाला कल उज्ज्वल रहे। सनद रहे आप 15 साल से शासन कर रहे हैं।

  • अस्पताल में सुनी शिवराज ने मन की बात, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद चिरायु अस्पताल में उपचाररत हैं। चौहान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात भी सुनी। मुख्यमंत्री चौहान ने शनिवार को स्वयं ट्वीटर के जरिए कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी दी थी। शाम को उन्हें कोविड सेंटर चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी प्रारंभिक सभी रिपोर्ट सामान्य आई है। चौहान ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात कार्यक्रम अस्पताल में ही सुना।

    मुख्यमंत्री चौहान का मन की बात सुनने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहां चिकित्सक मौजूद है, टीवी चल रहा है।

    इस पर कांग्रेस के प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने सवाल भी उठाए हैं।

  • FIR दर्ज कराई एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने…

    FIR दर्ज कराई एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने…

    नई दिल्ली:  सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) डेथ केस में बड़ी ख़बर सामने आ रही है। दिवंगत एक्टर के पिता ने पटना के राजीवनगर के थाने में अभिनेत्री और सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। पटना सेंट्रेल जोन के इंस्पेक्टर जनरल संजय सिंह ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पिता कि शिकायत पर सुसाइड के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत अभिनेता रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।

    संजय सिंह ने यह भी बताया कि चार सदस्यीय टीम मुंबई भेजी गई है। टीम मुंबई पुलिस से केस डायरी और अन्य महत्त्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र करेगी।

    सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के निधन से उनके फैंस के साथ-साथ उनके परिवार को भी काफ़ी झटका लगा है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन को लेकर फैंस लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही मामले में अब तक 38 लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन को लेकर पुलिस हर एंगल से जांच करने में लगी है।

    वहीं, हाल ही में एक फैन ने सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति (Shweta Singh Kirti) की पोस्ट पर कमेंट करते हुए सवाल किया कि वह और उनका परिवार एक्टर के निधन के लिए सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं। इसपर सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने कहा, “हम मुंबई पुलिस की जांच-पड़ताल ख़त्म होने और उनकी रिपोर्ट्स आने का इंतज़ार कर रहे हैं।”

    गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने आवास पर मृत पाए गए थे। सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के करियर की बात करें तो उन्होंने टीवी सीरियल ‘किस देश में है मेरा दिल’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद सुशांत सिंह राजपूत ने सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ में मुख्य भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें ख़ूब पसंद भी किया गया था। इसके बाद एक्टर ने ज़रा नचके दिखा और झलक दिखला जा जैसे रिएलिटी शो में भी ख़ूब वाह वाही लूटी. एक्टर ने फ़िल्म ‘काय पो चे’ से फ़िल्मी दुनिया में क़दम रखा। इसके बाद वह ‘शुद्ध देसी रोमांस’ , ‘सोन चिरैया’ , ‘एम.एस धोनी’ और कई फ़िल्मों में नज़र आए.

     

  • शारीरिक संबंध क्‍वारंटाइन में: FIR का आदेश 3 तब्‍लीगी गर्भवती महिलाओं पर, जांच में सामने आया सच

    शारीरिक संबंध क्‍वारंटाइन में:  FIR का आदेश 3 तब्‍लीगी गर्भवती महिलाओं पर, जांच में सामने आया सच

    रांची। क्वारंटाइन सेंटर में ऐश-मौज करने, शारीरिक दूरी बनाने के बजाय शारीरिक संबंध बनाने के मामले में तब्लीगी जमात की 3 महिलाओं और उनके साथियों पर एफआइआर का आदेश दिया गया है। 3 तब्लीगी गर्भवती महिलाओं व उनके सहयोगियों पर प्राथमिकी दर्ज होगी। रांची के क्वारंटाइन सेंटर में तब्लीगी जमात की तीन महिलाओं के गर्भवती होने का प्रशासनिक जांच में भी खुलासा हुआ है। रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने अब इस बेहद संगीन मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी के बयान पर आपदा प्रबंधन कानून तोड़ने, एपेडेमिक डिजिज एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया जा रहा है।

    • क्वारंटाइन सेंटर में तब्लीगी जमात की तीन महिलाओं के गर्भवती होने का प्रशासनिक जांच में भी खुलासा
    • रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने दिया प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश, क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी के बयान पर होगी प्राथमिकी
    • आपदा प्रबंधन कानून तोड़ने, एपेडेमिक डिजिज एक्ट की धाराओं में दर्ज होगी प्राथमिकी

    झारखंड में सरकार की नाक के नीचे राजधानी रांची के क्‍वारंटाइन सेंटर में 3 तब्‍लीगी महिलाएं गर्भवती हो गईं। कोरोना वायरस महामारी के इस भयावह दौर में क्‍वारंटाइन में रहने की इस तरह की आजादी की मिसाल शायद दूसरी न हो, जहां शारीरिक दूरी के बजाय पुरुष और महिला ने खुलकर एक-दूसरे से शारीरिक संबंध बनाए हों। इधर, मामले का खुलासा होने के बाद देश-दुनिया में इस खबर ने खूब सुर्खियां बटोरीं। तब जाकर शासन-प्रशासन जागा और आनन-फानन में जांच बिठा दी गई।

    झारखंड के क्‍वारंटाइन सेंटर में तब्‍लीगी जमात की 3 महिलाओं के गर्भवती होने के मामले की जांच से पर्दा उठ गया है। मामले का खुलाासा होने के बाद जिस तेजी से शासन-प्रशासन ने जांच बिठाई, उससे लग रहा था कि जल्‍द ही सच्‍चाई सामने आएगी। लेकिन, जांच शुरू होने के पहले ही जांच अधिकारी का तबादला कर दिए जाने से सबकुछ ठंडे बस्‍ते में जाता दिख रहा था। जवाबदेह ईकाई ने अब इस मामले में चुप्‍पी तोड़ते हुए एफआइआर का आदेश दिया है। इससे पहले नीचे से लेकर ऊपर तक के अफसर मुंह खोलने को तैयार नहीं थे। पुलिस, प्रशासन, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और बिरसा मुंडा जेल इस मामले से अपना पल्‍ला झाड़ने की कोशिश में जुटा रहा।

    राज्‍य सरकार की नाक के नीचे राजधानी रांची के खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर, फिर कैंप जेल और बाद में न्‍यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा जेल में कुल 111 दिनों तक पुलिस-प्रशासन की निगरानी में रहने वाली इन 3 विदेशी महिलाओं के गर्भवती हाेने के मामले में अब जवाबदेही तय होती दिख रही है। रांची के एडिशनल कलक्‍टर के तबादले के बाद जहां रांची के उपायुक्‍त छवि रंजन ने नए पदाधिकारी की नियुक्ति होने के साथ ही जांच कराए जाने की बात कही, वहीं कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे राज्‍य के क्‍वारंटाइन सेंटर में शारीरिक दूरी का पालन किए जाने के बजाय शारीरिक संबंध बनाने वाली इस घटना पर सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

    3 तब्‍लीगी महिलाओं के गर्भवती होने का पूरा घटनाक्रम

    • 30 मार्च : रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की बड़ी मस्जिद से हिरासत में लिए गए 17 विदेशी स्‍कॉलर।
    • 30 मार्च : रांची के खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर में रखी गईं 4 महिलाएं समेत सभी विदेशी।
    • 18 अप्रैल : लॉक डाउन तोड़ने और वीजा नियमों के उल्‍लंघन का केस दर्ज होने के बाद सभी को न्‍यायिक हिरासत में लिया गया।
    • 18 अप्रैल : खेलगांव में ही कैंप जेल बनाकर सभी को रखा गया।
    • 20 मई : करीब 50 दिनों तक खेलगांव में रखने के बाद बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया।
    • 20 मई : बिरसा मुंडा जेल में मेडिकल जांच के दौरान 3 महिलाओं ने गर्भवती होने की जानकारी दी।
    • 21 जुलाई : झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सभी 17 विदेशी तब्‍लीगी जमातियों को रिहा कर दिया गया।

    रांची के खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर में गर्भवती हो गईं तब्‍लीगी जमात की 3 महिलाएं

    रांची के खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर और फिर बिरसा मुंडा जेल में करीब चार महीने, 111 दिनों तक पुलिस-प्रशासन की निगरानी में रह रहीं तब्‍लीगी जमात की 3 विदेशी महिलाएं मेडिकल रिपोर्ट में गर्भवती पाई गईं। झारखंड हाई कोर्ट से जमानत पाने के बाद जब ये जेल से बाहर आईं, तब इनके हेल्‍थ रिपोर्ट ने यह चौंकाने वाली सच्‍चाई उजागर की है। क्‍वारंटाइन सेंटर और जेल में किसी से मिलने-जुलने की सख्‍त पाबंदियों और कड़ा पहरा के बीच इनके शारीरिक संबंध बनाने पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।

    गर्भवती हुईं इन तीन महिलाओं में एक का गर्भ अप्रैल माह के अंतिम सप्‍ताह से लेकर मई माह के पहले सप्‍ताह के बीच का है। जबकि दो गर्भवती महिलाओं ने इससे कुछ समय पहले ही गर्भधारण किया है। इन तीनों गर्भवती महिलाओं में समानता यह है कि इनमें से किसी का भी गर्भ 3 माह से अधिक समय का नहीं है। इन महिलाओं के गर्भवती होने का मामला तब खुला, जब तीनों तब्‍लीगी महिलाएं अपने पति समेत 17 विदेशी जमातियों के साथ बिरसा मुंडा जेल से बाहर आए। हाई कोर्ट ने इन्‍हें मामले की सुनवाई तक रांची में ही रहने के आदेश के साथ सशर्त जमानत दी है।

    क्‍वारंटाइन से बिरसा मुंडा जेल तक 111 दिनों की कड़ी निगरानी में रहीं ये महिलाएं

    खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर से बिरसा मुंडा जेल, पुलिस अभिरक्षा में 30 मार्च से 20 जुलाई तक, 111 दिनों की कड़ी निगरानी में रहीं इन महिलाओं के बारे में बताया गया है कि कैंप जेल से बिरसा मुंडा जेल भेजे जाने के क्रम में मेडिकल के दौरान इन्‍होंने डॉक्‍टर को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी थी। बाद में जेल प्रबंधन की मेडिकल जांच और अल्‍ट्रासाउंड से उनके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इनमें एक बात सामने आई कि क्‍वारंटाइन सेंटर में रहने के दौरान ही महिलाओं में गर्भ ठहरा है। इस लिहाज से क्‍वारंटाइन सेंटर पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जहां एक-दूसरे से मिलने तक की छूट नहीं दी जाती, शारीरिक दूरी का अनुपालन अनिवार्य होता है, वहां आखिर किन परिस्थितियों में ये महिलाएं गर्भवती हो गईं?

     

    30 मार्च को रांची के हिंदपीढ़ी बड़ी मस्जिद से हिरासत में लिए गए थे 4 महिलाओं समेत कुल 17 विदेशी

    शुरुआती दौर में देशभर में तब्‍लीगी जमात से कोरोना संक्रमण फैलने की खबरों के बीच राज्‍य में कोरोना संक्रमण का फैलाव  रोकने की कोशिश में जुटे रांची जिला प्रशासन को हिंदपीढ़ी इलाके के बड़ी मस्जिद में 17 विदेशियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद 30 मार्च को मस्जिद में प्रशासन की दबिश के बाद ये सभी 17 विदेशी स्‍कॉलर हिरासत में ले लिए गए। इनमें 4 महिलाएं शामिल थीं। इनमें मलेशिया की एक महिला 31 मार्च को जांच में कोरोना पॉजिटिव मिलीं, जिसे रिम्‍स अस्‍पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया।

    इन 17 विदेशियों को लॉक डाउन व वीजा नियमों के उल्‍लंघन के आरोप में 30 मार्च को हिरासत में लेने के बाद रांची के खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। बाद में 18 अप्रैल को इन्‍हें न्‍यायिक हिरासत में ले लिया गया। यहां से करीब एक माह बाद 20 मई को सभी 17 विदेशी तब्‍लीगी जमातियों को बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया। इस क्रम में रांची की निचली अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए इन पर गंभीर टिप्‍पणियां की और इन्‍हें जमानत देने से मना कर दिया, जिसके बाद हाई कोर्ट से इन्‍हें जमानत मिली।

    जेल में इन महिलाओं की हुई मेडिकल जांच, 3 ने खुद को बताया गर्भवती

    20 मई को जेल भेजे गए 17 विदेशियों में शामिल 4 महिलाओं की मेडिकल जांच की गई। जिसमें 3 महिलाओं ने जेल प्रशासन को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी। तब इन महिलाओं ने खुद से ही एक महीने की गर्भवती होने की जानकारी जेल के डॉक्‍टर को दी थी। जबकि इसके पहले वे करीब 50 दिनों तक क्‍वारंटाइन सेंटर में रहकर आई थीं। हालांकि गर्भवती होने की पुष्टि के बाद जेल प्रशासन ने इन्‍हें जेल मैनुअल के मुताबिक तमाम सहूलियतें दीं। जेल में कराए गए अल्‍ट्रासाउंड रिपोर्ट के मुताबिक तीन महिलाओं में से एक का गर्भ अप्रैल के अंतिम सप्‍ताह, जबकि बाकी दो महिलाओं का गर्भ इससे दो-तीन हफ्ते पहले का बताया गया।

    नई दिल्‍ली से 17 मार्च को राजधानी एक्‍सप्रेस से आईं रांची

    नई दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल होकर सभी 17 विदेशी तब्‍लीगी जमाती 17 मार्च को नई दिल्‍ली से राजधानी एक्‍सप्रेस से रांची पहुंचे। इनमें 4 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल थे। रांची में इन सभी को हिंदपीढ़ी इलाके की बड़ी मस्जिद में ठहराया गया। इनमें से कई विदेशी जमाती मोहल्‍ले के दूसरे घरों में भी रहीं। समाज के प्रतिष्ठित लोगों के घरों में भी इनका आना-जाना रहा। यहीं से 30 मार्च को रांची जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने सभी 17 विदेशियों को हिरासत में ले लिया।

  • दरभंगा में बाढ़ में डूबे कई गांव, इंजीनियरिंग कॉलेज के भी हाल- बेहाल

    दरभंगा में बाढ़ में डूबे कई गांव, इंजीनियरिंग कॉलेज के भी हाल- बेहाल

    बिहार: बिहार के दरभंगा में लगातार बागमती नदी का पानी बढ़ने के कारण बाढ़ का दायरा बढ़ते जा रहा है. अब बाढ़ के पानी से दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज भी प्रभावित हो गया है. कॉलेज के पूरे परिसर में बाढ़ का पानी फैल गया है. सभी रास्तों पर पानी लगा है. कॉलेज के प्रशासनिक भवन के साथ-साथ क्लासरूम में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करना शुरू हो गया है. बाढ़ के पानी से कॉलेज के सामानों को सुरक्षित रखना कॉलेज प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है.

    कॉलेज में तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि बीती रात से ही बाढ़ का पानी कॉलेज परिसर में प्रवेश कर गया है. अब प्रशासनिक भवन के साथ-साथ क्लास रूम में भी बाढ़ का पानी चला गया है. कुछ सामानों को सुरक्षित ऊंचे स्थान पर रख दिया गया है लेकिन पानी की रफ्तार को देखते हुए पूरे कॉलेज में पानी भरने की आशंका बनी हुई है.

    बता दें, बाढ़ ने दरभंगा के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. गांव के गांव पानी में डूब गए हैं. बाढ़ के पानी से इलाका समंदर बन गया है, लेकिन इसी बाढ़ के पानी में कम उम्र के बच्चे जान जोखिम में डाल कर मस्ती करते दिखाई देते हैं. दरभंगा के एकमी पुल पर ज्यादातर समय बच्चे उफनती बागमती नदी की धार में पुल से छलांग लगाकर स्नान करते दिखाई देते हैं.

    काम उम्र के ये सभी बच्चे अपने परिवार की नजरों से छिपते छिपाते नदी की तेज़ धार में छलांग लगाते रहते हैं. यह छलांग कब मौत को आमंत्रण दे दे, यह किसी को नहीं पता. लेकिन बच्चे अपने ग्रुप के साथी के साथ मौत को निमंत्रण देने वाला खतरनाक स्टंट लगातार कर रहे हैं. बच्चों को ऐसे खतरनाक तरीके से स्नान करते देख लोग परेशान हैं. लोगों को आशंका है कि मौज-मस्ती में बच्चे किसी बड़ी घटना का शिकार न हो जाएं.

  • कलयुगी बेटे का कारनामा, मां दर्द से बिलखती रही और बेटे ने गला काटते हुए बनाया लाइव वीडियो

    मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 24 वर्षीय युवक मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है जिस पर अपनी मां का गला किसी धारदार हथियार से काटने और इस जघन्य अपराध का लाइव वीडियो भी शूट करने का आरोप है।

    आरोपी की पहचान रीवा जिले के खटिका गांव के रहने वाले धीरेंद्र पांडे के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि रीवा पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त किया, जिसमें उसने 44 वर्षीय अपनी मां सावित्री पांडे की हत्या का वीडियो शूट किया था। रीवा के पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि मृतक सावित्री के 46 वर्षीय पति कृपाशंकर पांडे ने रविवार को पुलिस को सूचना दी कि किसी ने धारदार हथियार से सावित्री पांडे की हत्या कर दी गई है और उसका शव पास के जंगल में फेंक दिया है।

    पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मां-बेटे के बीच विवाद हो गया था और नाराज मां घर से चली गई। उसका पुत्र धीरेन्द्र पांडे उसकी तलाश कर रहा था और गांव के पास ही उसकी मां मिल गई, जहां उसने बाइक में मां को बैठाकर अंतरैला थाना के लूक गांव स्थित जंगल में ले गया और चाकू से मां का गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपित ने घटना का लाइव वीडियो अपने मोबाइल पर बनाया है। पुलिस ने आरोपित का मोबाइल भी जब्त किया है।
    पुलिस ने मंगलवार को धीरेंद्र को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। धीरेंद्र ने अपराध करने की बात कबूल कर लिया। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने अपनी करतूत का वीडियो भी बनाया था।

    घरेलू विवाद बना कारण
    पुलिस की मुताबिक, पुत्र ने मां की जिस बेरहमी के साथ चाकू से हत्या की है, उसके पीछे घर में आए दिन होने वाला विवाद है। बताया जा रहा कि सास-बहू में आए दिन घरेलू विवाद हो रहा था। इसको लेकर आरोपी काफी तनाव में था। घटना के पहले भी घर में जमकर विवाद हुआ था।

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज कर आरोपी को मंगलवार को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

     

  • CBI को सुशांत मामले में केस ट्रांसफर करने की जनहित याचिका SC ने की खारिज

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    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसमें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने पीआईएल याचिकाकर्ता अलका प्रिया से कहा कि मामले का कोई आधार नहीं है। मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है और अगर आप चाहते हैं तो आप बांबे हाईकोर्ट जा सकते हैं और अपने लिए यथोचित राहत की मांग कर सकते हैं।

    पीठ में बोबडे के अलावा न्यायमूर्ति ए.एस बोपन्ना और वी रामासुब्रमनियन भी थे।

    याचिकाकर्ता की तरफ से पेश अधिवक्ता के.बी. उपाध्याय ने पीठ के समक्ष कहा कि सुशांत एक भले इंसान थे, क्योंकि वह कई सामाजिक कार्यो को अपना समर्थन दे रहे थे।

    पीठ ने इसपर कहा कि इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि वह अच्छे आदमी थे या बुरे आदमी थे, यह न्यायाधिकार का मामला है। पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि उन्हें बांबे उच्च न्यायालय जाना चाहिए और अगर कुछ भी ठोस है तो उन्हें उसे वहां साझा करना चाहिए।

    उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा कि मुंबई पुलिस की जांच में कई तरह की अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर घाव के निशान थे।

    कुछ दिन पहले सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने पटना में रिया चक्र वर्ती के खिलाफ धोखाधड़ी और बेटे को धमकाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसके बाद अभिनेत्री भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और जांच को मुबई ट्रांसफर करने की मांग की।

    रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने कहा कि उसकी मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जांच को पटना से मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की है, जहां अभिनेता की आत्महत्या की जांच पहले से ही चल रही है। मानशिंदे ने हालांकि याचिका के कंटेंट के बारे में नहीं बताया।

    सुशांत और रिया 14 जून को अभिनेता सुशांत की आत्महत्या से पहले रिलेशनशिप में थे। सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए हैं, जिसमें उसके पैसे लेने और मीडिया में उसकी मेडिकल रिपोर्ट को साझा करने की धमकी देना शामिल है।

    सुशांत के परिवार ने रिया पर उसके परिवार से दूर करने का भी आरोप लगाया।

    सुशांत के चचेरे भाई और बिहर के छातापुर से पूर्व भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह ने कहा कि सुशांत के अचानक निधन के सदमे से उबरने के बाद और कई चीजों के बारे में जानकारी मिलने के बाद हमने एफआईआर करवाया।

  • मंडला में ट्रक और पिकअप की भिड़त में 4 लोगों की मौत…

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    मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गुरुवार को ट्रक और सवारी वाहन पिकअप के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह बिछिया थाना क्षेत्र में बंजारी हनुमान नाला के करीब रायपुर से मंडला की ओर आ रहे आयशर ट्रक की विपरीत दिशा से आ रहे पिकअप वाहन आमने-सामने से टक्कर हो गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है ।

    बताया गया है कि पिकअप वाहन में तीन लोग सवार थे। सभी की हादसे में मौत हुई है, वहीं ट्रक में सवार एक व्यक्ति की मौत हुई है।

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  • रिया करती थी सुशांत को परेशान, उन्होंने बताया था अंकिता को

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    मुंबई । सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रेमिका अभिनेत्री अंकिता लोखंडे ने कथित तौर पर बिहार पुलिस को सूचित किया था कि दिवंगत अभिनेता काफी दुखी थे, क्योंकि रिया चक्रवर्ती उन्हें काफी परेशान करती थी। न्यूज 18 डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, अंकिता ने यह दावा पटना में रह रहे सुशांत के परिवार से मिलने के दौरान किया था। वेबसाइट के अनुसार, अंकिता ने पुलिस को बताया कि साल 2019 में उनकी बॉलीवुड डेब्यू फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के रिलीज होने के दौरान एक चैट के जरिए सुशांत ने अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड रिया द्वारा ‘परेशान’ होने का जिक्र किया था।

    एक रिपोर्ट ने इस खबर की पुष्टि की कि एक सूत्र ने वेबसाइट को इस बारे सूचित किया था कि, अंकिता के अनुसार, सुशांत ने उन्हें बताया था कि वह ‘रिश्ते से काफी दुखी है’ और इसे समाप्त करना चाहता है, क्योंकि रिया उसे परेशान करती है।

    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सुशांत के साथ अंकिता की उपरोक्त चैट उस समय पुलिस के साथ साझा की गई थी।

    सुशांत ने करीब छह साल तक टीवी सीरियल ‘पवित्रा रिश्ता’ की अपनी सह-कलाकार अंकिता को डेट किया था, हालांकि बाद में वे अलग हो गए। जून में सुशांत के निधन के बाद अंकिता ने अभिनेता के परिवार से मुलाकात की थी।

    बाद में अपनी पटना यात्रा के दौरान अंकिता ने सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति को चैट में हुई उपरोक्त बातें दिखाईं।

    इसके बाद मंगलवार को यह बात सामने आई कि सुशांत के पिता के. के. सिंह ने पटना के राजीव नगर पुलिस स्टेशन में दिवंगत अभिनेता की प्रेमिका रिया समेत छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    वहीं बुधवार को अंकिता ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा की थी। अभिनेत्री ने एक तस्वीर ट्वीट की थी जिसमें लिखा है कि ‘सत्य की जीत’। उन्होंने यह पोस्ट अपने वेरिफाइड अकाउंट से किया था।

     

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  • बैठकों में मौजूद नहीं रहने वाले विधायकों की विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी जानकारी

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    चंडीगढ़ । हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने विधानसभा कमेटियों की सिफारिशों और दिए गए आश्वासनों पर की गई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करने के लिए संबंधित अधिकारियों से गत पांच वर्षों का रिकॉर्ड मंगवाने का निर्णय लिया है।
    विधानसभा अध्यक्ष ने यह निर्णय विधान सभा कमेटियों के अध्यक्षों के साथ यहां हुई एक बैठक में लिया। उन्होंने कमेटियों की बैठकों में उपस्थित न रहने वाले विधायकों की जानकारी भी मांगी।
    गुप्ता ने कहा कि कमेटी अधिकारी जल्द पैरा अनुसार पूरा ब्यौरा तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजेंगे और उसके 30 दिन के भीतर संबंधित विभागों के अधिकारियों को ब्यौरा लेकर विधानसभा में उपस्थित होना होगा।
    उन्होंने कमेटी अध्यक्षों को निर्देश दिए कि अगर कोई विधायक लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहे तो मामला उनके संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी अध्यक्षों को अपने स्तर पर भी ऐसे विधायकों से संपर्क करना चाहिए। कमेटी की बैठकों में सरकारी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति के संबंध में पूछे जाने पर कमेटी अध्यक्षों ने बताया कि स्थिति में पहले से काफी सुधार हुआ है और अधिकारी बैठकों में पूरी तैयारी करके आ रहे हैं।
    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कमेटियां सदन का आवश्यक अंग हैं। इनमें दिए जाने वाले आश्वासनों की प्रगति रिपोर्ट पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए। कमेटियों की ओर से जारी सिफारिशों और निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाना भी विधानसभा की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गत 5 वर्षों में दिए गए आश्वासनों, सिफारिशों और निर्देशों का विस्तृत ब्यौरा एकत्रित किया जाए तथा उस पर प्रगति रिपोर्ट मंगवाई जाए। उन्होंने बैठक में उपस्थित कमेटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस बारे तुरंत प्रभाव से काम शुरू कर दें।
    बैठक में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, पूर्वानुमान समिति के अध्यक्ष सुभाष सुधा, याचिका समिति के अध्यक्ष घनश्याम दास अरोड़ा, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा विषय समिति की अध्यक्ष सीमा त्रिखा, अधीनस्थ कानून समिति के अध्यक्ष राम निवास और सभी कमेटियों के अधिकारी उपस्थित थे।

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