Category: state-news

  • गरजे जयपुर में राहुल, बोले-देश में एक करोड़ युवाओं ने पिछले साल खोया रोजगार

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    जयपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल से युवा आक्रोश रैली रैली को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि हिंदुस्तान का युवा पूरे देश को बदल सकता है। लेकिन मुझे दुख है कि 21वीं सदी का हिंदुस्तान जो कुछ कर सकता है उसे सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं करने दे रहे हैं। देश में जबरदस्त बेरोजगारी है। पिछले साल एक करोड़ युवाओं ने देश में रोजगार खोया है।

    सरकार सीएए, एनआरसी, एनपीआर की बात कर रही है, लेकिन आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर कोई बात नहीं हो रही। जीडीपी बेहद नीचे आ गई है। 2.5 पर्सेंट ही ग्रोथ रेट है। यूपीए की सरकार में गरीबों और किसानों को पैसा देते थे।

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    राहुल ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर मोदी सरकार को घेरा। राहुल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को भी जीएसटी का मतलब पता नहीं है। जीएसटी से किसी का भला नहीं हुआ। पूरी दुनिया भारत को मैनुफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है। ऐसे में हम चीन को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। फिलहाल चीन में सारी कंपनियां हैं।

    मोदी जी ने आपकी जेब से पैसे निकालकर 15-20 लोगों की जेबों में भर दिया। उद्योगपतियों की मदद करना गलत नहीं है, लेकिन आम लोगों, किसानों की अनदेखी भी नहीं करनी चाहिए। देश में फिलहाल हिंसा हो रही है, जबकि ये देश भाईचारे का और प्यार का है। पीएम मोदी ने देश की छवि खराब की। हिंदुस्तान को रेप कैपिटल माना जाने लगा है। देश के किसी न किसी हिस्से में रेप होते रहते हैं।

    पूरी दुनिया भारतीय युवाओं को देख रही है, सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं। मेड इन चाइना को मेड इन जयपुर, मेड इन इंडिया पछाड़ सकता है। युवाओं को अपनी आवाज पहचाननी होगी। इसे दबने नहीं दें। आपको डरने की कोई जरूरत नहीं। बेरोजगारी पर सवाल उठाओ, हिंदुस्तान के लिए आवाज उठाओ। धर्म के नाम पर किसी को भी देश को मत बांटने दीजिए। राहुल के भाषण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय समेत कई दिग्गज नेता मंच पर मौजूद थे।

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  • अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन खादी पर – मंथन करेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ और फैशन डिजाइनर

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    जयपुर। आगामी 30 व 31 जनवरी को खादी के वैश्वीकरण पर जयपुर के ओटीएस सभागार में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। गांधीजी के शहीद दिवस 30 जनवरी को ओ.टी.एस. सभागार में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे।

    आयोजन समिति के संयोजक गिरधारी सिंह बाफना ने मंगलवार को बताया कि सम्मेलन में इंलैण्ड, यूगाण्डा, आस्टे्रलिया, जापान और फ्रान्स सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ ही राजस्थान सहित देश के कोने-कोने से 16 प्रदेशों से लगभग 250 से 300 खादी विशेषज्ञ हिस्सा लेने आ रहे हैं। खादी को व्यापक रूप से समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने, विशेष रूप से युवा वर्ग को आकर्षित करने के लिये खादी को नए अन्दाज में प्रस्तुत करने, अधिकाधिक लोगों को रोजगार प्रदान करने तथा विदेशों में जैविक (ऑर्गेनिक) खादी की मांग के अनुरूप खादी उत्पादन, खादी और पर्यावरण, कामगारों को पर्याप्त पारिश्रमिक जैसे सवालों पर दो दिवसीय सम्मेलन में व्यापक चर्चा की जायेगी।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कार्यक्रम की रुपरेखा बताते हुए बताया कि दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उद्घाटन सत्र के अतिरिक्त छह सत्रों में खादी के विभिन्न आयामों सहित बदलते सिनेरियों में खादी की विश्वव्यापी मांग व पहचान बनाने पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि पहले सत्र की शुरुआत इण्डियन खादी स्टोरी से होगी जिसमें प्रतिभागियों द्वारा खादी और सर्वोदय आंदोलन मिसिंग लिंक, स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी और आज का संदर्भ व बदलते फैशन में खादी आदि पर मंथन होगा। उन्होंने बताया कि दूसरे सत्र की थीम ग्लोबल, एथिकल एण्ड सस्टेनेबल फैशनः कन्सेप्ट व डिजाइन में फैशन क्रांति के विभिन्न संदर्भों पर चर्चा होगी। पहले दिन के तीसरे और अंतिम सत्र में नेचुरल ऑरगनिक फाइबर केंद्रित होगा और इसमें अन्य बिन्दुओं के साथ ही देश की पंरपरागत रंगाई कला के पुनरुद्र्धार पर चिंतन होगा।

    डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन भी तीन सत्र रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन के पहले सत्र में खादी को देश विदेश में बाजार उपलब्ध कराने के बिन्दुओं पर गहन मंथन होगा। इस सत्र का आधार बिन्दु मार्केटिंग, एक्सपोर्ट पोटेंशियल, लो कोस्ट प्रोडक्शन केपेसिटी रखा गया है। इसमें खादी स्टार्ट अप, महिला समूहों और निर्यात संभावनाओं पर विशेषज्ञों द्वारा मंथन किया जाएगा। छठे सत्र का विषय डायलॉग्स ऑन खादीःफ्यूचर ऑफ इको फै्रण्डली खादी, फैशन, न्यू टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इन खादी पर मंथन होगा। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र में क्रिएटिंग ए कंटेम्पररी खादी स्टोरी रखा गया है।

    एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन की खास बात यह है कि जहां महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर यह कार्यक्रम गांधीजी को समर्पित है वहीं खादी को देश दुनिया में नया स्थान दिलाना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने खादी वस्त्रों पर 50 प्रतिशत छूट देकर खादी के प्रति प्रतिवद्धता सिद्ध की है वहीं इसका परिणाम यह रहा है कि प्रदेश के इतिहास में खादी वस्त्रों की बिक्री में प्रदेश में नया इतिहास रचा गया है।

    सीआईआई राजस्थान के चेयरमेन आनंद मिश्रा ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन को बहुआयामी और खादी को नई दिशा देने वाला बनाया गया है। उन्होंने बताया किविदेशों में खादी पर काम करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि, भारत में खादी आयोग के अध्यक्ष, खादी संस्थाओं के कार्यकर्ता, फैशन डिजाइनरों आदि के इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से यह सम्मेलन विशेष रूप से उपादेय सिद्ध होगा।

  • प्रशांत किशोर को JDU के वरिष्ठ नेता अजय आलोक ने दिया कोरोना वायरस करार

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    पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ विवाद सामने आने के बाद प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने उन्हें करॉना वायरस’ करार दे दिया। मिली जानकारी के अनुसार, जेडीयू के वरिष्ठ नेता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘कोरोना वायरस’ करार दे दिया। उन्होंने कहा कि वे जहां जाना चाहते हैं, वहां जाएं। उन्हें भी इस कोरोना वायरस के जाने से बड़ी खुशी होगी। इससे पहले भी उन्होंने ट्वीट करके प्रशांत काे नसीहत देते हुए ट्वीट किया था कि अपने कद को देखकर बात करें।

    आपको बताते जाए कि मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि उन्हें (प्रशांत) अमित शाह के कहने पर पार्टी जॉइन कराई गई थी। इस पर पलटवार करते हुए प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर नीतीश कुमार को ‘झूठा’ करार दे दिया था।

     

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    उन्होंने कहा कि अगर यह सच है तो उनके इस सच को कौन मानेगा कि वह अमित शाह के सुझाए गए शख्स को न सुनने की हिम्मत कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था, ‘आपने (नीतीश) मेरा रंग अपने जैसा बनाने की एक नाकाम कोशिश की है।

    इसी प्रकार प्रशांत किशोर के इस बड़े हमले के बाद पार्टी नेता अजय आलोक ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा था कि नीतीश कुमार का फॉल देखने का सपना देखते-देखते लालू प्रसाद यादव जेल पहुंच गए। आप कहां जाएंगे?

     

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  • देश भर के व्यापारियों की जनसख्यां का NPR की तर्ज़ पर कैट बनाएगा रजिस्टर, 1 मार्च से पूरे देश में चलेगा अभियान

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    धर्मशाला। नेशनल पापुलेशन रजिस्टर की तर्ज़ पर कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों एवं उनके यहां कार्यरत कर्मचारियों का एक डेटा तैयार करेगा, जिससे देश भर के व्यापारियों की बुनियादी समस्याओं को बेहतर तरीके से सरकार के सामने रखा जाए और सरकार उस डेटा के आधार पर व्यापारी वर्ग के लिए नीतियां बना सके। कैट ने यह अभियान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल के उस सुझाव पर तैयार करने का निर्णय लिया है जो उन्होंने 27 जनवरी को दिल्ली में कैट द्वारा आयोजित एक व्यापारी सम्मेलन में दिया था। कैट ने माना है कि गोयल का सुझाव बेहद तार्किक है और देश के रिटेल व्यापार के लिए केंद्र एवं अन्य राज्यों में सरकारों से सुविधाओं के अधिकार को मांगने एवं व्यापार के लिए समर्थन नीति बनवाने में इस डेटा का बहुत महत्व होगा।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की एनएसएसओ के एक सर्वे के मुताबिक देश में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यवसाय है और यह लगभग 45 करोड़ लोगों को रोज़गार देते हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख करोड़ रुपए का व्यापार करते हैं। देश की अर्तव्यवस्था के इतने महत्वपूर्ण सेक्टर के लिए आज तक किसी भी सरकार ने इसका डेटा तैयार करने हेतु एक भी कदम नहीं उठाया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रिटेल सेक्टर से जुड़े सभी अन्य वर्गों के लिए अलग से नीति भी है और मंत्रालय भी है, लेकिन रिटेल व्यापार के लिए न कोई नीति है अथवा न कोई मंत्रालय है। इस डेटा के तैयार होने के बाद कैट बेहद मजबूती से पृथक रूप से एक मंत्रालय गठित करने की मांग करेगा।

    भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि कैट का यह राष्ट्रीय ” व्यापारी जनसंख्या अभियान ” 1 मार्च से शुरू होगा और 30 सितम्बर तक देश भर में चलेगा। कैट व्यापारियों के विवरण को एकत्र करने के लिए एक मोबाइल एप बनाएगी जिसके जरिये देश भर के व्यापारी अपना विवरण उसमें दर्ज़ कर सकेंगे। यह अभियान देश भर में फैले 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों की मदद से चलाया जाएगा। इस डेटा में व्यापारी प्रतिष्ठान का नाम, मालिक का नाम , परिवार में कितने लोग है ,पता, फोन नंबर, मोबाइल नंबर, किस वस्तु का व्यापार है, वेबसाइट एवं ई मेल पता, कितने कर्मचारी काम करते हैं और कितने लोग उनके परिवार में हैं आदि विवरण मांगा जाएगा और यह सारा डेटा बेहद गोपनीय रहेगा और आवश्यकतानुसार कैट इसका इस्तेमाल कर सकेगी। इस प्रकार के डेटा से जहां देश में कुल कितने व्यापारी हैं, कितने लोगों को रोज़गार देते हैं, कितना कारोबार करते हैं, किस वस्तु में देश भर में कितने व्यापारी व्यापार में संलग्न है आदि का पूरा डेटा रहेगा। मोबाइल एप के अलावा कैट देश के विभिन्न शहरों में डाटा एकत्र करने के लिए बड़ी संख्यां में लोगों को भी नियुक्त करेगा।

     

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  • बिहार : प्रशांत किशोर को एक ‘झूठ’ ने दिखा दिया बाहर का रास्ता

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    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अच्छी मित्रता के कारण चुनावी रणनीतिकार के रूप में चर्चित प्रशांत किशोर राजनीति में तो जरूर आ गए परंतु इन दोनों के रिश्ते में आए एक ‘झूठ’ शब्द ने पूरे रिश्ते को तोड़कर रख दिया। वैसे, प्रशांत और नीतीश की दोस्ती में बराबर धूप-छांव देखने को मिला है। इस क्रम में सार्वजनिक रूप से नाराजगी भले ही देखने को नहीं मिला हो परंतु अंदरखाने से नाराजगी की आवाज जरूर उठती रही है।

    बिहार की राजनीति में माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले नीतीश कुमार ने जब प्रशांत किशोर से दोस्ती की थी तब उन्हें न केवल बिहार का भविष्य बताया था बल्कि जद (यू) के उपाध्यक्ष के ओहदे से उन्हें नवाजा था।

    प्रशांत किशोर 2014 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश में चर्चित हो गए थे जब उन्हें देश में ‘मोदी लहर’ के लिए श्रेय दिया जाने लगा। इसके बाद यह कयास लगने लगा था कि प्रशांत भाजपा के साथ ही बंध कर रह जाएंगे, परंतु इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह से उनके रिश्ते बिगड़ने की खबरें आने लगी। उस समय भाजपा से अलग हुए जद (यू) के नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर से दोस्ती गांठने में तनिक भी देरी नहीं की और उन्हें 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जद(यू), राजद, कांग्रेस गठबंधन के रणनीतिकार के रूप में बिहार ले आए।

    किशोर ने भी ‘बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है’ नारे के जरिए प्रचार अभियान की शुरुआत की और चुनाव में भाजपा को जहां हार का सामना करना पड़ा वहीं नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बन गए। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद नीतीश ने भी बिहार के मुख्यमंत्री के सलाहकार और बिहार विकास मिशन के शासी निकाय का सदस्य बनाते हुए प्रशांत को कैबिनेट मंत्री तक का दर्जा दे दिया।

    इसके बाद भले ही प्रशांत किशोर बिहार में नजर नहीं आए और उनकी कंपनी अन्य राजनीतिक दलों का भी काम करती रही परंतु नीतीश परोक्ष या अपरोक्ष रूप से प्रशांत का समर्थन करते रहे।

    इस बीच, नीतीश कुमार के पार्टी अध्यक्ष बन जाने के बाद 2018 में प्रशांत किशोर आधिकारिक तौर पर जद (यू) में शामिल हो गए और उन्हें पार्टी में उपाध्यक्ष का पद भी दे दिया गया। इसके बाद संगठन में भी प्रशांत का ओहदा बढ़ने लगा, परंतु पार्टी के अन्य नेताओं को यह रास नहीं आया।

    वर्ष 2019 में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए एक बयान ने नीतीश और उनके बीच लकीर खींच दी। प्रशांत किशोर ने तब कहा था कि राजद से गठबंधन तोड़ने के बाद नीतीश कुमार को नैतिक रूप से चुनाव में जाना चाहिए था न कि भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनानी चाहिए थी।

    समय के साथ-साथ यह लकीर भी गहरी होती चली गई। हालांकि, इसके बाद नीतीश ने कहा कि उनकी कंपनी है, जो कई अन्य दलों के लिए भी काम करती है। इसके बाद दोनों के संबंध जरूर पुराने जैसे हुए परंतु दोनों के मन में उस बयान की टीस कभी कभार उठती भी रही।

    वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जद (यू) भाजपा के साथ चुनाव मैदान में उतरी और प्रशांत कुमार को तरजीह नहीं मिली। इसके बाद प्रशांत किशोर ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रचार की कमान संभाली और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके साथ ही अपनी ही पार्टी के खिलाफ नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार पर भी सवाल खड़ा किए।

    इस बीच मंगलवार को नीतीश कुमार ने अमित शाह के कहने पर प्रशांत किशोर को पार्टी में लाने की बात कह दी, जिस पर किशोर ने भी पलटवार करते हुए नीतीश कुमार को ‘झूठा’ तक कह दिया। इसके बाद ‘झूठ’ कहे जाने से तिलमिलाए नीतीश ने बुधवार को आखिरकार प्रशांत किशोर से किनारा करना ही बेहतर समझा और पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

  • किसान संघ प्रतिनिधिमंडल मिला पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से

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    चंडीगढ़। किसानों के मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं। किसान संगठन भी रोज अपने मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष से संपर्क साध रहे हैं। इसी कड़ी में कैथल से भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल रणदीप सिंह आर्य, प्रदेश सचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता की अगुवाई में उनसे मुलाकात करने पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसान हितों की अनदेखी कर रही है। फसलों की ख़रीद में हजारों करोड़ के घोटाले हो रहे हैं, लेकिन जांच के नाम पर बस लीपापोती की जा रही है।

    प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कैथल सहकारी चीनी मिल में हजारों करोड़ का चिप घोटाला हुआ। पुलिस ने मौके से तोल में हेराफेरी करने वाली चिप भी कब्जे में ली। इसका मकसद सीरे के व्यापारी मनीष ग्रोवर और स्क्रेप व्यापारियों को फायदा पहुंचाना था। यूनियन ने बाकायदा इस मामले में एफआईआर भी दर्ज करवाई, लेकिन आजतक इस मामले में असली आरोपियों के ख़िलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    भारतीय किसान संघ के नेताओं ने कहा कि इसी तरह धान ख़रीद में भी 35 हजार मीट्रिक टन का घोटाला कागजों में ही साबित हो चुका है। अकेले करनाल में 12 हजार मीट्रिक टन का घोटाला हुआ है। बावजूद इसके अबतक किसी पर कोई कार्रवाही नहीं होना बताता है कि सरकार ख़ुद घोटाले को संरक्षण दे रही है। किसान संघ ने ये भी आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी है जे-फार्म के नाम पर लगातार धांधली हो रही है। इसलिए जे-फार्म की जांच जरूरी है।

    किसान नेताओं ने मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री उनकी तमाम मागों को विधानसभा में उठाएं। उन्होंने गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी करने की भी मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान गन्ने के भाव में रिकॉर्ड 193 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन बीजेपी के पहले और अबतक के दूसरे शासनकाल में 30 रुपये की मामूली बढ़ोत्तरी की गई है। जबकि इस दौरान किसान का गन्ने पर प्रति एकड़ का ख़र्च कई गुणा बढ़ गया है। इसलिए मौजूदा सरकार से किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

    किसान नेताओं को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वो विधानसभा समेत हर मंच पर उनकी मांगों को उठाएंगे। सरकार को धान ख़रीद और चिप घोटाले समेत भ्रष्टाचार के तमाम मामलों की जांच करानी ही होगी, क्योंकि धान ख़रीद घोटाला सीधे तौर पर किसानों के साथ ठगी है। जे फार्म और नमी के नाम पर किसानों के साथ फरेब किया गया। उनकी फसल को एमएसपी से 150-200 रुपए कम रेट में ख़रीदा गया। सरकार जांच के नाम पर जो खानापूर्ति कर रही है, उसमें तो सिर्फ सतही घोटाले का पता चल रहा है, लेकिन अभी यह साफ होना बाकी है कि आख़िर घोटाला किया किसने? क्या इसमें राइस मिलर्स शामिल हैं, अधिकारी शामिल हैं या सीधे सरकार का संरक्षण है? आख़िर हजारों करोड़ किसकी जेब में गए हैं? किसानों को हुए नुक़सान की भरपाई कौन करेगा? इसलिए हमारी मांग है कि इस घोटाले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी राज में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और सरकार अपनी आंखें बंद किए बैठी है। भ्रष्टाचार का आलम ये है कि विपक्ष और आम जन ही नहीं, सरकार के सहयोगी विधायक भी इसके ख़िलाफ मुखर हो गए हैं। रोज सरकार का कोई ना कोई विधायक, भ्रष्टाचार का नया आरोप सरकार पर लगा रहा है। आम जनता को भी लगने लगा है कि बीजेपी-जेजेपी की ये दशा और दिशाहीन सरकार एक दिन भ्रष्टाचार के बोझ में दबकर ख़ुद ही धराशाही हो जाएगी।

  • MP : युवाओं पर संघ की नजर, RSS प्रमुख मोहन भागवत करेंगे अगली रणनीति पर बात

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    भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) युवाओं के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करने के मिशन पर है। इसी के तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के गुना में युवाओं से संवाद करने वाले हैं। इसके जरिए संघ प्रमुख जहां युवाओं के मन की बात जानने की कोशिश करेंगे, वहीं अपनी आगामी रणनीति को उनके जरिए गांव-गांव तक पहुंचाने का मंत्र भी देंगे। संघ प्रमुख भागवत 31 जनवरी को गुना आ रहे हैं और वे दो फरवरी तक यहां रहने वाले हैं।

    इस दौरान वे कॉलेज के छात्रों के शिविर में हिस्सा लेंगे। यह मध्य क्षेत्र के युवा स्वयंसेवकों का सम्मेलन है, जिसमें 16 जिलों के दो हजार से अधिक युवा हिस्सा लेने वाले हैं। संघ सूत्रों का कहना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के आकलन के साथ युवाओं पर इसका कितना असर पड़ रहा है और वे क्या सोच रहे हैं, यह जानने के मकसद से संघ प्रमुख इस शिविर में आ रहे हैं।

    इस शिविर में जहां उनकी युवाओं के साथ चर्चा होगी, वहीं वे अपनी बात भी उनके बीच कहेंगे। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, गुना में तीन दिन तक चलने वाले इस शिविर में छात्र विभिन्न शारीरिक और बौद्धिक गतिविधियों में भाग लेंगे। इसमें कॉलेज स्तर पर होने वाले कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्य योजना भी बनेगी।

     

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    संघ प्रमुख ऐसे समय युवाओं के शिविर में हिस्सा लेने वाले हैं, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बाद से पूरे देश में सियासत गर्म है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है और इस कानून को देश विरोधी बताया जा रहा है। संघ की क्या भूमिका होना चाहिए और युवाओं के बीच किस तरह से पहुंचकर इस कानून से संबंधित भ्रम को दूर किया जाए, इस पर विचार होने की संभावना जताई जा रही है।

    बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख जहां तीन दिन तक गुना में रहकर युवाओं के शिविर में हिस्सा लेंगे, वहीं बाद में वह तीन दिन तक भोपाल में डेरा डालेंगे। इस दौरान भागवत संघ के प्रचारकों और संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। साथ ही इस बात पर खास जोर होगा कि सीएए पर संघ की क्या भूमिका होनी चाहिए। संघ प्रमुख के प्रवास को राजनीतिक तौर पर खास माना जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे और रोजगार के मामले में विफल रही है, जिससे युवाओं में असंतोष है। वहीं सीएए के बाद चल रहे प्रदर्शनों से भी काफी लोगों का गुस्सा सामने आया है।

    इसलिए लगता है कि संघ प्रमुख अपने कैडर को यह बात समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि केंद्र सरकार रोजगार पर बड़े निर्णय ले सकती है। वहीं सीएए किसी वर्ग के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों को युवा वर्ग तक कैसे पहुंचाया जाए, इस बात की अहमियत है। शिविर में राष्ट्रवाद का पाठ तो पढ़ाया ही जाएगा, यह तय है।

     

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  • महात्मा गांधी को पुलिस मुख्यालय में नमन कर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

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    जयपुर। पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को प्रातः 11 बजे महानिदेशक पुलिस, राजस्थान भूपेन्द्र सिंह ने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ दो मिनट का मौन रख कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शहीदों को नमन किया।

    इस अवसर पर महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था एम.एल लाठर, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस पी.के सिंह, बी.एल सोनी, यू.आर. साहू, नरसिम्हा राव उमेश मिश्रा, नीना सिंह, राजीव शर्मा, श्रीनिवास राव जंगा, संजय अग्रवाल, गोविन्द गुप्ता, प्रशाखा माथुर, सुष्मित विश्वास सहित पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित अधिकारियों व कर्मचारियों ने मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

     

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  • PUNJAB: 3 विचाराधीन कैदी जेल से भागे, जांच के दिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आदेश

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    चंडीगढ़। अमृतसर की उच्च सुरक्षा वाले केंद्रीय कारावास से तीन विचाराधीन कैदियों के भागने की घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने जालंधर के आयुक्त की अगुआई में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और जेल मंत्री को निर्देश दिया है कि जेल की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को तत्काल निलंबित किया जाए। रविवार तड़के भागे कैदियों की पहचान गुरप्रीत सिंह, जरनैल सिंह और विशाल कुमार के रूप में हुई है।

    अमृतसर केंद्रीय कारावास समेत सभी जेलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) बल तैनात होने के मुश्किल से तीन महीनों के अंदर ही यह घटना हो गई।

    कैदियों को पकड़ने के लिए राज्यभर में तलाशी अभियान छेड़ दिया गया है और मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) को घटना के बाद जेल की सुरक्षा में सुधार करने का निर्देश दिया है। कैदियों के भागने के लगभग दो घंटों के बाद लगभग 3.20 बजे इसकी जानकारी मिली। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैदियों को बैरक तोड़कर जेल की दीवार से भागते देखा जा सकता है।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी और इसे और मजबूत किया जाएगा।

    शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, जेल के गार्डो को कैदियों के भागने की सूचना अन्य कैदियों ने दी। इन कैदियों में एक भागे हुए कैदी का भाई भी शामिल है।

  • पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पूर्ण इकाइयां की जाएगी स्थापित जिला स्तर पर, CM मनोहर लाल ने की घोषणा

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    चण्डीगढ़। हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिला स्तर पर पूर्ण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। अभी तक यह बोर्ड केवल प्रदूषण को रोकने का काम ही जिलास्तर पर कर रहा है, जब कि पर्यावरण संरक्षण का काम चंडीगढ़ में होता है। पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार जल्दी ही पर्यावरण संरक्षण की यूनिट भी जिला लेवल पर स्थापित करेगी।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद में मानव रचना विश्वविद्यालय में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं दक्षिणा फाउंडेशन के सहयोग से ‘पर्यावरण चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए यह घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में अनेक नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। जल संरक्षण के लिए धान की फसल का रोपाई क्षेत्र प्रदेश में पचास हजार हैक्टेयर कम हो गया है, क्योंकि किसानों ने स्वेच्छा से धान लगाना छोड़ दिया है। एक किलो धान उत्पादन में पांच हजार लीटर पानी खर्च हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार वृक्षारोपण की एक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को एक पौधे के पालन-पोषण पर तीन वर्ष में तीन सौ रुपए दिए जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि तीन वर्ष तक पौधे की देखभाल होती रहे।

    मनोहर लाल ने कहा कि आमतौर पर पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण पर अंकुश लगाने की तकनीक काफी मंहगी होती हैं। सरकार की स्टार्ट अप जैसी योजनाओं व प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप कुछ ऐसे गैर सरकारी संगठन, समाजसेवी व शिक्षण संस्थाएं हैं, जिन्होंने पर्यावरण अनुसंधान में सराहनीय कार्य करते हुए नए अविष्कार किए हैं, जो काफी सुलभ हैं। अनेक महिलाओं ने भी अपनी रचनाधर्मिता दिखाते हुए पंचभूत तत्वों के संरक्षण की दिशा में प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मित्र है और इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। यूएनओ ने भी इस बात पर जोर दिया है कि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण को संरक्षित रखना जरूरी है। दोनों में संतुलन होगा, तभी मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है।

    इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, संजय स्वामी, डाॅ. पंकज मित्तल तथा यूनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. प्रशांत भल्ला ने भी अपने विचार रखे। मानव रचना यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्यमंत्री को उनके द्वारा लगाए गए वृक्ष का क्यूआर कोड भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री सर्वश्री मूलचंद शर्मा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, सीमा त्रिखा, गोपाल आर्य, अजय गौड़, डाॅ. अमित भल्ला, गोपाल शर्मा, अमित आर्य, उपायुक्त यशपाल यादव व अतिरिक्त उपायुक्त रामकुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

    समारोह में मुख्यमंत्री ने मानव रचना प्रज्ञान सम्मान से असम के फोरेस्ट मैन जादव मोला पाएंग, वाटरमैन राजेंद्र शर्मा, अधिवक्ता एम सी मेहता, शिवालिक प्रिंट्स के मालिक नरेंद्र अग्रवाल, परमित सांघवी को सम्मानित किया। यंग अचीवर अवाॅर्ड कुमारी अजयादीप तथा डाॅ. ओपी भल्ला एक्सेलेंसी अवाॅर्ड इंडियन ऑयल कारपोरेशन एवं मानव रचना विशेष पुरस्कार भारत विकास परिषद की फरीदाबाद शाखा को दिया गया। प्रोजेक्ट अवाॅर्ड में जेसी बोस यूनिवर्सिटी को 21 हजार रुपए का तृतीय पुरस्कार, मानव रचना विश्वविद्यालय की टीम 31 हजार रुपए का द्वितीय पुरस्कार व आईएएसई विश्वविद्यालय सरदारशहर की टीम को 51 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार दिया गया।

    स्टार्ट अप में मुख्यमंत्री ने यूथ जलसा पुरस्कार फार्मबुक सोल्यूशन, पार्क इन, ली कॉफ, स्मार्ट टी, अटावेयर बायोडिग्रेबल, नैनों मैटेरियल बेस्ड पोर्टेबल वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम को आईडिया प्रोजेक्ट को दिया। इस पुरस्कार के तहत इन्हें 2.50-2.50 लाख रुपए की राशि दी जाएगी।

     

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