Category: state-news

  • तितलियां लुभाएंगी मांडू में पर्यटकों को

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    धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के पर्यटन स्थल मांडू (मांडवगढ़) को बाज बहादुर और रानी रूपमती की प्रेम कहानी के लिए जाना जाता है और इसी के चलते पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं, मगर आने वाले दिनों में यहां का तितली पार्क भी पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बन जाएगा।

    राज्य का वन विभाग सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडवगढ़ में एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से जमुनादेवी तितली पार्क का निर्माण करा रहा है। यह पार्क रानी रूपमती मार्ग पर सागर तालाब के सामने चार हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है।

    प्रस्तावित तितली पार्क में तरह-तरह के फूलों वाले पौधे तो नजर आएंगे ही साथ में रंग बिरंगी 100 से ज्यादा तरह की तितलियां भी इन पौधों पर मंडराती दिखेंगी और पर्यटकों के प्राकृतिक आनंद को कई गुना बढ़ा देंगी।

    राज्य के वनमंत्री उमंग सिंघार का कहना है कि इस पार्क में प्रदेश में पाई जाने वाली सभी और देश की विभिन्न प्रजातियों की तितलियां रहें, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। उनके आवास के अनुकूल सभी प्रबंध और सुविधाएं जुटाई जा रही हैं।

    आखिर मांडू में तितलियों का पार्क क्यों बनाया जा रहा है, इस सवाल पर मंत्री सिंघार का कहना है कि मांडू में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और उनके लिए एक और नया, वह भी प्रकृति से संवाद कराने वाला स्थल विकसित किया जाए, इसी बात को ध्यान में रखकर यह तितली पार्क बनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि तरह-तरह के पौधों पर खिले फूल और उन पर मंडराती रंग-बिरंगी तितलियां हर किसी को रोमांचित कर देती हैं। यह नजारा पर्यटकों के लिए तो कहीं ज्यादा ही सुखद होगा। वे यहां आकर रानी रूपमती के किले को तो देखेंगे ही, साथ में यह पार्क उनके पर्यटन को और सुखद बना देगा।

    इस पार्क में तितलियों को अपनी जरूरत के मुताबिक फूल मिलें, इसके लिहाज से बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रजातियों वाले फूलों के पौधे लगाए गए हैं, जो तेजी से बढ़ रहे हैं। कई पौधों में तो फूल खिलने भी लगे हैं और उन पर तितलियां मंडराती नजर आने लगी हैं।

    इंदौर से लगभग 100 किलोमीटर और धार से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मांडू वह स्थान है, जो बाज बहादुर और रानी रूपमति की प्रेम कहानी की गवाही देता है। यहां हर साल हजारों पर्यटक आते हैं और यहां के किले को देखकर वे प्रेम कहानी की यादों में खो जाते हैं। इस प्रेम कहानी पर सन् 60 के दशक में बनी फिल्म ‘रानी रूपमती’ ने इस स्थल को नई पहचान दिलाई। इस फिल्म में अभिनेत्री निरूपा राय और अभिनेता भारत भूषण ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं, यहां आने वालों को इस फिल्म केगीत ‘आ लौट के आ जा मेरे मीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं’ की याद ताजा हो जाती है।

  • बिहार : छापेमारी JNU छात्र शरजील की गिरफ्तारी के लिए, मां ने कहा-किया जा रहा परेशान

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    पटना। भडक़ाऊ भाषण देने के मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नेता शरजील इमाम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जहां बिहार के जहानाबाद जिला स्थित उसके पैतृक आवास पर छापेमारी की है, वहीं उसकी मां का आरोप है कि उसके बेटे के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है और उसके परिवार को परेशान किया जा रहा।

    उन्होंने दावा किया कि वह चोर, उचक्का नहीं है, जो फरार रहे, वह जल्द ही सामने आएगा। जहानाबाद के पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने शरजील की गिरफ्तारी के लिए जहानाबाद के काको स्थित पैतृक आवास पर रविवार को छापेमारी की। इस दौरान घर के सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, हालांकि शरजील वहां नहीं मिला।

    इस बीच शरजील की मां अफशां परवीन ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा जैसा दिखाया जा रहा है वैसा नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है। वह केवल एनआरसी का विरोध जता रहा था।

    परवीन ने कहा कि कई दिनों से उनकी अपने बेटे से बातचीत नहीं हो रही है, परंतु वह कोई चोर, उचक्का नहीं है कि वह फरार है, वह जल्द ही सामने आएगा। उन्होंने कहा कि हमसभी को कानून पर भरोसा है और उन्हें न्याय मिलेगा। उल्लेखनीय है कि भडक़ाऊ भाषण देने के आरोप में शरजील के खिलाफ कई राज्यों में मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली में भी शरजील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

  • आग लगी चंडीगढ़ स्थित PGI में

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    चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) की इमारत के सबसे ऊपरी मंजिल पर सोमवार सुबह आग लग गई, जिससे मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग पर काबू पा लिया गया है।

    पीजीआईएमईआर की नेहरू इमारत के डी ब्लॉक की रसोई में सुबह आग लग गई। ऊपरी मंजिल पर सर्जिकल वार्ड्स, प्राइवेट कमरों के साथ-साथ एक ऑपरेशन थिएटर है।

    माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रसोई में रखे कुछ एलपीजी सिलेंडरों ने आग पकड़ ली और धमाके भी सुने गए।

  • बुधवार को पंचायतीराज चुनाव-तीसरे चरण का मतदान

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    जयपुर । पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव-2020 में पंच-सरपंच के लिए तीसरेे चरण का मतदान बुधवार को प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान करवाया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली है।

    तीसरे चरण की 49 पंचायत समितियों की 1700 ग्राम पंचायतों के 17516 वाडोर्ं में मतदान करवाया जाएगा। इन 49 पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 60 लाख 23 हजार 485 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें से 31 लाख 33 हजार 97 पुरुष और 28 लाख 90 हजार 362 महिलाएं व 26 अन्य मतदाता शामिल हैं। सरपंच पदों के लिए मतगणना बुधवार को ही करवाई जाएगी। उप सरपंच के लिए चुनाव 30 जनवरी को करवाया जाएगा। गौरतलब है कि तृतीय चरण के 24 जिलों में 17 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं।

    राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त पीएस मेहरा ने मतदाताओं से निर्भय होकर बिना किसी डर व दबाव के मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता मतदान के लिए मतदान समाप्ति के अंतिम क्षण का इंतजार ना करे और समय रहते ही मतदान करें। उन्होंने मतदाताओं से मतदान, मतगणना के दौरान एवं चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद शांति बनाए रखें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन की मदद करने की भी अपील की है।

    सरपंच के लिए 10 हजार 865 तो पंच के लिए 28 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

    मेहरा ने बताया कि तीसरे चरण में 49 पंचायत समितियों की 1700 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए 17 हजार 620 उम्मीदवारों ने 17 हजार 713 नामांकन पत्र दाखिल किए। संवीक्षा के बाद इनमें से 16 हजार 910 नामांकन वैद्य पाए गए। नाम वापसी की तिथि तक 6 हजार 28 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। प्रदेश के 24 जिलों में 17 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इस तरह तृतीय चरण में सरपंच पद के लिए कुल 10 हजार 865 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे।

    इसी तरह पंच पद के लिए प्रदेश के 24 जिलों के 1700 ग्राम पंचायतों के 17 हजार 516 वाडोर्ं में 45 हजार 754 उम्मीदवारों ने 45 हजार 770 नामांकन पत्र दाखिल किए। संवीक्षा के बाद 44 हजार 620 उम्मीदवारों के नामांकन वैद्य पाए गए। इनमें से 9 हजार 444 उम्मीदवारों ने नाम वापसी के दिन अपने नाम वापस ले लिए। तीसरे चरण में प्रदेश भर में 6 हजार 953 पंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। वर्तमान में 28 हजार 223 उम्मीदवार पंच पद के लिए मैदान में रहेंगे। पंच के 31 वार्डों के लिए या तो आवेदन नहीं मिले या मिले तो वैद्य नहीं पाए गए।

    8.5 हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों से होंगे चुनाव

    तीसरे चरण के चुनाव में 8 हजार 500 से ज्यादा ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगे। सभी संस्थाओं के चुनाव में लगभग 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व में रखी गई हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान मशीनों में किसी भी तरह की परेशानी आने पर प्रत्येक जिले में भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रोनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियर्स हर समय उपलब्ध रहेंगे। आयुक्त कार्यालय में भी इंजीनियर तकनीकी मदद के लिए सजग रहेंगे। मशीनों की देखरेख के लिए इंजीनियर्स 10 जनवरी से ही जिलों में पहुंच गए हैं।

    गौरतलब है कि 17 और 22 जनवरी को हुए दो चरणों के चुनाव में मतदाताओं ने भारी जोश के साथ मतदान किया। पहले चरण में जहां 81.51 प्रतिशत मतदाताओं ने तो दूसरे चरण में 82.78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

  • BIHAR NEWS : प्रशांत किशोर पर भारी नीतीश की नाराजगी, जद(यू) में पड़े अकेले!

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    पटना। जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां चल रही पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक से उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (पीके) और पूर्व राज्यसभा सांसद पवन कुमार वर्मा को दूर रखा गया है। इस बैठक में पीके की अनुपस्थिति को नीतीश कुमार की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस बैठक में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विचार विमर्श किया जा रहा है। ऐसे में देश में चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर की इस बैठक से अनुपस्थिति कई सवाल खड़ा कर रही है।

    पिछले करीब एक महीने में प्रशांत किशोर अपने ट्वीटर हैंडल से जिस तरह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में मोर्चा खोल चुके हैं और भाजपा के नेताओं पर लगातार निशाना साध रहे हैं, उससे यह तय हो गया था कि पार्टी उनके पर कतरेगी। पीके ने इस दौरान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह पर भी निशाना साधा। गौरतलब है कि दिल्ली में भाजपा और जद(यू) साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरी हैं, जबकि पीके आम आदमी पार्टी (आप) के रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं।

    पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने प्रशांत किशोर के बैठक में शामिल नहीं होने और पार्टी में उनकी जरूरत के सवाल पर कहा, “इस बैठक में संगठन सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसमें पार्टी को उनकी कोई जरूरत नहीं है। इसके अलावा इस मुद्दे पर जद(यू) नेता अजय आलोक ने कहा, “प्रशांत किशोर और पवन कुमार वर्मा ‘कोरोना’ वायरस हैं, जिन्हें आइसोलेशन में रख दिया गया है।

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    आलोक ने कहा, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा पार्टी के किसी पद पर नहीं हैं। दोनों शायद अब जद(यू) के सदस्य भी नहीं हैं। जद(यू) को कॉर्पोरेट दलालों की कोई जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार कई मामलों में इशारों-इशारों में प्रशांत किशोर के बयानों का खंडन तो कर देते हैं, लेकिन अब तक उन्होंने खुलकर कड़े शब्दों का प्रयोग नहीं किया है।

    यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि नीतीश कुमार सीएए का विरोध करने वाले पूर्व सांसद पवन वर्मा को तो साफ संकेत दे रहे हैं, लेकिन प्रशांत किशोर को क्यों नहीं दे पा रहे हैं। पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार के करीबी समझे जाने वाले सांसद ललन सिंह हालांकि लगातार प्रशांत किशोर के बयानों का खंडन करते आ रहे हैं और जरूरत पड़ने पर प्रशांत किशोर की पार्टी में हैसियत भी बताते रहते हैं, मगर यह भी तय है कि जब तक नीतीश कुमार कुछ नहीं बोलते हैं, तब तक यह नहीं माना जा सकता कि प्रशांत किशोर की हैसियत जद(यू) में समाप्त हो गई है।

  • पंजाब: 2 मार्च से 6 तक विभागीय परीक्षा

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    चंडीगढ़। पंजाब की विभागीय परीक्षा कमेटी द्वारा अधिकारियों /कर्मचारियों की विशेष श्रेणियों की अगली विभागीय परीक्षा 2 मार्च से 6 मार्च, 2020 तक महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब (मैगसिपा), सेक्टर 26, चंडीगढ़ में प्रात:काल 9 से दोपहर 12 बजे और बाद दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक करवाई जा रही है।

    यह जानकारी देते हुए पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इन श्रेणियों में सहायक कमिश्नर, अतिरिक्त सहायक कमिश्नर /आई.पी.एस. अधिकारी, तहसीलदार /राजस्व अधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं।

    उन्होंने बताया कि जो अधिकारी यह परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, वह अपने विभागों के द्वारा निर्धारित परफॉर्मे पर अपना आवेदन 17 फरवरी, 2020 तक सचिव, परसोनल विभाग और सचिव, विभागीय परीक्षा कमेटी, (पी.सी.एस. ब्रांच), पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीधे रूप में भेजे गए आवेदन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किये जाएंगे और अधूरे आवेदन रद्द कर दिए जाने के बाद ऐसे उम्मीदवारों को रोल नंबर जारी नहीं किये जाएंगे।

    प्रवक्ता ने बताया कि जिन उम्मीदवारों को 26 फरवरी, 2020 तक रोल नंबर प्राप्त नहीं होते, वह इन परीक्षाओं सम्बन्धी पी.सी.एस. ब्रांच की ईमेल- pcsbranch0gmail.com या टैलिफ़ोन नंबर – 0172-2740553 (पी.बी.एक्स-4648), पर संपर्क कर सकते हैं।

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  • Jharkhand Cabinet Expansion: आज झारखंड में हेमंत मंत्रिमंडल का विस्तार, झामुमो के ५, कांग्रेस से 2-मंत्री

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    रांची। Jharkhand Cabinet Expansion मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों को शामिल करेंगे। राजभवन के बिरसा मंडप में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह शाम चार बजे आरंभ होगा। जानकारी के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा से पांच और कांग्रेस से दो विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। कांग्रेस से पूर्व में ही दो विधायकों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आलमगीर आलम और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को शपथ दिलाई जा चुकी है।

    इसके अलावा राजद के एकमात्र विधायक सत्यानंद भोक्ता भी मंत्री पद की शपथ बीते 29 दिसंबर को ले चुके हैैं। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद कयास और अटकलों का दौर जहां थमेगा वहीं विभागों के बंटवारे के बाद सरकारी कामकाज की गति भी बढ़ेगी। गौरतलब है कि मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार करने की संभावनाएं थी, लेकिन कांग्रेस द्वारा मंत्रियों की सूची में आनाकानी से देरी हुई।

    23 जनवरी को मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी थी। इस बाबत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से मिलकर जानकारी दी थी। हालांकि बाद में चाईबासा में हत्याकांड की घटना का हवाला देकर मंत्रिमंडल का विस्तार टाला गया। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने मंत्रियों की सूची ही नहीं सौंपी थी। इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार को टालना पड़ा।

    कांग्रेस कोटे के मंत्री

    बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख।

    झामुमो कोटे के मंत्री

    चंपई सोरेन, जोबा मांझी, हाजी हुसैन अंसारी, जगरनाथ महतो, मिथिलेश ठाकुर।

    इसकी भी संभावना

    राज्य में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 मंत्री बनाए जा सकते हैैं। संभव है कि एक पद छोड़कर रखा जाए ताकि विपरीत परिस्थितियों के अनुसार उलटफेर में सहूलियत हो सके। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में मंत्रिमंडल का एक पद खाली रहा।

     

  • सम्मानित होंगे सबसे प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने वाले विभाग- मुख्य सचिव

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    जयपुर । प्रदेश के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष स्मरणोत्सव के तहत सबसे प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने वाले सरकारी विभागों को आगामी 2 अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा। गुप्ता मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

    गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और व्यवहार में लाने के लिए कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग को राज्य नोडल विभाग बनाकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। गत 2 अक्टूबर से निरन्तर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय के साथ वर्ष पर्यन्त तय समय पर गांधीजी के विचारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने सभी कार्यक्रमों की जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि समय पर विभिन्न प्रचार माध्यमों से बेहतर प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने सालभर सबसे ज्यादा प्रभावी गतिविधियां आयोजित कर अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों में गांधीजी के विचारों के प्रसार पर बल देते हुए कहा कि उच्च एवं स्कूली शिक्षा विभाग अधिक कारगर भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्याप्त गांधी साहित्य वितरण करने के साथ गांधी जीवन पर चर्चा, डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शन, गांधी दर्शन पर आधारित वाद-विवाद, भाषण एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कस्तूरबा गांधी की जयंती एवं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्कूल-कॉलेजों में होने वाली गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

    प्रमुख शासन सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग श्रेया गुहा ने विभागवार प्रगति का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए सभी गतिविधियां समयबद्ध संचालित करने और पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।

    सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. नीरज कुमार पवन ने बताया कि भारत इंटीग्रेशन मिशन के माध्यम से आगामी 14 अप्रेल को समरसता दिवस तक विभिन्न महत्वपूर्ण तिथियों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अहिंसा एवं शांति प्रकोष्ठ की एडवाइजरी कमेटी के समन्वयक एसएस बिस्सा ने प्रकोष्ठ की ओर से संचालित की जा रही गतिविधियों से अवगत कराया।

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग विभाग सुबोध अग्रवाल, अतिरक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राजेश्वर सिंह, अतिरक्त मुख्य सचिव प्रशासनिक सुधार विभाग आर वेंकटेश्वरन, प्रमुख शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव अल्पसंख्यक मामलात् विभाग अपर्णा अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव पी.एच.ई.डी विभाग संदीप वर्मा, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास भास्कर ए सावंत सहित विभिन्न विभागों के शासन सचिव एवं अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

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  • पालनहार योजना का सिलिकोसिस पीड़ित परिवारों को मिलेगा लाभ

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    जयपुर। राज्य सरकार ने एक संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रदेश के सिलिकोसिस पीड़ितों की संतानों को पालनहार योजना के लाभ देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सन्दर्भ में वित्त विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। प्रदेश में सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने बीते दिनों ही राजस्थान सिलिकोसिस नीति-2019 घोषित की थी।
    प्रस्ताव के अनुसार, परिवार में माता अथवा पिता के सिलिकोसिस से पीड़ित होने की स्थिति में 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित पालनहार योजना के लाभ देय होंगे। इसके लिए पालनहार योजना की पात्रता सूची में सिलिकोसिस पीड़ित परिवार की श्रेणी जोड़ी जाएगी।
    गहलोत के इस निर्णय से प्रदेशभर में सिलिकोसिस पीड़ित परिवारों के करीब 15,828 बच्चे लाभान्वित हो सकेंगे और राज्य सरकार पर 193 करोड़ रूपए से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। पालनहार योजना में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रति माह 500 रूपए तथा 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रति माह 1000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है।

  • BIHAR : CM नीतीश कुमार को पत्र लिखकर तेजस्वी ने पूछा, क्या हुआ तेरा वादा

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    पटना। बिहार में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मंगलवार को एक पत्र लिखकर उनके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए वादे की याद दिलाई है। तेजस्वी ने नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कुर्सी की खातिर अपमानित होने और बिहार का नुकसान करने से अच्छा है कि राजभवन जाकर आप इस्तीफा दे दीजिए।

    तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में लिखा है, जुलाई 2017 में जनादेश चोरी के बाद जब बिहार में अनैतिक सरकार बनी थी, तब जनादेश अपमान की शर्मिंदगी दबाने और न्यायप्रिय लोकतांत्रिक लोगों को सांत्वना देने के लिए आप जोर-शोर से कहते थे कि दशकों बाद केंद्र और बिहार में एक गठबंधन की सरकार बनी है। अब डबल इंजन सरकार में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, विशेष पैकेज और केंद्रीय योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन बिहार को अब भी उसका वाजिब हक क्यों नहीं मिल रहा है?

    तेजस्वी ने पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने से इंकार कर देने की भी पत्र में चर्चा की है तथा विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री द्वारा विशेष आर्थिक सहायता का वादा भी पूरा नहीं करने की बात कही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री को उनका बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का टेप और वीडियो क्यों नहीं दिखाते?

    जैसा कि आप 15 लाख रुपए सबके खाते में डालने वाला दिखाते थे? प्रधानमंत्री ने 2015 के विधानसभा चुनावों में बिहार के लिए एक लाख 65 हजार करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, राज्य के मुखिया होने के नाते आप बताएं कि उनमें से कितनी घोषणाएं पूर्ण हुईं और कितनी ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका अभी शिलान्यास भी नहीं हुआ है और पैकेज में से कितनी राशि राज्य सरकार को प्राप्त हुई है?

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, अपने मंत्रिमंडल में शामिल भाजपा के 11 मंत्रियों और ज्ञानी-ध्यानी उप मुख्यमंत्री को दिल्ली दौड़ाएं। अगर ये लोग आपके अपमान, बेबसी और लाचारी को देखकर भी अपनी पार्टी से बिहार को केंद्रीय मदद दिलाने में असफल हैं, तो इन्हें मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त करिए। बिहार का अहित सोचने वाले ऐसे मंत्रियों को हटाने में किस बात का डर? आपके चेहरे पर तो सरकारें बनती हैं न? फिर अकेले चुनाव लडऩे में क्या डर?

    अगर आपने 15 साल कथित विकास किया है तो लडि़ए अकेले? पूर्व उप मुख्यमंत्री ने पत्र में बाढ़ राहत में मिली राशि पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार को कई छोटे और तुलनात्मक रूप से बाढ़ से कम नुकसान वाले दूसरे राज्यों से भी कम मदद मिली है।

    उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बिहार के विकास कार्यों के लिए एक लाख 44 करोड़ रुपए की सहायता राशि मिली थी, लेकिन अभी डबल इंजन की सरकार में बिहार को क्या मिला?

    तेजस्वी ने पत्र में लिखा, मोदी सरकार ने आपको इतना कमजोर और मजबूर कर दिया है कि आप खुशी-खुशी अनुच्छेद 370, तीन तलाक, सीएए, एनआरसी और एनपीआर का समर्थन कर रहे हैं और साथ ही साथ बिहार का वित्तीय नुकसान भी झेल रहे हैं।