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  • मध्य प्रदेश : फिर विधवा डकैत बबुली कोल की पत्नी , शादी के 10वें दिन चौथे पति की मौत

    मध्य प्रदेश : फिर विधवा डकैत बबुली कोल की पत्नी , शादी के 10वें दिन चौथे पति की मौत

    रीवां। मध्य प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए डकैत बबुली कोल की पत्नी गुड़िया की किस्मत को शायद विधवा की जिंदगी ही बदा है। नई शादी रचाने के 10वें दिन हृदयाघात के कारण शुक्रवार को 59 वर्षीय उसके चौथे पति की भी मौत हो गई।

    रीवां पुलिस के अनुसार, “मारे गए साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल की पत्नी गुड़िया देवी (32) ने रीवां जिले के सिरमौर थाना क्षेत्र के डाढ़ गांव निवासी (हाल पता उपहटी मुहल्ला रीवां) व्यवसायी सुनील सिंह उर्फ अनिल (59) से 18 नवंबर को सिरमौर के शिव मंदिर में शादी रचाई थी। शुक्रवार को एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान छग चिरमिरी गांव में हृदयाघात के कारण व्यवसायी अनिल की मौत हो गई।” गुड़िया की यह चौथी शादी थी।

    मध्य प्रदेश के रीवां परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) चंचल शेखर ने शनिवार को कहा, “हां, यह सही है कि गुड़िया के नए पति व्यवसायी सुनील उर्फ अनिल (59) की शुक्रवार को हर्ट अटैक से मौत होने की सूचना मिली है।”

    गौरतलब है कि गुड़िया देवी उप्र के चित्रकूट जिले के राजापुर थाना के यमुना पार के एक गांव की रहने वाली है। परिजनों ने पहले जहां उसकी शादी की थी, वहां अनबन होने के चलते वह मऊ थाना क्षेत्र पहुंची और डकैत गौरी यादव गैंग के सदस्य हरिश्चंद्र पटेल से दोस्ती होने के बाद उससे शादी कर उसके साथ रहने लगी थी। डकैत हरिश्चंद्र के मारे जाने के बाद उसने साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल से 2014-15 में शादी रचा ली थी। गुड़िया के बबुली कोल से हुई एक डेढ़-दो साल की मासूम बच्ची भी है।

    चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र के वाशिंदे बताते हैं कि रीवां का अविवाहित व्यवसायी सुनील उर्फ अनिल (59) यहां मजदूरों को ब्याज पर रुपये देने का काम करता था। इसी दौरान उससे गुड़िया की मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग बढ़ा। इसके बाद दोनों ने इसी माह 18 नवंबर को रीवां के एक शिव मंदिर में शादी रचा ली थी।

    उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुख्यात साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल को इसी साल 14 सितंबर को मध्य प्रदेश पुलिस ने मार गिराने का दावा किया था। हालांकि, बाद में उत्तर प्रदेश की चित्रकूट पुलिस की घेराबंदी में गिरफ्तार हुए कई डकैतों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताकर सवाल खड़े कर दिए थे।

  • MAHARASHTRA:बहुमत परीक्षण से पहले उद्धव सरकार का फंसा पेच…

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    मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव सरकार को आज विधानसभा में बहुमत परीक्षा पास करनी है। बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस ने पेच फंसा दिया है। कांग्रेस ने ऐन मौके पर डिप्टी सीएम की मांग रख दी है। कांग्रेस चाहती है कि राज्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अलावा उनकी पार्टी का भी डिप्टी सीएम होना चाहिए। बहुमत परीक्षण से पहले शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे विधानभवन में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी विधायकों की बैठक होगी। इसमें स्पीकर पद पर चर्चा की जाएगी। बैठक में कांग्रेस आज स्पीकर उम्मीदवार का नाम रखेगी। दरअसल, दोपहर 12 बजे तक स्पीकर पद के लिए नामांकन किया जाना है, रविवार को स्पीकर का चुनाव होगा।

    अपडेट…-भाजपा सांसद प्रतापराव पाटिल चिखलीकर से आज सुबह मिलने पर अजीत पवार ने कहा कि यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी। भले ही हम अलग-अलग पार्टियों से हों, हम सभी एक-दूसरे के साथ संबंध रखते हैं। फ्लोर टेस्ट पर कोई चर्चा नहीं हुई। जैसा कि संजय राउत ने कहा कि हमारा गठबंधन आज सदन में बहुमत साबित करेगा।

    सूत्रों के अनुसार, डिप्टी सीएम और स्पीकर को लेकर कांग्रेस और एनसीपी में रस्साकशी चल रही है। कांग्रेस-एनसीपी दोनों ही पार्टियां स्पीकर का पद नहीं छोड़ना चाहती हैं। कांग्रेस ने NCP के सामने स्पीकर की पोस्ट छोड़ने के बदले दो डिप्टी सीएम के पदों का प्रस्ताव रख दिया है। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी इस प्रस्ताव पर राजी नहीं है।

    आपको बताते जाए कि उद्धव ठाकरे सरकार का पहला इम्तिहान आज है। शनिवार को महाराष्ट्र की विधानसभा में दोपहर दो बजे शक्ति परीक्षण होना है। शिवसेना का दावा है कि उसके पास 170 विधायकों का समर्थन है और सदन में वो आसानी से बहुमत साबित कर देगी।  महाराष्ट्र में नई सरकार के पास 3 दिसंबर तक अपना बहुमत सिद्ध करने का समय है। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस वाली सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी शनिवार को ही सदन के पटल पर अपना बहुमत सिद्ध करने की कोशिश करेगी।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION 2009 : भाजपा ताकत जुटाना चाहती है अगले तीन चुनावों के लिए झारखंड बचाकर

    JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION 2009 : भाजपा ताकत जुटाना चाहती है अगले तीन चुनावों के लिए झारखंड बचाकर

    रांची/नई दिल्ली। अगर झारखंड में पिछली बार से भाजपा का प्रदर्शन कमजोर हुआ तो आने वाले समय में दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में भी गणित गड़बड़ा सकता है। इस बात को समझते हुए भाजपा ने अभी से चुनाव बाद के समीकरणों पर विचार करना शुरू कर दिया है। खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान इसके संकेत देते हैं। झारखंड में बीते दिनों एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने यह कहकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी कि चुनाव बाद भी झारखंड में आजसू के साथ गठबंधन जारी होगा।

    अमित शाह के इस बयान के राजनीतिक निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। वजह यह है कि सीटों के बंटवारे पर फंसे पेच के कारण विधानसभा चुनाव में आजसू के साथ भाजपा का गठबंधन टूट चुका है। दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।

    भाजपा के एक नेता ने आईएएनएस से कहा, “सीटों पर भले बात न बनने के कारण आजसू और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ रहीं हैं। मगर दोनों दलों के रिश्ते अब भी दुरुस्त हैं। यही वजह है कि अध्यक्ष अमित शाह ने आजसू के साथ गठबंधन बरकरार रखने की बात कही है।”

    सूत्रों का कहना है कि झारखंड में फिलहाल उभरकर आए समीकरण भाजपा के लिए बहुत ज्यादा उत्साहजनक नजर नहीं आते। ऐसे में पार्टी ने आजसू के साथ दोबारा गठबंधन के विकल्प खुले रखे हैं। भाजपा को लगता है कि आदिवासी मतदाताओं पर पकड़ रखने वाली आजसू अगर पहले चरण में अनुसूचित जनजाति(एसटी) के लिए सुरक्षित कुछ सीटें निकाल ले गई तो बहुमत न मिलने की स्थिति में उसकी जरूरत पड़ सकती है। 2014 के विधानसभा चुनाव में आजसू को पांच सीटें मिलीं थीं।

    सूत्र बताते हैं कि इस नाते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोची-समझी रणनीति के तहत आजसू के साथ चुनाव बाद भी गठबंधन बरकरार रखने की बात कही है। उधर आजसू मुखिया सुदेश महतो ने एक बयान में कहा, “मैं नहीं, दूसरे मुझे सरकार बनाने में सहयोग देंगे।” सुदेश महतो ने इस बयान के जरिए संदेश दिया है कि चुनाव बाद उनकी मांग दूसरे दलों के बीच रहेगी।

    दरअसल, हरियाणा में भाजपा की किसी तरह गठबंधन की सरकार बनी और महाराष्ट्र जैसा राज्य हाथ से फिसल गया। इसके चलते भाजपा को आशंका है कि लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी के पक्ष में बना माहौल धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का संदेश न जनता में चला जाए। पार्टी का मानना है कि झारखंड में दमदार तरीके से वापसी ही पार्टी की लोकसभा चुनाव के बाद से खोई हुई लय वापस कर सकती है। ऐसे में पार्टी ने झारखंड को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

    माना जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे साल 2020 में दिल्ली, बिहार और 2021 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर असर डाल सकते हैं।

  • झारखण्ड विधानसभा चुनाव के बीच हुआ नक्सली हमला, गुमला में उड़ाया पुल

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    रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान शनिवार सुबह सात बजे शुरू हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पहले चरण चुनाव नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराए जा रहे हैं। मतदान अपराह्न तीन बजे तक होंगे।

    LIVE UPDATES….

    -झारखंड में मतदान के बीच सूचना आई है कि गुमला जिले के विष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र में नक्सलियों ने एक पुल को उड़ा दिया है। विष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र में आज मतदान हो रहा है। हालांकि इस घटना में अबतक किसी के हताहत होने के समाचार नहीं हैं। गुमला के डिप्टी कमिश्रनर शशि रंजन ने बताया कि हमले की वजह से मतदान पर कोई असर नहीं पड़ा है। पुलिस ने इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

    पहले चरण में 13 सीटों पर 189 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन सीटों पर 37,83,055 मतदाता हैं। भवनाथपुर विधानसभा सीट पर 28 उम्मीदवार हैं, जो पहले चरण में किसी सीट पर सबसे ज्यादा हैं।

    इस चरण में चुनाव लड़ रहे प्रमुख उम्मीदवारों में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव और पूर्व मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार भानू प्रताप शाही हैं।

    पांच चरणों में होगा मतदान….
    गौरतलब है कि झारखंड में इस बार पांच चरण में मतदान होगा। पहले चरण के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं। इसमें कुल 13 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। झारखंड का काफी हिस्सा नक्सल प्रभावित है, यही कारण है कि यहां पांच चरणों में वोट डाले जाएंगे।

  • नकली शराब बनाने के कारखाने का पर्दाफाश, दो लोग गिरफ्तार

    नकली शराब बनाने के कारखाने का पर्दाफाश, दो लोग गिरफ्तार

    जयपुर। क्राइम ब्रांच की सीआईयू टीम ने नकली शराब बनाने के कारखाने का पर्दाफाश किया है। हरमाडा़ पुलिस ने इस मामले में दो जनों को पकड़ा हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 700 लीटर स्प्रीट, ढक्कन, केमिकल, एसेंस और शराब बनाने की मशीन और उपकरण बरामद किए है।
    एडिशनल कमिश्नर (अपराध) अशोक गुप्ता ने बताया कि जयपुर शहर में अवैध अंग्रेजी और देशी शराब की सप्लाई करने की सूचना मिल रही थी। इस पर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के सुपरविजन में क्राइम ब्रांच की आयुक्तालय जयपुर की विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस निरीक्षक लखन सिंह खटाना के नेतृत्व में करीब एक महीने तक सूचना इकट्ठी की गई। इसी दौरान सामने आया कि हरमाड़ा में रिहायसी क्षेत्र नीदड़ गांव में फार्म हाउस में बाहरी लोगों ने अवैध नकली शराब की फैक्ट्री लगा रखी है तथा भारी मात्रा में शराब की सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस ने जयरामपुरा रोड पर मीणा कॉलोनी ग्राम नीदड़ में नीदड़ हरमाड़ा निवासी महेश कुमार मीणा और उदयपुरवाटी झुंझुंनू निवासी मानसिंह को बंद मुर्गी फार्म में कारखाना लगाकर अवैध नकली शराब बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध नकली देशी और अंग्रेजी शराब व देशी शराब बनाने के उपकरण बरामद किए है। पुलिस सरगना मानसिंह और महेश मीणा से पूछताछ कर रही है।
    दस साल से कर रहा है कारोबार
    आरोपी मानसिंह ने पूछताछ में बताया कि वह करीब दस साल से जिला झुंझुंनू, बांसवाड़ा, उदयपुर, अहमदाबाद में इसी प्रकार से नकली शराब का कारोबार कर चुका है। गुजरात बार्डर से सटे स्थानों पर यहां से बनाई गई नकली शराब को सप्लाई करने व कारोबार की प्लानिंग की जा रही थी। आरोपी मानसिंह मुख्य सरगना है और पूर्व में ग्राम पंचायत पचलंगी के सरपंच सुखराम जाट के हत्या जैसे गंभीर आरोप में जेल जा चुका है। आरोपी से बड़ी मात्रा में 700 लीटर स्प्रीट बरामद की गई। आरोपी स्प्रीट हरियाणा, पानीपत, कोटपुतली से लाकर नीदड़ गांव में महेश मीणा को सप्लाई करता था।

  • MAHARASHTRA : पास किया उद्धव सरकार ने फ्लोर टेस्ट, समर्थन में पड़े 169 वोट

    MAHARASHTRA : पास किया उद्धव सरकार ने फ्लोर टेस्ट, समर्थन में पड़े 169 वोट

    मुंबई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने शनिवार को यहां 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के महागठबंधन को विश्वास मत के लिए न्यूनतम 145 वोट की जरूरत थी, लेकिन उन्हें कुल 169 मत मिले। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 105 विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट किया, जबकि चार विधायक तटस्थ रहे और उन्होंने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के भतीजे व पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने रोहित पवार और ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के साथ मिलकर सरकार के पक्ष में मतदान किया।

    जिन विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, उनमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक-एक विधायक और ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल-ए-मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के दो विधायक शामिल थे।

    अजित पवार ने भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ गठजोड़ करते हुए राकांपा से बगावत कर 23 नवंबर की सुबह उप-मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेकर सभी को चौंका दिया था। यह सरकार हालांकि मुश्किल से 80 घंटे भी नहीं चल सकी।

    वोटिंग से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्ष ने नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही चलने के तरीके पर सवाल उठाया।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, वोटिंग करने वाले और इसमें हिस्सा नहीं लेने वाले प्रत्येक विधायक का नाम क्रम संख्या को विधानसभा स्टाफ ने नोट किया और सरकार द्वारा 169 का पूर्ण समर्थन प्राप्त करने के बाद प्रोटेम स्पीकर ने सरकार के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया।

    शीर्ष अदालत के आदेशों के अनुसार, पूरे सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया गया।

    विश्वास मत जीतने के बाद ठाकरे एक चमकीले सुनहरे-केसरिया रंग की पगड़ी पहने मुस्कुराते हुए नजर आए। उन्होंने सरकार पर विश्वास प्रकट करने के लिए विधानसभा का आभार व्यक्त किया।

    एमवीए नेताओं ने सदन की कार्यवाही में विभिन्न प्रकार की अड़चनें पैदा करने के लिए विपक्ष पर हमला किया और कहा कि फ्लोर टेस्ट में सत्तारूढ़ गठबंधन के 169 विधायकों के समर्थन का दावा सही साबित हुआ।

    फडणवीस की अगुवाई में विपक्षी भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सत्र का बहिष्कार किया और कहा कि सदन की कार्यवाही ने कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है।

    उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने पूर्व के प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलम्बकर को हटा दिया और उनके स्थान पर दिलीप वलसे-पाटील को नियुक्त किया, जो संसदीय नियमों का उल्लंघन है।

    फडणवीस ने 28 नवंबर को शिवाजी पार्क में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के तरीके पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह प्रारूप के अनुसार नहीं किया गया। वलसे-पाटील ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया।

  • राजस्थान नंबर वन भ्रष्टाचार में, लेकिन अभी तक खामोश जिम्मेदार !

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    जयपुर । राजस्थान में कांग्रेस की सरकार एक साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, लेकिन क्या यह जश्न एक साल की उपलब्धियों को लेकर होगा, या भ्रष्टाचार में राजस्थान का नाम सर्वोच्च आने पर होगा। प्रदेश के जिम्मेदारों के लिए यह बहुत की शर्मनाक बात है कि ट्रांसपेरेन्सी इंटरनेशनल के करप्शन सर्वे 2019 में राजस्थान भ्रष्ट राज्यों की सूची में नंबर वन है। यह सर्वे अक्टूबर 2018 से नवंबर 2019 के दौरान 20 राज्यों के 248 जिलों से 1.9 लाख लोगों की प्रतिक्रियाओं से तैयार किया गया है।

    यह खबर देश के सभी बड़े अखबारों, वेबसाट्स में प्रमुखता से छप चुकी है। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट जो ट्वीट करके राज्य सरकार की उपलब्धियां, या मोदी सरकार की आलोचना करने में नहीं चूकते है, इस सर्वे पर इन दोनों नेताओं का अभी तक एक भी ट्वीट नहीं हुआ या मीडिया में प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    सबसे खास बात यह है कि अक्टूबर 2018 से नवंबर 2019 के बीच यह सर्वे हुआ है। 13 दिसंबर 2018 को राजस्थान में कांग्रेस पार्टी जीती थी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। तो क्या गहलोत सरकार बनते ही अफसर शाही, बाबूशाही या राजनेताओं ने जमकर भ्रष्टाचार किया, जिसके चलते राजस्थान ने यह मुकाम हासिल किया है। सर्वे के मुताबिक राजस्थान में 78 फीसदी लोगों ने यह बयान दिया है कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। हो सकता है कि इस दौरान राजस्थान में जमकर तबादले हुए। यह हो सकता है कि तबादलों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ हो। या यह हो सकता है कि पांच साल के इंतजार के बाद सत्ता में आए सफेदपोशो ने जमकर भ्रष्टाचार किया हो।

    इस सर्वे को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, जो प्रदेश कांग्रेस के मुखिया भी है, वहीं मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, डीजीपी भूपेंद्र सिंह जैसे जिम्मेदारों की प्रतिक्रिया या इस सर्वे को लेकर सवाल नहीं उठाना यह बताता है कि शायद यह सर्वे ही राजस्थान के गुड गर्वनेंस का असली चेहरा उजागर कर रहा है।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION: राममंदिर के बाद अब करेंगे NRC लागू- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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    बोकारो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि झारखंड में पहले चरण के मतदान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि झारखंड में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। कोई भी भाजपा के प्रधानमंत्री, मंत्रियों या मुख्यमंत्रियों पर उंगली नहीं उठा सकता है कि वे भ्रष्ट हैं। रक्षा मंत्री ने यह बात आज चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बोकारो में कही। रक्षा मंत्री ने कहा कि हम रामलला के जन्मस्थान पर भगवान राम का एक भव्य मंदिर बनाने जा रहे हैं, जैसा कि हमने हर घोषणा पत्र में वादा किया था। कुछ पार्टियां इस वादे पर हमारा मजाक उड़ाती थीं, लेकिन अब हमें मंदिर बनाने से कोई नहीं रोक सकता।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि हम देश के सभी राज्यों में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) को लागू करेंगे। प्रत्येक भारतीय को यह जानने का अधिकार है कि उनकी भूमि में अवैध अप्रवासी कौन हैं। कुछ दलों को इसमें भी हमारी गलती लगती है, वे हम पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हैं।

  • जे.ई.ई.दाखिला टेस्ट पंजाबी मे लेने की मांग की तृप्त बाजवा ने

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    चंडीगढ़। पंजाब के उच्च शिक्षा और भाषा मंत्री तृप्त राजिन्दर बाजवा ने रविवार को केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मांग की है कि देश का प्रतिष्ठित दाखिला टेस्ट जे.ई.ई. (मुख्य) दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं की तरह पंजाबी भाषा में भी लिया जाए। बाजवा ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरिआल निशंक को रविवार को एक पत्र लिख कर कहा है कि यह दाखिला टेस्ट शुरू में अंग्रेज़ी, हिंदी और गुजराती भाषाओं में लिया जाता था।
    परन्तु विभिन्न राज्यों की सरकारों की मांग पर केंद्रीय मंत्रालय ने यह फैसला किया है कि 2021 से यह दाखिला टेस्ट असामी, बंगाली, तामिल, कन्नड़, उर्दू, मराठी, उड़ीया और तेलुगु भाषाओं में भी लिया जाया करेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़े ही अफसोस की बात है कि पंजाबी भाषा को इस सूची में न शामिल करके पंजाबी भाषा के साथ भेदभाव किया गया है।
    उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि जे.ई.ई. (मुख्य) दाखिला टेस्ट देश का वह प्रतिष्ठित टेस्ट है जिसके द्वारा देश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों और आई.आई.टी. संस्थाओं में इंजीनियरिंग और आर्कीटेक्चरल के दाखिले किए जाते हैं। पहले यह टेस्ट सैंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी ऐजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) द्वारा लिया जाता था, परन्तु अब यह टेस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन.टी.ए.) के द्वारा लिया जाता है।
    बाजवा ने कहा कि अगर पंजाबी भाषा को इस टेस्ट की भाषाओं की सूची में न डाला गया तो पंजाब के सैंकड़ों विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेने से वंचित रह जाएंगे। इसके बिना राज्य के विद्यार्थियों को मजबूरन अंग्रेजी या हिंदी माध्यम में पढऩा पड़ेगा जो पंजाबी भाषा के विकास के रास्ते में बहुत बड़ा रोड़ा सिद्ध होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जोर देकर कहा है कि पंजाबी भाषा को जे.ई.ई. (मुख्य) दाखिला टेस्ट की भाषाओं की सूची में जोडऩे के लिए तुरंत अपेक्षित कार्यवाही की जाए जिससे पंजाबी को भी अपनी उचित जगह मिल सके।

  • MAHARASHTRA : देवेंद्र फडणवीस बने महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता

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    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है।

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को विधानसभा में रविवार को औपचारिक तौर पर विधानसभा में विपक्ष का नेता का ऐलान कर दिया है। इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा में नाना पटोले को सर्वसम्मति से स्पीकर चुना गया।

    कांग्रेस ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए सत्तारूढ़ शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर पार्टी विधायक पटोले के नाम का शनिवार को ऐलान किया जबकि भाजपा ने कथोरे को अपना प्रत्याशी बनाया था।

    पटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि कथोरे ठाणे में मुरबाड से विधायक हैं। यह दोनों का विधायक के तौर पर चौथा कार्यकाल है।

    विधानसभा में भाजपा विधायक देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि हमने विधानसभा स्पीकर के पद के लिए किसान कथोरे को नामित किया था, लेकिन सर्वदलीय बैठक में अन्य दलों ने हमसे अनुरोध किया और यह परंपरा रही है कि स्पीकर को निर्विरोध नियुक्त किया जाता है, इसलिए हमने अनुरोध स्वीकार कर लिया और अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया।