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  • कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विनती स्वीकृत की केंद्र सरकार ने , सीसीएल की मियाद 29 फरवरी तक बढ़ाई

    कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विनती स्वीकृत की केंद्र सरकार ने , सीसीएल की मियाद 29 फरवरी तक बढ़ाई

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अपील को स्वीकृत करते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को खरीफ मंडीकरण सीजन-2019-20 के दौरान धान की खरीद के लिए नकद कर्ज हद (सी.सी.एल.) की मियाद में 29 फरवरी, 2020 तक विस्तार कर दिया है।
    इस कदम से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पी.एफ.एम.एस.) खर्चा, एडवांस और ट्रांसफर (ई.ए.टी.) विधि के नियमों का पालन करने वाले आढ़तियों के बकाए निपटाने के लिए रास्ता साफ हो गया है और इस सम्बन्धी भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मंगलवार को 200 करोड़ रुपए जारी किया जायेगा।

    जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस वृद्धि की मियाद बढ़ाने से राज्य सरकार को आढ़तियों के कमीशन के रूप में लम्बित बकाए की अदायगी करने में मदद मिलेगी। भारत सरकार की तरफ से लाजि़मी बनाए पी.एफ.एम.एस., ई.ए.टी. विधि को अमल में न लाने के लिए बकाया जारी नहीं किया जा सका था।

    जि़क्रयोग्य है कि आढ़तियों के कमीशन के रूप में 750 करोड़ रुपए की कुल देनदारी थी जिसमें से पी.एफ.एम.एस., ई.ए.टी. विधि का पालन करने वाले आढ़तियों को 362 करोड़ रुपए पहले ही जारी किये जा चुके हैं।

    यह जि़क्रयोग्य है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने मंडीकरण सीजन के दौरान धान की खरीद के लिए नये खाते अधीन 33333.96 करोड़ रुपए के नकद कर्ज हद (सी.सी.एल.) की मियाद अब फरवरी, 2020 तक बढ़ा दी गई है। बताने योग्य है कि अक्टूबर, 2019 के लिए 26707.50 करोड़ रूपए सी.सी.एल. के लिए अधिकृत किया गया था जबकि नवंबर, 2019 के लिए 6623.46 करोड़ रुपए का विस्तार किया गया जिसकी मियाद दिसंबर, 2019 तक बढ़ा दी गई थी।

  • जनगणना-2021: 16 मई से होगा शुरू कांगड़ा जिला में मकानों का सूचीकरण कार्य

    जनगणना-2021: 16 मई से होगा शुरू कांगड़ा जिला में मकानों का सूचीकरण कार्य

    धर्मशाला। जनगणना-2021 के तहत कांगड़ा जिले में घरों की सूचीकरण तथा जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य 16 मई से लेकर 30 जून तक किया जाएगा। इस के लिए जनगणना अधिकारियों तथा फील्ड कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे चरण में हिमच्छादित क्षेत्रों में 11 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक जनगणना का कार्य संपन्न किया जाएगा जबकि अन्य क्षेत्रों में नौ फरवरी से लेकर 28 फरवरी 2021 तक जनगणना का कार्य पूर्ण किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त राकेश प्रजापति ने डीआरडीए सभागार में जनगणना अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर का समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि दी।

    उपायुक्त ने कहा कि जनगणना देश के विकास का आधार है। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर कार्यान्वित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों एवं नीतियों की सफलता के लिए जनगणना के सही आंकड़ों का होना आवश्यक है। यह तभी संभव है, जब जनगणना कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हों और अपने कार्य को समर्पण एवं निष्ठा के साथ-साथ समय पर पूरा करें।
    उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा स्थानीय निर्वाचन में जनगणना के आंकड़े महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर ही नीतियों व योजनाओं के निर्माण के लिए मूल्यवान सूचना प्राप्त होती है। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनगणनाा कार्य से सम्बन्धित समस्त पहलुओं को सूक्षमता से समझें, ताकि जनगणना के कार्य को त्रुटिरहित एवं समयबद्ध पूर्ण किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी शंकाओं का निर्वारण करें।

    इस अवसर पर जनगणना विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र प्रसाद ने जनगणना कार्य की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रशिक्षण में जनगणना अधिकारियों को उनके उत्त्तरदायित्व एवं विभिन्न कानूनी प्रावधानों व नियमों के बारे में जानकारी दी।

    इस अवसर पर एडीसी राघव शर्मा, एडीएम मस्त राम भारद्वाज सहित उपमंडलाधिकारी तथा विभिन्न जनगणना अधिकारी उपस्थित थे।

  • वे बोलते नहीं देश के विभाजन की बर्बादी पर, आपातकाल के झटकों पर मुंह खोलते नहीं – डाॅ. पूनिया

    वे बोलते नहीं देश के विभाजन की बर्बादी पर, आपातकाल के झटकों पर मुंह खोलते नहीं – डाॅ. पूनिया

    जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनिया ने गुरुवार को विधानसभा में बजट चर्चा में भाग लेते हुए बोला मुख्यमंत्री जी शायद मोदी फोबिया से ग्रस्त हैं, इसलिए उन्होंने सबसे पहले बजट की शुरूआत जीएसटी और नोटबंदी से की और इस सम्बन्ध में उन्होंने टूटा-फूटा शेर भी अर्ज किया कि ‘‘नोटबंदी पर मुंह खोलते नहीं, जीएसटी पर बोलते नहीं।’’ इसके जवाब में डाॅ. पूनिया ने शेर पढ़ते हुए कहा कि ‘‘देश के विभाजन की बर्बादी पर वे बोलते नहीं, आपातकाल के झटकों पर मुंह खोलते नहीं। राज के मजे लिए 50 साल, तब महंगाई, भ्रष्टाचार, बेकारी से देश रहा बदहाल। फिर भी करते रहे शासन और कहते रहे हमारा शासन बेमिसाल, यह कैसी फितरत है जादूगर, भोली-भाली जनता को ठगकर भी सच बोलते क्यों नहीं, देश के विभाजन की बर्बादी पर मुंह खोलते क्यों नहीं।’’
    डाॅ. पूनिया ने जीएसटी और नोटबंदी पर बोलते हुए कहा कि 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इसकी चर्चा हुई, उस चर्चा के दौरान इसे क्रांतिकारी कदम कहा गया। नोटबंदी से नकली नोट समाप्त हुए, बैंकों में काला धन जमा हुआ, 99 लाख, 49 हजार नए करदाता बढ़े। सरकारी खजाने में इजाफा हुआ। संदिग्ध खाते बंद हुए। दो लाख चैबीस हजार फर्जी कम्पनियां बंद हुई।
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट में सात संकल्पों पर बोलते हुए डाॅ. पूनियां ने निरोगी राजस्थान के बारे में बोला कि कोटा के जेके लाने अस्पताल की घटना से सरकार के चिकित्सा विभाग के प्रति लापरवाही साफ नजर आती है। इस बजट में सीएचसी, पीएचसी और सबसेंटर के बारे में मौन है। जनता क्लीनिक की इस बजट में घोषणा की है, जो पिछली बार भी की थी, लेकिन जनता क्लीनिक के नाम पर तीन क्लीनिक के उद्घाटन का दिखावा जरूर किया गया। सवाईमान सिंह अस्पताल को छोड़कर पूरे प्रदेश के अस्पतालों में बेसिक जांच की सुविधाएं नहीं है। मुफ्त दवाओं के नाम पर सिर्फ 14 दवाएं ही उपलब्ध हैं।
    गुटखे और पानमसाले पर पाबन्दी जरूर लगाई है, लेकिन राजस्थान में नौजवानों पर पंजाब की तरह नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उसके रोकथाम पर कोई चर्चा नहीं की।
    डाॅ. पूनिया ने कहा कि दूसरे संकल्प में सम्पन्न किसान की बात की गई है। किसानों के लिए दस दिन में सम्पूर्ण कर्जा माफी की बात की गई, लेकिन कर्जा माफ नहीं किया। सरकार को सदन में इसका जवाब देना होगा। किसानों के लिये अनाज की पचास प्रतिशत भंडारण व्यवस्था भी नहीं करी है।
    अपराधों की दृष्टि से राजस्थान शर्मसार हुआ है। ढाई लाख से भी ज्यादा मुकदमें दर्ज हुए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि अपराधों के मामले में महिला अपराधों की बढोतरी हुई, फिर महिला अपराधों की रोकथाम के लिये बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
    सरकार की जनजाति 2020 की प्रगति रिपोर्ट कहती है कि कल्याण निधि का 55 प्रतिशत खर्च नहीं किया गया। केन्द्रीय सहायता जो जनजातीय क्षेत्र के लिए मिलती है, उसमें आपने 54 प्रतिशत फंड खर्च नहीं किया। यह सरकार के लिये शर्मिन्दगी की बात है। आपने वोट बटोरने के लिये बेरोजगारी भत्ते की घोषणा की। प्रदेश में 27 लाख बेरोजगार हैं, लेकिन आपने डेढ़ लाख को भत्ता देकर इतिश्री कर ली।
    पानी, बिजली और सड़क के मुद्दे पर पिछली सरकार की जल स्वालम्बन योजना का नाम बदलने से उस योजना की क्रियान्विती नहीं हो सकती, जब तक आपकी नीति और नियत स्पष्ट न हो। बिजली के लिए स्कीम निकाली, लेकिन 60 लाख उपभोक्ताओं का जिक्र नहीं किया। बिजली के दाम कैसे कम करोगे इसका भी कोई जिक्र नहीं किया।
    सड़कों पर अपने विधानसभा क्षेत्र आमेर का उदाहरण देते हुए कहा डाॅ. पूनियां ने कहा कि जिन सड़कों का डामरीकरण नहीं हुआ, उनका शिलान्यास हो गया, ग्रेवल सड़कें बन गई, लेकिन उन पर डामरीकरण आज तक नहीं हुआ। बराबर जवाब मांगते है, लेकिन विभाग ने कभी जवाब नहीं दिया। सातवां संकल्प कौशल तकनीकी विकास प्रधान केंद्र की योजनाओं को कट, काॅपी, पेस्ट जरूर किया है, लेकिन राजस्थान कौशल विकास का जो आंकड़ा आप बताते हैं, उसमें सच्चाई नहीं है। इस बजट में राजस्थान के लिये महत्त्वपूर्ण पर्यटन, पर्यावरण, युवा-खेल, नगरीय निकाय और जनजाति विकास के लिये कोई खास प्रावधान या बजट नहीं रखा। इस बजट में दलितों, आदिवासियों, बच्चे, बूढ़े, और जवानों के आंसुओं का हिसाब नहीं है। 2019 के राज्यपाल महोदय के भाषण से लेकर अब तक पूरे सवा साल में 90 प्रतिशत काम ऐसे हैं, जिन पर अमल नहीं हुआ।
    डाॅ. पूनिया ने आमेर क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र भी किया, जिनमें अस्पताल, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य इत्यादि जनहित के मुद्दे हैं, जिन पर सरकार सुनवाई नहीं कर रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट को सार रूप में बताते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि यह बजट है इन, मीन, तीन, दिशाहीन, मुद्दाहीन, कर्महीन, दृष्टिहीन, मतिहीन, गतिहीन, अर्थहीन, तथ्यहीन, संख्याहीन, परिणाम संगीन और इन सबके आगे राजस्थान की जनता गमगीन।

  • एमएसएमई सेक्टर का विकास जरूरी देश को विकसित बनाने के लिए : कलराज मिश्र

    एमएसएमई सेक्टर का विकास जरूरी देश को विकसित बनाने के लिए : कलराज मिश्र

    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो देश में एमएसएमई सेक्टर के उद्योगों का विकास एवं उनकी समस्याएं दूर किया जाना जरूरी है। राज्य सरकार नीति निर्माण एवं कई प्रकार की प्रोत्साहन योजनाओं से इस दिशा में काफी अच्छा काम कर रही है। सीआईआई जैसे औद्योगिक संगठनों की भूमिका भी सकारात्मक माहौल के निर्माण में महत्वपूर्ण है।

    राज्यपाल गुरूवार को यहां होटल राजपूताना शेरटन में कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘‘राजस्थान स्टेट एनुअल सेशन 2020, राजस्थानः ए लैण्ड ऑफ ऑपरचुनिटी फॉर एमएसएमई एण्ड इंडस्ट्री‘‘ विषयक सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल कर्तव्यों में भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं ज्ञानार्जन का उल्लेख है, आज इसी की आवश्यकता है कि उद्योग वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं ज्ञानार्जन से नवाचारों को अपनाते हुए आगे बढें। बडे़ उद्योगोंं को चाहिए कि छोटे उद्योगों से छोटे-छोटे पुर्जे, सामान तैयार करवाएं क्योंकि दोनों प्रकार के उद्योग एक दूसरे पर आश्रित हैं।

    मिश्र ने कहा कि छोटे उद्योगाेंं को पंजीकरण, ऋण प्राप्ति, वित्त, विपणन, बिक्री, एक्सपोर्ट, मार्केटिंग में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार ने उनकी कठिनाइयों को दूर करने का व्यापक प्रयास किया है लेकिन उद्योगों को भी केवल सरकार की योजनाओं के भरोसे न रहकर अपने आप में आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने उद्योग आधार मेमोरेण्डम लॉंन्च किया था जिससे लघु उद्योगों के पंजीकरण में अत्यधिक वृद्धि हुई थी। सीआईआई जैसे संगठनों ने भी एमएसएमई के प्रोत्साहन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है।

    मिश्र ने इस मौके पर सभी उपस्थितियों को भारतीय संविधान की उद्येशिका एवं मूल कर्तव्यों का पठन कराया एवं उनके भावों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान एमएसएमई के क्षेत्र में अग्रणी है। पिछले वर्ष के आरम्भ में जब द राजस्थान माइक्रो स्मॉल एण्ड मीडियम एन्टरप्राइजेज (फेसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एण्ड ऑपरेशन ऑर्डिनेंस 2019) आया तो इसके जरिए 17 विभागों की करीब 101 तरह की अनुमतियों की अनिवार्यता खत्म कर दी गई। यहां तक कि इंस्पेक्शन की बाध्यता भी नहीं रही जिससे उद्योग कागजी कार्यवाही में न उलझें और अपने उद्योग की बेहतरी के लिए काम करें। पोर्टल rajudyogmitra.rajasthan.gov.in के जरिए मात्र 2 मिनट में डिजिटल साइन से प्रमाणपत्र जारी होने लगा है। यह एक्ट देश में अपनी तरह का पहला एक्ट है जिसका अध्ययन दूसरे राज्य भी कर रहे हैं। यहां तक कि सीआईआई के सर्वे में 90 प्रतिशत लोग इससे संतुष्ट हैं। उन्होंने प्रदेश की सर्वोत्तम उद्योग नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, अन्य उद्योगों के लिए वन स्टॉप शॉप जेसे अभिनव प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही एक निश्चित क्षेत्रफल तक उद्योग स्थापना के लिए लैंडयूज परिवतर्नन की बाध्यता समाप्त किए जाने के बारे में भी जानकारी दी।
    सीआईआई नॉर्थ रीजन के उपाध्यक्ष निखिल स्वाहने ने कहा कि इंडिया की ग्रोथ स्टोरी एमएसएमई के बिना अधूरी है, लेकिन अभी इस क्षेत्र में कई समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में अपर्याप्त प्रशिक्षण, तकनीकी एवं रिसर्च की कमी, बैंकिंग, ऋण, वित्तीय प्रबन्धन, मार्केटिंग, क्रेडिट की समस्याओं को रेखांकित किया। सीआईआई राजस्थान कौंसिल के अध्यक्ष आनन्द मिश्रा ने सत्र का संचालन किया। धन्यवाद सीआईआई राजस्थान ने दिया।

  • जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से

    जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से

    पंचकूला। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेक्टर 3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस महिला खेल प्रतियोगिता में जिला के चार खण्डों से सैंकड़ों महिलाओं व ब्लाक स्तर के महिला खेल प्रतियोगिता के विजेताओं ने भाग लिया।

    इस प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड मोरनी की निर्मला देवी, 300 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड मोरनी की कविता देवी, 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड रायपुररानी की अनुराधा, आलू दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड मोरनी की निर्मला देवी, साईकिल दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड पिंजौर की परमिंदर कौर, मटका दौड़ में प्रथम स्थान पर खण्ड पिंजौर की परमजीत कौर रही। जिला कार्यक्रम अधिकारी जोगिंदर कौर ने सभी विजेताओं को मैडल और सर्टिफिकेट दिये। उन्होंने बताया कि इनाम की राशि सभी विजेताओं के बैंक खातों में डाली जाएगी। इस कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगाए।

    इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास परियोेजना अधिकारी आरू वशिस्ट, शशि सांगवान, सरोज नैन, शिवानी कोहली, जिले की सभी सुपरवाइजरों ने भाग लिया।

  • कड़ी कार्रवाई होगी मलबा डालकर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध

    कड़ी कार्रवाई होगी मलबा डालकर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध

    जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण के चिन्तन सभागार में गुरूवार को करतारपुरा नाले के अतिक्रमण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें नाले में डाले जाने वाले मलबे को रोकने व डाले गये मलबे को हटाने एवं नाले का सीमांकन कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा कर दलों का गठन किया गया जो नाले के अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई की जायेगी।
    बैठक में निर्णय लिया गया कि मलबा डालने वालों की नियमित सात दिनांे तक 24 घंटे नगर निगम व जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों की निगरानी में होम गार्ड तैनात किये जायेंगे, जो मलबा डालने वालेे टेªक्टर, डम्परों को रोकेंगे तथा मलबा डालने वाले वाहनों की सूची तैयार कर स्थानीय थाने को उपलब्ध करायेंगे। जिससे डम्पर व टेªक्टर मालिकों के विरूद्ध थाने द्वारा कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को भी चिन्हिकरण कर उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जायेगी।
    बैठक में निर्णय लिया गया कि जयपुर तहसीलदार के नेतृतव में जेडीए, नगर निगम, जिला कलेक्टर, भू-प्रबन्ध विभाग द्वारा करतारपुरा नाले का शीघ्र ही टीम गठित कर सीमांकन किया जायेगा। साथ ही जेडीए एवं नगर निगम द्वारा नाले को अवरूद्ध कर रखे मलबा को कैसे हटाया जाये इसकी कार्ययोजना तैयार करेगा।
    बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी अनिल पालीवाल,ने सुझाव दिया कि स्थानीय पुलिस द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग करने व नाले का शीघ्र सीमांकन किया जाये। बैठक में निर्णय लिया कि नियमित करतारपुरा नाले की उच्चस्तरीय प्रभावी मॉनिटरिंग कर अतिक्रमण मुक्त करने के लिए किये गये प्रयासों की समीक्षा की जायेगी।
    बैठक में जयपुर विकास आयुक्त टी.रविकांत, जिला कलेक्टर जोगाराम, पुलिस अधीक्षक रणवीर सिंह, डीसीपी साउथ- योगेष दाघीच, निदेशक अभियांत्रिकी वी.एस.सुण्डा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता मकसूद अहमद एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर बीरबल सिंह सहित जेडीए के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से ख्वाजा साहब का 808 वें उर्स पर अजमेर शरीफ पर चादर पेश

    राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से ख्वाजा साहब का 808 वें उर्स पर अजमेर शरीफ पर चादर पेश

    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से गुरूवार को अजमेर के प्रसिद्ध सूफी सन्त ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर पेश की गई। ख्वाजा साहब के 808वें सालाना उर्स के मौके पर राज्य में खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ राज्यपाल मिश्र ने सभी जायरीनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

    राज्यपाल कलराज मिश्र के विशेषाधिकारी गोविन्द राम जायसवाल और सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) डाॅ. लोकेश चन्द्र शर्मा ने गुरुवार प्रातः दस बजे मज़ार शरीफ पर चादर पेश की। खादिम मुकद्दस मोईनी ने उन्हें जियारत कराई। अंजुमन के पदाधिकारियों व जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने चादर की अगवानी की। दरगाह पहुंचने पर अधिकारियों की दस्तारबंदी की गई। राज्यपाल मिश्र ने अपने संदेश में कहा है कि ‘‘ ख्वाजा साहब ने इन्सानी मोहब्बत का पैगाम दिया। गरीब और यतीमों की मदद करने के कारण ही उन्हें गरीब नवाज के रूप में जाना जाता है। सालाना उर्स के मुबारक मौके पर मैं, प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। मैं, प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए दुआ करता हूं।

  • LJP अध्यक्ष चिराग ने कहा-पटना को छोड़ बिहार के बाकी जिलों में 100 नंबर नाकाम

    LJP अध्यक्ष चिराग ने कहा-पटना को छोड़ बिहार के  बाकी जिलों में 100 नंबर नाकाम

    नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार में आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी की पोल खोली है। लोजपा अध्यक्ष ने शुक्रवार को बताया कि बिहार में पटना को छोड़ तकरीबन अन्य सभी जिलों में 100 नंबर काम नहीं करता है, जोकि इमरजेंसी ऑल फ्री नंबर है।

    इस नंबर पर डॉयल करके देश में कोई भी नागरिक नजदीकी थाने से संपर्क कर सकता है। चिराग पासवान ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि बिहार में पटना को छोड़ लगभग सभी जिलों में 100 नंबर काम नहीं करता है। ऐसे में किसी को सुरक्षा का विश्वास कैसे होगा। आज मैं यहां नालंदा में हूं और यहां भी 100 नंबर काम नहीं करता है।

    मैं मुख्यमंत्रीजी को इस समस्या से भी अवगत करवाऊंगा व पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में भी शामिल करूंगा। लोजपा अध्यक्ष ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बिहार में पुलिस को गुंडे मारकर भाग जाते हैं, पुलिस की बंदूक काम नहीं करती, 100 नंबर कैसे काम करेगा?

    उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा कि जब तक हर जिले में 2-4 गुंडों को ठोका नहीं जाएगा, बिहार में गुंडागर्दी, लूटमार बंद नहीं हो सकती। बिहार की सारी पुलिस शराबबंदी में लगी हुई है, लागू कराने में नहीं, उससे पैसा कमाने में। चिराग पासवान इन दिनों राज्य में बिहार फस्र्ट बिहारी फस्र्ट यात्रा पर हैं। इस यात्रा का समापन 14 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में होगा। लोजपा अध्यक्ष ने ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया पर अपने नाम के साथ युवा बिहारी जोडक़र युवा बिहारी चिराग पासवान लिखा है।

  • मोहन भागवत दिल्ली हिंसा पर बोले, देश में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए हम दोषी

    मोहन भागवत दिल्ली हिंसा पर बोले, देश में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए हम दोषी

     

    नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि देश में जो कुछ भी हो रहा है और होगा उसके लिए हम दोषी है। हम अंग्रेजों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं। भागवत ने यह बात नागपुर में नववर्ष 2020 कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान कही। भागवत ने अपने संबोधन में डॉ अंबेडकर और भगिनी निवेदिता की कही कुछ बातों का भी उल्लेख किया है। माना जा रहा है कि यह बयान दिल्ली हिंसा को लेकर दिया गया है।

    मोहन भागवत ने कहा कि हम स्वतंत्र हो गए हैं। राजनीतिक दृष्टि से खंडित क्यों नहीं हो लेकिन स्वतंत्रता हमें मिली, आज अपने देश में अपना राज है। लेकिन यह स्वतंत्रता टिकी रहे और राज्य सुचारु रूप से चलता रहे इसलिए सामाजिक अनुशासन आवश्यक है।

    भगिनी निवेदिता का उदाहरण देते हुए भागवत ने कहा कि इसके बारे में स्वतंत्रता से पूर्व भगिनी निवेदिता ने हम सबको सचेत करते हुए कहा था कि देशभक्ति की दैनिक जीवन में अभिव्यक्ति नागरिकता के अनुशासन को पालन करने से होती है।

    भागवत ने अंबेडकर के भाषणों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वतंत्र भारत का संविधान प्रदान करते समय डॉक्टर अंबेडकर साहब के दो भाषण संसद में हुए। उनमें उन्होंने जिन बातों को उललेखित किया है वो यही बात है कि अब हमारे देश का जो कुछ होगा उसमें हम जिम्मेवार हैं, अब कुछ रह गया, कुछ नहीं हुआ, कुछ उलटा-सीधा हुआ तो ब्रिटिशों को दोष नहीं दे सकते, इसलिए हमको अब बहुत विचार करना पड़ेगा।

  • केन्द्र सरकार पर मुख्यमंत्री गहलोत ने साधा निशाना, संविधान की उड़ाई जा रही है धज्जियां

    केन्द्र सरकार पर मुख्यमंत्री गहलोत ने साधा निशाना, संविधान की उड़ाई जा रही है धज्जियां

    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि आज देश का माहौल खराब किया जा रहा है। जेएनयू और एएमयू के छात्रों को सड़कों पर उतरना पड रहा है। जो इनके साथ हुआ ऐसा नहीं होना चाहिए। देश में रोजगार खत्म किया जा रहा है।
    यह बात मुख्यमंत्री गहलोत ने आज राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष पूजा वर्मा के कार्यालय के उद्घाटन के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए कही।

    मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान सबसे सर्वोपरि है। उसकी धज्जियां उड़ाई जा रही है। धर्म के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है। हमारे देश में अमन, चैन और भाईचारा बना रहना चाहिए।

    उन्होंने आगे कहा कि छात्र जीवन में सीखा जाने वाला कार्य हमेशा याद रहता है। राजनीति में छात्र सेवा समझकर आगे आना चाहिए। राजस्थान विश्वविद्यालय में सभी धर्म और जाति के लोग पढ़ते हैं। देश में राजस्थान विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा सबसे अलग है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री देवेन्द्र सिंह भाटी भी मौजूद थे।