साइबर ठगी का नया तरीका: डिजिटल गिरफ्तारी और 34 लाख रुपये की लूट
क्या आप जानते हैं कि साइबर ठग अब नये-नये तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं? हाल ही में नोएडा में एक महिला के साथ एक हैरान करने वाली घटना घटी, जहाँ साइबर ठगों ने उसे ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का डर दिखाकर 34 लाख रुपये की ठगी कर ली! यह घटना आपको चौंका सकती है, लेकिन यह सच्चाई है। इस लेख में हम इस घटना के बारे में विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि कैसे आप इस तरह की ठगी से खुद को बचा सकते हैं।
मुंबई से ईरान जा रहा पार्सल और ED का फर्जी नोटिस
घटना के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-41 में रहने वाली निधि पालीवाल को साइबर ठगों ने एक हैरान करने वाला मैसेज भेजा। उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर एक पार्सल मुंबई से ईरान भेजा जा रहा है, जिसमें 5 पासपोर्ट, 2 डेबिट कार्ड, 2 लैपटॉप, 900 अमेरिकी डॉलर और 200 ग्राम नशीला पदार्थ है! इसके बाद उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) के फर्जी नोटिस भी भेजे गए, जिसमें उन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। ठगों ने महिला को डरा-धमका कर 34 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
वाट्सएप और स्काइप पर की गई संपर्क
यह सारा खेल वाट्सएप और स्काइप के जरिए खेला गया। ठगों ने निधि को पहले वाट्सएप पर मैसेज भेजा और फिर स्काइप पर वीडियो कॉल किया, हालांकि कॉल के दौरान आरोपी ने अपना वीडियो बंद रखा था। इस तरह उन्होंने अपनी पहचान छुपाए रखी और महिला को अपनी बातों में फंसा लिया। यह घटना दिखाती है कि कैसे ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर और आपको धोखा देकर आपसे पैसे ऐंठ सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
ऐसी ठगी के शिकार होने से बचने के लिए, आपको हमेशा सतर्क रहना होगा। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण उपाय दिए गए हैं:
संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहें
अगर आपको कोई अनजान नंबर से कॉल आता है या कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है, तो उस पर तुरंत विश्वास न करें। कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि बैंक अकाउंट डिटेल, पासवर्ड, आदि, किसी को भी न दें।
ऑफिशियल सोर्स से ही जानकारी प्राप्त करें
किसी भी सरकारी नोटिस या सूचना के लिए, हमेशा सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक चैनल देखें। ईमेल या सोशल मीडिया पर मिले मैसेज को सत्यापित करें। यदि आप संदेह में हैं, तो आधिकारिक स्रोत से संपर्क करें।
अपना एंटीवायरस सॉफ्टवेयर अपडेट रखें
अपने कंप्यूटर और मोबाइल में हमेशा एक अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें। यह आपके डिवाइस को मैलवेयर और अन्य खतरों से बचाने में मदद करता है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
गौतम बुद्ध नगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि, यह मामला हमें साइबर ठगी के खतरों के बारे में जागरूक करता है और इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए हमें सावधानी बरतनी होगी।
Take Away Points
- साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें।
- संदिग्ध कॉल और मैसेज पर तुरंत विश्वास न करें।
- हमेशा ऑफिशियल सोर्स से ही जानकारी प्राप्त करें।
- अपने एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।
- यदि आपको कभी भी इस तरह की ठगी का सामना करना पड़े तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।









