Category: state-news

  • बाल-बाल बचे पवार,काफिले की पलटी कार, पुलिसकर्मी चोटिल

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    पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के काफिले में शामिल एक कार सोमवार को अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी को मामूली चोटें आई हैं, वहीं पवार बाल-बाल बचे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। यह घटना मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर अमृतांजन ब्रिज के पास घटित हुई। यह गाड़ी पवार की गाड़ी के पीछे चल रही थी। उनको स्कार्ट करते हुए गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वहां जाम लग गया।

    हादसे में घायल हुए ड्राइवर और एक पुलिसकर्मी को गाड़ी से निकालकर अस्पताल ले जाया गया।

    इस हादसे में पवार सुरक्षित बचे और वह मुंबई के लिए रवाना हो गए। घायल पुलिसकर्मी को प्रथामिक उपचार दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर लगे जाम को खुलवाया।

  • असंतोष को दबाने की कवायद, आज संभव शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार,

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    भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आज होने जा रहा है। इस विस्तार में भाजपा नए चेहरों को ज्यादा महत्व देने वाली है और कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर रखा जा सकता है। यही कारण है कि जिन नेताओं को बाहर रखा जाना है, उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देर रात तक संवाद किया। राजधानी में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा व प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुहास भगत की बुधवार की शाम से शुरू हुई बैठक देर रात तक चली। सहस्रबुद्ध दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सुझाए गए नामों की सूची लेकर भोपाल पहुंचे हैं।

    इस बैठक में संभावित नामों पर चर्चा किए जाने के साथ कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल न करने पर सहमति बनी। जिन विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जाना है, उनसे वरिष्ठ नेताओं ने बात भी की है।

    सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की बैठक में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक सहित कई नेताओं को बुलाया गया और उनसे चर्चा भी की गई। संभावना इस बात की जताई जा रही है कि जिन नेताओं को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है, उन्हें पार्टी ने भरोसा दिलाया है कि उनके महत्व को बरकरार रखा जाएगा। संगठन में उनका बेहतर उपयोग किया जाएगा।

    राजभवन के सूत्रों का कहना है कि राजभवन में 11 बजे मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य की प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार की दोपहर भोपाल पहुंची हैं। उन्होंने संदीपनि भवन में आयोजित समारोह में शपथ ली।

  • सिंधिया पर कमल नाथ का बड़ा हमला, कहा- न ही कभी चाय बेची और न मैं टाइगर हूं

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    रतलाम/भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने किसी भी नेता का नाम लिए बगैर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “मैं न तो टाइगर हूं और न ही कभी मैंने चाय बेची है।” रतलाम जिले के सैलाना में प्रभु दयाल गहलोत की प्रतिमा के अनावरण समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे कमल नाथ ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं महाराजा नहीं हूं, मैं मामा नहीं हूं, मैंने कभी चाय नहीं बेची, मैं तो बस कमल नाथ हूं। कई लोग कहते हैं, मैं टाइगर हूं। मैं तो ना टाइगर हूं, ना पेपर टाइगर हूं, अब यह तो प्रदेश की जनता तय करेगी कि कौन क्या है?”

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक दिन पहले, खुले मंच से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ व दिग्विजय सिंह पर हमले बोले थे। साथ ही कहा था, “टाइगर अभी जिंदा है। कमल नाथ और दिग्विजय सिंह सुन लें कि टाइगर जिंदा है।”

    कमल नाथ ने शिवराज सिंह चौहान पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “चौहान अब फिर घोषणाएं करेंगे। साथ ही फोटो की राजनीति शुरू होगी। नौजवानों को इस फोटो की राजनीति को समझना होगा।”

    वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने भी सिंधिया के बयान पर तंज सका। उन्होंने कहा, “एक टाइगर (शिवराज) पहले से ही मौजूद थे, दूसरा टाइगर (सिंधिया) और पैदा हो गए, आप लोग जनसेवक हैं या नरभक्षी?”

    राज्य में कांग्रेस की ओर से सिंधिया पर हमलों की बाढ़ सी आ गई है। उन पर तेज हमले किए जा रहे हैं। उनके टाइगर वाले बयान को लेकर कई तरह के वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहे हैं।

  • ब्रजभूमि पहुंचे लालू पुत्र तेजप्रताप, पवित्र कुंडों, मंदिरों का कर रहे दर्शन

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    पटना। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जहां सभी पार्टियां अपनी रणनीति बनाने में जुटी हैं, वहीं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पवित्र ब्रज की धरती पर भगवान मनमोहन की आराधना में जुटे हैं। तेजप्रताप ब्रज में एक साधक की वेशभूषा में भगवान की अराधना में जुटे हैं। मथुरा यात्रा का एक वीडियो भी उन्होंने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया है, जिसमें वे एक पवित्र कुंड की आराधना कर रहे हैं। इस वीडियों में तेजप्रताप वैष्णव तिलक धारण किए पीली धोती और कुर्ता पहने नजर आ रहे हैं और एक पवित्र सरोवर की आराधना कर रहे हैं।

    बताया जाता है कि तेजप्रताप ने ब्रज के इस दौरे के क्रम में यशोदा कुंड, पावन कुंड, वृंदा देवी, वृषभान कुंड सहित कई मंदिरों के दर्शन किए हैं।

    वैसे, यह कोई पहला मौका नहीं है कि तेजप्रताप ब्रज की धरती पर पहुंचे हैं और अराधना में जुटे हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है या तनाव में होते हैं तब वे ब्रज की धरती पर पहुंच जाते हैं और भक्तिभाव में जुट जाते हैं।

  • कमजोर हुई ताकतवर भाजपा नेताओं की पकड़

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    भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में कई प्रभावशाली नेताओं के करीबियों को जगह नहीं मिली है और यह स्थिति पार्टी में उनकी पकड़ कमजोर होने का संकेत दे रही है।

    शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। इनमें 20 कैबिनेट और आठ राज्यमंत्री हैं। इन मंत्रियों में अगर राजनीतिक सरपरस्ती को देखा जाए तो सबसे ज्यादा स्थान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को मिला है। इसमें अगर कांग्रेस से आए अन्य नेताओं को शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा 14 पर पहुंच जाता है। यानी 33 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 14 सदस्य कांग्रेस से भाजपा में आने वाले हैं।

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर काफी अरसे से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे और संभावना इस बात की जताई जा रही थी कि राज्य के कद्दावर नेताओं के करीबियों को स्थान तो मिलेगा ही। लेकिन केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, थावरचंद गहलोत और प्रहलाद पटेल व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के करीबियों को जगह नहीं मिल पाई है। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी भारत सिंह कुशवाहा ही मंत्री बन पाए हैं।

    शिवराज सरकार के एक कद्दावर मंत्री ग्वालियर चंबल क्षेत्र के एक ऐसे नेता को मंत्री बनाने के लिए जी जान लगाए हुए थे, जो है तो सिंधिया के खेमे का, मगर मंत्री बनवाकर उसके जरिए वह अपनी सियासी जमावट को मजबूत करने की कोशिश में लगे थे। उन्हें भी मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि सिंधिया ने अंतिम समय पर उस नेता का नाम कटवा कर ओ.पी.एस. भदौरिया को राज्य मंत्री बनाने का फैसला लिया।

    मंत्री पद की दौड़ में शामिल संजय पाठक का कहना है कि प्रदेश में सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण बनी है और उनके साथ जो लोग पार्टी में आए हैं, उन्होंने विधायक का पद त्यागा है, लिहाजा उन्हें मंत्री बनाया जाना जरूरी था।

    राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा बनाई गई चुनाव अभियान समिति के समन्वयक रह चुके मनीष राजपूत का कहना है, “भाजपा ने सिंधिया के सम्मान का पूरा ख्याल रखा है और इसके सिंधिया हकदार भी हैं। कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए सिंधिया के चेहरे को आगे रखा था, मगर सत्ता मिलते ही सिंधिया की उपेक्षा शुरू कर दी। सिंधिया ने जनता की आवाज को उठाया तो उन्हें कांग्रेस नेताओं ने चुनौती दे दी। उन्होंने जब जनहित में कदम उठाया तो कांग्रेस की सरकार ही नहीं बची।”

    शिवराज मंत्रिमंडल में वरिष्ठ नेताओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस लगातार तंज कस रही है। प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव का कहना है, “भाजपा के ऐसे नेताओं को जो 30-40 साल से सेवा कर रहे हैं। छह से सात बार के विधायक हैं, उनकी उपेक्षा की गई है। यह पूरी तरह बेंगलुरू में की गई सौदेबाजी की शर्तो को पूरा करता हुआ मंत्रिमंडल है। आने वाले समय में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।”

    राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का कहना है, “भाजपा की मजबूरी थी कांग्रेस से आए नेताओं को मंत्री बनाना। इससे उन वरिष्ठ नेताओं में असंतोष तो है जो दावेदार थे। आने वाले समय में भाजपा के सामने इस असंतोष को साधना बड़ी चुनौती होगी। अगर असंतोष विकराल रूप लेता है तो विधानसभा के उप-चुनाव में नुकसान की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

  • शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब ‘किच-किच’ विभाग वितरण पर

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    भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबी जद्दोजहद के बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आखिरकार हो ही गया, मगर अब विभाग वितरण को लेकर ‘किच-किच’ मची हुई है। किसे कौन सा विभाग दिया जाए, इसके लिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक में मंथन हो रहा है।
    राज्य में सत्ता बदलाव हुअर और भाजपा के हाथ में सत्ता आई। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ शपथ ली। तीन माह से अधिक का वक्त गुजरने के बाद मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार हो पाया है। पहला विस्तार चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक माह बाद हुआ था। पूर्व में जिन पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी उनके पास दो-देा विभाग तक है।
    मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है, जिनमें 20 कैबिनेट और आठ राज्य मंत्री हैं। इन मंत्रियों को विभागों का वितरण किया जाना है, लिहाजा जिन मंत्रियों के पास दो विभाग हैं, उनका एक-एक विभाग छिन सकता है। एक तरफ जहां विभाग छिनने की आशंका से परेशान मंत्री अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर रहे हैं तो दूसरी ओर नए मंत्री मनचाहा विभाग चाह रहे हैं।
    भाजपा सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक मंत्रियों को कुछ महत्वपूर्ण विभाग दिलाना चाहते हैं, जिनका सीधा वास्ता आम आदमी से है। सिंधिया के 11 समर्थक मंत्री बनाए गए हैं और सिंधिया की ओर से ग्रामीण विकास, पंचायत, महिला बाल विकास, सिंचाई, गृह, परिवहन, जनसंपर्क, खाद्य आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों को मांगा गया है।
    सूत्रों का कहना है कि मंत्रियो के बीच विभागों का वितरण किए जाने से पहले मुख्यमंत्री चौहान दिल्ली भी जा सकते हैं। उनकी दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद ही विभागों का वितरण संभव है।
    कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने मंत्रियों के विभागों का वितरण दो दिन बाद भी न हो पाने पर तंज कसा है और कहा कि “मप्र में रिमोट कंट्रोल से संचालित कमजोर सरकार है। 14 का रिमोट ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथ, तो बाकी का अलग-अलग गुटों के नेताओं के पास है। अलग-अलग नेता अपने समर्थकों को मलाईदार विभाग के लिए दबाव बनाए हुए हैं इसलिए विभागों का बटवारा नहीं हो पा रहा है। यह सरकार प्रदेश के लिए बोझ है जो जल्द ही गिर जाएगी।”
    वहीं राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया का कहना है कि मंत्रिमंडल मे विभागों का वितरण दूरगामी रणनीति का हिस्सा है। सिंधिया अपने समर्थकों केा महत्वपूर्ण विभागों दिलाना चाहते हैं, ताकि उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं की राजनीतिक और आर्थिक हैसियत को बढ़ाया जा सके। आने वाले समय में जिला स्तर पर भाजपा भी ठीक वैसी ही नजर आ सकती है जैसी कांग्रेस गुटों में बंटी नजर आती है।

  • पंजाब में गिरफ्तार किये गए पवित्र ग्रंथ चोरी करने वाले सात आरोपी

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    चंडीगढ़ । सिखों के पवित्र ग्रंथ- गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी से जुड़े पांच साल पुराने जघन्य अपराध में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जालंधर रेंज के उप महानिरीक्षक रणबीर सिंह खटरा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल ने पंजाब के फरीदकोट जिले से डेरा सच्चा सौदा के 7 अनुयायियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। इन लोगों को बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव से गुरु ग्रंथ साहिब की ‘बिर’ चोरी करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

    गिरफ्तार आरोपियों में फरीदकोट जिले के सुखजिंदर सिंह, नीला, रंजीत भोला, निशान, बलजीत और नरिंदर शर्मा शामिल हैं।

    बीहबल कलां और कोटकापुरा कस्बों में पवित्र धर्म ग्रंथ के अपमान के विरोध में हुई हिंसक झड़पों में पुलिस की गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। अक्टूबर 2015 में ग्रंथ के अपमान की घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में पंजाब के कट्टरपंथी सिखों और अन्य लोगों ने राजमार्गों और सड़कों को अवरूद्ध कर दिया था।

    पंजाब में उस समय (2007-2017) शिरोमणि अकाली दल-भाजपा की सरकार सत्ता में थी।

    मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि सीबीआई से मामला वापस लेने के बाद इसकी जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई थी। वह इस मामले की तह तक जाएगी।

    वहीं एक अन्य विशेष जांच दल पुलिस महानिरीक्षक कुंवर विजय प्रताप के नेतृत्व में पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही है।

  • बिहार में थाना प्रभारी को शादी समारोहों के पहले देनी होगी सूचना

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    पटना। बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार फिर से कठोर कदम उठा रही है। इस बीच, बिहार के भागलपुर में फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है। राज्य में अब विवाह समारोह या किसी अन्य समारोहों में जिसमें 50 से ज्यादा लोगों के सम्मिलित होना है, उससे पहले थाना को सूचना देनी होगी।

    बिहार में क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में स्थानीय प्रशासन को परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यक अतिरिक्त तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की छूट दे दी है। मुख्य सचिव दीपक प्रसाद की अध्यक्षता में गठित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी जिला पदाधिकारी कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिये अनलॉक-2 के आदेश के अतिरिक्त स्थिति की गंभीरता तथा स्थानीय आवश्यकता का आकलन कर वे अपने क्षेत्र में जरूरी प्रतिबंध लगा सकेंगे।

    होटल, बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, कम्युनिटी हॉल अथवा विवाह परिसर को संबंधित थाना प्रभारी द्वारा नोटिस निर्गत किया जाएगा कि किसी भी समारोह में अधिकतम 50 व्यक्ति ही सम्मिलित हो सकेंगे। निमंत्रण पत्र के माध्यम से लोगों को आमंत्रित कर बुलाए जाने वाले समारोहों के पूर्व सूचना स्थानीय थाना को देना आयोजकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

    सामाजिक एवं पारिवारिक समारोहों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तथा सभी को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्देश का उल्लंघन करने वाले होटल, बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, कम्युनिटी हॉल अथवा विवाह परिसर को बंद करा दिया जाएगा।

    इधर, भागलपुर में शहरी क्षेत्रों में कोरोना वायरस विस्फोट पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने नौ जुलाई की सुबह छह बजे से 13 जुलाई की सुबह छह बजे तक भागलपुर नगर निगम, सुलतानगंज नगर परिषद और कहलगांव व नवगछिया नगर पंचायत क्षेत्र में लकडाउन लागू कर दिया गया है।

    इस दौरान सिर्फ आवश्यक गतिविधियों का ही संचालन होगा। उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12,525 हो गई है तथा संक्रमितों के मरने वालों की संख्या 98 तक पुहंच गई है।

  • फिर 7 मौतें बिहार में वज्रपात से, परिजनों को 4-4 लाख रुपये देने के निर्देश

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    पटना। बिहार में गुरुवार को अलग-अलग जिलों में आसमानी बिजली गिरने (वज्रपात) से सात लोगों को मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को वज्रपात से भोजपुर में दो, मुंगेर में दो तथा सुपौल, कैमूर और बांका में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अविलंब मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें। खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सुझावों का अनुपालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें।

    उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों में राज्य में 170 से ज्यादा लोगों की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हुई है।

  • सीएम शिवराज बोले, दलालों का अड्डा था वल्लभ भवन कमल नाथ सरकार में

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    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट विस्तार होने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान खुलकर कांग्रेस नेता कमल नाथ पर तीखी बयानबाजी कर रहे हैं। पूर्व की कमल नाथ सरकार का वर्णन करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वल्लभ भवन (मुख्य मंत्री सचिवालय) को दलालों का अड्डा बना दिया गया था। कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने मध्य प्रदेश को कई साल पीछे कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये हम नहीं कांग्रेस के ही मंत्री उस समय कहते थे कि सरकार में रेत माफिया दिग्विजय सिंह… दारू माफिया जैसे डिपार्टमेंट बन गए थे कौन सा कौन डिपार्टमेंट ले जाएगा ये आपस में होड़ लगी हुई थी।

    मध्य प्रदेश में कैबिनेट विस्तार के बाद सीएम शिवराज चौहान लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता कमल नाथ पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि क्या वह कोरोना संक्रमण (COVID 19) से लड़ने में सक्षम थे। वह कोरोना की तरह ही मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी समस्या बने हुए थे। हमने संकट का अच्छी तरह से मुकाबला किया। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और कमल नाथ के बीच तीखी बयानबाजी शुरू से ही चर्चा का विषय रही है।