Category: state-news

  • फिल्म पानीपत का राजस्थान में प्रदर्शन रूका, सरकार को भेजा फिल्म निर्माता कंपनी ने जवाब

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    जयपुर । राजस्थान में जाटों के विरोध प्रदर्शन को देखते फिल्म पानीपत का प्रदर्शन रूक गया है। वहीं फिल्म निर्माता कंपनी ने राजस्थान सरकार को जवाब भेज दिया है। फिल्म निर्माता कंपनी आशुतोष गोवारीकर (Ashutosh Gowariker) ने ईमेल के जरिये राजस्थान के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप को जवाब भेजा है।

    एसीएस राजीव स्वरूप ने बताया कि राजस्थान जाट महासभा के प्रतिनिधियों से सोमवार शाम को मुलाकात हुई थी। जाट महासभा की आपत्ति और सोशल मीडिया में फिल्म को लेकर आ रही आपत्ति को ध्यान में रखते हुए फिल्म निर्माता कंपनी से राज्य सरकार के जवाब मांगा था। इस पर फिल्म निर्माता कंपनी का जवाब आ गया है। फिल्म पानीपत की निर्माता कंपनी ने अपने जवाब में कहा है कि महाराजा सूरजमल एक नेशनल हीरो थे। फिल्म में महाराजा सूरजमल को मराठा की मदद करने वाला बताया गया है।

    साथ ही युद्ध के बाद भी महाराजा सूरजमल के बारे में यह बताया गया है कि उन्होंने मराठाओं की मदद की। इसके अलावा फिल्म निर्माता कंपनी ने कहा है कि फिल्म के अभिनेता का कद छह फुट भी महाराजा सूरजमल के अनुसार तय किया गया है। एसीएस राजीव स्वरूप ने बताया कि प्रदेश के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने राज्य सरकार की मंशा और जाट महासभा के विरोध को देखते हुए खुद ही फिल्म हटा ली है। फिल्म को लेकर किसी प्रकार का बैन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मद्देनजर राज्य सरकार नहीं लगा सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान जाट महासभा के प्रतिनिधि भी मंगलवार को यह फिल्म देखेंगे।

  • बिहार के गांवों में दिल्ली अग्निकांड के बाद मातम! परिजनों ने बताई दुखभरी कहानी

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    पटना। बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंधिया प्रखंड के हरपुर, ब्रह्मपुरा और बेलाही गांवों में मंगलवार को भी कई घरों में चूल्हे नहीं जले। उन्हें अब अपने परिजनों के पार्थिव शरीर का इंतजार है, जिन्हें कम से कम अंतिम समय निहार सकें। इन गांवों में महिलाओं का रह-रहकर चीत्कार अब भी सुनाई दे रहा है। हरपुर गांव के निवासी मोहम्मद उल्फत को तो अब कोई ढांढ़स भी नहीं बंधा पा रहा है। उनकी आंखों के आंसू भी तीन दिनों में सूख गए हैं।

    आखिर उसने दो जवान बेटे खो दिए हैं। उल्फत ने अपने चौथे बेटे वाजिद (18) को पिछले महीने ही टेलरिंग के काम के लिए उसके भाई साजिद (26) के साथ दिल्ली भेजा था। हरपुर गांव के ही एक व्यक्ति का दिल्ली में एक कारखाना है। इस कारखाने में यहां के करीब 40 लोग काम करते थे। इस कारखाना मालिक के पास ही वाजिद अधिक पैसा कमाने की लालसा में गया था।

    उल्फत के एक अन्य बेटे जावेद कहते हैं कि साजिद और वाजिद वहीं (दिल्ली) काम करते थे, अब दोनों नहीं रहे। जावेद और उनका एक भाई हैदराबाद में वेल्डिंग का काम करता है। वे कहते हैं कि घर वालों को तो साजिद और वाजिद से पैसा भेजे जाने की खबर का इंतजार था, परंतु यह इंतजार अब इंतजार ही रह गया।

    दिसंबर महीने में गांव के लोगों को यह आशा थी कि उनकी औलाद अब पैसे भेजने की सूचना देगी, परंतु रविवार की सुबह कमाऊ पुत्र खोने की सूचना मिलने के बाद इनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। दिल्ली में एक कारखाने में लगी आग से बिहार के 36 लोगों की मौत हो गई है।

    मृतकों में सबसे अधिक समस्तीपुर के 12 लोग हैं। परिजनों की इच्छा के अनुसार अंत्येष्टि के लिए मृतकों को बिहार लाया जा रहा है। श्रम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दो शवों की पहचान नहीं हो सकी है। आशंका है कि ये दोनों भी बिहार के ही हैं। अगर ये दोनों मृतक भी बिहार के निकले तो राज्य के मृतकों की संख्या बढक़र 38 हो सकती है।

    मृतकों में समस्तीपुर के 12, सहरसा के नौ, सीतामढ़ी के छह, मुजफ्फरपुर के तीन, दरभंगा के दो और बेगूसराय, मधेपुरा, अररिया तथा मधुबनी के एक-एक लोग शामिल हैं। सहरसा के कहरा प्रखंड के नरियार गांव में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। अश्रुपूर्ण नेत्रों से गांव के लोग अपने लाल के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं। गांव के कई घरों के लोग दिल्ली चले गए हैं। नरियार गांव के रहने वाले दोनों भाइयों मुबारक और गयासुद्दीन को अल्लाह ने छीन लिया है।

    इन दोनों भाइयों की दो छोटी बहनें बिलख रही हैं। 10वीं में पढऩे वाली शकीला भविष्य के सूनेपन को निहारती हुई कहती है, घर की हालत ठीक नहीं। दोनों भाइयों को हम दोनों बहनों को पढ़ाने का शौक था। दोनों भाई कहते थे कि तुम लोग केवल पढ़ाई करो। इसी साल तो हमें मैट्रिक की परीक्षा देनी है। अब क्या होगा? इसी गांव के रहने वाले मुबारक भी उसी कारखाने में काम करते थे, जिसने बिहार के कई लोगों को छीन लिया है।

    मुबारक की शादी पिछले साल हुई थी, और जब खर्च बढ़ा तो वह भी दिल्ली कमाने चला गया था। अब जब उसकी मौत की खबर आई है, तब से पत्नी गुलशन बेसुध है। मुबारक की एक साल की बेटी को तो इसका पता भी नहीं है कि आखिर उसके घर इतने लोग क्यों आ रहे हैं।

    श्रम संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि विभाग के स्थानीय अधिकारियों को संबंधित जिले में रहने को निर्देश दिया गया है। शव आने पर उसका अंतिम संस्कार करने के लिए श्रम अधीक्षक व्यवस्था करेंगे। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख का अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है।

  • सिर्फ सूचनाएं देने के लिए नरेंद्र मोदी और PMO नाम के ट्विटर अकाउंट! हुआ RTI में खुलासा

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    भोपाल। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर नरेंद्र मोदी या पीएमओ नाम के अकाउंट को टैग कर न तो कोई शिकायत की जा सकती है और न ही सुझाव अथवा समस्या आदि बताई जा सकती है। ये अकाउंट सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्राओं सहित अन्य जानकारियों को साझा करने के लिए हैं। यह खुलासा सूचना के अधिकार के जरिए हुआ है।

    मध्य प्रदेश के नीमच जिले के स्वतंत्र पत्रकार जिनेंद्र सुराना ने प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाकर पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (एटदरेटनरेंद्रमोदी) और प्रधानमंत्री कार्यालय (एटदरेटपीएमओइंडिया) को टैग कर कितनी शिकायतें, सुझाव और जनसमस्याएं पिछले पांच सालों में प्राप्त हुईं? इनके निराकरण की क्या प्रक्रिया है? इनके निस्तारण के लिए कितना स्टाफ है?

    इनमें से कितनों का निराकरण हुआ और कितनी शिकायतों, सुझाव और जनसमस्याओं को केंद्र के अन्य विभागों या राज्य सरकारों को भेजा गया और इन पर निगरानी रखने की क्या प्रक्रिया है? सुराना के 11 अगस्त के इस आरटीआई आवेदन पर नियत एक माह की अवधि यानी 11 सितंबर के बाद 7 अक्टूबर तक जानकारी नही मिली तो सुराना ने पीएमओ में ही प्रथम अपील की। इस अपील का निराकरण 7 नवम्बर को हुआ, जिसमें पीएमओ के लोक सूचना अधिकारी को 25 कार्य दिवस में सूचना उपलब्ध करवाने के लिए आदेशित किया गया।

    इस पर सुराना को 27 नवम्बर को सूचना दी गई कि ट्विटर हैंडल एटदरेटनरेंद्रमोदी (5 करोड़ 15 लाख फॉलोवर) का संचालन पीएमओ अथवा सरकार के द्वारा नहीं किया जाता है। जबकि ट्विटर हैंडल एटदरेटपीएमओइंडिया (3 करोड़ 11 लाख फॉलोवर) प्रधानमंत्री कार्यालय का अकाउंट है, जिसका उपयोग प्रधानमंत्री की यात्राओं, भाषणों और विभिन्न मंत्रालयों, विभागों की नवीन जानकारियों से संबंधित समाचारों के प्रसारण के लिए किया जाता है।

    प्रधानमंत्री कार्यालय के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रवीण कुमार की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि आमजन द्वारा शिकायत, सुझाव और विचार देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पीएमइंडिया डॉट जीओवी डाट इन है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करें सेक्शन के तहत अपने विचार, सुझाव साझा करें लिंक पर क्लिक करके नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं।

    सुराना ने अपने आवेदन में जिन पांच प्रश्नों को उठाया था, उसका सिलसिलेवार उत्तर तो नहीं दिया गया, मगर पीएमओ ने बताया कि पीएमओ की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत, सुझाव और राय देने की औपचारिक व्यवस्था मौजूद है। यानी देश के नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या पीएमओ को ट्विटर पर टैग कर अपनी शिकायत, सुझाव या समस्या नहीं बता सकते।

    ज्ञात हो कि देश के विदेश मंत्री और रेल मंत्री का ट्विटर लोगों के ट्वीट का न केवल जवाब देता है, बल्कि उनकी जरूरत को पूरा करने में भी मदद करता है। सुराना का कहना है कि रेल मंत्री और विदेश मंत्री के ट्विटर हैंडल को लेकर सामने आने वाली जानकारी के मद्देनजर ही यह जिज्ञासा हुई कि पांच सालों में प्रधानमंत्री के ट्विटर पर कितनी शिकायतें आईं और कितनों का निराकरण हुआ। इसी के चलते पीएमओ में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन दिया था।

  • MOB LYNCHING CASE: तबरेज अंसारी के 6 आरोपियों को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

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    रांची। झारखंड के सरायकेला में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे गए तबरेज अंसारी की हत्या मामले में 6 आरोपियों को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुनवाई के दौरान इनके वकील एके साहनी ने कोर्ट में बताया कि तबरेज अंसारी मामले में इनका नाम प्राथमिकी में नहीं है और न ही नामजद आरोपित पप्पू मंडल ने पुलिस को दिए अपने बयान में इनका नाम लिया है।

    ये सभी आरोपित (25 जून) पांच माह से जेल में बंद है। बताया गया कि 18 जून 2019 को चोरी के आरोप में तबरेज अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और सीजेएम कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। 22 जून को उसकी तबीयत खराब हुई और इलाज के दौरान सरायकेला के सदर अस्पताल में तबरेज की मौत हो गई। ऐसे में यह कस्टडी में हुई मौत का मामला है। इसलिए आरोपितों को जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए। इस दौरान प्रतिवादी की ओर से जमानत का विरोध किया गया। कहा गया कि मारपीट की घटना में सभी लोग शामिल थे।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION : तीसरे चरण में दांव पर लगी BJP, झाविमो, आजसू की प्रतिष्ठा

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    रांची। झारखंड विधानसभा के लिए तीसरे चरण का चुनाव न सिर्फ राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा बल्कि झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के नेता सुदेश महतो के राजनीतिक भविष्य भी तय करेगा। इस चरण में 17 विधानसभा सीटों पर 12 दिसंबर को मतदान होगा।

    इस चरण के चुनाव में सुदेश महतो और बाबूलाल मरांडी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। इस चरण के चुनाव में सिल्ली और राजधनवार के मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सिल्ली से जहां आजसू की ओर से सुदेश महतो चुनावी मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं। वहीं, राजधनवार से बाबूलाल मरांडी ताल ठोक रहे हैं।

    पिछले चुनाव में इन 17 सीटों में सात पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), तीन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), तीन पर झाविमो, दो पर कांग्रेस और एक-एक सीट पर आजसू और भाकपा (माले) के उम्मीदवार जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। इस चरण में भाजपा के लिए अपनी सीट बचाने की भी चुनौती होगी, क्योंकि इस चरण में उन चार सीटों पर भी मतदान हो रहा है जहां दलबदल कर चुनावी जंग में उतरे उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

    इस चरण में दो मंत्रियों के भाग्य का भी फैसला होना है। कोडरमा से मंत्री नीरा यादव और रांची से मंत्री सी़ पी़ सिंह को पार्टी ने एक बार फिर मैदान में उतारा है।

    पिछले चुनाव में बरकट्ठा से झाविमो के टिकट पर जीत कर आए जानकी यादव अब ‘कमल’ के साथ मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हैं जबकि बरही में कांग्रेस से विधायक रहे मनोज यादव अब भाजपा के टिकट पर चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।

    मांडू से स्वर्गीय टेकलाल महतो के पुत्र ज़े पी़ पटेल ने लोकसभा चुनाव के समय ही झामुमो से किनारा कर लिया था। इस चुनाव में वे भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। रांची जिले के हटिया से पिछली बार झाविमो के टिकट से जीतकर विधानसभा पहुंचे नवीन जायसवाल इस चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं।

    इस चरण का चुनाव आजसू के लिए सबसे अहम माना जा रहा है क्योंकि वह अकेले अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरी है। आजसू के नेता भी मानते हैं कि राज्य में आजसू को अपनी ताकत बढ़ाने के लिहाज से इस चरण का चुनाव उसके लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। इस चरण में आजसू ने मांडू, गोमिया, सिमरिया, बड़कागांव, ईचागढ़, रामगढ़, सिल्ली सहित कई सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।

    रामगढ़ आजसू की परंपरागत सीट मानी जाती है। रामगढ़ से पिछले चुनाव में आजसू के टिकट पर चंद्रप्रकाश चौधरी विजयी हुए थे। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में उनके सांसद चुने जाने के बाद इस विधानसभा चुनाव में आजसू ने उनकी पत्नी सुनीता चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है।

    इस चरण में राजधनवार सीट पर भी मतदान होना है। सीट से झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी मैदान में हैं।

    उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम समाप्त हो गया। यहां के आठ जिलों की 17 विधानसभा सीटों पर 12 दिसंबर को होंगे। इन सीटों के लिए कुल 309 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिसमें से 32 महिलाएं हैं।

  • ED ने छत्तीसगढ़ और MP की 12 जगहों पर आईएलएंडएफएस मामले में डाले छापे

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    नई दिल्ली। आईएलएंडएफएस (इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज) मामले में शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 12 से अधिक जगहों पर छापे मारे। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय वित्तीय जांच एजेंसी डिफॉल्टर कंपनी से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 12 स्थानों पर तलाशी ले रही है।

    अधिकारी ने कहा कि डिफॉल्टर कंपनी को इसके बैंक खाते में 111.29 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।

    अधिकारी ने हालांकि उन लोगों के नाम साझा करने से इनकार कर दिया, जिनके परिसरों पर छापे मारे गए हैं।

    ईडी ने इस साल फरवरी में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एक मामले के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत धन शोधन का मामला दर्ज किया था।नई दिल्ली स्थित एनसो इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक आशीष बेगवानी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने आपराधिक साजिश और जालसाजी के लिए भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

  • कब खत्म होंगे अत्याचार? सडक़ पर छात्र पटना में सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ, 2 आरोपियों का समर्पण

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    पटना। बिहार की राजधानी पटना में एक कॉलेज की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आई है। इस घटना के विरोध में तथा आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय के छात्र और छात्राएं सडक़ पर उतरे और उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बाद में बल प्रयोग कर इन्हें सडक़ों से हटाया। इस बीच, दो आरोपियों के अदालत में आत्मसमर्पण की सूचना है।

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना नौ दिसंबर की है, जहां पीडि़ता को उसके फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे धोखे से पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के नेहरू पथ स्थित एक युवक के मकान में बुलाया गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह पटना के एक कॉलेज में बीए की पढ़ाई करती है। उसी कॉलेज में पढऩे वाले सीनियर छात्र विपुल कुमार से उसकी दोस्ती हुई।

    इसी क्रम में विपुल ने झूठे प्यार का नाटक रचा और अपने साथ मोबाइल में कई तस्वीरें कैद कर लीं। उसके बाद उसने अपने दोस्त अमन भूमि, मनीष सिंह, अश्विनी सिंह राजपूत को सारी बातें बताई। पीडि़ता के मुताबिक, विपुल प्यार का नाटक करने लगा और धोखे से पाटलिपुत्र स्थित एक घर में बुलाया। पहले से कमरे में बाकी दोस्त मौजूद थे और बारी-बारी से सभी ने दुष्कर्म किया। विरोध करने के दौरान उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी।

    इसी दौरान आरोपियों ने पीडि़ता के भाई की हत्या करने की धमकी दी। पीडि़ता ने तुरंत इसकी जानकारी अपने अभिभावकों को नहीं दी, परंतु बाद में उसके पिता को अन्य किसी से इसकी जानकारी मिली और फिर यह मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीडि़ता की चिकित्सा जांच कराई गई है।

    इस घटना के बाद शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं सडक़ पर उतरे और कारगिल चौक पहुंचकर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया और सडक़ें अवरुद्घ कर दी। ये सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और फांसी देने की मांग कर रहे थे। छात्रों के हंगामे के कारण पटना में जगह-जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।

    इसके बाद छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस ने पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष कुमार सहित कई छात्रों को हिरासत में लिया है। पटना के सहायक पुलिस अधीक्षक (विधि व्यवस्था) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस मामले के दो आरोपी मनीष और विपुल ने पटना की एक अदालत में समर्पण कर दिया है।

    शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समर्पण करने वाले आरोपियों को भी पुलिस रिमांड पर लेने की कोशिश की जाएगी। पीडि़ता के बयान पर पाटलिपुत्र थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसे महिला थाना भेज दिया गया है। दर्ज प्राथमिकी में चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

  • बिहार में जलाई जा रही बेटियां, अस्पताल में पड़ी एक पीड़िता मांग रही न्याय की भीख

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    पटना। बिहार में इन दिनों कारण जो भी हो, परंतु बेटियां जलाई जा रही हैं। आज भी एक पीड़िता अस्पताल में पड़ी न्याय की भीख मांग रही है और जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। ऐसी कई बेटियां पहले भी ‘परिवार की प्रतिष्ठा’ को लेकर जलाई गई हैं।

    लड़की, युवती को जिंदा जला देने की घटनाएं बिहार में पिछले कई दिनों से लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है, परंतु कई मामले अभी भी अनसुलझे हैं।

    बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियांगज में मंगलवार को एक लड़की को सिर्फ इसलिए जला दिया गया कि उसने गर्भवती होने के बाद अपने प्रेमी से शादी करने की इच्छा व्यक्त की।

    पश्चिम चंपारण पुलिस के एक अधिकारी बताते हैं कि युवक और नाबालिग के बीच प्रेम प्रसंग था और पीड़िता गर्भवती हो गई थी। इसके बाद वह आरोपी युवक पर लगातार शादी करने का जोर दे रही थी। इसी मांग से नाराज आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    बक्सर के इटाढ़ी थाना क्षेत्र में रोहतास के दिनारा बाजार लाकर एक विवाहित युवती को प्रतिष्ठा के नाम पर जला दिया गया। राहत की बात है कि करीब एक सप्ताह के बाद पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता, भाई और मां को गिरफ्तार कर लिया है।

    उधर, समस्तीपुर जिले के वारिसनगर के खेत से युवती का अधजला शव एक सप्ताह पहले बरामद किया गया था, परंतु अब तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। उसे भी अपराधियों ने मुंह में कपड़ा डालकर पेट्रोल डाल जिंदा जला दिया था। हत्या से पूर्व उससे दुष्कर्म की आशंका भी व्यक्त की जा रही थी।

    इधर, राज्य के पुलिस अधिकारी इन मामलों में ज्यादा कुछ नहीं कहते। एक वरिष्ठ अधिकारी इतना जरूर कहते हैं कि पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। कई मामलों का खुलासा हो चुका है।

    पटना विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रही भारती एस. कुमार कहती हैं कि पुलिस का अपराधियों को पकड़ना काम है और उन्हें करना चाहिए, परंतु इन घटनाओं के लिए समाजिक तौर पर भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। अपराध की संस्कृति के खिलाफ सभी लोगों को जागना होगा तभी समाज से अपराध पूरी तरह से खत्म होगा।

    उन्होंने कहा कि घर और समाज ही पहला स्कूल होता है और घरों में लड़कों को नारी सम्मान के प्रति बताया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए अशिक्षा को भी कारण बताया।इसी तरह मुजफ्फरपुर में एक लड़की से पड़ोस के एक युवक ने घर में घुसकर दुष्कर्म करने की कोशिश की और विरोध करने पर लड़की पर किरोसिन तेल छिड़ककर जिंदा जला दिया। अहियापुर थानाक्षेत्र में घटी इस घटना में पीड़िता की मां का आरोप है कि लड़का तीन साल से लड़की को परेशान कर रहा था, जिसकी शिकायत पुलिस से भी की थी।

    इस मामले में पीड़ित लड़की आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है और सिर्फ न्याय की गुहार लगा रही है। मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजा राज को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।

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  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION LIVE: 17 सीटों के लिए तीसरे चरण की वोटिंग जारी

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    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग 17 विधानसभा सीटों पर जारी है। इस चरण में 309 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। इनमें 32 महिलाएं हैं। इस चरण में राज्य के आठ जिलों में मतदान हो रहा है। वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है, रांची, हटिया, कांके, रामगढ़ और बरकट्टा में मतदान शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, अन्य 12 सीटों पर वोटिंग शाम 3 बजे तक कर सकेंगे। भाजपा से अलग होकर मैदान में उतरी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के लिए तीसरा चरण काफी अहम माना जा रहा है। आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो से लेकर पार्टी के अन्य कद्दावर नेताओं का सियासी सफर इसी चरण में तय होना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अधिक से वोट करने की अपील की है। पीएम ने विशेष रूप युवाओं से मतदान के लिए अनुरोध किया।,
    LIVE अपडेट…
    -पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा ने हजारीबाग के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। -झारखंड वोटिंग में सुबह नौ बजे तक 13 प्रतिशत मतदान हो चुका है।

    इन सीटों पर हो रहा है मतदान…

    कोडरमा, बरकट्ठा, बरही, बड़कागांव, रामगढ़, मांडू, हजारीबाग, सिमरिया, राजधनवार, गोमिया, बेरमो, ईचागढ़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया और कांके शामिल हैं।

    आपको बताते जाए कि झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 13 सीटों पर 64.12% मतदान हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में 20 सीटों पर 64.39% मतदान हुआ था। झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 07 दिसंबर को हो चुकी है। तीसरे चरण की वोटिंग आज चल रही है।

    चौथे चरण की 16 दिसंबर और पांचवें चरण की वोटिंग 20 दिसंबर को होगी। इनका परिणाम 23 दिसंबर को आएगा।

  • शायर बने पूर्व CM लालू! राजद को वीडियो अपलोड कर बताया अल्पसंख्यकों का संरक्षक

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    पटना। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अब बिहार में भी सियासत गरम हो गई है। इस विधेयक को समर्थन देने को लेकर जहां सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में भी विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को एक ट्वीट कर शायराना अंदाज में कहा है कि आप लोग मायूस मत होना, अभी बीमार जिंदा है। इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक पुराना वीडियो भी अपलोड किया है।

    लालू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर शायराना अंदाज में लिखा गया, अभी आंखों की शमाएं जल रही हैं, उसूल जिंदा है, आप लोग मायूस मत होना, अभी बीमार जिंदा है। हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुकाबिल हूं, खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है। लालू ने इस ट्वीट के साथ एक पुराना वीडियो भी अपलोड किया गया है, जिसमें वे लोगों को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं।

    इस वीडियो में लालू ने राजद को अल्पसंख्यकों का संरक्षक बताने की कोशिश की है और कहा है कि अकलियतों की रक्षा के लिए राजद के कार्यकर्ता अपनी जान भी दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जद (यू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर नागरिकता संशोधन विधेयक पर सदन में पार्टी द्वारा समर्थन दिए जाने को लेकर बगावती तेवर अपनाए हुए हैं और ट्वीट कर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।