Category: state-news

  • BIHAR : अब सियासत गणतंत्र दिवस की झांकी पर, जरूरी मानक नहीं कर सकी पूरे, केंद्र ने की खारिज

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    पटना। गणतंत्र दिवस परेड में जल जीवन हरियाली अभियान पर आधारित बिहार सरकार की झांकी के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के खारिज होने के साथ ही तय हो गया है कि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड में बिहार की झांकी नहीं दिखेगी। प्रस्ताव के खारिज होने के बाद बिहार की सियासत गरम हो गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, बिहार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा गया है कि यह राज्यों की झांकियों के चयन के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर सकी। बिहार की अपनी झांकी राज्य की खासियत पर होनी चाहिए। कहा जा रहा है कि अब यह झांकी गणतंत्र दिवस पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में दिखाई जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि 2019 के गणतंत्र दिवस के मौके पर भी राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में बिहार की झांकी नहीं दिखी थी। बिहार की झांकी खारिज किए जाने को लेकर अब राज्य की राजनीति गरम हो गई है। विपक्षी राजद ने झांकी का प्रस्ताव खारिज होने पर केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधा है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, केंद्र की राजग सरकार बिहार को प्रत्येक मौके पर नीचा दिखाने की कोशिश करती रही है।

    बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग हो, या पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग, सभी मांगों को खारिज किया गया है। उन्होंने डबल इंजन पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार को नीचा दिखाने के लिए ही यह डबल इंजन की सरकार है और यही हकीकत है।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में हरित क्षेत्र और भूजल स्तर को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान में तीन वर्षों में 24 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बिहार ने इसी थीम पर आधारित झांकी का प्रस्ताव दिया था।

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  • MP: सावरकर-गोडसे के विवादित संबंधों पर कांग्रेस सेवादल के शिविर में बंटी किताब

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    भोपाल। कांग्रेस सेवादल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तर्ज पर कैडर तैयार करने के मकसद से मध्यप्रदेश की राजधानी में शिविर लगाया है। गुरुवार से शुरू हुए इस शिविर में जो साहित्य बांटा गया, उनमें एक किताब ऐसी भी है, जिसमें नाथूराम गोडसे और सावरकर के विवादित संबंधों का जिक्र है। भोपाल के बैरागढ़ इलाके में शुरू हुए कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में आए प्रशिक्षुओं के बीच ऐसा साहित्य बांटा गया, जो भाजपा, संघ और सावरकर तक सीमित है। इनमें ‘वीर सावरकर कितने वीर’ शीर्षक एक किताब भी बांटी गई, जिसमें नाथूराम गोडसे और सावरकर के संबंधों को लेकर विवादित बातों का जिक्र किया गया है। इसमें लॉरी कॉलिंस और डॉमिनोक्यू लापियर द्वारा लिखित किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के हवाले से कहा गया है कि गोडसे और सावरकर के बीच ‘समलैंगिक’ संबंध थे।

    किताब ‘वीर सावरकार कितने वीर’ में ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ का उद्धरण देते हुए लिखा गया है- “ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले, नाखुश गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है। यह समलैंगिक संबंध में उनका पार्टनर था, उनका राजनीतिक गुरु वीर सावरकर था।”

    शिविर में बांटे गए साहित्य में संघ और भाजपा पर भी जमकर हमले बोले गए हैं। इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस सेवा दल के प्रशिक्षण शिविर में उन पुस्तकों को बांटे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “कांग्रेस लगातार वीर सावरकर की छवि को बिगाड़ने का प्रयास करती रही है और अब उसने उन्हें मुस्लिम विरोधी बताकर नया पैंतरा खेला है। कांग्रेस को देश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगर वीर सावरकर मुस्लिम विरोधी थे, तो क्या कांग्रेस मुस्लिम भक्त है?”

    शर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस सिर्फ इतिहास से खिलवाड़ ही नहीं करती रही है, बल्कि उसने देश का सही इतिहास बनने ही नहीं दिया। वीर सावरकर तो कुछ दशक पहले ही हुए थे, लेकिन कांग्रेस ने तो गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी जैसे इतिहास पुरुषों के साथ भी अन्याय किया है।

    वहीं, कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने कहा कि सेवादल के शिविर में बांटा गया साहित्य ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है।

  • पंचायतीराज चुनाव: परेशान न हो अभ्यर्थी अनावश्यक प्रमाण पत्रों के लिए

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    उदयपुर। पंचायतीराज आम चुनाव 2020 के अंतर्गत सरपंच पद के नाम निर्देशन पत्र भरने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के बारे में व्हाट्स एप एवं सोशल मीडिया पर कई प्रकार की गलत व भ्रामक जानकारियां दी जा रही है। जिसके कारण आमजन को अनावश्यक परेशानी हो रही है और इसके लिए निर्वाचन लड़ने के इच्छुक व्यक्ति स्टाम्प वेंडर्स इत्यादि से संपर्क कर पुनः भ्रमित हो रहे है।

    इस संबंध में उपजिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) ओपी बुनकर ने बताया कि सरपंच पद के लिए नाम निर्देशन पत्र भरने हेतु आवश्यक दस्तावेजों हेतु फैलाई गई भ्रातियाें के निवारण के संबंध में स्पष्ट किया जा रहा है कि निम्नानुसार दस्तावेज सरंपच के नाम निर्देशन हेतु अपेक्षित है।

    नाम निर्देशन पत्र प्रारूप-4
    संतान सबंधी एवं अपराध संबधी घोषणा – प्रारूप 4 घ
    क्रियाशील स्वच्छ शौचालय की घोषणा
    उपाबन्ध-1 बी (केवल सरपंच के लिए)- अभ्यर्थी के परिवार की आर्थिक स्थिति, आपराधिक मामले, चल-अचल संपति, शैक्षणिक योग्यता आदि के बारे में शपथपत्र जो 50 रू के स्टाम्प पर प्रस्तुत करना होगा और यह शपथ पत्र नोटरी से प्रमाणितशुदा भी अपेक्षित है।

    संख्यिकी सूचना फार्म (केवल सरपंच के लिए)- मय पासपोर्ट साइज फोटो – इस पत्र में अभ्यर्थी अपना नाम, पिता का नाम, निवास स्थान, मोबाइल नम्बर, जाति व्यवसाय, शैक्षणिक योग्यता और राजनैतिक दल से यदि सबंध है तो दल का विवरण आदि की जानकारी देनी होती है जिसको कहीं से भी प्रमाणित करना आवश्यक नहीं है।

    6. नाम निर्देशन पत्र भरने के लिए प्रतिभूति निक्षेप राशि (केवल सरंपच के लिए) रू 500 है। यदि अभ्यर्थी महिला, ओबीसी, एससी व एसटी का व्यक्ति है और इस बाबत नाम निर्देशन पत्र के साथ ओबीसी, एससी व एसटी का प्रमाण पत्र पेश करता है तो प्रतिभूति निक्षेप राशि 250 रू जमा होगी यह राशि भी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नाम-निर्देशन पत्र भरने की दिनांक को रिटर्निंग अधिकारी को जमा करवानी होगी।

    आरक्षित श्रेणी के सरपंच पद के लिए उस आरक्षण अनुसार श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र आवश्यक होगा। यह प्रमाण पत्र नाम निर्देशन पत्र के साथ जमा कराना आवश्यक है।

    निर्वाचन लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। आयु के बारे में विवाद होने पर मतदाता सूची में लिखी आयु को शैक्षणिक या जन्म प्रमाण पत्र में वर्णित जन्म दिनांक को माना जाएगा।
    अभ्यर्थी जिस निर्वाचन क्षेत्र/ग्राम पंचायत से चुनाव लड रहा है, उस निर्वाचन क्षेत्र/ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में उसका नाम होना अनिवार्य है।

    कोई अभ्यर्थी पूर्व में पंचायतीराज संस्थाओं के किसी पद पर रह चुका है तो उस उस संस्था यथास्थिति पंचायत समिति या जिला परिषद से अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त कर नाम निर्देशन पत्र के साथ पेश करना होगा।
    मतदाता सूची में मतदाता के नाम की प्रविष्टि में लिपिकीय त्रुटि को नाम निर्देशन पत्र की जांच में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया जाएगा। प्रत्युत, मतदाता को वास्तविक नाम लिखने पर इस आधार पर नाम-निर्देशन पत्र खारिज योग्य नहीं होता है।
    उन्होंने बताया कि इन दस्तावेंजों के अलावा किसी भी प्रकार के दस्तावेज यथा- चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पेनकार्ड, भामाशाह, मूल निवास तथा पुलिस सत्यापन आदि की आवश्यकता नहीं है।

  • सिविल सेवा सबसे अच्छा जरिया जनकल्याण के लिये अनन्त संभावनाओं को मूर्त रूप देने का: डॉ. कुश वर्मा

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    जयपुर। उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. कुश वर्मा ने कहा कि सिविल सेवा जन कल्याण के लिये व्यक्ति के अंदर मौजूद अनन्त संभावनाओं को मूर्तरूप देने का सबसे अच्छा जरिया है।था यह सेवा समाज की चुनौतियों को सफल तरीके से पूरा करती है।

    डॉ. वर्मा ने रविवार को झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित टेक्नो हब में अपनी पुस्तक ‘‘ए टू जेड ऑफ दि सिविल सर्विसेज’’ पुस्तक पर परिचर्चा कार्यक्रम में यह बात कही। युवा आईएएस अधिकारी एवं 2016 बैच के द्वितीय टॉपर अतहर आमिर खान ने लेखक से उनकी पुस्तक पर संवाद किया।

    उन्होंने बताया कि सफल सिविल सर्वेंट बनने के लिये कार्यक्षेत्र में उपलब्ध संसाधन के साथ-साथ स्थानीय भाषा के माध्यम से इण्टरेक्ट करना चाहिये ताकि अधिकाधिक सफल परिणाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा के माध्यम से आप में छिपी हुई नेतृत्व क्षमता और मुखर होकर ज्ञान एवं नवाचार के साथ कार्य करने का बेहतरीन मौका उपलब्ध कराती है।

    डॉ. वर्मा ने अतहर आमिर खान के साथ संवाद करते हुये आईएएस ट्रेनिंग के दौरान किये गये अनुभवों को शेयर किया। उन्होंने राजनीतिक दवाब व अन्य विषम परिस्थितियों में अपने मानसिक संतुलन को कायम रखने के लिये डूज एण्ड डोण्ट्स का जिक्र किया।

    आईएएस के अम्यर्थियों से संवाद करते हुये अतहर आमिर खान ने बताया कि सिविल सेवा में सफल होने के लिये आवश्यक है कि आप अपनी नॉलेज को रिफाइन करें और उसे टूल के रूप में प्रयोग कर एक रणनीति के तौर पर परीक्षा में अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दें। सिविल सेवा में इन्जीनियरिंग या मैनेजमेंट में डिग्री का कोई अलग से बेनिफिट नहीं मिलता है।

    खान ने बताया कि अब सिविल सेवा के प्रति आमजन की सोच में बदलाव आ चुका है। यह सेवा ट्रू सेंस में अच्छा करने के लिये अकूत अवसर पैदा करती है। सिविल सेवा में सफल होने के लिये इण्टेलिजेंस, धैर्य एवं तार्किक होना महत्वपूर्ण है।

    आईएएस एसोसियेशन की साहित्यिक सचिव एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा कि सिविल सेवा के माध्यम से समाज सेवा का अवसर कम लोगों को ही मिल पाता है। ऐसे में समय के साथ सिविल सेवा के अधिकारियों को भी अपने आप में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि लेखक के 40 वर्ष के सिविल सेवा अनुभव को वर्तमान के अधिकारियों के साथ साझा कर सिविल सेवा से समाज की चुनौतियों को किस प्रकार निस्तारित किया जा सकता है, के संबंध में काफी कुछ सीखा जा सकता है। चुनौतियों को किस तरह दूर किया जा सकता है, इसके बारे में भी काफी कुछ सीखा जा सकता है।

    सिन्हा ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी सिविल सेवा, आईपीएस सेवा सहित अन्य राजकीय सेवाओं के सेवानिवृत एवं निवर्तमान अधिकारियों तथा आईएएस अभ्यर्थियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि माह जनवरी में आईएएस एसोसियेशन के इस साहित्यिक कार्यक्रम को एक वर्ष पूरा हो गया है तथा कार्यक्रम की सफलता तथा अन्य जिलों से प्राप्त परामर्श के आधार पर इसे अन्य जिलों में आयोजित किये जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

     

  • दिग्विजय ने कहा, राम मंदिर का निर्माण हिंदुओं के धर्माचार्य करें, VHP को दी यह नसीहत

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    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राजनीतिक दलों द्वारा संचालित संगठन के माध्यम से नहीं, बल्कि हिंदुओं के धर्माचार्यो द्वारा कराए जाने की मांग की है।

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने रविवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट किए और राम मंदिर निर्माण का कार्य रामालय ट्रस्ट के माध्यम से कराने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि भगवान राम का मंदिर हिंदुओं के धर्माचार्यों द्वारा ही बनाया जाना चाहिए, राजनीतिक संगठनों द्वारा संचालित संगठनों के द्वारा नहीं। भगवान राम सब के हैं। उनकी जन्मभूमि पर निर्माण की जिम्मेदारी रामालय ट्रस्ट को ही देनी चाहिए।

    एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, रामालय ट्रस्ट में सभी शंकराचार्य और रामानंदी सम्प्रदाय से जुड़े अखाड़ा परिषद के सदस्य ही हैं और जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंदजी सबसे वरिष्ठ होने के नाते उसके अध्यक्ष हैं। रामालय ट्रस्ट के माध्यम से ही रामलला के मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, रामलला के मंदिर का निर्माण शासकीय कोष से नहीं होना चाहिए। विश्व का हर हिंदू भगवान राम को ईश्वर का अवतार मानता है और मंदिर निर्माण में सहयोग करेगा। विहिप ने मंदिर निर्माण में जो चंदा जुटाया, वे उसे अपने पास रखें और उसका उपयोग समाज की कुरीतियों को समाप्त करने में खर्च करें।

    ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर माह में अयोध्या के राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय ने एक ट्रस्ट बनाकर उसके जरिए मंदिर निर्माण कराने का आदेश दिया है। वहीं अन्य स्थान पर मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन का प्रबंध करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।

  • नये महापौर को बधाई

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    शंकर यादव की रिपोर्ट

    बिलासपुर । पूर्व मंत्री स्व:बी, आर यादव जी की मूर्ति मैं माल्यार्पण हुए माननीय बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव जी माननीय अटल श्रीवास्तव जी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कृष्ण कुमार यादव जी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रदेश कांग्रेस कमेटी कांग्रेस नेता शंकर यादव जी
    आदरणीय बडे भैया बिलासपुर के महापौर रामसरन यादव जी द्वारा स्वर्गीय बी आर यादव जी के मूर्ति में माल्यार्पण करने के बाद अपना कार्य का शुभारम्भ किया ।

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    उनको बहुत सारी शुभकामनाएं
    माननीय बिलासपुर की महापौर रामशरण यादव जी माननीय अटल श्रीवास्तव जी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कृष्ण कुमार यादव जी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रदेश कांग्रेस कमेटी कांग्रेस नेता शंकर यादव जी।

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  • कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल NRC व CAA को लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं: मेघवाल

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    उदयपुर। संसदीय कार्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि देश में एनआरसी व सीएए का विरोध करने वाले विपक्षी दल लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। इसमें किसी की भी नागरिकता जाने वाली नहीं है बल्कि लोगों को नागरिक होना अधिकार मिलने वाला है।

    उन्होंने कहा “पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर प्रताड़ित लोगों को नागरिकता दी जानी है। यह कानून मौजूदा सरकार में पास हुआ है, लेकिन इसका मसौदा तो कांग्रेस सरकार में ही तैयार हुआ है। अब वे खुद इस बात का विरोध कर रहे हैं। यह कानून नागरिकता लेने के लिए नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए लाया गया है। प्रेसवार्ता के बाद मेघवाल ने भाजपा के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को भी संबोधित किया और उन्हें बताया कि वे लोगों के बीच जाकर बताएं। कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों के भ्रम में आने की जरूरत नहीं है। यह कानून नागरिकों के हित में लाया जा रहा है। इससे किसी को भी नुकसान होने वाला नहीं है।”

  • आवेदन आमंत्रित मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत

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    शिमला। उच्चत्तर शिक्षा विभाग ने ‘मेधा प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कार्यरत मेधावी विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह जानकारी शिक्षा निदेशक उच्चत्तर डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा ने आज यहां दी।

    यह आवेदन राज्य एवं राज्य के बाहर उच्चत्तर शिक्षा विभाग द्वारा चिन्हित संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों से सीएलएटी/एनईईटी/आईआईटी-जेईई/एआईआईएमएस/एएफएमसी/एनडीए इत्यादि एवं यूपीएससी/एसएससी/बैकिंग/बीमा और रेलवे इत्यादि की परीक्षाओं के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

    इस योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए विद्यार्थी, हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। अभ्यार्थी के परिवार की कुल आय 2.50 लाख प्रतिवर्ष/गरीबी रेखा की आय से दौगुनी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना में चयनित विद्यार्थियों को जीवनकाल में अधिकतम 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वित्तीय सहायता को विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान अपने भरण-पोषण, संस्थान की फीस, किताबें तथा अन्य प्रकाशित सामग्री पर खर्च करेगा।

    इस योजना के तहत आवेदन की अन्तिम तिथि 25 दिसम्बर से बढ़ाकर 15 जनवरी, 2020 की गई है। इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी अपना आवेदन पत्र निर्धारित तिथि तक शिक्षा निदेशक उच्चत्तर, हिमाचल प्रदेश, शिमला-171001 के कार्यालय में डाक द्वारा या ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं।

  • भारी गिरावट शेयर बाजार में: सेंसेक्स 540 अंक टूटा, 150 अंक से ज्यादा लुढक़ा निफ्टी

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    मुंबई। खाड़ी क्षेत्र में गहराते फौजी तनाव से सोमवार को फिर भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 540 अंक से ज्यादा लुढक़कर 41,000 के नीचे आ गया और निफ्टी में भी 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई। सुबह 10.30 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 430.82 अंकों यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 41,033.79 पर कारोबार कर रहा था।

    वहीं, निफ्टी 132.70 अंकों यानी 1.09 फीसदी की गिरावट के साथ 12,093.95 पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह नौ बजे पिछले सत्र के मुकाबले कमजोरी के साथ 41,378.34 पर खुलने के बाद बिकवाली के दबाव में टूटकर 40,923.52 पर आ गया।

    पिछले सत्र में सेंसेक्स 41,464.61 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले कमजोरी के साथ 12,170.60 पर खुला और 12,179.10 तक चढऩे के बाद लुढक़कर 12,062.85 पर आ गया। पिछले सत्र में निफ्टी 12,226.65 पर बंद हुआ था।

    अमेरिका और ईरान के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इराक पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दिए जाने से खाड़ी क्षेत्र का संकट गहराता जा रहा है, जिससे अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

  • जयपुर में CAA को लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जन-जागरण अभियान

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    जयपुर। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सीएए को लेकर जयपुर में जनजागरण अभियान में शिरकत कर रही है।