Category: state-news

  • कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों का CM अमरिन्दर सिंह ने लिया जायज़ा

    कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों का CM अमरिन्दर सिंह ने लिया जायज़ा

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरुवार को खतरनाक रोग कोरोनावायरस (कोविड-19) के साथ निपटने के लिए राज्य की तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को वैश्विक स्तर पर फैले इस वायरस के साथ पैदा हुई स्थिति पर नज़र रखने का हुक्म दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने लोगों को एहतियात के तौर पर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर न जाने की अपील की है। उन्होंने रोज़ाना के आधार पर स्थिति की निगरानी करने का भी फैसला लिया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को इस वायरस से निपटने के लिए तन-मन से जुटने के हुक्म दिए। इस मंतव्य के लिए चार सीनियर डॉक्टरों पर अधारित स्टेट रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। हरेक जि़लों में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और जि़ला स्तरीय रिस्पांस टीमें 24 घंटे चौकस रहेंगी।
    इसके अलावा हेडक्वार्टर में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम (फोन नंबर 88720-90029/0172-2920074) भी स्थापित किया गया है जिससे किसी तरह की शिकायत /संकट आने पर तत्काल कार्यवाही की जा सके।

    कोविड-19 से पैदा होने वाले किसी भी तरह के हालातों से मुकाबले के लिए किये गए प्रबंधों का जायज़ा लेने के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को वायरस के ख़तरे के मद्देनज़र इसके लक्षणों और उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों संबंधी लोगों को जागरूक करने के लिए तुरंत एडवाइजऱी (सलाहकारी) जारी करने के आदेश दिए।

    कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मुख्य सचिव को कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जि़लों में व्यापक जागरूकता मुहिम चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सहायता करने के लिए सम्बन्धित फील्ड स्टाफ को ज़रुरी दिशा-निर्देश जारी करने की हिदायतें दीं जाएं। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को लोगों में घबराहट पैदा होने से रोकने और भरोसा पैदा करने के लिए सक्रियता से कदम उठाने चाहिएं।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस समय पर पंजाब में कुल 5795 ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने प्रभावित मुल्कों का सफर करने के विवरण हैं। गुरूवार तक 13 व्यक्तियों में कोविड -19 के लक्षण होने का पता लगा है।

  • जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों के इस बार की तरह अगले साल भी बजट तैयार करने के लिए लेंगे सुझाव: मनोहर लाल

    जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों के इस बार की तरह अगले साल भी बजट तैयार करने के लिए लेंगे सुझाव: मनोहर लाल

    चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली बार वित्त मंत्री के रूप में उन द्वारा विधानसभा में रखे गए वर्ष 2020-21 के बजट अनुमानों को पारित करने के लिए सभी विधायकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगले वर्ष वे इस वर्ष की भांति बजट तैयार करने के लिए जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों के सुझाव लेंगे। इस वर्ष के बजट अनुमान में 52 विधायकों के सुझाव शामिल किये गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान बजट अभिभाषण पर चर्चा के बाद अपने उत्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वालम्बन के क्षेत्र के लिए तीन नई घोषणा सदन में की, जिनमें हरियाणा के युवाओं को उच्चत्तर शिक्षा के लिए ऋण लेने के लिए युवाओं को बैंक में कौलेट्रल गांरटी नहीं देनी होगी, इसके लिए राज्य सरकार बैंकों को क्रेडिट गांरटी देगी और यह हरियाणा में स्थित शैक्षणिक संस्थानों के लिए बैंकों द्वारा प्रदान किये गए नियमानुसार निर्धारित ऋणों के लिए लागू होगी। इसी प्रकार, नव गठित विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से हर वर्ष 500 किसानों, श्रमिकों, अध्यापकों, छात्रों और पंचायती राज तथा शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अध्ययन भ्रमण के लिए विदेशों में भेजा जाएगा ताकि वे वहां की पद्धतियों, तकनीकों व अन्य क्षेत्रों में ज्ञान अर्जित कर सकें। इसी प्रकार, सभी सरकारी कर्मचारी और उनके आश्रित अब फेफड़ों व हृदय प्रत्यारोपण (हर्ट ट्रांसप्लांटेशन) के लिए चेन्नई के अपोलो,एमजीएम तथा ग्लेनिगल्स ग्लोबल हैल्थ सिटी अस्पतालों में ईलाज करवा सकेंगे। इसके अलावा, हृदय प्रत्यारोपण भी यदि मान्य अस्पताल से करवाया जाएगा तो सरकार की तरफ से खर्चे की प्रतिपूति की जाएगी।
    मनोहर लाल ने सदन को अवगत करवाया कि भारत सरकार की लोगों के जीवन सुधार के लिए ईज ऑफ लीविंग के मानदंड तैयार करने की योजना प्रस्तावित है और इसको लागू करने के लिए हरियाणा ने अपने इस बजट में प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरियाणा के युवाओं को प्राईवेट क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियां उपलब्ध करवाने के अपने वायदे के अनुरूप आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए उद्यमियों से बातचीत चल रही है तथा जिन क्षेत्रों में अब तक कम उद्योग लगे हैं, उन क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाईयां लगाने के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने सदन को इस बात की भी जानकारी दी कि 26 जनवरी, 2020 से आरम्भ की गई परिवार पहचान पत्र योजना के तहत 12 लाख परिवारों का डाटा एकत्रित हो गया है और इसमें लगभग 60 लाख परिवारों का डाटा एकत्रित करना है। उन्होंने बताया कि अलग से 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं का डाटा संकलित किया जाएगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि युवा सरकारी नौकरी में है या स्वरोजगार में है या बेरोजगार है और उसी के अनुसार उसका बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

  • पर्दे के पीछे का किरदार कौन विधायकों की खरीद-फरोख्त विवाद के ?

    पर्दे के पीछे का किरदार कौन विधायकों की खरीद-फरोख्त विवाद के ?

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कमल नाथ सरकार को अस्थिर करने के मकसद से विधायकों की खरीद-फरोख्त की साजिश भले ही कामयाब न हुई हो और कांग्रेस को राहत मिल गई हो, मगर अभी इस पर से पर्दा उठना बाकी है कि आखिर इस साजिश के पीछे का मुख्य किरदार है कौन? सत्तापक्ष कांग्रेस और भाजपा इस पूरे मामले के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

    राज्य की सियासत में बीते दो दिनों से कांग्रेस और सरकार को समर्थन देने वाले अन्य विधायकों को 25 से 35 करोड़ का प्रलोभन दिए जाने और दिल्ली ले जाए जाने का पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुलकर आरोप लगाया। उसके बाद कांग्रेस, सपा और बसपा के नौ विधायकों को दिल्ली ले जाए जाने का खुलासा हुआ।

    पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कांग्रेस और समर्थक विधायकों की खरीद-फरोख्त की साजिश में भाजपा के पांच नेताओं- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री संजय पाठक, भूपेंद्र सिंह, नरोत्तम मिश्रा और विश्वास सारंग के शामिल होने का आरोप लगाया।

    बुधवार को राज्य के सात विधायकों के हरियाणा के गुरुग्राम के होटल में बंधक बनाए जाने की बात सामने आई, वहीं कांग्रेस ने एक बसपा विधायक रामबाई को इस होटल से मुक्त कराए जाने का दावा किया। देर शाम कांग्रेस पांच विधायकों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली से भोपाल लेकर आई है। इसके अलावा चार विधायकों के बेंगलुरू ले जाए जाने की बात भी कही जा रही है।

    मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी इस पूरे घटनाक्रम में माफियाओं के शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “भाजपा माफियाओं के साथ मिलकर प्रदेश कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयास पिछले कई दिनों से कर रही है। राज्य में ये सभी माफिया भाजपा के संरक्षण में पिछले 15 साल में पनपे हैं।”

    कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “राज्यसभा के चुनाव आ रहे हैं, वे फिर राज्यसभा जाना चाहते हैं और इसके लिए दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री कमल नाथ पर दबाव बनाना चाहते हैं, इसलिए ये सारा ड्रामा रचा गया।”

    भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा का कहना है कि इस घटनाक्रम से भाजपा का कोई लेनादेना नहीं है। ये सब कांग्रेस के अंर्तकलह का नतीजा है और इसका जवाब मुख्यमंत्री कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दें। वर्तमान की सरकार ब्लैकमेल सरकार है जो जोड़तोड़ से बनी थी।

    भाजपा और कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं कमल नाथ सरकार के वनमंत्री उमंग सिंघार के ट्वीट ने अपने ही नेता को घेर लिया है। सिंघार ने ट्वीट कर सरकार को तो सुरक्षित बताया है, मगर अपने ही दल के नेता पर हमला बोला है। यह हमला भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर होता दिख रहा है।

    सिंघार ने ट्वीट कर कहा, “कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है, यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं।”

    कांग्रेस और भाजपा इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भले ही एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया जा रहा हो, मगर यह सवाल बना हुआ है कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम का असली सूत्रधार कौन है?

  • बिहार : RJD का BJP और JDU पर विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर तंज, पोस्टर के जरिए कटाक्ष

    बिहार : RJD का BJP और JDU पर विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर तंज, पोस्टर के जरिए कटाक्ष

    पटना। बिहार में मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर पोस्टर के जरिए तंज कसा है। पोस्टर के जरिए कटाक्ष करते हुए राजद ने कहा है कि अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही देंगे।

    राजद ने पोस्टर में कॉर्टून चित्रों का सहारा लिया है। पोस्टर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को दिखाया गया है।

    इस पोस्टर में सुशील मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से कह रहे हैं, “सर चुनाव आने वाला है, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे दीजिए सर।”

    इस पोस्टर में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सुशील मोदी को ‘नहीं’ में इस प्रश्न का जवाब देते दिख रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पोस्टर में कहते दिखाया गया है, “इनको छोड़ो, क्यूं ना सीधे ट्रंप से मांग लें।”

    गौरतलब है कि इस साल के प्रारंभ से ही राजद और जद (यू) में पोस्टर वार जारी है।

    राजद ने इस पोस्टर को अपने ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट किया है।

  • ब्लॉक सुपरवाईजऱों को ज़रूरी हिदायतें पंजाब समाज कल्याण बोर्ड की समीक्षा बैठक में

    ब्लॉक सुपरवाईजऱों को ज़रूरी हिदायतें पंजाब समाज कल्याण बोर्ड की समीक्षा बैठक में

    चंडीगढ़। पंजाब राज्य समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन गुरशरण कौर रंधावा की तरफ से आज बोर्ड अधीन चल रहे आई.सी.डी.एस. ब्लॉकों के सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा मीटिंग की गई।
    सेक्टर-35 स्थित अपने दफ़्तर में मीटिंग के दौरान राज्य के सरहदी जि़लों अमृतसर (हरसाछीना) और गुरदासपुर (डेरा बाबा नानक) के आई.सी.डी.एस. ब्लॉकों की कारगुज़ारी की समीक्षा करते हुए चेयरपर्सन ने सुपरवाईजऱों को आंगनबाड़ी केन्द्रों को बढिय़ा ढंग से चलाने बारे हिदायत की और केंद्र वार सूचना अलग से हर महीने भेजने के हुक्म दिए। इसी तरह ब्लॉक स्तर पर बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाईं जा रही स्कीमों को बेहतर ढंग से लागू करने बारे ब्लॉक वार चर्चा की गई। रंधावा ने पांच ब्लॉकों के प्रशासकीय मामलों संबंधी बातचीत के दौरान कई मसलों का मौके पर ही निपटारा किया।
    चेयरपर्सन ने काम-काज सुचारू ढंग से चलाने के सम्मुख सभी ब्लॉकों में सुपरवाईजऱों, आंगनबाड़ी वर्करों और हैल्परों के खाली पड़े पदों को सरकार की हिदायतों के मुताबिक भरने की हिदायत की गई। उन्होंने महिलाओं के लिए सरकारी बसों में सफऱ किराया आधा करने के फ़ैसले के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह का धन्यवाद भी किया। इस मौके पर बोर्ड के सचिव अभिषेक और अन्य अधिकारी और मुलाजि़म उपस्थित थे।

  • झारखंड: 5 घंटे में लिया CM हेमंत सोरेन ने संज्ञान, 2 घंटे में निलंबित हो गया पुलिस जवान

    झारखंड: 5 घंटे में लिया CM हेमंत सोरेन ने संज्ञान, 2 घंटे में निलंबित हो गया पुलिस जवान

    रांची। झारखंड के बोकारो जिला में पुलिसकर्मियों को तीन किशोरों को बेवजह पीटना महंगा पड़ गया। पांच घंटे के भीतर ही इस मामले की जांच हो गई और ढाई घंटे के अंदर आरोपी पुलिस का जवान (कांस्टेबल) निलंबित भी हो गया।

    अमूमन इतनी तेजी से कार्रवाई बहुत कम ही देखने को मिलती है। आम तौर पर ऐसी घटनाओं को छोटा मानकर प्रशासन इसे नजरअंदाज कर देता है। लेकिन, इस छोटी घटना पर भी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और कार्रवाई हुई।

    आरोप है कि पांडेयपुरा गांव के रहने वाले तीन किशोर रिशु हेंब्रम, रवि हेंब्रम और विशल मुर्मू रविवार को एक डैम से स्नान कर वापस घर आ रहे थे। इसी क्रम में अपने एक सहयोगी के साथ कांस्टेबल सुखवंत सिंह ने इन तीनों लड़कों को रुकने के लिए कहा, लेकिन किशोर नहीं रुके और आगे बढ़ गए। इसके बाद कांस्टेबल ने किशोरों को पकड़ा और उनकी जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद रिशु ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं से भी मुलाकात की।

    रिशु के बयान पर बालीडीह थाने में घटना की प्राथमिकी जरूर दर्ज कर ली गई, लेकिन कांस्टेबल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    दूसरे दिन यानी सोमवार को सुबह 9.24 बजे तीर्थनाथ बिरसा नामक एक युवक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर दिया, जिसमें लिखा, “बोकारो के बालीडीह थाना क्षेत्र के गरगा डैम में नहाने गए तीन नाबालिग आदिवासी लड़कों रिशु हेम्ब्रम, विशाल और रवि हेम्ब्रम को थाना के टाइगर मोबाइल के जवान सरदार सुखवंत सिंह और अन्य एक जवान ने आकर बिना कुछ बोले बेरहमी के साथ मारा।

    इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल से अपराह्न् 2.26 बजे ट्वीट किया गया, “जिलाधिकारी मामले की पूरी जांच करें और अगर जवान दोषी पाया जाता है, तो कड़ी कार्रवाई कर सूचित करें।”

    इस मामले में बोकरो के उपायुक्त (जिलाधिकारी) मुकेश कुमार ने शाम 4.44 बजे ट्वीट कर बताया कि इस मामले की जांच की गई, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मी को दोषी पाया गया। इसलिए दोषी पुलिसकर्मी सुखवंत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।”

    इधर, रिशु द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि घुटने के बल बिठाकर उन तीनों को पीटा गया है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही हेमंत सोरेन ट्विटर पर काफी सक्रिय हैं। लोगों की समस्याओं के संज्ञान में आने के बाद उस पर कार्रवाई का अधिकारियों को निर्देश भी दे रहे हैं।

     

  • सुविधा समाप्त यस बैंक के जरिए विद्युत बिलों के भुगतान की

    सुविधा समाप्त यस बैंक के जरिए विद्युत बिलों के भुगतान की

    जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों के यस बैंक के जरिए ऑनलाइन भुगतान की प्रदान की हुई सुविधा को तुरन्त प्रभाव से वापस ले लिया है।

    विद्युत उपभोक्ताओं की सूचनार्थ निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब जयपुर डिस्काॅम के सभी उपभोक्ता अपने विद्युत बिलों का भुगतान यस बैंक द्वारा प्रदत्त आॅनलाइन सुविधा के माध्यम से नही करें।

    इसके बाद भी यदि किसी उपभोक्ता द्वारा यस बैंक के जरिए भुगतान किया जाता है और जयपुर डिस्काॅम के बैंक खाते में समय पर भुगतान जमा नहीं होता है, तो यह उस उपभोक्ता विशेष की व्यक्तिगत जोखिम एवं खर्चे पर होगा और जयपुर डिस्काॅम इसके लिए उत्तरदायी नही होगा।

  • 9 मार्च को रात्रिकालीन भ्रमण बन्द रहेगा आमेर महल में

    9 मार्च को रात्रिकालीन भ्रमण बन्द रहेगा आमेर महल में

    जयपुर। होली का त्यौहार 9 मार्च 2020 का होने के कारण आमेर महल में रात्रिकालीन भ्रमण पर्यटन पर्यटकों के लिए बन्द रहेगा। यह जानकारी राजकीय संग्रहालय व महल आमेर के अधीक्षक द्वारा दी गई ।

  • बिहार : विपक्ष का अजीबोगरीब प्रदर्शन विधानमंडल में, राजद नेता पहुंचे पिंजरे में चूहा लेकर

    बिहार : विपक्ष का अजीबोगरीब प्रदर्शन विधानमंडल में, राजद नेता पहुंचे पिंजरे में चूहा लेकर

    पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान प्रतिदिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ हंगामा कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विधान परिषद भवन के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। राजद के विधान पार्षद पिंजरे में बंद एक चूहे को लेकर पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    राजद के विधान पार्षद सुबोध राय शुक्रवार को हाथ में चूहेदानी (चूहे का पिंजरा) और उसमें एक बड़ा-सा चूहा लेकर विधान परिषद परिसर पहुंचे। विधान परिषद भवन के बाहर राजद के विधान पार्षदों ने चूहे को सजा दिलाने का नारा लगाया। इस दौरान विधान परिषद में विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि राज्य सरकार घोटाले करती है और इसका जिम्मेदार चूहों को बताती है। हम घोटालों के जिम्मेदार चूहे को पकडक़र लाए हैं।

    राबड़ी ने कहा कि बिहार में 55 घोटाले हुए। सरकार ने घोटालों का जिम्मेदार चूहों को बता दिया। सरकार कहती है कि चूहों ने बांध काट दिया, जिससे बाढ़ आ गई। चूहे कई ट्रक शराब पी गए। अस्पताल में रखी दवाएं चूहे खा गए। अब चूहों को फाइल कुतरने का जिम्मेदार बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार खुद घोटाला पर घोटाला करती है और चूहों को जिम्मेदार बताती है। हम चूहे को लाए हैं, ताकि इस पर कार्रवाई की जा सके। इस पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं है तो यही अनाप-शनाप काम करेंगे।

  • विधानसभा में धरने पर बैठे बजट सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स

    विधानसभा में धरने पर बैठे बजट सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स

    चंडीगढ़। हरियाणा में बारह से ज्यादा जातियों को दान में मिली जमीन वापस लेने का विरोध शुरु हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की धमकी दी है। बादली क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक कुलदीप वत्स इस फैसले के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर विधानसभा में आये और पंचायती जमीनें वापस लेने के विरोध में धरने पर बैठ गए।

    बजट सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही शुरु होने से पहले वत्स विधानसभा के बाहर विधायकों को इस फैसले के विरोध में पर्चे भी बांटे। विधानसभा के बाहर सुरक्षा कर्मचारियों ने जब वत्स को काली शॉल कलाई पर बांधकर ले जाने से रोका तो उन्होंने शॉल ओढ़ ली। बाद में उन्होंने शॉल सिर पर पगड़ी की तरह बांध ली।

    हुड्डा सरकार ने बारह से ज्यादा जातियों को उस जमीन का मालिकाना हक दे दिया था, जिस पर वे वर्षों से काबिज थे, लेकिन इसके लिए कहीं कोई विवाद नहीं था. इन जातियों में ब्राह्मण, जांगड़ा ब्राह्मण, प्रजापति, लोहार, वाल्मीकि, कबीर पंथी स्वामी, दोहलीदार, बुटीमार आदि जातियां शामिल हैं। मालिकाना हक देने की वजह यह थी कि इसके बाद उन्हें बैंकों से ऋण मिलने का रास्ता साफ़ हो गया था।

    खट्टर सरकार दान में मिली यह जमीन अब वापस लेने जा रही है। इसके लिए हुड्डा सरकार के फैसले को बदला जा रहा है। कांग्रेस इसके विरोध में है। कांग्रेस विधायक वत्स की तरफ से बांटे गए पर्चों में लिखा गया है, ‘गरीबों के हक के लिए हम उनके साथ खड़े हैं। कमजोर जातियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।’ विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि इस मुद्दे को लेकर वे लोगों के बीच जाएंगे।