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  • कोविड-19: पजाब में सभी मॉल, किसान मंडी और म्यूजियम मंत्री समूह के आदेशों के अनुसार 31 मार्च तक रहेंगे बंद

    कोविड-19: पजाब में सभी मॉल, किसान मंडी और म्यूजियम मंत्री समूह के आदेशों के अनुसार 31 मार्च तक रहेंगे बंद

    चंडीगढ़। कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार से प्राप्त एडवाइजरी के मद्देनजर मंगलवार को मंत्री समूह ने लोगों के ज्यादा संख्या में एकत्रित होने को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए हैं। स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की बैठक ने सभी धार्मिक संस्थानों, डेरा प्रमुखों को एडवाइजरी जारी करके अपनी धार्मिक सभाओं को स्थगित करने के अलावा सभी शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मॉल, म्यूजियम, स्थानीय साप्ताहिक किसान मंडियों को 31 मार्च, 2020 तक बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

    भारत सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी पर अमल करते हुए मंत्री समूह ने मैरिज पैलेसों में आयोजित होने वाले विवाह समारोहों में लोगों की संख्या को सीमित करने का भी निर्णय लिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं कि मैरिज पैलेसों में किसी भी समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित न होने दिया जाए। इसी तरह उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी रेस्तरां, होटल, ढाबे और फूड कोर्टस अपने यहांं हैंड वॉशिंग प्रोटोकॉल लागू कर रहे हैं तथा व्यक्तियों और टेबलों के बीच 1 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के अलावा बार-बार छुए जाने वाली सतहों की उचित सफाई कर रहे हैं।

    राज्य में सभी शॉपिंग कॉम्पलेक्स और मॉल तथा सिनेमाघर 31 मार्च तक बंद रहेंगे जबकि मॉल्स में केमिस्ट और किराने की दुकानें खुली रहेंगी। इसी तरह राज्य में सभी स्थानीय साप्ताहिक किसान मंडियों को एक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने को रोकने के लिए बंद कर दिया गया है। मंत्री समूह ने रेहड़ीवालों को जनता की सुविधा के लिए गलियों में सब्जियां बेचने की अनुमति दी है।

    मंत्री समूह ने परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और अन्य निजी शिक्षण संस्थानों के प्रशासनिक इकाईयों को भी निर्देश दिए हैं, यदि परीक्षाओं के आयोजन की सख्त आवश्यकता है, तो वह विशेष संस्थान और स्कूल जिला प्रशासन को सूचित करेंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दो छात्रों के बीच एक मीटर की दूरी बनी रहे।

    मंत्री समूह ने राज्य में वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और महत्वपूर्ण स्थानों पर निर्धारित दवाओं की उपलब्धता और मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती का जायज़ा लिया। मंत्री समूह ने इस तथ्य पर गंभीर विचार व्यक्त किया कि कोविड-19 ने यूरोप को ठहराव की स्थिति पर लाकर खड़ा कर दिया है और यूरोप के सभी व्यावसायिक, शिक्षा, धार्मिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है।

    इस बैठक में मंत्री समूह के सदस्य जिसमें ओम प्रकाश सोनी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला और भारत भूषण आशु के अलावा करण अवतार सिंह, मुख्य सचिव, अनुराग अग्रवाल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डीके तिवारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, मनवेश सिंह सिद्धू, एमडी पीएचएससी, भूपिन्दर सिंह निदेशक स्थानीय निकाय विभाग और डॉ. अवनीत कौर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भी उपस्थित थे।

  • पंचकूला के तीन पशु मालिक लाईव स्टोक शो में सम्मानित

    पंचकूला के तीन पशु मालिक लाईव स्टोक शो में सम्मानित

    पंचकूला। पशु पालन विभाग द्वारा राज्य स्तर पर करनाल में आयोजित लाईव स्टोक शो के दौरान पंचकूला के तीन पशु मालिकों को सम्मानित किया गया है। पशु पालन विभाग के उपनिदेशक सुखदेव राठी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पंचकूला जिला के किसानों ने इस प्रदर्शनी में पहली बार भाग लिया, जिस पर उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बाल्यान व हरियाणा के कृषिमंत्री जयप्रकाश दलाल द्वारा नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में जिला के 10-12 किसानों ने भाग लिया, जिसमें से चार किसानों को उच्च क्वाॅलिटी के पशु रखने पर सम्मानित किया गया।

    उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में बेलवाली गांव के बलविंद्र कुमार को गायों की दुग्ध प्रतियोगिता में प्रथम आने पर 31 हजार रुपए का इनाम देकर सम्मानित किया गया। गांव टिब्बी के बरखाराम को सांड प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर 11 हजार रुपये की राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया है। इसी प्रकार खेतपराली के हिसम सिंह व गणेशपुर के मामचंद को गायों की दुग्ध प्रतियोगिता में 2100-2100 रुपए की राशि प्रदान कर सांत्वना पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया।

  • कोरोना वायरस: नहीं बेचे जा सकेंगे एमआरपी से अधिक पर मास्क और हैंड सैनिटाईजर

    कोरोना वायरस: नहीं बेचे जा सकेंगे एमआरपी से अधिक पर मास्क और हैंड सैनिटाईजर

    धर्मशाला। जिला दण्डाधिकारी कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने कोरोना के दृष्टिगत, जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश, 1977 की धारा 3(1) (डी) में प्रदत्त शक्तियों के तहत मास्क और हैंड सैनिटाईजर पर अधिकतम मुनाफे की दरें तय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
    अधिसूचना के तहत दो व तीन प्लाई सर्जिकल मास्क एवं एन95 मास्क पर थोेक लेन-देन में अधिकतम 5 प्रतिशत मुनाफा तय किया गया है जबकि खुदरा लेनदेन में अधिकतम 10 प्रतिशत मुनाफा तय किया गया है। इसके अलावा हैंड सैनिटाईजर पर थोक लेन-देन पर अधिकतम 5 प्रतिशत मुनाफा तय किया गया है जबकि खुदरा व्यापारी हैंड सैनिटाईजर को एमआरपी से अधिक पर नहीं बेच पाएंगे।

    जिला दण्डाधिकारी ने बताया कि कोई भी थोक व्यापारी एक ही स्थान पर किसी दूसरे थोक व्यापारी को वस्तु हस्तांतरण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थोक व्यापारी अपने विक्रय का कैश मेमो जारी करेगा जिसे खुदरा व्यापारी को जांच करने वाले अधिकारी को दिखाना आवश्यक होगा।

    राकेश प्रजापति ने कहा कि इस अधिसूचना के उपरांत सभी थोक व्यापारी अपने पास उपलब्ध 2 व तीन प्लाई के मास्क और एन95 मास्क और हैंड सैनिटाईजर के उपलब्ध स्टॉक की स्थिति बारे सूचना जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले को देना सुनिश्चित करेगा और 2 व तीन प्लाई के मास्क और एन95 मास्क और हैंड सैनिटाईजर से सम्बन्धी विक्रय का रिकाॅर्ड रखना सुनिश्चित करेगा को निरीक्षण के समय इसे निरीक्षण अधिकारी को उपलब्ध करवाएगा।

  • बिहार: महागठबंधन से नाराज होकर नीतीश कुमार से मिले जीतनराम मांझी

    बिहार:  महागठबंधन से नाराज होकर नीतीश कुमार से मिले जीतनराम मांझी

    पटना। बिहार में विपक्षी महागठबंधन से नाराज से चल रहे प्रमुख घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बीच, दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट बातें हुईं। मांझी इन दिनों महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनने से नाराज चल रहे हैं। इस कारण इस मुलाकात के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

    मांझी मंगलवार रात अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां एक बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बात हुई। मुलाकात के बाद में मांझी ने हालांकि इस मुलाकात को लेकर पत्रकारों से कोई बात नहीं की।

    इधर, हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मांझी जी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की है।

    उन्होंने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि जब दो राजनेता मिलते हैं तो राजनीति की बात तो होती ही है।

    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दल JDU के प्रमुख नीतीश कुमार और महागठबंधन के घटक दल हम के नेता मांझी के इस मुलाकात में राजनीति की क्या बातें हुईं, इसे लेकर अब सियासी कयास लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मांझी ने मंगलवार सुबह महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था।

  • LETTER POLITICS IN MADHYA PRADESH: दिया जवाब राज्यपाल ने , कार्यपालिका का काम विधायकों को सुरक्षा देने का

    LETTER POLITICS IN MADHYA PRADESH: दिया जवाब राज्यपाल ने , कार्यपालिका का काम विधायकों को सुरक्षा देने का

    भोपाल। मध्यप्रदेश से कथित तौर पर लापता हुए 16 विधायकों की सुरक्षा को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की ओर से लिखे गए पत्र का राज्यपाल लालजी टंडन ने जवाब दिया है और कहा है कि विधायकों और आम नागरिकों को सुरक्षा देने का काम कार्यपालिका का है। यह पत्र त्रुटिवश उन्हें भेजा गया होगा, ऐसी आशंका भी राज्यपाल ने जताई है। विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने मंगलवार की रात को राज्यपाल को एक पत्र लिखकर विधायकों के लापता होने और उनकी सुरक्षा को लेकर पत्र लिखा था, इस पत्र का देर रात लगभग तीन बजे राज्यपाल की ओर से जवाब दिया गया है।

    राज्यपाल की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बीते 8-10 दिन से आप जिस पीड़ा से गुजर रहे होंगे, उसका भी मुझे अंदाजा हो रहा है। यद्यपि इन दिनों में इस संबंध में सदस्यों की जानकारी प्राप्त करने बावत आपके द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख पत्र में नहीं है। फिर भी मैं मानता हूं कि निश्चित रूप से आप ने समुचित प्रयास किए होंगे।

    विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा दिए गए 22 विधायकों से छह सदस्यों के त्यागपत्र स्वीकार करने का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि, छह सदस्यों के त्यागपत्र स्वीकार किए जाने के निष्पक्ष, साहस पूर्ण और शीघ्र किए गए निराकरण की भी मैं प्रशंसा करता हूं। आप अध्यक्ष के नाते भली-भांति अवगत होंगे कि किस सदस्य के इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया अथवा विधान सभा की बैठक आहूत होने के उपरांत बिना सूचना के अनुपस्थित होने पर किस विधि प्रक्रिया का पालन कर क्या कार्यवाही की जानी चाहिए, हालांकि विधायकों के त्यागपत्र के आवेदन के निराकरण में आपको हो रहे असमंजस का भी मुझे आभास है।

    विधायकों द्वारा भेजे गए त्यागपत्र और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों के लापता होने के जिक्र पर राज्यपाल ने लिखा है, तथाकथित लापता विधायकों से आपको और मुझे लगातार पत्र प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें अपने किसी भी पत्र में जहां पर भी वे वर्तमान में हैं, अपनी ओर से कोई समस्या व्यक्त नहीं की है। उनके पत्र व वीडियो लगातार समाचार पत्रों, इलेक्ट्रनिक और सोशल मीडिया में आ रहे हैं और अब वे सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गए हैं।

    इसके साथ ही राज्यपाल ने लिखा है, विधायकों की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व कार्यपालिका का है और आप उससे ही सुरक्षा चाहते होंगे किंतु त्रुटिवश यह पत्र मुझे प्रेषित हुआ प्रतीत होता है।

    ज्ञात हो कि, मंगलवार देर शाम को विधानसभाध्यक्ष प्रजापति ने राज्यपाल टंडन को पत्र लिखा था। जिसमें कहा था, एक गंभीर विषय की तरफ आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं, राज्य की विधानसभा के 16 सदस्यों के त्यागपत्र अन्य माध्यम से प्राप्त हुए हैं। यह त्यागपत्र विचाराधीन है। इस्तीफा देने वाले 16 विधायक 16 मार्च को विधानसभा की बैठक में भी अनुपस्थित रहे। उक्त सदस्यों में से कुछ के परिजनों द्वारा उनकी सुरक्षा के संबंध में चिंता भी व्यक्त की गई है।

    विधानसभा का पीठासीन प्रमुख होने के नाते मैं अपने इन सदस्यों के लापता होने को लेकर बेहद चिंतित हूं।

  • कमलनाथ की कार्यशैली पर कांग्रेस के बागी विधायकों ने लगाया आरोप, ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया अपना नेता

    कमलनाथ की कार्यशैली पर कांग्रेस के बागी विधायकों ने लगाया आरोप, ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया अपना नेता

    बेंगलुरु। बेंगलुरु के रिजॉर्ट में रुके हुए कांग्रेस के बागी विधायकोंं ने आज सुबह मीडिया से संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पर प्रदेश में अनदेखी करने का आरोप लगाया।
    आपको बताते जाए कि इससे पहले यहां कांग्रेस से बगावत कर चुके 16 विधायक रुके हुए हैं जिन्होंने राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा भेज चुके हैं। हालांकि, अभी तक ये इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।

    कांग्रेस बागी विधायकों ने कहा है कि हमें किसी ने बंधक नहीं बना रखा हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाडा के अलावा किसी भी जगह विकास कार्य नहीं करवा रहे हैं। हम सब उपचुनाव के लिए तैयार हैं।
    बागी विधायकों का कहना है कि हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। हालांकि, विधायकों का कहना है कि अभी उन्होंने भाजपा में जाने पर निर्णय नहीं लिया है, वे इसपर विचार करने के बाद फैसला करेंगे।

  • 21 साल की बहू से 65 साल के ससुर ने कर ली शादी, सामने आयी ये हैरान करने वाली वजह !

    21 साल की बहू से 65 साल के ससुर ने कर ली शादी, सामने आयी ये हैरान करने वाली वजह !

    समस्तीपुर। आज के समय में किसी का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता कोई कब क्या कर जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में आज हम कुछ ऐसी ही खबर आपको बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। जी दरअसल हम बात कर रहे हैं बिहार की जहाँ से एक ऐसी खबर सामने आई है कि सुनकर आपके होश उड़ सकते हैं। जी दरअसल बिहार के समस्तीपुर जिले में एक 65 साल के रोशन लाल ने हाल ही में अपनी ही 21 साल की बहू सपना से शादी कर ली है। वहीं लोगों ने जब उनसे इस बारे में सवला पूछना शुरु किया तो उन्होंने अपनी शादी को मजबूरी का नाम दे दिया।

    इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक रोशन लाल का कहना है कि, ये शादी उन्होंने मजबूरी में की जिससे उस लड़की के घर की इज्जत खराब ना हो। जी दरअसल इस पूरे मामले के बारे में बात करते हुए बताया गया कि रोशन लाल यादव ने अपने बेटे पप्पू की शादी सपना से तय की थी, और बारात लेकर वे सपना के घर तक पहुंच गए लेकिन वहां कुछ ऐसा हो गया कि रोशन लाल को ये कदम उठाना पड़ा। वहीं इस मामले में यह भी बताया गया है कि बारात स्थल पर पप्पू शादी के दिन ही सबकुछ छोड़कर भाग गया ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पप्पू किसी और लड़की से प्यार करता था।

    वहीं पप्पू रोशन लाल के डर से शादी के लिए तैयार तो हो गया लेकिन शादी के मंडप तक नहीं गया और बिना कुछ कहे उसके शादी छोड़कर भागने से पिता को बड़ा सदमा लगा। उसके बाद उन्होंने सोचा इससे सपना के घरवालों की खूब बदनामी होगी और उन्होंने दोनों परिवारों की इज्जत रखने के लिए सपना से शादी कर ली. वैसे इस खबर में कितनी सच्चाई है इसकी जांच करने के लिए पुलिस जुटी है और कई लोगों का कहना है बुजुर्ग से शादी करके 21 साल की लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दी गई है।

  • Covid-19 : युवा कोरोना के खतरे से काफी हद तक थे बेपरवाह, 9 संक्रमित मरीजों में 8 युवा

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    पटना। कोरोना वायरस के संक्रमण (Corona virus infection) को लेकर जो आम धारणा है, वह यह कि इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही है. हालांकि बिहार के मामले में स्थिति थोड़ी अलग दिख रही है. बिहार में अब तक कोरोना से संक्रमित कुल 9 लोगों में आठ की उम्र 38 वर्ष या फिर इससे कम है। केवल नेपाल (Nepal) से आनेवाली दीघा की रहनेवाली महिला की उम्र करीब 42 साल है।

    दरअसल शुरुआती दौर में माना जा रहा था कि कोरोना वायरस (Corona virus)का सबसे ज्यादा खतरा 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों या सुगर, दमा, हाइपरटेंशन, कैंसर, हृदय रोग की सर्जरी और फिर किडनी की बीमारी से पीड़ित (डायलिसिस करवा रहे मरीजों) रोगियों को ही है। ऐसे में युवा कोरोना के खतरे से काफी हद तक बेपरवाह थे।

    बिहार समेत दूसरी जगहों पर संक्रमितों में प्रतिशतता को देखते हुए WHO ने हाल ही में युवाओं को कोरोना के खतरे से आगाह भी किया था। हालांकि यहां बताना जरूरी है की पहले जिन लोगों को ज्यादा खतरा बताया गया था वह भी अपनी जगह सही है, लेकिन अब यह साबित हो रहा है कि युवा इससे अछूते नहीं हैं।

  • कोरोना ना फैले इसलिए 300 गांव वालों ने ख़ुद ही एक दूसरे को किया गंजा, खूब हो रही तारीफ़

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    अजमेर । देश में एक के बाद एक कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं और तेजी के साथ लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में सावधानी ही वो माध्यम है जिसका पालन यदि किया गया तो शायद हालात कुछ राहत देने वाले बनें। बात सावधानी की चल रही है तो हमें अजमेर के मायापुर गांव के लोगों से कुछ प्रेरणा लेनी चाहिए। जिन्होंने जो कर दिया है वो हैरत में डालने वाला तो है ही साथ ही ये भी बता रहा है कि अगर जब साथ हों तो नामुमिकन कुछ नहीं है। यहां के 300 लोग ख़ुद गंजे हुए हैं।

    मायापुर गाँव के निवासी मोंटी रावत ने कहा कि वे आम तौर पर अपने बाल कटवाने के लिए अजमेर जाते थे, लेकिन तालाबंदी के बाद उन्हें बिना किसी सहारे के छोड़ दिया गया। लॉकडाउन के बाद, उनके बाल बड़े हो गए और वे अनियंत्रित दिखने लगे, इसलिए, उन्होंने अपने बालों को काटने का निर्णय लिया।

    इसकी शुरुआत तब हुई जब गाँव में रहने वाले दो युवकों ने एक-दूसरे के सिर का मुंडन किया। युवाओं को देखकर, दूसरों ने भी ऐसा करने का फैसला किया। वे गंजे होने में प्रत्येक की मदद करने लगे। एक युवा ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया,  वे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानी बरत रहे हैं कि उनके क्षेत्र में कोई  कोरोनावायरस न हो। उन्होंने कहा कि गाँव से कोई बाहर नहीं जा रहा है और गाँव में प्रवेश करना भी प्रतिबंधित है।

    मायापुर के लोगों ने इसका भी समाधान निकाल लिया है। लॉकडाउन में सैलून बंद होने के कारण गांव के सैकड़ों बच्चे व युवाओं ने खुद ही एक-दूसरे के सिर मूंड दिए हैं. बात सुनने में तोड़ी अटपटी जरूर है मगर सच यही है।नाई से बाल कटवाने पर संक्रमण हो सकता है इसलिए मायापुर के युवाओं और बच्चों ने खुद ही एक दूसरे के बाल मूड़ने का काम शुरू कर दिया है। बताते चलें कि फ़िलहाल 300 लोग मायापुर गांव में गंजे हो गए हैं।

    इस खौफनाक बीमारी को ठिकाने लगाने के लिए एकजुट हुए लोग कितने और किस हद तक सावधान हैं इसका अंदाजा गांव के लोगों की बातें सुन कर लगाया जा सकता है। गांव के नवयुवक हर आने जाने वाले पर पैनी निगाह रखी जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। गांव के लोग बीमारी के प्रति कितने जागरूक है इसे यूं भी समझ सकते हैं कि साथ आए लोगों की ये बैरिकेडिंग उस घोषणा के एक हफ्ते बाद हटाई जाएगी जब सरकार लॉक डाउन ख़त्म करेगी।

    बताते चलें कि मायापुर गांव के तीन रास्तों पर स्थापित की गई चौकियों में गांव के लड़के 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं और यहां ये काम 4-4 घंटे की शिफ्ट में किया जा रहा है। गांव वालों ने ये भी बताया है कि यदि उन्हें कोई इलाके में संदिग्ध दिख रहा है तो वो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दे रहे हैं।

    हो सकता है पहली नजर में गांव के लोगों द्वारा की गयी ये हरकत किसी को भी हंसने पर मजबूर कर दे । मगर हमें इसका सकारात्मक पक्ष देखना होगा और इस बात की तारीफ करनी होगी कि ये गांव के लोग उन शहरियों से तो कहीं अच्छे हैं ।जिनके जीवन का फ़िलहाल एक ही मकसद है कि कैसे वो नियमों को तोड़ें और अपनी मनमानी करें।

  • “जिनके लिए काम करने गए, वही नहीं दे रहे थे ध्यान”: नीतीश

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    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि यहां के जो लोग दूसरे जगहों पर काम करने गए थे, वे बहुत परेशानी में थे। जिनके लिए काम करने गए थे, वही ध्यान नहीं दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जो लोग वापस आना चाहते थे, उनमें से अधिकांश आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी ग्राम पंचायत और नगर निकाय के प्रतिनिधियों से बात की और कोरोना से बचाव को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान में सहयोग देने की अपील भी की। उन्होंने इस लॉकडाउन में लोगों के सहयोग देने और स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की भूमिका की तारीफ करते हुए कहा कि इस लॉकडाउन में सभी का सहयोग मिला।

    उन्होंने कहा, “हमारे गांव के लोगों ने इतनी जागरूकता दिखाई कि उन्होंने किसी बाहरी को गांव में आने नहीं दिया।”

    नीतीश कुमार ने कहा है कि हर लोग मास्क जरूर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, इसको लेकर आप सभी जनप्रतिनिधि लोगों को जागरूक करें।

    उन्होंने कहा, “हमने तय किया है कि गांव के हर परिवार को चार मास्क और साबून सरकार देगी। इसपर काफी काम हो चुका है। अब शहरों में भी गरीबों को मुफ्त मास्क मुहैया कराया जाएगा।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्हें बाहर से आना था, उनमें अधिकांश लोग लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेंटर खत्म हो जाने पर अगर कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। बिहार में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में 40 हजार की क्षमता है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाके लिए तीन खास अस्पतालों में 2344 बेड का इंतजाम है।

    उन्होंने दावा करते हुए कि हमलोगों ने आपदा के लिए प्रारंभ से ही काम किया है। यह भी आपदा ही माना गया है। उन्होंने कहा, “हमलोगों की प्रारंभ से मान्यता है कि राज्य के खजाने पर सबसे अधिक अधिकार आपदा पीड़ित का है।”