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  • प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ी कंटेट चोरी मामले में, जमानत की अर्जी खारिज

    प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ी कंटेट चोरी मामले में, जमानत की अर्जी खारिज

    पटना। जनता दल (यूनाइटेड) से निष्कासित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि पटना की एक अदालत ने कंटेंट चोरी मामले में प्रशांत किशोर की जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) की 12 नंबर की अदालत में प्रशांत किशोर ने जमानत की अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद शनिवार को खारिज कर दिया।

    गौरतलब है कि शाश्वत गौतम नामक एक शख्स ने प्रशांत किशोर पर कंटेट चोरी करने का आरोप लगाते हुए पटना के पाटलिपुत्र थाने में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके बाद प्रशांत किशोर जमानत के लिए अदालत की शरण में चले गए थे।

    प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्रा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। प्राथमिकी में उनपर अपने अभियान ‘बात बिहार की’ के लिए कंटेंट की चोरी करने का आरोप लगाया गया है।

    आरोप लगाने वाले शाश्वत गौतम ने प्रशांत किशोर और एक अन्य युवक ओसामा पर कंटेंट चोरी का आरोप लगाया है। ओसामा पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव लड़ चुका है।

    आरोप के मुताबिक, शाश्वत गौतम ने ‘बिहार की बात’ नाम से अपना एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसे भविष्य में लॉन्च करने की बात चल रही थी। इसी बीच उनके यहां काम करने वाले ओसामा नामक युवक ने इस्तीफा दे दिया और शाश्वत गौतम के प्रोजेक्ट ‘बिहार की बात’ का सारा कंटेंट प्रशांत किशोर के हवाले कर दिया।

  • हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेश किया बजट, खोला घोषणाओं का पिटारा

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेश किया बजट, खोला घोषणाओं का पिटारा

    शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शुक्रवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। तेरहवीं विधानसभा के इस बजट सत्र में बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कई नई योजनाएं शुरू करने की घोषणाएं की।

    बजट की घोषणाएं:
    20 करोड़ रुपए का कृषि कोष बनाने का प्रस्ताव।
    IHBT ने हींग की नई प्रजाति की पहचान की है। इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। केसर उत्पादन पर भी फोकस किया जाएगा।
    कृषि संपन्नता योजना की घोषणा।
    2020-21 में एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। 20 हेक्टेयर क्षेत्र पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य। इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।
    पशु चिकित्सा सहायकों के 120 पद भरे जाएंगे। दो रुपये दुग्ध मूल्य बढ़ाने की घोषणा।
    100 नई ट्राउट इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
    पर्वत धारा योजना की घोषणा। इससे भू-जल स्त्रातों का संरक्षण होगा।
    ऐसी पंचायत जो तंबाकू सेवन मुक्त हो जाएगी, उसे पांच लाख अनुदान दिया जाएगा।
    500 रुपये चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा।
    नौ महाविद्यालयों को उत्कृष्ट महाविद्यालय बनाने की घोषणा। नौ करोड़ रुपये का प्रावधान।
    गणित के लिए 50 स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाने का लक्ष्य।
    आईटी शिक्षकों के मानदेय में 10 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा।
    जलवाहक छह साल की बजाय अब पांच साल में नियमित होंगे।
    मिड-डे मील वर्करों का मानदेय 300 रुपए बढ़ाने की घोषणा।
    दसवीं के 100 टॉपर्स को आगे की पढ़ाई के लिए एक एक लाख रुपये देने की घोषणा।
    क्लस्टर विवि मंडी में आस-पास के कॉलेजों को शामिल किया जाएगा।
    आशा वर्कर का मानदेय 500 रुपये बढ़ाने की घोषणा।
    60 से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त आयुर्वेदिक दवाइयां दी जाएंगी।
    शिमला में गंज बाजार अनाज मंडी को टूटीकंडी में स्थापित किया जाएगा।
    भूमिहीन और आवास रहित परिवारों की आय सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की घोषणा।
    राजस्व विभाग के अंशकालिक कर्मचारियों का मानदेय 300 रुपये मासिक और नंबरदारों का मासिक मानदेय 500 रुपये बढ़ाने की घोषणा।
    युवाओं को रोजगार देने के लिए 2020-21 में नौ राजेगार मेले लगाए जाएंगे और 120 कैंपस साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा।
    प्रदेश में 2020-21 के लिए सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए 3986 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
    उपमंडल स्तर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए एक-एक लैपटॉप देने की घोषणा।
    आशा वर्कर, मिडडे मील वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बीमा योजना में लाया जाएगा।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 500 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 300 रुपये बढ़ाने की घोषणा।

    बद्दी में विजिलेंस थाने का प्रस्ताव। वर्ष 2020-21 में पुलिस कांस्टेबल के 1000 पद भरे जाएंगे। पुलिस, अग्निशमन विभाग के लिए वर्ष 2020-21 में 1729 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान। 2020-21 में प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 20 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी।

    न्यू पेंशन स्कीम के वे कर्मचारी जो 22-09-2017 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए हैं के लिए ग्रेच्युटी देने की घोषणा। इससे 5500 से अधिक कर्मचारी को लाभ मिलेगा। इसके लिए 110 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

    अनबंध कर्मचारियों को अब तक मूल वेतन प्लस ग्रेड पे प्लस ग्रेड पे का 125 फीसदी दिया जा रहा है। इसे 125 फीसदी से बढ़ाकर 150 फीसदी करने के घोषणा। इससे 22 हजार अनुबंध कर्मचारियों को लाभ होगा। 250 रुपये न्यूनतम दिहाड़ी को बढ़कार 275 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा।

    50 हजार अतिरिक्त पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी तथा विधवा, दिव्यांगजन की पेंशन राशि को 850 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह किया गया। इससे कुल 1 लाख 75 हजार लोगों को लाभ पहुंचेगा।

  • MP : भडक़ाई सियासी चिंगारी राज्यसभा चुनाव ने! अभी तीनों सीटों से सांसद हैं दिग्विजय, जटिया और झा

    MP : भडक़ाई सियासी चिंगारी राज्यसभा चुनाव ने! अभी तीनों सीटों से सांसद हैं दिग्विजय, जटिया और झा

    भोपाल। मध्य प्रदेश से निर्वाचित होकर राज्यसभा में जाने की नेताओं की चाहत ने राज्य की सियासत में चिंगारी भडक़ाने का काम किया है। विधायकों की खरीद-फरोख्त से लेकर उन्हें बंधक बनाए जाने तक के आरोप लगे तो अब दोनों प्रमुख दलों कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के अपने विरोधी दलों से संपर्क में होने की बातें सामने आ रही हैं। राज्य से राज्यसभा की तीन सीटें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, भाजपा के सत्यनारायण जटिया और प्रभात झा के कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहे हैं और इन तीनों सीटों के लिए इसी माह चुनाव होने हैं।

    विधायकों के संख्या बल के आधार पर इन तीन सीटों में से एक-एक सीट कांग्रेस और भाजपा को मिलनी तय है। लेकिन तीसरी सीट के लिए कांग्रेस को दो और भाजपा को नौ विधायकों की जरूरत है। एक सदस्य की जीत के लिए 58 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस स्थिति में कांग्रेस और भाजपा के एक-एक सदस्य का चुना जाना तय है, क्योंकि दोनों के पास 58 से ज्यादा विधायक हैं। लेकिन एक और सीट पाने के लिए दोनों दल जोर लगा रहे हैं।

    इसी कोशिश ने राज्य की सियासत को नया रंग दे दिया है। विधायकों को दोनों ही दल अपने-अपने पाले में खींचने की कोशिश में लगे हुए हैं, क्योंकि दोनों दलों को राज्यसभा की एक और सीट जीतने के लिए निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। वर्तमान विधानसभा की स्थिति पर गौर करें तो राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं है। राज्य की 230 सीटों में से 228 विधायक हैं, दो सीटें खाली हैं।

    कांग्रेस के 114 और भाजपा के 107 विधायक हैं। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार निर्दलीय चार, बसपा के दो और सपा के एक विधायक के समर्थन से चल रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा में कांग्रेस दो नेताओं को भेजना चाहती है। एक उम्मीदवार मुख्यमंत्री कमलनाथ की पसंद का होगा और वह छिंदवाड़ा के पूर्व विधायक दीपक सक्सेना हो सकते हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री के लिए अपनी विधानसभा सीट छोड़ी थी।

    वहीं दूसरी सीट के लिए दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। सिंधिया को पार्टी हाईकमान राज्यसभा में भेजना चाहता है, क्योंकि सिंधिया की गिनती राहुल गांधी के नजदीकियों में होती है। सिंधिया अभी हाल ही में लोकसभा चुनाव हारे हैं, वहीं दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जाना चाहते हैं।

    राज्यसभा चुनाव के नामांकन की तारीख करीब आने से पहले सरकार को समर्थन देने वाले 10 विधायकों को 25 से 35 करोड़ रुपए तक का ऑफर दिए जाने और फिर उन्हें दिल्ली ले जाने का पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। छह विधायक लौट आए, जिनमें से किसी ने भी प्रलोभन और बंधक बनाए जाने की बात नहीं कही। इन बयानों ने भाजपा को कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर हमला करने का मौका दे दिया है।

    भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी. डी. शर्मा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है, दिग्विजय सिंह राज्यसभा में जाना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा को बदनाम करने के लिए झूठ फैलाया। वास्तविकता तो कांग्रेस सरकार के मंत्री उमंग सिंघार ने ही सामने ला दी है कि यह लड़ाई राज्यसभा को लेकर है।

    राज्य से लापता 10 विधायकों में से छह भोपाल लौट आए हैं, जबकि चार विधायकों के बेंगलुरू में होने की बात कही जा रही है। कांग्रेस के एक विधायक हरदीप सिंह डंग ने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दूसरी ओर अन्य विधायकों के भी निकट भविष्य में इस्तीफा देने की चर्चा है। भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, राम बाई के साथ जो हुआ, उसका वीडियो सबके सामने है।

    दुख इस बात का है कि भाजपा और वन मंत्री उमंग सिंघार के बयान एक जैसे हैं। जहां तक राज्यसभा में भेजने की बात है तो यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश इकाई को तय करना है। भाजपा सत्यनारायण जटिया को फिर से राज्यसभा भेजने का मन बना रही है। इसकी वजह यह है कि पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी ब्राह्मण नेता को सौंपी है, इसलिए वह जटिया को राज्यसभा में भेजकर दलित-पिछड़ों के बीच अपना संदेश देना चाहती है।

    इसके साथ ही वह दूसरी सीट पर निर्दलीय, सपा, बसपा और कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के जरिए कब्जा चाहती है। इसके लिए भले ही उसे किसी गैर भाजपाई को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारना क्यों न पड़े। कांग्रेस व सरकार को समर्थन देने वाले विधायकों को भाजपा की ओर से कथित तौर पर प्रलोभन देने और बंधक बनाए जाने के आरोपों के बीच गुरुवार देर रात भाजपा के तीन विधायकों की मुख्यमंत्री कमलनाथ से हुई कथित मुलाकात ने सियासत को और भी सुलगाने का काम किया है। देखना अब यह है सियासत की यह चिंगारी किस खेमे को जलाती है।

  • स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर में बिहार के मुजफ्फरपुर में भिड़ंत, 11 लोगों की मौत, 4 घायल

    स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर में बिहार के मुजफ्फरपुर में भिड़ंत, 11 लोगों की मौत, 4 घायल

    मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में आज तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो जाने से 11 लोगों की मौत हो गई है और 4 लोग घायल हो गए हैं। हादसा मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड में एक स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर में जोरदार भिड़ंत हो गई।

    भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड गए। स्कॉर्पियो एनएच-28 पर जा रही थी, तभी ट्रैक्टर से जा टकराई। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई।
    घटनास्थल पर सैकड़ों स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया है।पुलिस के मुताबिक दुर्घटना सरमसपुर हेल्थ केयर के सामने हुई है। पुलिस ने घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस ने बताया कि हादसा शनिवार तड़के हुआ है।प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि इस दुर्घटना में जो स्कॉर्पियो गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है वह उसका रजिस्ट्रेशन नंबर उत्तर प्रदेश का था।

    मिली जानकारी के अनुसार,  पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को एंबुलेंस में रखकर श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया है। मरने वाले सारे लोग मुजफ्फरपुर के हथौड़ी के रहने वाले थे। पुलिस ने जेसीबी मशीन की सहायता से क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक्टर और स्कॉर्पियो को हटाने का काम किया।

  • कोरोना वायरस को लेकर पंजाब सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की

    कोरोना वायरस को लेकर पंजाब सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की

    चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा भीड़ में जाते समय करने और न करने वाले कामों और सावधानियों सम्बन्धी स्वास्थ्य सलाह जारी की गई है। स्वास्थ्य सलाह में बताया गया है कि किसी के साथ हाथ न मिलाएं, किसी के गले लग कर न मिलें, खुले में न थूकें, जिस व्यक्ति को बुख़ार है उसको भीड़ में जाने से परहेज़ करना चाहिए और जिस व्यक्ति को खांसी या बुख़ार है उस व्यक्ति से लगभग 1 मीटर की दूरी रखो। यदि किसी व्यक्ति को खांसी या बुख़ार है तो उसे अपना मुँह मास्क या रुमाल के साथ ढककर रखना चाहिए।

    जिस व्यक्ति को खांसी या बुख़ार है उसे लाजि़मी तौर पर नज़दीकी सरकारी अस्पताल में रिपोर्ट करनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने पिछले 14 दिनों के दौरान चीन, नेपाल की यात्रा की हो तो उसे 14 दिनों के लिए घर में अलग रखा जाना चाहिए और किसी भीड़ वाले स्थान पर नहीं जाना चाहिए। जारी स्वास्थ्य सलाह के अनुसार सेहतमंद व्यक्ति जिसको खांसी, बुख़ार नहीं है, को मास्क की ज़रूरत नहीं है और ज्य़ादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क किया जाये।

  • महाराष्ट्र स्थानीय निकायों के YES BANK में 1125 करोड़ रुपए फंसे

    महाराष्ट्र स्थानीय निकायों के YES BANK में 1125 करोड़ रुपए फंसे

    मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने हाल के हफ्तों में दूसरी बार निजी क्षेत्र के बैंकों में पड़े अपनी धनराशि का ब्यौरा मांगा है। अधिकारियों ने बताया कि यस बैंक के वित्तीय संकट में आने के बाद दोबारा ये जानकारियां मांगी गई हैं। राज्य सरकार ने अपने विभिन्न स्थानीय निकायों, राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं और अन्य सरकारी विभागों से अन्य बैंकों और यस बैंक में जमा धनराशि, खातों में पड़े पैसे, वेतन खातों आदि की जानकारी मांगी है।

    यह आदेश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शुक्रवार को दिए गए उस निर्देश के मद्देनजर आया है, जिसमें उन्होंने कहा है राज्य सरकार अपना पैसा रखने के लिए निजी बैंकों के बजाय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का उपयोग करे।

    राज्य सरकार का यह कदम तब सामने आया है, जब यहां के तीन स्थानीय निकायों के 1,125 करोड़ रुपये यस बैंक में जमा होने की बात सामने आई है।

    पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी), नाशिक नगर निगम (एनएमसी) और नाशिक म्युनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमएचसीडीसीएल) ने स्वीकार किया है कि उनके क्रमश: 800 करोड़ रुपये, 310 करोड़ रुपये और 15 करोड़ रुपए यस बैंक में जमा हैं।

    पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त श्रवण हार्डिकर ने मीडिया को बताया कि निगम ने यस बैंक में अपनी जमा राशि 1,100 करोड़ रुपये से घटाकर 800 करोड़ रुपये कर दिया है, वहीं अन्य बैंकों में 4,000 करोड़ रुपये जमा हैं।

    हार्डिकर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के तुरंत बाद हमने ऑनलाइन ट्रांसफर और प्रमुख बैंकर के रूप में बैंक ऑफ बड़ौदा को बना लिया है, इसलिए चिंता की बात नहीं है।”

    नाशिक नगर निगम और नाशिक म्युनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन अपने पैसे को लेकर चिंता में हैं, जो यस बैंक में फंस गए हैं। हालांकि अधिकारियों को भरोसा है कि यह कुछ समय तक नगर निकायों के संचालन को प्रभावित नहीं करेगा। इसी तरह, राज्य सरकार पुलिस विभाग के खातों को एक्सिस बैंक और पीएसबी से स्थानांतरित करने पर विचार कर सकती है।

  • पेपरलेस बजट पेश कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

    पेपरलेस बजट पेश कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

    चंडीगढ़। हरियाणा के ने बतौर वित्त मंत्री पहली बार पेपरलेस बजट एक टेबलेट के द्वारा पेश करके कीर्तिमान स्थापित किया है। गत वर्ष के बजट सत्र का इस वर्ष रिकार्ड तोड़ते हुए ज्यादा सीटिंग व सभी विधायकों को बोलने का मौका प्रदान करने का नया कीर्तिमान भी स्थापित किया गया।

    हरियाणा विधानसभा में 90 विधायक हैं और बजट सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने सभी विधायकों को बेहतरीन तकनीक के लैपटॉप दिए। उन्होंने विधायकों को आधुनिक तकनीक से जुडऩे का आहवान करते हुए कहा कि विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही संबंधी समस्त जानकारी उनके लैपटॉप पर उपलब्ध होगी, जिससे उनकी कार्य क्षमता को बढ़ावा मिलेगा

    2019-20 के विधानसभा बजट सत्र में 8 बैठकें की गई थी। तब 31 घंटे 49 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली थी। इस बार गत वर्ष का रिकोर्ड तोड़ते हुए 10 बैठकें हुई और 41 घंटे 27 मिनट तक विधानसभा की कार्यवाही चली।

    बजट सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें हुईं। इन बैठकों में 41 घंटे 27 मिनट का समय सत्र की कार्यवाही के लिए दिया गया। बजट सत्र में महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण पर 4 दिन तक चर्चा हुई। इस चर्चा में 16 भाजपा, 8 जेजेपी के विधायकों ने भाग लिया। इस चर्चा में भाजपा विधायकों ने 169 मिनट, जेजेपी विधायकों ने 63 मिनट व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 101 मिनट का समय लिया। सत्ता पक्ष के 24 विधायकों व मुख्यमंत्री ने 333 मिनट (5 घंटे 33 मिनट) का समय लिया। सत्र के दौरान कुल 5 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाये गए।

    राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के 11 विधायकों ने 163 मिनट, सात आजाद विधायकों ने 40 मिनट, इंडियन नेशनल लोक दल के एक विधायक ने 19 मिनट का समय इस दौरान लिया। यानि विपक्ष व आजाद विधायकों को कुल 3 घंटे 42 मिनट का समय दिया गया।

    बजट पर सामान्य चर्चा के लिए 559 मिनट (9 घंटे 19 मिनट) का समय दिया गया। इसमें भाजपा के 21 विधायकों ने 180 मिनट, जेजेपी के 5 विधायकों ने 69 मिनट एवं मुख्यमंत्री ने जवाब के लिए 72 मिनट का समय लिया, जबकि विपक्षी दल इंडियन नेशनल कांग्रेस के 12 विधायकों ने 184 मिनट व तीन आजाद विधायकों ने 32 मिनट एवं इंडियन नेशनल लोक दल के एक विधायक ने 22 मिनट का समय लिया। विपक्ष सहित अन्य को कुल 4 घंटे 2 मिनट का समय दिया गया, जबकि बीजेपी व जेजेपी के 26 विधायक व मुख्यमंत्री ने 5 घंटे 21 मिनट का समय लिया। सामान्य चर्चा के लिए कुल समय 559 मिनट का लिया गया यानी 9 घंटे 19 मिनट तक का समय विधानसभा कार्यवाही के लिए गया।

    बजट सत्र में 24 फरवरी 2020 को 13 तारांकित, 17 अतारांकित, 24 अनुपूरक प्रश्न पूछे गए। 25 फरवरी को 12 तारांकित, 15 अतारांकित व 20 अनुपूरक, 26 फरवरी को 10 तारांकित, 14 अतारांकित व 20 अनुपूरक, 27 फरवरी को 11 तारांकित, 12 अतारांकित, 23 अनुपूरक, 28 फरवरी को 11 तारांकित, 10 अतारांकित व 25 अनुपूरक, 2 मार्च को 12 तारांकित, 13 अतारांकित व 26 अनुपूरक, 3 मार्च को 8 तारांकित, 7 अतारांकित व 17 अनुपूरक, 4 मार्च को 16 तारांकित, 33 अनुपूरक प्रश्न विधायकों द्वारा पूछे गए । इस दिन 4 मार्च को कोई भी अतारांकित प्रश्न नहीं पूछा गया।

    कुल 180 प्रश्नों में 93 तारांकित, 88 अतारांकित व 188 अनुपूरक प्रश्न विधायकों द्वारा सत्र के दौरान जबकि 6 प्रश्न विधायकों के उस समय मौजूद न होने कारण नहीं पूछे गए। 20 व 28 फरवरी तथा 4 मार्च की बैठकों को छोडकऱ सभी बैठकों में शून्य काल रखा गया। 26 फरवरी, 2020 को इनेलो व 27 फरवरी, 2020 को कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट किया।

    सदन की बैठकों जिनमें 20 जनवरी को 29 मिनट, 20 फरवरी को 20 मिनट, 24 फरवरी को 4 घंटे 31 मिनट, 25 फरवरी को 3 घंटे 36 मिनट, 26 फरवरी को 4 घंटे 27 मिनट, 27 फरवरी को 5 घंटे 43 मिनट, 28 फरवरी को 3 घंटे 44 मिनट, 2 मार्च को 4 घंटे 37 मिनट, 3 मार्च को 6 घंटे 23 मिनट 4 मार्च को सबसे अधिक समय 8 घंटे 4 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली।

  • शिक्षा और आत्मनिर्भरता जरूरी महिला सशक्तीकरण के लिए

    शिक्षा और आत्मनिर्भरता जरूरी महिला सशक्तीकरण के लिए

    जयपुर । प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव के.के.पाठक ने कहा है कि सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाने होंगे क्योंकि जब एक महिला पढती तो उसका पूरा परिवार श्ििक्षत होता है।

    पाठक महिला एवं बाल विकास जयपुर की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शास्त्रीनगर स्थित साइंस पार्क में आईआईआरएचएम के सहयोग से आयोजित माता यशोदा पुरस्कार सम्मान समारोह में सहायिका, आशासहयोगिनी एवं कार्यकर्ताओं कों सम्बोधित कर रहे थे। पाठक ने कहा कि महिला सदैव से ही परिवार की धुरी रही है और मां, पत्नी, बेटी जैसे विविध रूपों में उसने परिवार के लिए अपनी भूमिका को बखूबी निभाया है। लेकिन इसके बावजूद आज भी हम बालिकाओं के गिरते लिंगानुपात के बारे मेंं विचार करने को मजबूर हैं, उनकी सुरक्षा के बारे में विचार करने पर मजबूर हैं, यह स्थिति बदलनी होगा। पाठक ने इसमें सभी मानदेयकर्मियों का सहयोग मांगा।

    जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारती दीक्षित ने कहा कि आज महिलाएं घर एवं बाहर हर जगह अपनी प्रतिभा और मेहतनत से स्वयं को सिद्ध कर रही हैंं। बराबर मेहनत करने के बावजूद घर एवं समाज में उसके योगदान को कमतर आंका जाता है, इस स्थिति में बदलाव लाने की जरूरत है। इसका एक ही तरीका है कि हर महिला स्वयं में सशक्त बने। समारोह में माता यशोदा पुरस्कार से सम्मानित मानदेयकर्मियों को प्रशस्तिपत्र एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के अन्त में उषा शर्मा, उप निदेशक, जयपुर ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद दिया।

  • 12 महिला यातायात पुलिस कर्मी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित

    12 महिला यातायात पुलिस कर्मी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित

    जयपुर । राजधानी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात राहुल प्रकाश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यातायात संचालन, अपराध नियंत्रण के साथ ही विषम परिस्थितियों में उल्लेखनीय सेवायें देने वाली 12 महिला यातायात पुलिस कर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

    इस अवसर पर राहुल प्रकाश ने कहा कि महिला पुलिस कर्मियों को सम्मानित करना हमारे लिए गर्व की बात है। सड़क पर मौजूद रहना बड़ा मुश्किल काम है। जयपुर के इतिहास में पहली बार महिला पुलिस कर्मियों ने चौराहों पर यातायात का संचालन किया। महिलायें अनुशासन में रह कर यातायात का संचालन करती हैं। सड़क पर यदि कोई दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो सबसे पहले माँ ही रोती है।उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों का पालन पुलिस और कानून के भय से नहीं बल्कि अपने दिल से करें।

    उल्लेखनीय सेवायें देने वाली हेड कांस्टेबल इन्द्राल देवी, कांस्टेबल विनीता, आशा, किरण, सुखजीत, रिंकी, विद्या देवी, रीना, सरोज, सुषमा देवी, सुनीता एवं संजू महिला यातायात पुलिस कर्मियों एवं दो ट्रैफिक वार्डन भावना सैनी व ज्योति घटवाणी को सम्मानित किया गया।

    रविवार को जयपुर के मुख्य चौराहों पर यातायात का संचालन भी महिला पुलिस कर्मियों ने ही किया।एस के फिनकोर्प कंपनी ने सामाजिक सरोकारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए महिला यातायात पुलिस कर्मियों को हेलमेट वितरित किए।सभी महिला यातायात पुलिस कर्मियों को सम्मान स्वरूप प्रशंसा पत्र भी दिये गए।

  • MP सरकार के भविष्य पर सवाल? अचानक भोपाल लौटे कमलनाथ, दिल्ली में डेरा सिंधिया समर्थकों का

    MP सरकार के भविष्य पर सवाल? अचानक भोपाल लौटे कमलनाथ, दिल्ली में डेरा सिंधिया समर्थकों का

    नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर नई सियासत की सुगबुगाहट तेज हो गई है और इसी के चलते मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिल्ली से अपना दौरा बीच में ही खत्म कर भोपाल लौटना पड़ा है। इसके साथ ही सभी विधायकों और मंत्रियों को भोपाल तलब किया गया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्रियों और विधायकों के मोबाइल फोन बंद होने से सरकार के भविष्य को लेकर सवाल बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार रात को दिल्ली प्रवास पर रवाना हुए थे और उनको 12 मार्च को भोपाल लौटना था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की, राज्य की राजनीति के हालात पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री दिल्ली में थे, इसी दौरान सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों के दिल्ली में होने की खबरें सुर्खियां बनीं और उन सभी के फोन बंद होने ने पार्टी के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी। सिंधिया समर्थकों के दिल्ली में होने और फोन बंद होने को नई सियासत की सुगबुगाहट मानते हुए मुख्यमंत्री भोपाल लौट आए। वहीं मंत्रियों और विधायकों को भोपाल बुलाया गया है।

    राज्य में बीते एक सप्ताह से कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों का शोर है। सरकार को समर्थन देने वाले 10 विधायक भी लापता हुए थे, जिनमें से आठ लौट आए हैं, इसी बीच सिंधिया समर्थक एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के दिल्ली पहुंचने की खबरें आई हैं। इन सभी विधायकों के फोन भी बंद हैं।

    राज्य की रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है और नामांकन भरे जाने की अंतिम तारीख 13 मार्च है। कांग्रेस के खाते में तीन में से दो सीटों के आने की संभावना बनी हुई है, इसी के चलते कांग्रेस में उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन चल रहा है। राज्य से कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह को बड़ा दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक चाहते हैं कि सिंधिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने के साथ प्रदेश अध्यक्ष की भी कमान सौंपी जाए।