Category: state-news

  • MP पर चढ़ा राजनीतिक रंग! कांग्रेस की बैठक CM आवास पर, BJP से मिला सिंधिया को ग्रीन सिग्नल!

    MP पर चढ़ा राजनीतिक रंग! कांग्रेस की बैठक CM आवास पर, BJP से मिला सिंधिया को ग्रीन सिग्नल!

    भोपाल। मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच दिल्ली का दौरा बीच में ही रद्द कर भोपाल पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्जिवय सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के अलावा विधायक व मंत्री भी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों और मंत्रियों के दिल्ली में डेरा डालने और उनके मोबाइल फोन बंद होने के बाद कांग्रेस के अंदर हलचल मची हुई है।

    यही कारण है कि मुख्यमंत्री को अपना दिल्ली दौरा रद्द कर भोपाल लौटना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने भोपाल लौटते ही मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के अलावा राज्य सरकार के मंत्री व विधायक मौजूद हैं। इसके अलावा सभी मंत्रियों और विधायकों को भोपाल बुलाया गया है।

    मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार की रात को दिल्ली प्रवास पर रवाना हुए थे और उनको 12 मार्च को भोपाल लौटना था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की, राज्य की राजनीति के हालात पर चर्चा हुई। राज्य में बीते एक सप्ताह से कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों का शोर है। सरकार को समर्थन देने वाले 10 विधायक भी लापता हुए थे, जिनमें से आठ लौट आए हैं, इसी बीच सिंधिया समर्थक एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के दिल्ली पहुंचने की खबरें आई हैं। इन सभी विधायकों के फोन भी बंद हैं।

    राज्य की रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है और नामांकन भरे जाने की अंतिम तारीख 13 मार्च है। कांग्रेस के खाते में तीन में से दो सीटों के आने की संभावना बनी हुई है, इसी के चलते कांग्रेस में उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन चल रहा है। राज्य से कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह को बड़ा दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक चाहते हैं कि सिंधिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने के साथ प्रदेश अध्यक्ष की भी कमान सौंपी जाए। इसी के चलते मंत्रियों और विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है।

    भाजपा ज्योतिरादित्य के स्वागत को तैयार, अंतिम फैसला ज्योतिरादित्य लेंगे

    मध्यप्रदेश में राज्यसभा की सीट को लेकर कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पूरे घटनाक्रम को भाजपा मौके के रूप में देख रही है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई ने ज्योतिरादित्य की पार्टी में एंट्री को हरी झंडी दे दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कथित तौर पर कांग्रेस हाईकमान के सामने साफ-साफ दो मांगें रखी है।

    एक तो राज्यसभा की सीट और दूसरी मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष का पद। अगर कांग्रेस हाईकमान ने ज्योतिरादित्य की ये दोनों मांगें नहीं मानी तो ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा में ज्योतिरादित्य की एंट्री को लेकर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। भाजपा के आला नेताओं से ज्योतिरादित्य की बात हो चुकी है। भाजपा नेता उनके स्वागत के लिए बाहें फैलाकर इंतजार कर रहे हैं।

    लेकिन अंतिम फैसला खुद ज्योतिरादित्य को करना है। इस बाबत मध्यप्रदेश भाजपा की दिल्ली में तीन-चार राउंड की बैठकें भी हो चुकी हैं। लिहाजा प्रदेश स्तर से ज्योतिरादित्य की भाजपा में एंट्री पर कोई अड़चन नहीं रह गया है। अब अंतिम फैसला ज्योतिरादित्य को ही करना है। सूत्रों ने कहा है कि अगर ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल होते हैं, तो उन्हें राज्यसभा से सांसद बनाए जाने के अलावा उनके समर्थकों को राज्य सरकार में जगह भी मिल सकती है।

    सूत्र ने यह भी जानकारी दी है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी भाजपा के शीर्ष नेताओं को है। ऊपर से सबकुछ ठीक है। भाजपा के एक बड़े नेता ने बताया कि कर्नाटक से उलट मध्यप्रदेश में भाजपा का ऑपेरशन लोटस सिर्फ और सिर्फ ज्योतिरादित्य पर टिका है।

  • …लो बदल गया BJP का अंदाज! स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज, बोले MP के पूर्व CM

    …लो बदल गया BJP का अंदाज! स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज, बोले MP के पूर्व CM

    भोपाल। मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी में आने पर नेताओं ने स्वागत किया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया का स्वागत करते हुए कहा, स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज। चौहान ने कहा है, आज का दिन भाजपा के लिए और व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए भी आनंद और प्रसन्नता का दिन है। आज मुझे श्रद्घेय राजमाता की याद आ रही है।

    वे भाजपा के लाखों लाख बेटे-बेटियों की मां थीं, बचपन से उनका स्नेह और प्यार हम जैसे हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं को मिलता था। उन्होंने आगे कहा कि राजमाता स्नेह, आत्मीयता, प्रेम की प्रतिमूर्ति थीं और भारतीय जनसंघ के काम को देश विशेषकर मध्यप्रदेश में स्थापित करने में उनका अतुलनीय योगदान था।

    आज उनके पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा परिवार में सम्मिलित हुए हैं। मैं उनका हृदय से स्वागत करता हूं। शिवराज ने अपने ही अंदाज में सिंधिया का स्वागत करते हुए कहा, स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सिंधिया पर निशाना साधा था और नारा दिया था, हमारे नेता तो शिवराज, माफ करो महाराज। लेकिन अब खुद शिवराज की भाषा बदल गई है।

    चौहान ने सिंधिया की क्षमता की सराहना करते हुए कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया युवा, ऊर्जावान और कल्पनाशील मस्तिष्क के धनी हैं। वे वैसी परंपरा से आते हैं, जिसने राजनीति को सेवा का माध्यम माना है। 2018 में उत्साह से उन्होंने कांग्रेस के लिए मध्यप्रदेश में काम किया था, लेकिन कांग्रेस ने जनता से किए वादे नहीं निभाए।

    सिंधिया के भाजपा में आने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास करते हुए और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र को मानते हुए सिंधिया राष्ट्र और जनता की सेवा के लिए भाजपा परिवार में सम्मिलित हुए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि सिंधिया की घर वापसी हुई है, उनकी दादी को हम लोग अम्मा महाराज कहते थे। सिंधिया के आने से भाजपा और मजबूत होगी।

  • MP GOVERNMENT CRISIS LIVE: कांग्रेस नेता संजय निरूपम बोले, इस्तीफा दे देना चाहिए कांग्रेस में 70 से अधिक आयु वाले नेता को

    MP GOVERNMENT CRISIS LIVE: कांग्रेस नेता संजय निरूपम बोले, इस्तीफा दे देना चाहिए कांग्रेस में 70 से अधिक आयु वाले नेता को

    भोपाल/नई दिल्ली। देश में जब होली का त्योहार मनाया जा रहा था । वहीं मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा फैरबदल हो गया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया और उनके साथ ही 22 कांग्रेस विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आती नजर आ रही है। इस बीच भाजपा ने मंगलवार रात अपने विधायकों को हरियाणा के गुरुग्राम में अपने विधायकों को लेकर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी ओर आज सुबह कांग्रेस विधायकों को मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर बुलाया गया है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों को बस से एयरपोर्ट पहुंचकर जयपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
    LIVE अपडेट:
    – कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा है कि कांग्रेस में 70 से अधिक आयु वाले नेता इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं दे तो पार्टी उनकाे हटा दें।

    -कांग्रेस के बागी विधायकों से मुलाकात पर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कोई भी सिंधिया जी के साथ जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सभी को गुमराह करके बेंगलुरु लाया गया। उनमें से ज्यादातर का कहना है कि वे बीजेपी जॉइन करने को राजी नहीं हैं।

    – मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में ठहरे कांग्रेस विधायक जल्द ही कांग्रेस खेमे में लौटेंगे।

    -कांग्रेस के विधायक भोपाल एयरपोर्ट जयुपर जाने के लिए पहुंच गए हैं।
    -कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुकुल वासनिक, हरीश रावत को भोपाल भेजा है। इन नेताओं को मध्य प्रदेश की स्थिति को सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है।

    -कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने आज दावा किया कि कुछ भाजपा विधायक भी उनके संपर्क में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हम बहुमत साबित करने को तैयार हैं। कुछ विधायकों को बेंगलुरु ले जाया गया है, जिन्हें मिसलीड किया गया है। हालांकि, हम हर किसी के संपर्क में हैं।

    -कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि कमलनाथ सरकार को कुछ नहीं होने वाला है, आप 16 मार्च तक देखिएगा विधायकों की संख्या बिल्कुल ठीक रहेगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, राजा-महाराजाओं के दिन गए।

  • MP GOVERNMENT CRISIS LIVE:जयपुर ले जाने की तैयारी कांग्रेस विधायकों को,MLA अर्जुन सिंह बोले…

    MP GOVERNMENT CRISIS LIVE:जयपुर ले जाने की तैयारी कांग्रेस विधायकों को,MLA अर्जुन सिंह बोले…

    भोपाल/नई दिल्ली। देश में जब होली का त्योहार मनाया जा रहा था । वहीं मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा फैरबदल हो गया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया और उनके साथ ही 22 कांग्रेस विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आती नजर आ रही है। इस बीच भाजपा ने मंगलवार रात अपने विधायकों को हरियाणा के गुरुग्राम में अपने विधायकों को लेकर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी ओर आज सुबह कांग्रेस विधायकों को मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर बुलाया गया है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों को बस में बैठाकर हवाई अड्‌डे की ओर रवाना कर दिया गया है।

    LIVE अपडेट:

    -कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि कमलनाथ सरकार को कुछ नहीं होने वाला है, आप 16 मार्च तक देखिएगा विधायकों की संख्या बिल्कुल ठीक रहेगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, राजा-महाराजाओं के दिन गए।

  • कोरोना पॉजिटिव मिला जयपुर में दुबई से आया यात्री, फ्लाइट में साथ आये सभी यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग

    कोरोना पॉजिटिव मिला जयपुर में दुबई से आया यात्री, फ्लाइट में साथ आये सभी यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग

    जयपुर। दुबई से फ्लाइट से आये जयपुर निवासी एक 85 वर्षीय व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर संबंधित फ्लाइट से आये सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। दुबई से 28 फरवरी को जयपुर आई स्पाइस जेट की फ्लाइट के सभी यात्रियों को तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान से संपर्क करने के लिए कहा गया है। इन यात्रियों तथा इनके संपर्क में आये समस्त व्यक्तियो की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। पॉजिटिव पाये गये व्यक्ति के संपर्क में आये सभी व्यक्तियो की भी स्क्रीनिंग करवाने एवं आवश्यकता अनुसार आइसोलेशन में रखने के निर्देश दिये गए हैं।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को सीफ़ू में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। पॉजिटिव पाये गये व्यक्ति की 78 वर्षीय पत्नी एवं 50 वर्षीय पुत्र को भी आइसोलेशन में रखा गया है एवं सेम्पल लेकर जांच की जा रही है। पॉजिटिव पाये गए व्यक्ति के निवास के आसपास के 3 किलोमीटर क्षेत्र में भी स्क्रीनिंग की जा रही है।

    पॉजिटिव पाया गया व्यक्ति 3 निजी अस्पतालो में उपचार के बाद 9 मार्च की अर्ली र्मोर्निंग 3 बजे एसएमएस में भर्ती हुआ एवं जांच में पॉजिटिव पाये जाने पर तत्काल आइसोलेशन में लेकर संपर्क में आये व्यक्तियों की स्क्रीनिंग प्रारंभ कर दी गई।

    सिंह ने आर्मी, रेलवे सहित सभी निजी बड़े अस्पतालों में आइसोलेशन एवं देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोरोना के संबंध में घर घर जाकर सर्वे के तहत अब तक प्रदेश में एक लाख 77 हजार व्यक्तियों की की जा चुकी है। उन्होंने संबंधित स्थलों को इन्फेक्शन रहित बनाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तार से समीक्षा की। अब तक 335 व्यक्तियो के सेम्पल लेकर जांच की जा चुकी है एवं इनमे से 328 निगेटिव एवं 3 पॉजिटिव पाये गए। शेष 4 सेम्पल जांच प्रक्रिया में है। अब जोधपुर मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना जांच कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि 13,14 व 15 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा की समस्त आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कोरोना के बारे में व्यापक जनचेतना जागृत करने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। रेपिड रेस्पॉन्स टीमो की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुष विभाग द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढा भी पिलाया जा रहा है। आयुष चिकित्साकर्मियों को भी कोरोना के बारे में जागरूकता अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सिंह ने बताया कि निजी चिकिसालयों को उपचार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उपचार के लिए मना करने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में 3 निजी चिकिसालयो को नोटिस जारी किए गए हैं।उन्होंने विदेशी पर्यटकों एवं विदेश भ्रमण से लौटे यात्रियों के बारे में विशेष सतर्कता बरतने तथा स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • 94 विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास पर, 22 विधायकों ने दिया इस्तीफा

    94 विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास पर, 22 विधायकों ने दिया इस्तीफा

    भोपाल । मध्यप्रदेश में कमल नाथ सरकार पर गहराए संकट के बीच कांग्रेस विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में 94 विधायकों के पहुंचने का दावा किए जाने के साथ कांग्रेस को भरोसा है कि विधानसभा में कांग्रेस बहुमत साबित करने में सफल होगी। मुख्यमंत्री कमल नाथ की मौजूदगी में मंगलवार की रात को हुई बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बताया है कि बैठक में 94 विधायक पहुंचे और कई विधायक मुख्यमंत्री कमल नाथ के संपर्क में हैं। इन विधायकों को राज्यसभा के नाम पर ले जाया गया था और उनसे दलबल कराया जाएगा, इससे वे अनजान थे। लिहाजा, कांग्रेस के विधायक कांग्रेस व कमल नाथ के साथ हैं। विधानसभा में कांग्रेस बहुमत साबित करेगी। आपको बताते जाए कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफे दे दिए हैं।

    शोभा ओझा के साथ जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने दावा किया है कि सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है। कांग्रेस को बहुमत हासिल है।

    राज्य की कमल नाथ सरकार पर संकट के बादल हालांकि छाए हुए हैं, क्योंकि बाहरी समर्थन से चलने वाली सरकार के 19 विधायकों का इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति को भेजा गया है। कांग्रेस में सियासी संकट से कैसे निपटा जाए, इस पर मंथन सुबह से चल रहा है। विधायकों की मंगलवार की सुबह बैठक प्रस्तावित थी, जो शाम को शुरू हुई।

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव का दावा है कि कांग्रेस की सरकार को कोई खतरा नहीं है, 17 मार्च तक इस मामले में इंतजार करना चाहिए।

    सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी विधायक सामूहिक इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से बतौर प्रतिनिधि भोपाल पहुंचे राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी पार्टी हाईकमान का प्रस्ताव भी बैठक के दौरान रख सकते हैं।

    दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के 19 समर्थक विधायकों के इस्तीफे की मूलप्रति भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति को सौंपी है।

  • मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक पहुंचे गुरुग्राम,कैलाश विजयवर्गीय ने यह कहा

    मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक पहुंचे गुरुग्राम,कैलाश विजयवर्गीय ने यह कहा

    दिल्ली । मध्यप्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने लिए गुरुग्राम में एक होटल में ले आई है।
    आपको बता दे कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 19 विधायको के इस्तीफे के बाद से सरकार संकटों से घिर गई है। इससे सरकार के अल्पमत में आने की बात कही जा रही है।
    भाजपा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी का कांग्रेस में चल रहे घमासान से कोई लेनादेना नहीं है, कांग्रेस में जो हो रहा है, वह उनका अंदरूनी मामला है। जहां तक सिंधिया का मामला है, वह उनसे ही पूछें।
    वहीं भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि भाजपा के विधायक गुरुग्राम में छुट्‌टी मनाने आए है।

  • राज्य सरकार किसानों के साथ संकट की घड़ी में : तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री

    राज्य सरकार किसानों के साथ संकट की घड़ी में : तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री

    जयपुर। तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा, राज्य मंत्री तथा चूरू के जिला प्रभारी डॉ.सुभाष गर्ग सोमवार को होली के दिन जिले के किसानों का दुःख-दर्द जानने के लिए ओलावृष्टि प्रभावित खेतों में पहुंचे तथा पीड़ित किसानों से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। प्रभारी मंत्री ने दाऊदसर गौरीसर, अजीतसर, धीरासर, सारसर, उदासर सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों का दुःख-दर्द जाना।

    गांवों में भ्रमण के बाद जिला परिषद सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठकर किसानों को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री डॉ गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशीलता बरतते हुए तत्काल विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए हैं। इस गिरदावरी के कार्य में किसी भी पटवारी, गिरदावर द्वारा कार्य में की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मंशा के अनुसार उदार एवं मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए सर्वे कार्य किया जाना है ताकि अधिक से अधिक पीड़ित किसानो को राहत मिल सके।

    प्रभारी मंत्री ने बताया कि बीमा कंपनियों को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं ताकि जो किसान फसल बीमा में कवर नहीं हो रहे हैं, ऎसे पीड़ित किसानों को राज्य आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलाया जा सके। इसके साथ बंटाई पर लेकर खेती करने वाले किसानों को भी पांच रुपए का शपथ पत्र देने से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का फायदा मिल सकेगा।

    उन्होंने कहा कि बीमा क्लेम से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज नहीं होने की स्थिति में ऑफलाइन शिकायत भेजने की व्यवस्था की गई है। उन्हाेंने बताया कि किसानों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 1000 करोड रुपए के किसान कल्याण कोष की स्थापना की गई है। सरकार की कोशिश है कि मुआवजे और बीमा क्लेम का पैसा जल्दी से जल्दी प्रभावित किसानों के खाते में आ जाए। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

    रतनगढ़ के विभिन्न गांवों में लिया फसलों का जायजा
    जिला प्रभारी मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने सोमवार को रतनगढ़ क्षेत्र के रतनगढ़, दाऊदसर आदि गांवों में खेतों में जाकर फसलों का जायजा लिया तथा किसानों ने मिलकर उनकी पीड़ा जानी। प्रभारी मंत्री ने गौरीसर में किसान राशिद के खेत में फसल में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने धीरासर में बाबूलाल, महावीर, सांवरमल आदि किसानों के खेतों में हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने दाऊदसर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजीव गांधी सेवा केंद्र में लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निस्तारण के लिए मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह खुद किसान के बेटे हैं और उन्होंने भी खेत में ट्रैक्टर चलाया है, इसलिए वे किसानों की पीड़ा को बखूबी समझते हैं।

    सरदारशहर क्षेत्र में किसानों से मुलाकात
    प्रभारी मंत्री ने सोमवार को सरदारशहर क्षेत्र के उदासर, अजीतसर, सारसर आदि गांवाें में जिला कलक्टर संदेश नायक, विधायक भंवर लाल शर्मा, एसडीएम रीना छींपा की उपस्थिति में जन सुनवाई की तथा किसानों की पीड़ा जानी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि एक भी पीड़ित किसान सहायता से वंचित नहीं रहे। इसके लिए जिला कलक्टर एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। विधायक भंवर लाल शर्मा ने सरकार की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि ओलावृष्टि के बाद तत्काल विशेष गिरदावरी के निर्देश सरकार ने दिए, यह सरकार की संवेदनशीलता को दिखाता है।

    सर्किट हाऊस में की जन सुनवाई
    प्रभारी मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाऊस में जन सुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

  • MP का सियासी ड्रामा : राहुल ने कहा, कभी भी मेरे घर आ सकते थे सिंधिया

    MP का सियासी ड्रामा : राहुल ने कहा, कभी भी मेरे घर आ सकते थे सिंधिया

    भोपाल। पिछले कुछ समय से देश की राजनीति में कई बार उठापटक देखी जा चुकी है। फिलहाल मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा जारी है। करीब 15 महीने पहले अस्तित्व में आई मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट बना हुआ है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

    LIVE UPDATES :-

      • सिंधिया को समय न देने के सवाल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वे ही केवल ऐसे थे जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे। वे मेरे साथ कॉलेज में भी रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में सिंधिया की गिनती राहुल के सबसे करीबी नेताओं में होती थी। उनके प्रियंका से भी अच्छे संबंध रहे।
    • ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों ने बेंगलुरू से वीडियो संदेश जारी कर सिंधिया का समर्थन करते हुए उनके ही साथ रहने की बात कही है। सिंधिया जिस समय दिल्ली में भाजपा कार्यालय पहुंचकर सदस्यता ले रहे थे, उसी समय समर्थक विधायकों ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कुछ भी हो जाए वे सिंधिया का साथ नहीं छोड़ेंगे और सिंधिया के साथ ही रहेंगे। 19 विधायक जो सिंधिया समर्थक माने जाते हैं, वे बेंगलुरू में हैं।

    इनमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया के अलावा विधायक हरदीप सिंह डंग, जसपाल सिंह जज्जी, राजवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया, मुन्ना लाल गोयल, रघुराज सिंह कंसाना, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, गिरराज दंडौतिया, रक्षा संतराम सिरौनिया, रणवीर जाटव, जसवंत जाटव शामिल हैं।

    ये सभी मंगलवार को ही अपने इस्तीफे विधानसभाध्यक्ष को भेज चुके हैं। सिंधिया समर्थक इन 19 विधायकों में से अधिकांश ने वीडिया संदेश जारी कर सिंधिया के प्रति समर्थन जताया है। इन विधायकों का साफ कहना है कि वे सिंधिया के साथ हैं।

  • झारखंड में BJP के लिए सोरेन को तोडऩा आसान! सामने आ रही झामुमो-कांग्रेस के बीच मतभेद की बातें

    झारखंड में BJP के लिए सोरेन को तोडऩा आसान! सामने आ रही झामुमो-कांग्रेस के बीच मतभेद की बातें

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भाजपा सरकार बनाने में सफल हुई तो फिर पार्टी का अगला लक्ष्य झारखंड हो सकता है। झारखंड में भी महागठबंधन सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मंत्रिमंडल में शामिल चेहरों व विधायकों में आंतरिक असंतोष जैसे मुद्दों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के बीच मतभेद की बातें कही जा रही हैं।

    इन राजनीतिक परिस्थितियों के कारण भाजपा के लिए झारखंड सबसे आसान लक्ष्य हो सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा 26 मार्च को दो सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव निपटने का इंतजार कर रही है। झारखंड में भाजपा और झामुमो गठबंधन की सरकार पहले भी बन चुकी है। 2009 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सहयोग से ही शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने थे और तब रघुवर दास उपमुख्यमंत्री बने थे।

    वहीं बाद में भाजपा के अर्जुन मुंडा और फिर झामुमो नेता हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने थे। 2009 से 2014 के बीच झारखंड ने कुल तीन मुख्यमंत्री देखे हैं। झारखंड भाजपा के एक नेता ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा और झामुमो का रिश्ता पुराना है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के व्यक्तिगत रिश्ते भी हैं। जब पूर्व में साझा सरकार बन सकती है तो फिर भविष्य में क्यों नहीं? वैसे भी कांग्रेस के साथ सरकार चलाने में हेमंत सोरेन असहज महसूस कर रहे हैं।

    असंतोष ज्यादा बढ़ा तो फिर भाजपा कदम आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जल्दबाजी में नहीं है और पार्टी बिल्कुल फूंक-फूंककर कदम रखेगी। भाजपा ने कहा कि पिछले साल जब हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने थे तब बाबूलाल मरांडी के पैर छूकर आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर पहुंचे थे। मरांडी भले ही महागठबंधन सरकार पर हमले बोलते रहे हों, मगर वे हेमंत सोरेन के परिवार पर निजी टिप्पणी से बचते रहे हैं।

    हेमंत सोरेन, बाबूलाल मरांडी का बहुत सम्मान करते हैं। सूत्रों का कहना है कि करीब 14 साल बाद बाबूलाल मरांडी की घर वापसी कराने के पीछे भी भाजपा का यह भी प्लान था कि अवसर मिलने पर झामुमो के साथ सरकार बनाने में आसानी होगी। क्योंकि बाबूलाल मरांडी के रिश्ते सोरेन परिवार के साथ ठीक हैं।

    हेमंत सोरेन जहां विधानसभा चुनाव की रैलियों में कहते थे कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं, वहीं अब वे मुख्यमंत्री बनने के बाद हिंदुत्व की पिच पर बैटिंग करते नजर आ रहे हैं। हेमंत सोरेन बीती सात फरवरी को शादी की 14वीं सालगिरह पर पत्नी और बच्चों सहित वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने के साथ गंगा आरती में शामिल हुए थे। इसके अलावा वे झारखंड में देवघर व अन्य मंदिरों में जाकर मत्था टेक चुके हैं।

    इन कोशिशों के जरिए आदिवासी हेमंत सोरेन अपनी हिंदू पहचान पर कहीं ज्यादा जोर देते नजर आ रहे हैं। हेमंत में आए इस बदलाव के पीछे खास संदेश छिपा बताया जा रहा है। हेमंत ने अपनी कैबिनेट में ईसाई चेहरे स्टीफन मरांडी को जगह नहीं दी। सूत्रों का कहना है कि हेमंत लगातार कांग्रेस को यह संदेश देने में जुटे हैं कि अगर सरकार चलाने में उन्हें स्वतंत्रता नहीं दी गई तो वे नई राह चुनने में संकोच नहीं करेंगे।

    झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह की सरकार में दखलंदाजी से भी हेमंत परेशान बताए जाते हैं। इसके अलावा, सूत्रों का कहना है कि हेमंत के पिता और झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के खिलाफ भ्रष्टाचार, हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य कई तरह के आपराधिक केस चल रहे हैं। कुछ मामले दबे पड़े हैं। हेमंत कभी नहीं चाहेंगे कि फाइलें दोबारा खुलें। कई फाइल केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास हैं। ऐसे में भाजपा के लिए सोरेन परिवार को दबाव में लेना कहीं ज्यादा आसान है।