Category: state-news

  • वन डिस्ट्रीक्ट-वन प्रोडक्ट की बनेगी रणनीति निर्यात को बढ़ावा देने के लिए – मुख्य सचिव

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    जयपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव डी. बी गुप्ता ने वन डिस्ट्रीक्ट-वन प्रोडक्ट निर्यात लक्ष्य की रणनीति बनाते हुए प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर निर्यात संभावनाओं को तलाशते हुए प्रदेश से निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    मुख्य सचिव सचिवालय में राजस्थान निर्यात संवद्र्धन समन्वय परिषद की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश से वस्तुओं के निर्यात के साथ ही सेवाओं के निर्यात की ठोस रणनीति तैयार की जाएगी और इसके लिए चैंपियन सर्विस सेक्टर चिन्हित किए जाएंगे।

    मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा कि प्रदेश से निर्यात की विपुल संभावनाओं का दोहन किया जाना है और इसके लिए संबंधित विभागों को परस्पर सहयोग व समन्वय के साथ काम करना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान निर्यात संवद्र्धन समन्वय परिषद का मुख्य कार्य प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक व्यवस्था, मार्गदर्शन और सहयोग से समन्वित प्रयासों के साथ ही निर्यात में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। उन्होंने बताया कि यह समन्वय परिषद औद्योगिक संगठनों, केन्द्र व राज्य सरकार के संबंधित विभागों व उपक्रमों से समन्वय स्थापित करने के साथ ही प्रदेश में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का सृजन करेगी।

    उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश से 2018-19 में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। उन्होंने बताया कि निर्यात क्षेत्र में इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, कृषि, जेम एवं ज्वैलरी, खनिज एवं मिनरल सहित विभिन्न क्षेत्रों से निर्यात हो रहा है। उन्होेंने कहा कि राजस्थान निर्यात संवद्र्धन समन्वय परिषद के गठन से निर्यात मे और अधिक बढ़ोतरी होगी वही निर्यात को नई दिशा मिल सकेगी।

    अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान निर्यात संवद्र्धन परिषद के गठन की भी औपचारिकता अंतिम चरण में है और एक दो दिन में ही इसका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।
    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन राजीव स्वरुप, प्रमुख सचिव टूरिज्म श्रेया गुहा, सीसीटी श्रर प्रीतम यशवंत, एमडी रीको आशुतोष पेडनेकर, सचिव पशुपालन डॉ राजेश शर्मा, सचिव पार्यावरण व वन डॉ. डीएन पाण्डे समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

  • राजस्थान – 293 रिश्वतखोर चढ़े एसीबी के हत्थे, सजा अभी तक एक को भी नहीं

    राजस्थान – 293 रिश्वतखोर चढ़े एसीबी के हत्थे, सजा अभी तक एक को भी नहीं

    जयपुर । राजस्थान में इन दिनों परिवहन विभाग के घूसकांड की चर्चा विधानसभा से लेकर हर जिले में हो रही है । घूसखोरी के मामले के चलते एक एजेंसी के सर्वे के अनुसार राजस्थान पिछले साल भ्रष्ट प्रदेश में की सूची में अव्वल भी आ चुका है।

    राजस्थान विधानसभा में लगे एक सवाल के जवाब के मुताबिक जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक सम्पत्ति के 28 मामले दर्ज किए। इसी तरह पद के दुरूपयोग और अन्य अनियतताओं के 91 मामले दर्ज किए। इसके अलावा रिश्वत को लेकर ट्रैप की 326 कार्रवाई की गई।

    जवाब में बताया गया है कि इस अवधि में कुल 293 अधिकारी कर्मचारियो को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इननसे रिश्‍वत राशि के रूप में कुल 16095715/-रूपये बरामद किए गए।

    एसीबी के मुताबिक उक्त दर्ज प्रकरणों में से 66 प्रकरणों का अदालात में चालान प्रस्‍तुत किया जा चुका है, जो न्‍यायालय में विचाराधीन है। अभी तक न्‍यायालय द्वारा उक्‍त प्रकरणों से संबंधित किसी अधिकारी/कर्मचारी को सजा देने या बरी करने का फैसला अभी नहीं किया गया है।

    आपको बता दे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह साफ कर चुके है कि राज्‍य सरकार भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कटिबद्ध हैा एसीबी के कार्यो की दिनांक 27-11-19 को उच्‍चतम स्‍तरीय समीक्षा बैठक ली गई जिसमें भ्रष्‍टाचार निरोधक तंत्र को और प्रभावी बनाने के उददेश्‍य से अनेक निर्णय लिये गये। मुख्‍य सतर्कता अधिकारियों की भूमिका को और सशक्‍त बनाये जाने का निर्णय लिया गया। एसीबी से प्राप्‍त प्रकरणों के समयबद्ध निस्‍तारण एवं आय से अधिक सम्‍पत्ति के प्रकरणों में त्‍वरित कार्यवाही के निर्देश प्रदान किये गये, साथ ही भ्रष्‍ट एवं अक्षम अधिकारियों की अनिवार्य सेवानिवति की कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।

  • दिल का दौरा पड़ने से पूर्व सांसद, बंगाली अभिनेता तापस पॉल का निधन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक

    दिल का दौरा पड़ने से पूर्व सांसद, बंगाली अभिनेता तापस पॉल का निधन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक

    मुंबई। बंगाली फिल्म के चर्चित अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पॉल का मंगलवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। 61 वर्षीय अभिनेता की पत्नी और एक बेटी है। बेटी से मिलने के लिए ही वह वहां गए थे। पॉल का जुहू के एक अस्पताल में निधन हुआ। उन्होंने सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली।

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेतापस पॉल के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वह खबर सुनकर ‘दुखी और स्तब्ध’ हैं। इसके साथ ही उन्होंने पॉल को बंगाली सिनेमा का सुपरस्टार बताया। बनर्जी ने ट्वीट किया कि वह बंगाली सिनेमा के सुपरस्टार थे, जो तृणमूल परिवार के एक सदस्य थे। उन्होंने कहा कि तापस ने दो बार सांसद और विधायक बनकर लोगों की सेवा की। हम उन्हें बहुत याद करेंगे। मेरी सहानुभूति उनकी पत्नी नंदिनी, बेटी सोहिनी और उनके ढेर सारे फैंस के साथ है।

    पॉल वर्ष 2009 और 2014 में कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे। इससे पहले वह वर्ष 2001 और 2006 में दो बार अलीपुर सीट से जीतकर पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य बने थे।

    तापस पॉल ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं अदा कर बंगाली सिनेमा प्रेमियों के दिल में एक खास स्थान बनाया है।

    दादर कीर्ति (1980), साहेब (1981), भालोबासा भालोबासा (1985), गुरुदक्षिणा (1987) और अनुराग चोयन (1986) उनकी हिट फिल्मों में शामिल हैं।

  • भक्तों का सैलाब उमड़ता है शिवरात्री पर बैजनाथ में

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    धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश हमेशा अपनी विशेष संस्कृति, लोक शिल्प एवं लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। प्रदेश को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। राज्य की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परम्पराएं अत्यंत समृद्ध हैं। प्रदेश में अनेक मेले एवं त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें समृद्ध संस्कृति, कला और जन आस्था की जीवंत छवि देखने को मिलती है।

    देवभूमि हिमाचल देवी-देवताओं तथा श्रृषि-मुनियों के धार्मिक स्थलों के लिए भी विख्यात है। वर्ष भर लगने वाले पारम्परिक मेलों के कारण हिमाचल अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। इन देवस्थलों पर लगने वाले मेले प्राचीन परम्पराओं को आज भी जीवंत बनाए हुए एक मिसाल बने हुए हैं। बैजनाथ शिव मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सुन्दर पहाड़ी स्थल पालमपुर के पास स्थित है। बैजनाथ शिव मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दूर से आने वाले लोगों की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यह मंदिर वर्षभर पूरे भारत से आने वाले भक्तों, विदेशी पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की एक बड़ी संख्या को आकर्षित करता है।

    बैजनाथ शिव मंदिर उत्तर भारत का प्रसिद्ध धाम है। यहां पर पूरा वर्ष पर्यटकों का तांता लगा रहता है। विशेषकर शिवरात्रि में यहां का नजारा ही अलग होता है। शिवरात्रि को सुबह से ही मंदिर के बाहर भोलेनाथ के दर्शनों के लिए हजारों लोगों का मेला लगा रहता है। इस दिन मंदिर के साथ बहने वाली बिनवा खड्ड पर बने खीर गंगा घाट में स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु स्नान करने के उपरांत शिवलिंग को पंचामृत से स्नान करवा कर उस पर बिल्व पत्र, फूल, भांग, धतूरा इत्यादि अर्पित कर भोले बाबा को प्रसन्न करके अपने कष्टों एवं पापों का निवारण कर पुण्य कमाते हैं। महाशिवरात्रि पर हर वर्ष यहां पंाच दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 21 फरवरी से 25 फरवरी, 2020 तक मनाया जा रहा है। मेले के दौरान रात को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। देश के कोने-कोने से शिव भक्तों के साथ विदेशी पर्यटक भी यहां आते हैं और मंदिर की सुन्दरता को देखकर भाव-विभोर हो जाते हैं।

    पौराणिक कथा के अनुसार त्रेता युग में लंका के राजा रावण ने कैलाश पर्वत पर भगवान शिव की तपस्या की। कोई फल न मिलने पर दशानन ने घोर तपस्या प्रारंभ की तथा अपना एक-एक सिर काटकर हवन कुंड में आहुति देकर शिव को अर्पित करना शुरू किया। दसवां और अंतिम सिर कट जाने से पहले शिवजी ने प्रसन्न हो प्रकट होकर रावण का हाथ पकड़ लिया। उसके सभी सिरों को पुनर्स्थापित कर शिव ने रावण को वर मांगने को कहा। रावण ने कहा मैं आपके शिवलिंग स्वरूप को लंका में स्थापित करना चाहता हूं। आप दो भागों में अपना स्वरूप दें और मुझे अत्यंत बलशाली बना दें। शिवजी ने तथास्तु कहा और लुप्त हो गए। लुप्त होने से पहले शिव ने अपने शिवलिंग स्वरूप दो चिन्ह रावण को देने से पहले कहा कि इन्हें जमीन पर न रखना।

    रावण दोनों शिवलिंग लेकर लंका को चला। रास्ते में ‘गौकर्ण’ क्षेत्र बैजनाथ में पहुंचने पर रावण को लघुशंका का आभास हुआ। उसने ‘बैजु’ नाम के एक ग्वाले को सब बात समझाकर शिवलिंग पकड़ा दिए और शंका निवारण के लिए चला गया। शिवजी की माया के कारण बैजु उन शिवलिंगों के भार को अधिक देर तक न सह सका और उन्हें धरती पर रखकर अपने पशु चराने चला गया। इस तरह दोनों शिवलिंग वहीं स्थापित हो गए। जिस मंजूषा में रावण ने दोनों शिवलिंग रखे थे, उस मंजूषा के सामने जो शिवलिंग था, वह ‘चन्द्रताल’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ और जो पीठ की ओर था, वह ‘बैजनाथ’ के नाम से जाना गया। मंदिर के प्रांगण में नंदी बैल की मूर्ति है। नंदी के कान में भक्तगण अपनी मन्नत मांगते है। बैजनाथ मंदिर परिसर में प्रमुख मंदिर के अलावा कई और भी छोटे-छोटे मंदिर है, जिनमें भगवान गणेश, मां दुर्गा, राधा-कृष्ण व भैरव बाबा की प्रतिमाएं विराजमान हैं।

    अत्यंत आकर्षक सरंचना और निर्माण कला के उत्कृष्ट नमूने के रूप के इस मंदिर के गर्भ-गृह में प्रवेश एक डयोढ़ी से होता है, जिसके सामने एक बड़ा वर्गाकार मंडप बना है, और उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ बड़े छज्जे बने हैं। मंडप के अग्र भाग में चार स्तंभों पर टिका एक छोटा बरामदा है, जिसके सामने ही पत्थर के छोटे मंदिर के नीचे खड़े हुए विशाल नंदी बैल की मूर्ति है। पूरा मंदिर एक ऊंची दीवार से घिरा है और दक्षिण और उत्तर में प्रवेश द्वार हैं। मंदिर की बाहरी दीवारों में मूर्तियों, झरोखों में कई देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। बहुत सारे चित्र दीवारों में नक्काशी करके बनाए गए हैं। बरामदे का बाहरी द्वार और गर्भ-गृह को जाता अंदरूनी द्वार अत्यंत सुंदरता और महत्व को दर्शाते अनगिनत चित्रों से भरा पड़ा है।

    बैजनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए दिल्ली से पठानकोट या चण्डीगढ़-ऊना होते हुए रेलमार्ग, बस या निजी वाहन व टैक्सी से पंहुचा जा सकता है। दिल्ली से पठानकोट और कांगड़ा जिले में गग्गल तक हवाई सेवा भी उपलब्ध है।

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  • HARYANA : हिसार में खड़े ट्रक में घुसी एक कार, शादी से लौट रहे 6 लोगों की मौत

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    चंडीगढ़। हरियाणा के हिसार जिले में सोमवार को एक वाहन एक खड़ी ट्रक में जा घुसा, जिससे वाहन में सवार छह लोग मारे गए। जबकि 6 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह दुर्घटना राखी शाहपुर गांव के पास उस समय हुई, जब पीड़ित शादी से लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लोग हिसार जिले के चूली बागड़ियां गांव के रहने वाले हैं।
    जानकारी के अनुसार, इको गाड़ी में मिलकपुर गांव से कुछ लोग जा रहे थे। उनकी गाड़ी गांव राखी गढ़ी के पास पहुंची तो व‍ह सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। आसपाल के लोगों ने इको गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन छह लोगों की मौत हो गई। छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों के शव हांसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, नारनौंद से उचाना मार्ग पर राखी शाहपुर गांव के पास एक ट्रक सड़क के किनारे खड़ा था। इको गाड़ी वहां पहुंची तो चालक का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रक से टकरा गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल छह लोगों को हिसार के सामान्य अस्पताल भर्ती कराया गया है।

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  • जयपुर की 3 ज्वैलर्स फर्मों पर ED ने डाले छापे

    जयपुर की 3 ज्वैलर्स फर्मों पर ED ने डाले छापे

    जयपुर। ईडी की जयपुर टीम ने तीन फर्मों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सोना-चांदी सहित 3.75 करोड़ के लगभग नकदी जब्त की है। इसमें 26.97 किलो सोना और ज्वैलरी, 12.24 किलो चांदी शामिल हैं। सूत्राें ने बताया कि जयपुर के अलावा कोलकाता और चेन्नई में भी कार्रवाई की गई। इसमें कुल जब्ती 15 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है।

    ईडी के अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई के हर्ष बोथरा, बांका बुलियंस प्राइवेट लिमिटेड से इनपुट मिलने के बाद जयपुर की टीम ने यहां के तीन ज्वैलर्स के कार्रवाई की। दरअसल ये फर्में बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी कर रही थी, इसका भुगतान जयपुर से हवाला के माध्यम से किया जाता रहा है।

    ईडी ने इन फर्मों से जुड़े सभी एसोसिएट्स के लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिए हैं, इनकी जांच की जा रही है। ईडी ने बताया कि इन फर्मों ने करोड़ों रुपए के जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और इनकम टैक्स की चोरी की है। इन पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत कार्रवाई की गई है।

  • स्वतंत्रता सेनानी दुर्गा प्रसाद अग्रवाल के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदना व्यक्त की

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    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी दुर्गा प्रसाद अग्रवाल (खादीवाला) के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

    गहलोत ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में दिवंगत अग्रवाल के योगदान को सदैव याद किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

  • बढ़ेंगे चिकित्सकों के पद देहरा अस्पताल में, डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मिलेगीः जयराम ठाकुर

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    धर्मशाला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अपने कांगड़ा जिले के शीतकालीन प्रवास के दौरान उन्होंने ज्वालामुखी और देहरा विधानसभा क्षेत्रों में 182 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए, जिनमें देहरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 50 करोड़ रुपये के शिलान्यास एवं उद्घाटन शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने बुधवार को देहरा विधानसभा क्षेत्र के ढलियारा में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन प्रवास के पहले चरण में उन्होंने बैजनाथ, कांगड़ा और इन्दौरा विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 165 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन किए थे। इस प्रकार कांगड़ा जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में अभी तक लगभग 350 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन किए जा चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि कांगड़ा जिला का शीतकालीन प्रवास केवल एक परम्परा मात्र और राजनीतिक लाभ के लिए न होकर प्रदेश के सबसे बड़े जिले का विकास किया जाए। पांच दिनों की अवधि में 350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस जिले के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग और सिंचाई की करोड़ों रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य जल्दी आरम्भ किया जाएगा, जिसे लेकर वे केन्द्र सरकार से मामला उठाएंगे। चिनौर औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्र की 9 पंचायतें लाभान्वित होंगी। डिग्री कॉलेज ढलियारा को आदर्श महाविद्यालय बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी ताकि क्षेत्र के युवाओं को गुणात्मक शिक्षा मिल सके।

    उन्होंने घोषणा की नागरिक अस्पताल ढलियारा में चिकित्सकों के पदों को 9 से बढ़ाकर 14 किया जाएगा और अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने हरिपुर में संयुक्त कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 1.50 करोड़ रुपये और नगर परिषद भवन देहरा के लिए एक करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आभारी है, जिन्होंने इस राज्य को अपना दूसरा घर माना है और यहां की विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप उदार आर्थिक सहायता प्रदान की है। वह पिछले दो वर्षों में दो बार प्रदेश का दौरा कर चुके हैं और रोहतांग में अटल सुरंग के लोकार्पण के लिए जुलाई या अगस्त के माह में पुनः यहां आएंगे।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अनेक कल्याणकारी और विकासात्मक परियोजनाएं आरम्भ की हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश के लोगों का जीवन बेहतर और खुशहाल बनेगा। जन मंच कार्यक्रम को विपक्षियों ने भी सराहा है, क्योंकि इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का घर-द्वार के समीप त्वरित निपटारा हो रहा है। केन्द्र सरकार ने प्रदेश को 10500 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं मंजूर की हैं, जिससे यहां विकास को गति मिलेगी।

    इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने देहरा तहसील के अन्तर्गत ढलियारा-सूरजपुर उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना के सुधार एवं संबर्द्धन, ग्राम पंचायत चुडरेहड़, सुनहेट और नलेटी के विभिन्न गांवों में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 7.82 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजनाओं, नरड खड्ड पर पुल, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हरिपुर उप-तहसील के गुलेर, पीर, बिंदली गांवों के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना और हरिपुर-गुलेर महाविद्यालय के कैंटीन खण्ड की आधारशिलाएं रखीं।

    उन्होंने चनौर और बेह में स्वास्थ्य उप-केन्दों, ढलियारा में बायोमास प्लांट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ढलियारा, हाल ही में स्तरोन्नत हरिपुर तहसील और लोक निर्माण विभाग के हरिपुर स्थित उप-मण्डल का शुभारम्भ किया।

    इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने देहरा में पुलिस के आवासों का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने देहरा विश्राम गृह में जन समस्याऐं भी सुनीं। जय राम ठाकुर ने इससे पहले राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में शिक्षकों और विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का शिक्षा केन्द्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सरकार श्रेष्ठ शैक्षणिक अधोसंरचना उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने आज प्रातः ज्वालाजी मन्दिर में पूजा-अर्चना की।

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    केन्द्रीय वित्त एवं कार्पोरेट राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार ने 15वें वित्त आयोग के माध्यम से हिमाचल को 19309 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इससे जहां प्रदेश में विकास को गति मिलेगी, वहीं यह भी सुनिश्चित होगा कि धन की कमी के कारण कोई भी विकास परियोजना अधर में न रहे। उन्होंने कहा कि ढलियारा महाविद्यालय के छात्रावास निर्माण के लिए वह हर संभव सहयोग देंगे। धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल और उपलब्धि है।

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कार्पोरेट टैक्स की जो दरें घोषित की हैं वे विश्व भर में आकर्षक हैं, जिसके कारण देश में वैश्विक निवेश संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयासों से भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिकी बन गया है।

    स्थानीय विधायक होशियार सिंह ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ढलियारा कॉलेज में बी.एड., एम.बी.ए. और भू-विज्ञान में एम.एस.सी. कक्षाएं आरम्भ करने और क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का आग्रह किया।

    पूर्व मंत्री रविन्द्र सिंह रवि ने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका दोहन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध गुलेर चित्रकला को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है ताकि इसे विश्व मानचित्र पर उभारा जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से देहरा अस्पताल को उप-मण्डलीय अस्पताल में स्तरोन्नत करने और सड़क नेटवर्क में सुधार का भी आग्रह किया।

    भाजपा मण्डलाध्यक्ष निर्मल सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, राज्य योजना बोर्ड के अध्यक्ष रमेश ध्वाला, विधायक राकेश पठानिया, अर्जुन सिंह एवं विशाल नेहरिया, कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. राजीव भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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  • बिहार में नक्सलियों ने शिक्षा के मंदिर को बम से उड़ायाबिहार में नक्सलियों ने शिक्षा के मंदिर को बम से उड़ाया

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    गया। बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के बांकेबाजार प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की रात नक्सलियों ने एक सरकारी स्कूल भवन में विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि रात में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के एक हथियारबंद दस्ते ने सोनदाहा गांव में धावा बोल दिया और वहां स्थित मध्य विद्यालय के भवन में विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया। सूत्रों के मुताबिक इस घटना में विद्यालय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

    सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान इस विद्यालय भवन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का अस्थायी कैंप बनाया गया था। इस साल छह फरवरी को वह कैंप यहां से हटाया गया था।

    बांकेबाजार के थाना प्रभारी संजय कुमार ने बुधवार को बताया कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है तथा नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान प्रारंभ कर दिया गया है।

  • सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के 98वें जन्म दिवस के अवसर पर

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    चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के 98वें जन्म दिवस पर बुधवार को स्थानीय बेअंत सिंह मेमोरियल, सेक्टर-42 में सर्वधर्म प्रार्थना सभा करवाई गई। इस समागम के मौके पर पहुंची शख्सियतों ने उनकी समाधि पर फूल चढ़ाकर उनको याद किया।

    इस मौके पर उनके पोते लोकसभा मेंबर रवनीत सिंह बिट्टू और विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने देश की एकता और अखंडता कायम रखने के लिए नशा, आतंकवाद, अलगाववाद और भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ मुहिम को मज़बूती से आगे लेकर जाने का प्रण दोहराया। समागम में उपस्थित शख्शियतों ने दिवंगत बेअंत सिंह को याद करते हुए उनके द्वारा पंजाब में अमन-शान्ति बहाल करने के लिए किए गए यत्नों की प्रशंसा की और खाडक़ूवाद के दौरान निभाई गई भूमिका का जि़क्र किया।

    उपस्थित राजनैतिक और सामाजिक नेताओं ने कहा कि पंजाब के मुश्किलों भरे दौर में जिस निडरता से दिवंगत बेअंत सिंह ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दीं, उसके लिए उनको एक समर्पित नेता के तौर पर याद किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब निवासियों में भाईचारक सांझ, एकता और अपनत्व बनाए रखने के लिए अथक यत्न किये गए जिसके स्वरूप राज्य फिर से ख़ुशहाली और तरक्की की राह पर अग्रसर हुआ। उन्होंने राज्य के लोगों के ख़ातिर अपनी जान भी दाव पर लगा दी। उनके द्वारा शुरू की गई कोशिशों के कारण पंजाब उन्नती का नया अध्याय लिख सका। इस मौके पर लोगों ने प्रण लिया कि वह पंजाब की ख़ुशहाली और तरक्की एवं पंजाबवासियों की ख़ुशी और उन्न्ती के लिए पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा दर्शाए गए पदचिन्हों का अनुसरण करते रहेंगे।

    सर्वधर्म प्रार्थना में खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले संबंधी मंत्री भारत भूषण आशू, विधायक सुरिन्दर डावर, लखवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह जी.पी., संजय तलवार और अंगद सैनी, पूर्व मंत्री और दिवंगत बेअंत सिंह के सुपुत्र तेजप्रकाश सिंह, पूर्व विधायक अजीतइन्दर सिंह मोफर, मुख्यमंत्री के ओएसडी सन्दीप संधू, मेयर बलवान संधू, मलकीत सिंह दाखा, यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिन्दर सिंह ढिल्लों समेत दिवंगत बेअंत सिंह के पारिवारिक सदस्य और राजनैतिक एवं सामाजिक नेता उपस्थित थे।

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