Category: state-news

  • बिहार : JDU का RJD पर पलटवार, कहा-नहीं आने वाला जिन्न अब उनकी बातों में

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    पटना। बिहार में राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर वार थमने का नाम नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए लगातार पोस्टर का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में जदयू ने बुधवार को पटना के कई क्षेत्रों में पोस्टर लगाकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर जिन्न के बहाने निशाना साधा है।

    जदयू के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए नए पोस्टर में लालू के साथ-साथ जिन्न को भी दिखाया गया है। पोस्टर में जिन्न को लालू प्रसाद से यह कहते दिखाया गया है कि अब तेरी बातों-वातों में नहीं आने वाला। पोस्टर में लालू सरकार और नीतीश सरकार की तुलना भी की गई है, जिसमें राजद को लेकर पोस्टर के आधे हिस्से में लालू की बातचीत पर बिहार की जनता को यह कहते हुए दिखाया गया है कि जब रखवाले ही चोरी करने लगे तो इसे सीनाजोरी कहते हैं।

    इस पोस्टर पर स्लोगन लिखा गया है, कहे बिहार सुनो भाई-बहनों, घोटालेबाजों के गुण तीन। मान हरे, धन-संपत्ति लूटे और मति ले छीन।

    पोस्टर में राजद के शासनकाल में बिहार में विकास, रोजगार, न्याय, रोटी, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को दिखाया गया है। न्याय को लेकर दिखाई जाने वाली तस्वीर में लालू के साथ-साथ शहाबुद्दीन और राजबल्लभ को सलाखों के पीछे भी दिखाया गया है। उल्लेखनीय है कि दोनों दलों द्वारा प्रतिदिन पोस्टर के जरिए आरोप-प्रत्यारोप जारी है। अब देखना है कि जदयू के इस पोस्टर पर राजद क्या जवाब देती है।

  • राजस्थान : पुलिस हिरासत से भागा दुष्कर्म आरोपी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित

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    जयपुर। राजस्थान पुलिस ने दो पुलिस अधिकारियों -गिरधारीलाल व बलबीर- को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। ऐसा पुलिस हिरासत से एक दुष्कर्म के आरोपी के फरार होने के बाद किया गया। आरोपी को चुरू में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने व उसका सिर कूचने को लेकर मंगलवार को शाम चार बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी का लड़की की हत्या करने का इरादा था। वह उसी दिन पुलिस की हिरासत से शाम छह बजे फरार हो गया।

    आरोपी के भागने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और पुलिस विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह से अलर्ट हो गया। आसपास के जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया। अपराधी को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

    चुरू एसपी तेजस्वनी गौतम, टीम के अतिरिक्त सदस्यों व डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची और छापेमारी की और आखिरकार दुष्कर्म के आरोपी को तीन घंटे बाद पकड़ने में कामयाब रहीं।

    सुदालपुर थाने पर नियुक्त दो पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। आरोपी अकरम काजी को दो नाबालिगों से दुष्कर्म करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने लड़की के साथ दुष्कर्म तक किया, जब वह चॉकलेट खरीदने गई थी।

    अकरम ने बाद में नाबालिग लड़की की हत्या करने के लिए उस पर पत्थर से हमला किया और उसे पत्थरों के नीचे दबा दिया। काफी देर बाद लड़की के नहीं लौटने पर चिंतित परिवार ने उसे खोजना शुरू किया। उसे पत्थरों के नीचे से बाहर निकाला गया और लड़की का चुरू के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

  • मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस हुई आमने-सामने मंदिरों की जमीन नीलामी के मुद्दे पर

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    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग द्वारा मंदिरों की जमीन नीलाम करने की तैयारी विवादों में आ गई है और इस मुद्दे ने कांग्रेस व भाजपा का आमने-सामने ला दिया है। भाजपा ने सरकार के इस प्रयास को हिंदू विरोधी करार दिया है और विरोध करने का ऐलान किया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि असल में, मंदिर-मठों की जमीन कब्जा मुक्त कराए जाने से भाजपा को तकलीफ हो रही है।

    राज्य सरकार मंदिरों की जमीनों को नीलाम करने की तैयारी में है। इसके लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्ताव लाए जाने की चर्चा है। राज्य के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के मंत्री पी.सी. शर्मा ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान माना कि राज्य के कई मंदिरों के पास हजारों एकड़ जमीन है, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है, ऐसी जमीनों की नीलामी किए जाने पर विचार हो रहा है।

    इससे आने वाली राशि से मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सरकार की इस कवायद पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग का कहना है, जब से यह सरकार सत्ता में आई है, हिंदू विरोधी फैसले ले रही है। भाजपा जमीन बेचने के फैसले का विरोध करेगी। सरकार बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए यह फैसला लेने जा रही है।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत ने ट्वीट कर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, हनुमान भक्त कमलनाथ जी का फैसला, मंदिरों की जमीन ऑक्शन कर अब बिल्डरों को दिया जाएगा। मिस्टर 15 प्रतिशत की सरकार की भगवानॉजी से 50 फीसदी की पार्टनरशिप की पेशकश। वक्त है बदलाव का, एमपी मांगे जवाब।

    वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने सरकार की इस पहल को जरूरी बताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय राज्य के मंदिरों-मठों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए लिया जा रहा है। मंदिरों की अतिरिक्त जमीन भवन निर्माताओं को सौंपी जाएगी। इससे न केवल मंदिरों की आय सीधे उनके खाते में जाएगी, बल्कि अवैध कब्जे भी रुकेंगे।

    मंदिरों की जमीन भवन निर्माताओं को सौंपने की तैयारी के भाजपा के आरोप का जवाब देते हुए शोभा ओझा ने कहा, सच तो यह है कि मंदिर-मठ की जमीनों पर भाजपा संरक्षित माफिया कब्जा जमाए बैठे हैं। ये जमीन उनसे मुक्त कराई जाएगी। इस फैसले से भाजपा इसलिए आहत है, क्योंकि सरकार के इस कदम से माफियाओं के हित प्रभावित होंगे।

  • हाईकोर्ट में याचिका दायर फिल्म ‘शिकारा : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स’ के खिलाफ

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    मुंबई । विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘शिकारा : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स’ के खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर इसे रिलीज किए जाने पर रोक लगाने और इसके कुछ दृश्यों को हटवाने की मांग की गई है। इस फिल्म को रिलीज किए जाने की तारीख 7 फरवरी है।

    याचिकाकर्ता इफ्तिखार मिसगर, माजिद हैदरी और इरफान हाफिज लोन ने आरोप लगाया है कि इस फिल्म में कश्मीर और कश्मीरी पंडितों के बारे में गलत तथ्य दर्शाए गए हैं।

    मिसगर ने कहा, “हम इसकी रिलीज रोकने और उन दृश्यों को हटवाने के लिए कह रहे हैं, जिनके जरिए घाटी के मुस्लिमों की छवि खराब करने की कोशि की गई है।”

  • केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र, राष्ट्रीय परियोजना घोषित हो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना

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    जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की महत्वाकांक्षी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की है। उन्होंने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि लगभग 37 हजार 247 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को शीघ्र ही राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए।
    गहलोत ने अपने पत्र में लिखा कि ईआरसीपी से राजस्थान के 13 जिलों को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ 26 विभिन्न वृहद् एवं मध्यम परियोजनाओं के माध्यम से 2.8 लाख हैक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराना प्रस्तावित है। केन्द्रीय जल आयोग के पास अनुमोदन के लिए प्रस्तुत ईआरसीपी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना से मानसून के दौरान कुन्नू, कुल, पार्वती, कालीसिंध एवं मेज नदियों के सब बेसिन के अधिशेष जल को बनास, मोरेल, बाणगंगा, गंभीर एवं पार्बती नदियों के सब बेसिन में पहुंचाया जाना है।
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि केन्द्र सरकार ने पूर्व में 16 विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है, लेकिन राजस्थान की किसी भी परियोजना को यह दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में पेयजल की गंभीर समस्या के चलते इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देना और इसकी जल्द क्रियान्विति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जून माह में दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में भी गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष यह मामला उठाया था। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में मोदी को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान किया गया उनका वादा याद दिलाते हुए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की थी।

    उल्लेखनीय है कि ईआरसीपी परियोजना से झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर एवं धौलपुर जिलों को वर्ष 2051 तक पीने तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

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  • SIT गठित धार मॉब लिंचिंग मामले के लिए, 3 गिरफ्तार

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    भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र में हुई मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। वहीं तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। धार जिले के मनावर थाने के बोरलाई में भीड़ ने छह लोगों को बच्चा चोर की अफवाह के चलते बुरी तरह पीटा था, वाहनों को आग लगा दी गई थी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, वहीं पांच घायल हुए हैं। घायलों का इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज जारी है।

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को इंदौर स्थित अस्पताल में पहुंचकर घायलों का हाल जाना।

    उन्होनें बताया, “इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और 30 से 40 लोगों को चिह्न्ति किया गया है।”

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, “उज्जैन के खेत मालिकों से काम करने के लिए धार जिले के तिरला थाने के खिड़किया गांव के कुछ लोगों ने एडवांस लिया और वे काम छोड़कर अपने गांव चले गए। खेत मालिक जब बुधवार को अपने रुपये वसूलने गए ,तभी मजदूरों ने उनसे मारपीट की कोशिश की, जिसके बाद खेत मालिक अपने वाहनों से गांव से भागे। मजदूरों पीछा किया और बोरलाई पहुंचने पर खेत मालिकों को बच्चा चोर बता दिया गया। इस पर भीड़ उग्र हो गई और किसानों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला बोल दिया। इसमें एक की मौत हुई और पांच घायल हुए हैं।”

    मनावर थाने के प्रभारी युवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को बताया, “तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, और अन्य की तलाश की जा रही है। वीडिया फुटेज से आरोपियों को खोजा जा रहा है। वहीं सर्विलांस से मोबाइल के जरिए यह पता किया जा रहा है कि कितने बाहरी लोग यहां थे।”

    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा, “धार के मनावर में आपसी विवाद में घटित हुई घटना बेहद दु:खद। ऐसी घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली होकर बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं। पूरे मामले की प्रशासन को जांच के निर्देश दिए गए हैं, जांच कर दोषियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।”

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “धार मनावर में बच्चा चोरी के शक में छह लोगों को बुरी तरह पीटा गया, एक की मौत हो गई। यह घटना बेहद शर्मनाक है। मध्यप्रदेश में कानून नाम की कोई चीज है भी या नहीं। ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न् खड़ा करती है। बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए कमलनाथ सरकार जिम्मेदार है।”

    उन्होंने आगे कहा, “धार मनावर की घटनाएं समाज को शर्मसार करने वाली हैं, मध्यप्रदेश किस ओर बढ़ रहा है? कांग्रेस के राज में छह लोगों को भीड़ ने पीटा और एक व्यक्ति की बेरहमी से की पीट-पीट कर हत्या कर दी। कमलनाथ जी क्या यह एक साल में बना नया मध्यप्रदेश है।”

  • अब डिजिलॉकर पर उपलब्ध जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र

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    जयपुर । प्रदेश के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने आमजन की सुविधा के लिए राज्य में जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र डिजीटल रूप से डिजिलॉकर से प्राप्त करने की सुविधा का शुभारंभ किया।

    उन्होंने बताया कि आमजन को और अधिक सुविधा देने के लिए जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध करवाया गया है जिसके माध्यम से आमजन अपने प्रमाण पत्रों को डिजीलॉकर पर डिजीटल रूप से प्राप्त कर सकते है।

    उल्लेखनीय है कि आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा एनआईसी के माध्यम से पहचान पोर्टल बनवाया गया है जिससे राज्य के सभी रजिस्ट्रारों द्वारा जन्म, मृत्यु एवं विवाह के पंजीकरण किये जा रहे है। डिजीलॉकर भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा डिजीटल रूप मे सभी प्रमाण पत्रों को रखने के लिए सुविधा प्रदान की गयी है। राज्य मे इस सुविधा को प्रारंभ करने वाला आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय पहला विभाग है।

    इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी के आयुक्त वीरेद्र सिंह, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक डॉ. ओम प्रकाश बैरवा, राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी के तरुण तोषनीवाल उपस्थित थे।

  • जयराम ठाकुर सरकार ने अनेक योजनाएं की कार्यान्वित कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए

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    धर्मशाला। प्रदेश सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों विशेषकर कमजोर वर्गों के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को विकास एवं उन्नति के समान अवसर उपलब्ध हों। गत दो वर्षों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं।
    कांगड़ा जिला में इस वित्तिय वर्ष में 11893 नए पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाया गया है। इस तरह जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या पूर्व में 1,00,186 लाभार्थियों से बढ़कर 1,12,079 हो गई है। जिला कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक पेंशन योजना के अन्तर्गत 01 अप्रैल, 2019 से 30 दिसम्बर, 2019 तक 1,12,051 पात्र व्यक्तियों को लगभग 110 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं।
    गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों को नया मकान बनाने के लिए मिलने वाली अनुदान राशि 1 लाख 30 हजार रुपए तथा मकान की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने मंत्रीमंडल की बैठक में गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों को मिलने वाली अनुदान राशि को 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपए तथा मकान की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 35 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है।

    कांगड़ा जिला में गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के समस्त पात्र लोगों के उत्थान के लिए कल्याण विभाग के माध्यम से वर्तमान वित्त वर्ष में 31 दिसम्बर, 2019 तक 4 करोड़ 21 लाख 5 हजार रुपए व्यय कर 321 पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया है।

    कांगड़ा जिला में वर्ष 2019-20 में 31 दिसम्बर, 2019 तक 289 दिव्यांग छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में 25 लाख 49 हजार 875 रुपए की राशि वितरित की गई। जिला में अनवर्ती कार्यक्रम के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के 526 लड़कियों/महिलाओं को सिलाई मशीन की खरीद पर 9 लाख 46 हजार 800 रुपए की राशि 31 दिसम्बर, 2019 तक खर्च की गई है।

    जिला में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अन्तर्गत 289 पात्र परिवारों को 57 लाख 80 हजार रुपए 31 दिसम्बर, 2019 तक वितरित किए गए हैं। अपंग विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत 31 दिसम्बर, 2019 तक 20 पात्र व्यक्तियों को 6 लाख 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए हैं। इसी तरह अर्न्तजातीय विवाह योजना में भी 31 दिसम्बर, 2019 तक 99 लाभार्थियों को 49 लाख 50 हजार रुपए की राशि वितरित की गई है।

    अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के अन्तर्गत दर्ज हुए 30 पुलिस केसों में 15 लाख 45 हजार रुपए की राहत राशि 31 दिसम्बर, 2019 तक वितरित की गई।

    अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों से संबन्धित अभ्यर्थियों या जिनकी वार्षिक आय दो लाख से कम है, को कम्पयूटर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कम्पयूटर एप्लीकेशन एवं समवर्गी क्रियाकलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत ऐसे अभ्यर्थियों को 1200 रुपए प्रतिमाह प्रशिक्षण शुल्क तथा प्रशिक्षण के दौरान 1000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सफल उम्मीदवार को छह माह के लिए सरकारी/गैर-सरकारी संस्थानों में कम्पयूटर एप्पलीकेशन में प्रवीणता प्राप्त करने के लिए रखा जाता है तथा इस अवधि के दौरान उसे 1500 रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस योजना के अन्तर्गत 31 मार्च, 2019 तक 417 छात्र व छात्राओं पर 37 लाख 92 हजार 138 रुपए खर्च किए गए हैं।

    जिला कल्याण अधिकारी असीम सूद का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाएं वरदान साबित हुई हैं। इन योजनाओं की सहायता से न केवल गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है, बल्कि उनको एक सम्बल भी मिला है। समाज के पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए सरकार द्वारा अनेक अहम् निर्णय लिए गए हैं। सरकार का हर निर्णय जन कल्याण की भावना से प्रेरित है और जनता के व्यापक हितों को साधता है।

  • हरियाणा में रोहतक की पीजीआई में स्थापित किया जाएगा पहला मदर मिल्क बैंक

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    चंडीगढ़। हरियाणा में पहला मदर मिल्क बैंक रोहतक की पीजीआई में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में न्यूनोटोलॉजी विभाग की तरफ से हेल्थ यूनिवर्सिटी के सामने प्रस्ताव रखा गया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओ.पी. कालरा ने इस प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए इसके लिए जगह तय करने के लिए कहा है।

    मदर मिल्क बैंक की स्थापना के बाद ढाई किलो से कम वजन के शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध करवाया जा सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि मिल्क बैंक इसी साल से शुरु हो जाएगा। न्यूनोटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल के मुताबिक मिल्क बैंक स्थापित होने के बाद प्री-मेच्योर शिशुओं को मां के दूध से वंचित नहीं होना पड़ेगा। इस मिल्क बैंक से प्री-मेच्योर शिशुओं को डायरिया और बुखार से भी बचाया जा सकेगा।
    जन्म के समय कई बच्चों की आंत कमजोर होती हैं, ऐसे बच्चों को भी मिल्क बैंक का दूध पचाने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। यह बैंक 24 घंटे चलेगा और कोई भी मां यहां आकर अपना दूध दान कर सकेगी। दूध लेने के लिए आधुनिक मशीनें लगेंगी। इसे माइनस 20 डिग्री पर रखा जाएगा। इससे यह दूध छह महीने तक सुरक्षित रह सकेगा।

    मदर मिल्क बैंक के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की तरफ से धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और शिशु रोग विशेषज्ञ सहित तकनीशियनों और नर्सों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • वेटरनरी विश्वविद्यालय पशु पालकों की उम्मीदों पर खरा उतरे : कलराज मिश्र

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    जयपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश लोगों की आजीविका पशुपालन व कृषि पर निर्भर होती है। पशुधन राजस्थान के किसानों की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि राज्य का वेटरनरी विश्वविद्यालय को इस तरह से कार्य करना होगा कि वह पशुपालकों की उम्मीदों पर खरा उतर सके।
    राज्यपाल मिश्र गुरुवार को यहां दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबन्ध संस्थान में पशुधन फार्म को आर्थिक लाभ व उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने इस मौके पर सम्मेलन में भाग लेने वाले उत्कृष्ट भागीदारों को सम्मानित किया।
    राज्यपाल मिश्र ने कहा कि पशुधन, किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक सम्पन्नता का प्रतीक है। राजस्थान ने अपने उन्नत पशुधन से एक अलग पहचान कायम की है। पशुधन उत्पादन में राजस्थान देश में सिरमौर स्थान पर है। पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार देने वाला उद्यमों में प्रमुख है।

    राज्यपाल मिश्र ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पन्नता लाने में पशुपालन सबसे अच्छा उपाय है। पशुपालन को वैज्ञानिक ढग से किया जाए तो किसानों व पशुपालकों की आय में ओर अधिक वृद्धि हो सकती है। किसानों और पशुपालकों को तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ बनाने तथा वैज्ञानिक तरीके से इस व्यवसाय को चलाने के लिए पशुपालकों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को तकनीकी ज्ञान दिया जाना आवश्यक है।
    उन्होंने पशु विज्ञान वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे मिलजुल कर ऐसे प्रयास करे कि अंतिम छोर पर बैठे ग्रामीण पशु पालकों को सुविधाओं को पूर्ण लाभ मिल सके। समारोह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय मथुरा के कुलपति प्रो. जी. के. सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने भी सबांधित किया। स्वागत उद्बोधन कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने किया एवं आयोजन सचिव प्रो. संजीता शर्मा ने आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने समारोह में उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्यों का वाचन कराया। राज्यपाल ने विष्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।