Category: state-news

  • भाजपा की नीतियों के खिलाफ झारखंड में लोगों ने किया वोट : मल्लिकार्जुन खडग़े

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    नई दिल्ली। हेमंत सोरेन की अगुवाई में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महागठबंधन के 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में आधी सीटों पर बढ़त बनाए जाने को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने सोमवार को कहा कि जनादेश सत्तारूढ़ भाजपा व राज्य में उसकी नीतियों के खिलाफ है।

    पार्टी मुख्यालय में यहां संवाददाताओं से बातचीत में खडग़े ने कहा कि यह एक अच्छा परिणाम है और भाजपा सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा दिखा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में लोग भाजपा सरकार से परेशान हो चुके थे। कांग्रेस नेता ने कहा, केंद्र में भी लोग बेरोजगारी, महंगाई को लेकर परेशान हैं और यहां तक कि किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    इन सभी चीजों ने कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियो (जेएमएम और राजद) को मदद किया है। उस संदर्भ में लोगों ने कांग्रेस और उसके गठबंधन के लिए मतदान किया। खडग़े की यह टिप्पणी उनके महागठबंधन के 81 सदस्यीय विधानसभा में 42 सीटों पर बढ़त बनाने के तुरंत बाद आई है। जेएमएम 24 सीटों पर आगे है और कांग्रेस व राजद क्रमश: 13 व पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। भाजपा 29 सीटों पर आगे है।

    नतीजों के बाद पार्टी करेगी आकलन : अर्जुन मुंडा

    झारखंड के तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके और मौजूदा समय मोदी सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा का कहना है कि रुझानों के मुताबिक हार-जीत की बात कहना उचित नहीं है। यहां आवास पर मीडिया से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि आखिर तक भाजपा अपनी जगह बना लेगी। उन्होंने कहा कि नतीजों के बाद आजसू भी सैद्धांतिक और वैचारिक दृष्टि से भाजपा का साथ देगी। पार्टी चुनाव के बाद सभी बिंदुओं पर आकलन कर उचित निर्णय लेगी।

  • CAA LIVE: थोड़ी देर में निकलेगा जयपुर में शांति मार्च , अल्बर्ट हॉल के लिए रवाना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

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    जयपुर। नागरिकता संशाेधन कानून के खिलाफ देश में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच आज सुबह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकालेगी। 35 से ज्यादा संगठन भी सुब मोतीडूंगरी रोड पर विरोध सभा के बाद इस शांति मार्च में शामिल होंगे।

    LIVE अपडेट…

    – राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अल्बर्ट हॉल के लिए रवाना हो गए हैं।
    बड़ी संख्या में MD रोड पर मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे हैं। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सर्वसमाज के जिम्मेदार लोग विरोध सभा में मौजूद हैं। मंच पर कुरआन शरीफ की तिलावत
    हो रही है।

    इस शांति मार्च को ध्यान में रखकर जयपुर शहर के कमिश्नरेट इलाके में रविवार सुबह भी 6 बजे से मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है। वह रात 8 बजे तक बंद रखा जाएगा। इसके अलावा मेट्रो सेवा भी दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी।

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पैदल मार्च करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि वे रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे अलबर्ट हॉल से शांति मार्च निकालेंगे। गहलोत ने इस कानून को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया और कहा कि मार्च का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचकर होगा। आपको बताते जाए कि दो दिन पहले ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने सीएए के समर्थन में रैली की थी, इसमें केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी शामिल हुए थे।

  • जश्न का माहौल JMM कार्यालय में

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    रांची। झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के लिए सोमवार को हो रही मतगणना के शुरुआती रुझान में झामुमो, राजद, और कांग्रेस का गठबंधन भाजपा से आगे चल रहा है। झामुमो गठबंधन 42 सीटों पर आगे चल रहा है। इसके बाद जेएमएम कार्यालय में जश्न का माहौल शुरू हो गया है। हालांकि मुख्यमंत्री रघुवर दास अपनी सीट से आगे चल रहे हैं। राज्य निर्वाचन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अभी तक आए मतगणना के रुझानों के मुताबिक, भाजपा 28 सीटों पर और झामुमो गठबंधन 42 सीटों पर आगे चल रहा है। जबकि आजसू 4 , जेवीएम 3 सीटों पर आगे चल रही है। अभी तक 81 सीटों के रुझान सामने आए हैं।

    इस बीच प्रारंभिक दौर में पिछड़ने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर (पूर्वी ) से आगे चल रहे हैं। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सरयू राय से 500 से अधिक वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं। इधर, लातेहार से पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम भी आगे चल रहे हैं।

    शुरुआती बढ़त बनाने के बाद सिल्ली से सुदेश महतो पिछड़ गए हैं। इस चुनाव में महत्वपूर्ण राजधनवार से बाबूलाल मरांडी आगे चल रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि पांच चरणों में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच हुए मतदान के बाद सभी सीटों के लिए ईवीएम में बंद मतों की गणना सोमवार को जारी है।

    झारखंड विधानसभा चुनाव में 1,087 पुरुष, 127 महिला तथा एक तीसरे लिंग के उम्मीदवारों समेत कुल 1,215 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया था, जिनके भविष्य पर आज फैसला सुनाया जाएगा। इस बीच 24 जिला मुख्यालयों में त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच मतगणना जारी है।

    मतगणना का अधिकतम दौर चतरा में 28 राउंड और सबसे कम दो राउंड चंदनकियारी और तोरपा सीटों पर होगा।

  • रघुवर दास सरकार को भाजपा और आजसू का गठबंधन टूटना पड़ा महंगा

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    रांची। भाजपा को झारखंड विधानसभा चुनाव में ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के साथ अलग होकर चुनाव लड़ना रघुवर दास सरकार को महंगा पड़ता नजर आ रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव में अभी तक आए रुझानों से साफ पता नजर आ रहा है कि भाजपा और आजसू मिलकर चुनाव लड़तीं तो प्रदेश की राजनीतिक सियासी तस्वीर दूसरी ही नजर आती और इनका गठबंधन स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में विराजमान होता।

    झारखंड चुनाव के आए रुझानों में भाजपा को 28 से 30 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है तो आजसू 3-4 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि, कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन को 40-42 सीटों पर बढ़त है, जेवीएम 3 और अन्य दल 5 सीटों पर आगे चल रहे हैं। ऐसे में अगर भाजपा और जेएमएम मिलकर चुनावी मैदान में उतरते तो ये आंकड़े कुछ अलग हो सकते थे।

    झारखंड के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 79 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। जबकि, आजसू ने 58 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। ऐसे में साफ है झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 58 सीट पर भाजपा-आजसू प्रत्याशी आमने-सामने थे और दोनों दलों के बीच वोट बंटवारा होने से काफी समस्या आई है।

    आजसू ने पांच ऐसी सीटों पर भी उम्मीदवार उतारकर बीजेपी को सीधे चुनौती दे दी है, जो फिलहाल भाजपा के कब्जे में थी। इस तरह से अगर दोनों पार्टियां एक साथ चुनावी मैदान में उतरतीं तो इन 58 सीटों पर दोनों दलों के वोट एकमुश्त वोट मिलते हैं, इससे बीजेपी और आजसू को स्पष्ट बहुमत मिलता।
    आपको बताते जाए कि झारखंड बनने के बाद से बीजेपी और आजसू साथ रही हैं, लेकिन इस बार चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर अलग हो गए।

    2014 में आजसू 8 विधानसभा सीटों पर लड़कर पांच सीटें जीती थीं। आजसू इस बार के चुनाव में शुरुआत से ही बीजेपी से 17 सीटें मांग रही थीं, लेकिन बीजेपी इस पर राजी नहीं हुई। इसी के चलते बीजेपी-आजसू के बीच गठबंधन को लेकर सहमति नहीं बन सकी और गठबंधन टूट गया था।

  • घूमने के लिए भारतीय पर्यटकों का गुलाबी नगर पसंदीदा शहर

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    जयपुर । गुलाबी नगरी फिर देशी टूरिस्टों की पसंदीदा जगह बना है। जी हां विश्व में अपने हैरिटेज के लिए मशहूर गुलाबी नगर वर्ष 2019 में घूमने की पसंदीदा जगह बना है। बुकिंग. कॉम के मुताबिक हैदराबाद भी भारतीयों के लिए घूमने की सबसे पसंदीदा जगह रही है। इसके बाद पुणे, जयपुर, कोच्चि, आगरा, दिल्ली, मुंबई, मैसूर रहे ।
    इसके अलावा बैंकॉक, सिंगापुर, लंदन और कुआलालंपुर भी भारतीयों के पसंदीदा टूरिस्ट देश बने है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई भारतीयों की पसंदीदा जगहों में टॉप पर रही है।

    आपको बता दे कि गुलाबी नगर में आमेर, सिटी पैलेस, जंतरमंतर , हवामहल, परकोटा, जयगढ़, नाहरगढ़, अल्बर्ट हॉल देखने के लिए हजारों की संख्या में प्रतिमाह देशी-विदेशी टूरिस्ट आते है। यहां के टूरिस्टों को लाने में राजस्थान पर्यटन विभाग की आकर्षक विज्ञापन शैली भी काफी प्रभावशाली रहती है। पधारो म्हारे देश के स्लोगन से राजस्थान के पर्यटन का प्रचार-प्रचार किया जाता है।

  • JHARKHAND ELECTION RESULT : रघुवर का गया राज, हेमंत के सर आया ताज

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    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 के सोमवार को मतगणना के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) हेमंत सोरेन ने भले ही जनादेश का सम्मान करने की बात कही, लेकिन इस जनादेश से अब स्पष्ट है कि मतदाता ने रघुवर दास के हाथ से राज छीनकर हेमंत को ताज पहना दिया।

    ऐसी स्थिति में राज्य में महागठबंधन की जीत लगभग सुनिश्चित दिख रही है और हेमंत सोरेन का मुख्यमंत्री बनना तय है, जबकि दूसरी ओर सत्ताधारी भाजपा की इन चुनावों में करारी हार हुई है।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास जहां अपने निर्वाचन क्षेत्र जमशेदपुर (पूर्वी) से अपने ही मंत्रिमंडल के सदस्य रहे सरयू राय से हार के करीब हैं, वहीं इस चुनाव में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा और विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव को भी हार का सामना करना पड़ा।

    विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने सिसई विधानसभा से 30 हजार से अधिक मतों से चुनाव हार गए। सिसई विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर दिनेश उरांव का मुकाबला झामुमो के प्रत्याशी जिग्गा होरो से था। उरांव को 45,592 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंद्वी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उम्मीदवार जीगा सुसरन होरो को 75446 वोट मिले।

    इधर, भाजपा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को भी हार का सामना करना पड़ा। चक्रधरपुर सीट पर झामुमो के सुखराम ने कब्जा जमा लिया है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को मात दी। सुखराम ने गिलुवा को 12234 मतों से हराया। सुखराम उरांव को 43832, जबकि लक्ष्मण गिलुवा को 31598 मत मिले।

    इस चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पिछले विधानसभा चुनावों में जहां भाजपा ने 37 सीटें जीती थीं, वहीं वह इस बार सिर्फ 26 पर सिमटती नजर आ रही है। भाजपा की सहयोगी रही आजसू पिछली विधानसभा में सिर्फ आठ सीटें लड़कर पांच सीटों पर जीती थी, जबकि इस बार उसने 53 सीटें लड़कर महज दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

    इस बीच, अब रघुवर दास जनादेश के सम्मान की बात कर रहे हैं। रांची में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दास पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, “इस चुनाव में अब तो जो भी जनादेश आ रहा है, उसको स्वीकार करता हूं।” उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में मिले जनादेश के मुताबिक उन्होंने राज्य में विकास के कार्य करने की कोशिश की और लोगों की सेवा करने का काम किया।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इस चुनाव में यदि हार होती है तो यह भाजपा की नहीं, मेरी हार होगी।”

    बहरहाल, इतना तय है कि मतगणना नतीजों ने भाजपा और उसके मुख्यमंत्री रघुवर दास को तगड़ा झटका दिया है। भाजपा के कई दिग्गज नेता या तो चुनाव हार गए हैं, या हार के करीब हैं।

  • हेमंत सोरेन को PM नरेंद्र मोदी ने दी बधाई, ट्विटर पर यूजर्स ने ऐसे दी प्रतिक्रियाएं

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    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन को झारखंड में उनकी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी। सोरेन की पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का गठबंधन झारखंड में सरकार बनाने के लिए तैयार है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर के माध्यम से कहा, “हेमंत सोरेन और झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन को झारखंड चुनाव में मिली जीत की हार्दिक बधाई। राज्य की सेवा करने के लिए उन्हें शुभकामनाएं।”

    681 से अधिक कमेंट वाले इस पोस्ट को 14 हजार लोगों ने लाइक किया है और 1,964 से अधिक लोगों ने रिट्वीट किया है।

    एक समर्थक ने लिखा, “चिंता ना करें मोदी जी, छोटी हार से बड़ी जीत मिलती है। इस दुनिया ने तो प्रभु श्रीराम की भी परीक्षा ली थी।”

    दूसने ने लिखा, “हम आपकी जीत में, और हार में और भी अधिक रूप से आपके साथ हैं।”

    अन्य ने लिखा, “लगातार पांचवी हार, ‘छोटी’ हार है? पार्टी कब सबक लेगी?”

    एक और ट्विटर यूजर ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिर्फ इसलिए हारी क्योंकि उसने ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के साथ गठबंधन नहीं किया। वहीं दूसरी ओर झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन एक साथ मैदान में उतरा।”

    एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “झारखंड और राजस्थान में भाजपा अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवारों के कारण हारी।”

  • झारखंड : गठबंधन को हुआ भाजपा, आजसू के रार से लाभ

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    रांची। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) का अलगाव कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए काफी फायदे का साबित हुआ है।

    आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भाजपा और आजसू का अगर साथ नहीं छूटता तो कम से कम 19 सीटों पर नुकसान से भाजपा बच जाती।

    आंकड़ों के मुताबिक, डुमरी में भाजपा को जहां 36,013 मत मिले, वहीं आजसू को 36,840 मत मिले हैं। जबकि गठबंधन प्रत्याशी जगन्नाथ महतो को 71,128 मत मिले और वह विजयी घोषित हुए। अगर भाजपा और आजसू यहां साथ चुनाव लड़ती तब यहां उनकी विजय होती।

    इसी तरह जुगसलाई में भाजपा को 66,647 तथा आजसू को 46,779 मत मिले, जबकि गठबंधन के प्रत्याशी 88,581 मत के साथ विजयी रहे। चुनाव के पूर्व भाजपा और आजसू में दरार पड़ने वाली सीटों में लोहरदगा भी शामिल है, जहां भाजपा और आजसू दोनों उम्मीदवार उतारने को लेकर अड़े हुए थे। लोहरदगा के परिणाम भी बताते हैं कि भाजपा, आजसू साथ चुनाव मैदान में जाते तो परिणाम उलट होता। लोहरदगा में भाजपा को कुल 44,230 वोट मिले, जबकि आजसू ने 39,916 वोट हासिल किए। गठबंधन प्रत्याशी कांग्रेस के रामेश्वर उरांव 74,380 मत पाकर यहां विजयी हो गए।

    ऐसी ही सीटों में ईचागढ़, नाला, जामा, रामगढ़, बड़कागांव, चक्रधरपुर, गांडेय, मधुपुर, घाटशिला शामिल हैं, जहां भाजपा और आजसू को मिले मतों को जोड़ दिया जाए तो वह गठबंधन के प्रत्याशी से ज्यादा हो जाता है।

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  • नागरिकों के पक्ष में CAA-NRC प्रदर्शनों के बीच झारखंड का फैसला: ममता बनर्जी

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    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को झारखंड विधानसभा चुनावों में जीत की तरफ अग्रसर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन को बधाई दी। ममता बनर्जी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ तीव्र विरोध के समय में यह फैसला जनता के पक्ष में है।

    ममता बनर्जी ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया, “झामुमो के हेमंत सोरेन, कांग्रेस व राजद को जीत के लिए बधाई। झारखंड के लोगों ने अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने की आपको जिम्मेदारी दी है।”

    ममता ने ‘झारखंड के सभी भाइयों और बहनों’ को अपनी शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, “सीएए व एनआरसी पर विरोध प्रदर्शन के बीच चुनाव कराए गए। यह फैसला नागरिकों के पक्ष में है।”

  • JHARKHAND : नहीं बचा पाया दिग्गजों का प्रचार BJP प्रत्याशियों को, मतदाताओं ने किया किनारा

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    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भले ही स्टार प्रचारकों की बड़ी फौज उतार दी थी, परंतु इस चुनाव में मतदाताओं के कोपभाजन बनने से वे भी अपने प्रत्याशियों को नहीं बचा पाए। दूसरी ओर कम स्टार प्रचारकों के साथ उतरे गठबंधन ने अच्छी सफलता प्राप्त कर झारखंड की सत्ता भाजपा से छीन ली। भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में सबसे ऊपर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष अमित शाह ने जिन-जिन क्षेत्रों में रैलियां कीं, अधिकांश क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।

    जमशेदपुर में नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली की थी, परंतु भाजपा को सबसे बड़ी हार का सामना वहीं करना पड़ा, जहां मुख्यमंत्री रघुवर दास को उनके ही मंत्रिमंडल के सहयोगी रहे और बगावत कर चुनावी मैदान में बतौर निर्दलीय उतरे सरयू राय के सामने हार का मुंह देखना पड़ा। जमशेदपुर पश्चिम में भी प्रधनमंत्री की चुनावी रैली का लाभ नहीं मिला और वहां भी भाजपा के देवेंद्र नाथ सिंह को कांग्रेस के बन्ना गुप्ता ने पटखनी दे दी।

    प्रधानमंत्री ने इसके अलावा गुमला, बरही, दुमका और बरहेट में भी चुनावी रैलियों को संबोधित किया था, परंतु उन क्षेत्रों में भी भाजपा प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। दुमका और बरहेट से झामुमो, राजद और कांग्रेस गठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी हेमंत सोरेन ने जीत दर्ज की। भाजपा के दूसरे स्टार प्रचारक और देश के गृहमंत्री अमित शाह का जादू भी झारखंड के मतदाताओं पर नहीं चला।

    उन्होंने भी जिन इलाकों में चुनावी रैलियों को संबोधित किया, उनमें से अधिकांश क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। शाह इस चुनाव में मनिका, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, बहरागोड़ा, चक्रधरपुर, गिरिडीह, पाकुड़, पोडैयाहाट, देवघर और बाघमारा में यानी कुल 11 चुनावी रैलियों को संबोधित किया था।

    इनमें से मात्र देवघर और बाघमारा सीट को छोडक़र सभी सीटों पर भााजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी ने यहां कई दौरे किए थे।

    दूसरी तरफ, कांग्रेस ने झारखंड बनने के बाद पहली बार इतनी बड़ी सफलता पाई है। कांग्रेस ने इस चुनाव में झामुमो और राजद के साथ चुनावी गठबंधन कर 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस की ओर से या यूं कहे गठबंधन की ओर से स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने इस चुनाव में सिमडेगा, राजमहल, बडक़ागांव, खिजरी और महागामा में कुल पांच चुनावी रैलियां की।

    इनमें से सिर्फ राजमहल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी को हार का समना करना पड़ा, बाकी चार सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी हुए। कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने इस चुनाव में सिर्फ पाकुड़ में एक चुनावी रैली को संबोधित किया, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी आलमगीर आलम ने राज्य में सर्वाधिक मतों के अंतर (65108 मतों से) से जीत दर्ज की है।

    इस चुनाव में झामुमो के स्टार प्रचारक हेमंत सोरेन ने कुल 54 सीटों पर प्रत्याशियों के प्रचार के लिए 126 चुनावी रैलियों को संबोधित किया, जिसमें से 47 सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशी विजयी हुए हैं।