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  • PM मोदी विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुचे खूंटी, उन्होंने कहा…

    PM मोदी विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुचे खूंटी, उन्होंने कहा…

    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी फिर से सत्ता हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती है। इसी क्रम में मतदाताओं से सीधे रूबरू होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को झारखंड पहुंचे। उन्होंने खूंटी में विशाल जनसभा को संबोधित किया।

    UPDATES :-

    • कुछ दिन पहले ही देश ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती मनाई है, आज जब मैं उनकी धरती पर आया हूं, तो उनको एक बार फिर मैं नमन करता हूं: पीएम मोदी

    • 3 दिसंबर को ही परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का वीरगति को प्राप्त हुए थे, मैं उस महान सपूत को नमन करता हूं: पीएम मोदी

    • झारखंड के लोगों में भाजपा सरकार के प्रति और कमल के फूल के प्रति एक विश्वास की भावना है। ये भाव है कि झारखंड का विकास अगर कोई दल कर सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा की कर सकती है: पीएम मोदी

    • पहले चरण के मतदान से 3 बाते स्पष्ट हुई हैं- पहली – लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में झारखंड के लोगों की आस्था अभूतपूर्व है। दूसरी – भाजपा सरकार ने जिस प्रकार नक्सलवाद की कमर तोड़ी है, उससे यहाँ डर का माहौल कम हुआ है और विकास का माहौल बना है: पीएम

    • पहले चरण के मतदान के बाद तीसरी बात ये भी स्पष्ट हुआ है कि, झारखंड के लोगों में भाजपा सरकार के प्रति एक विश्वास की भावना है: पीएम मोदी

    • आज झारखंड के लोग देख रहे हैं कि दिल्ली और रांची में डबल इंजन लगाने से विकास की गति तेज भी होती है और स्थायी होती है। यहां की जनता सहज रूप से कह रही है झारखंड पुकारा, भाजपा दोबारा। झारखंड के विकास के लिए भाजपा की वापसी जरूरी है: पीएम मोदी

    • आज झारखंड के हर व्यक्ति को केंद्र और राज्य सरकार की किसी ना किसी योजना का सीधा लाभ पहुंच रहा है। बिना किसी जाति के भेदभाव के, बिना किसी पंथ के भेदभाव, हर झारखंडवासी के विकास के लिए समान भावना से हम काम कर रहे हैं: पीएम मोदी

    • आज उन क्षेत्रों में भी बिजली का तार पहुंचा है, जिन गांव में पहुंचना तक मुश्किल था। आज वो क्षेत्र भी सड़क से जुड़ रहे हैं, जहां कभी विरोधी दल के नेता झांकते भी नहीं थे: पीएम मोदी

    • आज उन जनजातीय क्षेत्रों में भी पानी की लाइन पहुंच रही है, जिनको कांग्रेस-JMM की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था। उन पिछड़ों और आदिवासी परिवारों को भी अपना घर मिल पा रहा है, जिनको कांग्रेस-JMM की सरकारों ने झोंपड़ियों में रहने के लिए मजबूर कर रखा था: पीएम

    • दिल्ली और रांची में भाजपा का डबल इंजन किसानों और आदिवासियों का जीवन आसान बनाने का काम कर रहा है। यहां के सभी किसान परिवारों और कृषि से जुड़े आदिवासी परिवारों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है: पीएम मोदी

    • झारखंड ये भली भांति जानता है कि कांग्रेस और JMM की राजनीति छल और स्वार्थ की राजनीति है। जबकि भाजपा कर्म और सेवा भाव से काम करती है: पीएम मोदी

    • आपके पड़ोस में जहां भाजपा की सरकारें नहीं है, वहां की स्थिति आप देख लीजिए। वहां किसानों, आदिवासियों और पिछड़ों के साथ झूठे वायदे करके कांग्रेस और उसके साथी दलों ने सरकार तो बना ली, लेकिन अब वादा पूरा करने से दूर भाग रहे हैं: पीएम मोदी

    • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 अब हट चुका है। अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्मे, पले-बढ़े, उपराज्यपाल जी के कंधे पर है: पीएम मोदी

    • आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल रेसिडेंसियल स्कूल खोलने का राष्ट्रव्यापी अभियान भी यहीं झारखंड से ही प्रारम्भ किया गया है। नक्सली हमलों में शहीद होने वाले पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों के बच्चों को स्कॉलरशीप देने का काम भी शुरू किया जा चुका है: पीएम मोदी

    • राम जन्मभूमि को लेकर जिस विवाद को कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकारों ने लगातार लटकाए रखा, वो भी शांतिपूर्ण ढंग से हल हो गया: पीएम मोदी

    • भगवान राम अयोध्या से जब निकले थे तब तो राजकुमार राम थे और जब 14 साल के वनवास के बाद वापस आए तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बन गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि 14 साल भगवान राम ने आदिवासियों के बीच बिताए थे। ये संस्कार हैं आदिवासी भाई-बहनों के: पीएम मोदी

    • इतने लंबे काल से लटकी हुई चीजे जिन्हें अटकाने के लिए राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लोगों ने अड़ेंगे डाले, लेकिन हमने देश में शांति, एकता, सद्भाव के लिए समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास किया और सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं: पीएम मोदी

    • भाजपा की केंद्र की सरकार और यहां की भाजपा सरकार ने यहां के गांव में और जनजातीय अंचलों में महिलाओं को सशक्त करने का काम किया है। अनेक बहनें यहां मौजूद हैं जो या तो सखी मंडल से जुडी हैं या उन्हें मुद्रा योजना के अंतर्गत अपना व्यापार करने में सहायता मिली है: पीएम

    • स्वच्छ भारत मिशन के तहत झारखंड के घर-घर में शौचालय तो बने ही हैं, साथ ही यहां की बहनों ने रानी मिस्त्री के रूप में नाम भी कमाया है। आज पूरे देश में इसकी चर्चा है: पीएम मोदी

    • झारखंड देश के उन राज्यों में है, जहां की बहनों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ तेज़ी से तो मिला ही है, डबल लाभ भी मिला है। जैसे उज्जवला योजना के तहत बाकी देश में एक मुफ्त सिलेंडर मिला है, वहीं झारखंड में दो सिलेंडर दिए गए हैं: पीएम मोदी

    – भाजपा सरकार आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है, क्योंकि आदिवासी हितों की रक्षा में भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। ये अटल जी की ही भाजपा सरकार थी, जिसने जनजातीय समुदाय के लिए अलग झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों का गठन किया: पीएम मोदी

    – भाजपा की सरकार ने ही पहली बार आदिवासी क्षेत्रों में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड की व्यवस्था की। जिसके तहत अब यहां से निकलने वाले खनिज का एक हिस्सा यहीं के विकास में लगाना पड़ता है: पीएम मोदी

    – आज जब झारखंड 19 साल का हो गया है तब इस राज्य की जितनी जिम्मेदारी यहां की जनता की है, उतनी ही जिम्मेदारी मेरी है। आइए हम सब मिलकर काम करें ताकि जब झारखंड 25 साल का हो तब इतना ताकतवर और सशक्त बन जाए कि कभी पीछे मुड़कर देखना न पड़े: पीएम मोदी

    – अब झारखंड को भी DMF के तहत 5 हजार करोड़ रुपये मिले है, इस फंड से ही अब आपके बच्चो के लिए स्कूल और अस्पतालों के निर्माण में सहायता मिल रही है: पीएम मोदी

    – ये चुनाव झारखंड के विकास के लिए है। ये चुनाव दिल्ली और राज्य में चल रहे विकास के डबल इंजन को बनाए रखने के लिए है। इसलिए सिर्फ और सिर्फ कमल निशान को आपको याद रखना है: पीएम मोदी

  • 35 साल भोपाल गैस त्रासदी के : पर नसीब नहीं आज भी साफ पानी

    35 साल भोपाल गैस त्रासदी के : पर नसीब नहीं आज भी साफ पानी

    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में 35 साल पहले हुई गैस त्रासदी के पीडि़तों का दर्द कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। साढ़े तीन दशकों में राज्य और केंद्र में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन नहीं बदली पीडि़तों की किस्मत। इन्हें उतनी मदद नहीं मिली, जितनी की जरूरत थी। गैस पीडि़तों को न आर्थिक मदद मिली, न ठीक से स्वास्थ्य सेवाएं। हाल इतना बुरा है कि इन्हें पीने के लिए साफ और शुद्ध पानी तक नसीब नहीं है।

    दो-तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी जहरीली गैस मिथाइल आइसो साइनाइड (मिक) ने हजारों लोगों को एक ही रात में मौत की नींद सुला दिया था। उस मंजर के गवाह अब भी उस रात को याद कर दहशतजदा हो जाते हैं और वे उस भयावह रात को याद ही नहीं करना चाहते। गैस का शिकार बने परिवारों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी तक विकलांग पैदा हो रही है।

    शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के जन्म लेने का सिलसिला जारी है। इन्हीं बच्चों में से एक है, मोहम्मद जैद (15)। इस बच्चे की जिंदगी बोझ बन गई है। उसे यह समझ में नहीं आ रहा कि उसे यह सजा आखिर क्यों मिल रही है? और विधवा मुमताज बी का क्या कसूर था जो जिंदगी पहाड़ बन गई? एक चिंगारी ट्रस्ट है, गैस पीडि़तों पर रहम और मेहरबानी कर रहा है।

    इस ट्रस्ट की चंपा देवी शुक्ला और रशीदा बी बताती हैं कि उनके संस्थान में हर रोज 170 बच्चे आते हैं। इन बच्चों को यहां फिजियो थेरेपी, स्पीच थेरेपी, विशेष शिक्षा वगैरह उपलब्ध कराई जाती है। इन बच्चों को चिंगारी पुनर्वास केंद्र लाने और छोडऩे के लिए वाहन सुविधा है, साथ ही इन्हें नि:शुल्क मध्यान्ह भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है।

    जेपी नगर में रहने वाली मुमताज बी के पति मोहम्मद सईद भी जहरीली गैस की जद में आए थे। वे लगातार बीमारियों से घिरते गए और पिछले दिनों उनकी मौत हो गई। मुमताज की मानें तो सईद के फेफड़े बुरी तरह प्रभावित हो चुके थे। उन्हें जहरीली गैस से मिली बीमारी के एवज में महज 25 हजार रुपए का मुआवजा मिला।

    भोपाल गैस पीडि़त संघर्ष सहयोग समिति की संयोजक साधना कार्णिक ने सरकारों पर गैस पीडि़तों के प्रति नकारात्मक रुख अपनाने का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि गैस प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को जहरीला और दूषित पानी पीने को मिल रहा है। यही कारण है कि गुर्दे, फेफड़े, दिल, आंखों की बीमारी और कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    गैस पीडि़तों की मौत हो रही है, मगर राहत देने के लिए उनका पंजीयन नहीं किया जा रहा है। गैस कांड प्रभावित बस्तियों में अब भी पीडि़तों की भरमार है। कहीं अपाहिज नजर आते हैं तो कहीं हांफते, घिसटते लोग। विधवाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीमार बढ़ रहे हैं।

    कहने के लिए तो गैस पीडि़तों के लिए अस्पताल भी खोले गए हैं, मगर यहां उस तरह के इलाज की सुविधाएं नहीं हैं, जिनकी जरूरत इन बीमारों को है। एक ही रात हजारों जिंदगियां लील जाने वाली अमेरिकी कंपनी डाओ केमिकल्स को अगर उचित सजा मिल जाती, तब भी पीडि़तों के दिल को सुकून पहुंचता, मगर दुर्भाग्यवश वह भी नहीं हो सका।

  • BIHAR: 11वीं बार राजद अध्यक्ष बने लालू प्रसाद यादव,नामांकन किया बेटे तेजस्वी ने

    BIHAR: 11वीं बार राजद अध्यक्ष बने लालू प्रसाद यादव,नामांकन किया बेटे तेजस्वी ने

    पटना। लालू प्रसाद यादव एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। मंगलवार को पार्टी कार्यालय में चार सेट में लालू का नामांकन पत्र दाखिल किया गया। एकमात्र नामांकन होने के कारण लालू 11वीं बार राजद अध्यक्ष बन गए हैं।

    लालू राजद के 11वीं बार अध्यक्ष बने हैं। लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में मंगलवार दोपहर राजद संगठनात्मक चुनाव के लिए पार्टी कार्यालय में चार सेटों में उनका नामांकन पत्र दाखिल किया गया। विधायक भोला यादव ने उनका नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    इस पद के लिए एकमात्र नामांकन लालू प्रसाद का ही दर्ज हुआ है, ऐसे में उनका पार्टी का एकबार फिर अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा 10 दिसंबर को की जाएगी।

    पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला मौका है, जब लालू प्रसाद की गैरमौजूदगी में उनका नामांकन पत्र उनके प्रतिनिधि ने दाखिल किया।

    वर्ष 1997 में राजद के गठन के समय से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रत्येक बार लालू प्रसाद को ही निर्विरोध चुना जाता रहा है। अभी तक किसी भी चुनाव में लालू के सामने किसी अन्य दावेदार ने पर्चा तक नहीं भरा है। इस बार भी सिर्फ एक ही नामांकन पत्र भरा गया है।

    राजद के एक नेता ने बताया कि 10 दिसंबर को राष्ट्रीय परिषद के खुला अधिवेशन के पहले लालू की नई पारी की विधिवत घोषणा की जाएगी।

    तेजस्वी यादव ने नामांकन पत्र भरे जाने के बाद कहा कि लालू प्रसाद बिहार के लोगों के दिल में बसते हैं। एकबार फिर उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल किया है।

    उन्होंने कहा कि आज भले ही शारीरिक तौर पर वह (लालू प्रसाद) यहां नहीं हैं, परंतु सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष वाली उनकी छवि को लोग भूल नहीं पाए हैं। उनके कार्य को आज भी लोग याद कर रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद चारा घोटाले के कई मामलों में सजा पाने के बाद रांची की एक जेल में बंद हैं। फिलहाल वह स्वास्थ्य कारणों से रांची के रिम्स में भर्ती हैं।

  • AJSU महतो, मरांडी के नेतृत्व में JVM लड़ रही है चुनाव

    AJSU महतो, मरांडी के नेतृत्व में JVM लड़ रही है चुनाव

    रांची। बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य की सियासत क्षत्रपों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। विधानसभा चुनाव में सभी दल पूरे जोर-शोर के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं, लेकिन क्षत्रपों पर सबकी निगाह बनी हुई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां के मतदाताओं ने राज्य की 14 में से 12 सीटें भाजपा की झोली में जरूर डाल दी थी, मगर भाजपा के दिग्गज नेता जिस तरह झारखंड में कैंप कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि भाजपा किसी भी हाल में झारखंड खोना नहीं चाहती।

    भाजपा के एक नेता ने तो नाम न जाहिर करने की शर्त पर यहां तक कहा कि स्थानीय नेताओं की अकड़ भी अब कम हुई है। उन्होंने कहा कि अकड़ के कारण ही भाजपा ने ऑल झरखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) जैसे सरीखे भरोसेमंद सहयोगियों के दबे-छिपे गठबंधन प्रस्तावों को ठुकरा दिया। झारखंड की दो बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां सुदेश महतो के नेतृत्व में आजसू और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) अपने दम पर चुनाव मैदान में उतर गई है।

    आजसू के प्रवक्ता देवशरण भगत कहते हैं, हमारा गठबंधन तो झरखंड की जनता के साथ है। आजसू इस चुनाव में दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी की सोच कुर्मी वोटरों के अलावा युवाओं और महिलाओं का समर्थन हासिल करने की है। आजसू राज्य की 81 विधानसभा सीटों में से 53 पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। झारखंड के उपमुख्यमंत्री का दायित्व संभाल चुके सुदेश महतो राज्य में सिल्ली विधानसभा का नेतृत्व करते रहे हैं, हालांकि पिछले चुनाव में उनको वहां से हार का मुंह देखना पड़ा था।

    इस चुनाव में सुदेश एक बार फिर से सिल्ली विधानसभा से चुनावी मैदान में हैं। झारखंड में किसी भी सरकार में शामिल रहने वाली पार्टी के प्रमुख सुदेश की पहचान सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आजसू के चुनाव के बाद महत्ती भूमिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह रांची में चार दिन पहले खुद कह चुके हैं कि आजसू को भाजपा साथ लेकर चलेगी।

    इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी भी इस चुनाव में अकेले चुनाव मैदान में उतरी है। विधानसभा की सभी 81 सीटों में अपने उम्मीदवार उतारी है। पार्टी को उम्मीद है कि वे अपने उन नाराज वोटरों को फिर अपने पाले में ले आएंगे, जो लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में चले गए थे। मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे, लेकिन भाजपा से नाराजगी के बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली।

    ईमानदार छवि के माने जाने वाले मरांडी इस चुनाव में पिछले चुनाव की तरह सफलता हासिल कर लेते हैं तो माना जाता है कि झाविमो के पास सरकार बनाने की कुंजी होगी। झारखंड के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदाता के रुझान बदलते रहे हैं। मतदाता विधानसभा चुनावों में हमेशा खंडित या त्रिशंकु जनादेश देते रहे हैं, जबकि 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने हर बार स्पष्ट जनादेश दिया है।

    झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) इस चुनाव में राजद और कांग्रेस के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। इस गठबंधन ने झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। भाजपा के टिकट बंटवारे से कई क्षेत्रों में असंतोष उभरने के बाद इस गठबंधन के नेता उत्साहित हैं।

    पिछले विधानसभा चुनाव में आजसू भाजपा के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी। उस चुनाव में आजसू ने आठ प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से पांच विजयी हुए थे, जबकि झाविमो 73 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और आठ सीटें जीती थी। बाद में, हालांकि इनके अधिकांश विधायक भाजपा के हो गए थे।

  • MAHARASHTRA: पंकजा मुंडे ने नहीं खोले पत्ते BJP छोड़ने के सवाल पर, कहा…

    MAHARASHTRA: पंकजा मुंडे ने नहीं खोले पत्ते BJP छोड़ने के सवाल पर, कहा…

    मुंबई। भाजपा नेता के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की पुत्री पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने मीडिया से संबोधित करते हुए कहा कि अब 12 दिसंबर को बोलूंगी, अभी और नहीं कुछ कहना चाहती। आपको बताते जाए कि अभी चर्चा बनी हुई है कि पंकजा मुंडे शिवसेना में जा सकती है।

    भाजपा छोड़ने के सवाल पर भाजपा की नेता और महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मैं पार्टी (BJP) की ईमानदार कार्यकर्ता रही हूं, मैंने पार्टी के लिए काम किया है और मैं अपने ऊपर लगे आरोपों से व्यथित हूं। मैं अब 12 दिसंबर को बोलूंगी, अभी और नहीं कुछ कहना चाहती। शिवसेना में शामिल होने की खबरों पर शिवसेना के विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि 12 दिसंबर को पंकजा मुंडे तय करेगी कि वह आगे कहां जाएंगी। अगर वह शिवसेना में शामिल होती हैं, तो हम खुशी से उनका स्वागत करेंगे। स्वर्गीय गोपीनाथ जी और बालासाहेब जी ने अतीत में सौहार्दपूर्ण संबंध साझा किए थे।

  • कमलनाथ ने सोनिया से मिलकर दिया एक साल के काम का ब्योरा

    कमलनाथ ने सोनिया से मिलकर दिया एक साल के काम का ब्योरा

    नई दिल्ली/भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को नई दिल्ली में अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कमलनाथ ने राज्य सरकार द्वारा एक साल में किए गए कामों का ब्योरा दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने एक बयान जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ और पार्टी की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच करीब एक घंटे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    सलूजा के मुताबिक, राज्य की कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने जा रहा है। इस दौरान हुए कामकाज, वचनपत्र के पूरे हुए वादों, संगठन व अन्य विषयों पर कमलनाथ ने सोनिया से चर्चा कर अपनी सरकार के कामकाज की पूरी रिपोर्ट उन्हें सौंपी।

    कमलनाथ ने सोनिया से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा, “सोनिया गांधी ने राज्य सरकार के एक वर्ष के कामकाज को लेकर व वचनपत्र के निरंतर पूरे किए जा रहे वचनों को लेकर पूरी जानकारी ली। मैंने उन्हें इस संबंध में पूरी प्रगति रिपोर्ट सौंपी है। साथ ही, आगे प्रदेश के विकास को लेकर क्या-क्या योजनाएं हैं, इस संबंध में भी जानकारी दी। संगठन पर भी हमारी चर्चा हुई, मगर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं हुई है।”

    उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह सच है कि अतिवृष्टि व प्राकृतिक आपदा के संकट में केंद्र सरकार राज्य सरकारों की मदद करती है। हमें भी काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अभी तक मदद की जो हमारी उम्मीद थी, और जो आवश्यकता थी, उसकी पूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन हम उसके लिए आज भी सतत प्रयासरत हैं।”

  • पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए पर्सनल लॉ बोर्ड को- उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी

    पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए पर्सनल लॉ बोर्ड को- उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी

    आगरा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी ने अयोध्या प्रकरण पर कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए। आगरा के सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए पूर्व राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या पर आया फैसला साक्ष्यों पर नहीं, विश्वास पर दिया गया है। मुस्लिम इससे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रिव्यू करने की बात हो रही है, लेकिन मेरा मानना है कि देश में शांति व भाईचारे के लिए मुस्लिमों को पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए।

    उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का समर्थन किया, लेकिन इसके तरीके पर एतराज जताया। इस दौरान उन्होंने उप्र की योगी सरकार पर भी हमला बोला। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि उप्र सरकार कुरैशी बिरादरी के साथ अन्याय कर रही है। कुरैशी समाज के स्लाटर हाउस और मीट की दुकानें बंद करा दी, जिससे युवा बेरोजगार हो गए हैं।

    सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर स्वयं पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह आरोपों से डरने वाले नहीं हैं। पूर्व राज्यपाल कुरैशी ने महाराष्ट्र प्रकरण पर कहा कि रात में लोकतंत्र की हत्या हुई। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग केंद्र की कठपुतली बन गए। वहां भाजपा की किरकिरी हुई और उसे मुंह की खानी पड़ी।

  • छत्तीसगढ़ : ITBP के 6 जवानों की आपसी संघर्ष में गई जान, कैंप में चलीं गोलियां

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    रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के कैंप में बुधवार सुबह आपसी संघर्ष में 6 जवानों की मौत हो गई। इसके अलावा दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत जवानों में 2 हवलदार और 4 सिपाही शामिल हैं। सभी जवान बाहरी राज्यों के हैं, जिन्हें यहां शिविर में तैनात किया गया था। घटना के कारणों की जांच जारी है।

    जानकारी के अनुसार नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर कड़ेनार में फायरिंग में छह जवान मारे गए। नारायणपुर एसपी मोहित गर्ग ने घटना की पुष्टि की है। मारे गए जवान महेंद्र सिंह, दलजीत सिंह, मसुदुल रहमान, सुरजीत सरकार, बिश्वरूप महतो व बिजेस का नाम शामिल है। उल्लास व सीताराम दून घायल हुए हैं।

    राज्य के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इस मामले की विस्तृत जानकारी मंगाई जा रही है। जवानों की छुट्टी तय रहती है, उन्हें इसके लिए रोका नहीं जाता है। फ्रस्टेशन की कोई बात नहीं है। जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। उल्लेखनीय है कि इसी साल 19 जून को छत्तीसगढ़ आम्र्स फोर्स (सीएएफ) के एक आरक्षक ने भी अपने ही दो साथियों को गोली मार दी थी।

  • 81 हजार 500 रुपए उड़ाए पेटीएम प्रतिनिधी बताकर खाते से

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    जयपुर। एक शातिर ने पेटीएम प्रतिनिधी बनकर एक व्यक्ति से मोबाइल पर पेटीएम डाउनलोड करवाकर बैंक खाते में सेंध लगाकर साढ़े इक्यासी हजार रुपए की ऑनलाइन चपत लगा दी। इस संबंध में प्रताप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बताया कि सेक्टर-8 प्रताप नगर निवासी विनोद शास्त्री ने मामला दर्ज कराया है कि गुरुवार को उसके मोबाइल पर एक युवक का कॉल आया। फोनकर्ता ने स्वयं को पेटीएम कंपनी का प्रतिनिधी बोलना बताया। पेटीएम के फायदे बताकर मोबाइल पर पेटीएम डाउनलोड करवाया। बैंक खाते से पेटीएम को जोड़ते ही चार बार में 81 हजार 500 रुपए निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने पर पीड़ित को ऑनलाइन ठगी का पता चला। पुलिस मोबाइल नंबर के आधर पर शातिर ठग की तलाश कर रही है।

  • मुख्यमंत्री शीध्र निस्तारण करें जन सुनवाई के प्रकरणों का -राजेश्वर सिंह

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    जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई के प्रकरणों का शीध्र निस्तारण कर पालना रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को भिजवाने के निर्देश दिए हैं।
    सिंह शुक्रवार को सचिवालय में 181 राजस्थान जन सम्पर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री की व्यक्तिशः जन सुनवाई में प्राप्त प्रकरण तथा जन घोषणा पत्र, मुख्यमंत्री निर्देश, बजट घोषणा, मुख्यमंत्री घोषणा के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 181 राजस्थान जन सम्पर्क पोर्टल पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 6 लाख 76 हजार 171 प्राप्त प्रकरणों में से शेष 33 हजार 799 लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। उन्होेंने कहा कि 6 लाख 42 हजार 372 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।
    उन्होंने सीएमआईएस पोर्टल पर जन घोषणा पत्र, बजट घोषणा, सीएम घोषणा एवं मुख्यमंत्री निर्देशों की प्रकरणवार समीक्षा की। जिन प्रकरणों में कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं उन कार्यों की टास्क पूर्ण कराने के निर्देश अनुभाग अधिकारियों को दिए।
    उन्होंने राजस्थान जनसम्पर्क पोर्टल में प्राप्त प्रकरण एवं मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अन्तर्गत जिन कार्यों की स्वीकृति जारी करनी है उनकी स्वीकृतियां राज्य वित्त आयोग, सीमांत क्षेत्र विकास या अन्य विभागीय योजनाओं में शीघ्र जारी कर कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित योजना प्रभारियों को दिए।
    उन्होंने अम्बेडकर भवन निर्माण, विलेज मास्टर प्लान में गतिविधि पूर्ण करने की स्थिति में आवश्यक संशोधन कर सीएमआईएस पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री व्यक्तिगत सुनवाई में लिपिक भर्ती प्रकरण एवं पंचायत पुर्नगठन से संबंधित प्रकरणों में वास्तविक स्थितियों को अंकित कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।
    बैठक में परियोजना निदेशक एवं पदेन उप सचिव हितब्बलभ शर्मा ने समस्त प्रकरणों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में स्टेट मिशन निदेशक राजीविका अरूणा राजोरिया, आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा पी.सी. किशन सहित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।