Category: state-news

  • 30 एवं 31 दिसंबर को दो दिवसीय नेशनल काॅन्फ्रेंस ‘प्रकर्ष’

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    जयपुर। इनकम टैक्स, जीएसटी और सेल्स में आई मौजूदा तब्दीलियों और परिवर्तन पर चर्चा, पैनल डिस्कशन होगी। प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमिटी, आईसीएआई और भारतीय सीए संसथान की जयपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 30 और 31 दिसंबर को जयपुर के बिड़ला सभागार में दो दिवसीय नेशनल काॅन्फ्रेंस ‘प्रकर्ष’ का आयोजन किया जाएगा।

    कार्यक्रम की ज्यादा जानकारी देते हुए मंगलवार को इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टेड अकाउंटेंट के जयपुर सेंटर में प्रेस काॅन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान आईसीएआई के सेंट्रल कौंसिल के मेंबर सीए प्रकाश शर्मा, आईसीएआई के जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए लोकेश कासत, क्षेत्रीय परिषद सदस्य और सीआईआरसी सचिव सीए अभिषेक शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए आकाश बरगोती, सचिव सीए कुलदीप गुप्ता, क्षेत्रीय परिषद सदस्य और सीआईसीएएसए मेंबर सीए सचिन कुमार जैन ने प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को कार्यक्रम से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा की।

    8 सेशंस में देश के जाने माने सीए करने सम्बोधित: इस दौरान आईसीएआई के सेंट्रल कौंसिल के मेंबर सीए प्रकाश शर्मा ने बताया कि देश की मौजूदा इकोनोमिकल समस्याओं और सरकार द्वारा बदले गए नियमों के बारे में सीए मेंबर्स को ज्यादा जानकारी देने के लिए इस काॅन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस काॅन्फ्रेंस में देश भर के सीए मेंबर्स शामिल होंगे, जिसके लिए अभी तक 3500 सीए मेंबर्स रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। काॅन्फ्रेंस के दोनों दिनों में 8 सेशंस रखे गए हैं जिसमें देश के जाने माने सीए स्पीकर्स सम्बोधित करेंगे। आईसीएआई के जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए लोकेश कासत ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन का समापन न्यू इयर्स के जश्न के साथ होगा। जिसमें बॉलीवुड सिंगर मोहित गौड़ सीए मेंबर्स को अपने म्यूज़िकल नंबर्स पर थिरकाते हुए आने वाले साल का स्वागत करेंगे।

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  • JHARKHAND : CM रघुबर दास बचा नहीं पाए अपनी सीट भी, ये हैं BJP की हार के 5 प्रमुख कारण

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    नई दिल्ली। झारखंड में भाजपा को गठबंधन से हार का सामना करना पड़ा है। खास बात है कि मुख्यमंत्री रघुबर दास अपनी ही सीट नहीं बचा पाए। उन्हें पार्टी के बागी उम्मीदवार सरयू राय के हाथों 15 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा है। आखिर क्या वजह रही कि जमशेदपुर पूर्वी से लगातार पांच बार जीतने वाले रघुबर दास बतौर मुख्यमंत्री भी अपनी सीट बचा नहीं पाए।

    प्रदेश की राजनीति को समझने वालों का कहना है कि हार के पीछे दास का अहंकारी रवैया और विकास के नाम पर हकीकत कम, फसाना ज्यादा जैसी बातें जिम्मेदार रहीं। उनकी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों पर अपेक्षित ध्यान ही नहीं दिया।

    रांची विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जयप्रकाश खरे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, आजसू के साथ गठबंधन टूटना भाजपा की हार का सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि प्रदेश की विविधता को देखते हुए गठबंधन की राजनीति ही चल सकती है जिसको पहचान कर विपक्षी दलों ने महागठबंधन (झामुमो-कांग्रेस-राजद) किया। वहीं, टिकट बंटवारा भी एक बड़ा कारण है।

    पांच प्रमुख कारण

    1. रघुबर की अलोकप्रियता और सरकार के प्रति असंतोष : चुनाव में हार के पीछे रघुबर दास की छवि की बड़ी भूमिका बताई जाती है। पार्टी के नेताओं ही नहीं, बल्कि आम जन से भी रघुबर का आत्मीय संबंध नहीं रहा। सरयू राय सहित संगठन के कुछ नेता हाईकमान तक रघुबर के व्यवहार की शिकायतें करते रहे मगर कुछ नहीं हुआ।

    नतीजा असंतोष बढ़ता गया। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों पर अपेक्षित ध्यान सरकार के न देने का भी खामियाजा भुगतना पड़ा। रघुबर दास की सरकार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पैरा-शिक्षकों पर लाठीचार्ज की घटना हुई थी, जिससे गांव-गांव और घर-घर में सरकार के प्रति असंतोष का माहौल था।

    2. ब्यूरोक्रेसी भी नाराज : एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि रघुबर दास की अहंकार की प्रवृत्ति से आम लोग से लेकर ब्यूरोक्रेसी (अफसरशाही) तक नाखुश रही।

    3. बुनियादी सुविधाओं पर जोर न देना : रघुबर दास ने शिक्षा, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। एक चिकित्सक ने कहा, रांची स्थित रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) तक में डॉक्टरों की बहाली नहीं हुई। शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर सरकार ने सिर्फ विज्ञापन प्रकाशित किया, हकीकत में इन दोनों क्षेत्रों में कोई काम नहीं हुआ।

    4. मॉब लिंचिंग से जनता में असुरक्षा की भावना : एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस सरकार के दौरान मॉब लिंचिंग की घटना से भी लोग नाराज थे। उन्होंने कहा कि यह सरकार झारखंड के सामाजिक ताना-बाना को नहीं समझ पाई, जिससे आदिवासी के साथ-साथ दूसरे समुदाय में भी असंतोष था।

    अगर अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जाता तो भाजपा बेहतर स्थिति में रहती। उन्होंने कहा कि सरकार जिस विकास की बात करती थी, वह शहरों तक ही सीमित थी, गांव विकास से महरूम था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार से लोगों को जो उम्मीद थी उसे पूरा करने में यह सरकार विफल साबित हुई।

    5. भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन : रघुबर दास सरकार ने आदिवासियों की भूमि के अधिकारों के लिए बने कुछ कानूनों में विरोध के बावजूद संशोधन किया था, जिससे आदिवासियों में संदेश गया कि रघुबर की भाजपा सरकार उन्हें जल, जंगल, जमीन जैसे मूलभूत अधिकारों से वंचित करना चाहती है। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया था। बाद में हालात को देखते हुए राष्ट्रपति ने भी सीएनटी और एसपीटी जैसे विधेयकों पर हस्ताक्षर करने से मना करते हुए विधेयक को लौटा दिया था। सूत्रों का कहना है कि इन सब बातों ने आदिवासियों का भाजपा को लेकर भरोसा डगमगा दिया। जिसका रघुबर को चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ा।

     

  • संवेदनशील होकर तत्परता से कार्य करें जनता की शिकायतों पर: संदीप सिंह

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    पंचकूला। खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अधिकारी जनता की शिकायतों पर संवेदनशील होकर तत्परता से कार्य करें। संदीप सिंह गुरुवार को यहां लघु सचिवालय के सभागार में जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं से मुखातिब हो रहे थे।

    उन्होंने कहा कि अधिकारी महिलाओं के मामलों में कार्रवाई करने के दौरान विनम्र और संवेदशील रवैया रखें। अधिकारी अपने कार्यालयों में जनता से मिलने का समय निश्चित करें। जनता के साथ प्रेम और सद्भावना के साथ बात करें। उनकी शिकायतें सुने और जायज शिकायतों पर शीघ्र से शीघ्र कार्रवाई कर समाधान करें। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा यदि समस्याओं का समाधान मौके पर ही जाए और शिकायतकर्ताओं को अन्य मंचों पर जाने की आवश्यकता ही न पड़े।

    बैठक में उनके साथ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कालका विधायक प्रदीप चौधरी, उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा, पुलिस उपायुक्त कमलदीप गोयल, जिला परिषद की अध्यक्ष रितु सिंगला व गैर सरकारी सदस्य तथा सभी संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान 19 मामले रखे गये, जिनमें से 7 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। ये मामले कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी, नगर निगम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, कार्यकारी अभियंता, उतरी हरियाणा बिजली वितरण निगम, पुलिस, राजस्व विभाग, अग्रणी बैंक प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंचकूला, जिला नगर योजनाकार, आबकारी एवं कराधान से संबंधित थे।

    गांव खोई निवासी प्रीतम चंद की धर्मशाला के निर्माण संबंधी शिकायत पर उन्होंने जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी को इस बारे जांच पड़ताल करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सेक्टर-12 निवासी राजकुमार की गैस एजेंसियों द्वारा गैस सिलेंडरों में 3-4 किलो कम गैस देने की शिकायत पर उन्होंने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक पंचकूला को औचक निरीक्षण करके जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अतिरिक्त 10 गैस डिलीवरी मैनों द्वारा बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडर भरने बारे भी जांच पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। उपभोक्ताओं के हितों के साथ कोई खिलवाड़ सहन नहीं होगा।

    कालका मंडल के गांव खेड़ा सीताराम में सीवरेज की व्यवस्था ना करने संबंधी शिकायत के मामले में उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांव बतौड़ के मनीष कुमार के इंतकाल दर्ज मामले में नाजायज पैसे मांगने संबंधी शिकायत के बारे में उन्होंने जांच करने व इस मामले में लिप्त सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध 15 दिन के अंदर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत गोरखनाथ ब्लाॅक पिंजौर की अहीर बस्ती के गरीब परिवारों को बिजली उपलब्ध करवाने के लिए बिजली के 7 पोल एवं तारों के मामलों में बिजली विभाग द्वारा ही 90 हजार रुपए वहन किए जाने के निवेदन पर उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला को डी प्लान के तहत खंभे एवं तार उपलब्ध करवाने संबंधी मामले पर विचार करने के निर्देश दिए।

    परिवादी शांति अमित शर्मा की हुक्का-बार बंद करवाने संबंधी शिकायत पर उन्होंने प्रशासन द्वारा 4 अधिकारियों की टीम बनाकर हुका बारों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों व अन्य वयस्कों में नशे की लत का बढ़ावा देने वालों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। बालदवाला गांव निवासी केला देवी व अन्य की गांवों में अवैध शराब की शिकायत पर उन्होंने 4 अधिकारियों की एक कमेटी बनाने व उसमें तीन स्थानीय गैर सरकारी सदस्यों पवन धीमान, जितेंद्र शर्मा व कंवर सेन सिंगला को शामिल कर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

    बैठक में चंडी मंदिर निवासी रामेश्वर दास, राखी पुत्री कश्मीर सिंह, फूल सुंदरी, ग्राम पंचायत भोज पौंटा, उपरली भूड़ निवासी सतविंद्र सिंह की शिकायतों का समाधान कर दिया गया। बैठक में उपायुक्त ने जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन जनता की शिकायतों को संवेदना के साथ सुन कर समय पर हल करेंगा।

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  • पंचायती चुनाव का एलान , ईवीएम से 3 चरणों में होगा मतदान, शैक्षणिक योग्यता हटाई

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    जयपुर। राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव का आज एलान कर दिया है। पंचायतीराज चुनाव तीन चरणों में होंगे। चुनाव आचार संहिता आज से लागू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि पहले चरण के लिए लोकसूचना 7 जनवरी को जारी होगी। आठ जनवरी को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मतदान 17 जनवरी को होगा। दूसरे चरण की अधिसूचना 11 जनवरी को जारी होगी, 20 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे और मतदान 22 जनवरी को होगा। तीसरे चरण के लिए अधिसूचना 18 जनवरी को जारी होगी और इसके लिए मतदान 29 जनवरी को होगा। इस बार पंचायतीराज चुनाव से शैक्षणिक योग्यता हटा दी गई है। मतदान सुबह आठ से पांच बजे तक होगा।
    वहीं मतदान संपन्न होने के बाद मतगणना होगी। आपको बता दे कि तीन चरणों में 9171 पंचायतों में सरंपचों को चुनाव होगा। साथ ही 90400 वार्ड पंचों का चुनाव होगा। इसके लिए कुल 34525 मतदान केंद्र बनाए गए है।

  • हेमंत सोरेन पर टिप्पणी करना पड़ा रघुवर दास को महंगा, FIR दर्ज

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    रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास की गई कथाकथित जातिगत टिप्पणी करना महंगा पड़ गया है। क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक अंशुमान कुमार ने बताया कि सोरेन द्वारा 19 दिसंबर को दर्ज शिकायत के आधार पर उप-संभागीय पुलिस अधिकारी अरविंद उपाध्याय ने मामले में प्रारंभिक जांच करके मिहिजाम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

    एसपी ने बताया कि सोरेन ने दुमका थाने में दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उन पर जामताड़ा में एक चुनावी सभा में उनकी जाति पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया गया था।

    सोरेन ने बताया कि उनके शब्दों से मेरी भावनाएं और सम्मान आहत हुआ। क्या आदिवासी परिवार में जन्म लेना अपराध है?’

    आपको बताते जाए कि राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है। राज्य की 81 सीटों में भाजपा को केवल 25 सीट ही मिल पाई। जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले महगठबंधन को 47 सीटों पर विजय मिली है।

    जमशेदपुर से स्वयं मुख्यमंत्री रघुवर दास चुनाव हार गए हैं। दास को उन्हीं के मंत्री सरयू राय ने मात दी है, जो जमशेदपुर पश्चिम से टिकट नहीं मिलने पर उनके खिलाफ निर्दलीय मैदान में आ गए थे।

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  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CAA के विरोध में किया मार्च, कहा…

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    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मार्च किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं सभी छात्रों से यह अपील करूंगी कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखना चाहिए। रैली में ममता बनर्जी ने वादा किया कि कर्नाटक में प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों के परिजन से मिलने के लिए तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा। ममता ने इस रैली में ‘सीएए, एनआरसी वापस लो, वापस लो’ के नारे भी लगवाए।

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह छात्रों के प्रदर्शन के अधिकार के समर्थन में हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि वे बिना किसी से डरे प्रदर्शन करते रहें। जबतक एनआरसी और सीएए को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

    कर्नाटक में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि भाजपा अपने वादे पूरे नहीं करती है।

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  • हरियाणा : उठने लगे बगावत के सुर दुष्यंत चौटाला की जजपा में

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    चंडीगढ़। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) में बगावत के सुर उठने लगे हैं। हिसार जिले में नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से जजपा के विधायक रामकुमार गौतम ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। गौतम हरियाणा मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से खफा हैं।

    लोकसभा चुनावों से ठीक पहले गठित जजपा ने विधानसभा चुनावों में दस सीटों पर जीत दर्ज की थी और भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाई थी। गौतम जजपा के सबसे बुजुर्ग विधायक हैं और उन्हें उम्मीद थी कि मंत्रिमंडल गठन के दौरान उन्हें भी कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई जाएगी, लेकिन राज्य मंत्री के तौर पर शपथ अनूप धानक ने ली।

    गौतम ने पिछले दिनों हुई जजपा विधायक दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। हाल ही उन्होंने हिसार लोकसभा क्षेत्र से दुष्यंत चौटाला के मुकाबले जीते भाजपा उम्मीदवार बृजेन्द्र सिंह का विरोध करने पर अफ़सोस जाहिर करटे हुए कहा था कि चुनावों में गलत व्यक्ति (दुष्यंत) का साथ दिया। अब उन्होंने जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे कर अपनी नाराजगी जगजाहिर कर दी है।

    इस्तीफा देते हुए गौतम ने तंज कसा कि पार्टी तो सिर्फ आस-पास (क्षेत्रीय) की है, लेकिन मुझे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। जजपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी नहीं है, इसलिए इस पद से इस्तीफा दे दिया है। गौतम ने अभी पार्टी से इस्तीफा देने से इनकार किया है। जजपा से इस्तीफे के सवाल पर गौतम बोले कि कानून ऐसा बना हुआ है कि पार्टी छोड़ नहीं सकता। पार्टी छोडूंगा तो विधायक पद भी छोड़ना पड़ेगा। लोगों ने जिस मंशा से मुझे वोट दिए थे, उनका कुछ भला करने की इच्छा है, इसलिए पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं।

    चंडीगढ़। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) में बगावत के सुर उठने लगे हैं। हिसार जिले में नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से जजपा के विधायक रामकुमार गौतम ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। गौतम हरियाणा मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से खफा हैं।

    लोकसभा चुनावों से ठीक पहले गठित जजपा ने विधानसभा चुनावों में दस सीटों पर जीत दर्ज की थी और भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाई थी। गौतम जजपा के सबसे बुजुर्ग विधायक हैं और उन्हें उम्मीद थी कि मंत्रिमंडल गठन के दौरान उन्हें भी कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई जाएगी, लेकिन राज्य मंत्री के तौर पर शपथ अनूप धानक ने ली।

    गौतम ने पिछले दिनों हुई जजपा विधायक दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। हाल ही उन्होंने हिसार लोकसभा क्षेत्र से दुष्यंत चौटाला के मुकाबले जीते भाजपा उम्मीदवार बृजेन्द्र सिंह का विरोध करने पर अफ़सोस जाहिर करटे हुए कहा था कि चुनावों में गलत व्यक्ति (दुष्यंत) का साथ दिया। अब उन्होंने जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे कर अपनी नाराजगी जगजाहिर कर दी है।

    इस्तीफा देते हुए गौतम ने तंज कसा कि पार्टी तो सिर्फ आस-पास (क्षेत्रीय) की है, लेकिन मुझे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। जजपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी नहीं है, इसलिए इस पद से इस्तीफा दे दिया है। गौतम ने अभी पार्टी से इस्तीफा देने से इनकार किया है। जजपा से इस्तीफे के सवाल पर गौतम बोले कि कानून ऐसा बना हुआ है कि पार्टी छोड़ नहीं सकता। पार्टी छोडूंगा तो विधायक पद भी छोड़ना पड़ेगा। लोगों ने जिस मंशा से मुझे वोट दिए थे, उनका कुछ भला करने की इच्छा है, इसलिए पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं।

    मना लेंगे-
    ‘मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस्तीफे की वजह गौतम ही बता सकते हैं। अगर उन्होंने ऐसा किया है तो जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।’
    – दुष्यंत चौटाला, उप मुख्यमंत्री, हरियाणा।

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  • विधायकों की नियुक्ति पर पंजाब के राज्यपाल ने मांगा स्पष्टीकरण

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    चंडीगढ़ । पंजाब सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राज्यपाल ने पंजाब राज्य विधानमंडल (अयोग्यता निवारण) संशोधन विधेयक, 2019 वापस नहीं किया है।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, राज्यपाल ने विधेयक में राज्य से कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में छह विधायकों की नियुक्ति के मामले में हितों के टकराव से संबंधित स्पष्टीकरण भी शामिल है।

    उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है और जल्द ही आवश्यक जवाब सौंपा जाएगा।

    नवंबर में राज्य विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा गया था।

    प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल वी.पी.एस. प्रवक्ता ने कहा कि बदनौर ने विधेयक और संबंधित मामलों के कुछ प्रावधानों पर स्पष्टीकरण मांगा है।

    संबंधित मंत्री और अधिकारियों को राज्यपाल द्वारा उठाए गए मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि जल्द से जल्द राज्यपाल को इस बारे में प्रतिक्रिया से अवगत किया जा सके।

    राज्य सरकार ने सितंबर में चार विधायकों फरीदकोट के कुशलदीप सिंह ढिल्लों, गिद्दड़बाहा के सिंह राजा वारिंग, उरमुर के संगत सिंह गिलजियां और अमृतसर (दक्षिण) के इंद्रबीर सिंह बोलारिया को सितंबर में सलाहकार (राजनीतिक) नियुक्त किया था जबकि फतेहगढ़ साहिब के कुलजीत सिंह नागरा को कैबिनेट रैंक और स्टेटस में सलाहकार (योजना) नियुक्त किया गया।

    अटारी के तरसेम सिंह को राज्य मंत्री के पद के साथ सलाहकार (योजना) नामित किया गया था।

  • हरियाणा की छोरियां छोरों से कहीं कम नहीं है, दो बहने चला रही प्रशिक्षण के बाद भारी वाहन

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    चंडीगढ़। हरियाणा की छोरियां छोरों से कम नहीं हैं। ‘दंगल’ फिल्म के इस डायलॉग ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम सैं के’ को इस बार सही साबित कर दिखाया है रोहतक में एकता कॉलोनी की दो सगी बहनों मीना हुड्डा और रीना हुड्डा ने। यह दोनों सगी बहनें इन दिनों हैवी लाइसेंस लेकर बसें चला रही हैं।

    झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए रोजाना बस में लाना और छोड़ना इनके जिम्मे है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त यूनिवर्सिटी (इग्नू) से मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क कर रही यह दोनों बहनें बस चलाने के साथ ही बच्चों को पढ़ाती भी हैं। बचपन में इनके सिर से पिता का साया उठ गया था। आर्थिक तंगी का सामना करते हुए मीना हुड्डा ने हरियाणा रोडवेज के रोहतक स्थित प्रशिक्षण केंद्र से भारी वाहन चलाने का लाइसेंस हासिल किया। ऐसा करने वाली रोहतक की वह पहली युवती थी। इसके बाद मीना की बहन रीना ने भी झज्जर जिले के बहादुरगढ़ प्रशिक्षण केंद्र से भारी वाहन चलाने का लाइसेंस ले लिया। बस चलाने का प्रशिक्षण लेने वाले 100 लड़कों के बैच में रीना अकेली लड़की थी। लड़के अक्सर उसकी मजाक उड़ाया करते थे। हालांकि, प्रशिक्षण के बाद होने वाले जरूरी ट्रायल में दोनों बहनों पहली बार में ही पास हो गई थी।

    मीना और रीना का कहना है कि उनकी मां इंद्रवती और भाइयों ने उनका हौसला बढ़ाया। परिवार का समर्थन मिलने पर उनकी झिझक खत्म हो गई और वे दोनों बस में ड्राईवर की उस सीट पर जा बैठी, जहां अक्सर पुरुष ही बैठे नजर आते हैं। इंद्रवती का कहना है कि उन्हें अपनी बेटियों पर गर्व है। इन दिनों यह दोनों बहनें मेक द फ्यूचर ऑफ़ कंट्री (एमटीएफसी) संस्था से जुड़ी हैं।

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  • किसानों के हित में बड़ा फैसला: 5 प्रतिशत अनुदान मिलेगा भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को

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    जयपुर। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की योजना लागू की है। अब समय पर ऋण का चुकारा करने वाले काश्तकारों को 7.10 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। यह योजना 31 मार्च, 2020 तक लागू रहेगी।

    31 मार्च तक मिलेगा लाभ: आंजना ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 17 दिसम्बर को जयपुर में आयोजित किसान सम्मेलन में दीर्घकालीन कृषि ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की घोषणा की थी। घोषणा पर अमल करते हुए इसे 1 अप्रैल, 2019 से लागू किया गया है। 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2020 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।

    प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता, नरेश पाल गंगवार ने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण 12.10 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है। गंगवार ने बताया कि यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेने वाले ऋणों पर लागू होगी। उन्होंने बताया कि यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से सबसे कम है।

    रजिस्ट्रार,सहकारिता डॉ. नीरज के. पवन ने बताया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, लेकिन ब्याज दर सर्वाधिक होने के कारण किसान को ब्याज चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और कृषि कार्यों में रूकावट भी पैदा होती थी।

    इन कार्यों के लिए ऋण लेने पर मिलेगा ब्याज अनुदान: डॉ. पवन ने बताया कि किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नवकूप/नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसेट, फव्वारा/ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी/हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रैक्टर, कृषि यंत्रादि, थ्रेसर, कम्बाईन हार्वेस्टर आदि को क्रय करने के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज/प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी/बाउण्ड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़/बकरी/सुअर/मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट/बैल गाड़ी क्रय जैसी कृषि संबद्ध गतिविधियों हेतु लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे।

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