Category: state-news

  • बिहार में जीर्णोद्घार होगा 33 हजार से अधिक तालाबों का

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    पटना। गर्मियों में कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या के मद्देनजर बिहार सरकार ने भूजल स्तर में सुधार के लिए अब तालाबों के संरक्षण का काम प्रारंभ कर दिया है। राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अब तक एक लाख, 33 हजार 342 तालाबों की पहचान की है, जिनके पर्यवेक्षण का काम जारी है। इस बीच सरकार ने फैसला किया है कि वह उन सभी 33 हजार से अधिक तालाबों का जीर्णोद्घार करवाएगी।

    इस अभियान को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री विशेष रूप से चिंतित हैं और वह पूरे राज्य में यात्रा कर लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं।

    आधिकरिक सूत्रों के मुताबिक, 33342 तालाबों की साफ-सफाई और उड़ाही का काम किया जाना है। अभियान की नोडल एजेंसी ग्रामीण विकास विभाग ने जिला अधिकारियों को जल्द ही अन्य तालाबों और पोखरों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।

    पर्यवेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, 33342 तालाबों में से 30 हजार से अधिक तालाबों में पानी पाया गया है, जबकि 13 हजार ऐसे तालाब भी सामने आए हैं, जिनपर अतिक्रमण है। इनमें 2354 तालाबों पर स्थायी अतिक्रमण हुआ है।

    सूत्रों का कहना है कि सबसे अधिक रोहतास जिले में 1188 तालाबों पर अतिक्रमण की बात सामने आई है।

    उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले वर्ष अक्टूबर माह में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य इन तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराना और इनका जीर्णोद्घार भी कराना है। इसके अलावा नए सिरे से तालाबों की खुदाई भी होनी है। राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए अगले तीन साल में 24 हजार 524 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का लक्ष्य रखा है।

    इस अभियान के तहत पूरे राज्य के स्थानीय प्रशासन ने अभी तक 1,33,342 तालाबों का पता लगाया है। प्रशासन ने अब तक 98 हजार तालाबों का निरीक्षण किया है, जिनमें से सिर्फ 30,970 तालाबों में ही समुचित जलराशि मिली। हालांकि अभी लगभग 35 हजार तालाबों का निरीक्षण किया जाना है।

    बहरहाल, सरकार ने अभी 33 हजार से अधिक तालाबों के जीर्णोद्घार की योजना बनाई है, जिनके जल संचय की स्थिति बहुत नाजुक है। इनमें से 16 हजार से अधिक तालाबों की उड़ाही मशीनों की मदद से होगी और शेष 17 हजार तालाबों की उड़ाही परंपरागत तरीके से की जाएगी।

  • सीटीएसई रिजल्ट – पहली रैंक प्राप्त की छात्रा शीतल कु्मार ने

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    चंडीगढ़ । C.L.P.S संस्थान ने हर साल सफलता का इतिहास बनाया है । संस्थान की छात्रा शीतल कुमार ने सीटीएसई 2019 -2020 में पहली रैंक प्राप्त की। शीतल कुमार ने हरियाणा में सीटीएसई में सबसे अधिक प्रतिशत अंक प्राप्त किये है। संस्थान ने इस उपलब्धि पर उनकी हार्दिक बधाई दी है। साथ ही ईश्वर से उसके उज्जवल भविष्य के लिए और उसके कैरियर के लक्ष्यों के लिए भी प्रार्थना की हैं।

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  • विभिन्न कार्यों का पीडब्ल्यूसी बैठक में किया अनुमोदन

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    जयपुर। जयपुर विकास आयुक्त टी. रविकांत की अध्यक्षता में सोमवार को जेडीए के मंथन सभागार में पीडब्ल्यूसी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न कार्यों का अनुमोदन किया गया।
    बैठक में हरचंदपुरा डेयरी योजना में अवाप्त भूमि के बदले 20 प्रतिशत रिहायशी एवं 5 प्रतिशत व्यावसायिक भूमि आवंटन तथा ग्राम रामचंद्रपुरा तहसील सांगानेर के खसरा नं. 704 एवं 705 पर एकल आवासीय भूखण्ड सृजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में ग्राम गोविंदपुरा रोपाडा में फार्म हाउस एवं रिसोर्ट स्कीम के मानचित्र का अनुमोदन किया गया।
    बैठक में जयपुर शहर में ट्रैफिक सिग्नल और एसीटीएस सिस्टम के रखरखाव कार्य के लिए 3.38 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई एवं पृथ्वीराज योजना में विभिन्न सेक्टर सड़कों के निर्माण कार्य के लिए 4.98 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई।
    बैठक में जेडीए सचिव अर्चना सिंह, वन संरक्षक सुनील छिद्री, निदेशक आयोजना आर.सी. विजयवर्गीय, निदेशक वित्त आदित्य कुमार पारीक, निदेशक अभियांत्रिकी-प्रथम एन.सी.माथुर, निदेशक अभियांत्रिकी-द्वितीय वी.एस. सुण्डा, अतिरिक्त आयुक्त गिरीश पाराशर, संबंधित जोन उपायुक्त, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • अयोध्या जाएंगे महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे, गठबंधन सहयोगियों को भी दिया शिवसेना ने न्यौता

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    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे जल्द ही अयोध्या जाएंगे। शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। राउत ने लिखा कि चलो अयोध्या! मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सत्ता में 100 दिन पूरे होने पर अयोध्या जाएंगे। सरकार अपना काम कर रही है और भगवान राम की कृपा से पूरे 5 साल चलेगी।

    सत्ता में 100 दिन पूरे होने पर उद्धव ठाकरे अयोध्या जाएंगे और भगवान राम का आशीर्वाद लेंगे। अपने अगले कार्यों का दिशा-निर्देश भी निर्धारित करेंगे। हम चाहते हैं कि हमारे गठबंधन सहयोगी भी इस दौरान साथ आएं। राहुल गांधी भी कई मंदिरों में जाते रहते हैं।

    उल्लेखनीय है कि ठाकरे ने पिछले साल 9 नवंबर को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ऐलान किया था कि वे 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे, लेकिन तब महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक हलचल के कारण ऐसा नहीं कर पाए थे। महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनी थी और 28 नवंबर को ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

    ठाकरे पिछले साल 16 जून को पार्टी सांसदों के साथ अयोध्या पहुंचे थे। तब उनके दौरे पर विधानसभा चुनाव से जोडक़र देखा जा रहा था। इस बीच उद्धव की यात्रा को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने कहा कि शिवसेना अयोध्या यात्रा का ऐलान इसलिए कर रही है क्योंकि उसे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की रैली से डर है। राज गुरुवार को रैली करेंगे।

  • लेखक सुधांशु राय की कहानियां छूती है आम जीवन को

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    जयपुर । अक्सर कहानियां हमें वो पंख दे देती हैं जिसकी आशा शायद ही हम असल जीवन में कर पाते हैं । फिर चाहे वो सस्पेंस से भरी हों या फिर एक नायक डिटेक्टिव के रूप में जो कुछ ख़ास उलझे किस्सों को सुलझा उस हर आम व्यक्ति के साथ जुड़ जाता है जिसकी वो कल्पना करते हैं । भारत में पॉडकास्ट और ऑडियो स्टोरीज़ अब बेहद पॉपुलर होते जा रहे हैं और इसका कारण हैं बढ़ती इंटरनेट की पहुँच । साथ ही अब भारत के छोटे कस्बों में भी स्मार्टफोन्स ने अपनी पहुँच बना ली है और लगभग हर व्यक्ति अब यूट्यूब या फेसबुक पर पहुँच गया है । जहाँ सोशल मीडिया उन्हें हर तरह के कंटेंट से रूबरू करा रही है वहीँ अब कहानियों ने फिर से अपनी जगह बना ली है ।

    यदि आप कहानियों के शौक़ीन हैं और ख़ास तौर पर हॉरर, थ्रिलर या सस्पेंस में रूचि रखते हैं तो आप कहानीकार सुधांशु राय की कहानियों से परे नहीं रह सकते । जहाँ एक ओर उनकी ख़ास प्रस्तुति डिटेक्टिव बुमराह अलग अलग रहस्यमयी केसेस का खुलासा करता है वहीँ टाइम ट्रेवल, एलियंस आदि की कहानियां आपको एक नयी यात्रा पर ले जाएंगी । उनकी हर कहानी अपनी पुरानी कहानी से परे होती है । हाल ही में कुछ कहानियां जो सोशल मीडिया पर बहुत पसंद की गयीं वो थीं “द डेथ प्लान”, “द डार्क हाउस” और “द नाईट गाइड” ।

    ये माना जा रहा है की धीरे धीरे पॉडकास्ट और ऑडियो स्टोरीज भारत में काफी लोप्रिय हो जाएंगी और इन्हे न सिर्फ शहरों बल्कि गाओं में भी सुना जाएगा । पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता और लाखों उपभोगकर्ताओं का उनसे जुड़ना इस तथ्य को साबित भी करती है की लोग ऑडियो बुक्स और स्टोरीज को पसंद करते हैं । हाल ही में अमेज़न ने ऑडिबल सुनो लांच कर इस ओर पहल भी करदी है ।

    तो फिर यदि कहानियां आप लुभाती हैं और आप थ्रिल से भरी एक नयी यात्रा पर जाना चाहते हैं तो आप कहानीकार सुधांशु राय की कहानियां फेसबुक और यूट्यूब पर सुन सकते हैं ।

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  • कठिन परिश्रम से हासिल किया जा सकता है प्रतिस्पर्धात्मक युग में मुकाम: सरवीन चौधरी

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    धर्मशाला। शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोह में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में शिरकत की और स्कूल के मेधावियों को पुरस्कृत किया। वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में जहां एक ओर बच्चों में भारी उत्साह था वहीं दूसरी ओर बच्चों के अभिभावकों ने भी स्कूल के कार्यक्रम में भाग लिया। स्कूल के बच्चों ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

    शहरी विकास मंत्री ने कहा कि आज के कठिन प्रतिस्पर्धात्मक युग में छात्रों को परिश्रम एवं निरंतर धैर्य के साथ अपने मुकाम तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिये। उन्होंने बच्चों, अध्यापकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका छात्रों को प्रेरित करना है। कुछ छात्र अपने शिक्षक को आदर्श रूप में देखकर उनके जैसा बनने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हर शिक्षक प्रत्येक छात्र पर एक सकारात्मक प्रभाव को छोड़े।
    उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्र के चरित्र को आकार देने और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद करते हैं। वे हमें इस दुनिया में मजबूती से मुकाबला करने योग्य बनाने में सक्षम बनाते हैं ताकि हम समझदारी से रास्ते में आने वाली कई चुनौतियों से निपट सकें। सरवीन चौधरी ने कहा कि मोरछ से घढघुं पुल के लिए 2.50 करोड़, भनाला से रुलेढ़ सड़क के लिए 18 लाख, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी के लिए 3 लाख, दरीणी बोह कंक्रीट पेवमेंट के लिए 9.50 लाख, भनाला खास दरीणी बोह रोड के डंगे के लिए 1.50 लाख, मनेड़ पुल के प्रोटेक्शन वर्क के लिए 11 लाख तथा दारीणी बोह रोड प्रोटेक्शन वर्क के लिए 5.42 लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं।
    मंत्री ने सांस्कृृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने स्कूल के कमरों की मुरमत के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा तथा स्कूल में साइंस की कक्षाएं अति शीघ्र बैठाने का आश्वासन दिया।

    स्कूल के प्रधानाचार्य जोधा राम ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने शहरी विकास मंत्री को कमीशन / बैच वाइज भर्ती द्वारा चयनित / नियुक्त अनुबंध से नियमित कर्मचारियों को उनके अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता लाभ देने व अनुबंध सेवाकाल को कुल सेवा से जोड़ने हेतु मांग पत्र सौंपा। शहरी विकास मंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित कार्रवाई के लिए सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
    इसके उपरांत शहरी विकास मंत्री ने बोह में लोगों की समस्याओं को सुना। अधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया और शेष समस्याओं के समाधान के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये।

    इस अवसर पर स्थानीय प्रधान त्रिशला देवी, एसएमसी प्रधान बबली देवी, प्रेस सचिव राकेश मनु, दीपक अवस्थी, विजय कुमार, परवीन कुमार, मिलाप सिंह, करनैल सिंह, एसडीओ लोक निर्माण विभाग बलबीत तथा बच्चों के अभिवावकों सहित स्कूलों के प्रधाध्यापक बच्चे तथा काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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  • ‘ग्रीन गोल्ड’ की खेती होगी कोसी में, बढ़ेगी किसानों की आय

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    सहरसा। बिहार के कोसी क्षेत्र में अब ‘ग्रीन गोल्ड’ कहे जाने वाले बांस की खेती होगी। इसके लिए वन प्रमंडल सहरसा ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रथम चरण में बीज लगाने को लेकर नर्सरी में मिट्टी भराई कार्य को भी पूरा कर लिया गया है।

    प्रथम चरण में स्थायी पौधशाला में राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के अंतर्गत बांध पौधशाला 2019-20 के तहत कहरा प्रखंड के सहरसा बांस पौधशाला में 16 हजार पौधा तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित है। बांस की खेती से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ जलवायु को सुदृढ़ बनाने और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान होगा।

    बांस की खेती के लिए कोसी क्षेत्र की जलवायु एवं भौगोलिक स्थिति बेहद उपयुक्त एवं लाभकारी माना जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांस का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, बड़े-बड़े होटलों में फर्नीचर, टिम्बर मर्चेट से लेकर संस्कृति से जुड़े कार्यो तक बांस का उपयोग होता है। इसके साथ-साथ बांस को खाया भी जाता है। बांस औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

    लोग कहते हैं कि अब बांस और बांस के उत्पादों की मांग पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गई है। राष्ट्रीय बांस मिशन योजना कोसी क्षेत्र के सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, मुंगेर, बांका, जमुई, नालंदा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण व शिवहर शामिल है।

    सहरसा के वन प्रमंडल पदाधिकारी शशिभूषण झा ने आईएएनएस से कहा कि जिला के 10 प्रखंड क्षेत्रों के किसानों को जून एवं जुलाई माह से पौधे का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्सरी में मार्च तक पौधा तैयार हो जाएगा।

    झा ने कहा कि ऐसा नहीं कि पहले यहां बांस की खेती नहीं होती थी। पहले भी जिले के महिषी, सिमरी बख्तियारपुर, कहरा, सत्तरकटैया सहित कई क्षेत्रों में बांस की खेती होती थी, लेकिन उनका तरीका अवैज्ञानिक था, जिससे किसानों को भरपूर लाभ नहीं मिलता था। वैज्ञानिक तरीके से बांस की खेती करने पर किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे।

    उन्होंने कहा कि इससे बंजर जमीन को उपजाऊ करने में मदद मिलेगी। इससे भूमिहीनों सहित छोटे एवं मझौले किसानों और महिलाओं को आजीविका मिलेगी और उद्योग को गुणवत्ता संपन्न सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

    झा ने बताया कि एक एकड़ में 80 से 100 पौधा लगाया जा सकता है, जो 4 साल में अपनी परिपक्वता के बाद करीब 1000 से 1500 के बीच बांस तैयार होगा और किसानों को एक लाख से 1.5 लाख रुपये सालाना की आमदनी हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि बांस की खेती के लिए कोई सीमा तय नहीं है, किसान इसे अपनी जमीन पर कर सकते हैं।

    एक पौधा कम से कम 2.5 मीटर की दूरी में लगाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर 136 किस्मों में सर्वाधिक रूप से 10 प्रजातियों का ही उपयोग किया जाता है। बांस के पौधे को हरेक साल रिप्लांटेशन करने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। बांस के पौधे की आयु करीब 40 साल की होती है।

  • विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की समीक्षा बैठक

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    ज्वालामुखी। योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं ज्वालामुखी के विधायक रमेश चंद धवाला ने विधानसभा में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सरकर द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा अधिकारियों से मांगा और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में सभी योजनाओं को गम्भीरता से लागू करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा लिया और उनकी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी लम्बित विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रह कर पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित शीत कालीन दौरे को ध्यान में रखते हुए उनके सम्भावित ज्वालामुखी प्रवास को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के सम्भावित प्रवास को देखते हुए हर व्यवस्था को ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ज्वालामुखी का सम्भावित प्रवास क्षेत्र के विकास के लिए नए आयाम स्थापित करेगा, अतः इसकी गम्भीरता को देखते हुए सब तैयारियों का ध्यान रखा जाए।

    इस अवसर पर एसडीएम ज्वालामुखी अंकुश शर्मा, डीएसपी ज्वालामुखी तिलक राज, खंड विकास अधिकारी राजीव सूद, तहसील कल्याण अधिकारी आदर्श शर्मा, मंडलाध्यक्ष मान चंद, उपाध्यक्ष विजय मेहता, पूर्व अध्यक्ष चमन पुंडीर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • पाकिस्तान नहीं जाएगा एक बूंद भी पानी – गजेंद्र शेखावत

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    पठानकोट । केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार कहा कि रावी नदी पर बन रहे बैराज की परियोजना पूरा होने के बाद एक बूंद पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा और भारत का जो पानी है वो भारत में ही इस्तेमाल होगा। केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को रावी दरिया पर बन रहे बैराज प्रोजेक्ट का दौरा कर वहां चल रहे परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।

    शेखावत ने कहा कि बैराज परियोजना तैयार होने से पंजाब, हरियाणा और राज्यस्थान के किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी मिलेगा।

    उन्होंने रंजीत सागर डैम के अधिकारियों के साथ बैठक की और साइट का निरीक्षरण भी किया। शेखावत ने कहा, “बैराज का काम प्रगति पर है और हमें उम्मीद है कि 2022 तक इसका काम पूरा हो जाएगा।”

    उन्होंने कहा कि बैराज के निर्माण में केंद्र सरकार की तरफ से फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

    शेखावत ने बताया कि बांध से बचने वाले पानी को सीमावर्ती क्षेत्रों में मुहैया करवाया जाएगा जिससे 100 से अधिक गांवों को पीने का पानी मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि परियोजना के खर्च में केंद्र सरकार 86 प्रतिशत फंड देगी। जम्मू और कश्मीर को भी इसका काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के हिस्से के फंड को भी केंद्र सरकार ही देगी और बैराज के खर्च का 14 प्रतिशत हिस्सा पंजाब सरकार देगी। एसवाईएल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट का जो फैसला होगा उसे सभी को मानना पड़ेगा।

  • अनुपम खेर को नसीरुद्दीन शाह ने बताया मसखरा

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    मुंबई । जानेमाने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का समर्थकव भारतीय जनता पार्टी के हिमायती साथी अभिनेता अनुपम खेर को बड़ बोला ‘मसखरा’ कहा और भाजपा की नीतियों को ‘मसखरापन’ करार दिया। समाचार पार्टल को दिए साक्षात्कार में नसीरुद्दीन शाह ने सीएए के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शनों पर कई बॉलीवुड सितारों की चुप्पी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, “ताज्जुब की बात है कि वे छात्रों के विरोध प्रदर्शन और जेएनयू में छात्राओं की पिटाई के बाद वहां हमदर्दी जताने दीपिका पादुकोण के जाने पर भी कुछ लोग चुप्पी साधे हुए हैं।”