Category: state-news

  • पंजाब सरकार उठाएगी पद्मश्री डॉ. दिलीप कौर टिवाना के इलाज का खर्च

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    चंडीगढ़। पद्मश्री से सम्मानित पंजाबी लेखिका डॉ. दिलीप कौर टिवाना (84) बीमार हैं। इलाज के लिए उन्हें मोहाली के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सर्दी लगने की वजह से उन्हें फेफड़ों में दर्द की शिकायत थी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उनके इलाज का सारा खर्चा पंजाब सरकार उठाएगी।

    स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने दिलीप कौर टिवाना को मोहाली के अस्पताल में दाखिल करवाया था। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जब उनके अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा को उनका हालचाल जानने अस्पताल भेजा। इस मौके पर बाजवा ने कहा कि टिवाना के इलाज का खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी। उन्होंने डॉ. टिवाना के पति डॉ. भूपिदंर सिंह व उनके बेटे डॉ. सिमरनजीत सिंह को बढ़िया इलाज करवाने का भरोसा दिलाया।

    गौरतलब है कि वर्ष 2015 में टिवाना ने 1984 के सिख दंगे और मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के विरोध में पद्मश्री सम्मान लौटा दिया था। केंद्र सरकार को लिखे पत्र में टिवाना ने कहा था कि गौतम बुद्ध और श्री गुरु नानक देव जी की धरती पर सिखों व मुसलमानों के विरुद्ध अत्याचार की घटनाएं हमारे समाज के लिए अपमानजनक हैं। डॉ. टिवाना की रचनाएं हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहीं हैं और उन्होंने अपनी लेखनी से पूरी दुनिया में पंजाब का नाम रोशन किया है।

     

  • IT से जुड़ेंगे चिकित्सा संस्थान, रखा जायेगा केस स्टडी के लिए मरीजों का डाटा: स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा

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    जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा संस्थानों को जल्द ही IT से जोड़ा जाएगा ताकि आने वाले मरीजों का लेखा-जोखा डाॅक्टर्स के पास रहे और उसे वे केस स्टडी के रूप में काम में ले सकें। प्रत्येक मरीज को हैल्थ कार्ड बनाने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है।

    डाॅ. शर्मा रविवार को जयपुर के देवीनगर स्थित राजकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अवलोकन और ‘जर्नी टू एनक्यूएएस‘ पुस्तिका के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान देशभर के लिए माॅडल स्टेट बनता जा रहा है। चिकित्सा के हर क्षेत्र राज्य में नए कीर्तिमान बना रहा है। उन्होंने हाल ही सवाईमानसिंह अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट को चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यहां लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अंग प्रत्योरापण और अंगदान के भी गंभीर रूप से काम कर रही है।

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति को चिकित्सा का अधिकार देना चाहती है, यही वजह है कि आने वाले विधानसभा में इसे कानूनी अमलीजामा पहनाकर ‘राइट टू हैल्थ‘ के रूप में लाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश की पहली जनता क्लिनिक जयपुर के वाल्मिकी नगर में खोली जा चुकी है। जल्द ही अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति को आसानी से चिकित्सा सविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद प्रदेश में 15500 नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। चिकित्सकों की कमी भी सरकार दूर कर रही है। 750 से ज्यादा चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी।

    इस मौके पर उपस्थित यातायात मंत्री और क्षेत्र के विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि ‘निरोगी राजस्थान‘ अभियान के तहत प्रदेश में चिकित्सकीय व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र के प्रथम के निर्माण के लिए विधायक कोष से 15 लाख रुपए और एक छोटी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी रूप से समृद्ध करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इस दौरान भारत सरकार द्वारा देवी नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाले चिकित्सा संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त करने और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के प्रयासों को दर्शाने वाली पुस्तिका ‘जर्नी टू एनक्यूएएस‘ का भी लोकार्पण किया गया।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नरेश ठकराल ने स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी और उपलब्ध कराने वाली दवाओं और केंद्र को अब तक मिले कई पुरस्कारों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम डाॅ. नरोत्तम शर्मा और स्वास्थ्य केंद्र के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी अनिल नायर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक और चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे।

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  • बिहार में मानव श्रृंखला के दौरान शिक्षक की दिल का दौरा पड़ने से मौत

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    दरभंगा। बिहार में ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के साथ नशा-मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान के तहत रविवार को राज्यभर में मानव श्रृंखला बनाए जाने के दौरान यहां एक शिक्षक की मौत हो गई। दरभंगा जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि दरभंगा में मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए बच्चों के साथ सड़क पर पहुंचे एक शिक्षक की मौत हो गई। मृतक शिक्षक की पहचान मोहम्मद दाऊद के रूप में की गई है, जो एक उर्दू स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

    दरभंगा के जिलाधिकारी डॉ़ त्यागराजन एस़ एम़ ने आईएएनएस को बताया कि दरभंगा के केउटी थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। त्यागराजन ने कहा कि अधिकारियों की एक टीम को उनके घर भेजा गया है। उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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    पूरे बिहार में रविवार को अपराह्न 11: 30 बजे से 12 बजे तक मानव श्रृंखला बनाई गई थी। सरकार का दावा है कि इस मानव श्रृंखला में करीब 4:25 करोड़ लोगों की भागीदारी के साथ 16 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी कतार बनाकर बिहार ने विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

    मानव श्रृंखला का मुख्य आयोजन पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में मानव श्रृंखला बनाई गई।

  • साईं बाबा के जन्म स्थल पर विवाद! आज से शिरडी बंद का ऐलान किया CM के बयान से भडक़े श्रद्धालुओं ने

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    शिरडी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान बताने से नाराज शिरडी के लोगों ने रविवार से अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। हालांकि बंद के बावजूद साईं बाबा का मंदिर और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े साईं आश्रम खुले रहेंगे। साईं मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक मुगलीकर के मुताबिक बंद में मंदिर ट्रस्ट शामिल नहीं है।

    श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। दूसरी ओर, प्रशासन ने यहां नासिक से काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। शिरडी सहित करीब 25 गांव के लोग आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमें पाथरी के विकास से आपत्ति नहीं है, लेकिन उसे साईं की जन्मभूमि कहना सही नहीं है।

    इससे पहले साईं बाबा और उनके माता-पिता के बारे में भी कई गलत दावे किए जा चुके हैं। जब तक मुख्यमंत्री अपने बयान को वापस नहीं लेंगे, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। आपको बता दें कि परभणी जिले का पाथरी, शिरडी से करीब 275 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री ने 9 जनवरी को इसे साईं की जन्मभूमि बताते हुए इसके विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का ऐलान कर दिया।

    उद्धव से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पाथरी को लेकर ऐसा ही ऐलान किया था। वर्ष 2018 में साईं समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा था कि पाथरी सार्इं बाबा का जन्म स्थान है। मैं पाथरी के विकास के लिए काम करूंगा। उल्लेखनीय है कि सार्इं ट्रस्ट दुनिया के सबसे अमीर धार्मिक ट्रस्टों में से एक है। पिछले साल साईं दरबार में 287 करोड़ का चढ़ावा आया था। इसमें कैश के अलावा 19 किलो सोना और 392 किलो चांदी भी मिली। साल 2018 में 285 करोड़ का चढ़ावा आया था।

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  • जे.पी. नड्डा को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने दी बधाई

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    जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने सोमवार को नई दिल्ली में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को बधाई दी और स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनन्दन किया। डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में इस दिन को संगठन पर्व कहते हैं।
    आज भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में उत्सव का माहौल इसलिए है कि आज फिर से साबित हो गया कि एक सामान्य कार्यकर्ता इस पार्टी का मुखिया बन सकता है। जेपी नड्डा बिहार आंदोलन से निकलकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में तपकर, हिमाचल प्रदेश में प्रतिपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष के अनुभव और वर्षों भाजपा के लिए कार्य करने के बाद इस पद पर पहुंचे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के जिस विचार के साथ देश के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्होंने भारत के गौरव को पूरे विश्व में बढ़ाया है, वहीं कार्य नड्डा पार्टी के लिए करेंगे। नड्डा कार्यकर्त्ताओं में अत्यधिक लोकप्रिय रहे हैं। लोकसभा चुनाव में उनके प्रभारी रहते भाजपा ने उत्तरप्रदेश चुनावों में अभूतपूर्व जीत हासिल की।

    उनका व्यक्तित्व अत्यधिक सरल और मिलनसार रहा है। उनकी शालीनता का उदाहरण दिया जाता है। उनके नेतृत्व में निश्चित रूप से भाजपा पूरे देश में निरन्तर सशक्त होगी। इस दौरान डॉ. सतीश पूनिया के साथ राजस्थान भाजपा के प्रमुख नेता, केंद्रीय मंत्री, पदाधिकारी और 25 राष्ट्रीय सदस्य उपस्थित रहे।

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  • BIHAR ASSEMBLY ELECTION : महागठबंधन में नहीं बनी सहमति CM उम्मीदवार तेजस्वी को लेकर!

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    पटना। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में एकमत हैं, लेकिन भाजपा गठबंधन को सत्ता से हटाने की बात करने वाले विपक्षी दलों के महागठबंधन में अब तक मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सहमति नहीं बन सकी है।

    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने हालांकि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अगले चुनाव के लिए मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा कर दी है, लेकिन महागठबंधन के अन्य घटक दल इस पर सहमत नहीं दिख रहे हैं। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने स्पष्ट कहा, हम गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी हैं। तेजस्वीजी विपक्ष के नेता भी हैं। झारखंड में भी गठबंधन के सबसे बड़े दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता को मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया गया था।

    उल्लेखनीय है कि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2020 के विधानसभा चुनावों में राजग गठबंधन का नेतृत्व करेंगे। इधर, महागठबंधन में अब तक मुख्यमंत्री प्रत्याशी को लेकर एक राय नहीं बन सकी है। महागठबंधन घटक दल कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के इस मुद्दे पर अलग-अलग रुख हैं।

    राजद ने हालांकि यह स्पष्ट कर दिया है कि घटक दलों को तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्वीकार करना होगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मदन मोहन झा कहते हैं, यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। अभी चुनाव में देरी है। हम लोग मई में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। बैठक होनी है। हम इस पर अभी विचार कर रहे हैं।

    इस बीच, कांग्रेस ने सासाराम से सांसद रहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए उठा कर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि कांग्रेस में चेहरों की कमी नहीं है। उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को बिहार का बड़ा चेहरा बताते हुए कहा कि राजद के साथ विचारधारा को लेकर गठबंधन है। पार्टी हर जिम्मेदारी उठाने को तैयार है।

    रालोसपा के महासचिव राहुल कुमार ने कहा, हम एक साथ बैठेंगे और नेतृत्व के मुद्दे पर चुनाव के पहले सहमति बनाई जाएगी। राजग ने शिवसेना (महाराष्ट्र में) के साथ गठबंधन में अपना नेता तय किया था। हर कोई जानता है कि चुनाव के बाद क्या हुआ। कम से कम ऐसी स्थिति महागठबंधन में नहीं होगी। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान भी इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि तेजस्वी के अलावा महागठबंधन में मुख्यमंत्री प्रत्याशी के रूप में अब तक कोई सामने नहीं आया है।

    इस मुद्दे पर राजद से बात हुई है, राजद ने बैठक कर सब कुछ तय करने का आश्वासन दिया है। हम के प्रमुख जीतन राम मांझी भी कई बार सार्वजनिक मंचों से तेजस्वी यादव की आलोचना कर चुके हैं। राजद के प्रवक्ता तिवारी हालांकि यह भी कहते हैं कि महागठबंधन घटक दलों की बैठक को लेकर कहीं कोई समस्या नहीं है। बैठक तो होगी ही। तेजस्वीजी के नाम पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

    बहरहाल, राजद ने भले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बनाई हो, लेकिन महगठबंधन में शामिल घटक दल अभी भी इस मुद्दे को लेकर आपस में बातचीत करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि घटक दल चुनाव पूर्व दबाव बनाने की रणनीति के तहत बयानबाजी कर रहे हों, लेकिन इतना तो तय है कि महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे के लेकर अभी तक एक राय नहीं बन पाई है।

  • CHHATTISGARH : बजट जनता की राय से बनेगा, CM भूपेश बघेल ने जारी किया प्रदेशवासियों के नाम संदेश

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    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार आगामी बजट को जनता का बजट बनाने की कवायद कर रही है। आगामी बजट कैसा हो, जनता बजट में क्या चाहती है, इसके लिए जनता के सुझाव मांगे जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद जनता से राय मांगी है। छत्तीसगढ़ को अस्तित्व में आए 17 साल हो चुके हैं और डेढ़ दशक बाद सत्ता में आई कांग्रेस की वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनता की सरकार बनाने और बताने में लगे हैं और जब भी कोई मौका मिलता है तो उसे वे हाथ से जाने नहीं देते।

    इसी क्रम में अब वे आगामी बजट को जनता का बजट बनाना चाह रहे हैं, यही कारण है कि उन्होंने प्रदेशवासियों से इसके लिए सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट कर लोगों से बजट के लिए सुझाव मांगते हुए लिखा, हम चाहते हैं कि आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनाए जाने वाले बजट में आपकी भागीदारी हो। कृपया अपने सुझाव देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों के नाम एक संदेश भी जारी किया है।

    इसमें उन्होंने सरकार और बजट तो जनता का बताया ही है साथ में उसमें भागीदारी का भी आह्वान किया है। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर पिछली सरकार पर हमला बोला और कहा कि विरासत में मिली समस्याओं और सीमित संसाधनों के बावजूद बीते एक साल में छत्तीसगढ़ ने जन-जन के विकास और खुशहाली का रास्ता बनाया।

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    जन विकास और जन विश्वास से हमने गढ़वो नवा छत्तीसगढ़ का अभियान शुरू किया, जिसे आप लोगों का भरपूर समर्थन और सक्रिय सहयोग मिला। अब हम नए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का नया बजट बनाने जा रहे हैं। प्रदेश की जनता से बजट के लिए सुझाव देने का आह्वान करते हुए बघेल ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरुरी है कि उसमें जनता की हिस्सेदारी हो।

    इसलिए नए साल के सबसे बड़े वित्तीय प्रबंधन और नियोजन की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद संभवत: यह पहला मौका है जब सरकार ने बजट के लिए खुले तौर पर आमजन से राय मांगी हो। ये सुझाव मुख्यमंत्री बघेल को वॉटसएप नंबर 7440412604 और मेल आईडी भागीदारी2020एटदरेटजीमेलडॉटकॉम पर दिए जा सकते है। राज्य का वर्ष 2018-19 का आम बजट 95 हजार करोड़ रुपए का था, इस बार आम बजट के एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होने की संभावना है।

  • राजस्थान: 7 लोगों की कार-ट्रक की भिड़ंत में मौत,जताई CM अशोक गहलोत ने संवेदना

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    जयपुर। चूरू जिले के सालासर इलाके में नेशनल हाईवे-58 पर कार और ट्रक की भिड़ंत में सात लाेगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भीषण हादसे पर दुःख जताया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, कार सवार 8 लोग रोलसाहबसर से सुजानगढ़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार की भिड़ंत ट्रक से सालासर इलाके के नेशनल हाईवे-58 पर हो गई। इस हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। कार में सवार सात लोगों ने दम तोड़ दिया है। एक घायल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसा इतना भयानक था कि ट्रक की टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। ज़ोरदार भिड़ंत होने की वजह से कार सवार लोग क्षतिग्रस्त वाहन में बुरी तरह से फंस गए थे। सूचना मिलने पर सालासर पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की सहायता से बाहर निकाला था।

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘चूरू में सालासर फतेहपुर रोड पर हुए सड़क हादसे में सात लोगों की मौत का पता चलने पर गहरा दुख हुआ है। मृतकों परिजनों को मेरी संवेदनाएं। उन्हें करने की ईश्वर शक्ति दे। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।’

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  • यातायात प्रभावित पंजाब, हरियाणा में घने कोहरा से

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    चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को घना कोहरा छाने से रेल और सड़क यातायात पर प्रभाव पड़ा। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि हरियाणा का नारनौल दोनों राज्यों में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    हिसार, करनाल और अंबाला में न्यूनतम तापमान क्रमश: 6.5 डिग्री, 8 डिग्री और 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पंजाब में, अमृतसर का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि लुधियाना, पटियाला और फरीदकोट में क्रमश: 6.9 डिग्री, 8.1 डिग्री और 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्से घने कोहरे में लिपटे हुए हैं जिससे खराब दृश्यता के कारण क्षेत्र में हवाई, रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग के अधिकारी ने अपने पूर्वानुमान में बुधवार तक पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों पर सामान्य से लेकर घना कोहरा छाने की बात कही है।

  • हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और रणदीप सिंह सुरजेवाला के पिता शमशेर सिंह का निधन, राहुल गांधी ने जताई संवेदना

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    चंडीगढ़/नई दिल्ली। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शमशेर सिंह सुरजेवाला का सोमवार को निधन हो गया। वह लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। सुरजेवाला ने चार बार हरियाणा सरकार में मंत्री के रूप में काम किया था और एक बार राज्य सभा के लिए भी चुने गए थे। वह कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के पिता हैं। निधन की सूचना मिलने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एम्स पहुंचकर संवेदना जताई है।

    आपको बताते जाए कि शमशेर सिंह ने 1967, 1977, 1982 और 1991 में नरवाना विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की। वह 2001 में कैथल विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में भी चुने गए। उन्होंने हरियाणा विधानसभा में विपक्षी पार्टी के नेता के रूप में भी काम किया था।