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  • MP POLITICAL CRISIS:शह-मात का खेल शुरू मध्यप्रदेश की राजनीति में, आज राज्यपाल से मिलेंगे CM कमलनाथ

    MP POLITICAL CRISIS:शह-मात का खेल शुरू मध्यप्रदेश की राजनीति में, आज राज्यपाल से मिलेंगे CM कमलनाथ

    भोपाल। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद वहां की राजनीति में शह-मात का खेल प्रारंभ हो गया है। सिंधिया के करीबी 22 कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफा देकर कमलनाथ सरकार पर संकट में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) के माध्यम से सत्ता में आने की तैयारी में है। इसी बीच, गुरुवार देर रात प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन छुट्‌टी मनाकर भोपाल आ गए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ आज गवर्नर से मुलाकात कर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में अवगत कराएंगे।

    मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और बीजेपी विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के मुद्दे पर आमने-सामने की तैयारी कर रहे हैं। बीजेपी का पूरा जोर 16 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पहले सदन में शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) कराने पर लगी है। दूसरी ओर कांग्रेस ने गेंद विधानसभा अध्यक्ष के पाले में डाल दी है। उन्होंने कहा है कि 22 बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय के बाद ही फ्लोर टेस्ट का सामना करने को हम तैयार हैं।

    इसके बाद विधायकों के इस्तीफों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को निर्णय लेना है और बीजेपी नेताओं ने 22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे उनको सौंप दिए हैं। इन्हें राजभवन भी भेज दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने बेंगलुरु में डेरा डाले बैठे छह मंत्रियों को नोटिस भेजकर आज तलब किया है।

    कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने बताया कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है, यह कौन कह रहा है? क्या किसी विधायक का इस्तीफा हुआ है? बीजेपी वाले ही कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा लाकर दे रहे हैं। यह तो विचित्र स्थिति देखने को मिली है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को लेकर सवाल पर कहा कि वे संविधान के दायरे में रहकर काम करते हैं।

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय हो जाना चाहिए। साथ ही कहा कि विधायकों का इस्तीफा तभी मंजूर होगा, जब विधायक स्पीकर के सामने पहुंचकर अपने हस्ताक्षरों के बिना किसी दबाव के पुष्टि करें। इसके बाद ही फ्लोर टेस्ट आयोजित किया जाएगा।
    आपको बताते जाए कि कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे स्पीकर के पास बीजेपी नेता भूपेंद्र सिंह लेकर आए थे।

  • अतिरिक्त 75 ग्राम का पोषाहार उपलब्ध कुपोषित बच्चों को: ममता भूपेश

    अतिरिक्त 75 ग्राम का पोषाहार उपलब्ध कुपोषित बच्चों को: ममता भूपेश

    जयपुर। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि कुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रति बच्चा अतिरिक्त 75 ग्राम पोषाहार उपलब्ध करवाया जाता है।

    भूपेश ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 362 बच्चों के कुपोषण होने की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ बच्चों को शिविर के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मदद लेकर उपचारित किया गया तथा 20 बच्चों को आगे अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्ति के लिए भारत सरकार की गाइड लांइस के आधार पर राज्य सरकार प्रति बच्चा अतिरिक्त 75 ग्राम अलग पोषाहार उपलब्ध करवाती है।

    उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंडों के आधार पर दुबले बच्चों को ही कुपोषित माना जाता है तथा नाटापन कुपोषण की श्रेणी में नहीं आता क्योंकि यह आनुवांशिक भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषाहार की पूर्ति लगातार जारी है। उन्होेेंने कहा कि पोषाहार में पोषक तत्वों की जांच लगातार की जाती है। अभी हाल ही में राज्य में 19 फरवरी को सभी जिला कलेक्टरों के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों से बच्चों को वितरित किए जाने वाले फूड पैकेट मंगवाये गये तथा उन्हें प्रयोगशाला में भिजवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिस भी स्वयंसेवी संस्था के द्वारा पोषाहार के खाने में पोषक तत्वों की कमी पाई जाएगी, उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा।

    इससे पहले भूपेश ने विधायक दयाराम परमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि समेकित बाल विकास सेवाएं योजनान्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती/ धात्री महिलाओं एवं 11 से 14 वर्ष की स्कूल नहीं जाने वाली किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पूरक पोषाहार की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर गठित महिला स्वयं सहायता समूहों से प्राप्त कर आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से वितरण किया जाता है।

    उन्होंने विधान सभा क्षेत्र खेरवाड़ा के गांवों में कुपोषण के विभिन्न रूपों यथाः- कम वजन , दुबलापन, नाटापन के आधार पर पाये गये बालक एवं बालिकाओं का परियोजनावार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामवार बालकों की संख्या अत्यधिक विस्तृत होने के कारण संबंधित विधायक को पृथक से अवगत करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उक्त विधानसभा क्षेत्र में पाये गये कुपोषित बच्चों में अभिभावकों के द्वारा पोषक तत्वों, भोजन नहीं दिया जाना, प्रथम 6 माह तक बच्चों को समुचित रूप से मां का दूध नहीं पिलाया जाना तथा पोषण के प्रति जागरूकता की कमी इसका कारण रहे हैं।

    भूपेश ने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने उपलब्ध कराये जा रहे पोषाहार का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग की सहायता से स्वास्थ्य जांच तथा कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता लाने का कार्य भी किया जाता है।

    महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर द्वारा खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में नवाचार के तहत कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों के उपचार हेतु 15 दिवसीय उपचार एवं जागरूकता शिविर लगाकर 362 बच्चों को उपचारित किया गया। उन्होंने परियोजनावार विवरण सदन के पटल पर रखा।

     

     

  • निर्विरोध निर्वाचन तय महाराष्ट्र से राज्यसभा के 7 उम्मीदवारों का

    निर्विरोध निर्वाचन तय महाराष्ट्र से राज्यसभा के 7 उम्मीदवारों का

    मुंबई। महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन शुक्रवार को मैदान में मौजूद सभी सात उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है।

    जिन प्रमुख नेताओं ने नामांकन दाखिल किए हैं, उनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के छत्रपति उदयन राजे भोसले शामिल हैं।

    इसके अलावा अन्य उम्मीदवारों में शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, एआईसीसी के महासचिव और कांग्रेस नेता राजीव साटव, भाजपा के भागवत कराड और राकांपा की फौजिया खान शामिल हैं। प्रियंका चतुर्वेदी पिछले साल कांग्रेस से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हुई थीं।

    नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सिर्फ सात उम्मीदवार ही मैदान में मौजूद हैं। नामांकन पत्रों की जांच 16 मार्च को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 18 मार्च है। इसके बाद सभी सात उम्मीदवार बगैर मतदान के निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे।

    यहां एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत है और राज्य में पार्टियों की मौजूदा स्थिति के अनुसार, सेना और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलेगी, राकांपा को दो और भाजपा को तीन सीटें मिलेंगी, जिसमें एक सीट पर पार्टी ने अठावले को समर्थन दिया है।

  • बिहार में एहतियातन 31 मार्च तक बंद स्कूल, कॉलेज, सिनेमा घर

    बिहार में एहतियातन 31 मार्च तक बंद स्कूल, कॉलेज, सिनेमा घर

    पटना। कोरोनावायरस के पैर पसारते देख बिहार में स्कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं, और बिहार दिवस के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। सरकार ने सभी स्पोर्ट्स, इवेंट्स और कल्चरल इवेंट को भी रद्द कर दिया है। नीतीश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को हुई बैठक में इस बाबत निर्णय लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोनावायरस को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने ऐलान किया कि बिहार सरकार ने कोरोनावायरस को लेकर एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी स्कूल-कॉलेज, कोचिंग इंस्टीच्यूट, सभी सिनेमा हॉल, जू-पार्क 31 मार्च तक बंद रहेंगे। लेकिन सीबीएसई की परीक्षाएं जारी रहेंगी। वहीं सरकारी कर्मी भी अल्टरनेट तरीके से इस दौरान दफ्तर आएंगे, ताकि सरकारी दफ्तरों में भीड़ न हो।

    मुख्यसचिव ने बताया कि बिहार में अब तक 60 से अधिक संदिग्धों की जांच हुई है, लेकिन किसी में भी कोरोना के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, बिहार के बॉर्डर इलाकों के साथ ही बोधगया में विशेष नजर रखी जा रही है। क्योंकि वहां विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं।

    मुख्य सचिव ने बताया कि एहतियातन ये कदम उठाए गए हैं। वहीं उन्होंने साफ किया कि नॉनवेज पर सरकार की तरफ से कोई रोक नहीं लगाया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि ये फैसला 31 मार्च तक लागू रहेगा, सोमवार को फिर से इस मसले की समीक्षा की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री पद की महत्वकांक्षाओं की कांग्रेस में रेस: डाॅ. सतीश पूनिया

    मुख्यमंत्री पद की महत्वकांक्षाओं की कांग्रेस में रेस: डाॅ. सतीश पूनिया

    जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनिया ने ओंकार सिंह लखावत को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने के प्रश्न पर विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने अपना यह उम्मीदवार इस उम्मीद के साथ उतारा है, क्योंकि कांग्रेस के अलावा दूसरे दल भी हैं जो इस सरकार के कामकाज से नाराज हैं। हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे और गहलोत सरकार के खिलाफ असंतोष को आधार बनाकर आगे बढ़ेंगे। डाॅ. पूनिया ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति के खुलासे पर इनकार करते हुए कहा हमारी रणनीति का खुलासा नहीं किया जा सकता। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं की रेस जो विधानसभा चुनाव से पहले भी थी और आज भी बरकरार है।

    इसी के चलते जिस तरीके की फूट सरकार में है, वह सदन में और बाहर दिखाई देती है। सरकार कमजोर है, इसलिए बहुत लंबे समय तक चल नहीं सकती। सारी संभावनाएं जिंदा हैं। हम अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करेंगे। कोई परिस्थिति बनेगी, उसका आंकलन करके, उसके बाद निर्णय करेंगे।

  • ध्वनिमत से पारित राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन (संशोधन) विधेयक, 2020

    ध्वनिमत से पारित राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन (संशोधन) विधेयक, 2020

    जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने शुक्रवार को राजस्थान न्यायालय फीस तथा वाद मूल्यांकन (संशोधन) विधेयक-2020 ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले विधि एवं विधिक कार्य मंत्री शांती कुमार धारीवाल ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के बाद धारीवाल ने कहा कि गरीब और पीड़ित के मान-सम्मान को कायम रखने के लिए यह विधेयक लाया गया।

    धारीवाल ने कहा कि मानहानि की नुकसानी के दावों के मामले में न्यायालय फीस अधिकतम 25 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मानहानि के मामलों में ज्यादातर सक्षम व्यक्ति ही सक्षम व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा करता है। गरीब व्यक्ति अधिक फीस के कारण मुकदमा नहीं कर पाता है।

    धारीवाल ने कहा कि जो लोग अधिक फीस के कारण न्यायालय नहीं जा पाते थे उनकी हिचक को दूर करने के लिए यह विधेयक लाया गया। ताकि गरीब व्यक्ति को भी यह अधिकार मिले कि वह कम फीस में भी मानहानि का दावा कर सके। उन्होंने कहा कि धन की वसूली व नुकसान सम्बंधी दावों की कोर्ट फीस को यथावत रखा गया है।

    सदन ने विधेयक को जनमत जानने के लिए प्रचारित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।

  • स्वयं सहायता समूहों तथा युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग पारंपरिक उत्पादों काे बनाने के लिए : राकेश प्रजापति

    स्वयं सहायता समूहों तथा युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग पारंपरिक उत्पादों काे बनाने के लिए : राकेश प्रजापति

    धर्मशाला। उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं को पारंपरिक उत्पादों को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि ये उत्पाद मार्केट में उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकें और बिक्री में भी इजाफा हो सके, इससे स्वयं सहायता समूहों की आमदनी में भी बढ़ोतरी संभव हो सकेगी।

    शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि सभी विकास खंड अधिकारियों को ट्रेनिंग के इच्छुक स्वयं सहायता समूहों की सूची प्रेषित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं इसके साथ ही किस क्षेत्र में कौन से पारंपरिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं उसके बारे में भी विस्तार से जानकारी देने के लिए कहा गया है।

    उपायुक्त ने कहा कि बांस के उत्पाद, पीतल के बर्तन, पोल्ट्री, चंबा रूमाल, कांगड़ा चित्रकला, मैंगो प्रोसेसिंग, पत्तल बनाना इत्यादि पारंपरिक उत्पाद हैं इन्हें और बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी। इस के लिए भी प्लान तैयार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पादों के निर्माण में स्वरोजगार की असीम संभावनाएं हैं तथा इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्वयं सहायता समूहों तथा युवाओं के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है।

    उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चालू वित वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करें तथा ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन के तहत पंचायत को स्वच्छ रखने के लिए प्लान तैयार करें इस के लिए बजट का प्रावधान भी कर दिया जाएगा।

    इससे पहले जिला पंचायत अधिकारी अश्विनी शर्मा ने मुख्यमंत्री ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर कांगड़ा जिला के विकास खंड अधिकारी तथा उद्योग विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • MP:ज्योतिरादित्य सिंधिया भव्य स्वागत के बाद आज भरेंगे राज्यसभा के लिए नामांकन

    MP:ज्योतिरादित्य सिंधिया भव्य स्वागत के बाद आज भरेंगे राज्यसभा के लिए नामांकन

    भोपाल। राज्यसभा की 55 सीटों के लिए आज नामांकन दाखिल करने के लिए अंतिम दिन है। कांग्रेस का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया भी आज भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले गुरुवार को ज्योतिरादित्य का भोपाल पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया था।

    ज्योतिरादित्य सिंधिया दोपहर दो बजे विधानसभा में अपना नामांकन भरेंगे। इससे पहले वे दोपहर 12 बजे होटल छोड़ेंगे, इसके बाद वे सीधे बीजेपी के दफ्तर जाएंगे और वहां से नामांकन दाखिल करने को निकलेंगे।
    भाजपा में आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार भोपाल आए तो कार्यकर्ताओं की ओर से उनका शानदार स्वागत किया गया।

    पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके लिए डिनर का आयोजन किया, रात को शिवराज के घर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर डिनर पर पहुंचे।
    मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए सियासी जंग शह-मात को खेल जारी है। आपको बताते जाए कि चुनाव से ठीक पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया पाला बदलकर भाजपा में आए और पार्टी ने उन्हें तुरंत राज्यसभा भी भेज दिया है। इनके अलावा बीजेपी ने राज्यसभा में सुमेर सिंह सोलंकी को मौका दिया है। वहीं कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बारिया को टिकट दिया गया है।

  • पदोन्नति की कार्यवाही जयपुर डेयरी में नई भर्तियों के बाद की जाएगी: लालचंद कटारिया

    पदोन्नति की कार्यवाही जयपुर डेयरी में नई भर्तियों के बाद की जाएगी: लालचंद कटारिया

    जयपुर। पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि जयपुर डेयरी में नई भर्तियों के बाद पदोन्नति की कार्यवाही की जाएगी।

    कटारिया ने गोपालन मंत्री की तरफ से जवाब देते हुए प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि जयपुर दुग्ध संघ द्वारा अंतिम पदोन्नति 24 फरवरी 2014 को की गई थी। उन्होंने कहा कि जब नई भर्तियां कर दी जाएगी, तब सेवानिवृत्त अधिकारियों को हटा दिया जाएगा तथा विभागीय पदोन्नति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 36 सालों में कोई नई भर्ती नहीं हुई है जबकि दूध का कारोबार 5 गुना बढ़ा है।
    कटारिया ने कहा कि विभाग में 504 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पदों पर सरकार ने मंजूरी दे दी है, उनमें से 172 पद जयपुर डेयरी के लिए स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सहकारी भर्ती बोर्ड को 17 जनवरी 2020 तथा 26 फरवरी 2020 को पत्र लिखे जा चुके हैं।

    इससे पहले कटारिया ने विधायक इन्द्रा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि जयपुर डेयरी में सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः सेवा में रखा गया है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों का नाम, पद एवं कार्य का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को डेलीगेशन ऑफ पावर के सम्बन्ध में संघ के उपनियम 22.1 के तहत प्रबन्ध संचालक दुग्ध संघ के अधिकारों में वर्णित है कि अपनी समस्त या किसी शक्ति एवं उत्तरदायित्वों को अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्यायोजित करना परन्तु अंतिम नियंत्रण एवं अधिकार स्वयं में रहेगा। उन्होंने उक्त के अन्तर्गत प्रबन्ध संचालक जयपुर दुग्ध संघ द्वारा जारी तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों को प्रदत्त प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों से सम्बन्धित कार्यालय आदेश की प्रति सदन के पटल पर रखी।

    उन्होंने कहा कि इसके तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों को तकनीकी कार्य को सुचारू रखने के लिए केवल सीमित प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार प्रदत्त किये गये हैं, किन्तु चेक जारी करने का अधिकार दुग्ध संघ के प्रबन्ध संचालक के पास निहित है ।

    कटारिया ने सेवानिवृत्त अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की सेवाएं समेकित पारिश्रमिक के आधार पर लिये जाने के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्त के सम्बन्ध में कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर द्वारा जारी परिपत्र एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की सेवाएं समेकित पारिश्रमिक के आधार पर लिये जाने के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्त के सम्बन्ध में आरसीडीएफ द्वारा जारी विभिन्न परिपत्रों की छायाप्रतियां सदन के पटल पर रखी। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारियों की नई नियुक्तियां/भर्ती होने पर सेवानिवृत्त अधिकारियों से सीमित प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां वापिस ले ली जाएगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पदोन्नति की कार्यवाही की जाएगी।

  • CORONAVIRUS: – राजस्थान में 30 मार्च तक बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, जिम, सिनेमाघर

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    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ऐहतियात के तौर पर प्रदेश में सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, जिम, सिनेमाघर एवं थियेटर आदि को 30 मार्च तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में आयोजित होने वाले म्यूजिक इन द पार्क तथा नाटक मंचन जैसे कार्यक्रम भी स्थगित रहेंगे।

    गहलोत ने शुक्रवार को देर रात्रि मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में कोरोना की स्थिति की समीक्षा बैठक के दौरान यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने तथा केन्द्र सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के क्रम में ऐहतियात के तौर पर संक्रमण से बचाव के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    मुख्यमंत्री नेे आमजन को कोरोना के विषय में भयभीत नहीं होने की सलाह दी है और लोगों से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें तथा आवश्यकता होने पर ही सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करें।

    गहलोत ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में चल रही बोर्ड परीक्षाओं पर कोई रोक नहीं होगी। साथ ही, मेडिकल तथा नर्सिंग कॉलेज में कार्य संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से शादी समारोहों को छोटा रखने तथा सीमित संख्या में मेहमानों को बुलाने की अपील की है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से एडवाइजरी आदि जारी कर आमजन को जागरूक करें।

    अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए 370 लोगों की जांच की गई है, जिसमें से केवल 3 ही मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। पीड़ित मरीजों का इलाज सही दिशा में चल रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में कुल 3 लाख लोगों की कोरोना के संक्रमण की स्क्रीनिंग की गई है।

    बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।