Category: state-news

  • बिहार में नौ लोगों की मौत बस और ऑटो की टक्कर में

    बिहार में  नौ लोगों की मौत बस और ऑटो की टक्कर में

    औरंगाबाद । बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में एक अनियंत्रित ट्रक और ऑटो की टक्कर में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से आठ यात्री जख्मी बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, बिजुलिया गांव के कुछ लोग एक ऑटो (टेम्पो) पर सवार होकर रफीगंज में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान कियाखाप गांव के समीप एक पेट्रोल पंप के समीप रफीगंज की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। इस घटना में ऑटो के परखच्चे उड़ गए।

    इस दुर्घटना में घटनास्थल पर ही चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान पांच अन्य लोगों की मौत हो गई।

    रफीगंज के थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बताया कि कुछ मृतकों की पहचान हुई है, लेकिन अधिकांश मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि घायलों में दो लोगों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

  • राजस्थान: कोर्ट ने दोनों दोषियों को सुनाई मां-बेटी दुष्कर्म लूट-हत्या के मामले में फांसी की सजा

    [object Promise]

    जयपुर। कोटा के भीमगंजमंडी का दिल दहलाने वाले मां-बेटी दुष्कर्म-लूट-हत्या के मामले में काेर्ट ने नाैकर सहित दाे आराेपियाें काे दाेषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही दाेनाें पर 80-80 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विद्वान न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने अपने निर्णय में कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह मामला समाज की सामूहिक चेतना से संबंधित है। आरोपियों द्वारा अपराध तब किया गया जब दो स्त्रियां अपने घर में अकेली थीं। आरोपियों ने फरियादी के घर में रखी संपत्ति लूटी, बल्कि फरियादी की पोती से दुष्कर्म कर दोनों महिलाओं की हत्या कर दी।

    न्यायाधीश ने कहा कि यह अपराध व्यक्तिगत अपराध नहीं है, बल्कि ऐसे स्थान एवं इस प्रकृति से किया गया था जो कि पूरे समाज के लिए खतरा था। ऐसे दरिंदों को समाज कभी भी अपने बीच नहीं देखना चाहता और विधि का यह कर्तव्य है कि समाज के न्याय के लिए पुकार को सुना जाए। न्यायाधीश ने फैसले में आगे लिखा कि हमारे मत में आरोपियों द्वारा किया गया कृत्य जघन्य श्रेणी का है, यदि आरोपियों को मृत्युदंड के अलावा और कोई भी सजा दी जाती है तो वह समाज के लिए गंभीर खतरा होगा।

  • अमरिन्दर सिंह की सिफारिश पर वित्त विभाग ने 577 करोड़ रुपए जारी किये बिजली सब्सिडी और विभिन्न कल्याण स्कीमों के लिए

    [object Promise]

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की हिदायत पर वित्त विभाग ने पंजाब राज्य बिजली निगम, सरबत सेहत बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जल सप्लाई के विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए 577 करोड़ रुपए जारी किये हैं।
    बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि किसानों को खेती ट्यूबवैलों पर दी जाने वाली सब्सिडी के एवज़ में पावरकॉम को 400 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं। इसी तरह सरबत सेहत बीमा योजना के अंतर्गत 135 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं जिससे बीमा कंपनी को दूसरी किश्त की अदायगी की जानी है। जि़क्रयोग्य है कि इस स्कीम के अधीन 45.89 लाख परिवारों को शामिल किया गया है जो राज्य की लगभग 75 प्रतिशत आबादी के बराबर है। इस स्कीम के अधीन प्रति परिवार 5 लाख रुपए सालाना नकद रहित बीमे का उपबंध है और अब तक स्कीम के अधीन 181.55 करोड़ रुपए की लागत से 1.57 लाख लाभपात्रियों का ईलाज किया जा चुका है।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 27 करोड़ रुपए और राज्य में जल सप्लाई के विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए 15 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं जिससे लोगों के लिए पेयजल मुहैया करवाना यकीनी बनाया जा सके।

  • हरियाणा सरकार के कर्मचारियों से आवेदन आमंत्रित सरकारी आवास के आवंटन के लिए

    [object Promise]

    चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के कर्मचारियों से चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-39बी में हरियाणा सरकार के आवास टाइप-3, टाइप-1 और टाइप-4 के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी पात्र कर्मचारियों के आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि आगामी 10 मार्च, 2020 है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए आवास आवंटन समिति, हरियाणा, चंडीगढ़ के प्रवक्ता ने बताया कि इस बारे में मुख्य सचिव, चंडीगढ़ और पंचकूला स्थित सभी विभागाध्यक्ष, हरियाणा सिविल सचिवालय के प्रशासनिक अधिकारी, चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित नव सचिवालय के अवर सचिव (राजस्व), पंचकूला के उपायुक्त, पंचकूला के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरियाणा लोक निर्माण विभाग, चंडीगढ़ सर्कल के अधीक्षक अभियंता और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है।

    उन्होंने बताया कि पत्र के अनुसार पात्र कर्मचारी से तात्पर्य है कि हरियाणा सरकार के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में नियमित आधार पर कर्मी होना चाहिए और इस आवंटन के लिए समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार पंचकूला और सेक्टर-39बी में स्थित हरियाणा सरकार के आवास के आवंटन के लिए पंचकूला और चंडीगढ़ में स्थित बोर्ड, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं में प्रतिनियुक्ति पर गए हुए कर्मी भी पात्र होंगे।

    उन्होंने बताया कि यूटी प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ में यदि हरियाणा सरकार के कर्मियों को पहले से ही सरकारी आवास आवंटित किया गया है तो वे चंडीगढ़ और पंचकूला में हरियाणा सरकार के सरकारी आवास के लिए पात्र नहीं होंगे। बोर्ड, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी इन आवासों के आवंटन के लिए पात्र भी नहीं होंगे।

    उन्होंने बताया कि टाइप-1 और टाइप-4 के आवास के लिए पात्र कर्मचारी का आवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष या संवितरण एवं आहारण अधिकारी द्वारा 1 जनवरी, 2020 तक वेतन सत्यापित होना चाहिए और उसका मूल वेतन की रेंज 35400 रुपये तक हो। इसी प्रकार, टाइप-4 के आवास के लिए पात्र कर्मचारी का आवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष या संवितरण एवं आहारण अधिकारी द्वारा 1 जनवरी, 2020 तक वेतन सत्यापित होना चाहिए और उसका मूल वेतन की रेंज 44901 रुपये से 56100 रुपये तक हो।

    प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे सभी पात्र कर्मचारी haryanapwd.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन फार्म डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन फार्म सचिव, आवास आवंटन समिति, हरियाणा, निर्माण सदन, प्लाट नम्बर-1, सेक्टर-33ए, चंडीगढ़ कार्यालय में प्रात: 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच जमा करवा सकते हैं।

  • कांग्रेस के मानसिक, वैचारिक और आर्थिक दिवालियापन को दर्शाता है यह बजट: डाॅ. पूनिया

    कांग्रेस के मानसिक, वैचारिक और आर्थिक दिवालियापन को दर्शाता है यह बजट: डाॅ. पूनिया

    जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनिया ने कांग्रेस सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट हताशा, निराशा, उत्साहहीन, दिशाहीन और थोथी घोषणाओं वाला है। कांग्रेस सरकार ने पिछले बजट में जो घोषणाएं की थी, वह सिर्फ कागजों और विज्ञापनों में ही दिखाई देती हैं, उनकी धरातल पर क्रियान्विति नहीं हुई। इसी तरह यह बजट भी कोरा कागज ही सिद्ध होगा। यह बजट पिछले बजट को ही कट, काॅपी और पेस्ट किया गया है। किसानों की कर्जा माफी और बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा करने के बाद भी इसको लागू करने में सरकार असफल रही। वहीं प्रदेश में कानून व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अपराध की रोकथाम के लिए कानून व्यवस्था दुरुस्त हो, इसके लिए बजट में किसी भी प्रकार की घोषणा नहीं की गई।

    कर्जा माफी का झूठा वादा करके किसानों का कर्जा माफ नहीं किया गया, जिसके कारण प्रदेश के कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस सरकार ने इस बजट में उनको राहत देने की कोई बात नहीं कही। दस लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करने वाली सरकार, केवल डेढ़ लाख बेरोजगारों को भत्ता देकर अपने वादे से मुकर चुकी है और युवाओं को रोजगार देने में भी असफल रही, इस कारण प्रदेश का युवा रोजगार के लिए आंदोलन करने को मजबूर है।

    घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से बिजली की दरों को नहीं बढ़ाने का वादा किया गया किंतु एक साल में ही बिजली की दरों को बढ़ा दिया और आज बजट में भी बिजली की दरों में राहत देने का कोई उल्लेख नहीं किया। पुलिस का आधुनिकीकरण कैसे हो, उनको नए संसाधन कैसे दिए जाएं, पुलिस का मनोबल किस तरह बढ़े, इसे लेकर भी सरकार की कार्ययोजना और बजट का न होना बहुत निराशाजनक है।

    डाॅ. पूनिया ने कहा कि पीएससी, सीएससी और सब सेन्टर जनता में इनकी बड़ी मांग है। उन मांगों को पूरा करने के लिए सरकार ने बजट में कुछ नहीं किया। कांग्रेस की फितरत है टाइटल बदलना, नाम बदलना और भाजपा की सरकारों की योजनाओं को अपनी योजना बता देना। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी और विवेकानंद का सभी सम्मान करते हैं। विवेकानंद के नाम पर जो माॅडल स्कूल खुले थे, वह बहुत ही अच्छे चल रहे हैं, लेकिन इस सरकार ने विवेकानंद माॅडल स्कूल का नाम बदलकर अब महात्मा गांधी माॅडल स्कूल कर दिया है। इससे जनता को क्या फायदा होगा? एक लोक कल्याणकारी सरकार जिस तरीके से इंफ्रास्ट्रक्चर का, डेवलपमेंट का, बुनियादी विकास का कमिटमेंट करती है, वो इस बजट मे नदारद है। इस बजट में नए काॅलेज खोलने की कोई घोषणा नहीं हुई। बजट में रिफाइनरी पर महज लीपापोती हुई और प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। इस बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे राजस्थान की शक्ल और सूरत बदल जाए। यह जो बजट है, बहुत सारी योजनाओं पर तो केन्द्र पर निर्भर है, जबकि कांग्रेस सरकार तोहमत भी लगाएगी तो केन्द्र पर, उम्मीद भी केंद्र सरकार से रखेगी।
    प्रदेश सरकार के जो वित्तीय प्रबंधन हैं, उसके बारे में किसी भी तरीके का कोई इंतजामात नहीं है। यह रूटीन बजट है और इस बजट से राजस्थान के किसी भी तबके को कोई बड़ी उम्मीद नहीं है। किसी भी दिशा से यह बजट प्रदेश की आम जनता की अपेक्षाओं का बजट नहीं है। यह बजट कांग्रेस सरकार के मानसिक, वैचारिक और आर्थिक दिवालियापन को दर्शाता है।

  • प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की दी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बधाई

    प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की दी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बधाई

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ‘महाशिवरात्रि’ के पवित्र अवसर पर पंजाब के लोगों को गरिमापूर्ण बधाई देते हुए यह त्योहार भाईचारक सांझ और सद्भावना की सच्ची भावना के साथ मनाने का न्योता दिया है।
    अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लोगों को जाति, रंग, पंथ और धर्म के संकीर्ण विचार से ऊपर उठकर आपसी प्यार और मेलजोल बढ़ाने के लिए यह त्योहार एकजुट होकर मनाने की अपील की है। उन्होंने लोगों को नफऱत और विभाजनकारी शक्तियों की सभी बुराईयों को ख़त्म करने के लिए भगवान शिव की विचारधारा पर चलने का न्योता दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह त्योहार हम सभी के बीच प्यार, स्नेह, एकता और भाईचारक सांझ के संबंधों को और मज़बूत करे।’’

  • पोस्टर के जरिए सिंधिया समर्थक का कमलनाथ पर वार, कहा- मुख्यमंत्री अपनी मर्यादा को भूल गए

    पोस्टर के जरिए सिंधिया समर्थक का कमलनाथ पर वार, कहा- मुख्यमंत्री अपनी मर्यादा को भूल गए

    शिवपुरी। मध्यप्रदेश कांग्रेस में चल रही खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। शिवपुरी जिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक व पार्टी के शहर अध्यक्ष शैलेंद्र टेडिया ने एक पोस्टर लगाकर मुख्यमंत्री कमल नाथ पर निशाना साधा है। शहर के मुख्य चौराहों पर टेडिया की ओर से गुरुवार को पोस्टर लगाए गए हैं। इस पोस्टर में वह तस्वीर है, जिसमें कमल नाथ राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य के साथ नजर आ रहे हैं। कमल नाथ ने यह तस्वीर मुख्यमंत्री बनाए जाने से पहले साझा की थी।

    इस पोस्टर में लिख गया है कि “मुख्यमंत्री इस छायाचित्र की मर्यादा को भूल गए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया से जो कहा गया है, उस पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने पर पार्टी मजबूत होती है। एक पद पर एक ही व्यक्ति का फार्मूला क्यों याद नहीं आ रहा मप्र सरकार को।”

    मप्र कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय शर्मा ने कहा, “हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनता को दिया गया वचनपत्र सरकार को याद दिला रहे हैं और हम अपने महाराज के साथ हैं।”

    शिवपुरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में ग्वालियर संभाग में सबसे ज्यादा सीट ज्योतिरादित्य की बदौलत जीती। जनता से जो वादे किए, उन्हें तो पूरा करना होगा। हम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं।”

  • ELECTION AFFIDAVIT CASE : चुनावी हलफनामे के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को मिली जमानत

    ELECTION AFFIDAVIT CASE : चुनावी हलफनामे के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को मिली जमानत

    नागपुर। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को 2014 के अपने चुनावी हलफनामे में उनके खिलाफ आपराधिक मामलों का खुलासा न करने की शिकायत पर एक आपराधिक मामले में जमानत हासिल की। इस मामले में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पी. एस. इंगल ने फडणवीस को एक अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद वह अदालत में पेश हुए। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।

    वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता सतीश उके ने फडणवीस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग करते हुए 2014 के विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग को सौंपे गए चुनावी हलफनामे में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं करने पर आवेदन दायर किया है।

    फडणवीस को हालांकि पिछले चार अवसरों पर अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई थी। इस मामले में वह गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत परिसर पहुंचे।

    उनके साथ पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) परिनय फ्युक, वरिष्ठ वकील सुनील मनोहर और वकील उदय डबले के साथ ही उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता भी पहुंचे।

    उके ने फडणवीस को जमानत दिए जाने का पुरजोर विरोध किया। जमानत देते समय मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट इंगल ने फडणवीस को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का आदेश दिया।

    फडणवीस ने बाद में मीडिया से कहा, “इनमें से कोई भी मामला व्यक्तिगत रूप से मेरे खिलाफ नहीं है, लेकिन 1995-1997 में झुग्गीवासियों के लिए सार्वजनिक आंदोलन से संबंधित निजी मामला है।”

    वह नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।

  • RLP के विधायकों ने किया नागौर में दलित युवक के साथ हुए उत्पीड़न को लेकर विधानसभा से वॉकआउट

    RLP के विधायकों ने किया नागौर में दलित युवक के साथ हुए उत्पीड़न को लेकर विधानसभा से वॉकआउट

    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में बजट पेश किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के बजट भाषण शुरू होते ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। बजट भाषण शुरू होते ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के विधायकों ने वेल में आकर दो दिन पहले नागौर जिले में दलित युवक के हुए उत्पीड़न के मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। वहीं परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठाते हुए RLP विधायकों ने दोनों मुद्दों पर सदन से वाकआउट कर गए हैं।

  • जमीनी स्तर पर सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: सत्यदेव नारायण आर्य

    जमीनी स्तर पर सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: सत्यदेव नारायण आर्य

    चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास के प्रयासों में अग्रणी रहें।

    राज्यपाल आज यहां आरंभ हुए चौदहवीं हरियाणा विधानसभा के प्रथम बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर सदन में अपना अभिभाषण देे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। सरकार ने निर्वाचन क्षेत्र के सम्बन्धित विधायक की अनुशंसा पर हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया है। ग्राम पंचायतों को और सशक्त करने के उद्देश्य से सरकार ने ग्राम पंचायतों को स्वच्छता, जल संरक्षण, फसल अवशेष जलाने में कमी लाने जैसे विभिन्न कार्यों पर निगरानी रखने की शक्तियां प्रदान की हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि यदि ग्राम सभा की बैठक में कुल सदस्य संक्चया में से दस प्रतिशत सदस्य, गांव की सीमा में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं, तो उन्हें प्रस्ताव पारित करने की शक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि अंतर जिला परिषद् का गठन स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की एक अग्रणी पहल है। यह राज्य की प्राथमिकताओं पर परिचर्चा करने का एक मंच है। इस परिषद में राज्य के सभी भागों के शहरी स्थानीय निकायों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इस परिषद् की अब तक हुई बैठकों में स्थानीय निकायों को और अधिक कार्य, निधियां व कर्मियों का अंतरण करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इनमें से कई सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं और राज्य सरकार अंतर जिला परिषद् के विचार-विमर्श के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों व पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियों और दायित्वों को समुचित रूप से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सत्यदेव नारायण ने कहा कि ’न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए राज्य एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप माहौल तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार के समुचित अवसर सृजित करने के लिए महत्वाकांक्षी सुधारों और कदमों पर निरंतर बल देती रहेगी। इसके लिए ग्रीन फील्ड निवेश को बढ़ावा देकर राज्य के सभी क्षेत्रों में उद्योगों और उद्यमों का विस्तार किया जाएगा।