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  • संजय राउत बोले, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जाया करती थींं अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने

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    मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने एक साक्षात्कार में कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने जाया करती थीं। इस बयान को लेकर कांग्रेस और शिवसेना के बीच घमासान मच गया है।

    आपको बताते जाए कि शिवसेना नेता राउत ने पुणे में एक पुरस्कार समारोह के दौरान एक मीडिया समूह को साक्षात्कार के दौरान कही।

    शिवसेना नेता ने बताया कि कभी अंडरवर्ल्ड के लोग तय करते थे कि पुलिस कमिश्नर कौन बनेगा और मंत्रालय में कौन बैठेगा। राउत ने इस दौरान कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पायधुनी (दक्षिण मुंबई का इलाका) में करीम लाला से मिलने आती थीं। राउत ने यह भी दावा किया कि हाजी मस्तान के मंत्रालय में आने पर पूरा मंत्रालय उसे देखने के लिए नीचे आ जाता था। 1960 के दशक से 1980 के दशक तक मुंबई में शराब की तस्करी, जुआ और जबरन वसूली रैकेट चलाने वाले डॉन करीम लाला की 2002 में मौत हो गई थी।

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    शिवसेना नेता राउत ने आगे बताया कि वे अंडरवर्ल्ड के दिन थे। बाद में हर कोई (डॉन) देश छोड़कर भाग गया। अब ऐसा कुछ नहीं है। वह माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से मिले हैं, उससे बात की है और उसे फटकार भी लगा चुके हैं।

    यहां जानें करीम लाला के बारे में….
    हाजी मस्तान को मुंबई में अंडरवर्ल्ड का पहला डॉन माना जाता है लेकिन मुंबई का पहला माफिया डॉन करीम लाला ही था। करीम लाला का असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था। वह अफगानिस्तान में पैदा हुआ था और पश्तून समुदाय से ताल्लुक रखता था। करीब 21 साल की आयु में वह भारत आया था। 1930 में पेशावर के रास्ते मुंबई पहुंचकर उसने कारोबार में हाथ आजमाया। कुछ समय बाद वह सट्टेबाजी और ड्रग्स रैकेट के क्षेत्र में भी उतर आया। मुंबई में लाला की बादशाहत 1970 तक रही। अमिताभ बच्चन की जंजीर फिल्म में प्राण ने जो किरदार निभाया था, वह करीम लाला से ही प्रेरित था।

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  • BIHAR ASSEMBLY ELECTION :BJP-JDU में गुणा-भाग शुरू सीट बंटवारे को लेकर , 50-50 पर बनेगी बात!

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    पटना। इसी साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार की धरती से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के यह घोषणा दोहराने के बाद कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही राजग (एनडीए) चुनाव लड़ेगा, सीटों को लेकर भाजपा व जदयू में गुणा-भाग शुरू हो गया है। सूत्रों का दावा है कि दोनों दलों में लोकसभा चुनाव की तर्ज पर 50-50 (बराबर-बराबर) सीटों पर चुनाव लडऩे की सहमति बन सकती है।

    पिछले विधानसभा चुनाव में जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़े थे, जबकि उससे पहले साल 2010 में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। सूत्रों का दावा है कि 2020 के विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर आधारित हो सकता है। लोकसभा चुनाव में हुआ सीट शेयरिंग फॉर्मूला विधानासभा में भी सीटों के बंटवारे का आधार बन सकता है।

    भाजपा-जदयू के बीच लोकसभा की तर्ज पर सीटों का बंटवारा हुआ, तो इस बार 124 मौजूदा सीटों में से 52 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारी में फेरबदल हो सकता है। पिछले चुनाव में जदयू ने जहां 71 सीटों पर विजय प्राप्त की थी, वहीं भाजपा के प्रत्याशी 53 सीट पर विजय प्राप्त कर सके थे। ऐसे में देखा जाए तो 24 ऐसी सीटें हैं जहां भाजपा पहले और जदयू दूसरे नंबर पर रही थी, जबकि 28 सीटें ऐसी हैं, जहां जदयू पहले नंबर पर थी और वहां भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी।

    ऐसे में तय है कि ऐसी कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की बदली हो सकती है। राजनीति के जानकार और पटना के वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह हालांकि इस फॉर्मूले को नकारते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में जदयू अलग गठबंधन में था, जबकि 2020 में होने वाले चुनाव में वह राजग में होगा, ऐसे में समीकरण भी बदलेंगे।

    उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में राजद के साथ चुनाव मैदान में उतरी जदयू कई क्षेत्रों में भाजपा से मजबूत स्थिति में है। ऐसी सीटें उसके खाते में जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के मजबूत होने की स्थिति में यह तय है कि दोनों पार्टियां बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि अभी चुनाव में देर है और राजनीति में कुछ भी संभव है।

    जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों हालांकि कहा था कि जदयू और भाजपा के बीच सीटों का बंटवारा 2010 के फॉर्मूले के तहत होना चाहिए। उस समय भाजपा ने 102 सीटों पर और जदयू ने 141 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इस बयान के बाद जदयू के कई नेताओं ने किशोर के बयान को खारिज कर दिया था। हालांकि कुछ लोग यह भी कहते दिखे थे कि प्रशांत किशोर यह बयान नीतीश कुमार के कहने पर ही दे रहे हैं।

    भाजपा के एक नेता भी कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में जिस तरह पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा हुआ था, वही होगा। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन के दूसरे साथियों को सीटें देने के बाद बची हुई सीटों पर 50-50 फीसदी के आधार पर भाजपा और जदयू में सीटों का बंटवारा हुआ था।

    विधानसभा चुनाव में भी यही फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। बहरहाल, नीतीश के नेतृत्व में राजग के चुनाव लडऩे की घोषणा के बाद यह तय है कि भाजपा और जदयू साथ में चुनावी मैदान में होंगे और सीट बंटवारे को लेकर अभी से ही गुणा-भाग शुरू हो गया है।

  • DELHI ASSEMBLY ELECTION : राज्य चुनाव मशीनरी ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने को झोंकी ताकत

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    नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को होने वाले मतदान का अनुपात बढ़ाने के लिए राज्य निर्वाचन मशीनरी ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय की सैकड़ों टीमें शनिवार को विद्यार्थियों के साथ गली-गली घूमीं। बच्चों के हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं, जिन पर मतदान के प्रति जनमानस को जागरूक करने के लिए आकर्षक नारे लिखे हुए थे।

    राज्य चुनाव आयोग मुख्यालय के नोडल अधिकारी (मीडिया) नलिन चौहान ने आईएएनएस को बताया कि राज्य चुनाव मुख्यालय बीते लोकसभा चुनाव में मतदान के अनुपात से ऊपर इस विधानसभा चुनाव में मतदान कराने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह के नेतृत्व में हरसंभव कोशिश जारी है।

    इन्हीं कोशिशों का हिस्सा थी शनिवार को दिल्ली के हर विधानसभा क्षेत्र में विद्यार्थियों की मदद से निकाली गई मतदान जागरूकता रैली। स्कूली बच्चों के हाथों में मौजूद पट्टियों पर छोड़ो अपने सारे काम, आठ फरवरी को करें मतदान, यह सबकी जिम्मेदारी, वोट करेगी दिल्ली सारी और मम्मी-पापा नोट करें, 8 फरवरी को वोट करें जैसे नारे लिखे हुए थे। राज्य चुनाव मुख्यालय की टीमों ने देवली और दक्षिणपुरी इलाकों का भी दौरा किया।

    यहां मतदाता जागरूकता रैलियां भी निकाली गईं। इन इलाकों में 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान का प्रतिशत कम रहा था। देवली विधानसभा में 2,30,702 मतदाता पंजीकृत हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में इन पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 91,658 मतदाताओं ने ही मताधिकार का उपयोग किया था।

    इन दोनों ही इलाकों में अपनी कोशिश नुक्कड़ नाटक के जरिए भी मतदाताओं को मतदान में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यहां इन जागरूकता रैलियों के दौरान मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट के बारे में भी बताया गया। सुबह नौ बजे से 10 बजे के बीच इन रैलियों का आयोजन किया गया। मतदाता जागरूकता प्रभात फेरियों में कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों ने बढ़-चढक़र हिस्सेदारी निभाई।

    मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने आईएएनएस से कहा, इन प्रभात रैलियों में 250 प्राथमिक विद्यालयों के करीब 1,500 विद्यार्थियों ने भागीदारी निभाई। हमें विश्वास है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली में जहां-जहां कम मतदान हुआ था, उन जगहों पर इन रैलियों के जरिये चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के परिणाम जरूर सकारात्मक ही सामने आएंगे। और इन इलाकों में मतदान पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में कहीं ज्यादा हो सकेगा।

  • क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के लिए किए जाएंगे जयपुरिया अस्पताल में प्रस्ताव आमंत्रित: डॉ.जोगाराम

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    जयपुर। जिला कलक्टर एवं मेडिकल रिलीफ सोसायटी, जयपुरिया अस्पताल के अध्यक्ष डॉ.जोगाराम की अध्यक्षता में शनिवार को हुई सोसायटी की बैठक में जयपुरिया अस्पताल के आउटडोर में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित करने, हॉस्पिटल में अग्नि सुरक्षा के लिए राउण्ड द क्लॉक कार्मिक लगाने एवं ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित रखने जैसे निर्णय किए गए। डॉ.जोगाराम ने शनिवार को अस्पताल के शिशु रोग वार्ड, महिला रोगी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर्स, आईसीयू एवं अन्य वार्डों का निरीक्षण भी किया।

    जिला कलक्टर ने शनिवार को जयपुरिया अस्पताल में मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सालय भवन की मरम्मत, रखरखाव एवं प्रबन्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय किए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओपीडी में आने वाले करीब 3 हजार मरीजों को उनकी बारी आने में लगने वाले समय की जानकारी दिए जाने की जरूरत है। इसके लिए सवाई मानसिंह अस्पताल के साथ ही बैंकिंग सेक्टर में अपनाए जा रहे सिस्टम का अध्ययन किया जाए एवं इसे जयपुरिया अस्पताल के अनुरूप ढाला जाए। उन्होंने इसके लिए इच्छित फर्मों से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए निर्देशित किया।

    डॉ.जोगाराम ने अस्पताल में फायर फाइटिंग तंत्र को मजबूत करने और नागरिक सुरक्षा से 4 कार्मिकों को राउण्ड द क्लॉक अस्पताल में नियोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सालय की एबीजी मशीन का संचालन एसएमएस अस्पताल के मॉडल पर करने, ग्राउण्ड वाटर टेंक की मरम्मत, विद्युत सब स्टेशन के वार्षिक प्रबन्धन के कॉन्टे्रट, लिफ्ट के रखरखाव के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट किए जाने, अस्पताल के लेखों के प्रबन्धन, ब्लड बैंक मशीनरी की एएमएसी, एमआरएस से ऑक्सीजन गैस आपूर्ति भुगतान जैसे विभिन्न विषयोें का अनुमोदन एवं निर्णय किए गए।

    एमआरएस अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि बजट की उपलब्धता के आधार पर अस्पताल में आवश्यकतानुसार रंग-पेंट एवं मरम्मत का कार्य अविलम्ब कराया जाए। अस्पताल की अधीक्षक डॉ.रेखा सिंह ने बताया कि अब जयपुरिया अस्पताल में भी बघिर मरीजों को लगाए जाने वाले कॉक्लीयर इम्प्लांट की सुविधा प्रारम्भ कर दी गई है। अस्पताल में शुक्रवार से ही इसके मरीजों को देखना प्रारम्भ किया गया है। अभी एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ ही इसके लिए यहां सेवाएं दे रहे हैं। बैठक में उप नियंत्रक डॉ. राकेश हीरावत एवं समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।

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  • बब्बर शेर का जोड़ा आया भोपाल के वन विहार में

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    भोपाल। मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में छत्तीसगढ़ के कानन पिंडारी से गुरुवार को बब्बर शेर का जोड़ा पहुंचा। इस जोड़े की अगवानी राज्य के वनमंत्री उमंग सिंघार ने की। बब्बर शेर सत्या और शेरनी नंदी का जोड़ा गुरुवार को बिलासपुर से वन विहार पहुंचा। यहां राज्य के वनमंत्री सिंघार ने इस जोड़क की अगवानी की। चार वर्ष उम्र के इस जोड़े को अच्छी देखभाल और परीक्षण के लिए क्वेरेंटाइन में रखा गया है।

    सत्या और नंदी के वन विहार में आने के बाद मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में चार शेर और दो शेरनियां हो गए हैं। शेर-शेरनी को लेने वन विहार की संचालक कमलिका मोहंता के साथ छह सदस्यीय टीम बिलासपुर गई थी।

  • जेम पोर्टल बने उत्पादों की सरकारी खरीद व बेचान का जरिया: एसीएस डॉ. अग्रवाल

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    जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि एमएसएमई सेक्टर की रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण ही राज्य में सरकारी खरीद में एमएसएमई सेक्टर से 80 प्रतिशत खरीद के लिए इस सेक्टर को प्राथमिकता के प्रावधान हैे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का जेम पोर्टल सरकारी खरीद का ऐसा ई-हाॅट पोर्टल है जहां एमएसएमई इकाइयों को अपने उत्पाद देश के किसी भी कोने की सरकारी खरीद में बिक्री हेतु उपलब्ध कराने की सुविधा है। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफार्म का लाभ सरकारी क्रेता और विक्रेता दोनों ले सकते हैं।
    एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल शुक्रवार को ओटीएस में जेम संवाद कार्यशाला आउट रीच अवेयरनेस प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राजस्थान सरकार ने क्रान्तिकारी अग्रगामी कदम उठाए है। उन्होंने कहा कि जहां बड़े उद्योग करोड़ों रुपए के निवेश के बाद चंद लोगों को ही रोजगार दे पाते हैं वहीं एमएसएमई उद्यम कम निवेश के बावजूद अधिक संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इनके विकास के लिए कृत संकल्पित है।
    आयुक्त उद्योग मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा कि सरकार का जेम पोर्टल पेपरलेस, कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस पारदर्शी व्यवस्था है। इससे जहां एमएसएमई उद्यमों को एक ही प्लेटफार्म पर सरकारी क्षेत्र से कारोबार के लिए समूचे देश में बाजार उपलब्ध होता है, वहीं सरकारी खरीदकर्ता भी पेचदगियों से परे आसानी से इस प्लेटफार्म के माध्यम से खरीद कर सकते हैं।
    आयुक्त अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में भी इस पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई उद्यमों ने करीब 500 करोड़ का कारोबार किया है पर अभी कारोबार के वॉल्यूम को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों व उपक्रमों और एमएसएमई उद्यमों को आगे आकर इस पोर्टल पर पंजीयन कराकर मल्टीपल प्लेटफार्म की सुविधा का लाभ उठाना चाहिए।
    केन्द्र सरकार के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. सुरेश कुमार ने बताया कि सरकारी खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और एमएसएमई उद्यमों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए जेम पोर्टल विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल इण्डिया की दिशा में यह बढ़ता हुआ कदम है। इस पोर्टल पर तीन लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों और सेवा प्रदाताओं के 17 लाख 84 हजार से अधिक उत्पाद/सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से 31 लाख से अधिक आदेश दिए जा चुके हैं।
    सुरेश ने कहा कि मई 2017 में लांट किया गया जेम पोर्टल पब्लिक प्रोक्यूरमेंट पोर्टल है और इसमें नए-नए फीचर्स लाए जा रहे हैं ताकि अधिक उपादेय हो सके। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश जैन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जेम पोर्टल की बारीकियों को समझाया।
    गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा सरकारी खरीद की पारदर्शी व्यवस्था के लिए जेम पोर्टल यानी कि गवर्नमेंट ई मार्केट पैलेस पोर्टल विकसित किया ताकि सरकारी विभागों और संस्थाओं की खरीद आवश्यकताएं इस पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से हो सके। यह व्यवस्था पूरी तरह से कागज रहित, संपर्क रहित औक कैशलेस होने से अपने आप में पारदर्शी व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर पिनकोड आधार पर भी उद्यमों को चयनित कर उत्पादों की खरीद की जा सकती है। इस पोर्टल पर बिड्स और रिवर्स ऑक्शन की भी सुविधा है। आपूर्ति और भुगतान की निगरानी के साथ ही क्रेता विक्रेता दोनों के ही हितों को ध्यान में रखा गया है।
    दो सत्रों में आयोजित जेम संवाद में लंच पूर्व सत्र में सरकारी खरीद करने वाले विभागों के अधिकारी, जिलों क ट्रेजरी ऑफिसर व उद्योग विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया वहीं लंच बाद के सत्र में प्रदेश के एमएसएमई उद्योग संघों के प्रतिनिधि और उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
    आभार संयुक्त निदेशक उद्योग वाई एन माथुर ने व्यक्त किया। संयोजन सहायक निदेशक गीत गोस्वामी ने किया।

  • चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बने सूद, टंडन बने राष्ट्रीय परिषद के सदस्य

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    चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर अरुण सूद को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए संजय टंडन के नाम पर सर्वसम्मति बनी। इनके नामों की घोषणा पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राष्ट्रीय सचिव और पर्यवेक्षक वाई सत्यकुमार और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति के दौरान की। इस अवसर पर पार्टी के कार्यकर्तायों ने ढोल की थाप पर खूब नाच-गान किया और नवनिर्वाचित दोनों नेताओं को बधाई देने का तांता लगा रहा।

    इस कार्यक्रम में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष रघुबीर लाल अरोड़ा, रामबीर सिंह भट्टी, भीमसेन, महामंत्री प्रेम कौशिक और चन्द्रशेखर ने भी भाग लिया।

    कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यातिथियों का भव्य स्वागत किया गया और इसके उपरान्त राष्ट्रीय सचिव सत्यकुमार ने उपस्थित सभी कार्यकर्तायों को संबोधित करते हुए चुनावी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत रूप से बताया और नामांकन प्रक्रिया से लेकर नामों की घोषणा तक का पूरा ब्यौरा उपस्थित जनसमूह के दौरान रखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास करके दिखाया है। अब अफसर लोग यह समझने लगे हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए वें अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार एक साफ़ और स्वच्छ छवि वाली सरकार है जो अपने कार्यकाल में न ही खाते हैं और ना ही खाने देते हैं। ऐसी ईमानदार और कामदार छवि वाले व्यक्ति के खिलाफ विपक्ष जितना मर्जी छल प्रपंच रचे, उनके मंसूबों पर देश की जनता अपने आप पानी फेर देगी।

    इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में राष्ट्रीय परिषद के सदस्य संजय टंडन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस इंसान (मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ) ने अपनी ऊंगली पकड़कर भाजपा में चलना सिखाया आज ऐसी महान शख्सियत के द्वारा उनके नाम की घोषणा राष्ट्रिय परिषद् सदस्य के नाते हो रही है। उन्होंने अपने 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान हुए अनुभवों पर कहा कि उनकी समूची कार्यकारिणी सदस्य, बूथ,मंडल, जिला, मोर्चा, प्रकोष्ठों के सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने लगी जिम्मेदारी का भरपूर पालना की है जिसके लिए वे उनका आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी तो अपने अनुभव और पार्टी के पदाधिकारियो के सहयोग से आज पार्टी हर मोर्चे पर आगे है।

    उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह दस वर्ष कैसे बीते पता ही नहीं चला। इन दस वर्षों से काफी कुछ सीखने को मिला। पुराने दोस्तों के साथ-साथ नए दोस्त भी बने। सभी लोगों के साथ काम करके सुखद हुआ और अपने कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों से वे काफी संतुष्ट हैं। साथ ही उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से माफ़ी मांगते हुए कहा कि यदि राजधर्म निभाते हुए उनसे कभी त्रुटि हुई हो तो उसके लिए वे माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष को परामर्श देते हुए कहा कि यह हमारी परंपरा है कि कोई एक स्थान छोड़ता है तो दूसरा इसको प्राप्त करता है। ऐसे में हमारा यह परम कर्तव्य है कि परिवार के मुखिया की की तरह बिना भेदभाव, गुटबाजी के पार्टी को आगे बढाने के लिए तत्पर रहे । अपने उद्बोदन के उपरान्त जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष के लिए अरुण सूद के नाम की घोषणा हुई संजय टंडन ने तुरंत सारी चाबियां, रजिस्टर और जरूरी कागजात नवनिर्वाचित अध्यक्ष को सौंपे और उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना की। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने अपने पदभार को छोड़ने के तुरंत उपरान्त उन्होंने सोशल मीडिया में स्टेटस में अपने नाम के आगे जहां जहां भी प्रदेश अध्यक्ष लिखा था उसको बदल कर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किया और साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष के स्थान पर सहयोग कक्ष में जाकर बैठ गए और सभी लोगों से वही मिलने लगे।

    मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि उन्हें आज ख़ुशी है कि जिस चंडीगढ़ के साथ उनका काफी लगाव है वहां के प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा उनके द्वारा हो रही है। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को सांझा किया और नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद और राष्ट्रीय परिषद् के सदस्य संजय टंडन को बधाई प्रदान की और उनके उच्च भविष्य की कामना की। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को परामर्श देते हुए कहा कि सभी लोगों का एक ही धयेय होना चाहिए और वो है पार्टी के प्रचार प्रसार को कैसे आगे बढ़ाना। उसके लिए हमारी पार्टी के अध्यक्ष कई प्रकार की रणनीतियों को बनाते हैं और हम सभी कार्यकर्ताओं को एक अनुशासित सिपाही की भांती उसकी अनुपालना करनी चाहिए। परिवार का मुखिया अध्यक्ष है और मुखिया कभी भी अपने कुनबे के बारे में न तो गलत करता है और न ही गलत करने की सलाह देता है। हम सभी को जो भी जिम्मेदारी मिले उसे आत्मीयता से निभाना चाहिए। हम सभी के आपसी मतभेद तो हो सकते हैं परन्तु मनभेद नहीं रखना चाहिए तभी सभी के सहयोग से पार्टी निरंतर विकास की और आगे बढती जाती है। हमारी पार्टी के भीतर संस्कार बसते हैं और दुनिया में अगर कोई पार्टी है जिसमे लोकशाही विद्यमान है तो वो भाजपा ही है। यहां बिना किसी भेदभाव के लोगों को उच्च पदों पर आसीन होते देखा है। हमारा काम एक सच्चे सिपाही की भांति मर्यादा में रह कर संगठन के प्रति वफादारी और राष्ट्रहित के लिए सदैव तत्पर रहने की भावना को पनपाना चाहिए।

    इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए सभी के साथ अपने अनुभवों को सांझा किया और कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि उन्हें संजय टंडन जैसे मार्गदर्शक मिले और सांसद किरण खेर का स्नेह प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 से जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर उस समय चंडीगढ़ के संगठन का भी काम देख रहे थे तो उनको समय समय पर खट्टर का मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता था। उन्होंने एक कहावत का व्याखान करते हुए जिक्र किया कि जिस प्रकार से जब बच्चा पैदा होता है तो उसको शहद की बूंद ऐसे व्यक्ति के हाथों पिलाई जाती है जो व्यक्ति परिवार का बड़ा हो और उच्च संस्कार वाला हो, ठीक उसी प्रकार से आज प्रदेश अध्यक्ष के लिए उनके नाम की घोषणा भी उन्ही के द्वारा (यानि कि मनोहर लाल खट्टर) के द्वारा हुई जिन्होंने हमेशा उनको राजनीती में चलना सिखाया। इसके लिए उन्होंने संगठन का बहुत आभार व्यक्त किया।

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  • गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के साथ मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक

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    जयपुर। उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति एवं गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मध्य गत वर्ष हुई सहमति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में बैठक हुई, जिसमें विभिन्न बिन्दुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समिति ने कई बिन्दुओं पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर संतुष्टि जाहिर की।

    मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बिन्दुवार समीक्षा कर राज्य सरकार की ओर से किए गए समाधान और प्रगति से अवगत कराया, जिस पर समिति के सदस्यों ने कई बिन्दुओं पर हुई कार्रवाई के प्रति संतोष जाहिर किया। गुप्ता ने बताया कि देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना से पृथक कर पूर्व की भांति ही संचालित करने के संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। इसी प्रकार अति पिछड़ा वर्ग में अन्य जातियों को सम्मिलित करने संबंधित सर्वे नहीं कराने के संबंध में भी आदेश जारी कर दिया गया है।

    डीबी गुप्ता ने बताया कि भर्तियों से संबंधित प्रकरणों में कार्मिक विभाग के साथ विभागवार समीक्षा की गई। अति पिछड़ा वर्ग को नियमानुसार पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ देना सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की समीक्षा की गई एवं भविष्य में भी मुकदमों के निस्तारण में कानूनन प्रयास किए जाएंगे।
    बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा, कार्मिक विभाग की प्रमुख शासन सचिव रोली सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल, आयुर्वेद विभाग की शासन सचिव गायत्री राठौड़, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त डॉ. नीरज कुमार पवन सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

  • गरीबों का पैसा खा रहे नीतीश मानव श्रृंखला के नाम पर: राबड़ी

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    पटना। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत 19 जनवरी को बनाए जाने वाली राज्यव्यापी मानव श्रंखला को लेकर लगातार विपक्षी पार्टियां निशाना साध रही हैं। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस मानव श्रंखला को नीतीश कुमार की एक और नौटंकी बताकर निशाना साधा है। राबड़ी देवी ने शनिवार को ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री नीतीश जी ने शराबबंदी पर मानव श्रंखला की थी, हमने समर्थन भी किया था। लेकिन क्या उससे शराब बंद हुई? नहीं न? बाल विवाह और दहेज पर भी करोड़ों रुपये खर्च कर मानव श्रंखला बनाई, क्या हुआ? अब सीएम ने इनका जिक्र करना भी छोड़ दिया है। अब एक और श्रंखला की नौटंकी? क्यों गरीबों का हक खा रहे हैं?”

    पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने भी मानव श्रंखला को लेकर हो रहे खर्च पर सवाल उठाया है।

    बिहार विधानसभा में विपक्ष की नेता तेजस्वी ने सवालिया लहजे में ट्वीट कर लिखा, “याद कीजिए, बिहार में आई बाढ़ और भ्रष्टाचारजनित पटना के जल जमाव को। लोग त्राहिमाम कर रहे थे। राहत के लिए एक हेलीकॉप्टर तक नीतीश सरकार के पास नहीं था, लेकिन करोड़ों रुपये वाली ‘सरकारी फेयर एंड लवली’ से चेहरा चमकाने के वास्ते 15 हेलीकॉप्टर और मुंबई से फोटोग्राफर बुलाए जा रहे हैं।”

    तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “सामाजिक, राजनीतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह के दागदार चेहरे पर हाई-रिजोल्यूशन फिल्टर लगाकर फेस चमकाने वास्ते 15 हेलिकॉप्टरों में मुंबई से फोटोग्राफर बुलाए जा रहे हैं। सिपाही परीक्षा रद्द की गई, शिक्षकों को वेतन नहीं, लेकिन मानव श्रंखला की नौटंकी पर पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है।”

    उल्लेखनीय है कि रविवार को राज्य में ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत राज्यव्यापी मानव श्रंखला बनेगी। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।

  • अश्विनी कुमार चोपड़ा के निधन पर CM मनोहर लाल ने किया शोक व्यक्त

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    चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल के पूर्व सांसद और दिल्ली पंजाब केसरी के निदेशक और संपादक अश्विनी कुमार चोपड़ा के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। वह 65 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार थे। वह अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रों और दो पौत्र छोड़ गए हैं।

    आज यहां जारी एक शोक संदेश में, मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और भगवान से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अश्विनी कुमार चोपड़ा के निधन के कारण राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में इनकी रिक्ति को भर पाना कठिन है।

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