Category: state-news

  • हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने ली वार्षिक बैठक

    हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने ली वार्षिक बैठक

    चण्डीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने जिला उपायुक्तों से कहा है कि वे सम्बन्धित जिलों में 0 से 3 आयु वर्ग के पांच-पांच श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों की पहचान करें ताकि उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्बन्धित विभागों के सहयोग से अरली इन्टरवेन्शन केन्द्रों पर स्पीच थैरेपी साइन लैंग्वेज की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। आर्य मंगलवार को राजभवन में आयोजित हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की वार्षिक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

    उन्होनें कहा कि जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस कार्यक्रम के तहत 0 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को तो स्पीच थैरेपी दी ही जाएगी साथ ही साथ उनके माता-पिता को भी साइन लैंग्वेज का ज्ञान करवाया जाएगा। प्रदेश में 6 वर्ष तक के श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों को उन्ही की भाषा में शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए 10 स्पेशल प्ले स्कूल भी खोले जाएंगे। इसके साथ-साथ 10 अन्य सामान्य स्कूल जिनमें श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चे होंगे उनमें डीफ अध्यापक व संकेतिक भाषा के दुभाषिए अध्यापक नियुक्त किए जाएगें। उन्होनें 0 से 3 आयु वर्ग के ज्यादा से ज्यादा बच्चों पहचान करने वाले जिला आयुक्तों को विशेष अवार्ड देने की बात कही।

    आर्य ने कहा कि श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार बेहद संवेदनशील है और इनकी शिक्षा के लिए सरकार निंरतर कार्य कर रही है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से कहा कि वे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर से ऊपर शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित अवसर मुहैया करवाएं। ऐसे बच्चों को करनाल स्थित डीफ काॅलेज में लेकर आएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से यह भी कहा कि वे ऐसे बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवाएं।

    उन्होंने कहा कि श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों को सुविधाएं जुटाना हम सबकी जिम्मेदारी भी है। दिव्यांग बच्चों को जरूरत अनुसार सुविधाएं मिले तो ये बच्चे भी खेल, शिक्षा व अन्य सेवाओं के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकते हैं, ऐसा इन बच्चों ने करके दिखाया है विगत वर्षों में संस्थाओं के 1238 बच्चों ने अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं।
    आर्य ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से अपील की है वे श्रवण एवं वाणी निशक्तजन समिति से ज्यादा से ज्यादा प्रबुद्ध व समृद्ध लोगों को जोड़ें। सभी पदाधिकारी यह भी पता लगाएं कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सी.एस.आर) के तहत फंडिंग और ग्रांट किन-किन स्त्रोतों से प्राप्त की जा सकती है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठनों से आर्थिक सहायता जुटाने का प्रयास करें।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों से सम्बन्धित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सरकार द्वारा राज्य में दिव्यांगों को सर्वाधिक पेंशन दी जा रही है। इसके साथ-साथ 18 वर्ष तक के स्कूल न जा सकने वाले निशक्त बच्चों को प्रदेश में पहली जनवरी से 1650 रूपए मासिक वित्तीय सहायता दी रही है।

    राज्यपाल ने इस बैठक में श्रवण, वाणी निशक्तजन कल्याण समिति के तहत विशेष कार्य करने वाले अधिकारियों व कॉरपोरेट जगत से जुड़े अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पुरस्कृत किया। पुरस्कृत होने वाले पदाधिकारियों में एक दर्जन से भी अधिक उपायुक्त थे। प्रधान सचिव नीरजा शेखर को विशेष कार्यों की बदौलत पुरस्कृत किया गया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि सभी विभाग श्रवण, वाणी बाधित बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कार्य करेंगे। बैठक में हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की अध्यक्ष शरणजीत कौर ने समिति की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि समिति चैरिटी माॅडल नहीं बल्कि डिगनिटी माॅडल पर कार्य करेगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, टी.सी.गुप्ता, राज्यपाल की सचिव डाॅ. जी.अनुपमा, राज्यपाल के सलाहकार अखिलेश कुमार, प्रधान सचिव नीरजा शेखर, अंकुर गुप्ता सहित विभिन्न जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।

  • सौ दिवस का अतिरिक्त रोजगार मिलेगा सहरिया एवं खैरूआ तथा कथौड़ी जनजाति परिवारों को

    सौ दिवस का अतिरिक्त रोजगार मिलेगा सहरिया एवं खैरूआ तथा कथौड़ी जनजाति परिवारों को

    जयपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के बारां जिले के निवासी सहरिया एवं खैरूआ जनजाति तथा उदयपुर जिले में निवासरत कथौड़ी जनजाति परिवारों को महात्मा गांधी नरेगा योजना में 100 दिवस का अतिरिक्त रोजगार राज्य मद से उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिये है।

    आयुक्त, महात्मा गांधी नरेगा पी.सी. किशन ने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग ने बारां एवं उदयपुर जिला कलक्टर को इस सम्बंध में पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त रोजगार के लिए मस्टररोल नियमानुसार नरेगा सॉफ्ट से ही जारी की जाएगी। उन्होंने जिला कलक्टर को लिखा है कि राज्य मद से 100 दिवस के अतिरिक्त रोजगार के लिए आवश्यक कार्यवाही सम्पादित कराएं।

    जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक महात्मा गांधी नरेगा ,सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद तथा पंचायत समिति स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी, महात्मा गांधी नरेगा, सह विकास अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 100 दिवस का यह अतिरिक्त रोजगार केवल उक्त वर्णित जनजाति के परिवारों को ही उपलब्ध कराया जाए। अन्य परिवारों को योजनान्तर्गत नियमानुसार 100 दिवस का रोजगार ही दिया जाएगा।

  • जिला प्रशासन ने कोरोना प्रभावित देशों से आए नागरिकों को दिए स्वेच्छा से स्वास्थ्य जांच करवाने के आदेश

    जिला प्रशासन ने कोरोना प्रभावित देशों से आए नागरिकों को  दिए स्वेच्छा से स्वास्थ्य जांच करवाने के आदेश

    धर्मशाला। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि चीन, हांग-कॉंग, सिंगापुर, थाईलैंड, साउथ कोरिया, जापान, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, इटली, नेपाल, ईरान से दस फरवरी 2020 के बाद आए सभी नागरिक स्वेच्छा से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी जांच अवश्य करवाएं।
    यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा ने देते हुए बताया कि सभी होटल प्रबंधकों, होम स्टे संचालकों सहित ठहराव के अन्य संस्थानों को भी इस बाबत आवश्यक हिदायतें दी गई हैं कि उपरोक्त देशों के यात्रियों के आगमन के बारे में सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी धर्मशाला को दें। उन्होंने कहा कि आम नागरिक भी कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की जानकारी के लिए नि:शुल्क टो फ्री नंबर 104 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से घबराएं नहीं वायरस से संक्रमण से बचाव के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों की अनुपालना सुनिश्चित करें।

    सीएमओ गुरदर्शन सिंह ने बताया कि खांसी बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ कोरोना वायरस के लक्षण हैं तथा लक्षण पाए जाने पर किसी भी तरक की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए साबुन, पानी या एल्कोहल वेस्ड हैंड सेनिटाइजर से हाथ साफ करें, हंसते और छींकते समय टिशू या रूमाल से नाक और मुंह ढकें, ठंड या फ्लू जैसे लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचें, मांस तथा अंडे को अच्छी तरह से पकाकर खाएं, जंगली तथा पालतू जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क से बचें।

  • झारखंड : 6 आरोपी गिरफ्तार किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में, CM हेमंत सोरेन ने दिए ये निर्देश

    झारखंड : 6 आरोपी गिरफ्तार किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में, CM हेमंत सोरेन ने दिए ये निर्देश

    रांची। झारखंड के खूंटी जिले में 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ तीस बार से अधिक सामूहिक दुष्कर्म की घटना के मामले में अब सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की आस लोगों में जगी है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खूंटी जिला प्रशासन को पीड़िता का काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।

    पीड़िता का आरोप है कि 10-12 लड़कों ने तीन महीने में 25-30 बार दुष्कर्म किया है। 24 फरवरी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पारा लीगल वलेंटियर खुशबू खातून ने पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया, जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।

    खूंटी के चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडबल्यूसी) दिए बयान के मुताबिक, घटना की तारीख उसे याद नहीं है। पीड़िता जब खूंटी बाजार गई थी, तभी बगडू के रहने वाले बजरंग नाम के लड़के से बातचीत हुई और फिर दोनों में दोस्ती हो गई। उसके साथ उसका मित्र सूरज भी था।

    बातचीत के बाद दोनों उसे बाइक पर बिठाकर सिंबुकेल गांव लेकर गए और दोनों ने हड़िया (एक प्रकार का नशीला पेय पदार्थ) पी और उसका मोबाइल ले लिया। बाद में उसे बाजार लाकर छोड़ दिया।

    आरोप है कि जब भी पीड़िता बजरंग को फोनकर अपना मोबाइल वापस मांगती, तो वह उसे बुलाकर किसी सुनसान जगह पर ले जाता और दुष्कर्म करता। हर बार उसके साथ कई और लड़के रहते थे। विरोध करने पर वे जान से मारने की धमकी देते थे। यह सिलसिला तीन महीने तक चलता रहा।

    खशबू की सहायता से पीड़िता को आश्रय गृह ‘सहयोग विलेज’ में रखा गया है। इधर, इस मामले के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ट्वीट कर पारा लीगल वलेंटियर खुशबू को धन्यवाद देते हुए लिखा कि इस बेटी की मदद करने के लिए धन्यवाद खुशबू जी। उपायुक्त, खूंटी उचित कार्रवाई कर बिटिया को मेडिकल, काउंसलिंग तथा न्यायिक मदद पहुंचवाकर सूचित करें। खूंटी पुलिस कठोर कार्रवाई के लिए बचे हुए आरोपियों की शीघ्र धरपकड़ कर सूचित करें।

    इधर, खूंटी जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के ट्वीट के जवाब में ट्वीट कर लिखा कि मेडिकल और कउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा भी इस केस को ‘स्पीडी ट्रायल’ के अंतर्गत सुना जाएगा। साथ ही साथ, ‘विक्टिम कंपनसेशन’ के तहत लाभ पहुंचाने की भी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।”

    इस बीच, खूंटी के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि एक मार्च को छह आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है तथा अन्य को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी चल रही है।

    उल्लेखनीय है कि इन दिनों सोरेन ने ट्विटर को शासन करने का साधन बना दिया है। 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रखते हुए शासन से संबंधित कई ट्वीट किए हैं। लोग अब मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल नियमित रूप से शिकायतों को आगे बढ़ाने के लिए टैग कर रहे हैं। इसकी चर्चा भी खूब हो रही है।

  • बंगाल भाजपा बांट रही है कोरोनावायरस से बचाने को ‘मोदी जी’ के नाम वाला मास्क

    बंगाल भाजपा बांट रही है कोरोनावायरस से बचाने को ‘मोदी जी’ के नाम वाला मास्क

    कोलकाता। कोरोनावायरस से बचाव के लिए पश्चिम बंगाल भाजपा ने अनूठा तरीका निकाला है। इसके तहत भाजपा राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिखा हुआ मास्क बांट रही है। ये मास्क भाजपा नेता और कार्यकर्ता बांट रहे हैं। प्रदेश भाजपा के दफ्तर के बाहर कोरोना वायरस से बचाव के लिए ये मास्क लोगों में बांटे जा रहे हैं। मास्क बांटने वाले लोग अपने हाथों से लोगों को मास्क पहना भी रहे हैं। इस मास्क पर ‘ शेफ फ्रॉम कोरोना वायरस इनफेक्शन’ के साथ ही ‘मोदी जी’ भी लिखा है। मास्क पर कमल का फूल भी बना है।

    हालांकि मास्क की गुणवत्ता स्वीकृत मानदंडों के अनुकूल है या नहीं ये कहना मुश्किल है। इस मुद्दे पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व भी अधिकारिक रुप से बोलने से बच रही है। लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड उनका कहना है कि इस तरह के मास्क बांटे जाने में कुछ भी गलत नहीं है। उनका कहना है कि, कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है उसकी रक्षा के लिए हम ये मास्क लोगों में बांट रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने जो प्रेरणा दी है उसी के आधार पर ये मास्क बांटे जा रहे हैं।

    आपको बताते जाए कि दुनिया भर के करीब 70 देशों में फैल चुके कोरोनावायरस ने अब भारतीय लोगों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भारत में अब तक 29 लोगों में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को बताया है कि देश में अब तक कोरोना वायरस के कुल 29मरीज पाए गए हैं।

    इनमें से केरल में शुरूआत में मिले तीन लोग अब ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस के पीड़ित लोगों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 17 लोगों का इटालियन ग्रुप है। इस ग्रुप में 1 भारतीय है, जो ड्राइवर है। बाकी आगरा और दूसरी जगहों के लोग है।”

  • कार टकराई रेलवे लाइन के एंगल से, दो युवकों की मौत

    कार टकराई रेलवे लाइन के एंगल से, दो युवकों की मौत

     

    जयपुर। मालवीय नगर थाना इलाके के जगतपुरा स्थित सीबीआई फाटक के पास बुधवार देर रात कार अनियंत्रित होकर रेलवे लाइन के एंगल से जा टकराई। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार दोनों युवक कार से रात एक बजे के आस-पास सीबीआई फाटक होते हुए जगतपुरा से निकल रहे थे। पुलिस ने गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम कराके शव परिजनों को सौंप दिए गए। मामले की जांच दुर्घटना थाना पूर्व कर रहा है।
    दुर्घटना थाना पूर्व के अनुसंधान अधिकारी गजानंद ने बताया कि मूलत: शाहपुरा के चिमनपुरा निवासी मोहित पुत्र सीताराम चौधरी और रामपुरा निवासी मोहित की मौत हो गई। मोहित गोनेर रोड स्थित भगवान विहार में अपनी मां और छोटे भाई व दो बहनों के साथ रहकर 12वीं कक्षा में पढ़ रहा था, जबकि बीए प्रथम वर्ष में पढऩे वाला रामपुरा निवासी मोहित बुधवार को जयपुर आया था। यहां पर गोनेर रोड से बुधवार रात को दोनों परीक्षा होने पर पड़ोसी की कार मांगकर मालवीय नगर में पढ़ाई के लिए अध्ययन सामग्री लेने जा रहे थे।

    जानकारी में सामने आया कि युवक तेज गति से कार को ले जा रहे थे, जो सीबीआई फाटक के पास अनियंत्रित होकर एंगल में जा घुसी। वहीं युवकों की कार से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में दो युवकों की मौत की सूचना पुलिस ने उनके पडोसियों को दी। जिससे गुरुवार सुबह तक परिजनों को पता नहीं चल पाया, लेकिन बाद में पडोसियों ने परिजनों को युवकों के चोटिल होने की जानकारी। परिजन जयपुरिया अस्पताल पहुंचे तब उनकी मौत का पता चला। रामपुरा निवासी मोहित दो भाई और दो बहनों में सबसे बड़ा था। परिजन दोनों शवों को अंत्येष्टि के लिए गांव ले गए।

  • तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सिस्टम को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश

    तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सिस्टम को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश

    जयपुर। ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा है कि विभाग की विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारी एवं हैल्पर्स की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे सभी कार्मिक विभाग का अभिन्न अंग हैं, उनकी सुरक्षा के लिए सिस्टम को चाक-चौबंद बनाए। मरम्मत एवं रखरखाव सम्बंधी कार्यों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जाए और कार्मिकों की जान को हर हालत में बचाया जाए। अधिकारी इसके लिए लेटेस्ट सुरक्षा उपकरण की खरीद करे, समय-समय पर तकनीकी कार्मिकों के रिफरेशर कोर्स कराए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के पर्यवेक्षण में सभी रिपेयर वर्क्स कराए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
    डॉ. कल्ला जयपुर में विद्युत भवन में विद्युत विभाग की विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों तथा अन्य अनुबंधित कार्मिकों के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा मापदण्डों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी इसके लिए रिसर्च करे, जहां-जहां भी बेस्ट प्रेक्टिसेज अपनाई जा रही है, उनका अध्ययन करे और तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा उपकरणों को प्रयुक्त करें।

  • पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव -पर्यवेक्षकों की सूची जारी 704 ग्राम पंचायतों के लिए

    पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव -पर्यवेक्षकों की सूची जारी 704 ग्राम पंचायतों के लिए

    जयपुर। पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण में शेष रही 704 पंचायतों में 15 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 9 जिलों के लिए चुनाव पर्यवेक्षकों की सूची जारी की है।

    आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव श्यामसिंह राजपुरोहित ने बताया कि पर्यवेक्षकों में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। उन्होंने बताया कि भागचंद बाधल को अजमेर ग्रामीण, अनिल कुमार अग्रवाल को अलवर जिले की नीमराना, बानसूर पंचायत समिति के लिए, भंवर सिंह संदू को बाड़मेर जिले की सिवाना, धोरीमन्ना, सेडवा, पाटौदी आडेल के लिए, दिनेश कुमार जांगिड़ को भरतपुर जिले की कामां और नगर पंचायत समिति के लिए, जगवीर सिंह को श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ़, घढ़साना, सूरतगढ़ पंचायत समिति के लिए, पे्रमाराम परमार को जैसलमेर की जैसलमेर, सम, सांकड़ा, नाचना, भनियाना, मोहनगढ़, फतेहगढ़, आनंदी लाल वैष्णव को जोधपुर जिले की फलौदी, चामू, सेखला, डेचू, लोहावट और आउ के लिए, विष्णु कुमार गोयल को नागौर की कुचामन, मकराना, खींवसर, डीडवाना और अर्जुनराम चैधरी को सवाईमाधोपुर जिले की पंचायत समितियों के लिए पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है।

    राजपुरोहित ने बताया कि ये पर्यवेक्षक ग्रामीण सरकार के चुनाव के लिए सभी पर्यवेक्षक राज्य निर्वाचन आयोग और रिटर्निंग अधिकारी के बीच में कड़ी का काम करेंगे और जिलों से जुड़ी सूचना राज्य चुनाव आयोग को भेजेंगे। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में 30 या इससे ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं उन्हीं 9 जिलों में पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं।

    गौरतलब है कि इन 704 ग्राम पंचायतों में 15 मार्च को सुबह 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान करवाया जाएगा। इन पंचायतों में सरपंच पद का चुनाव ईवीएम मशीन और पंच पद का चुनाव मतपत्र से कराया जाएगा। इन चुनावों के लिए 14 मार्च को मतदान दलों की रवानगी हो जाएगी। मतदान के तुरंत बाद ही मतगणना करवाई जाएगी। इन सभी पंचायतों पर 16 मार्च को उपसरपंच का चुनाव करवाया जाएगा।

  • पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव -पर्यवेक्षकों की सूची जारी 704 ग्राम पंचायतों के लिए

    पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव -पर्यवेक्षकों की सूची जारी 704 ग्राम पंचायतों के लिए

    जयपुर। पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण में शेष रही 704 पंचायतों में 15 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 9 जिलों के लिए चुनाव पर्यवेक्षकों की सूची जारी की है।

    आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव श्यामसिंह राजपुरोहित ने बताया कि पर्यवेक्षकों में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। उन्होंने बताया कि भागचंद बाधल को अजमेर ग्रामीण, अनिल कुमार अग्रवाल को अलवर जिले की नीमराना, बानसूर पंचायत समिति के लिए, भंवर सिंह संदू को बाड़मेर जिले की सिवाना, धोरीमन्ना, सेडवा, पाटौदी आडेल के लिए, दिनेश कुमार जांगिड़ को भरतपुर जिले की कामां और नगर पंचायत समिति के लिए, जगवीर सिंह को श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ़, घढ़साना, सूरतगढ़ पंचायत समिति के लिए, पे्रमाराम परमार को जैसलमेर की जैसलमेर, सम, सांकड़ा, नाचना, भनियाना, मोहनगढ़, फतेहगढ़, आनंदी लाल वैष्णव को जोधपुर जिले की फलौदी, चामू, सेखला, डेचू, लोहावट और आउ के लिए, विष्णु कुमार गोयल को नागौर की कुचामन, मकराना, खींवसर, डीडवाना और अर्जुनराम चैधरी को सवाईमाधोपुर जिले की पंचायत समितियों के लिए पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है।

    राजपुरोहित ने बताया कि ये पर्यवेक्षक ग्रामीण सरकार के चुनाव के लिए सभी पर्यवेक्षक राज्य निर्वाचन आयोग और रिटर्निंग अधिकारी के बीच में कड़ी का काम करेंगे और जिलों से जुड़ी सूचना राज्य चुनाव आयोग को भेजेंगे। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में 30 या इससे ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं उन्हीं 9 जिलों में पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं।

    गौरतलब है कि इन 704 ग्राम पंचायतों में 15 मार्च को सुबह 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान करवाया जाएगा। इन पंचायतों में सरपंच पद का चुनाव ईवीएम मशीन और पंच पद का चुनाव मतपत्र से कराया जाएगा। इन चुनावों के लिए 14 मार्च को मतदान दलों की रवानगी हो जाएगी। मतदान के तुरंत बाद ही मतगणना करवाई जाएगी। इन सभी पंचायतों पर 16 मार्च को उपसरपंच का चुनाव करवाया जाएगा।

  • बिहार : आसान नहीं है राजग से अलग राह लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए

    बिहार : आसान नहीं है राजग से अलग राह लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए

    पटना। बिहार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल- यूनाइटेड (जदयू) के साथ लेाक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भी है। लेकिन, हाल के दिनों में लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने जिस तरह अपने घटक दलों से अलग राह पकड़ी है, उससे उनकी चुनावी राह आसान नहीं दिखती। भाजपा और जद (यू) भले ही उनकी आलोचना को लेकर खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन दोनों दलों के नेताओं के अंदर इस बात का मलाल जरूर है।

    राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहे जाने वाले रामविलास पासवान अपनी पार्टी लोजपा की कमान पुत्र सांसद चिराग पासवान को सौंप चुके हैं। झारखंड चुनाव में हार झेल चुके लोजपा अध्यक्ष चिराग के लिए बिहार का चुनाव पहली बड़ी परीक्षा होगी। इसमें किसी भी हाल में अंक बढ़ाने की चुनौती उनके सामने है।

    कहा भी जा रहा है कि इसी चुनौती से निपटने के लिए चिराग मतदाताओं में अपनी पहचान बढ़ाने के लिए व्यग्र हैं और ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ की यात्रा पर निकले हैं। हालांकि, इस यात्रा के दौरान जिस तरह वे भाजपा और जद (यू) पर हमलावर हैं, उससे उनके लिए आगे की राह आसान नहीं दिखती है।

    चिराग अपनी यात्रा के दौरान जहां बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कह चुके हैं कि डायल 100 पटना को छोड़कर राज्य में और कहीं नाम नहीं करता। यही नहीं 18 से ज्यादा दिनों से हड़ताल पर रहे नियोजित शिक्षकों को लेकर भी चिराग अपनी मांगों के साथ खड़े हो गए हैं। इधर, नीतीश सरकार के विपरीत चिराग दारोगा परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच के लिए नीतीश कुमार को पत्र लिखकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से इस बाबत जांच कराने की मांग कर चुके हैं।

    जद (यू) के एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि चिराग अभी नीतीश कुमार को नहीं समझ पाए हैं। चिराग को यह गलतफहमी हो गई है कि लोजपा अकेले बिहार में सरकार बना लेगी। उन्होंने कहा कि चिराग जिस तरह आगे रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं, वह उनके लिए आसान नहीं है।

    दिल्ली हिंसा को लेकर भी चिराग भाजपा पर निशाना साध चुके हैं। लोजपा का यह कदम सहयोगी दलों के नेता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इन दलों के नेता अभी तक खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं, लेकिन ‘अलग-अलग पार्टियों की अलग-अलग नीतियां’ जैसी बाते कह कर सफाई देने लगे हैं।

    भाजपा नेता संजय मयूख भी नियोजित शिक्षकों के मुद्दे पर सहानुभूति तो रखते हैं, लेकिन वेतनमान के मुद्दे पर अंतिम फैसला वह सरकार पर छोड़ते हैं। संजय मयूख कहते हैं कि लोजपा सहयोगी दल के रूप में जरूर है, लेकिन शिक्षकों और दारोगा अभ्यर्थियों पर उसकी अपनी नीति हो सकती है।

    इधर, चिराग ने राजग के अन्य दलों से अलग राह बनाते हुए लोजपा की अप्रैल में गांधी मैदान में होने वाली रैली में ही घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा कर दी है। इसे लेकर भी राजग के दल असहज हैं। जद (यू) के विधायक गुलाम रसूल बलियावी ने कहा, “लोजपा अलग पार्टी है और वह क्या निर्णय लेती है, यह उनका अपना मामला है, वे जब चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दें यह उनका फैसला है।”

    वैसे, राजग के दलों में अलग-अलग राग को लेकर अब विरोधी दल भी मजा ले रहा है। कांग्रेस के नेता प्रेमचंद मिश्रा का कहना है कि अगर लोजपा हड़ताली शिक्षकों और दारोगा अभ्यर्थियों के साथ है, तो इसके नेताओं को सीधे सरकार से बात करनी चाहिए।

    इधर, राजनीति के जानकारी इसे राजग के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं मानते। राजनीतिक मामलों के जानकार प्रो़ नवल किशोर चौधरी ने कहा, “किसी भी गठबंधन में घटक दलों की अलग राह गठबंधन के लिए सही नहीं है। इससे राजग में परेशानी बढ़ सकती है। लोजपा के लिए भी अभी अकेले चलने वाली स्थिति नहीं है।”

    बहरहाल, चिराग की यात्रा में मिल रहे लोगों के समर्थन के आधार पर कहा जा सकता है कि चिराग के ‘एकला चलो’ की राह अभी आसान नहीं है। वैसे, चिराग आगे क्या कदम उठाते हैं, यह देखने वाली बात होगी।