Category: state-news

  • UP : झारखंड के नक्सली संगठन TSPC ने राजभवन को बम से उड़ाने की दी धमकी, लिखा पत्र

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजभवन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। लखनऊ स्थित राजभवन को यह धमकी भरा पत्र झारखंड के नक्सली संगठन टीएसपीसी की ओर से मिला है। पत्र में 10 दिनों के अंदर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के राजभवन छोडक़र न जाने पर राजभवन को डायनामाइट से उड़ा देने की धमकी दी गई है।

    राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्र को गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है। गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश सिंह, डीजी (इंटेलिजेंस) भावेश कुमार सिंह और एडीजी (सुरक्षा) दीपेश जुनेजा को पत्र लिख कर जल्द से जल्द इसकी जांच करने और बुधवार शाम तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तत्काल आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाने को भी कहा गया है।

    अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि पूरे प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रकरण सामने आने के बाद आईजी (सुरक्षा) ने राजभवन का भ्रमण कर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा भी लिया। मामले को लेकर देर रात हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एसएसपी ने इसके लिए एसपी पूर्वी की अध्यक्षता में टीम गठित की है।

    यह पत्र झारखंड के उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) की ओर से भेजा गया है। डाक द्वारा भेजा गया पत्र मंगलवार को ही राजभवन पहुंचा था। राजभवन की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त मुस्तैदी बरतने व हर संदिग्ध पर कड़ी नजर रखने की हिदायत दी गई है। एडीजी (कानून-व्यवस्था) पी.वी. रामाशास्त्री ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है और लखनऊ पुलिस को भी सतर्क किया गया है।

  • CM रघुबर दास सहित कई दिग्गजों की दूसरे चरण में दांव पर साख

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    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद दूसरे चरण को लेकर सभी दलों के नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दूसरे चरण के चुनाव मैदान में दिग्गज नेताओं के ताल ठोकने के कारण इस चरण का चुनाव दिलचस्प बन गया है। दूसरे चरण का मतदान सात दिसंबर को 20 विधानसभा सीटों पर होना है और मुख्यमंत्री रघुबर दास सहित कई दिग्गज नेताओं के इस चुनाव में राजनीतिक भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे।

    इस चरण के चुनाव को लेकर पक्ष-विपक्ष के स्टार प्रचारकों का धुआंधार दौरा हो रहा है। इस चरण के मतदान के लिए जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह चुनाव प्रचार कर चुके हैं वहीं कांग्रेस के लिए पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी झारखंड के चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। इस चरण में सबसे दिलचस्प मुकाबला जमशेदपुर (पूर्वी) सीट पर देखने को मिल रहा है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।

    इस विधानसभा क्षेत्र से जहां मुख्यमंत्री रघुबर दास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से ताल ठोंक रहे हैं वहीं उनके खिलाफ उनके ही कैबिनेट के मंत्री रहे सरयू राय निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर आए हैं। इनके अलावा कांग्रेस से गौरव वल्लभ व झाविमो से अभय सिंह भी टक्कर पुरनोर कोशिश कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगे हैं।

    दूसरे चरण के चुनाव में डेढ़ दर्जन से अधिक दिग्गज चुनाव मैदान में हैं। इस चरण के चुनाव में चुनाव कुणाल षाड़ंगी, विकास मुंडा और शशिभूषण ऐसे निर्वतमान विधायक चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जिन्होंने पिछले चुनाव से अलग पार्टी का दामन थामा हुआ है। इस चरण में सरयू राय और पौलुस सुरीन ऐसे निवर्तमान विधायक हैं, जो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।

    कुणाल षाड़ंगी झामुमो छोड़ कर भाजपा के टिकट पर बहरागोड़ा से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि विकास मुंडा आजसू छोड़ कर झामुमो से तमाड़ से चुनावी मैदान में है तथा झामुमो से टिकट कटने के बाद शशिभूषण चक्रधरपुर सीट से झाविमो के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में है। इस चरण में भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ और मंत्री रहे नीलकंठ सिंह मुंडा, सरयू राय, रामचंद्र सहिस की भी राजनीतिक साख दांव पर है।

    इस चरण के मतदान में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और घाटशिला से आजसू के प्रत्याशी प्रदीप बालमुचु भी चुनावी भंवर से निकलेंगे या मतदाता इन्हें भंवर में ही छोड़ेगी तय करेगी। इसके अलावा भी इस चरण में मतदाता कई निवर्तमान विधायक और पूर्व मंत्रियों के भाग्य का भी फैसला करेंगे।

    झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव पांच चरणों में हो रहे हैं। 30 नवंबर को प्रथम चरण का मतदान हो चुका है। सात दिसंबर को दूसरे चरण का मतदान होना है। उसके बाद 12, 16 और 20 दिसंबर को मतदान होगा। मतगणना 23 दिसंबर को होगी।

  • चौधरी सरवन कुमार की प्रतिमा होगी सिहोटू में स्थापित: परमार

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    धर्मशाला। चौधरी सरवन कुमार मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अटियाला दाई के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विपिन सिंह परमार मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की और विद्यालय के होनहार छात्रों को सम्मानित किया।
    परमार ने कहा कि चौधरी सरवन कुमार ने एक समाज सेवक और कुशल राजनितिज्ञ के रूप में पहचान बनाई तथा जनसेवा के माध्यम से प्रदेश की विधानसभा अध्यक्ष रहे। उन्होंने कहा कि यह इस क्षेत्र और सुलह के लिए यह गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि लागों की मांग तथा भावनाओं को ध्यान में रखकर इस क्षेत्र में चौधरी सरवन कुमार की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इसका अनावरण करवाया जाएगा।
    उन्होंने कहा कि गौरव की बात है कि छोटे से राज्य हिमाचल प्रदेश को साक्षरता के क्षेत्र में देशभर में शीर्ष पर आंका गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बच्चों को वार्षिक उत्सव की बधाई देते हुए कहा कि कठोर परिश्रम और महान विभूतियों के जीवन का अनुशरण कर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने की होड़ में हमें अपनी संस्कृति और नैतिकता को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में नैतिकता लाने और उन्हें संस्कारित करने में अध्यापकों और अभिभावकों की बराबर जिम्मेवारी है।
    उन्होंने कहा कि नशा हमारे समाज को खोखला कर रहा है और यह सबके समाने विकट समस्या है। प्रदेश सरकार नशे को जड़ से उखाड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशा निवारण और स्वच्छता के कार्यक्रमों को मिशन के रूप में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजिक कुरीतियों को जनसहभागिता से ही दूर कर सकती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुरल, सिहोटू और मरूहूं के हर घर में नल लगाने और पुरानी पेयजल पाईपों को बदलने के लिए 2 करोड़ 44 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे।
    उन्होंने विद्यालय में 27 लाख रुपए की लागत से बने लाइब्रेरी और कम्पयूटर भवन को लोकार्पण किया। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने 5 लाख से प्रथम तल पर बने ग्राम पंचायत सिहोटू के भवन का लोकार्पण भी किया। इसके पश्चात स्वास्थ्य मंत्री ने ग्राम पंचायत गगल के गुग्गा मंदिर धलेरा में 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सरायं भवन का भूमिपूजन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अटिलादाई और धलेरा में जनसमस्याएं सुनीं और अधिकतर का मौके पर निपटारा कर दिया। उन्होंने स्कूल के बच्चों को स्कूल बैग भी वितरित किए।
    स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत 56 लाभार्भियों को 8 लाख 42 हजार रुपए की सहायत राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 51 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने एक नया परीक्षा हाल और पुराने भवन की रिपेयर के लिए भी राशि देने की घोषणा की। उन्होंने सिहोटू इत्यादि क्षेत्र को एसडीएम कार्यालय धीरा से जोड़ने का आश्वासन दिया। कुरल-सिहोटू कूहल को चलाने के आदेश विभाग को दिए। बिजली के सुधार के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाने की बात कहीं।
    इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्रा कटोच ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिपोट प्रस्तुत की।
    कार्यक्रम में भाजपा मण्डाध्यक्ष देश राज शर्मा, सिहोटू पंचायत के प्रधान संदीप अंगारिया, गगला के प्रधान राकेश कुमार, बीडीसी अध्यक्ष सुनील मैहता, जिला पार्षद कंचन चौधरी, हरीदत्त शर्मा, राजमल चौधरी, रमेश परिहार, सुखदेव मंसद, विधि चंद, राजमल चौधरी, दीपक नाग, सुरजीत सिंह, कणू राम, राजेंद्र ठाकुर, विकास धीमान, अश्वनी पुरोहित, प्यार चंद चौधरी, तिलक धीमान, कश्मीर सिंह, संजीव धरवाल, एसडीएम धीरा विकास जंवाल, अधिशासी अभियंता मुनीष सहगल, विद्यालय के अध्यापक, अभिभावक, बच्चे और इलाके के प्रबुध लोग उपस्थित रहे।

  • MP : कयासबाजी तेज कमलनाथ-सोनिया मुलाकात से, सिंधिया का दावा मजबूत!

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    भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की एक वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए हुई संयुक्त यात्रा और फिर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ की मुलाकात ने कांग्रेस हलके में हलचल मचा दी है।

    नया अध्यक्ष चुने जाने को लेकर कयासबाजी भी तेज हो गई है। राज्य में कांग्रेस को सत्ता में आए लगभग एक साल होने को है। मुख्यमंत्री बनने के बाद ही कमलनाथ ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। तब उन्हें लोकसभा चुनाव तक इस पद पर बने रहने को कहा गया था, लोकसभा चुनाव के बाद कमलनाथ ने दोबारा पद छोडऩे की इच्छा जताई। उसके बाद से ही नए अध्यक्ष की चर्चा चल रही है।

    कांग्रेस को जहां नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम का ऐलान करना है, वहीं सरकार बनने के बाद से खाली पड़े निगम, मंडल अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति होनी है। इसको लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन जारी है। प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, राज्य सरकार के मंत्री उमंग सिंघार, ओमकार सिंह मरकाम, सज्जन वर्मा, कमलेश्वर पटेल सहित कई अन्य नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है।

    कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो पार्टी सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपने का लगभग मन बना चुकी है, मगर अंदर से उभरने वाले विरोध के चलते कोई फैसला नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और सिंधिया के बीच दूरियों का प्रचार भी खूब हो रहा है। इसकी वजह भी है। कमलनाथ और सिंधिया ने एक साथ कम ही राजनीतिक मंचों को साझा किया है। मुरैना में दोनों नेताओं को कांग्रेस विधायक के यहां वैवाहिक समारोह में जाना था, मगर पहले कार्यक्रम अलग-अलग था, अंत में इसे बदला गया।

    मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने साथ हैलीकॉप्टर से सिंधिया को ले गए और उन्होंने सिंधिया को अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए हैलीकॉप्टर भी दिया। पहले सिंधिया और कमलनाथ का कई घंटे साथ रहना, फिर कमलनाथ की दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई मुलाकात को प्रदेशाध्यक्ष और निगम मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति से जोडक़र देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मुलाकात को राज्य सरकार के एक साल के रिपोर्ट कार्ड से जोडक़र बताया है।

    कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के नाम का तो लगभग फैसला हो ही चुका है। महाराष्ट के चुनाव और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण ऐलान रुका हुआ है, जो आने वाले दिनों में कभी भी हो सकता है। कमलनाथ से भी सोनिया गांधी की अध्यक्ष को लेकर चर्चा न हुई हो, यह संभव नहीं है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंप चुके है।

    राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार अब स्थिर है, और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति के साथ मंडल-निगम के अध्यक्षों का फैसला जल्दी हो जाए तो अचरज नहीं होगा। विश्लेषकों के अनुसार कार्यकर्ता सरकार में हिस्सेदारी चाहते हैं, देर करने में नुकसान पार्टी का ही है। यह बात सभी जानते है। पहले सिंधिया-कमलनाथ और फिर कमलनाथ-सोनिया की मुलाकात में इस बात की चर्चा न हो, इसकी संभावना कम है।

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का किया स्वागत

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    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जोधपुर पहुंचने पर स्वागत किया।

    राष्ट्रपति शुक्रवार को राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की ओर से महिला सशक्तिकरण पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने देशभर में दुष्कर्म और यौन हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि महिला सुरक्षा एक बहुत ही गंभीर विषय है। इस विषय पर बहुत काम हुआ है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। बेटियों पर होने वाले आसुरी प्रहारों की वारदातें देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। लड़कों में ‘महिलाओं के प्रति सम्मान’ की भावना को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी हर माता-पिता, हर नागरिक की है।

    राष्ट्रपति ने महिला शिक्षा स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज भी साक्षरता दर कम है, लेकिन बेटियों की शिक्षा के लिए काम हो रहा है। राजस्थान के बांसवाड़ा जैसे आदिवासी जिले में हर एक हजार बेटों पर 1003 बेटियां पैदा होने की बात से गर्व होता है। उन्होंने जनधन योजना 52 प्रतिशत खाते खुलने पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि इस बार संसद में 78 महिलाएं सांसद का होना गर्व की बात है। राष्ट्रपति ने मानवता के नव-निर्माण के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए ब्रह्मकुमारी संस्थान को साधुवाद देते हुए कहा कि हजारों की संख्या में यहां उपस्थित राजयोगिनी महिलाओं का यह समूह पूरे विश्व के लिए महिला-नेतृत्व की मिसाल है और 104 वर्ष की दादी जानकी का आशीर्वाद आपके संस्थान को और पूरे समाज को मिलता रहा है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय बहुत ही प्रासंगिक हैं। महिलाओं को आगे बढ़ाकर ही समानता और समरसता पर आधारित समाज का निर्माण संभव है। इस मौके पर राष्ट्रपति ने भीमराव अंबेडकर को भी याद किया और कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के लिए आजीवन संघर्ष करने संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबासाहब आंबेडकर का आज परिनिर्वाण दिवस है। बाबा साहब ने महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के पक्ष में, केंद्रीय मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था। वे महिलाओं के सशक्तीकरण को सदैव प्राथमिकता देते थे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सामाजिक सत्य है कि जब आप एक बालक को शिक्षित बनाते हैं तो उसका लाभ एक परिवार को मिलता है, लेकिन जब आप एक बालिका को शिक्षित बनाते हैं तो उसका लाभ दो परिवारों को मिलता है। एक और महत्वपूर्ण सामाजिक तथ्य यह है कि शिक्षित महिलाओं के बच्चे अशिक्षित नहीं रहते। शिक्षित महिलाएं अपनी अगली पीढ़ी का बेहतर निर्माण करती हैं। नारी विकास केंद्रित योजनाओं के कारण ‘चाइल्ड सेक्स रेशियो’ में भी सुधार हो रहा है। ग्रामीण भारत में, पंचायती संस्थाओं के जरिये दस लाख से भी अधिक महिलाएं, अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं।

    प्रथम नागरिक से अभिप्राय बताते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यदि एक गोलाकार वृत्त बनाया जाए और उसके बीच में मुझे खड़ा किया जाए तो भी 130 करोड़ लोगों में जिस पर आप अंगुली रखेंगे तो वह भी प्रथम नागरिक होगा। आज पूरा विश्व शांति की खोज में है। वास्तव में शांति हमारे अंदर ही है। आज लोगों के पास अच्छे रिश्ते, परिवार, पैसा, नौकरी होने के बाद भी सुखी नहीं हैं क्योंकि शांति बाहर खोज रहे हैं।

  • झारखंड विधानसभा चुनाव : क्या सुदेश महतो लगा पाएंगे सिल्ली में जीत का चौका ?

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    रांची। झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर यूं तो सभी सीटों पर लोगों की नजर है, मगर इस चुनाव में हाई प्रोफाइल सीटों में सिल्ली विधानसभा क्षेत्र भी बना हुआ है, जहां आजसू प्रमुख सुदेश महतो चौथी बार मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलग होकर चुनावी मैदान में उतरे ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के प्रमुख सुदेश महतो अपनी इस परंपरागत सीट से एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतरे हैं।

    महतो का मुख्य मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की प्रत्याशी सीमा देवी से माना जा रहा है। भाजपा ने यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। इस चुनाव में क्षेत्र का विकास एक बार फिर मुख्य मुद्दा बना हुआ है। रांची जिले के सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदेश महतो राज्य के मंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं, इसके बावजूद अब तक इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास नहीं हो सका।

    सोनाहातू प्रखंड के दुलमी गांव के रहने वाले ब्रजनंदन सिंह कहते हैं कि इस पंचायत के 80 प्रतिशत लोग खेती के सहारे हैं, मगर इस गांव में सिंचाई की कोई खास सुविधा नहीं है। मनरेगा के तहत कुछ कुएं जरूर बने हैं, लेकिन उसमें खेती के लायक पर्याप्त पानी नहीं होता जिससे पूरे गांव के खेतों में पटवन हो जाए। स्थानीय लोग कहते हैं कि झारखंड बनने के बाद यहां सरकार बनाने के लिए कई बार ऐसे मौके आए कि सिल्ली पर दिल्ली की भी नजर रही।

    इस चुनाव में आजसू का नेतृत्व करने वाले सुदेश महतो को झामुमो की चुनौती मिल रही है। वर्ष 2000 में सुदेश महतो कांग्रेस प्रत्याशी केशव महतो को हरा कर पहली बार विधायक बने। इसके बाद वे 2004 और 2009 के चुनाव में जीतकर लगातार तीन बार विधायक चुने गए।

    वर्ष 2014 के चुनाव में झामुमो के टिकट पर मैदान में उतरे अमित कुमार महतो, सुदेश महतो को 29 हजार से अधिक वोटों से हराकर विधायक बने थे। उसके बाद अमित को एक मामले में सजा होने के कारण 2018 में कराए गए उपचुनाव में भी अमित महतो की पत्नी सीमा देवी झामुमो के ही टिकट पर सुदेश महतो को हराकर विधायक बनीं।

    इस सीट पर कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने आजसू से गठबंधन नहीं होने के बावजूद यहां से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है, ताकि झामुमो को शिकस्त दी जा सके। दुलमी गांव के सब्जी खेत में काम कर रहे किसान सुखदेव महतो कहते हैं कि सिंचाई के अभाव में इस क्षेत्र में सही तरीके से खेती नहीं हो पाती है।

    उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि पांच-सात साल पहले कई क्षेत्रों में नदियों पर पुल बन जाने से आवागमन की सुविधा तो हो गई है, मगर स्कूलों की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। क्षेत्र में इस बार चूल्हा प्रमुख बनाकर कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र स्तर पर मजबूत किए जाने का लाभ सुदेश महतो को मिलना तय माना जा रहा है, लेकिन जानकारों का कहना है कि जो प्रत्याशी पिछड़े वर्ग और आदिवासी मतदाताओं को लुभा लेगा, उनकी जीत निश्चित है।

    इस बीच, सुदेश महतो ने कहा कि वह विकास के मुद्दे को लेकर गांव से लेकर कस्बों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, पिछले पांच वर्षो से सिल्ली का विकास ठप है। सिल्ली की पहचान राष्ट्रीय फलक पर थी, जो थम सा गया है, अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो एक बार फिर क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी।

    वहीं, झामुमो प्रत्याशी सीमा कहती हैं कि उन्होंने जनता को विश्वास में लेकर विकास का काम करवाया है। बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इस क्षेत्र में मतदान तीसरे चरण में 12 दिसंबर को होना है। मतदाता किस प्रत्याशी की बातों पर भरोसा करते हैं, यह 23 दिसंबर को परिणाम आने पर ही पता चलेगा।

  • जोधपुर उच्च न्यायालय के नवनिर्मित भवन का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया लोकार्पण

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    जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने समय पर न्याय देने और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए शीघ्र परीक्षण के अभिनव तरीकों को कानूनी प्रक्रिया में शामिल करने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। उन्होंने कहा कि शानदार खंभों वाली इमारत की प्रभावशाली गोलाकार संरचना संसद भवन की तरह दिखाई दे रही है। केंद्र में गुंबद से गोलाकार इमारत की सुंदरता बढ़ रही है।
    राज्यपाल मिश्र शनिवार को जोधपुर में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राजस्थान उच्च न्यायालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि भारत के संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप हमारी स्वतंत्रता के लिए पंथ, लिंग, धर्म आदि के किसी भी भेदभाव के बिना सामाजिक-राजनीतिक-आर्थिक न्याय, राष्ट्र के लोगों की आशा और उम्मीदों को न्यायपालिका देखती है। लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास है।
    मिश्र ने कहा कि न्याय के इस नए भवन में भविष्य के न्यायिक अभियानाें को अपनी क्षमताओं के साथ शुरू करें। न्याय के इस मंदिर की अखंडता और पवित्रता को बनाने में सभी सहयोगी बने। न्याय की अवधारणा में निहित सद्भाव, शांति और समावेशी समाज के निर्माण के लिए न्याय को प्राथमिकता दी जाए। न्याय के आदर्शों को प्राप्त करने के लिए समय पर कार्य पूरे किए जाए।
    राज्यपाल ने कहा कि कानून सामाजिक हितों के लिए होता है। लोक अदालत, कानूनी मदद व जागरूकता कार्यक्रम, राजस्थान के उच्च न्यायालय की पहल को प्रोत्साहित करते हैं। लोगों में जागरूकता लाने और कानून प्रणाली के कामकाज को मजबूत करने के लिए न्याय व्यवस्था सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए।

    दीक्षांत समारोह में लिया भाग
    राज्यपाल कलराज मिश्र ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ जोधपुर मे शनिवार को प्रातः अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के दीक्षांत समारोह में भी भाग लिया। फोटो – 4, 5
    कुश्ती में स्वर्ण पदक विजेता शीतल को दी बधाई
    राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजस्थान पुलिस की होनहार पहलवान शीतल तोमर को बधाई दी। राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि साउथ ऐशियन गेम्स में कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने वाली शीतल पर राजस्थान को गर्व है। आरएसी की 5वीं बटालियन में प्लाटून कमाण्डर शीतल तोमर को राज्यपाल मिश्र ने पूरे प्रदेशवासियों की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दी है।

  • झारखंड में सिसई विधानसभा क्षेत्र में मतदान के बीच सुरक्षा बलों से हथियार छीनने का प्रयास, फायरिंग में एक घायल

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    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 20 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। 18 सीटों पर सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक मतदान होगा। वहीं, 2 सीटों जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में आज दूसरे दौर का मतदान है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाएं।

    LIVE अपडेट…

    -झारखंड में दूसरे चरण के मतदान के बीच सिसई विधानसभा क्षेत्र में फायरिंग की सूचना मिली है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों से उनका हथियार छीनने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा बलों ने बचाव में फायरिंग की है। इस दौरान एक शख्स को गोली लगने की खबर है।

    -झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर में अपना वोट डाल दिया है। जमशेदपुर के भालूबासा में उन्होंने अपना वोट डाला। रघुवर दास जमशेदपुर पूर्व सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ सरयू राय मैदान में है।

    • सुबह 9 बजे तक 13.03 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। सरायकेला विधानसभा सीट पर सबसे अधिक मतदान 15.66 प्रतिशत और कोलेबिरा में सबसे कम 8.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

    इसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास की जमशेदपुर पूर्वी सीट भी शामिल है, जहां उनके खिलाफ पार्टी के ही बागी नेता सरयू राय के लड़ने से मामला दिलचस्प हो गया है। राज्य की 20 सीटों पर कुल 260 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सभी मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार चौबे ने बताया कि 20 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 48,25,038 वोटर हैं, जिसमें 23,93,437 महिला और 90 थर्ड जेंडर हैं। मतदान के लिए कुल 6,066 बूथ बनाए गए हैं। इसमें 1,016 बूथ शहरी और बाकी केंद्र ग्रामीण इलाके में हैं।

    उन्होंने बताया कि 1,662 मतदान केंद्रों से वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 40,000 जवानों को दूसरे चरण के मतदान की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। नक्सली इलाके में स्थित मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

  • आदिवासी महिला से मतदान कराने गए सुरक्षाकर्मी ने किया रेप

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    सिंहभूम। झारखंड में मतदान कराने गए एक सुरक्षाकर्मी पर रेप करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र का है। यहां मतदान कराने के लिए आए एक जवान ने एक आदिवासी महिला के साथ मुंहकाला कर लिया। यही नहीं इस जवान ने उसे मारा और दांत से पीड़िता के जिस्म को भी काट डाला। गांव के एक शख्स के साथ मिलकर आरोपी जवान राजेंद्र सिंह मीणा ने इस घटना को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद आरोपी जवान और एक दूसरे शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    सोनुआ थाना अंतर्गत महिषाबेड़ा गांव में 40 साल की महिला ने पड़ोसी गांव निश्चिंतपुर के युवक और चुनाव ड्यूटी में आए सुरक्षा बल के जवान द्वारा दुष्कर्म की शिकायत की थी।

    घटना बुधवार रात की है।बुधवार रात वह घर में अकेले थी। देर रात महिषाबेड़ा के सटे निश्चिंतपुर गांव के कुशवंत महतो (29) एक अन्य वर्दीधारी युवक के साथ जबरन घर में घुस कर अश्लील हरकत करने लगा। विरोध करने पर दोनों उसे जबरन घर के पास झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। आपको बताते जाए कि मुख्यमंत्री रघुवार दास की सीट सहित 20 सीटों पर मतदान आज हो रहा है। बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंच रहे हैं।

  • बिहार : जब सुशील मोदी से दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर पूछा गया सवाल तो…

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    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जहां दुष्कर्म की घटनाओं के लिए पॉर्न साइट्स को जिम्मेदार बताते हुए उसे बंद करने की वकालत की है, वहीं उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस मामले पर चुप्पी साध ली।

    हैदराबाद और उन्नाव में दुष्कर्म के बाद हत्या की घटनाओं और बिहार के समस्तीपुर और बक्सर में युवतियों के अधजले शव मिलने तथा दरभंगा में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद बिहार में इन मामलों को लेकर गुस्सा है।

    विपक्ष द्वारा राज्य की कानून-व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए पार्न साइट्स को जिम्मेदार बताया है। इस संबंध में शनिवार को जब उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से पत्रकारों ने सवाल किया तब वे बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए।

    उल्लेखनीय है कि बक्सर और समस्तीपुर में दो युवतियों के अधजले शव बरामद होने के तीन दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस मृतकों की पहचान नहीं कर सकी है। इसी बीच, दरभंगा में एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ ऑटो चालक द्वारा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। राहत की बात है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।