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  • हड़ताल पर गए AIIMS में करीब 400 नर्सिग स्टाफ, मरीजों की परेशानी बढ़ी

    हड़ताल पर गए AIIMS में करीब 400 नर्सिग स्टाफ, मरीजों की परेशानी बढ़ी

    पटना। बिहार में कोरोना के बीच जहां मरीज परेशान हैं, वहीं पटना एम्स के करीब 400 नर्सिग कर्मचारी गुरूवार से हड़ताल पर चले गए, जिससे प्रशासन के सामने मरीजों के इलाज को लेकर परेशनी में बढ गई है। नर्सिग स्टाफ में अधिकांश नर्सें हैं। हड़ताल पर गईं नसोर्ं ने अपनी नौकरी की सुरक्षा, वेतन को बढ़ाने, हेल्थ इंश्योरेंस, स्थायी कर्मचारियों की तरह छुट्टी समेत कई मांग की है।

    उल्लेखनीय है कि हड़ताल पर गई नसेर्ं निविदा पर बहाल की गई थीं।

    हड़ताल कर रही नर्सो का कहना है कि कोरोना काल में नसिर्ंग स्टाफ ने अभी तक बड़ा योगदान दिया है और ऐसे में इनका कोई भी साथी बीमार होता है तो उसे परमानेंट स्टाफ की तरह ही मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए। समान कार्य समान वेतन के केंद्र सरकार के नियम एवं नीतियों को देखते हुए इनके वेतन को भी बढ़ाया जाना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि पटना एम्स पूरी तरह से कोविड अस्पताल बनाया जा चुका है।

    इधर, एम्स प्रशासन का कहना है कि नर्सो की कुछ मांगों को मान लिया गया है़, हालांकि इसके बावजूद अभी भी नसोर्ं की हड़ताल जारी है। प्रशासन लगातार इनसे बात कर रहा है लेकिन अभी हड़ताल जारी है।

    उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 30 हजार को पार कर गया है, जिसमें से 200 से अधिक संक्रमितों की अब तक मौत हो चुकी है।

  • दलित चेहरे सुरेश कश्यप को ही क्यों बीजेपी ने बनाया हिमाचल का प्रदेश अध्यक्ष?

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    नई दिल्ली। भाजपा ने हिमाचल प्रदेश संगठन की कमान दलित चेहरे सुरेश कश्यप को दी है। शिमला सुरक्षित सीट से लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के फैसले को चौंकाने वाला भी माना जा रहा है। वजह कि उनका नाम इस रेस में था ही नहीं।

    पार्टी ने नए चेहरे पर दांव खेलकर कई समीकरणों को साधने की कोशिश की है। मई में पीपीई किट घोटाले से नाम जुड़ने के कारण राजीव बिंदल के इस्तीफे के बाद से प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली चल रहा था।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को गृह प्रदेश हिमाचल में प्रदेश संगठन की बागडोर सांसद सुरेश कश्यप की सौंपी। सुरेश कश्यप वर्ष 1988 से 2004 तक इंडियन एयरफोर्स को भी सेवाएं दे चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने भाजपा से जुड़कर राजनीति शुरू की।

    पार्टी सूत्रों का कहना है कि सुरेश कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे भाजपा की प्रमुख रणनीति दलितों में पैठ बनाने की है। हिमाचल प्रदेश, देश के उन राज्यों में शुमार है, जहां राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दलितों की आबादी है। हिमाचल में 25.2 प्रतिशत दलित रहते हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले दलित चेहरे के हाथ में संगठन की बागडोर सौंपने से पार्टी को दलितों को साधने में आसानी होगी। हिमाचल में कई सीटों पर दलित वोट बैंक निर्णायक है।

    सुरेश कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे और भी कई कारण हैं। उन पर राज्य में किसी गुट का ठप्पा नहीं लगा है। उनकी पहचान जमीनी नेता की रही है। वह पढ़े-लिखे भी हैं। 2004 में एयर फोर्स से एसएनसीओ के पद से रिटायर होने के बाद सुरेश कश्यप ने लोक प्रशासन में एमए और टूरिज्म में डिप्लोमा की शिक्षा हासिल की थी।

    नए चेहरे को अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने काडर को यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में मेहनत करने पर उन्हें उचित समय आने पर बड़ा पद मिल सकता है। सुरेश कश्यप ने क्षेत्र पंचायत सदस्य(बीडीसी) से राजनीति की शुरुआत कर आज प्रदेश अध्यक्ष का मुकाम हासिल किया।

    वर्ष 2005 में वह पच्छाद बीडीसी के बजगा वार्ड से सदस्य बने। फिर 2006 में भाजपा के एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष बने। इस बीच भाजपा ने वर्ष 2007 में पहली बार उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। हालांकि हार गए थे। पार्टी ने 2009 में प्रमोशन देकर उन्हें भाजपा एससी मोर्चा का प्रदेश महासचिव बना दिया। आगे वह एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बने।

    2012 में दूसरी बार वह पच्छाद विधानसभा सीट से जीत गए। तब उन्होंने इस सीट पर सात बार के कांग्रेस विधायक जीआर मुसाफिर को हराकर सबको चौंका दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार वह जीते। फिर पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें शिमला की सुरक्षित सीट से उतारा तो सांसद बने। अब पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है।

  • 10 दिनों के लिए भोपाल में लगाया गया लॉकडाउन, लागू होगा 24 जुलाई से नियम

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    भोपाल:  भोपाल में 10 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। 24 जुलाई से यह नियम लागू किया जाएगा। इससे पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने शहर के कुछ इलाकों में मंगलवार रात आठ बजे से तीन दिन के लिए लॉकडाउन लगा दिया था। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट जमील खान ने सब डिवीजन की सीमाओं के भीतर कोतवाली, मंगलवारा और हनुमानगंज में न्यू इतवारा रोड, जुमेराती, काजीपुरा, कुम्हरपुरा, लखेरापूरा, खजांची गली, लोहा बाजार, नूर महल रोड, इब्राहिमपुरा, चौक जैन मंदिर, गुर्जरपुरा और सिलावटपुरा क्षेत्र में 21 जुलाई रात्रि 8: 00 से 24 जुलाई रात्रि 8: 00 बजे तक लॉकडाउन के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए थे।

    इनके अलावा, बागसेवनिया के कुछ इलाकों एवं कमलानगर पुलिस थानांतर्गत कुछ इलाकों में भी तीन दिन लॉकडाउन की बात कही गई थी। इसमें आम नागरिकों के आवागमन को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। बेरिकेटिंग वाली जगहों पर संस्थान, दुकान, ऑफिस और सभी व्यवसायिक गतिविधियाँ प्रतिबंधित रहेगी। सम्बंधित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति मेडिकल इमरजेंसी सेवा को छोड़कर अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकल सकेंगे।

    आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर धारा 188 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। वहीं, भोपाल कलेक्टर एवं ज़िला मजिस्ट्रेट अविनाश लवानिया ने भोपाल जिले की परिस्थिति को देखते हुए पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता कि धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण भोपाल जिले की समस्त राजस्व सीमाओं में 21 जुलाई से आगामी आदेश तक रात 8: 00 बजे से सुबह 5: 00 बजे तक कर्फ्यू की घोषणा कि थी।

    उल्लेखनीय है कि पूर्व में जारी आदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू रात्रि 10: 00 से प्रातः 5: 00 बजे तक नियत किया गया था। भोपाल जिले में अब तक 4, 512 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से 142 लोगों की मौत हो चुकी है।

  • गुरुग्राम में बुजुर्ग डॉक्टर दंपत्ति को बंदूक की नोंक पर लूटा

    गुरुग्राम में बुजुर्ग डॉक्टर दंपत्ति को बंदूक की नोंक पर लूटा

    गुरुग्राम । तीन नकाबपोशों ने बंदूक की नोंक पर गुरुग्राम के अपस्केल सेक्टर 40 में एक बुजुर्ग होम्योपैथिक डॉक्टर दंपति के घर से 3 लाख रुपये से अधिक के गहने और नकदी लूट ली।

    यह घटना दिन के उजाले में हुई। एक लुटेरा मरीज के रूप में दवा लेने के लिए डॉ. वेद प्रकाश टंडन के घर में ही बने क्लीनिक में आया। मरीज के क्लिनिक में रहने के दौरान डॉक्टर को उसके इरादे पर शक नहीं हुआ।

    एसीपी क्राइम ब्रांच प्रीत पाल सिंह सांगवान ने कहा, “जब टंडन ने उससे क्लिनिक से जाने के लिए कहा, तो उसने अपने दो साथियों को इशारा कर दिया। उसके साथी बाहर ही इंतजार कर रहे थे। उन दो लुटेरों ने बंदूक की नोंक पर डॉक्टर दंपत्ति को पकड़ लिया और उनसे नकदी और गहने सौंपने को कहा।”

    सांगवान ने आगे कहा, “लुटेरे करीब 40 मिनट तक घर में रहे और यह तक चैक किया कि उनके द्वारा लूटे गए आभूषण असली हैं या नहीं।”

    सांगवान ने कहा कि इसमें कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं।

    उन्होंने कहा, “जांच जारी है। हम दंपत्ति को घरेलू मदद करने वाले लोगों से पूछताछ कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज को स्कैन कर रहे हैं। हम जल्द ही मामले को सुलझा लेंगे।”

  • पूरे नहीं होंगे मप्र में भाजपा के उपचुनाव में जीत के मंसूबे: यादव

    पूरे नहीं होंगे मप्र में भाजपा के उपचुनाव में जीत के मंसूबे: यादव

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम रहे हैं। लगातार चल रहे दल-बदल पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केंदीय मंत्री अरुण यादव का कहना है कि “भाजपा ने सौदेबाजी कर सत्ता की चाबी तो हथिया ली है, मगर उपचुनाव में उसके मंसूबे पूरे नहीं होंगे।” यादव ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर शिवराज सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा, “सत्ता की भूखी सरकार प्रदेश में उपचुनाव के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। सौदेबाजी कर उसने

    एक लोकतांत्रिक निर्वाचित सरकार से सत्ता की चाबी तो हथिया ली है, किंतु उपचुनाव से उसके मंसूबे पूरे नहीं होने वाले, यही आशंका उसे तोड़फोड़ व खरीद-फरोख्त करने के लिए मजबूर कर रही है।”

    यादव ने कहा, “गुप्तचर एजेंसियों की रिपोर्ट ने भाजपा की नींद उड़ा दी है, क्योंक कि दल-बदल करने वालों में से अधिकांश की हार सुनिश्चित है, इसी भय से वह निम्न हथकंडे अपना रही है!”

    यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर तंज कसा और कहा, “भाजपा नेतृत्व सिंधिया द्वारा भाजपा में प्रवेश के बाद लगातार की जा रही राजनीतिक ब्लैकमेलिंग से भी तंग आ चुका है। लिहाजा, भविष्य की संभावनाओं को ²ष्टिगत रख वह अपने घिनौने निजी मैनेजमेंट का रास्ता अपनाकर उनसे मुक्ति पाने का भी रास्ता खोज रहा है।”

  • बागी कांग्रेस विधायक मामले में राजस्थान HC ने दिए स्पीकर को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश

    बागी कांग्रेस विधायक मामले में राजस्थान HC ने दिए स्पीकर को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश

    जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर द्वारा कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को भेजे गए अयोग्यता नोटिस मामले में शुक्रवार को यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया और यहां तक कि अदालत में चल रहे मामले में विधायक पृथ्वीराज मीणा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने केंद्र को पक्षकार बनाने की मांग की थी। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य पार्टी विधायकों ने राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी द्वारा अयोग्य ठहराए जाने का नोटिस जारी करने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। स्पीकर को अब 14 जुलाई के नोटिस पर कार्रवाई के लिए रोक दिया गया है।

    हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में पक्षकार बनाने के लिए एक आवेदन भी स्वीकार कर लिया।

    मीणा ने बुधवार को दायर अपनी याचिका में कहा, ” विनम्रतापूर्वक प्रार्थना की जाती है कि सचिव, विधि एवं न्याय मंत्रालय (कानूनी मामलों के विभाग) के माध्यम से भारत संघ को न्याय व कानून के हित में वर्तमान रिट याचिका के लिए एक पक्षकार/प्रतिवादी बनाया जाए।”

    हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका बरकरार है लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।

    विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने जुलाई में कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में पायलट व बागी विधायकों के शमिल नहीं होने और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पायलट सहित उनके खेमे के विधायकों की अयोग्यता संबंधी नोटिस जारी किए थे।

    स्पीकर को पहले मामले में पिछले सप्ताह तीन दिनों तक कार्रवाई स्थगित करने के लिए कहा गया था।

    पायलट खेमे के तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्हें तीन और दिनों के लिए राहत दी थी और 24 जुलाई के लिए निर्णय सुरक्षित रखा।

    बागी विधायकों ने तर्क दिया कि जब विधानसभा सत्र नहीं हो रहा हो तब कोई व्हिप जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है लेकिन वे राजस्थान नेतृत्व में बदलाव चाहते थे।

    इस बीच, स्पीकर जोशी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सीएलपी दायर की और सोमवार को इसकी सुनवाई होनी है।

  • अपने कांग्रेसी विधायकों के साथ सीएम गहलोत राजभवन के लिए बस से हुए रवाना

    अपने कांग्रेसी विधायकों के साथ सीएम गहलोत राजभवन के लिए बस से हुए रवाना

    जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया गया है। अब अगली सुनवाई तक स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं कर सकते हैं।

    LIVE UPDATE

    वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का षड्यंत्र करने में बीजेपी किस निचले स्तर पर जाकर राजनीति कर रही है। लोकतंत्र खतरे में डाल रखा है, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय, CBI के छापे मारे जा रहे हैं। ऐसा नंगा नाच देश के अंदर कभी नहीं देखा जो आज देखने को मिल रहा है।

    सीएम गहलोत बोले- हम लोग सोमवार से विधानसभा शुरू करना चाहते हैं, वहां दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। हमारे पास स्पष्ट बहुमत है, हमें कोई दिक्कत नहीं है। चिंता हमें होनी चाहिए सरकार हम चला रहे हैं, परेशान वो हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से प्रेस क्रांफेस के दौरान कहा, हमने कल राज्यपाल महोदय को पत्र भेजकर निवेदन किया था कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए और उसमें राजनीतिक हालात, कोरोना पर चर्चा हो। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव के कारण मजबूरी में वो विधानसभा बुलाने के निर्देश नहीं दे रहे हैं।

  • कोरोना का मरीज हुआ अस्पताल से गायब, सीएम नीतीश को चिराग पासवान ने लिखी चिट्ठी

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    नई दिल्ली:  एलजेपी नेता चिराग पासवान ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखकर कोरोना से संक्रमित एक मरीज के गायब होने का मामला उठाया है। दरअसल चिराग के लोकसभा क्षेत्र जमुई के शेखपुरा इलाके के रहने वाले  रंजीत कुमार कैंसर का इलाज़ बीते  6 महीने से मुम्बई में करवा रहे थे। 25 जून को महावीर कैंसर संस्थान वह चेकअप लिए गए थे जहाँ उनके कोरोना संक्रमण की जांच की गई तो उनको रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उसके बाद रंजीत को शेखपुरा आइसोलेशन सेंटर में रखा गया। लेकिन शेखपुरा आइसोलेशन सेंटर से उन्हें पटना एनएमसीएच के लिए रेफ़र कर दिया गया। जिसके बाद 3 जुलाई 2020 को एनएमसीएच हॉस्पीटल में इनको भर्ती करवाया गया।

    चिराग की लिखी चिट्ठी के मुताबिक 6 जुलाई को जब इनके परिवार वाले उनसे अस्पताल मिलने गये तो वहाँ रंजीत कुमार मौजूद नहीं थे। तब से उनका का परिवार अस्पताल के चक्कर लगा रहा है।

    रंजीत की धर्मपत्नी अनिता अपने पति को पाने के लिए प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन से लड़ रही हैं। चिराग ने इस विषय पर पीएमसीएच  के सुप्रिटेंडेंट डीएम शेखपुरा से मामले की जानकारी विस्तार से ली है और अनिता कि बात भी सबके सामने रखी है। लेकिन कोई मदद परिवार को सरकार से मिलती नहीं दिख रही है। यह घटना अस्पताल प्रशासन के उपर बड़ा सवाल उठता है कि मरीज़ कहाँ ग़ायब हो गया है। परिवार का आरोप है कि रंजीत की मौत की हो गई है जिसे अस्पताल आंकड़े बढ़ने के डर से छिपा रहा है। इस पत्र में मामले की जांच के लिए चिराग ने मुख्यमंत्री से अपील की है।

  • कमल नाथ ने शिवराज के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ कसा तंज, कहा- आप तो…

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनका चिरायु अस्पताल में इलाज जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने चौहान के शीघ्र स्वस्थ होन की कामना करते हुए तंज कसते हुए कहा है अगर पहले ही संभल कर रहते तो आज बीमारी से बचे रहते। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने शनिवार को ट्वीट कर कहा शिवराज जी, आपके कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर काफी दु:ख हुआ। ईश्वर से आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

    उन्होंने आगे लिखा है कि बस अफसोस इस बात का है कि जब हम कोरोना को लेकर गंभीर थे, तब आप कोरोना को कभी नाटक बताते थे, कभी डरोना बताते थे, कभी सत्ता बचाने का हथियार बताते थे, कभी हम पर कुछ आरोप लगाते थे, कभी कुछ कहते थे, कभी कुछ।

    पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पूर्व में अपनी बातों की याद दिलाते हुए कहा, “हम शुरू से कहते थे कि यह एक गंभीर बीमारी है , इससे संभलकर रहने की आवश्यकता है , सावधान रहने की आवश्यकता है, इसके प्रोटोकाल के पालन की आवश्यकता है। शायद आप भी इससे संभल कर रहते, प्रोटोकाल ,गाइडलाइन व सावधानी का पूरा पालन करते, इसको मजाक में नहीं लेते तो शायद आप इससे आज बचे रहते। खैर कोई बात नहीं, आप जल्द स्वस्थ होकर वापस काम पर लौटेंगे, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है व पूर्ण विश्वास है।”

    वहीं चौहान का एक बयान भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसे कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर ने भी साझा करते हुए कहा है जब आप खुद यह लापरवाही कर रहे थे तो परिणाम यह आना ही था। आप सत्ता की भूख में इतने अंधे हो गए कि आपको अपनी सेहत ही दिख रही थी। आज आप खुद खतरे में है और प्रदेश में लगातार कोरोना के विस्फोट हो रहे है। पूरे प्रदेश ने आपकी लापरवाही देखी। जल्द स्वस्थ हो। ईश्वर से प्रार्थना।

  • क्या प्रधानमंत्री सत्ता के लिए कुचल सकते हैं संवैधानिक परंपरा को? : कांग्रेस

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    जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को जब 31 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का राज्यपाल को संशोधित प्रस्ताव दिया, उसके तुरंत बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कोरोनावायरस से लड़ने के बजाय पार्टी के लिए लड़ने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या वह सत्ता के लिए संवैधानिक परंपरा को कुचल सकते हैं? कांग्रेस नेता अजय माकन ने यहां मीडिया से कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि संविधान और स्थापित संवैधानिक परंपरा को भाजपा द्वारा निर्दयतापूर्वक कुचला जा रहा है।

    यहां प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा, “लगता है कि न्यायपालिका से जो उम्मीद थी, वह भी नहीं बचेगी। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे लोग बेबस और संविधान को बचाने में अक्षम दिख रहे हैं।”

    उन्होंने कहा, “लोकतंत्र पर भाजपा के हमले को क्या देश स्वीकार कर लेगा? बहुमत के जनादेश का फैसला राजस्थान के 8 करोड़ लोगों के वोट करेंगे या दिल्ली में बैठे नेताओं द्वारा बाहुबल और धनबल का उपयोग किए जाने से होगा? क्या प्रधानमंत्री और भारत सरकार सत्ता पाने के लिए संवैधानिक परंपरा को कुचल सकते हैं? क्या राज्यपाल बहुमत द्वारा निर्वाचित राजस्थान द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के अनुरोध को ठुकराकर संविधान की अवहेलना कर सकते हैं? क्या कोई राज्यपाल असंवैधानिक रूप से विधायिका के आधार क्षेत्र में जाकर हस्तक्षेप कर सकता है? क्या यह विधायिका और न्यायपालिका को आमने-सामने खड़ा करने जैसा नहीं होगा?”

    पूर्व केंद्रीय मंत्री माकन ने यह भी कहा कि समूचा देश कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ अभियान के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।

    उन्होंने कहा, “देश के लोगों से हमारा आह्वान है कि वे लोकतंत्र को बचाने के इस यज्ञ में अपना योगदान दें। यह दिल से देशभक्ति जताने से कहीं बढ़कर होगा।”