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  • रांची में रच-बस गए थे सुशांत धोनी के किरदार में

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    रांची। पटना के रहने वाले सुशांत सिंह बहुत कम समय में ही मायानगरी मुंबई में फिल्मी दुनिया की क्षितिज में छा गए। आज सुशांत इस दुनिया में भले नहीं हों, लेकिन जिस रांची शहर ने उन्हें क्षितिज पर छाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, वहां की गलियों, मैदानों और स्टेडियम में सुशांत की महक अभी भी तरोताजा है।

    सुशांत साल 2016 में अपनी फिल्म एमएस धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी की शूटिंग करने के लिए झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे थे और यहां के लेागों ने राजपूत की पहचान एमएस धौनी से जोड़ ली थी। यहां के लोग सुशांत को धौनी के रूप में ही देखने लगे थे।

    ऐसे तो सुशांत ने कई धारावाहिकों, डांस कार्यक्रमों और फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन रांची वह शहर है, जिसने सुशांत के करियर को सबसे ज्यादा ऊंचाई दी थी। फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में सुशांत रांची के मैदानों, गलियों और स्टेडियम में पुहंचे थे। रांची में सुशांत भी कम दिनों में रच-बस गए थे।

    धौनी की बायोपिक में एक गेंदबाज की भूिमका निभाने वाले नागेंद्र मिश्रा आईएएनएस से कहते हैं कि सुशांत बहुत मिलनसार थे। रांची में वे रच बस गए थे। रांची रेलवे के खिलाड़ी मिश्र कहते हैं कि फिल्म में सुशांत को बॉलिंग की है, और उनके साथ काफी समय गुजारा था।

    वे कहते हैं कि सुशांत काफी कम समय में हमलोगों के अच्छे दोस्त बन गए थे। फिल्म निर्माण से पहले कई वषों तक धोनी से जुड़े पहलुओं, भाषा और रहन-सहन समझने के लिए वे रांची आते रहे। झारखंड के उन सभी शहरों और रांची के उन सभी मोहल्लों में भी पहुंचे जहां से धौनी का नाता था। धोनी के कोच से मिले, दोस्तों से मिले। धोनी के बारे में हर वो जानकारियां पता करने की कोशिश की, जो उनके फिल्म के लिए जरूरी था।

    उनकी मेहनत और लगन की यह बानगी थी। यही कारण है कि दर्शकों ने सुशांत को धोनी के किरदार में एकदम से स्वीकार किया।

    फिल्म के दौरान संदीपन भट्टाचार्य भी उनके साथ रहे थे। संदीपन उस समय प्रदेश अंडर 19 टीम में शामिल थे। भटटाचार्य आईएएनएस को बताते है कि सुशांत स्टेडियम पहुंचते थे और धोनी के बल्लेबाजी करने की बारीकियों को समझकर उनकी तरह बल्लेबाजी करने की कोशिश करते थे। भट्टाचार्य कहते हैं कि वे धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट के लिए काफी मेहनत की थी।

    सुशांत रांची में धोनी के कोच क़े आऱ बनर्जी से भी कई बार मिले थे और उनकी देखरेख में धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट सीखी थी। कोच बनर्जी बताते हैं कि माही के दोस्त ही पहली बार मुझसे मिलाने के लिए सुशांत को घर लेकर आए थे। मुझे फिल्म जगत के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन सुशांत जब मिले तो मेरे पैर छुए थे।

    बनर्जी कहते हैं कि एक सफल खिलाड़ी की कॉपी करना बहुत आसान नहीं होता। बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग कर उनके ही हाव-भाव में जीना आसान नहीं था, लेकिन सुशांत ने धोनी के किरदार को बखूबी जिया। वे कहते हैं कि फिल्म से पहले धोनी के बारे में जानने के लिए कई बार मिले और छोटी-छोटी बातें पूछीं।

  • भाजपा मण्डल जसवां परागपुर की वर्चुअल रैली को मुख्यमंत्री ने किया सम्बोधित

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    धर्मशाला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से कांगड़ा जिला के भाजपा मण्डल जसवां परागपुर की वर्चुअल रैली को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति को एक बार फिर साबित किया है जबकि विश्व के सबसे ताकतवर देश इस समय इस महामारी से निपटने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा समय रहते लिये गए निर्णयों के कारण भारत की स्थिति दूसरे देशों से कहीं बेहतर है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित हुआ है तथा भारत भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण ने हमें विकासात्मक नीतियों, कार्यक्रमों और रणनीतियों को नए सिरे से सोचने और बनाने पर विवश किया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के प्रथम चरण में देश के विभिन्न भागोें में फंसे राज्य के लोग विशेषकर विद्यार्थी मुसीबत में थे। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को राज्य में वापिस लाना राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राज्य सरकार द्वारा 13 विशेष रेलगाड़ियों एवं बसों के द्वारा वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के वापिस आने के कारण राज्य में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़े हंै परन्तु हम राज्य के लोगों को उनके भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत या घरों पर ही क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को स्थानीय लोगों के साथ घुलने-मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। कोविड-19 के सभी मामले ऐसे है जो या तो प्रदेश के बाहर से आए हैं या संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य कि स्थिति पड़ोसी राज्यों से कहीं बेहतर हैै। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई छोटी पहलो की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी प्रशंसा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ किए गए एक्टिव केस फाइडिंग अभियान से राज्य में इन्फलुएंजा लक्षणों तथा अन्य दीर्घकालीक बीमारियों को चिन्हित करने में मदद मिली है।
    मुख्यमंत्री ने जसवां परागपुर क्षेत्र के लोगों का एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिज़ास्टर रिस्पोंस फंड में 35 लाख रुपये का अंशदान देने के लिये उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ज़रूरतमंद लोगों को 1800 मोदी किट वितरित करने के अलावा इस क्षेत्र के लोगों ने 65 हज़ार माॅस्क भी बनाये एवं वितरित किये हैं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि धन का अभाव क्षेत्र के विकास में आड़े नही आयेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को पर्याप्त धन प्रदान किया जायेगा ताकि विकासात्मक परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके।

  • फिर टूटा दुखों का पहाड़ सुशांत सिंह राजपूत के परिवार पर, घर में हुई एक और मौत

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    पूर्णिया। पटना के रहने वाले फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुशांत की मौत के सदमे को उनकी भाभी बर्दाश्त नहीं कर सकी और उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि उनकी भाभी पहले से ही लीवर कैंसर से पीड़ित थी। सुशांत 14 जून को अपने मुंबई के बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। 15 जून को उनका अंतिम संस्कार मुंबई में ही कर दिया गया।
    सुशांत के जाने के बाद उनका पूरा परिवार सदमे में है। उनके पुश्तैनी घर पूर्णिया के बड़हरा कोठी के मलडीहा में भी अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला। इस बीच उनकी मौत के सदमे को उनकी भाभी बर्दाश्त नहीं कर सकी और सोमवार की शाम उनका भी निधन हो गया।
    सुशांत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि अमरेंद्र सिंह की पत्नी सुधा देवी (48) लीवर कैंसर से पीड़ित थी और सोमवार की शाम उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि दो दिन से वे बेहोश थी।
    उल्लेखनीय है कि सुशांत अपने सभी परिजनों के काफी करीब थे। एक साल पहले जब वे बिहार आए थे तब भी वे मलडीहा गांव पहुंचे थे और लोगों के साथ समय गुजारा था।

  • बिहार : जेसीबी पर सवार होकर चीनी कंपनियों के विज्ञापनों पर पप्पू यादव ने पोती कालिख

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    पटना। जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष पप्पू यादव गुरुवार को अपने समर्थकों के साथ पटना की सडकों पर उतरे और चीनी समानों का विरोध करने की अपील की। साथ ही उन्होंने चीनी कंपनियों के विज्ञापन पर कालिख लगाकर उसे हटाने की मांग की। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव कोतवाली चौक पहुंचे और वहां अपने समर्थकों के साथ चीन कंपनियों के लगे विज्ञापनों पर कालिख लगाई। इस दौरान उंचे विज्ञापन होर्डिंग तक पहुंचने के लिए जेसीबी की मदद ली गई।

    इस दौरान पप्पू यादव ने लद्दाख की गलवान घाटी पर चीनी सैनिक के साथ झड़प में बिहार के शहीद हुए सभी जवानों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये आर्थिक मदद देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चीन को पीछे धकेलने के लिए उसको आर्थिक रूप से तोड़ना आवश्यक है।

    इससे पहले बुधवार को पप्पू यादव पटना की कई दुकानों पर पहुंचे और चाइनीज सामान ना बेचने की अपील की। पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए। इस घटना पर पप्पू यादव ने कहा कि चीन हमारे पैसों से ही हमें ही मार रहा है। पहले चीन ने कोरोना वायरस फैलाया,अब सीमा पर हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसमें बिहार के पांच जवान शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत में चीनी सामान काफी संख्या में बेची जाती है और एक बड़ा व्यापार भारत के साथ होता है। पप्पू यादव ने सरकार से निवेदन किया की जल्द से जल्द अब समय आ गया है कि चीनी सामानों का बहिष्कार होना चाहिए। यह शुभ कार्य बिहार से हो शुरू हो रहा है।

  • बिहार सरकार सुशांत आत्महत्या मामले में हस्तक्षेप करे : लोजपा

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    नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले के गुनहगारों पर कार्रवाई की मांग की है। लोजपा अध्यक्ष ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश को एक पत्र लिखकर उनसे इस मामले में हस्तक्षेप कर महाराष्ट्र सरकार से बात करने की अपील की है। चिराग ने कहा कि जिन लोगों ने ऐसे हालात पैदा किए, जिसके कारण सुशांत सिंह को खुदकुशी करनी पड़ी, उनको सजा मिलनी चाहिए।

    अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले से बॉलीवुड में गुटबाजी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जिसके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में दबदबा रखने वाले लोग बाहर से आने वाली प्रतिभाओं के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करते हैं।

    सुशांत सिंह राजपूत को बीते रविवार को उनके मुंबई स्थित आवास पर फांसी के फंदे से लटकता पाया गया। पुलिस के मुताबिक यह आत्महत्या का मामला है।

    छोटे परदे से अपने करियर की शुरूआत करने के बाद बड़े रूपहले परदे पर क्रिकेटर एमएस धोनी पर बनी बायोपिक फिल्म एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी से काफी शोहरत पाई थी। सुशांत सिंह राजपूत ने 2013 में फिल्म काई पो चे से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी।

  • पंजाब में 5.44 लाख मरीज़ रजिस्टर हुये नशा मुक्ति प्रोग्रााम के तहत

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    चंडीगढ । नशा मुक्ति प्रोग्राम के सैंट्रल ऑनलाइन पोर्टल सिस्टम पर 5.44 लाख से अधिक मरीज़ रजिस्टर्ड हुए हैं। लॉकडाऊन /कफ्र्यू की मियाद के दौरान नशा छोडऩे के लिए इलाज के लिए आगे आने वाले मरीज़ों की संख्या में काफ़ी विस्तार हुआ है। 23 मार्च, 2020 से राज्य भर में तकरीबन 1.29 लाख नये मरीज़ इलाज के लिए आगे आए हैं।
    इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस (कोविड -19) के चुनौती भरे समय के दौरान नशा पीडि़तों के लिए बड़ी राहत के तौर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर के नेतृत्व वाली सरकार ओट क्लीनिकों और नशा मुक्ति केन्द्रों के द्वारा मरीज़ों को नशा छोडऩे सम्बन्धी इलाज सेवाओं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि तालाबन्दी और कफ्र्यू के समय के दौरान सरकार ने विशेष पहलकदमियां की हैं जिसके अंतर्गत इलाज और देखभाल सेवाएं मुहैया करवाने हेतु मरीज़ों को एक सप्ताह से तीन सप्ताह तक की दवा दी गई थी जिससे लॉकडाउन के कारण मरीज़ को इलाज सम्बन्धी कोई मुश्किल पेश न आए।
    परन्तु लॉकडाऊन में दी गई ढील के बाद मरीज़ों को काउंसलिंग समेत अधिक से अधिक 7 दिनों की दवा दी जा रही है जिससे उनमें आत्म-विश्वास पैदा किया जा सके और उनकी नशों की आदत छूट जाये। यह कदम इसलिए उठाए गए हैं जिससे मरीज़ों को बार-बार केन्द्रों पर न जाना पड़े और कोविड -19 के फैलाव को रोका जा सके।
    स. सिद्धू ने बताया कि इन केन्द्रों में मरीज़ों को कोरोना वायरस और इसके रोकथाम उपायों संबंधी अच्छी तरह जागरूक किया जाता है। सामाजिक दूरी बना कर रखी जाती है और मरीज़ों को बताया जाता है कि तेज़ बुख़ार, सुखी खाँसी और साँस लेने में मुश्किल होने की स्थिति में वह लाजि़मी तौर पर स्वास्थ्य संस्थाओं को सूचित करें। ऐसे मरीज़ों की सम्बन्धित नशा मुक्ति केन्द्रों और ओओएटी क्लिनिकों में आने की सुविधा के लिए जि़ला अधिकारियों के साथ संपर्क बना कर रखा जा रहा है।
    आईसोलेशन वार्ड के बीच वाले मरीज़ों और एकांतवास किये व्यक्तियों की काउंसलिंग की जा रही है।

  • गिरफ़्तार किया गया शराब कारोबारी सिंगला के आवास पर हुई गोलीबारी में शामिल मुख्य शूटर और एक अन्य

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    चंडीगढ । पंजाब पुलिस ने 31 मई वाले दिन शराब के कारोबारी अरविन्द सिंगला की चंडीगढ़ स्थित रिहायश पर की गई गोलीबारी में शामिल मुख्य शूटर को गिरफ़्तार किया गया है।
    इंद्रा कॉलोनी, झबाल रोड, अमृतसर का रहने वाले नितिन नाहर को उसके साथी बिक्रमजीत सिंह समेत नज़दीक कलरज़ रिजोर्टज़, अटारी रोड, अमृतसर से गिरफ़्तार किया गया था, जिसने उसको सुरक्षित छुपने के लिए जगह मुहैया करवाई थी।
    इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ़्तारी अमृतसर (ग्रामीण) पुलिस और संगठित अपराध नियंत्रण इकाई (ओ.सी.सी.यू.) की साझी टीम द्वारा की गई ख़ुफिय़ा नेतृत्व वाली कार्यवाही के दौरान अमल में लाई गई है।
    प्राथमिक जांच में नितिन के बयान के मुताबिक वह फिऱोज़पुर जेल में बंद गैंगस्टर बोबी मल्होत्रा का करीबी साथी बताया जाता है और आगे वह लॉरेंस बिशनोयी समूह के साथ भी सम्बन्धित था, जिसने अरविन्द सिंगला के सैक्टर-33 के घर पर हमले का आदेश दिया था। गिरफ़्तार किए गए दोषियों ने बताया है कि उनको लॉरेंस बिशनोयी ने पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी ऐसी वारदातों को अंजाम देने के लिए कहा गया था।
    नितिन के कब्ज़े से जुर्म में इस्तेमाल किए गए, एक 0.32 कैलीबर पिस्तौल, 40 जीवित कारतूस, एक 0.315 कैलीबर पिस्तौल के साथ 10 जीवित कारतूस बरामद किए गए हैं। नितिन पहले ही अमृतसर की तीन अन्य फायरिंग की घटनाओं में वांछित था, जिसमें उसके विरोधी ग्रुप के मैंबर विपिन कुमार (जनवरी 2020 में) और लव कुमार (फरवरी 2020 में) और अप्रैल में अमृतसर के झबाल रोड में हुए एक पुराने केस की शिकायत शामिल है।
    पूछताछ के दौरान नितिन नाहर ने बताया कि 31 मई को उसे बोबी मल्होत्रा ने हमला करने के लिए निर्देश दिया था और लॉरेंस बिशनोयी ने एक काली ऑडी कार उसको लुधियाना से लेने के लिए भेजी थी और उसको चंडीगढ़ के बाहर छोड़ दिया गया था। बाद में उसे गोलीबारी की घटना में शामिल अन्य मुलजि़मों ने सिलवर रंग की फोर्ड आइकॉन कार में बिठा लिया। फिर वह सभी इकठ्ठे होकर सैक्टर-33 चले गए और कारोबारी के घर पर फायरिंग की। इस वारदात में नितिन नाहर मुख्य शूटर था और उसने गोलीबारी में 0.32 बोर के पिस्तौल का प्रयोग किया था।
    गोलीबारी की घटना के बाद नितिन को दूसरे साथी मुलजि़म ने खरड़ से बाहर उतार दिया और वहाँ से उसको बोबी मल्होत्रा के निर्देश पर एक सफ़ेद बालेरो कार में अमृतसर स्थित एक सुरक्षित छुपने की जगह पर छोड़ दिया गया।
    इस सम्बन्धी दोषियों के विरुद्ध मुकदमा नंबर 81, तारीख़-19.06.2020, धारा 392, 395, 386, 384, 25, 54, 59 हथियार अधिनियम और आइपीसी की धारा 121, 121 ए, 120 बी, थाना घरींदा, जि़ला अमृतसर (ग्रामीण) में केस दर्ज किया गया है और अगली जाँच जारी है।

  • ‘डिजिटल फाइनेंस एंड बैंकिंग’ में जेजीयू ने पहला एमबीए डिग्री लॉन्च किया

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    नई दिल्ली/सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में स्थित ओ.पी. जिंदल (जेजीयू) यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल और जिंदल स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस ने ‘डिजिटल फाइनेंस एंड बैंकिंग’ (डीएफबी) में एमबीए की डिग्री शुरू करने की घोषणा की है। यह एड-टेक कंपनी अपग्रेड के साथ साझेदारी में है। जेजीयू ने शुक्रवार को कहा कि यह ऑनलाइन कार्यक्रम एक ब्लेंडेड डिग्री प्रोग्राम है जिसमें लाइव लेक्चर, कॉन्टेक्ट क्लासेस, ट्यूटोरियल सेशन और क्लासरूम अनुभव के साथ-साथ एक सीखने के लिए कई ऑनलाइन कम्पोनेंट (घटक) हैं।

    कार्यक्रम विशेष रूप से कामकाजी पेशेवरों, व्यवसाय के मालिकों, उद्यमियों आदि के लिए डिजाइन किया गया है जो बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) उद्योग में काम करना चाहते हैं।

    जेजीयू में ‘एमबीए डिजिटल फाइनेंस एंड बैकिंग’ प्रोग्राम दो साल की अवधि का है, जिसे पूरा करने के बाद जिसमें छात्रों को जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री मिलेगी।

    ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सी. राज कुमार ने एक बयान में कहा, “जेजीयू में डिजिटल बैंकिंग एंड फाइनेंस में एमबीए छात्रों को 21वीं सदी में डिजिटल फाइनेंस की समस्याओं को समझने, उनका विश्लेषण करने और प्रबंधन करने में सक्षम बनाएगा।”

    बैचलर डिग्री के साथ सभी छात्र डीएफबी प्रोग्राम में ऑनलाइन एमबीए के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं और प्रवेश पाने के लिए जेएमएटी (जिंदल मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट) ऑनलाइन नेशल लेवल की प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

    अपग्रेड के सह-संस्थापक फाल्गुन कोमपल्ली ने कहा, “‘डिजिटल फाइनेंस एंड बैंकिंग’ में एमबीए सुनिश्चित करता है कि इस प्रोग्राम का हिस्सा बनने वाले पेशेवर बीएफएसआई इंडस्ट्री के डिजिटल व्यवधान में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयार हैं।”

  • आत्मरक्षा में गोलीबारी की सैनिकों को दी जाए अनुमति : अमरिंदर

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    चंडीगढ़। भारत-चीन गतिरोध पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों द्वारा सरकार को समर्थन देने के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को केंद्र से आग्रह किया कि सीमा पर आत्मरक्षा और राष्ट्रीय अखंडता की हिफाजत में सैनिकों को गोलीबारी की अनुमति देने के लिए नीति में बदलाव किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बगैर हथियार के सैनिकों को एलएसी पर भेजने का समर्थन नहीं किया। उन्होंने अपने फेसबुक लाइफ के सातवें संस्करण में कहा कि सरकार की नीति यह होनी चाहिए कि यदि वे हमारी तरफ के एक को मारते हैं तो हम उनकी तरफ पांच लोगों को मारेंगे।
    उन्होंने कहा कि सनिकों को निहत्थे भेजना या अपने बचाव की अनुमति नहीं देना सरासर गलत है। उन्होंने आगे कहा कि जब वह और उनके सैन्य सहकर्मी एलएसी पर दो साल की अपनी पोस्टिंग के दौरान पेट्रोलिंग करते थे, तब हर तरह के हथियारों से सुसज्जित होते थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा, “हम परमाणु युग में हैं और हम डंडे लेकर जा रहे हैं और डंडे से पीटे जा रहे हैं।” उन्होंने इस पर अचम्भा जाहिर किया कि चीनी सैनिकों द्वारा डंडे की पिटाई और पथराव से 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए, जिसपर सहज रूप में विश्वास नहीं किया जा सकता। इनमें चार सैनिक पंजाब के भी शामिल थे।
    अमरिंदर ने पंजाब के चार सैनिकों के गलवान घाटी में मारे जाने पर आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, सैन्यकर्मी के रूप में भी हम हमेशा गोलियां खाने को तैयार रहते हैं।
    अमरिंदर ने कहा कि शहीदों के परिजनों के लिए मुआवजे की राशि को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने के अलावा उनकी सरकार ने स्कूलों के नामकरण शहीदों के नाम पर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने दो के परिवारों से बात की है।
    सिख फॉर जस्टिस के वकील गुरपटवंत सिंह द्वारा चीन का समर्थन करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत में न सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि उसमें सक्रिय रूप से शामिल भी है।
    अमरिंदर ने कहा कि वह पन्नू के विभाजनकारी एजेंडे को सफल नहीं होने देंगे और राज्य की शांति में किसी कीमत पर खलल नहीं पड़ने देंगे। उन्होंने खालिस्तान समर्थनक प्रोपागंडिस्ट को चेतावनी दी कि उसमें हिम्मत हो तो वह दूसरे देशों में छिपकर जहरीले अभियान चलाने के बदले पंजाब आए।
    मुख्यमंत्री ने पंजाब में शांति बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा करते हुए कहा कि शांति के बगैर कोई उद्योग राज्य में नहीं आएगा, और युवाओं के लिए रोजगार नहीं पैदा होगा।

  • यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच सहमति से तय हुआ नहीं निकलेगी इस वर्ष कांवड़ यात्रा

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    लखनऊ। आम जनजीवन के साथ लगातार त्योहारों को भी प्रभावित कर रहे कोरोना महामारी ने आखिरकार पारंपरिक कांवड़ यात्रा के कदम भी रोक दिए। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच शनिवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस पर सहमति बनी कि इस वर्ष श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा स्थगित रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्मगुरुओं और कांवड़ संघों से वार्ता के बाद उनकी अपील को जनता तक पहुंचाएं और प्रचारित-प्रसारित कराएं

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें तीनों की ओर से इस बात पर चर्चा हुई कि उनके राज्यों में कांवड़ संघों और धर्म गुरुओं ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष श्रावण मास में कांवड़ यात्रा स्थगित रखने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए तीनों मुख्यमंत्रियों ने निर्णय किया कि यात्रा को स्थगित कर दिया जाए।

    इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक जोन और मंडलायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्हें निर्देशित किया कि अधिकारी स्थानीय स्तर पर अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं, कांवड़ संघों, पीस कमेटियों आदि से संवाद करें। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो। किसी भी जगह पर पांच से अधिक लोग एकत्रित नहीं होने चाहिए। दो गज की दूरी, मास्क जरूरी का पालन हर हाल में हो।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्मगुरुओं और कांवड़ संघों से वार्ता के बाद उनकी अपील को जनता तक पहुंचाएं और प्रचारित-प्रसारित कराएं। योगी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पांच या उससे कम की संख्या में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सावधानी के लिए व्यवस्थाएं कर लें। इस अवसर पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेशचंद्र अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    बकरीद पर भी कहीं एकत्रित न हों पांच से अधिक लोग : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद को लेकर भी अधिकारियों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि एक अगस्त को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व है। इस पर्व पर कोई भीड़भाड़ न हो। सभी जिलों में धर्मगुरुओं से बात करें। उनसे भी अपील कराएं कि किसी भी धार्मिक स्थल पर पांच से अधिक व्यक्ति एकत्र न हों। योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में पडऩे वाले सभी पर्वों के दौरान सभी समुदायों के लोगों को जागरूक किया जाए। प्रमुख स्थानों, बाजारों और चौराहों आदि पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दें। सभी स्तर पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना होनी चाहिए।