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  • विकास को लेकर STF उज्जैन से UP रवाना, लखनऊ में पत्नी व बेटा भी गिरफ्तार

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    लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला कर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है। विकास दुबे को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम चार्टर्ड प्लेन से इंदौर पहुंची थी। पहले विकास दुबे को चार्टर्ड प्लेन से लखनऊ लाने की योजना थी, लेकिन अचानक उसको सड़क मार्ग से लाया जा रहा है। उज्जैन में सरकारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रात करीब 08.15 बजे विकास दुबे को लेकर टीम सड़क मार्ग से रवाना हो गई है। टीम के साथ मध्य प्रदेश पुलिस के जवान भी हैं। इधर, पुलिस ने विकास दुबे की पत्नी ऋचा और बेटे को लखनऊ में कृष्णनागर नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया है।

    उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने दुर्दांत विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। उज्जैन कोर्ट में लिखा पढ़ी के बाद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने सीधे विकास दुबे को गिरफ्तार किया। उज्जैन में महाकाल थाने की पुलिस ने विकास दुबे को यूपी एसटीएफ को सौंप दिया है। अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम उज्जैन के बाद इंदौर से विकास दुबे को लेकर लखनऊ के लिए रवाना होगी। इससे पहले शहर के वकीलों ने कोर्ट में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। वकीलों की मांग है कि दुबे को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उज्जैन में इस समय कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। विकास दुबे को उज्जैन के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में रखा गया।

    विकास दुबे ने उज्जैन पुलिस को बताया कि एनकाउंटर के डर से मैंने पुलिस पर फ़ायरिंग की। वो पुलिसवालों के शव को जलाना चाहता था, इसलिए उसने लाशों को एक जगह इकट्ठा किया था। ऐसा नहीं कर पाया। उसने बताया कि कई पुलिसवालों से उसका संबंध है।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़े जाने पर एमपी पुलिस को बधाई। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सम्पर्क में हूं। विकास दुबे को यूपी पुलिस को सौंपा जाएगा। दोनों राज्यों की पुलिस इस पर काम कर रही हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की गिरफ्तारी पर कहा कि जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धूल जाएंगे, उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख़्शने वाली नहीं है।

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ से एसटीएफ का एक दल विकास दुबे को लेने भेजा है। एसटीएफ की टीम विकास दुबे को चार्टर्ड प्लेन से लेकर शाम तक लखनऊ आ जाएगी। उत्तर प्रदेश की एसटीएफ की टीम भी उज्जैन पहुंच रही है। इसके बाद कानूनी औपचारिकता के बाद एसटीएफ की टीम विकास दुबे को अपनी कस्टडी में लेगी।विकास दुबे को उज्जैन से इंदौर रवाना किया जाएगा। उसकी मेडिकल जांच भी जा रही है, जिसमें कोरोना परीक्षण भी किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश पुलिस विकास दुबे की छह दिन की हिस्ट्री भी खंगालेगी।

    यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि वह कब उज्जैन पहुंचा। किसके संपर्क में आया।  महाकाल मंदिर प्रांगण के बाहर लखनऊ के रस्जिट्रेशन नम्बर की गाड़ी मिलने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि विकास दुबे काफी तैयारी के साथ आया था। गाड़ी की नम्बर प्लेट पर हाई कोर्ट लिखा हुआ है, गाड़ी मनोज यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है।

    विकास दुबे का बडा कबूलनामा

    दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने कहा कि घटना के बाद घर के ठीक बगल में कुएं के पास पांच पुलिसवालों की लाशों को एक के ऊपर एक रखा गया था, जिससे उनमें आग लगा कर सुबूत नष्ट कर दिए जाएं। आग लगाने के लिये घर में गैलनों में तेल रखा गया था। तेल से शवों को जलाने का इरादा था, लेकिन लाशें इकट्टठा करने के बाद उसे मौका नहीं मिला। फिर वह फरार हो गया। विकास दुबे ने शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र के बारे में बताया कि उनसे मेरा नहीं बनती थी। कई बार वो मुझसे देख लेने की धमकी दे चुके थे। पहले भी बहस हो चुकी थी। विनय तिवारी ने भी बताया था कि सीओ तुम्हारे खिलाफ है। लिहाजा सीओ से गुस्सा था। सीओ को सामने के मकान में मारा गया था, लेकिन मैंने नहीं मारा। मेरे साथ के आदमियों ने दूसरी तरफ के आहाते से कूदकर मामा के मकान के आंगन में सीओ को मारा था। पैर पर भी वार किया था। क्योंकि मुझे पता चला था कि वह बोलता है कि विकास का एक पैर गड़बड़ है, दूसरा भी सही कर दूंगा। सीओ का गला नहीं काटा था, गोली पास से सिर मे मारी गई थी, इसलिये आधा चेहरा फट गया था।

    करीबियों से सम्पर्क करने के बाद ऑफ कर देता था मोबाइल फोन

    उज्जैन में जब विकास दुबे पकड़ा गया तो उसके पास एक बैग था। बैग में कुछ कपड़े, एक मोबाइल, उसका चार्जर और कुछ कागजात हैं। विकास दुबे भागने के दौरान इसी मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहा था। इसी मोबाइल से विकास दुबे ने कई लोगों से संपर्क किया था। अपने लोगों से सम्पर्क करने के बाद विकास फोन ऑफ कर लेता था और फिर फौरन अपनी जगह बदल लेता था।

    विकास के बैग में मिला चाकू

    विकास दुबे की उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी के बाद अब जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस ने महाकाल मंदिर के पीछे लॉकर रूम से उसका काला बैग जब्त किया है। बैग में चाकू और कुछ कपड़े मिले हैं। विकास ने बैग लॉकर रूप में रखा था। पुलिस ने लॉकर रूम तथा जूता स्टैंड की भी तलाशी ली। पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ तलाशी लेने पहुंची थी। लॉकर रूम में विकास का काला पिट्ठू बैग रखा मिला। जिसकी तलाशी लेने पर इसमें एक चाकू और कपड़े रखे मिले। जूता स्टैंड पर उसके जूते रखे हुए थे। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। विकास दुबे उज्जैन के एक शराबी व्यापारी के घर रुका था। वहां पुलिस ने विकास की मदद करने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया है।

    मास्क उतरने के बाद हुई पहचान

    मंदिर में जाने के लिए टिकट लेने के बाद विकास दुबे फूल लेने लगा। मास्क उतरने के बाद फूल वाले से विकास दुबे ने बातचीत की। फूल वाले को विकास दुबे की शक्ल पर शक हुआ था, जिसके बाद उसने प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को विकास दुबे की जानकारी दी। प्राइवेट सिक्योरिटी के गार्ड एक पुलिस जवान के साथ महाकाल मंदिर कैंपस में दाखिल हुआ और उन्होंने विकास दुबे को पकड़ा। विकास दुबे से पूछताछ की तो वह जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद विकास दुबे को महाकाल मंदिर की चौकी पर लाया गया। वहां पर पुलिस का शिकंजा कसता देख विकास दुबे ने खुद का परिचय दिया।

    फर्जी आइडी लेकर आया था मंदिर

    गैंगस्टर विकास दुबे फर्जी आइडी लेकर उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचा था। शंका होने पर जब उसे पुलिस चौकी लाया गया, तो उसने अपना नाम शुभम् बताया। आइडी में भी यही नाम था। इस पर पुलिस अफसर ने उससे मोबाइल नंबर डायल किया। ट्रू कॉलर में दुबे लिखा आया। जब पुलिस ने सख्ती की तो शातिर गैंगस्टर ने यह कबूल लिया कि वह विकास दुबे है। महाकाल चौकी से थाने जाते समय उसने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि मैं विकास दुबे, कानपुर वाला। विकास दुबे गुरुवार सुबह 7.45 बजे मंदिर पहुंचा था। बाहर एक दुकान पर उसने मंदिर में दर्शन करने की व्यवस्था पूछी। 250 रुपये की रसीद कटवाई और भीतर प्रवेश किया। इसी दौरान संबंधित दुकानदार और एक गार्ड को शंका हुई। तब शंका के आधार पर पकड़कर पुलिस चौकी लाया गया। पहले नाम गलत बताया  दुबे ने पहले अपना नाम शुभम् बताया था। एक उप निरीक्षक ने उससे मोबाइल नंबर लेकर कॉल किया। ट्रू कॉलर पर दुबे लिखा आया। इस पर पुलिस ने सख्ती की तो विकास ने अपनी पहचान बता दी। इसके बाद ताबड़तोड़ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। फिर उसे महाकाल थाना ले जाया गया। यहां एसपी पहुंचे और फिर उसे अपने साथ लेकर पुलिस कंट्रोल रूम आए।  विकास दुबे किसी पॉल के नाम की फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। वह तड़के राजस्थान के कोटा से सड़क के रास्ते उज्जैन पहुंचा था। विकास दुबे के साथ ही वहां एक शराब कारोबारी को भी गिरफ्तार किया गया है। 

    चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही हूं विकास दुबे-कानपुर वाला

    उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई। कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए।

    क्या है सीआरपीसी की धारा 72

    सीआरपीसी की धारा 72के अनुसार अगर किसी दूसरे प्रदेश की पुलिस किसी आरोपित को गिरफ्तार करती है तो उसे वहां की स्थानीय अदालत में 24 घंटे अंदर पेश करना होता है। स्थानीय अदालत से प्रत्यर्पण की अनुमति लेकर ही दूसरे प्रदेश की पुलिस उसे अपने क्षेत्र में ले जाती है। इस अनुमति को ही ट्रांजिट रिमांड कहते हैं।

    अभी चैन से नहीं बैठेंगे :एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार 

    उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि विकास दुबे को लाने के लिए यहां से विवेचक रवाना हो गए हैं। जो नियम अनुसार कार्रवाई होगी वो की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत विकास दुबे पर कड़ी कार्रवाई होगी। कानपुर मुठभेड़ के जो भी आरोपी फरार चल रहे हैं उनको पकड़ा जाएगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक सभी अभियुक्तों को सजा न दिला दें। विकास दुबे को अपने हाथ से फिसल जाने के मामले में एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पूरे देश की पुलिस एक है। हम या मध्य प्रदेश पुलिस अलग नहीं है। इसको सफलता या असफलता से नहीं देखा जाएगा। यह सत्य है कि शातिर अपराधी विकास दुबे पकड़ा गया है। 

    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान

    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कानपुर में वारदात के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर थी। मध्य प्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी।

    इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है। अपराधी चाहे कितना ही बड़ा हो, हमारी पुलिस किसी को भी छोड़ती नहीं है। विकास दुबे हमारी कस्टडी में है। विकास दुबे प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है। अब उसको उसके कृत्यों की सजा मिलेगी।

    250 रुपये की पर्ची भी कटाई

    विकास दुबे ने से महाकाल मंदिर की 250 रुपये की पर्ची भी कटाई और जैसे आम लोग दर्शन करते है वेसे ही दर्शन करने लाइन में लगा था। उसे एनकाउंटर का डर भी था, यही कारण है कि उसने अपने आप को सरेंडर किया है। तमाम सवाल भी इसके बाद उपज रहे है कि विकास दुबे इतनी सख्ती के बाद मध्य प्रदेश में कैसे प्रवेश कर गया और उज्जैन तक कैसे पहुंचा। एसपी मनोज सिंह तुरंत महाकाल चौकी पर पहुंचे और इस मामले में आगे पूछताछ की जा रही है, बाद में उसे महाकाल थाने के  बाद किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

    हिरासत में लखनऊ के दो वकील भी 

    विकास दुबे की गिरफ्तार के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उज्जैन आए लखनऊ के दो वकीलों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह निजी गाड़ी से उज्जैन आए थे। वकीलों का दुबे से कनेक्शन है या नहीं, पुलिस इसकी पुष्टि कर रही है। लखनऊ के दो वकील बिट्टू और सुरेश भी पुलिस हिरासत में हैं। इनसे भी पूछताछ चल रही है।

    170 कैमरों, दर्जनों सुरक्षाकर्मियों के बीच खुलेआम घूम रहा था दुबे 

    गैंगस्टर विकास दुबे के महाकाल मंदिर परिसर से पकड़े जाने के बाद कई तरह की चर्चाएं हैं। मंदिर परिसर में 170 आधुनिक कैमरे लगे हैं। इसके अलावा यहां हर समय 60 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह गिरफ्तारी के वक्त भी विभिन्न प्वॉइंट पर पूरे परिसर में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूम रहा था।

    ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता मानी जाती है। सिंहस्थ के दौरान यहां सुरक्षा की दृष्टि से कई काम हुए थे। आधुनिक कैमरे लगाने के साथ-साथ एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था। यहां से पूरे मंदिर परिसर और आसपास के कुछ क्षेत्रों की निगरानी की जाती है। दुबे की गिरफ्तारी के समय भी कंट्रोल पर एक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे।

    आइडी दिया या नहीं 

    विकास दुबे ने दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद कटवाई थी। नियमानुसार इस रसीद के लिए आइडी देना अनिवार्य है। पुलिस यह जानकारी निकाल रही है कि दुबे ने रसीद कटवाते वक्त अपनी आइडी दी अथवा नहीं।

    रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा एनकाउंटर में ढेर

    इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे। इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था।

  • मध्य प्रदेश पुलिस ने कहा, विकास दुबे के खिलाफ उज्जैन में मामला दर्ज नहीं

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    भोपाल। गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन में कानपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पकड़ा गया। उज्जैन में विकास दुबे के पकड़े जाने को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रेस वार्ता की है। उज्जैन के एसपी ने बताया कि विकास दुबे से उज्‍जैन पुलिस ने लगभग 8 घंटों तक पूछताछ की है। एसपी ने कहा कि उज्‍जैन पुलिस ने पारदर्शी कार्रवाई की है। सभी तथ्‍यों से यूपी एसटीएफ को अवगत करा दिया गया है। उज्जैन के एसपी ने बताया कि विकास दुबे ने अपना नाम गलत बताया था। उज्‍जैन में विकास दुबे के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

    उज्‍जैन पुलिस ने विकास दुबे को यूपी एसटीएफ को ट्रांसफर किया है। एसपी ने कहा कि अभी तक जो भी तथ्‍य सामने आए हैं उसके आधार पर गिरफ्तारी की गई है। मध्य प्रदेश पुलिस ने कहा कि उज्जैन में विकास दुबे के खिलाफ मामला दर्ज नहीं है। मध्य प्रदेश की पुलिस ने कहा कि हमने यूपी एसटीएफ के हवाले विकास दुबे को कर दिया है।

    यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

    यूपी पुलिस की एसटीएफ ने विकास दुबे को मध्य प्रदेश पुलिस से गिरफ्तार कर लिया है। उज्जैन कोर्ट में लिखा पढ़ी के बाद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने सीधे विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। उज्जैन में महाकाल थाने की पुलिस ने विकास दुबे को यूपी एसटीएफ को सौंप दिया है।

    कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे बिकरू गांव से निकल कर दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद शहर में पनाह लेने के लिए छिपा था। इसी बीच पुलिस को हनक लग गई इसके बाद वह अपनी लोकेशन बदलकर ओयो होटल छिपने की कोशिक की। हालांकि, यहां भी सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद वह होटल से निकल गया। इसी बीच मीडिया में ऐसी खबर आई कि वह नोएडा के फिल्म सिटी में मीडिया के सामने सरेंडर कर सकता था पर आज सुबह वह उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार कर लिया गया।

  • मध्य प्रदेश के उज्जैन से पांच लाख का इनामी विकास दुबे गिरफ्तार

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    लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश में गई पुलिस टीम पर हमलाकर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है। सैकड़ों पुलिस टीम के साथ एसटीएफ को बीते सात दिन के चमका दे रहा विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद से उज्जैन पहुंच गया।

    उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई।

    कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में गिरफ्तार हो गया है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार दुबे सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए।

    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान मध्यप्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है।महाकाल मंदिर परिसर में पहुँच कर शख्स ने चिल्ला चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बताया। मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने पकड़ा ओर पुलिस को दी सूचना । महाकाल थाना पुलिस युवक को गाड़ी मे बैठाकर कंट्रोल रूम तरफ लेकर गई।

    इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे. इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था।

  • अब तक उलझी शिवराज सरकार के मंत्रियों को विभाग वितरण की गुत्थी

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    भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार हुए आठ दिन गुजर गए हैं मगर मंत्रियों को विभाग वितरण की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है। सरकार की ओर से अब भी यही कहा जा रहा है कि जल्दी ही विभागों का वितरण कर दिया जाएगा।

    राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा 33 मंत्री हैं, इनमें 25 कैबिनेट हैं और आठ राज्य मंत्री हैं। दो जुलाई को 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी और उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्दी ही विभागों का वितरण कर दिया जाएगा मगर ऐसा हो ना सका।

    मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में जिन 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी उनमें से 12 मंत्री वे भी थे जो पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। सिंधिया खेमे की ओर से मंत्रियों को महत्वपूर्ण पद दिए जाने और राज्यमंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार की मांग की गई।

    सिंधिया खेमे की ओर से मांगे गए महत्वपूर्ण विभाग और राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिए जाने का मसला भाजपा में राज्य संगठन से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस मसले को लेकर दो दिन तक दिल्ली में रहे और उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के तमाम नेताओं से मेल-मुलाकात की और विभागों से संबंधित सूची उन्हें सौंप दी।

    मुख्यमंत्री चौहान ने दिल्ली में और फिर भोपाल लौटने पर जल्दी ही विभाग वितरण की बात कही थी, मगर उसे भी तीन से चार दिन गुजर गए हैं मगर अब तक विभागों का वितरण नहीं हो पाया है। पिछले दिनों चौहान ने कहा था कि मुख्यमंत्री में ही सारे विभाग निहित होते है।

    राज्य सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है, “एक-दो दिन में विभागों का वितरण कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और हम पांच मंत्री गांव गरीब और किसान के लिए काम कर रहे है।”

    मंत्रियों के शपथ लेने के आठ दिन बाद भी विभागों का वितरण न होने पर पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सरकार में विभाग बंटवारे को लेकर खींचतान मची हुई है़ मलाईदार विभागों को लेकर दो बिल्लियां आपस में लड़ रही हैं और दोनों ही अपने को टाइगर कहते हैं। चौहान को तो इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वर्तमान में प्रदेश में लोकतंत्र जनतंत्र का नहीं बल्कि अफसरशाही का राज हो गया है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पहले मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हुई और उसके बाद अब विभाग वितरण में वक्त लग रहा है, इससे यह संदेश तो जा ही रहा है कि पार्टी के भीतर सब ठीक-ठाक नहीं है। इससे राज्य में पार्टी के निर्णय लेने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं, वहीं विरोधी दल कांग्रेस के हाथ में विभाग वितरण का एक और मुद्दा हाथ में आ रहा है।

    मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कई मंत्री विभाग वितरण की आस में भोपाल रुके रहे, मगर विभाग वितरण में देरी देखी तो वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच गए हैं, क्योंकि कुल 14 मंत्री ऐसे हैं जो विधायक नहीं हैं और उन्हें आगामी समय में चुनाव भी लड़ना है।

  • संजय राउत बोले- जरूरत नहीं है एक गैंगस्टर की मौत पर आंसू बहाने की

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    मुंबई। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि गैंगस्टर विकास दुबे की मौत पर आंसू बहाने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने पर आश्चर्य जताया। गौरतलब है कि दुबे की शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ कानपुर शहर के बाहरी इलाके में एनकाउंटर के दौरान मौत हो गई। उसको गुरुवार के दिन उज्जैन में मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद  यूपी पुलिस शुक्रवार को कानपुर ला रही थी। इस दौरान पुलिस का वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट गया। तभी गैंगस्टर ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया।

    राउत ने दुबे का एनकाउंटर को लेकर कहा, ‘एक ऐसा असामाजिक तत्व जो गुंडो की अपनी गैंग चलाता है। जब ऐसा व्यक्ति वर्दीधारी लोगों पर हमला करता है और आठ पुलिस वालों को मार देता है। उसे माफी नहीं मिलनी चाहिए। अगर पुलिस ने उसका एनकाउंटर किया है तो पुलिस से सवाल पूछकर उनका मनोबल गिराना सही नहीं है।’

    राउत ने यह भी कहा कि अगर 8 पुलिसकर्मी ऐसे मारे जाते हैं तो राज्य सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। अगर पुलिस ने एनकाउंटर किया है तो किसी को भी सवाल नहीं उठाना चाहिए – चाहे वह मीडिया हो, राजनीतिक दल या मानवाधिकार आयोग हो। जांच करें, लेकिन इसका राजनीतिकरण न करें।

    बता दें कि विपक्षी दलों ने दुबे के एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर एनकाउंटर को लेकर निशाना साधा है। बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने एनकाउंटर की सुप्रीम कोर्ट द्वारा निगरानी के  सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको संरक्षण देने वाले लोगों का क्या? इसी तरह यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।

     

  • NCP अध्यक्ष शरद पवार ने सत्तारूढ़ महाविकास अघाढ़ी सरकार को एक ‘सफल प्रयोग’ के रूप में दिए पूरे अंक

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    मुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाढ़ी सरकार को एक ‘सफल प्रयोग’ के रूप में पूरा अंक देते हुए, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि उन्होंने सरकार पर नियंत्रण के लिए न तो ‘हेडमास्टर’ की तरह काम किया और न ही ‘रिमोट’ चलाया। पवार ने उद्धव के आठ महीने के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा, “दिवंगत (शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के काम करने की शैली काफी अलग हैं .. लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में भी वे अच्छा काम कर रहे हैं।”

    शिवसेना के आधिकारिक पत्रिका, सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत द्वारा आयोजित मैराथन साक्षात्कार में उनकी टिप्पणियां सामने आईं हैं।

    पवार ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के अलावा छोटे समूहों द्वारा संयुक्त रूप से बने सरकार के बारे में कहा, “निश्चित रूप से .. मैं कह सकता हूं कि एमवीए एक सफल प्रयोग है।”

    यह पूछे जाने पर कि क्या वह एक हेडमास्टर की तरह थे या सरकार पर रिमोट कंट्रोल का दबाव बना रहे थे, इस पर पवार ने कहा, “नहीं .. इनमें से कोई नहीं .. मैं न ही हेडमास्टर, न ही रिमोट कंट्रोल हूं। .. यह एक लोकतांत्रिक सरकार है और इसे किसी रिमोट कंट्रोल से नहीं चलाया जा सकता .. सरकार मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद द्वारा चलाई जाती है।”

    पवार ने राउत के साथ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी, कोविड -19 महामारी और चल रहे लॉकडाउन सहित कई मुद्दों पर बात की।

  • हरियाणा में छात्र-छात्राओं का ड्राईविंग लाइसेंस और पासपोर्ट बनेगा कॉलेज में ही…

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    चण्डीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवा, यातायात नियमों के प्रति जागरूक हों, इसके लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उनके शिक्षण संस्थान में ही ड्राईविंग लाईसेंस प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यह भी निर्णय लिया गया है कि जब छात्राएं कॉलेज से स्नातक होकर पासआउट होंगी, उन्हें पासपोर्ट देकर भेजा जाएगा और पासपोर्ट बनवाने की समस्त प्रक्रिया कॉलेज में ही पूरी की जाएगी।
    मुख्यमंत्रीकरनाल स्थित डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में, स्कूल, कॉलेज व आई.टी.आई. के 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को लर्निंग लाईसेंस व स्टड कम्पनी का हेलमेट वितरण करने के ‘हर सर हेलमेट’ कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि बोल रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर पांच युवाओं को हेलमेट भी वितरित किए।
    कार्यक्रम का आयोजन करनाल लोकसभा के सांसद श्री संजय भाटिया द्वारा अंतरराष्ट्र्रीय हेलमेट निर्माण कम्पनी स्टड के सहयोग से किया गया, जिसमें 100 से अधिक युवाओं को हेलमेट वितरित किए गए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम राजनीतिक विषय से अलग है और इसका सम्बन्ध दीर्घकालिक परिणामों से है। ऐसे ही हरियाणा में समाज सुधार से जुड़ा, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम, भविष्य के लिए जल बचाओ और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए स्वच्छता जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक जारी हैं। ‘हर सर हेलमेट’ एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें सोच बदलने का विषय निहित है अर्थात सडक़ पर चलते जीवन को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
    सडक़ दुर्घटनाओं के आंकडों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं और प्रतिदिन लगभग 1300 दुर्घटनाएं होने का अनुमान है, जिनमें बिना हेलमेट के ड्राईव करने वाले अधिकांश व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। जहां तक हरियाणा की बात है, यहां वर्ष में लगभग 4500 सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें सिर पर चोट लगने के कारण प्रतिदिन औसतन 13 व्यक्ति असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। अध्ययन बताते हैं कि यदि व्यक्ति हेलमेट पहन कर वाहन चलाए तो दुर्घटना में उसके बचने की 80 प्रतिशत सम्भावना रहती है।
    हेलमेट के बिना चालान किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि ऐसे चालान किसी सरकारी एजेंडे में नहीं आते, ना ही इससे कोई राजस्व में इजाफा होता है। बल्कि चालान करने का उद्देश्य वाहन चालक को जागरूक करने के साथ-साथ उसके जीवन को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि न केवल सडक़ पर, बल्कि रोलर स्केटिंग जैसे खेल, भवन निर्माण तथा खनन जैसे कार्यों में भी हेलमेट की अनिवार्यता रहती है। यह एक ऐसा शस्त्र है, जिसका इस्तेमाल सबको करना चाहिए।

  • कांग्रेस पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले है सचिन के लिए- रणदीप सुरजेवाला

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    जयपुर । कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक अपील करके कांग्रेस विधायकों को एकजुट होने का आह्वान किया है।

    उन्होंने कहा कि कभी-कभी वैचारिक मतभेद हो जाते है, लेकिन वैचारिक मतभेद के चलते अपनी ही पार्टी की चुनी हुई सरकार को लेकर अस्थिर करना गलत है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा को लेकर सरकार को अस्थिर करना गलत है और कोई मतभेद है, तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दरवाजे हमेशा के लिए खुले है।

    उन्होंने कहा कि यदि परिवार में कोई भी परेशान है, तो उन्हें परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर समाधान खोजना चाहिए … कांग्रेस नेतृत्व की ओर से, जिसमें सोनिया और राहुल भी शामिल हैं, मैं यह बताता हूं कि कांग्रेस पार्टी के दरवाजे सचिन जी के लिए हमेशा खुले हैं।

  • पीएल पुनिया का दावा- अब भाजपा में राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट

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    नई दिल्ली । कांग्रेस नेता और एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया का दावा है कि सचिन पायलट अब भारतीय जनता पार्टी में हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी के प्रति भाजपा का रवैया कैसा है। उन्होने कहा कि हमें भाजपा से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस पार्टी में, सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है ।

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  • अमिताभ बच्चन हुए कोरोना संक्रमित, कराया गया मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में एडमिट

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    अमिताभ बच्चन को शनिवार की शाम को मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि वे कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।

    उन्होंने खुद इसकी जानकारी ट्विट करके दी है। अमिताभ ने ट्वीट करके बताया, ”मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूं। अस्पताल में भर्ती हो चुका हूं। उनके परिवार और स्टाफ का भी कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पिछले 10 दिनों में मेरे संपर्क में आने वाले सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि वो अपना कोरोना टेस्ट कराएं।’