Category: state-news

  • 15 फरवरी से पहले जमा करवाएं पेंशनधारक जीवन प्रमाण पत्र

    [object Promise]

    धर्मशाला। जिला कोषाधिकारी कांगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि धर्मशाला से सम्बन्धित जिन पेंशनधारकों की दिसम्बर माह से पेंशन जीवन प्रमाण पत्र ना देने के कारण बंद हो गई है, उनसे अपनी बैंक पास बुक को अपडेट करवाने का आग्रह किया है।

    उन्होंने पेंशनधारकों से जल्द से जल्द अपने जीवन प्रमाण पत्र को जिला कोषाधिकारी धर्मशाला के कार्यालय में 15 फरवरी, 2020 से पहले-पहले जमा करवाने का अनुरोध किया है, ताकि पेंशनधारकों की पेंशन को पुनः चालू किया जा सके।

    [object Promise]

  • DELHI ASSEMBLY ELECTIONS: चुनावी रैलियों को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने किया सम्बोधित

    [object Promise]

    शिमला। मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर और और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने हिमाचल आईटी विभाग की टीम के द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की एवं दिल्ली चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कार्यकर्ताओं के काम की सराहना की।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिल्ली विधानसभा के मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन देने और चुनने का आग्रह किया है ताकि राष्ट्रीय राजधानी को सुरक्षित बनाया जा सके और शाहीन बाग जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोबारा घटित न हों।

    मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली के करोलबाग विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार योगेन्द्र चन्दोलिया तथा उत्तमनगर विधानसभा क्षेत्र के मोहन गार्डन व बिन्दापुर में किशन गहलोत के पक्ष में चुनावी रैलियों को सम्बोधित कर रहे थे।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राष्ट्रीय राजधानी होने के बावजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री का चुनाव अभियान का मुख्य मुद्दा पेयजल और बिजली सुविधा है, जबकि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में वर्ष 1985 में ही शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया जा चुका था।

    मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मतदाताओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत एवं योग्य नेतृत्व का समर्थन करें ताकि दिल्ली मैट्रो विश्व की सर्वश्रेष्ठ मैट्रो सेवा बने। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के खोखले वायदों के झांसे में नहीं आएगी क्योंकि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में बड़े-बड़े दावे करने के अलावा कोई विकास नहीं किया।

    उन्होंने कहा कि यह नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का परिणाम है कि आज जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को समाप्त कर दिया गया है। इससे पूरे देश में एक देश एक झण्डा और एक संविधान का लक्ष्य पूरा हुआ है और देश मजबूत बना है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर बिना किसी बाधा के दूसरे राज्यों की तर्ज पर समृद्ध होगा।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने हमेशा लोगों के हितों को ध्यान में रखा है और मजबूत और गतिशील राष्ट्र निर्माण का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम का लक्ष्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। देश के अल्पसंख्यकों को डरने आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह इस महान देश के नागरिक हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोग रहते हैं और वे स्वार्थी लोगों की कुटिल चालों को समझने में सक्षम हैं और झूठे वायदों और दावों में आने वाले नहीं हैं।

    बाद में मुख्यमंत्री ने राहिणी विधानसभा क्षेत्र के रोहिणी में भाजपा उम्मीदवार विजेन्द्र गुप्ता के समर्थन में भी चुनावी रैली को सम्बोधित किया।

    [object Promise]

  • महाराष्ट्र में नया बंदरगाह बनेगा 65 हजार करोड़ की लागत से, केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने दी मंजूरी

    [object Promise]

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में 65 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक नया बंदरगाह विकसित किया जाएगा। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। वधावन बंदरगाह के विकास के बाद भारत विश्व के शीर्ष 10 कंटेनर बंदरगाह वाले देशों में शामिल हो जाएगा। महाराष्ट्र में देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह जेएनपीटी में है। यह महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक, तेलंगाना के अंतक्ष्रेत्र और गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, एनसीआर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के द्वितीयक अंतक्ष्रेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है। विश्व के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों के रखरखाव के लिए डीप ड्राफ्ट बंदरगाह की जरूरत है, जो 10 मिलियन टीईयू की योजित क्षमता का पूरा उपयोग किए जाने के बाद जेएनपीटी बंदरगाह से अधिप्लावन यातायात की जरूरतों को भी पूरा करे।

    जेएनपीटी बंदरगाह और मुंद्रा देश के दो सबसे बड़े कंटेनर रखरखाव (केवल मध्यम आकार के कंटेनर जहाजों के लिए) करने वाले बंदरगाह हैं।

    इनकी ड्राफ्ट क्रमश: 15 मीटर और 16 मीटर है, जबकि दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर रखरखाव करने वाले आधुनिक डीप ड्राफ्ट बंदरगाह के लिए 18एम से 20 एम के ड्राफ्ट की जरूरत है। तट के निकट वधावन बंदरगाह में प्राकृतिक ड्राफ्ट लगभग 20 मीटर है, जिससे इस बंदरगाह पर बड़े जहाजों के रखरखाव की संभावना है।

    वधावन बंदरगाह का विकास 16,000 से 25,000 टीईयू क्षमता के कंटेनर जहाजों को आमंत्रित करने में समर्थ बनाएगा। इससे अर्थव्यवस्थाओं के स्तर में बढ़ोतरी और लॉजिस्टिक लागत कम होने के लाभ मिलेंगे।

    कैबिनेट ने अपने फैसले में बताया कि इस नए बंदरगाह को भू-स्वामित्व मॉडल में विकसित किया जाएगा। इसकी लागत 65,544 हजार करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के साथ एक शीर्ष भागीदार के रूप में एक स्पेशल पर्पज व्हिकल (एसपीवी) स्थापित किया जाएगा। जेएनपीटी की इस परियोजना को लागू करने में इक्विटी भागीदारी 50 प्रतिशत के बराबर या इससे अधिक होगी।

    एसपीवी अंतक्ष्रेत्र के साथ कनेक्टिविटी स्थापित करने के अलावा भूमि सुधार, ब्रेक वॉटर के निर्माण सहित बंदरगाह बुनियादी ढांचे का विकास करेगा। सभी व्यापारिक गतिविधियां निजी ड्वेलेपर्स द्वारा पीपीपी मोड के तहत की जाएंगी।

    कैबिनेट ने अपने निर्णय में कहा कि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) भारत में सबसे बड़ा है। इसका विश्व में 28वां स्थान है तथा इसका यातायात 5.1 मिलियन टीईयू (20-फुट इक्वेलेंट यूनिट्स) है। वर्ष 2023 तक 10 मिलियन टीईयू की क्षमता वृद्धि करने वाले चौथे टर्मिनल के पूरा होने के बाद भी जवाहरलाल नेहरू पोर्ट विश्व में 17वां सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट होगा।

    कंटेनर जहाजों के लगातार बढ़ रहे आकार के कारण भारत के पश्चिमी तट पर डीप ड्राफ्ट बंदरगाह का विकास करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। जेएनपीटी अंतक्ष्रेत्र में कंटेनर यातायात 2020-25 तक मौजूदा 4.5 एमटीईयू से बढ़कर 10.1 एमटीईयू पहुंचने की उम्मीद है।

  • गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहना पुरस्कार मिलेगा 1 लाख 45 हजार 973 बालिकाओं को

    [object Promise]

    जयपुर। राज्य में शुक्रवार को गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण समारोहों का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
    डोटासरा ने बताया कि राज्य के पंचायत समिति मुख्यालयों एवं जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले इन समारोहों में इस बार 1 लाख 45 हजार 973 बालिकाओं को 56.79 करोड़ रुपए की राशि का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक, प्रवेशिका, उच्च माध्यमिक एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा 2019 में 75 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृृृत किया जाएगा।
    डोटासरा ने बताया कि पुरस्कत होने वाली बालिकाओं के आवेदन पत्र शाला दर्पण पर ऑनलाइन भरवाए गए थे। गार्गी पुरस्कार में तीन हजार एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में पांच हजार रुपए की राशि बालिकाओं के बैंक खातों में स्थानान्तरित की जाएगी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि समारोह में माध्यमिक परीक्षा 2018 की 37 हजार 312 बालिकाओं को द्वितीय किस्त के चेक भी प्रदान किए जाएंगे।

    शिक्षा मंत्री डोटासरा ने बताया कि पुरस्कार समारोहों में कक्षा-10वीं की 80 हजार 996 तथा कक्षा-12वीं की 64 हजार 977 बालिकाओं को 56.79 करोड़ रुपए की राशि का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गार्गी पुरस्कार एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में सर्वाधिक जयपुर जिले में 23 हजार 240, सीकर जिले में 12 हजार 51, अलवर जिले में 9 हजार 254 तथा झुन्झुनूं जिले में 8 हजार 851 बालिकाओ को पुरस्कत किया जाएगा।

    [object Promise]

  • हरियाणा अव्वल पीएम किसान मानधन योजना के तहत पंजीकरण में

    [object Promise]

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत देश में सबसे अधिक पंजीकरण हरियाणा में हुआ है, जो इस बात का तस्दीक करता है कि राज्य के किसान अपने सुखद बढ़ापे को लेकर ज्यादा जागरूक हैं। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (पीएम-केएमवाई) देश के छोटे व सीमांत किसानों के लिए एक स्वैच्छिक व अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत पंजीकृत किसानों को 60 साल की उम्र के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान है।

    संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा के कुछ सदस्यों द्वारा इस योजना के संबंध में पूछे गए अतारांकित सवालों के लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान मंत्रालय ने जो आंकड़े उपलब्ध करवाएं हैं, उनमें 30 जनवरी 2020 तक हरियाणा के चार लाख से अधिक किसानों ने पीएम-केएमवाई में पंजीकरण करवाया है, जो देश के किसी एक राज्य में इस योजना से जुड़ने वाले किसानों की सबसे बड़ी संख्या है।

    इस मामले में दूसरे स्थान पर बिहार है, जहां पीएम-केएमवाई के तहत 2,71,139 किसानों ने 30 जनवरी 2020 तक पंजीकरण करवाया है। वहीं, झारखंड में 2,45,428 और उत्तर प्रदेश में 2,43,405 किसानों ने उक्त तिथि तक इस योजना के तहत पंजीकरण करवाया है।

    मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करवाए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी तक देशभर में कुल 19,43,363 किसानों ने पीएम-केएमवाई के तहत पंजीकरण करवाया था। हालांकि इसमें अब वृद्धि हो गई है।

    कृषि मंत्रालय की वेबसाइट ‘मानधन डॉट इन’ पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, देशभर में कुल 19,49,955 किसान पीएम-केएमवाई के तहत पंजीकरण करवा चुके हैं।

    लोकसभा सदस्य राजा अमरेश्वर नाईक, जयंत कुमार राय, सुकांत मजूमदार, भोला सिंह और विनोद कुमार सोनकर द्वारा पूछे गए अतारांकित सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की ओर से उपलब्ध करवाया गया है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में झारखंड की राजधानी रांची में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मानधन योजना की घोषणा की थी। सरकार लक्ष्य इस योजना के तहत देश के पांच करोड़ छोटे व सीमांत किसानों को शामिल करना है।

    पीएम-केएमवाई में 18 से 40 साल की उम्र किसान पंजीकरण करवा सकते हैं और इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों के लिए मासिक अंशदान की राशि 55 रुपये से 200 रुपये मासिक है और 60 साल की उम्र तक देय है और इसके बाद उन्हें 3,000 रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा।

  • बिहार में वाहन फूंके नक्सलियों ने, उठा ले गए कर्मचारी को भी

    [object Promise]

    गया । बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के बांके बाजार थाना क्षेत्र में सशस्त्र नक्सलियों ने गुरुवार रात एक सड़क निर्माण में लगे ट्रैक्टर को फूंक दिया और वहां से एक कर्मचारी को अपने साथ लेते चले गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का एक दस्ता गुरुवार रात महावीरगंज गांव पहुंचा और वहां ग्राम पंचायत के द्वारा बनाई जा रही पानी टंकी और सड़क निर्माण में लगे एक ट्रैक्टर को फूंक दिया।

    बांके बाजार के थाना प्रभारी संजय कुमार ने शुक्रवार को बताया, “नक्सली जाने के दौरान वहां काम करा रहे कर्मचारी विनोद यादव को भी अपने साथ ले गए हैं।”

    सूत्रों का कहना है कि नक्सली कई मजदूरों को अपने साथ ले गए थे, परंतु कुछ दूर जाने के बाद सभी मजदूरों को उन्होंने छोड़ दिया। लेकिन विनोद को वे अपने साथ लेते चले गए।

    पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी तेज कर दी है।

  • 11 व 12 फरवरी को स्पोर्ट्स पर्सन के प्रवेश के लिए चयन परीक्षण

    [object Promise]

    धर्मशाला। भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र धर्मशाला की केन्द्र प्रभारी निर्मल कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र धर्मशाला में सत्र 2020-21 के लिए स्पोर्ट्स पर्सन (केवल लड़कियों के लिए) के लिए एथलेटिक्स (स्प्रिंट, मध्य और लंबी दूरी) के लिए चयन ट्रायल आयोजित किया जा रहा है। यह चयन 11 व 12 फरवरी, 2020 को भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र धर्मशाला में होंगे। उन्होंने बताया कि चयन साई, एन.सी.ओ.ई मानदंडों के स्तर के तहत होंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से 11 फरवरी, 2020 को प्रातः 9 बजे पहुंचने का आग्रह किया है।

    चयन के लिए मापदंड़: उन्होंने बताया कि चयन हेतु प्रतिभागियों को एथलेटिक्स (स्प्रिंट, मध्य और लंबी दूरी), आयु 01 अप्रैल, 2020 तक 15 से 25 वर्ष तथा ए.एफ.आई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रथम चार स्थान धारक या अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय / एसजीएफआई खेलों में प्रथम तीन स्थान धारक होना अनिवार्य है।

    प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज: 
    जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खेल प्रमाण पत्र(प्रदर्शन मानदंड के अनुसार), मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, संस्थान से चरित्र प्रमाण पत्र, शिक्षा योग्यता प्रमाण पत्र तथा 5 पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लाना अनिवार्य है।

    संस्थान द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं: उन्होंने बताया कि चयनित प्रतिभागियों को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला बोर्डिंग, लॉजिंग, स्पोर्ट्स ट्रेनिग, स्पोर्ट्स किट, प्रतियोगिता एक्सपोजर और चिकित्सा बीमा आदि सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा तथा खाने और ठहरने की व्यवस्था खुद से करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए विभाग के दूरभाष नम्बर 01892-224807 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

  • बजट में शामिल करेंगे आर्थिक सुधार के लिए उद्यमियों के महत्वपूर्ण सुझाव: अशोक गहलोत

    [object Promise]

    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूरा देश आर्थिक मंदी के हालातों का सामना कर रहा है, ऐसे में उद्योग जगत की बड़ी भूमिका है कि वे ऐसे सुझाव दें जिनसे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए हर पहलू पर काम कर रही है। प्रदेश का आर्थिक वातावरण और बेहतर बन सके इसके लिए आगामी बजट में उचित प्रावधान करने का प्रयास किया जाएगा। आपके सुझाव इसमें महत्वपूर्ण होंगे।

    गहलोत शुक्रवार को शासन सचिवालय के काॅन्फ्रेन्स हाॅल में राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी में राजस्व संग्रहण आशानुरूप न होने के कारण राज्यों को मिलने वाले करों के हिस्से में कमी आई है। साथ ही विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले अनुदान में भी केन्द्र सरकार ने कटौती की है, जिसका असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है। ऐसे हालातों में औद्योगिक विकास से प्रदेश की समृद्धि बढे़गी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि टैक्स कलेक्शन में किसी तरह का लीकेज ना हो और ईमानदारी से कर अदा करने वाले उद्यमियों और व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां, कानून एवं योजनाएं लागू की हैं जिससे प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बदला है। आने वाले बजट में भी उद्योग जगत का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

    बैठक मेें विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बजट को लेकर अपने सुझाव दिए। उन्होंने एक स्वर में कहा कि विपरीत आर्थिक हालातों के बावजूद राज्य सरकार ने विगत एक वर्ष में उद्योगों को पर्याप्त सम्बल प्रदान किया है। कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, रिप्स, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, एमएसएमई एक्ट जैसे कदमों की न केवल प्रदेश में बल्कि प्रदेश के बाहर के उद्यमी भी प्रशंसा कर रहे है। इनसे राज्य के उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और औद्योगिक निवेश बढे़गा।

    मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को निवेश की दृष्टि से बेस्ट डेस्टिनेशन बनाने का प्रयास कर रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य ने कहा कि उद्यमियों से प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उचित सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

    बैठक में ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, शासन सचिव एवं बड़ी संख्या में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • 100 दिनों के कार्यकाल की मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गिनाई उपलब्धियां

    [object Promise]

    चंडीगढ। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने 100 दिनों के कार्यकाल में प्रदेश हित में साफ-सुथरी, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन उपलब्ध करवाकर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का काम किया है तथा अगले पांच वर्षों की योजनाओं का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। सरकार की इस पहल से प्रदेश के 2.5 करोड़ लोग काफी हद तक संतुष्ट हैं।
    मुख्यमन्त्री आज यहां राज्य सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों पर जानकारी देने के लिए बुलाए गए एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि इन 100 दिनों में पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाया गया है और कई योजनाओं का विस्तार किया गया है तथा कई-नई योजनाएं लागू की गई हैं। वर्ष 2020-21 का बजट तैयार करने के लिए विभिन्न स्टेक होल्डर्स और विधायकों से विचार-विमर्श करने की पहल की गई है। एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज को अभी तक औद्योगिक दरों पर बिजली दी जाती थी, जिसे अब 4.75 रुपए प्रति यूनिट किया जा रहा है। उद्योगों में हरियाणा के अकुशल श्रमिकों को 75 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैडिकल के पीजी पाठ्यक्रमों में नियमित आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

    मनोहर लाल ने कहा कि पिछले 100 दिनों में प्रदेश में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया गया। जींद में 664 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां ट्रीटेड वेस्ट वाटर का पुन: इस्तेमाल किया जाएगा। इससे लगभग 1,20,000 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई की जा सकेगी। सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर बड़वासनी में 200 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी की स्वीकृति दी गई है। बहादुरगढ़ में 124.33 करोड़ रुपए की लागत से बाई पास स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, 282 करोड़ रुपए की लागत से 11 आरओबी, आरयूबी और पुलों का निर्माण कार्य अलाट किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश पीर-पैगम्बरों व साधु-संतों व महापुरुषों की धरा रही है। इस अवसर पर उन्होंने धर्म क्षेत्र करुक्षेत्र में 5 एकड़ जमीन में गुरु रविदास धाम बनाने की घोषणा भी की ताकि युवा पीढ़ी गुरु रविदास की शिक्षाओं से सीख ले।

    राज्य सरकार के 100 दिनों के कार्यकाल के दौरान किए गए मुख्य कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस अवधि में इतने कार्य किए हैं जितने कांग्रेस सरकार अपने 10 साल के कार्यकाल में नहीं कर सकी थी। वर्तमान सरकार ने न केवल अपने पांच साल का बल्कि उससे भी अगले पांच साल का रोडमैप तैयार कर लिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों की आशाओं व अपेक्षाओं के अनुरूप पांच साल तक एक स्थिर सरकार देने के लिए न्यूनतम सांझा कार्यक्रम तैयार करने का निर्णय लिया गया। सबसे पहले हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा केन्द्र 50 किलोमीटर के दायरे में स्थापित करने का निर्णय लिया गया। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा की मान्यता पांच वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष की गई।
    मनोहर लाल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के क्रियान्वयन का शुभारम्भ किया तथा पांच पात्र परिवारों के खाते में इस योजना के तहत दी जाने वाली 6000 रुपए की वार्षिक सहायता में से 4000 रुपए हस्तांतरित किए। खाते में जमा राशि का लाभार्थियों के मोबाइल पर एसएमएस आया और मुख्यमंत्री ने स्वयं उस राशि का मिलान किया। योजना के तहत केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना व प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए सरकार की ओर से प्रीमियम भरा जाएगा। इस योजना की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए या पांच एकड़ तक जमीन होनी चाहिए।
    वर्ष 2020 को ‘सुशासन संकल्प वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। वृद्घावस्था सम्मान भत्ता व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2000 रुपए मासिक से बढ़ाकर 2250 रुपए मासिक करने का निर्णय लिया गया। हरियाणा भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत भवन निर्माण कार्यों से जुड़े कामगारों की पेंशन बोर्ड की तरफ से 500 रुपए अतिरिक्त अर्थात 2750 रुपए मासिक की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की मांग के अनुरूप शराब के ठेके गांव की आबादी से बाहर खोलने का निर्णय लिया गया और अब तक 872 ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। विधायक अपने विधान सभा क्षेत्र में पांच करोड़ रुपए तक के विकास कार्य अपने स्तर पर करवा सकेंगे। इसके लिए, विधायकों से ऐसे कार्यों के अनुमान भेजने को कहा गया है।
    वर्तमान सरकार का पहला बजट ऐतिहासिक होगा। इसके लिए कृषि, सेवा, रियल एस्टेट, उद्योग एवं मन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों के सभी स्टेक होल्डर्स से छह प्री-बजट बैठकें की गई हैं। विधायकों से भी बजट पर सुझाव मांगने के लिए 17, 18 व 19 फरवरी को प्री-बजट चर्चा की जाएगी। इसके लिए सभी विधायकों को अर्ध-सरकारी पत्र लिखे गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों के कामकाज में अंग्रेजी के अतिरिक्त हिन्दी भाषा के प्रयोग का निर्णय लिया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति भी हिन्दी भाषा में उपलब्ध करवाने के लिए मंत्रिमण्डल ने स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को पत्र लिखा गया है कि इस सम्बन्ध में वे आगे की कार्रवाई के लिए भारत के राष्ट्रपति को लिखें। हरियाणा के युवाओं को प्राइवेट क्षेत्र में 75 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से उद्यमियों को यह सर्वे करने के लिए कहा गया है कि हरियाणा के कितने प्रतिशत युवक उनकी इकाइयों में कार्य कर रहे हैं। भविष्य में आगे की भर्तियों में हरियाणा के युवाओं को 75 प्रतिशत का लाभ देना अनिवार्य होगा।

    जिस प्रकार हर परिवार में एलपीजी गैस उपलब्ध करवाई गई थी, उसी तर्ज पर हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया है और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया। अब तक दो लाख से अधिक जल कनेक्शन नियमित किए जा चुके हैं। केन्द्र सरकार ने इसका लक्ष्य वर्ष 2024 तक रखा है लेकिन हरियाणा सरकार ने इसका लक्ष्य वर्ष 2022 तक निर्धारित किया है। डार्क जोन वाले 36 ब्लॉकों में भू-जल सुधार के लिए अटल भूजल योजना का शुभारम्भ किया गया है। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार की ओर से 712 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिसमें से 150 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। प्रदेश में ट्रीटेड वेस्ट वाटर पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया गया है तथा उपचारित जल का बागवानी व अन्य कार्यों में पुन: उपयोग हो सकेगा। प्रदेश में 200 एसटीपी के 700 क्यूसिक पानी को उपचारित किया जाएगा।

    भारत सरकार द्वारा सूक्ष्म सिंचाई के 1200 करोड़ रुपए के प्रोजैक्ट स्वीकृत किए गए हैं जिनमें ट्रीटेड वेस्ट वाटर का इस्तेमाल किया जाएगा। ये देश में पहला प्रयोग है,जहां इस स्तर पर ट्रीटेड वेस्ट वाटर का पुन: इस्तेमाल किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 की अनुपालना में सभी सरकारी स्कूलों के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। पहले कक्षा 8वीं तक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती थी। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालकों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड की शुरूआत की गई है। गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की अनूठी पहल की गई है।

    अब लोग लाल डोरे के अन्दर की सम्पत्तियों की भी खरीद फरोख्त कर सकेंगे। करनाल जिले का सिरसी गांव प्रदेश का पहला लाल डोरा मुक्त गांव बना है। इसकी शुरूआत 26 जनवरी, 2020 से की गई है। इसके अलावा, 15 जिलों के 75 गांवों की मैपिंग का कार्य शुरू हो चुका है। राजस्व से जुड़े मामलों की त्वरित व नियमित सुनवाई के लिए हर महीने के पहले मंगलवार को एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो व पटवारी केवल राजस्व मामलों का ही निपटारा करेंगे।
    सब्जी व अनाज मण्डियों में किसानों व मजदूरों को किफायती भोजन उपलब्ध करवाने के लिए अटल किसान मजदूर कैंटीन की शुरूआत की गई है। पंचकूला, भिवानी, फतेहाबाद और नूहं सहित 25 स्थानों पर ऐसी कैंटीन खोली जाएंगी।

    हरियाणा परिवहन के बेड़े में अधिक बसें शामिल करने के लिए किलोमीटर स्कीम लागू करने का निर्णय लिया है। अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखने के लिए ई-रवाना योजना शुरू की गई है। अब खदान से लेकर गन्तव्य स्थल तक वाहन की निगरानी होगी और ओवर-लोडिंग पर नियंत्रण किया जाएगा। अब तक 700 से अधिक वाहनों को जब्त किया जा चुका है।

    कर्मचारी की 52 वर्ष से पहले मृत्यु होने पर उसके आश्रित को अनुकम्पा आधार पर नौकरी देने का निर्णय लिया है। पिछले 100 दिनों की अवधि में जिन कई अन्य योजनाओं का विस्तार किया गया उनमें भावान्तर भरपाई योजना के तहत अब सब्जी व फलों की 10 फसलों को शामिल किया गया है। पहले यह आलू, प्याज, टमाटर व गोभी तो थी, अब गाजर, शिमला मिर्च, बैंगन, अमरूद व किन्नू को शामिल किया गया है। नलकूप बिजली बिल जुर्माना माफी योजना -2019 का दायरा 15 फरवरी, 2020 तक बढ़ाया गया है। 100 दिनों में 71322 किसानों के नलकूप बिजली बिलों के 15.46 करोड़ रुपए की जुर्माना राशि माफ की गई। सहकारी बैंकों के फसली ऋणों के लिए एक-मुश्त निपटान स्कीम लागू की गई जिसके तहत उन किसानों को पुन: ऋण का लाभ दिया जाएगा जिनके खाते एनपीए हो चुके थे। 3 लाख 33 हजार 420 किसानों का 859 करोड़ रुपए का ब्याज और दण्डात्मक ब्याज माफ किया गया।, जिसमें 100 दिनों का 620.90 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को 8 घण्टे की बजाए 10 घण्टे बिजली उपलब्ध करवाने का निर्णय।

    500 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में ऑनलाइन तबादला नीति। शहरी सम्पत्ति कर में छूट। 31 जनवरी, 2020 तक जिन्होंने सभी देय बकाया अदा किए है उनको सम्पत्ति कर में 10 प्रतिशत छूट। मेडिकल व डेन्टल कॉलेजों में एमडी व एमएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए ईडब्ल्यूएस व अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ। वंचित अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत आरक्षण का एक महत्वपूर्ण निर्णय। विश्व की 10 दुर्गम चोटियों पर चढ़ाई करने वाले हरियाणा के पर्वतारोहियों को पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार तथा गे्रड-सी श्रेणी का खेल प्रमाण-पत्र देने का निर्णय लिया गया। राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटालाइज के लिए 91 तहसीलों व उप-तहसीलों में वैब हरलिज योजना लागू। करनाल, पलवल, रेवाड़ी, पंचकूला, फरीदाबाद, यमुनानगर तथा गुरुग्राम आधुनिक राजस्व रिकॉर्ड रूम स्थापित किए गए। 527 नागरिक सेवाएं सरल पोर्टल पर उपलब्ध। सभी 22 जिलों के इतिहास, संस्कृति, जन-जीवन व विकास योजनाओं की जानकारी के लिए बैबसाइट शुरू की गई। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना का सफल क्रियान्वयन प्रदेश का लिंगानुपात एक हजार लड़कों की तुलना में 923 लड़कियों तक पहुंचा। सिरसा जिले के कुछ गांवों में लड़कियों का लिंगानुपात एक हजार से भी अधिक है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, पुरातत्व तथा संग्रहालय राज्य मंत्री अनूप धानक, मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव वी ऊमा शंकर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक पीसी मीणा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • झारखंड :दूसरों को पैरों पर खड़े होने के लिए पैरों से लाचार दीपक कर रहे प्रेरित

    [object Promise]

    लातेहार (झारखंड)। यदि कोई व्यक्ति दिव्यांगता को अपनी कमजोरी मानते हुए इसे किस्मत मानते हैं, तो उन्हें झारखंड के लातेहार के दीपक की कहानी जरूर जाननी चाहिए। जन्म के दो-तीन साल बाद ही दीपक के पैर की नसें सूख गईं। बेहद गरीब परिवार में जन्में दीपक के सामने चुनौतियों का पहाड़ था।

    दीपक दिव्यांग जरूर हैं, लेकिन मजबूर नहीं। उन्होंने अपनी परेशानियों के लिए किस्मत और हालात को दोष नहीं दिया और कुछ कर दिखाने की ठानी। यही कारण है कि दीपक आज खुद के पैरों पर भले नहीं चल सकते हैं, परंतु कई लोगों को अपने ‘पैरों पर खड़े होने’ की राह बता रहे हैं।

    दीपक ने बचपन से ही गरीबी देखी, यही कारण है कि उन्होंने कुछ करने का मन बना लिया। इस दौरान कभी पढ़ाई छोड़ने की स्थिति बनी तो उन्होंने आत्मविश्वास डगमगाने नहीं दिया और अपनी शिक्षा पूरी की। दीपक को अच्छी नौकरी मिल रही थी, परंतु उन्होंने अपने क्षेत्र, गांव के लिए कुछ करने का मन बना लिया और नौकरी ना कर अपने गांव बनबिरवा लौट आए।

    दोनों पैर से लाचार होने के बाद भी दीपक अपनी कोशिश से आज के दौर में युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। सदर प्रखंड के आरागुंडी पंचायत के बनबिरवा गांव निवासी लखन भुइयां का बड़ा बेटा तीन साल की आयु में ही अपने दोनों पैर से लाचार हो गया, तो परिजनों को भविष्य की चिता सताने लगी। परंतु, जुनून के पक्के दीपक ने शिद्दत और समर्पण भाव से पढ़ाई की और वर्ष 2019 में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर से बीटेक किया।

    बीटेक करने के बाद दीपक को प्राइवेट नौकरी के कई ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने नौकरी को स्वीकार नहीं किया। वह अपने घर वापस लौटे और पशुपालन की दिशा में कदम बढ़ाया।

    दीपक ने बातचीत में कहा, “बीटेक करने के बाद नौकरी के कई ऑफर मिले। परंतु इच्छा नहीं हुई। गांव के मित्र, परिजन नौकरी करने की सलाह जरूर देते थे, परंतु मेरी इच्छा नहीं की। मैं घर लौट आया और पशुपालन में जुट गया।”

    उन्होंने कहा, “अगर सरकारी नौकरी मिलेगी तब करूंगा वरना उससे अच्छा है कि यही करूं।” दीपक आज मछली, सुकर, बत्तख और मुर्गी पालन कर रहे हैं। दीपक का मानना है कि ²ढ़ इच्छाशक्ति और मंजिल पाने के समर्पित भाव से परिश्रम किया जाए, तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता।

    दीपक ने आगे कहा, “व्यवसाय के सकारात्मक परिणाम मिले। प्रारंभ से ही मेरी इच्छा सरकारी नौकरी करने की रही थी। अगर नहीं मिली तब भी कोई गिलाशिकवा नहीं है।”

    दीपक ने बताया कि वे तीन साल के थे तभी पैर से लाचार हो गए। तीन वर्ष के बाद ही किसी बीमारी के कारण पैर की नसें सूखती चली गईं।

    उन्होंने कहा, “मैने छात्र जीवन में ही तय कर लिया था कि किसी के ऊपर बोझ नहीं बनूंगा। मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने आज तक जो भी निर्णय लिया है वह बेहतर रहा है।”

    आरागुंडी पंचायत के पूर्व मुखिया गुजर उरांव भी दीपक के इस प्रयास के कायल हैं। मनोहर कहते हैं कि आज दीपक बनबिरवा के ही नहीं आसपास के गांवों के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ा-लिखा होने के कारण दीपक पशुपालन में भी आधुनिक और नए तरीके अपना रहे हैं।

    इधर, लातेहार के प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश रजक ने कहा कि दीपक जैसे युवाओं की कोशिश निसंदेह सराहनीय है। पैर से लाचार होने के बाद भी दीपक सही मायने में अपने पैरों पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि दीपक को जो भी नियमसम्मत सरकारी सहायता की आवश्यकता होगी प्रशासन उन्हें उपलब्ध कराएगा।