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  • कैसे लोकसभा चुनाव में हार के बाद जिद में राज्यसभा पहुंचे ‘राजा’ और ‘महाराज’

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    भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा में राजघराने से दो नेताओं का प्रवेश हो गया है। ‘राजा’ पुकारे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और ‘महाराज’ कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा चुनाव 2019 में मिली हार के बाद राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंचे हैं। ये दोनों नेता पहले कांग्रेस से राज्यसभा में जाने वाले थे, लेकिन वरीयता क्रम में ऊपर स्थान नहीं मिलने व अन्य कारणों से सिंधिया ने पार्टी छोड़ी और शुक्रवार को दोनों नेता राज्यसभा चुनाव जीत गए। एक समय प्रदेश के ये दोनों राजघराने के नेता कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी हुआ करते थे, लेकिन अब परस्पर विरोधी राजनीतिक दल भाजपा-कांग्रेस से राज्यसभा में बैठेंगे।

    राज्यसभा चुनाव में जीते महाराज यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर राजघराने से आते हैं, जिनके परिवार से दादी विजयाराजे सिंधिया से लेकर पिता माधवराव सिंधिया, बुआ वसुंधरा राजे व यशोधरा राजे सक्रिय राजनीति में रही हैं। पिता माधवराव सिंधिया के निधन के बाद राजनीति में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया चार बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते और केंद्रीय मंत्री रहे।

    प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व से खुश नहीं थे सिंधिया

    सिंधिया 2019 में लोकसभा चुनाव हारे और करीब नौ महीने तक राजनीति में संघर्ष किया। सिंधिया वरीयता पर अड़े राज्यसभा में मध्य प्रदेश की तीन सीटें रिक्त होने की स्थिति बनी तो प्रदेश में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की वजह से कांग्रेस के खाते में दो सीटें आने की संभावना बनी, लेकिन दूसरी सीट पर कश्मकशपूर्ण मुकाबले की स्थिति बनने की आशंका थी, इसलिए सिंधिया ने वरीयता में पहला नंबर चाहा, जिस पर पार्टी नेताओं के टालमटोल रवैए से वे दुखी हो गए। वे पहले से भी प्रदेश में पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं थे।

    भाजपा ने उठाया परिस्थिति का लाभ

    भाजपा ने इस परिस्थिति का लाभ उठाया और सिंधिया को अपने साथ लेकर कांग्रेस सरकार गिराई। इसमें सिंधिया को राज्यसभा भेजने का आश्वासन मिला था। सिंधिया के साथ से प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का गणित बदला और भाजपा को एक सीट का जो नुकसान होना था, वह नहीं हो पाया। 19 जून को भाजपा से ‘महाराज’ सिंधिया आखिरकार राज्यसभा में पहुंच गए।

    ‘राजा’ हार के बाद जीते राजा यानी दिग्विजय सिंह मप्र के गुना जिले के राघौगढ़ के शाही परिवार से आते हैं। दिग्विजय के पिता बलभद्र भी स्थानीय निकाय में राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे थे। उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह यानी ‘छोटे राजा’ और पुत्र जयवर्धन सिंह ‘बाबा’ भी राजनीति में हैं। भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से करारी हार के बाद भी दिग्विजय डटे रहे और संसदीय क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचकर उनकी मदद करते रहे।

    दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव को रोचक बनाने की कोशिश की थी

    राज्यसभा सदस्य के नाते वे नौ अप्रैल 2020 तक सक्रिय रहे, लेकिन खुद को राजनीति में सक्रिय बनाए रखने के लिए उन्होंने राज्यसभा की सीट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मदद ली और दिल्ली में हाईकमान तक बात पहुंचाई। आरक्षित वर्ग के बरैया को मैदान में उतरवाया सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने ही फूल सिंह बरैया का आरक्षित वर्ग का कार्ड फेंककर राज्यसभा चुनाव को रोचक बनाने की कोशिश की थी।

    मार्च की तत्कालीन परिस्थितियों में कांग्रेस सरकार होने से बरैया के लिए वोट की कोशिश हो सकती थी, लेकिन सरकार गिरने के बाद बरैया की जीत मुश्किल हो गई। इस बीच दिग्विजय की जीत को सुनिश्चित करने के लिए 52 वोट की जगह 54 की रणनीति बनी और उन्हें न केवल 54 बल्कि 57 वोट मिल गए। इसी के साथ राजा ने 19 जून को राज्यसभा में दूसरी पारी के लिए जीत दर्ज की।

  • नेपाल ने रोका गंडक बांध मरम्मत का काम, आ सकती है बिहार में बाढ़

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    पटना। भारत- नेपाल के बीच जारी सीमा विवाद के बीच नेपाल सरकार बिहार को परेशान कर रही है। नेपाल ने पूर्वी चम्पारण के ढाका अनुमंडल में लाल बकेया नदी पर बन रहे तटबंध के पुर्निर्माण कार्य को रोक दिया है। बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि नेपाल गंडक बांध के लिए मरम्मत कार्य की अनुमति नहीं दे रहा है।

    जबकि ललबकेया नदी ‘नो मैंस लैंड’ का हिस्सा है। इसके अलावा नेपाल ने कई अन्य स्थानों पर मरम्मत का काम रोक दिया है। पहली बार हम लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं। हम मरम्मत कार्य के लिए सामग्री तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

    बिहार के अधिकारी संपर्क में

    बांध की मरम्मत के लिए बिहार गंभीर है, लेकिन इसको नेपाल हल्के में ले रहा है। बिहार के जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर लेटर भी लिखा है, लेकिन नेपाल लॉकडाउन का कारण बताकर पला झाड़ रहा है।

    गंडक बराज में कुल 36 फाटक हैं, इसमें आधा फाटक नेपाल के हिस्से में पड़ता है। भारत के हिस्से में पड़ने वाले बांध की मरम्मत हो चुकी है, लेकिन नेपाल एरिया में पड़ने वाले बांध का मरम्मत काम बाकी है। बिहार में मानसून आ चुका है, भारी बारिश होने के बाद बांध पर पानी का दबाव बढ़ेगा।

  • मांग से ज्यादा बिजली उपलब्ध है मध्यप्रदेश में…

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    भोपाल । मध्य प्रदेश में किसान और आम उपभोक्ता को जरूरत के मुताबिक बिजली मुहैया कराने की कवायद जारी है क्योंकि राज्य में मांग से कहीं ज्यादा बिजली की उपलब्धता है। राज्य में किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे और घरेलू उपभेाक्ता को 24 घंटे बिजली मिले इसके लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रदेश में सिंचाई के लिए किसानों को 10 घंटे बिजली एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिले यह सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में जरूरत से अधिक बिजली उपलब्ध है, इसलिए बिजली आपूर्ति में कमी नहीं आनी चाहिये। इसके लिए बिजली विभाग सिस्टम ठीक करे, व्यवस्थाएं सुधारे। मेटेनेंस कार्य निरंतर जारी रहें।

    राज्य में किसानों को कृषि पंप में उपयोग में ली जाने वाली बिजली के लिए सहायता दी जाती है। अब यह सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में डाली जाएगी। इसके लिए इस बात के प्रयास होंगे कि इस योजना का लाभ लेने वाला हर किसान बिजली का बिल भरे साथ ही बिजली की चोरी को सख्ती से रोका जाएगा।

    बताया गया है कि राज्य में जरूरत से कहीं ज्यादा बिजली वर्तमान में उपलब्ध है। वर्तमान में बिजली उत्पादन क्षमता 21 हजार मेगावट की है, जबकि बीते वर्ष एक दिन में अधिकतम बिजली 14 हजार 555 मेगावट खर्च हुई। इस वर्ष अधिकतम संभावित आवश्यकता 16 हजार मेगावट का अनुमान है। जो बिजली अतिरिक्त होगी उसे अन्य राज्यों को दिया जाएगा।

    उर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया कि लाकडाउन के कारण बिजली की खपत में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई है। अच्छी बारिश के कारण भी बिजली की मांग में कमी आई है।

  • इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए राजस्थान में 18 लाख से ज्यादा लोगों को वितरित किया काढ़ा

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    जयपुर। आयुष तथा चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी की रोकथाम के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश भर में आमजन की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता) बढ़ाने के लिए 18 लाख से ज्यादा लोगों को काढ़ा वितरित किया जा चुका है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने मंे कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

    आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश में 13 मार्च से 24 जून तक 95 हजार से ज्यादा जगहों पर 18 लाख 84 हजार 41 लोगों को काढ़ा वितरित किया जा चुका है। इसके साथ ही 4 लाख 91 हजार से ज्यादा कोरोना ड्यूटी पर गए लोगों और उनके परिजनों को भी काढ़ा बांटा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से हौम्योपैथी व यूनानी चिकित्सा पद्धति के द्वारा भी लोगों को कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बूस्टर दिए जा रहे हैं। अब तक 1 लाख 35 हजार 632 लोगों को यूनानी जोसांदा व 93 हजार लोगों को कपूरधारा वटी भी बांटी गई हैं।

    आयुष तथा चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मई माह में आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश में गिलोय रोपण अभियान ‘अमृता‘ भी चलाया गया, जिसके तहत 4 माह में 1.50 लाख गिलोय पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, जो कि रोग प्रतिरोधात्मक क्षमताओं को बढ़ाने में कारगर है। इसे इम्यून बूस्टर तो कहा जा सकता है लेकिन इसे दवा मानना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारत समेत दुनिया के तमाम देश कोरोना की दवा के बनाने में लगे हुए हैं, जब तक आईसीएमआर किसी दवा को अनुमति नहीं देता तब तक उसे बाजार में उतारना जायज नहीं होगा।

    डॉ. शर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम ठीक है तो 14 दिनों में आइसोलेशन के बाद व्यक्ति स्वतः ही ठीक हो सकता है। उन्होंन कहा कि आयुष मंत्रालय के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार 9 बिंदुओं के आधार पर ही क्लिनिकल ट्रायल कर सकता है।

    उन्होंने कहा कि कई जगह मरीजों द्वारा चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायत आती है तो कुछेक मामलों में चिकित्सकों की भी लापरवाही दिखती है। ऐसी शिकायतें आने पर उन पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में दोनों तबकों को संतुलन में रहकर काम करना होगा तभी कोरोना जैसी महामारी को हराने में कामयाब हो सकेंगे।

  • भूला नहीं है देश आपातकाल की यातनाओं को – शिवराज सिंह चौहान

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    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपातकाल को याद करते हुए कहा है कि देश आज भी आपातकाल की क्रूर यातनाओं को नहीं भूला है।

    मुख्यमंत्री चौहान ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “देश आपातकाल की उन क्रूर यातनाओं को आज भी नहीं भूला है, लेकिन देश आगे बढ़ेगा। इस संकल्प के साथ कि राष्ट्र उत्थान ही हमारा पहला धर्म है। भारत की आत्मा को बचाने के लिए अपने प्राणों को उत्सर्ग करने वाले महान आत्माओं के चरणों में विनम्र श्रद्घांजलि।”

    चौहान ने देश के लोगों के जज्बे को याद करते हुए कहा, “विविध रंगों और विचारों से रंगा यह देश न कभी झुका है और न झुकेगा। आपातकाल लगाने वाले नहीं रहे और न वह विकृत मानसिकता रहेगी। कांग्रेसी स्वयं को आज भी विशिष्ट समझते हैं, दूसरों को आम और स्वयं को खास समझने का यह भाव अब नहीं बदला, तो यह देश उन्हें बदल देगा। 1975 में आज के ही दिन आपातकाल लागू हुआ था।”

    मुख्यमंत्री चौहान ने कवि नागार्जुन की कविता की कुछ पंक्तियां भी साझा की है। यह पंक्तियां इंदिरा गांधी पर हमला करने वाली थीं। नागार्जुन ने लिखा था, “छात्रों के लहू का चस्का लगा आपको, किसी ने टोका तो ठस्का लगा आपको, फूल से भी हल्का समझ लिया आपने हत्या के पाप का, इन्दु जी, इन्दु जी, क्या हुआ आपको!”

  • आकाशीय बिजली का बिहार के गोपालगंज में कहर, 13 लोगों की मौत

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    पटना । बिहार के गोपालगंज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार को आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोगों के झुलसने की खबर है। गोपालगंज के जिलाधिकारी अरशद अजीज ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि अब तक मिली सूचना के मुताबिक जिले में वज्रपात से 12 से 13 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग बारिश के दौरान घरों से बाहर ना निकलें तथा बारिश से बचने के लिए किसी भी वृक्ष का सहारा ना लें।

    उन्होंने बताया कि थावे थाना क्षेत्र के नाराणपुर गांव में वज्रपात से मुस्तफा अहमद (30) और अफरोज आलम (28) की मौत हो गई जबकि उचकागांव के लुहसी गांव में कृष्णा कुमार (21) और नौतन हरैया गांव में अजीम आलम (40) की मौत हो गई।

    मांझा थाना क्षेत्र के शेख परसा गांव निवासी गणेश साह की तथा विजयीपुर के चखनी टोला निवासी अजमेरी खातून (10) की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हो गई।

    उन्होंने बताया कि बरौली थाना क्षेत्र के बखरौर में वज्रपात की चपेट में आने से रीना देवी (35) तथा खजुरिया गांव में राजाराम यादव (45) साल की मौत हो गई।

    इसके अलावा, बरौली के बघेजी गांव में चंपा देवी (35) तथा सोनबरसा गांव में आनंद महतो (40 ) की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हो गई। मीरगंज थाना क्षेत्र में विशंभरपुर गांव में निरंजन कुमार (23) की तथा हथुआ थाना क्षेत्र में अंकित कुमार और कटैया थाना क्षेत्र में मुन्नी देवी की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हो गई है।

    जिलाधिकारी ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने की घटना में कम से कम छह लोगों के झुलसने की ख

  • कमलनाथ पर BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा का निशाना, बताया चीनी एजेंट

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    भोपाल। भारत और चीन की सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ पर बड़ा हमला बोला है और उन्हें चीन का एजेंट करार दिया है। प्रभात झा ने यहां शुक्रवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग चीन की भाषा क्यों बोल रहे है इसका रहस्योद्घाटन हुआ है। उसमें सबसे बड़ी भूमिका राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की है। वे जब वाणिज्यमंत्री थे तब चीन के एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे।

    झा ने कमल नाथ केा चीनी एजेंट बताए जाने के पीछे तर्क दिया और कांग्रेस के शासन काल का जिक्र करते हुए कहा, “भारत की कांग्रेस पार्टी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच बहुत से मुद्दों पर समझौता होता है। देश में जो चीजें बहुत सरलता से उपलब्ध हैं ऐसी चीजों के उपलब्ध हेाने के बावजूद भी 250 चीजों का आयातित करना और उस पर आयातित शुल्क कम करना और उसके जरिए जो आर्थिक लाभ हुआ और पैसा आया उससे कांग्रेस की मदद करना और राजीव फाउंडेशन में देना राष्ट्रीय अपराध है और इसका एक मात्र व्यक्ति जिम्मेदार है उस समय के वाणिज्य मंत्री। यह सब रिकार्ड पर उपलब्ध है।”

    भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष झा ने कमल नाथ से पूछा है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि वे भारत के नागरिक हैं या चीन के एजेंट इसका जवाब उन्हें देना पड़ेगा। यह देश के गांव-गांव और गली-गली में बताया जाएगा, कांग्रेस और राहुल गांधी आखिर चीन की भाषा क्यों बोल रहे है।

  • मेरिट के आधार पर राजस्थान के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश देने का निर्णय

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    जयपुर। कोविड-19 के कारण JEE मुख्य परीक्षा के आयोजन व परिणाम में अनिश्चिता के चलते अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में प्रवेश 12वीं कक्षा के परिणाम के आधार पर दिया जायेगा। यह निर्णय तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग की अध्यक्षता में गुरूवार को आयोजित अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की बोर्ड ऑफ गवनर्स की बैठक में लिया गया।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि अभियांत्रिकी महाविद्यालय बांसवाड़ा में 50 प्रतिशत सीटें राज्य अनुदानित सीटों द्वारा भरी जायेंगी ताकि जनजातीय क्षेत्र के छात्रों को निजी अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मुकाबले में आधी फीस में प्रवेश मिल सके।

    बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अभियांत्रिकी महाविद्यालय बांसवाड़ा को 3डी प्रिंटिंग कोर्स का सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स बनाया जायेगा जिसके द्वारा अभियांत्रिकी व पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के छात्रों को ऑनलाईन प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध होगा। इसके लिए राजकीय खेतान पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जयपुर को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। ये छात्र 3डी प्रिंटिंग के प्रेक्टिकल्स सेन्टर फॉर इलेक्ट्रोनिक गवर्नेस (CEG)] झालाना डूंगरी, जयपुर में उपलब्ध 3 डी प्रिंटिंग लेब में कर सकेंगे।

    बोर्ड ऑफ गवनर्स की बैठक में अभियांत्रिकी महाविद्यालय बासंवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, करौली एवं एमएलवीटीई अभियांत्रिकी महाविद्यालय भीलवाड़ा की बैठके आयोजित हुईं।

  • राजस्थान में चली तबादले की लहर,144 आरएएस अफसरों का हुआ तबादला…

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    जयपुर । राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने रविवार देर रात 144 आरएएस अफसरों का तबादला कर दिया है। यह तबादला सूची आने के बाद अब आईएएस अफसरों की तबादला सूची आने की चर्चा भी तेज हो गई है।

    यहां देखें लिस्ट

  • Shushant Suicide Case:- पूछताछ के लिए बुलाया गया यशराज फिल्म्स और नेटफ्लिक्स के अधिकारियों को पुलिस स्टेशन

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    नई दिल्ली l फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए शानू शर्मा को बुलाया। उन्हें शनिवार को बांद्रा पुलिस स्टेशन में देखा गया हैं। मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में कई मशहूर हस्तियों से पूछताछ की हैं। हालिया पूछताछ यशराज फिल्म्स की कास्टिंग निर्देशक शानू शर्मा से हुई हैं। एक मास्क पहने हुए वह शनिवार को मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में स्पॉट की गई थी, जहां कई अन्य कलाकारों को भी हाल ही में अपने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था।

    शानू फिल्म इंडस्ट्री की सबसे फेमस कास्टिंग निर्देशकों में से एक है। यशराज फिल्म्स ने पिछले कुछ वर्षों में रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर, वाणी कपूर जैसे कई नामों को इनके कारण की मौका दिया हैl शानू फिल्म इंडस्ट्री में एक जाना-माना नाम है। यशराज फिल्म्स सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच का हिस्सा रहा है। इससे पहले प्रोडक्शन हाउस को सुशांत के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट कॉपी जमा करने के लिए कहा गया था, जिसे बैनर ने दे दिया हैं। शनिवार को वाईआरएफ के साथ काम करने वाले आशीष सिंह को भी पुलिस स्टेशन में देखा गया था।

    सुशांत ने यशराज फिल्म्स के लिए ‘शुद्ध देसी रोमांस’ और ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी’ में अभिनय किया था। हालांकि शेखर कपूर की पानी बंद हो गई और सुशांत ने औरंगजेब को मना कर दिया था। मुंबई पुलिस सुशांत के एंगल से कथित तौर पर फिल्मों से निकाले जाने और इंडस्ट्री द्वारा ‘बहिष्कार’ करने की जांच कर रही है।

    सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती, दिल बेचारा के निर्देशक मुकेश छाबड़ा, दोस्त सिद्धार्थ पितानी, सुशांत के पिता जैसे कुछ लोगों से मुंबई पुलिस ने पूछताछ की है। इस बीच नेटिज़ेंस और कई नेताओं ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की हैl सुशांत ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया थाl वह बॉलीवुड के फेमस कलाकारों में से एक हैंl