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  • नागौर दलित उत्पीड़न प्रकरण – पीड़ित पक्ष ने जताई संतुष्टि सरकार की अब तक की कार्यवाही से

    नागौर दलित उत्पीड़न प्रकरण – पीड़ित पक्ष ने जताई संतुष्टि सरकार की अब तक की कार्यवाही से

    जयपुर। नागौर जिले के करणू गांव में कुछ दिन पहले दो दलित युवकों के उत्पीड़न के मामले में पीड़ित पक्ष ने राज्य सरकार द्वारा उठाये गए कदमों एवं अब तक पुलिस की कार्यवाहीं से संतुष्टि जताई है।
    पीड़ित पक्ष के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि इस प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा तत्परता से कार्यवाही की गयी उससे पीड़ित पक्ष पूरी तरह से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रखी गयी मांगें पूरी हुई हैं और राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया गया।

    इस प्रकरण को लेकर गठित संघर्ष समिति के संयोजक अधिवक्ता गौतम नायक ने भी इस घटना के सामने आने के बाद त्वरित एक्शन के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद दिया और कहा कि पीड़ित पक्ष की समय पर मदद हुई और वे संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर संघर्ष समिति ने किसी तरह का धरना या प्रदर्शन करने की घोषणा नहीं की है।

    पीड़ित युवकों के पिता कालूराम एवं जगदीश ने भी राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से दोनों पीड़ित युवकों को ढाई-ढाई लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। पीड़ित युवकों को स्थानीय स्तर पर नौकरी दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
    इस अवसर पर नागौर की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा भी उपस्थित थीं।

  • विधायकी खत्म हो जानी चाहिए पार्टी बदलते ही – अशोक गहलोत

    विधायकी खत्म हो जानी चाहिए पार्टी बदलते ही – अशोक गहलोत

    जयपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यहां शनिवार को कहा कि पार्टी बदलना संसदीय लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है, इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए।

    संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका के बाबत चर्चा के लिए आयोजित एक कार्यशाला में गहलोत ने कहा, “अगर कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि पार्टी बदल लेता है तो उसकी सदस्यता खत्म कर दी जानी चाहिए।”

    सन् 1985 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, 52वां संशोधन कर दलबदल विरोधी कानून लाया गया था और संविधान की 10वीं अनुसूची में इसे जोड़ा गया था। लंबे अरसे तक पार्टी बदलने की घटनाएं थम गई थीं।

    भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए राजनीतिक पार्टियों की फंडिंग में पारदर्शिता पर जोर देते हुए गहलोत ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को जो धन प्राप्त होता है, वह ‘कालेधन के रूप में’ आता है।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पार्टियों को दान लेने में पारदर्शी तरीका अपनाना चाहिए।

  • तीसरे दिन भी 3.2 की तीव्रता के हिमाचल में भूकंप के झटके

    तीसरे दिन भी 3.2 की तीव्रता के हिमाचल में भूकंप के झटके

    शिमला। हिमाचल प्रदेश में रविवार को लगातार तीसरे दिन पांचवीं बार हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। मौसम विज्ञान कार्यालय ने आईएएनएस से कहा कि रिक्टर पैमाने पर 3.2 की तीव्रता वाला भूकंप रविवार सुबह 10.13 बजे दर्ज किया गया, जिसका उपकेंद्र शिमला क्षेत्र में था।

    इससे एक दिन पहले दोपहर 4.41 बजे पर रिक्टर पैमाने पर 3.2 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसका उपकेंद्र चंबा क्षेत्र में था।

    राज्य में 28 फरवरी को तीन भूकंप के झटकों की खबर मिली थी। दो भूकंप का केंद्र जम्मू एवं कश्मीर से सटे चंबा की सीमा पर था, जबकि उनमें से एक का केंद्र राज्य के कुल्लू जिले में था।

  • नीतीश कुमार हुए 69 के, PM मोदी ने ऐसे की बिहार के CM की शुभकामनाएं देने के साथ तारीफ

    नीतीश कुमार हुए 69 के, PM मोदी ने ऐसे की बिहार के CM की शुभकामनाएं देने के साथ तारीफ

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन पर राज्य में विकास के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों के लिए उनकी प्रशंसा की। मोदी की यह प्रशंसा बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को राज्य में लागू नहीं करने का प्रस्ताव पारित करने के कुछ ही दिनों बाद आई है।

    बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा 2010 में लाए गए मानकों पर ही लागू करने का प्रस्ताव भी पारित किया। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने की उपलब्धि से सिर्फ कुछ महीने दूर नीतीश रविवार को 69 साल के हो गए।

    नीतीश को मेरे दोस्त बुलाते हुए मोदी ने कहा कि वे जमीनी स्तर से आए एक लोकप्रिय नेता हैं। नीतीश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी पार्टी जनता दल युनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष हैं।

    मोदी ने ट्वीट किया, बिहार के मुख्यमंत्री और मेरे दोस्त श्री नीतीश कुमार जी को शुभकामनाएं। जमीनी स्तर से उठे एक लोकप्रिय नेता बिहार के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। सामाजिक सशक्तिकरण के लिए उनका जुनून उल्लेखनीय है। उनके दीर्घ तथा स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। नीतीश ने उनकी शुभकामनाओं के लिए आभार जताया है।

    उन्होंने ट्वीट किया, माननीय प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं के लिए उनका धन्यवाद एवं आभार नरेंद्र मोदी जी। बिहार राजग में जदयू, भाजपा और राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) शामिल हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में गठबंधन ने राज्य की 40 में से 39 सीटों पर कब्जा किया था और विधानसभा चुनाव में बढ़त हासिल की थी।

  • 3 माह में बनाए छिंदवाड़ा ने ये 3 विश्व रिकॉर्ड, इस सीट से CM कमलनाथ MLA और बेटा नकुलनाथ है MP

    3 माह में बनाए छिंदवाड़ा ने ये 3 विश्व रिकॉर्ड, इस सीट से CM कमलनाथ MLA और बेटा नकुलनाथ है MP

    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले ने बीते तीन माह में तीन कीर्तिमान बनाए हैं और गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। छिंदवाड़ा वह जिला है, जहां से मुख्यमंत्री कमलनाथ विधायक हैं और उनके पुत्र नकुलनाथ सांसद हैं। इससे पहले कमलनाथ यहां से लगातार नौ बार बतौर सांसद निर्वाचित हो चुके हैं।

    बीते तीन माह में विशाल और विराट कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। छिंदवाड़ा में दिसंबर में कॉर्न फेस्टिवल का आयोजन हुआ था, इस आयोजन को लेकर यहां चित्रकला प्रतियोगिता हुई, जिसमें 2.75 लाख स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया। एक साथ इतनी संख्या में एक ही समय चित्र बनाने के लिए छिंदवाड़ा का नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया।

    इसके पश्चात दूसरा विश्व कीर्तिमान छह जनवरी 2020 को बना जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की छिंदवाड़ा यात्रा के 99 वर्ष पूर्ण होने पर बच्चों ने गांधीजी के प्रिय भजन वैष्णव जन… के गायन में उत्साह से हिस्सा लिया।

    यह भजन कुल 25 हजार बच्चों और अन्य लोगों ने एक साथ प्रस्तुत किया। जिले का तीसरा विश्व कीर्तिमान मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में 21 फरवरी को रचा गया जब एक साथ 3353 जोड़ों का विवाह संपन्न किया गया।

  • केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुख्यमंत्री ने की भेंट

    केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुख्यमंत्री ने की भेंट

    शिमला । मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने नई दिल्ली में केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात की।
    उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को राज्य में विकासात्मक गतिविधियों में सीएसआर के तहत धन लगाने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि सरकार द्वारा चलाई जा रही विकासात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
    केन्द्रीय मंत्री ने मुख्मयंत्री को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह, उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन भी मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • मध्य प्रदेश : चुनाव राज्यसभा की तीन सीटों पर, कांग्रेस में बेचैनी सिंधिया की बेरुखी से

    मध्य प्रदेश :  चुनाव राज्यसभा की तीन सीटों पर, कांग्रेस में बेचैनी सिंधिया की बेरुखी से

    भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सामने आ रहा है, लेकिन वे उच्च सदन में जाने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए इस बात ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य की रिक्त हुई तीन राज्यसभा की सीटों के लिए मार्च में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने वाली है। इनमें से दो सीटें कांग्रेस को मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में एक सीट जाने वाली है। कांग्रेस से इन दो सीटों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ा दावेदार माना जा रहा है। अन्य दावेदारों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, सुरेश पचौरी के अलावा कई और भी ऐसे लोग हैं, जो विधानसभा व लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं।

    कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के भीतर इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि आखिर राज्य से किन दो नेताओं को राज्यसभा में भेजा जाए। दूसरे राज्यों के नेता भी मध्यप्रदेश कोटे से राज्यसभा में जाने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया में से एक को ही पार्टी उच्च सदन में भेजना चाहती है। लेकिन यह कौन होगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

    हालांकि, सिंधिया के करीबियों का कहना है कि उनकी राज्यसभा में जाने की इच्छा नहीं है। वे इस संबंध में पार्टी के कुछ नेताओं को बता चुके हैं। यह बात परोक्ष रूप से पार्टी हाईकमान तक भी पहुंचा दी गई है। अब कांग्रेस आलाकमान के सामने यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि सिंधिया राज्यसभा चुनावों में भाग क्यों नहीं लेना चाहते हैं। इसी के चलते कांग्रेस के अंदर बेचैनी है क्योंकि पिछले दिनों से यह बात हवाओं में तैर रही है कि सिंधिया कुछ मामलों को लेकर पार्टी के नेताओं से खुश नहीं है। इतना ही नहीं उनकी भाजपा के कुछ नेताओं से नजदीकियां भी हैं।

    राज्य के विधानसभा के गणित को देखा जाए तो पता चलता है कि प्रदेश की 228 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114, भाजपा के 107, चार निर्दलीय, एक सपा के और दो बसपा के विधायक हैं। इस तरह एक उम्मीदवार को 58 वोट मिलने पर कांग्रेस के पास 56 वोट रह जाएंगे, एक निर्दलीय विधायक सरकार में मंत्री हैं। इस तरह कांग्रेस के पास 57 विधायक हैं और उसे सिर्फ एक विधायक की जरूरत होगी, वहीं भाजपा के पास एक उम्मीदवार को 58 वोट के बाद 49 वोट रह जाएंगे।

    राज्य में कांग्रेस के 114 विधायकों में से 35 से ज्यादा विधायक सिंधिया के समर्थक बताए जाते हैं, राज्य सभा की दूसरी सीट के लिए इन विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। भाजपा की नजर भी इन पर है। वर्तमान में राज्य की राजनीति के हालात पर गौर करें, तो पता चलता है कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के नाम का फैसला होना है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद कमलनाथ अध्यक्ष पद से मुक्ति के लिए पार्टी आलाकमान से कई बार अनुरोध कर चुके हैं।

    वहीं राज्य में निगम और मंडलों के अध्यक्षों के चुनाव होने वाले हैं। राजनीति के जानकारों की माने तो सिंधिया को पार्टी में वह महत्व नहीं मिल पा रहा है, जिसकी वे और उनके समर्थक उम्मीद लगाए थे। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव सिंधिया और कमलनाथ का चेहरा सामने रखकर लड़ा था। कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया जा चुका है, वहीं सिंधिया समर्थकों को यह लगता था कि प्रदेशाध्यक्ष की कमान उनके नेता (सिंधिया) को मिल सकती है, मगर ऐसा हो नहीं पाया।

    इसके चलते कार्यकर्ताओं में असंतोष है और सिंधिया पर उनका दबाव भी। सिंधिया के राज्यसभा में जाने में बेरुखी दिखाए जाने से कांग्रेस में बेचैनी होना लाजिमी है। इसे सिंधिया के असंतोष के तौर पर देखा जा रहा है, साथ ही इससे आशंकाओं को भी जन्म मिल रहा है।

  • मध्य प्रदेश : NTPC की दो मालगाड़ियां सिंगरौली में आमने-सामने टकराई, 3 की मौत

    मध्य प्रदेश : NTPC की दो मालगाड़ियां सिंगरौली में आमने-सामने टकराई, 3 की मौत

    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में रविवार सुबह एनटीपीसी की दो मालगाड़ियां आमने-सामने से टकरा गई, जिसके चलते दोनों गाड़ियों की बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, “रविवार को एनटीपीसी संयंत्र की दो मालगाड़ियां बैढ़न थाना क्षेत्र में आमने-सामने से टकराई गई।

    यह हादसा सुबह लगभग छह बजकर 10 मिनट पर हुआ, इनमें एक मालगाड़ी कोयले से भरी हुई थी वहीं दूसरी ओर से आ रही मालगाड़ी खाली थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है।”

    सूत्रों का कहना है कि, एनटीपीसी संयंत्र तक कोयला ले जाने के लिए एकल (सिंगल) रेल लाइन है। एक समय में एक तरफ से ही गाड़ी को निकाला जाता है, मगर एक लाइन पर दोनों ओर से गाड़ियां आ गई जिसके चलते यह हादसा हुआ।

  • जागरूकता शिविर लगाये जाएं सफाई कर्मचारियों के लिए – सदानन्द महाराज

    जागरूकता शिविर लगाये जाएं सफाई कर्मचारियों के लिए  – सदानन्द महाराज

    जयपुर । राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य सदानन्द महाराज ने कहा कि प्रदेश में संचालित योजनाओं के माध्यम से सफाई कर्मचारियों का समुचित सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास हो सके, इसके लिए विभागों के आपसी समन्वय से जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाए।

    सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य महाराज सोमवार को यहां , अम्बेडकर भवन के सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, स्वायत्त शासन विभाग एवं अनुजा निगम के माध्यम से प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के उत्थान के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सीवरेज सफाई करते हुए दुर्घटना में मृृत्यु हाने पर आश्रितों को नियमानुसार 15 दिन में सहायता राशि का भुगतान किया जाये, वहीं आगे सें सीवरेज सफाई के दौरान पूरी तरह से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। इसी प्रकार सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन, प्रमोशन, पेंशन परिलाभ स्वीकृृत किये जांए, ताकि उनको विकास का समुचित लाभ मिले।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण में प्रतिबद्वता से कार्य किया जायेगा।

    बैठक में अतिरिक्त निदेशक-एससीएसपी डी.पी. गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक-प्रशासन जयनारायण मीणा सहित स्वायत्त शासन विभाग और अनुजा निगम के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • चौथी औद्योगिक क्रांति में डिजीटलीकृत होकर बने भागीदार: कलराज मिश्र

    चौथी औद्योगिक क्रांति में डिजीटलीकृत होकर बने भागीदार: कलराज मिश्र

    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि छात्रों को डिजीटलीकृत होकर चौथी औद्योगिक क्रांति में भागीदार बनने के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही छात्र-छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में शोध कर नवाचार भी करें।

    राज्यपाल मिश्र मंगलवार को अजमेर जिले के बांदर सिन्दरी स्थित राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 12वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजीटल तकनीक है। डिजीटल और डाटा के माध्यम से नई क्रांति जन्म ले रही है। व्यक्ति डिजीटल होकर आने वाली चौथी औद्योगिक क्रांति में भागीदार हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक ज्ञान की समृद्ध परम्परा वर्तमान में भी विद्यमान है। उच्च स्तर पर शोध की आवश्यकता है। भारतीय मनीषियों एवं मर्मज्ञों ने प्रत्येक विषयों पर गहरायी से पुस्तकें लिखी है। गणित, खगोल, दशमलव, शून्य, रासायन, ज्योतिष, यंत्र विज्ञान, चिकित्सा, सर्जरी जैसे कई विषयों पर वैदिक एवं पोराणिक ज्ञान आज भी विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के अलावा प्रयोग एवं अन्वेक्षण के साथ शोध की आवश्यकता है।

    वर्तमान में जल की उपलब्धता, संरक्षण एवं उपयोग पर शोध की महती आवश्यकता है। जल संग्रहण से भू-जल रिर्चाज करने की दिशा में कृषि विश्वविद्यालयों के साथ साथ अन्य शैक्षिक संस्थानों को भी आगे आकर कार्य करना चाहिए। राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पास पर्याप्त मात्रा में भूमि उपलब्ध है। इसका उपयोग सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा आत्म निर्भर बनने में किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय अपने उपयोग के पश्चात बची बिजली को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकता है।

    राज्यपाल ने कहा कि नवाचारों का उपयोग करके भारत सक्षम एवं सुदृढ़ बनेगा। परम्परागत तरीके के स्थान पर नवाचार का उपयोग होने से प्रक्रिया आर्थिक रूप से फलदायक हो सकती है। विश्वविद्यालय नई सोच को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में नए विचार आने चाहिए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के स्लोगन को आचरण में शामिल करने से हर क्षेत्र में छात्राएं आगे आ रही है। इसी प्रकार फिट इण्डिया को भी आचरण में उतारा जाना चाहिए। दिव्यांगों को आगे लाने में इसी प्रकार की सोच महत्वपूर्ण होती है।