Category: state-news

  • “भगवान” की “मूर्ति” को ही अज्ञात “चोर” ले उड़े

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : घोर कलयुग आ गया है। सोंचने पर भीतर तक झकझोर देता है। बड़े ही श्रद्धा से लोग अपनी मन्नत की पूर्ती के लिए लोग मंदिर में जाते हैं। भगवान की पूजन-अर्चना किया करते हैं। वहीं अगर मंदिर से मूर्ति चोरी हो जाए तो उन भक्तों व श्रद्धालुओं का क्या होगा,जिनका स्नेह व श्रद्धा उस मंदिर व उस भगवान में है। घटना है,कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरकोनी पंचायत के सेमोरा गांव की। बता दें कि उक्त गांव स्थित राधा-कृष्ण का मंदिर वर्षों से है। खाश बात तो यह कि मंदिर में स्थापित मूर्ति अष्ट धातु से निर्मित है। हालाकि मंदिर के ग्रिल में ताला बंद भी है,लेकिन राधा-कृष्ण की मूर्ति गायब है। इससे प्रमाणित होता है कि अज्ञात चोरों ने घटना को अंजाम फुर्सत से देकर,कीमती मूर्ति ले उड़े। उक्त घटना रविवार की रात्रि की है। विशेष बात तो यह कि यहां की प्रशाशन बिल्कुल सुस्त है।

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    आपने खरौंधा गांव स्थित मंदिर की मूर्ति की भी चोरी की खबर सुनी या अखबार में पढ़ी होगी। उक्त मंदिर में स्थापित मूर्ति भी अष्टधातु से ही निर्मित थी। वहां की मूर्ति भी चोरी कर ली गयी थी,लेकिन प्रशाशन के द्वारा ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया,ना ही चोरों का आता पाता तक चल सका। चोरों को गिरफ्तार करना तो दूर की बात है। प्रशाशन गम्भीर होकर अब तक खरौंधा में स्थापित की गई मूर्ति की चोरी का उद्भेदन नहीं कर सकी। इस संबंध में मुखिया संघ अध्यक्ष सह पंचायत मुखिया मीना देवी ने आक्रोश व्यक्त किया है। कहा की कांडी पुलिस नाकामयाब रही है पूर्व मंदिर की मूर्ति की चोरी की गई चोरों को पकड़ने में। पुनः ऐसी वारदात सामने आई। उन्होंने बताया कि खरौंधा गांव स्थित मंदिर की मूर्ति की चोरी का उदभेदन नही होना ही सेमोरा गांव स्थित राधा-कृष्ण की मूर्ति भी चोरी का कारण बना। उन्होंने बताया कि खरौंधा मूर्ति चोरी के पश्चात ही सेमोरा व गरदहा मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की आवाज अखबार व टीवी के माध्यम से मैंने लगाई थी। पुनः प्रसाशन से आग्रह किया है कि पूर्व व वर्तमान चोरी के उदभेदन करते हुए, चोरी हुई मूर्ति को चौबीस घण्टे के भीतर खोज निकाला जाए। यदि चौबीस घंटा मे मूर्ति नही मिलती है तो मंदिर के समक्ष धरने पर बैठने पर विवश होउंगी।

  • हिमाचल ने हासिल किया जैव विविधता प्रबंधन समितियां गठित करने का लक्ष्य

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    शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड ने राज्य में जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) के गठन का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग और शहरी विकास विभाग के सहयोग से राज्य जैव-विविधता बोर्ड ने प्रदेश की सभी 3370 स्थानीय निकायों में जैव विविधता समितियां गठित कर ली गई है।

    बोर्ड की आज यहां आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव डी.सी. राणा ने की। बैठक में राष्ट्रीय हरित अभिकरण के निर्णय के अनुसार राज्य में बीएमसी के गठन में हुई प्रगति और लोगों के जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने पर चर्चा की गई।

    डी.सी. राणा ने कहा कि जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत यह अनिवार्य है कि प्रत्येक स्थानयी निकास बीएमसी का गठन करें और जैव विविधता रजिस्टर बनाने की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि बोर्ड इन रजिस्टर को तैयार करने में बीएमसी की सहायता करेगा। इस रजिस्टर को एनजीटी के निर्देश पर तैयार किया जाना है जो एक कानूनी दस्तावेज़ है जिसमें क्षेत्र विशेष के जैविक संसाधनों एवं सम्बध पारम्परिक ज्ञान की जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेशों के अनुरूप जो बीएमसी जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने और लोगों के जैव विविधता रजिस्टर की धनराशि तकनीकी सहायता समूहों को स्थानांतरित करने में विफल रहती है या जैव विविधता रजिस्टर बनाने में अवरोध पैदा कर रही हैं उन पर प्रति माह 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि लोगों के जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने में शामिल सभी संस्थाएं सम्बन्धित बीएमसी में 6 महीनों के अंदर इस कार्य को पूरा करेंगी। तकनीकी सहायता समूह बीएमसी स्तर पर रजिस्टर तैयार करने में राज्य जैव विविधता बोर्ड का सहयोग करेंगे। यह भी निर्णय लिया गया है कि रजिस्टर तैयार करने में जिला परिषदों, खण्ड समितियों के अध्यक्ष और पंचायत प्रधान अपनी-अपनी बीएमसी में इन संस्थानों को रजिस्टर तैयार करने के कार्य में सहयोग देंगे।

  • केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, विपक्ष फैला रहा CAA पर भ्रम, नहीं लिया जाएगा किसी भी सूरत में वापस

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    जयपुर/विजयवाड़ा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस, एमआईएम, वामदलों समेत विपक्ष पर नागरिक संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। शनिवार को सीएए को लेकर आंध्र प्रदेश के कड़पा में जन जागरण रैली में शेखावत ने कहा कि विपक्षी पार्टियां देश में धार्मिक अशांति फैला रही हैं।

    अंबेडकर स्टैचू पर आयोजित रैली में शेखावत ने कहा कि सीएए से देश का कोई भी नागरिक प्रभावित नहीं होगा। यह किसी धर्म या जाति और विशेषकर मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। यह केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है। इस कानून से घुसपैठियों और आतंकियों से निपटा जा सकेगा।

    उन्होंने कहा कि कुछ राज्य भी इस कानून को लेकर भ्रम पैदा करके समाज में अशांति पैदा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग सरकार का सहयोग करें। शेखावत ने जोर देकर कहा कि सीएए किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा। सरकार हर परिस्थिति के लिए तैयार है।

    विपक्ष पर सवाल उठाते हुए शेखावत ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों की प्रताडऩा हो रही है। वे निम्न स्तर का जीवन जीने को मजबूर हैं। लेकिन, विपक्षी दल कभी पाकिस्तान से सवाल नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि सीएए को लेकर भाजपा देशभर में 500 जनजागरण रैली करने जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर और गांव-गांव जाकर सीएए को लेकर जागरूकता पैदा करने को कहा। उधर, तेलुगू देशम पार्टी की पूर्व प्रवक्ता सादिनैनी यामिनी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुईं।

  • निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस और टुकड़े-टुकड़े गैंग को लेकर कहा…

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    जयपुर । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया है देश में अभी जो कांग्रेस पार्टी है, वह टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने वाली पार्टी है। यहां जयपुर में प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि पहले जो कांग्रेस पार्टी के लोग थे, जिन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिया था, इस तरह के लोग अब इस पार्टी में नहीं है।
    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मीडिया में बयान जारी करके सीएए को लेकर हिंसा फैलाने वाले युवाओं को समर्थन दिया। इसी तरह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी देश विरोधी नारेबाजी करने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोगों का साथ दिया।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह साफ किया कि सीएए मुस्लिम विरोधी नहीं है, यह भी पहली बार नहीं हो रहा है कि नागरिकता कानून में संशोधन के जरिये नागरिकता का प्रावधान किया गया हो। उन्होंने बताया कि अब तक पिछले 6 वर्षों में 2000 से ज्यादा पाक से आए शरणार्थी मुस्लिमों को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। इसी तरह अफगानिस्तान से आए 900 और 200 से ज्यादा बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता मिल चुकी है।
    सीतारमण ने आरोप लगाया कि सिर्फ मुस्लिमों के वोट बैंक के चलते कांग्रेस शासित राज्य सरकारें सीएए का विरोध कर रही है।

  • बेस्ट कलक्टर अवार्ड मिला अजमेर जिला कलेक्टर को, राज्यपाल मिश्र ने दी बधाई

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    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने अजमेर जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा को दिल्ली में मिले बेस्ट कलेक्टर अवार्ड के लिए बधाई दी है।

    दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्रीय कॉर्पोरेट मामलात एवं वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अजमेर जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा को बेस्ट कलेक्टर अवार्ड ‘सिक्स सिगमा हेल्थ केयर एक्सीलेंस ऑफ दी ईयर’ के लिए दिया गया है।

  • असहमति के स्वर मुखर JDU में! महासचिव पवन वर्मा ने कहा…

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    नई दिल्ली। जनता दल-युनाइटेड के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सदस्य पवन वर्मा ने पार्टी अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का विरोध किया है। उन्होंने नीतीश को पत्र तब लिखा, जब उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य में 15 मई से एनपीआर लागू किए जाने की घोषणा की।

    वर्मा ने पत्र में लिखा, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सीएए-एनपीआर-एनआरसी स्कीम के खिलाफ बड़ा कदम उठाएं और देश को बांटने व अनावश्यक सामाजिक अशांति फैलाने वाले कुटिल एजेंडे को खारिज करें। उन्होंने आगे लिखा कि आपका एक सार्वजनिक बयान भारत को बचाने और इसके विचार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

    मैं समझता हूं कि आप इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। वर्मा ने लिखा कि सीएए और एनआरसी का उद्देश्य हिंदुओं व मुस्लिमों को बांटने और सामाजिक अस्थिरता पैदा करना है। उन्होंने कहा, यह भारतीयों पर भारी आफत भी लाने वाला है।

    सीएए का समर्थन करने के नीतीश के फैसले पर जद-यू में असहमति के स्वर मुखर होने लगे हैं। जद-यू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और पवन वर्मा ने पार्टी के इस रुख का विरोध किया है।

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  • VHP चलाएगी CAA के समर्थन में अभियान, राजनीतिक तुष्टिकरण का विरोधी दलों पर लगाया आरोप

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    इंदौर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है और वह इस अभियान के जरिए कानून की वास्तविकता से आमजन को अवगत कराएगी। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार के सीएए में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताडि़त होकर आए धार्मिक अल्पसंख्यकों जिनमें हिंदू, ईसाई, जैन, सिख, पारसी आदि शामिल हैं, को नागरिकता के साथ सुरक्षा देने का प्रावधान है।

    मगर विरोधी दल राजनीतिक तुष्टिकरण के लिए इसका विरोध कर रहे हैं। विहिप इस कानून की वास्तविकता से आमजन को अवगत कराने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगा। परांडे ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान इस्लामिक देश हैं। वहां मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं। वे धार्मिक रूप से प्रताडि़त भी नहीं हैं। सीएए का संबंध भारत में आए प्रताडि़त शरणार्थियों से है, इस कारण भारत के मुसलमानों का इससे कोई संबंध नहीं है।

    पाकिस्तान के ननकाना साहिब के गुरुद्वारे पर पिछले दिनों हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, यह घटना वहां अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार का प्रमाण है। इस भीड़ का नेतृत्व उस परिवार ने किया, जिसने उसी गुरुद्वारे के ग्रंथी की बेटी का अपहरण किया था। वहीं दूसरी ओर देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक आंदोलन कर घटनाओं को अंजाम देकर राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस हिंसा का राजनीतिक स्वार्थ के लिए साम्यवादी दल और अन्य दल समर्थन कर रहे हैं, यह देश के लिए घातक है, इसकी विहिप निंदा करता है।

    उन्होंने आगे कहा, विहिप देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगा। विहिप एक हिंदू संगठन है, इसके चलते हिंदू सिख और अन्य शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। परांडे के अनुसार, विहिप देश के लगभग 60 हजार स्थानों के अलावा 29 देशों तक फैला हुआ है, जो एक लाख से ज्यादा सेवा प्रकल्प चला रहा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

    परांडे ने आंध्रप्रदेश सरकार के फैसले की निंदा की। इस फैसले के तहत हिंदू मंदिरों की जमीन अधिगृहित करने, ईसाई पादरी व मौलवियों को वेतन देने, हिंदू मंदिरों के संचालन व सेवा में गैर हिंदुओं को सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है। इसका विरोध जारी है। इसी माह इसके खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी है।

  • कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिहार दौरे से कार्यकर्ताओं में…

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    पटना। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर करीब सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह पार्टी संगठन में जोश भरने के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) जैसे मसलों पर विरोधियों को जवाब देने के लिए 16 जनवरी को बिहार पहुंचेंगे।

    माना जाता है कि शाह इस एक दिवसीय दौरे में कई निशाने साधेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले शाह के प्रदेश आगमन को लेकर जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नया जोश और स्फूर्ति आने की उम्मीद है, वहीं शाह अपने सहयोगी दलों को भी दोस्ती का पाठ पढ़ाने की कोशिश करेंगे।

    लोकसभा चुनाव में मिली सफलता और पड़ोसी राज्य झारखंड में सत्ता खो देने के बाद शाह के इस समय बिहार दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि खरमास यानी 15 जनवरी के बाद भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी तैयार होनी है, ऐसे में कहा जा रहा है कि शाह इस पर भी अपनी मुहर लगाएंगे।

    संजय जायसवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से बिहार में भाजपा की कार्यकारिणी अब तक तैयार नहीं हो पाई है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कार्यकारिणी में इस बार कुछ नए लोगों के चेहरे को शामिल किया जाना है, ऐसे में इस चुनावी साल में कार्यकारिणी को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में शाह का यह दौरा इस कार्यकारिणी बनावट को लेकर भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सीएए को मुद्दा बनाकर लोगों के बीच पहुंच रही है, उसका मुकाबला करने के लिए भाजपा पूरी तरह पार्टी प्रमुख के दौरे की राह देख रही है।

    वैसे, भाजपा ने सदन से लेकर सड़क तक विरोधियों को जवाब देने की राणनीति तय की है। केंद्र के निर्देश पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, लेकिन पार्टी नेताओं में उत्सुकता बनी हुई है कि शाह 16 जनवरी को वैशाली की जनसभा में क्या बोलते हैं।

    शाह के बिहार दौरे के बाद सहयोगी दलों, खासकर जद (यू) के साथ मनमुटाव की की स्थिति भी खत्म होने की उम्मीद है। भाजपा के एक नेता की मानें तो शाह पहले ही साफ कर चुके हैं कि बिहार में राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा, फिर भी दोनों दल कई मामले को लेकर आमने-सामने आते रहे हैं।

    सूत्रों का कहना है कि इस दौरे में शाह अपने ऐसे नेताओं को भी फटकार लगाएंगे जो गठबंधन में बेवजह तनाव पैदा करते हैं।

    जद (यू) ने भले ही संसद में सीएबी पारित कराए जाते समय भाजपा का साथ दिया, लेकिन जद (यू) उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर व पूर्व राज्यसभा सदस्य पवन वर्मा सहित पार्टी के कई नेता सार्वजनिक तौर पर सीएए का विरोध कर चुके हैं।

    भाजपा और जद (यू) के कई नेताओं का भी मानना है कि ऐसी बयानबाजी गठबंधन के लिए सही नहीं है। माना जाता है कि शाह इन सभी मामलों को लेकर दोनों दलों के नेताओं की भ्रांतियां दूर करेंगे।

    वैसे दोनों दलों के नेताओं में अमित शाह के नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद बयानबाजी थमी है, मगर सीट बंटवारे को लेकर अभी भी दोनों दलों के कई नेताओं के बीच तलवारें खिंची हैं।

    प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ संजय जायसवाल कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह गणतंत्र की धरती वैशाली 16 जनवरी को आ रहे हैं और यहां जनसभा को संबोधित करेंगे तथा पार्टी के लोगों से बातचीत करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में जब जद (यू) अकेले चुनाव लड़ी थी, तब उसे मात्र दो सीटें हाथ लगी थीं, लेकिन वर्ष 2019 में भाजपा के साथ आ जाने के बाद जद (यू) ने 16 सीटों पर सफलता पाई। इस चुनाव में भाजपा, जद (यू) और लोजपा के गठबंधन को 53.22 प्रतिशत मत मिले थे और अकेले जद (यू) को 21.7 प्रतिशत मत हासिल हुए थे।

    बहरहाल, कहा जा रहा है कि शाह वैशाली की रैली में सीएए को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियां दूर करेंगे, मगर सच यह भी है कि शाह अपनी एक दिवसीय बिहार यात्रा के दौरान और भी कई निशाने साधेंगे।

     

  • नई ऊंचाई पर पहुंचा सोना अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के बाद

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    मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच फिर फौजी तनाव गहराने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुलियन और क्रूड के दाम में आए उछाल के बाद भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी बुधवार को सोना-चांदी और कच्चे तेल के वायदा सौदों में जोरदार तेजी आई। घरेलू वायदा बाजार में सोने का भाव एक बार फिर नई ऊंचाई पर चला गया है जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तकरीबन सात साल के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

    भारत का सबसे बड़ा वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने के फरवरी एक्सपायरी अनुबंध में बुधवार को सुबह 9.30 बजे 530 रुपये यानी 1.30 फीसदी की तेजी के साथ 41,193 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव 40,946 रुपये पर खुला और 41,278 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला।

    एमसीएक्स पर चांदी के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र से 550 रुपये यानी 1.15 फीसदी की तेजी के साथ 48,661 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था। वहीं, कच्चे तेल के जनवरी अनुबंध में एमसीएक्स पर पिछले सत्र से 78 रुपये यानी 1.74 फीसदी की तेजी के साथ 4,572 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर फौजी तनाव गहराने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुलियन में जोरदार तेजी आई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव बुधवार को 1,600 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। वैश्विक बाजार में सोने का भाव तकरीनब सात साल बाद 1,600 डॉलर प्रति औंस के उपर गया है।

    अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर बुधवार को सोने के फरवरी अनुबंध में 17.05 डॉलर यानी 1.08 फीसदी की तेजी के साथ 1,591.35 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान सोने का भाव कॉमेक्स पर 1,612.95 डॉलर प्रति बैरल तक उछला जोकि 19 फरवरी 2013 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है जब सोने का भाव 1,617 डॉलर प्रति औंस तक उछला था।

    कॉमेक्स पर चांदी के मार्च अनुबंध में बुधवार को पिछले सत्र से 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 18.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था।

    भूराजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान होने से सोने के भाव में तेजी देखी जा रही है।

    समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, इराक स्थित अल असद एयरबेस पर बुधवार को 10 रॉकेट दागे गए जहां काफी संख्या में अमेरिकी फौज हैं। अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की पिछले सप्ताह मौत के बाद यह हमला हुआ है जिसे ईरान द्वारा बदले की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

  • MADHYA PRADESH : बाघ पुनर्स्थापना का नौरादेही में प्रयोग सफल, बाघिन दिखी 3 शावकों के साथ

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    भोपाल। मध्य प्रदेश में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान की तरह सागर के नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुनस्र्थापना का प्रयोग सफल हुआ है। यहां बाघिन के तीन शावकों के साथ नजर आने पर वषरें से चल रहे प्रयासों के सफल होने के संकेत मिलने लगे हैं। वन विभाग के अनुसार, सागर जिले का नौरादेही अभयारण्य बाघ शून्य हो चुका था। इस जंगल में अप्रैल-2018 में बांधवगढ़ से बाघ और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन को लाया गया था। बाघ को एन-दो और बाघिन को एन-एक नाम दिया गया। बाघिन एन-एक ने कुछ माह पूर्व ही तीन शावकों को जन्म दिया, जो कैमरे में पहली बार कैद हुए हैं। इसी साल 526 बाघों के साथ टाइगर स्टेट बन चुके मध्यप्रदेश के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    ज्ञात हो कि पन्ना का राष्ट्रीय उद्यान दूसरा सरिस्का बन गया था, जहां एक भी बाघ नहीं बचे थे। इसके बाद वन विभाग ने कान्हा और बांधवगढ़ से बाघों के जोड़े को यहां भेजा, और अब उद्यान में बाघों की चहलकदमी चर्चा में है। इसी तरह का प्रयोग नौरादेही में भी सफल होता नजर आ रहा है।

    नौरादेही अभयारण्य सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले के 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहां बड़ी संख्या में तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, लकड़बग्घा, भालू और विभिन्न प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व के बराबर क्षेत्रफल वाले इस अभयारण्य में पिछले कई वर्षो से बाघ समाप्त हो चुके थे। वन विभाग ने नौरादेही अभयारण्य को एक श्रेष्ठ वन्य-प्राणी रहवास क्षेत्र के रूप में विकसित करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघ और पेंच टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों द्वारा पाली गई अनाथ बाघिन को यहां शिफ्ट किया।

    वन विभाग के अनुसार, बाघ एन-दो प्राकृतिक परिवेश में पला-बढ़ा था, जबकि बाघिन पेंच टाइगर रिजर्व की मशहूर नाला बाघिन की बेटी थी। मां की मृत्यु के बाद तीन माह की बाघिन को कान्हा के घोरेला एन्क्लोजर में पालने के बाद इसे दो वर्ष तीन माह की उम्र में नौरादेही अभयारण्य में छोड़ दिया गया था। वर्तमान में बाघिन और शावकों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें सभी स्वस्थ नजर आ रहे हैं।