Category: state-news

  • प्रधानमंत्री का पत्र पहुँचायेंगे भाजपा कार्यकर्ता राजस्थान के 25 लाख घरों तक

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    जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ना केवल दुनिया में भारत का नाम बढ़ाया है बल्कि देश के गरीब, किसान, नौजवान का जीवन भी बदला है।

    डाॅ. पूनिया ने कहा कि पिछले कार्यकाल में मोदी सरकार ने जो ‘‘स्वच्छ भारत मिशन’’ चलाया था उसका महत्व संकट के समय में अब समझ आ रहा है। 40 करोड़ से ज्यादा जो ‘‘जन-धन खाते’’ खोले थे आज सोशल डिस्टेंसिंग के समय में सरकारी योजनाओं का लाभ उनके जरिये सीधा लोगों तक पहुँच रहा है। ‘‘उज्जवला योजना’’ में मोदी सरकार की तरफ से गरीब महिलाओं को दिये गये 8 करोड़ से ज्यादा मुफ्त गैस कनैक्शन ने उन्हें धुएं से आजादी दिलाने का काम किया है। पिछले कार्यकाल मंे ही गरीब परिवारों को ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना’’ में 2 करोड़ से अधिक घर बनाकर देने का काम मोदी ने सरकार ने किया है। करोड़ों की संख्या में शौचालयों का निर्माण, हजारों गाँवों तक बिजली पहुँचाने, लाखों किलोमीटर तक सड़को का जाल बिछाने, दुश्मन के हमलों का मुँहतोड़ जवाब देने सहित भारत के विकास और गौरव के लिए मोदी सरकार ने अनेकों काम किये है।

    डाॅ. पूनिया ने कहा कि मोदी सरकार-2 के सफलतम 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर चलाये जाने वाले अभियान की शुरूआत प्रदेश भारतीय जनता पार्टी सेवा के कामों से करेगी। इसके लिए जून के प्रथम सप्ताह से भाजपा के सभी मोर्चो के कार्यकर्ता जनता में मास्क एवं सेनेटाइज का वितरण करेंगे एवं लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करेंगे। प्रदेश के 25 लाख घरों तक सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए दो-दो कार्यकर्ता प्रधानमंत्री का पत्र लेकर जायेंगे और भाजपा सरकार की नीतियों और कार्य योजना की जानकारी देंगे। इस बदले दौर में भाजपा प्रदेश के 7 सम्भागों, 44 संगठनात्मक जिलों एवं 200 विधानसभाओं में वर्चुअल रैली करेगी। बूथ स्तर पर पार्टी के आॅफिशियल व्हाॅट्सअप ग्रुप बनाये जायेंगे। प्रदेश के बाद सम्भाग, जिला व पंचायत समिति स्तर पर पत्रकार वार्ताओं का आयोजन होगा।

  • सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीनों मंत्री जारी रखेंगे सेल्फ क्वारंटाइन

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    देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं मंत्रियों मदन कौशिक, हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल समेत बीते शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मौजूद शासन के सभी अधिकारियों को सोमवार शाम जिलाधिकारी देहरादून की रिपोर्ट में लो रिस्क करार दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर कामकाज की छूट मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री एवं तीनों मंत्रियों ने सावधानी बरतते हुए सेल्फ क्वारंटाइन में ही रहने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी डीएम की रिपोर्ट के बाद ही देर शाम सचिवालय पहुंचे।

    काबीना मंत्री सतपाल महाराज की कोरोना जांच रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आने के बाद सरकार में खलबली मच गई थी। महाराज बीते रोज ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती हो गए थे। बीती 29 जून को कैबिनेट बैठक में महाराज भी शामिल हुए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उक्त तीनों मंत्रियों ने सेल्फ क्वारंटाइन करने का निर्णय लिया था। सरकार ने यह तय किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जिलाधिकारी देहरादून की रिपोर्ट के आधार पर ही सीएम और मंत्रियों के साथ ही बैठक में मौजूद शासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को क्वारंटाइन करने या अन्य बंदोबस्त के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

    हालांकि बीती रात्रि स्वास्थ्य महकमे ने केंद्रीय गाइडलाइन का हवाला देते हुए कैबिनेट बैठक में काबीना मंत्री महाराज के बेहद करीब जाने वाले और उनके संपर्क में आने वालों का हाई रिस्क और लो रिस्क के आधार पर आकलन करने की बात कही थी। इसी आधार पर महकमे ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को लो रिस्क में करार देते हुए क्वारंटाइन नहीं करने और उनके कामकाज करने पर स्थिति साफ कर दी थी। सोमवार को जिलाधिकारी की रिपोर्ट में यही जिक्र होने से सरकार ने राहत की सांस ली।

    मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी सोमवार को सचिवालय आने से गुरेज किया। रिपोर्ट मिलने के बाद ही देर शाम करीब सात बजे उन्होंने सचिवालय पहुंचकर कामकाज निपटाया। मुख्य सचिव ने कहा कि डीएम की रिपोर्ट के अनुसार लो रिस्क में आने वाले सभी अपना कामकाज शुरू कर सकेंगे। इस संकटकाल में प्रदेश में जरूरी कार्यो को तेजी से अंजाम देना आवश्यक है।

    सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि डीएम की रिपोर्ट में कामकाज जारी रखने को कहा गया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री एवं तीनों मंत्रियों ने सेल्फ क्वारंटाइन जारी रखने का निर्णय लिया है।

     

  • भाजपा विधायक द्वारा सोनू सूद से मदद मांगने पर कांग्रेस का तंज, कहा-….

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    भोपाल। मध्यप्रदेश के रीवा जिले से भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा अपने क्षेत्र के मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद से मदद मांगे जाने के मामले पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य की शिवराज सरकार लाखों मजदूरों को वापस लाने के दावे कर रही है और उसी के विधायक को सोनू सूद से मदद मांगनी पड़ रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने भाजपा विधायक राजेंद्र शुक्ल के ट्वीट को लेकर ट्वीट किया, “मप्र की कड़वी सच्चाई को उजागर करता राजेंद्र शुक्ल का यह ट्वीट, शिवराज जी, देख लीजिए पूर्व मंत्री एवं रीवा से वर्तमान भाजपा विधायक को आपकी सरकार पर भरोसा नहीं रहा तो उन्हें मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए मजबूरी में एक्टर सोनू सूद से मदद लेनी पड़ रही है।”

    यादव ने राजेंद्र शुक्ल के उन ट्वीट को रीट्वीट भी किया है, जिनमें कहा गया है कि “सोनू सूद जी, रीवा व सतना निवासी काफी दिनों से मुंबई में फंसे हुए हैं और अभी तक वापस नहीं पहुंच पाए हैं। कृपया इनको वापस लाने में हमारी मदद करें।”

    इस पर सोनू सूद ने जवाब दिया, “सर, अब कोई भाई कहीं नहीं फंसेगा। आपके प्रवासी भाइयों को कल आपके पास भेज देंगे सर। कभी एमपी आया तो पोहा जरूर खिलाना।”

    उसके बाद शुक्ल ने सोनू सूद को धन्यवाद देते हुए लिखा, “धन्यवाद सोनू सूद जी, विंध्य की पावन भूमि में आपका हमेशा स्वागत है। मुंबई में अभी बचे हुए 168 में से करीब 55 लोगों को भिजवा दिया गया है। 113 लोग बचे हुए हैं, जिन्हें सकुशलता से भिजवाने के लिए मैं आपको अग्रिम धन्यवाद व भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

    कांग्रेस के हमलों का जवाब देते हुए राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को लिखा, “मेरे अकर्मण्य कांग्रेसी मित्रो, रीवा में पिछले तीन हफ्तों में 45 श्रमिक ट्रेन 42 हजार ज्यादा लोगों को वापस ला चुकी हैं। इसके अलावा 1,500 बसों से 75 हजार विंध्यवासियों को देश व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाया गया है। यह केंद्र व प्रदेश सरकार के सहयोग एवं समन्वय से ही संभव हुआ है।”

    उन्होंने आगे लिखा, “कोरोना काल में घरों में छुपे कांग्रेसियों को पता ही नहीं कि लाखों विंध्यवासी केंद्र व प्रदेश सरकार के सहयोग से वापस आ चुके हैं। विगत 2 माह में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लोगों तक भाजपा संगठन, समाजसेवी व निजी संबंधों से लगातार राशन, चिकित्सा और आर्थिक सहायता का इंतजाम किया गया।”

    सोनू सूद विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों की मदद करने के कारण इन दिनों चर्चाओं में हैं। वह इन मजदूरों को घरों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

  • बिहार में क्वारंटीन सेंटर होंगे 15 जून से बंद …

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    पटना । दूसरे प्रदेशों से बिहार में आने वाले लोग अब क्वारंटीन सेंटरों में नहीं रखे जाएंगे। सरकार की योजना 15 जून से सभी क्वारंटीन सेंटरों को बंद कर देने की है। इस बीच हालांकि डोर टू डोर स्क्रीनिंग जारी रहेगी और रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल कैंप कार्यरत रहेंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि अब आपदा राहत केन्द्रों की संख्या कम हो रही हैं, क्योंकि ज्यादातर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। बिहार के विभिन्न शहरों में ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक एवं अन्य जरूरतमंद लोगों के भोजन, आवासन एवं उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए वर्तमान में 53 आपदा राहत केंद्र कार्यरत है, जिससे लगभग 11,789 लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा, “ब्लॉक क्वारंटीन सेंटर की संख्या अभी 11,581 है, जिसमें 5 लाख 26 हजार 768 लोग रह रहे हैं। अभी तक ब्लॉक क्वारंटीन सेंटर में कुल 14 लाख 3 हजार 576 लोग रह चुके हैं, जिसमें से 8 लाख 76 हजार 808 लोग क्वारंटीन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं।”

    आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि बिहार आने वाले अधिकतम लोग वापस आ चुके हैं। 15 जून से क्वारंटँन सेंटर बंद करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में कोरोना को लेकर चिकित्सा सुविधाएं मौजूद रहेंगी।

    उल्लेखनीय है कि राज्य में तीन मई से ट्रेनों से मजदूरों के आने का सिलासिला जारी है। तीन मई के बाद 2,743 प्रवासी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें महाराष्ट्र के 677, दिल्ली के 628, गुजरात के 405, हरियाणा के 237, उत्तर प्रदेश के 149 सहित अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं।

  • सहकारिता मंत्री ने पत्र लिखा केन्द्रीय कृषि मंत्री को ….

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    जयपुर। प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि समर्थन मूल्य पर होने वाली जिंस खरीद का लाभ समस्त किसानों को मिलना चाहिए। केन्द्र सरकार इस सम्बन्ध में नीति बनाये कि समर्थन मूल्य की खरीद में प्रत्येक किसान से एक निश्चित मात्रा में उपज की खरीद हो।

    सहकारिता मंत्री ने बताया की भारत सरकार द्वारा खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि स्वागत योग्य कदम है और इसका फायदा किसानों को मिलेगा। उन्होनें बताया कि केन्द्र सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है वही दूसरी तरफ किसानो का बहुत बडा तबका सरकार की योजना से वंचित है। ऐसे में समान नीति बनाकर सभी किसानो को लाभांवित किया जाये।
    आंजना ने बताया कि समर्थन मूल्य खरीद में किसी भी राज्य की उपज का 25 प्रतिशत ही खरीदा जाता है। केन्द्र सरकार द्वारा इस नियम से 10 से 20 प्रतिशत किसान ही अपनी उपज एमएसपी पर बेच पाते है। ऐसे में किसानों का बड़ा वर्ग बाजार में ओने-पोने दाम पर फसल बेचने को मजबूर होता है, और उसकी आय में बढोतरी नही हो पाती है। अतः कोरोना महामारी देखते हुए एमएसपी का लाभ सभी किसानों को मिले इसके लिए केन्द्र सरकार को शीघ्र कदम उठाने चाहियें।

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  • लालू का सत्ताधारी पार्टी पर निशाना, दिए नीतीश राज को 18 नाम…

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    पटना । बिहार में इस साल होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर करीब सभी दलों ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसे लेकर राजद प्रमुख लालू प्रसाद के ट्विटर हैंडल से लगातार सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा जा रहा है। सोमवार को लालू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर नीतीश राज को 18 नाम देकर निशाना साधते हुए ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील गई।

    लालू के ट्विटर हैंडल से काव्यात्मक रूप से ट्वीट कर लिखा गया, ” पंद्रह साल से बिहार में छल-बल राज, दलदल राज, अनर्गल राज, वाक्छल राज, निष्फल राज, विफल राज, अमंगल राज, कोलाहल राज , हलाहाल राज, अकुशल राज, बंडल राज, अड़ियल राज, मरियल राज, घायल राज, इलीगल राज, अनैतिक राज, दुशासन राज, विश्वासघाती राज। इसे उखाड़ने का करो काज, लाओ गरीब-गुरबे का राज।”

    उल्लेखनीय है कि चर्चित चारा घोटाला के कई मामलों में लालू सजा काट रहे हैं। फिलहाल वे स्वास्थ्य कारणों से रांची के रिम्स में भर्ती हैं, लेकिन ट्वीट कर लगातार सरकार पर निशाना साधते रहते हैं।

  • MP के पूर्व मंत्री ने छोड़ी चप्पल पानी जलसंकट को लेकर

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    ग्वालियर। मध्यप्रदेश में कमल नाथ की सरकार गिराने वालों में से एक पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की पानी की समस्या के निपटारे की मांग को लेकर चप्पल पहनना छोड़ दिया है। उन्होंने संकल्प लिया है कि जलसंकट का समाधान होने तक कड़ी धूप में भी नंगे पैर ही सड़क पर चलेंगे। तोमर की गिनती पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों में होती है। वे ग्वालियर से विधायक रहे हैं। कमल नाथ सरकार में मंत्री भी थे। सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद जिन 22 तत्कालीन विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामा था, उनमें एक तोमर भी थे।

    तोमर अपनी विधानसभा क्षेत्र की पेयजल संबंधी समस्या के निराकरण के लिए लगातार प्रयासरत हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक पानी की समस्या का निदान नहीं हो जाता, नंगे पैर ही चलेंगे, चप्पल नहीं पहनेंगे।

    वहीं, उनके विरोधी उन पर यह कहकर तंज कस रहे हैं कि तोमर ने मंत्री पद पाने के लिए चप्पल-त्याग किया है। विरोधियों का तर्क है कि तोमर ने चर्चा में बने रहने और मुख्यमंत्री का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ऐसा किया है। जबकि तोमर का कहना है कि उन्होंने यह कदम क्षेत्र की जनता के लिए उठाया है।

    तोमर लगातार चर्चाओं में रहते आए हैं। पिछले दिनों उन्होंने ग्वालियर में नाले में उतरकर सफाई की थी और उसके बाद भोपाल स्थित अपने आवास के पार्क में झाडू लगाई थी। इतना ही नहीं, मास्क न लगाने को लेकर जब उनके बेटे का एक पुलिसकर्मी से विवाद हुआ तो खुद बेटे को लेकर पुलिस के सामने पहुंच गए और बेटे से सार्वजनिक तौर पर माफी भी मंगवाई थी।

  • मध्यप्रदेश में 96 प्रतिशत किसानों से खरीदा हुआ गेहूं सुरक्षित

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    भोपाल । मध्य प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया है कि किसानों से खरीदे गए गेहूं में से लगभग 96 फीसदी गेहूं सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गया है। जिन स्थानों पर खरीदी जारी है, वहां बारिश के कारण गीला होने के बावजूद किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मिश्रा ने गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में अब तक एक करोड़ 25 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीदी हो चुकी है। उसमें से लगभग 96 प्रतिशत गेहूं सुरक्षित गोदाम आदि स्थानों पर पहुंच चुका हैं। अधिकांश जिलों में गेहूूं की खरीदी बंद हो चुकी है, वहीं जो पांच जिले कोरोना से ज्यादा प्रभावित थे, वहां खरीदी हो रही है।

    बारिश के कारण किसानों और गेहूं को नुकसान होने के सवाल पर डॉ. मिश्रा ने कहा, “किसानों को समस्या नहीं होगी क्योंकि वह तो अपना गेहूं बेच चुका है, सरकार उसे खरीद चुकी है, इसलिए किसान को नुकसान नहीं हो रहा, उसका तो भुगतान भी हो चुका। जिनके खातों में रकम नहीं पहुंची वह भी पहुंच जाएगी। जहां तक बारिश से नुकसान की बात है तो वह सही है। जो बारिश 15 से 20 दिन बाद होना थी वह निसर्ग के कारण पहले आ गई। यह प्राकृतिक आपदा है और प्रकृति पर किसी का जोर नहीं होता। इसलिए अब जो भी आवश्यक और उचित हो सकेगा वह किया जाएगा।”

    कई स्थानों पर बारिश के कारण किसानों का मंडी के बाहर ही गेहूं गीला होने की शिकायतों के सवाल पर डॉ. मिश्रा ने कहा किसान को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, गेहूं गीला होने के बाद भी खरीदा जाएगा। वर्तमान में कोरोना से ज्यादा प्रभावित पांच जिलों में ही खरीदी हो रही है। यहां देर से खरीदी शुरु की गई है।

  • राजस्थान में 13 लाख किसानों ने उठाया लाभ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का

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    जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2019 के अन्तर्गत प्रदेश में 13 लाख पात्र बीमित किसानों को 2 हजार 261 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है। यह कुल क्लेम का 91 प्रतिशत है।

    कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि फसल बीमा योजना के अन्तर्गत खरीफ-2019 में कुल 2 हजार 496 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का आंकलन किया गया था, जिसमें से 2 हजार 261 करोड़ रुपए के क्लेम का वितरण किया जा चुका है। यह कुल क्लेम का लगभग 91 प्रतिशत है और इससे 13 लाख बीमित काश्तकार लाभान्वित हुए हैं।

    कटारिया ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में खरीफ-2019 का पूरा क्लेम वितरित कर दिया गया है। अन्य 14 जिलों में भी कुल देय बीमा क्लेम में से अधिकांश का भुगतान किया जा चुका है। शेष पांच जिलों के बकाया बीमा क्लेम के भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पात्र बीमित काश्तकारों को उनका बीमा क्लेम मिल जाएगा।

    लॉक डाउन में बांटा 2386 करोड़ का क्लेम

    कृषि मंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से 13 लाख बीमित किसानों को बीमा कम्पनियों से 2 हजार 386 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का भुगतान करवाया गया है।

    1 जनवरी 2019 के बाद 6041 करोड़ के बीमा क्लेम का वितरण
    कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 1 जनवरी 2019 से अब तक 6 हजार 41 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है। इस क्लेम राशि से 42 लाख 31 हजार पात्र बीमित किसानों को राहत मिली है।

  • मध्य प्रदेश में भारी बारिश की 27 जिलों में चेतावनी

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    भोपाल । मध्य प्रदेश में निसर्ग तूफान का असर नजर आ रहा है। बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो में 27 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य में बुधवार की रात से निसर्ग तूफान के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वहीं गुरुवार की सुबह से कई स्थानों के आसमान पर बादलों का डेरा है और बूंदाबांदी भी हो रही है, इससे गर्मी से राहत है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के 52 में से 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है ।

    मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, सीहोर भोपाल, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास और अशोकनगर में भारी बारिश हो सकती है।