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  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION : देवघर में दिलचस्प रहता है मुकाबला, दांव पर प्रत्याशियों की आस्था

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    देवघर (झारखंड)। देश-दुनिया में बाबा नगरी के रूप में प्रसिद्ध झारखंड स्थित देवघर हिंदू धर्म के लोगों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। झारखंड विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में देवघर विधानसभा क्षेत्र में 16 दिसंबर को मतदान होना है। इस सीट पर चुनावी रण का मुकाबला बराबर दिलचस्प होता है। अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित इस विधानसभा का क्षेत्र देवघर जिले के तीन प्रखंड देवघर सदर, देवीपुर और मोहनपुर तक फैला है, लेकिन इस विधानसभा का प्रतिनिधित्व आज तक देवघर सदर प्रखंड के रहने वाले लोगों ने किया है।

    हालांकि प्रत्याशियों की विजय मोहनपुर प्रखंड के मतदाता तय करते हैं, क्योंकि यहां मतदाता अन्य प्रखंडों से ज्यादा हैं। इस सीट पर हुए पिछले विधानसभा चुनावों पर नजर डालें तो 2014 के चुनाव में भाजपा नेता नारायण दास ने राजद के सुरेश पासवान को हराकर इस सीट को पहली बार भाजपा को दी थी। उस चुनाव में भाजपा के नेता नारायण दास को जहां कुल 92,022 वोट मिले थे, वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के सुरेश पासवान को 46,870 मत से संतोष करना पड़ा था।

    वर्ष 2009 के चुनाव में राजद नेता सुरेश कुमार पासवान इस सीट पर दूसरी बार चुनाव जीतकर विधायक बने थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और एक चुनावी सभा को संबोधित कर पूरा माहौल में और गर्माहट ला दी है। स्थानीय लोगों की बात करें तो यहां के लोग कई समस्याओं के समाधान को स्वीकार करते हैं, लेकिन अभी भी कई समस्याएं भी गिनाते हैं।

    व्यवसायी पवन शर्मा कहते हैं, पांच वर्षो में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से देवघर के विकास के लिए जितनी योजनाएं लाई गई हैं, वह प्रशंसनीय हैं। विधायक के रूप में नारायण दास पांच वर्षो में सक्रिय रहे हैं, मगर और सक्रिय रह सकते थे। इसके अलावे कई और योजनाओं को लाने का प्रयास कर सकते थे।

    एक गृहिणी रश्मि शर्मा कहती हैं कि देवघर में पेयजल समस्या का समधान नहीं हो पाना आमजनों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इसको लेकर प्रयास किए जाने चाहिए थे। स्थानीय के साथ प्रत्येक दिन यहां हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन वे भी यहां इस समस्या से प्रभावित होते हैं।

    इस चुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद के सुरेश कुमार पासवान एकबार फिर चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। जबकि भाजपा ने निवर्तमान विधायक नारायण दास पर ही दांव लगाया है। वर्ष 2014 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रही झामुमो की प्रत्याशी निर्मला भारती इस बार झाविमो की टिकट पर चुनावी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज जिला परिषद उपाध्यक्ष संतोष पासवान आजसू से चुनावी रण में हैं।

    यहां मुख्य मुकाबला राजद और भाजपा के बीच माना जा रहा है, मगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में अलगाव और महागठबंधन में सभी विपक्षी दलों को एकजुट नहीं रखने की वजह से चुनावी समीकरण नए सिरे से बनाने की जोर-आजमाइश हो रही है, जिससे चुनाव परिणाम में उलटफेर से भी इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक नारायण दास कहते हैं कि पिछले पांच वर्षो में देवघर की पहचान राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है।

    उन्होंने कहा कि एम्स, एयरपोर्ट, पुनासी जलाशय जैसी बड़ी योजनाओं के साथ सडक़, पुल-पुलिया का जाल बिछाया गया। संस्कृत विश्वविद्यालय की स्वीकृति दिलाई गई है। श्रावणी मेला प्राधिकरण का गठन कराया गया। उन्होंने दावा किया कि इसके अलावे भी कई प्रकार की योजनाएं यहां सरजमीं पर उतारी गई हैं। राजद प्रत्याशी सुरेश पासवान कहते हैं, पांच साल में विकास नहीं विनाश करने का काम हुआ। जो भी काम देवघर में नजर आ रहे हैं, सब पूर्व में कराए गए हैं।

  • जिस बहू को ससुरालवालों ने सांवला होने व बेटी जनने पर घर से निकाला, अब जज बन सुनाएगी फैसला

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    रिपोर्ट चंद्रप्रकाश शुक्ला

    पटना: लोग कहते हैं न कि लड़कियां, लड़कों से कमजोर नहीं हैं- सही कहते हैं। पटना की वंदना इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। जिस बहू को ससुरालवालों ने उसके सांवले रंग को लेकर ताने मारे और बेटी जनने पर घर से निकाल दिया, वही बहू राज्य ज्यूडिशियरी की परीक्षा पास कर जज बन गई है।

    ससुराल से निकाले जाने के बाद संघर्ष और मजबूत हौसले की बदौलत उड़ान भरने वाली पटना के छज्जूबाग की 34 वर्षीय वंदना मधुकर माता-पिता के साथ पूरे मोहल्ले की अब चहेती बन गई है। उसने नौकरी करते हुए बेटी को पाला और उच्चस्तर की पढ़ाई जारी रखी। वंदना का मायका मोकामा के राम शरण टोला में है। विवाह 2015 में पटना में हुआ। जब शादी हुई थी तो वह मोकामा में ही नियोजित शिक्षक थीं। शादी के बाद पटना आकाशवाणी में ट्रांसमिशन एक्जक्यूटिव पद संभाला। इसके बाद से घर में कलह बढ़ गई। ससुराल वाले और पति पूरी सेलरी घर में देने के लिए कहते थे।

    वंदना बताती हैं कि शादी के एक साल बाद मई, 2016 में बेटी का जन्म हुआ। इसके बाद ससुराल वाले उनके सांवले रंग के साथ लड़की के जन्म के लिए ताने देने लगे। उनका कहना था कि अगली बार गर्भवती होने पर चेकअप कराना होगा और फिर लड़की हुई तो गर्भपात। प्रताडऩा से तंग आकर वंदना 20 दिन की बेटी को लेकर मायके मोकामा चली गईं।
    विधि स्नातक वंदना का कहना है कि जब वह मानसिक परेशानी के दौर से गुजर रही थीं, तब उन्हें बाढ़ कोर्ट के अधिवक्ता मधुसूदन शर्मा ने जज की परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तैयारी की और 29 नवंबर को बिहार की न्यायिक परीक्षा पास कर ली।

    वंदना अपनी उपलब्धि का श्रेय पिता किशोरी प्रसाद और माता उमा प्रसाद के साथ मधुसूदन शर्मा को देती हैं। उनका कहना है कि जज की कुर्सी पर बैठने के साथ ईमानदारी से कार्य और पीडि़तों को त्वरित न्याय देना उनकी प्राथमिकता होगी।

  • पति, सास और ननद पर लालू यादव की बहू ऐश्वर्या ने प्रताड़ित करने का आरोप, मामला दर्ज कराया

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    पटना। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद का परिवार एकबार फिर पारिवारिक विवाद को लेकर सुर्खियों में है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या ने पटना के एक थाने में पूर्व मुख्यमंत्री और अपनी सास राबड़ी देवी, ननद मीसा भारती और पति पर प्रताड़ित करने तथा मारपीट करने के आरोप लगाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। ऐश्वर्या ने महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि रविवार रात राबड़ी देवी के आवास 10 सकरुलर रोड में उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें घसीटकर घर से बाहर निकाल दिया गया।

    इसकी पुष्टि करते हुए महिला थाने की प्रभारी आरती कुमारी ने सोमवार को बताया कि ऐश्वर्या की ओर से मिली शिकायत की जांच प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “दर्ज प्राथमिकी में राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेज प्रताप और दो सुरक्षाकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।”

    उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच अदालत में तलाक का मामला लंबित है।

    पटना में राबड़ी आवास से कथित तौर पर निकाले जाने के बाद रविवार शाम ऐश्वर्या ने पत्रकारों को बताया कि उनकी सास ने उनका बाल नोचा और जमकर पिटाई की। इसके बाद एक महिला पुलिसकर्मी की मदद से उसे घसीटकर घर से बाहर निकाल दिया गया।

    ऐश्वर्या ने कहा, “राबड़ी देवी के परिवार द्वारा साक्ष्य मिटाने के लिए मेरा मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। साथ ही सारा सामान रखकर घर से बाहर निकाल दिया।”

    ऐश्वर्या के पिता पूर्व मंत्री चंद्रिका राय भी इस मामले में आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा कि अब लालू परिवार को एक्सपोज किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में राजनीतिक लड़ाई लड़ने की बात करते हुए कहा कि जो लोग अपने घर में महिला की इज्जत नहीं कर सकते, वे अन्य लोगों की क्या इज्जत करेंगे।

  • मध्यप्रदेश में ‘एमपी ई-कॉप’ एप करेगा महिलाओं की सहायता

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    भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा और विपरीत हालत में महिलाओं की मदद करने के मकसद से पुलिस ने ‘एमपी ई-कॉप’ नाम का मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस एप के जरिए महिलाएं एक साथ डायल 100 सहित अन्य स्थानों को अपना संदेश भेज सकेंगी और इसके जरिए उन्हें समय पर मदद मिल सकेगी।

    राज्य सरकार और पुलिस महिला अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, उसी क्रम में मोबाइल एप तैयार किया गया है। इस एप के जरिए महिलाएं किसी भी विषम स्थिति में तुरंत मदद हासिल कर सकती हैं। इस एप के जरिए गुमशुदा व्यक्ति की तलाश, चोरी गए वाहनों की शिकायत के अलावा किरायेदारों का सत्यापन भी किया जा सकेगा।

    भोपाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक इरशाद वली के मुताबिक, इस एप में कई तरह की सुविधाएं हैं, संबंधित व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, महिला संबंधी जानकारी दे सकते हैं, इसके अलावा अन्य सूचना भी दे सकते हैं।

    इसके अलावा इसमें एक एसओएस सुविधा है, जिसमें आप बटन को दबाएंगे तो अलार्म बजेगा, अगर आपने चार नंबर दबाया तो आपका संदेश चार जगह जाएगा। यह संदेश डायल 100 को जाएगा, साथ ही आपके लोकेशन की जानकारी भी पहुंच जाएगी। इससे पता चल जाएगा कि आप मुसीबत में हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस एप को बनाने का मकसद लोगों और खासकर महिलाओं को जल्दी सुरक्षा मुहैया कराने के साथ उनकी मदद करना है। इस एप के जरिए आम जन गोपनीय सूचना भी पुलिस को दे सकेंगे।

    इस एप को लेकर महिलाएं खुश हैं। एक गृहिणी अर्चना त्रिपाठी का कहना है कि अगर इस एप पर पुलिस ठीक तरह से काम करती है तो यह महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि महिलाओं के लिए आपातस्थिति में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वे सबसे पहले किसे सूचित करें, अपने पति, भाई या पुलिस को?

    इस एप की खूबी यह है कि इस एप के जरिए आपके चार परिचितों और डायल 100 को संदेश मिल जाएगा। इससे चार में से किसी न किसी के सक्रिय होने की संभावना बढ़ जाती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि पुलिस ने जिस भाव से इस एप को लॉन्च किया है, उतना पुलिस महिलाओं का भरोसा जीतेगी।

    इस एप को मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है, और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद भी ली जा सकती है। इस तरह एक क्लिक पर ही राज्य पुलिस आपके साथ खड़ी नजर आएगी।

  • नारकीय जीवन से निकालने की ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : कांडी कर्पूरी चौक से मझिगांवा होते भवनाथपुर तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी बन रही पीडब्ल्यूडी की पक्की सड़क निर्माण में संवेदक की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं। निर्माणाधीन सड़क की ओर से मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। जब-जब बारिश होती है तो सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है। विगत दो दिनों से लागातार रुक-रुक हो रही बरिश से लोगों को सड़क पर चलना दूभर हो गया है। सड़क निर्माण की लागत लगभग 58 करोड़ है।पिछले दो वर्षों से उक्त सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है।लेकिन दो वर्षों के अंदर आधा किलोमीटर भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नही हो सका है। कांडी के अलावे मझिगांवा सहित रास्ते मे पड़ने वाले सभी गांवों में सड़क निर्माण की यही स्थिति है।सबसे नारकीय स्थिति कांडी के हरिजन मुहल्ला के लोगों का है।

    ठीकेदार ने इस मुहल्ला में सड़क बनाने के लिए जेसीबी से सड़क की मिट्टी को काटकर छोड़ दिया गया है।थोड़ा भी पानी बरसने के बाद पूरी मुहल्ले की सड़क की स्थिति नर्क में तबदील हो जाती है । लोगों का इस सड़क पर एक कदम भी चलना दूभर हो जाता है। उक्त मुहल्ले के लोगों ने बताया कि ठीकेदार से पूछे जाने पर की सड़क क्यो नही बन रही है तो जवाब मिलता है कि सड़क पर से अतिक्रमण हटा कर मुझे दे तब जाकर सड़क बनेगी। सभी ने बताया कि इस मुहल्ले के लोग सड़क से अतिक्रमण हटाने के लिए पुरी तरह तैयार हैं। लेकिन ठीकेदार व प्रशासन जमीन की मापी कर चिन्हित कर दे की कौन सा ब्यक्ति सड़क की भूमि को अतिक्रमण किया है। उसे प्रशासन बल पूर्वक अतिक्रमण को हटवा दे। सभी लोग सड़क पर किये गए अवैध अतिक्रमण लोग स्वतः हटा लेंगे। सभी ने बताया कि सड़क की जमीन की मापी के लिए अंचलाधिकारी कांडी को लिखित आवेदन देने के लिए मुहल्ले के लोगों का हस्ताक्षरित आवेदन तैयार किया गया है। आवेदन देकर इस नारकीय जीवन से निजात दिलाने की गुहार लगाया है।

    लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण कराने वाले ठीकेदार ने जान बूझकर सड़क निर्माण कार्य को पिछले तीन वर्षों से लटकाकर रखा गया है। ठीकेदार पर लोगों द्वारा इससे पूर्व भी कई बार गलत निर्माण कार्य करने ,निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने व लेटलतीफी का आरोप लगते रहा है।लेकिन आज तक कोई सुधार नही हुआ। गुहार लगाने वालों में वार्ड पार्षद सदाम हुसैन,नौशाद राइन,सदाम हवारी,इसराइन हवारी,अजय राम,इकबाल,शशि कुमार,सोहर साह,राजेश कुमार,वाशिष्ठ राम,शम्भू राम,प्रमोद राम,संजय राम,गुलबहार हवारी,अशोक राम,पप्पू कुमार,मेराज अली,संतोष कुमार,अरविंद राम,राजा आलम,अनवर खलीफा,सकील खलीफा,हीरा पासवान,राम कुमार,पिंटू खलीफा सहित सैकड़ों लोग शामिल हैं।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION: मतदान जारी चौथे चरण में 15 सीटों के लिए, वोट करने की PM मोदी ने की अपील

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    रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए सोमवार को यहां 15 सीटों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गए। इस चरण में 23 महिला उम्मीदवारों समेत कुल 221 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और लगभग 48 लाख मतदाता इनकी किस्मत का फैसला करेंगे। सबसे ज्यादा 25 उम्मीदवार बोकारो सीट से लड़ रहे हैं जबकि सबसे कम आठ उम्मीदवार निरसा सीट पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से वोटों करने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में आज चौथे दौर के लिए मतदान है। सभी मतदाताओं से मेरा निवेदन है कि वे अपना वोट अवश्य डालें और लोकतंत्र के इस पावन पर्व के भागीदार बनें।

    कुल 15 में से तीन- देवघर, जमुआ और चंदनकियारी सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं जबकि शेष 12 सीटें सामान्य हैं। देवघर, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिलों की 15 सीटों पर कुल 47,81,422 मतदाता हैं। जहां 10 सीटों पर मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा वहीं शेष सीटों- जमुआ, गिरिडीह, दुमरी और तुंडी पर मतदान अपराह्न तीन बजे खत्म हो जाएगा।

    इस चरण में कुल 6,101 मतदान बूथों में 4,296 बूथ ग्रामीण क्षेत्र में हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 405 बूथों को अति संवेदनशील, वहीं गैर-नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 546 बूथों को अतिसंवेदनशील और 2,665 बूथों को संवेदनशील चिह्नित किया है। प्रमुख उम्मीदवारों में श्रम मंत्री राज पालीवार, पर्यटन विकास मंत्री अमर कुमार बउरी, रागिनी सिंह, राज किशोर महतो और धुल्लो महतो हैं।

  • पुलिया निर्माण कार्य में हुआ बंदरबांट,पड़ा कार्य “अधूरा”

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखंड के पतरिया पंचायत स्थित डुमरसोता मोड़ से सड़की गांव तक जाने वाली सड़क में ललहकी माटी नामक जगह पर 2.50 लाख की लागत राशि से बना पुलिया आज भी अधूरा है।पंचायत के चौदहवें वित्त योजना से उक्त पुलिया का निर्माण दो महिना पूर्व कराया गया था।उक्त निर्माण कार्य में राशि का बंदरबांट किया गया ।जिस कारण योजना आज भी अधूरा है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि उक्त स्थल पर पुलिया का निर्माण न कर छलका का निर्माण कराया गया है। जो अनुपयुक्त साबित हुआ । अगर पुलिया का निर्माण होता तो नीचे से पानी निकल जाता । उक्त योजना की पूरी राशि का भी निकासी कर लिया गया है ।ग्रामीण शम्भू मेहता,मधु देवी,सुनैना देवी,उषा देवी,गोपाल मेहता,दिलकेश्वर मेहता ,नंदू मेहता,बेलास मेहता,प्रभा देवी,सुमित्रा देवी,सबिता देवी सहित कई अन्य ने आरोप लगाया कि इस योजना के लिए ग्राम सभा ने अमरजीत मेहता को अध्यक्ष चयन किया था ।

    लेकिन वे केवल कागज तक ही सीमित रह गए।जबकि पुलिया का निर्माण कार्य बिचौलिया के माध्यम से कराया गया ।जिसके वजह से राशि के बंदरबांट को बल मिला ।ललहकी माटी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो महीना बीत गया अभी तक पुलिया अधूरा है।पुलिया बना या नही कोई फायदा हम सबों को नही हुआ ।इस कच्ची सड़क से सड़की गांव होते दूसरे गांव व टोले तक आना जाना होता है ।
    पुलिया के दोनों तरफ का सम्पर्क सड़क नही बनने से पुलिया का निर्माण बेकार साबित हो रहा है।उस रास्ते से आने जाने वाले साइकिल व मोटरसाइकिल सवार बगल के खेत से होकर आना जाना करते देखे जा रहे हैं । जबकि चारपहिया वाहन का आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया । ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पतरिया पंचायत में सभी सरकारी काम का यही हाल है।कोई भी योजना कारगर साबित नही हुआ ।इस छलका पुलिया के दोनों ओर पहुंच पथ पर ठीकेदार द्वारा बालू भर दिया गया था ।लेकिन आज की स्थिति सभी के सामने है।

    इस विषय में पंचायत मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार चंचल ने बताया कि बरसात के भारी बारिश में पुलिया के दोनों छोर के पहुंच पथ की मिट्टी बह गया है।जल्द ही पहुंच पथ पर मिट्टी भर कर पुलिया पर आवागमन चालू कर दिया जाएगा ।

  • 2022 तक पक्के मकान का केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिया पाक विस्थापितों को भरोसा

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    जोधपुर । केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र ने कहा कि 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पाक विस्थापितों को भी पक्के मकान बना कर दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब पाक विस्थापितों को कोई समस्या नहीं होगी। लोकसभा एवं राज्यसभा में नागरिक संशोधन बिल को मंजूरी मिलने के बाद यहां पहुंचे शेखावत का लोगों ने भव्य स्वागत किया। जोधपुर निवासी पाक विस्थापितों में खुशी का माहौल था।

    पाक हिंदू विस्थापित संस्था की ओर से यहां पर गणेश बिजानी, चमन लाल कुमावत, सुनील भाटी रघुवीर सिंह सोढ़ा, अजमल लोहिया राम तोलानी मेवाराम सोलंकी सहित अनेक लोगों ने 21 किलो की विशाल माला पहनाकर शेखावत के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया।

    नागरिकता संशोधन बिल संसद में पास होने और उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद नागरिकता संशेधन अधिनियम बन गया है जिसके बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, ईसाई, सिख, फारसी, बौद्ध और जैन धर्म के लोग भारत की नागरिकता हासिल कर पाएंगे।

    शेखावत ने कहा, “पाकिस्तान के विस्थापित हमारे भाई अंधेरे से उजाले की ओर आ गए हैं। नागरिकता संशोधन बिल पास होने से अब हमारे ऐसे भाई बहनों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।”

    शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि अफसोस तो इस बात की है कि भाजपा सरकार पाकिस्तान विस्थापितों के लिए काम कर रही है, भारत को शक्तिशाली ताकतवर बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस विरोध कर रही है।

  • MP : BJP चलाएगी राज्य सरकार के खिलाफ नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में अभियान

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    भोपाल। देश की संसद ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को पारित कर दिया है। इस कानून को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की अलग-अलग राय है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसे लागू नहीं करने का इशारा किया है, जिसके बाद राज्य सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लामबंद हो गई है और उसने सडक़ पर उतरने और जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान कर दिया है।

    संसद द्वारा पारित कानून को राज्य में लागू न किए जाने के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ऐलान के विरोध में भाजपा राज्यपाल को 17 दिसंबर को ज्ञापन सौंपकर इस कानून को प्रदेश में तुरंत लागू किए जाने की मांग करेगी। भाजपा की ओर से जारी बयान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान एवं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के नेतृत्व में पार्टी के सभी विधायक, पदाधिकारी, भोपाल के जिला अध्यक्ष, प्रमुख कार्यकर्ता एवं नेतागण दोपहर रोशनपुरा चौराहे से पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचेंगे।

    भाजपा के अनुसार, राजभवन में नेतागण नागरिकता संशोधन कानून प्रदेश में लागू नहीं किए जाने के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इसे तत्काल लागू किए जाने की मांग करेंगे। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार द्वारा इतने महत्वपूर्ण विषय पर कानून बनाने से पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण था।

    उन्होंने कहा था कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर कानून बनाने के पहले मुख्यमंत्रियों को बुलाकर चर्चा तक नहीं की गई। उन्होंने राज्य में काूनन न लागू करने की ओर इशारा करते हुए कहा था कि कांग्रेस पार्टी का शुरू से ही मानना है कि देश की संस्कृति व समाज को बांटने वाले व संविधान की मूल भावना के विपरीत किसी भी निर्णय को कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं करेंगी। सीएए पर जो कांग्रेस पार्टी का स्टैंड होगा वही स्टैंड मध्यप्रदेश में भी हमारा होगा।

    एक तरफ जहां राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा राज्यपाल लालजी टंडन को ज्ञापन देने वाली है, वहीं दूसरी ओर पार्टी इस बाबत जनजागरण अभियान चलाएगी। कार्यक्रम के समन्वयक पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। इससे वर्षो से शरणार्थी रहे पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्घ और पारसियों को नागरिकता मिल सकेगी और वे अपना जीवनयापन सम्मानजनक तरीके से कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पड़ोसी देशों के इन अल्पसंख्यकों को सम्मान और सुरक्षा देने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून पर दुष्प्रचार कर जनता को भ्रमित कर रही है। शर्मा ने बताया कि जनता तक कानून की वास्तविकता पहुंचे और कांग्रेस के मंसूबे पूरे न हो इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने वृहत स्तर पर जनजागरण अभियान प्रारंभ किया है।

    इस अभियान के तहत सभी सांसद अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में शरणार्थियों से संपर्क कर उनका सम्मेलन कर संसद में पारित हुए विधेयक की जानकारी देंगे। एक तरफ राजनीतिक बयानबाजी जारी है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न संगठन इस कानून का समर्थन और विरोध कर रहे हैं। जमात इस्लामी हिंद के बैनर तले महिलाओं ने भोपाल में प्रदर्शन किया। इस संगठन से जुड़ी सवा खान का कहना है कि, इस कानून से महिलाओं का शोषण और बढ़ जाएगा।

    इससे पहले भी संगठनों ने विरोध में प्रदर्शन किया था। मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक अधिकार मंच के बैनर तले बुद्घिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भोपाल में बुधवारा चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने तो राज्य में कानून लागू होने पर विधायक पद से इस्तीफा देने तक का ऐलान कर दिया था।

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह ने इस कानून का अपने ही तरह से समर्थन करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय नागरिकता कानून संसद में पारित हो चुका है, सभी दलों ने अपने विचार व्यक्त कर दिए हैं। इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी, बयान, व्यर्थ हैं। इसे स्वीकार करो और आगे बढ़ों।

  • बीस सूत्री “अध्यक्ष” ने बर्बाद “फसलों” की “मुआवजा” देने के लिए “उपायुक्त” से किया “मांग”

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    संवाददाता-विवेक चौबे

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखंड में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश से यहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसानों के पालतू पशु भी ठंड से ठिठुर कर मर रहे हैं। वही रात- दिन मेहनत करके प्रखंड में वर्षा नहीं होने के बावजूद भी डीजल पम्प से खेत पटाकर कर,धान पटा कर किसानों ने उपजाए थे। जब धान को घर ले जाने की बारी आई तो ऐसी आपदा कहर किसानों पर आई की पानी से धान सड़ रहा है। उधर जिला को सुखाड़ घोषित किया गया,लेकिन अभी तक किसानों को एक पैसा नहीं मिला ।

    फसल बीमा के लाभ से किसान वंचित हैं। प्राकृतिक विपत्ति से किसानों का धान का फसल तो सड़ ही रहा है। खेत में हाल ही में बोय चना, गेहूं, सरसों का भी अंकुर सड़ गया, जिससे किसान पर चौतरफा मार पड़ते जा रहा है। अब किसानों को अपना पेट पालना भी मुश्किल हो गया है। उक्त सभी बातों की जानकारी प्रखण्ड बीस सूत्री अध्यक्ष रामलला दुबे ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

    उन्होंने कहा कि मैं प्रेस के माध्यम से उपायुक्त से मांग करता हूँ कि फसल नुकसान का मुआयना कराकर किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने की कृपा की जाए। इसके लिए तमाम मजदूर किसान आपका आभारी रहेंगे।