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  • MAHARASHTRA LIVE : एनसीपी और कांग्रेस के 13-13, शिवसेना के 15, मंत्री होंगे उद्धव के कुनबे में!

    MAHARASHTRA LIVE : एनसीपी और कांग्रेस के 13-13, शिवसेना के 15, मंत्री होंगे उद्धव के कुनबे में!

    मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार शाम को शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज सुबह विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया। इस सत्र में मंत्री वह प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर को शपथ दिलाई। इसके बाद विधायकों को शपथ दिलाई गई। उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में दो डेप्युटी सीएम बनाए जा सकते हैं। इस रेस में कांग्रेस के कोटे से बालासाहेब थोराट और एनसीपी के कोटे से जयंत पाटिल का नाम आगे चल रहा है। एनसीपी नेता अजित पवार की इस सरकार में क्या भूमिका होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अजित पवार ने कहा है कि मंत्री पद पर वह पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे।

    LIVE अपडेट…

    • न्यूज एजेंसी के सूत्रों के हिसाब से महाराष्ट्र में ऐसा होगा मंत्रिमंडल। शिवसेना के मुख्यमंत्री व 15 मंत्री, एनसीपी के उप मुख्यमंत्री व 13 मंत्री और कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष व 13 मंत्री।

    • मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में राकांपा (एनसीपी) की बैठक के लिए शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे पहुंच चुके हैं। बैठक में मंत्रियों के नाम तय होंगे। मौके पर शरद पवार, सुप्रिया सुले, प्रफुल्ल पटेल, संजय राउत भी मौजूद हैं।

    -एनसीपी नेता नवाब मलिक ने विधायकों की मीटिंग के बाद कहा है कि पार्टी और परिवार एक जुट हैं।

    -मुंबई में तीन बजे के बाद एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं की बैठक होगी। बैठक में सरकार गठन को लेकर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा भी होगी। दिल्ली से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और दूसरे नेता भी इस बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार और उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर यह नेता कई बड़े फैसले लेंगे।

    -शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार शाम को सीएम पद की शपथ लेंगे, तो वहीं दो डिप्टी सीएम भी शपथ ले सकते हैं जिनमें एक कांग्रेस से और दूसरा एनसीपी का होगा। इसके अलावा 15 मंत्री भी शपथ लेंगे, तीनों पार्टियों से 5-5 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

    • शिवाजी पार्क में करीब 70 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई जा रही हैं, वहीं एक बड़े मंच पर मेहमानों के लिए सौ से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं।

    • उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह के लिए अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को दिया जाएगा न्योता ।

    -उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेेने से पहले महाराष्ट्र सीपीएम का बयान आया है कि वह सरकार का हिस्सा नहीं होगी, लेकिन फ्लोर टेस्ट के दौरान शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी का विरोध भी नहीं करेगी। CPM का महाराष्ट्र में एक विधायक है।

    -मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ पत्नी रश्मी ठाकरे भी साथ रहीं। ये मुलाकात औपचारिक बताई जा रही है। उद्धव ठाकरे गुरुवार शाम को उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

    • पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधायक पद की शपथ ले ली है। इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधायक पद की शपथ दिलाई दी है।

    विधायकों के शपथगहण के बीच सुप्रिया सुले ने कहा कि नई जिम्मेदरियां मिली हैं, महाराष्ट्र का हर शख्स हमारे साथ खड़ा था। महाराष्ट्र में बुधवार को विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होने से पहले गिले-शिकवे मिटाकर कुछ यूं मिले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सेे मिलीं।

    महाराष्ट्र में मुंबई में विधानसभा परिसर विधायकों का एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने किया स्वागत, काफी खुश दिख रही हैं सुप्रिया। इससे पहले नई विधानसभा के पहले सत्र से पहले सिद्धिविनायक मंदिर दर्शन करने पहुंचे आदित्य ठाकरे।

    आपको बताते जाए कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बुधवार शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने की बात कही थी, वहीं उससे पहले सभी विधायकों को शपथ दिलवाने को कहा था।
    विधानसभा में विधायक आने लगे हैं । उन सभी विधायकों का स्वागत एनसीपी नेता शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले कर रही हैं।

  • ‘54 MLA के हस्ताक्षर वाला पत्र अजित पवार लाए थे, आमंत्रित नहीं किया हमने NCP को’

    ‘54 MLA के हस्ताक्षर वाला पत्र अजित पवार लाए थे, आमंत्रित नहीं किया हमने NCP को’

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे अब मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा कि इसका श्रेय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार को जाता है। उन्होंने शरद पवार को भीष्म पितामह बताया। भीष्म पितामह, हिंदू महाकाव्य महाभारत के एक सम्मानित पात्र हैं।

    उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से भाजपा के वरिष्ठ सांसद ने कहा कि अगर शरद पवार नहीं होते तो महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के लिए सरकार बनाना अंसभव कार्य होता। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं। जगदंबिका पाल ने आईएएनएस से कहा, शरद पवार ने भीष्म पितामह की भूमिका निभाई। अगर वे वहां नहीं होते तो वे (शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस) महाराष्ट्र में सरकार बनाने की सोच नहीं सकते थे।

    उन्होंने कहा कि तीन पार्टियों का चुनाव के बाद बना नया गठबंधन तब तक ही चलेगा जब तक शरद पवार वहां हैं। यह पूछे जाने पर कि अगर भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए विधायकों की जरूरी संख्या नहीं थी तो महाराष्ट्र में सरकार क्यों बनाई? जगदंबिका पाल ने कहा, हम सरकार बनाने नहीं गए। यह राकांपा के अजित पवार थे, जिन्होंने हमसे (भाजपा) संपर्क किया। पाल ने कहा, हमने राकांपा को आमंत्रित नहीं किया, अजित पवार राकांपा के 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र लेकर आए थे।

    भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह सरकार नहीं बनाएगी, क्योंकि उसके पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा, यह अजित पवार का कदम था जिसके कारण हमें राज्य में सरकार बनाने का दावा करना पड़ा। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री व राकांपा नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। यह महाराष्ट्र में सबसे अल्पकालिक सरकार रही, जो शनिवार सुबह 8 बजे शपथ लेने के बाद सिर्फ 80 घंटे तक रही।

    शिवसेना व भाजपा का चुनाव पूर्व गठबंधन, सीटों के बंटवारे व मुख्यमंत्री पद को लेकर टूट गया।
    भाजपा द्वारा संख्या की कमी के चलते सरकार बनाने से इनकार करने के बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को आमंत्रित किया, लेकिन वह भी विफल रही, जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।

    बाद में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए महाराष्ट्र विकास अघाड़ी नामक गठबंधन बनाया। लेकिन शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने शुक्रवार रात भाजपा को समर्थन दिया और अपनी पार्टी के विधायकों के समर्थन का भरोसा दिया और फडणवीस सरकार ने शनिवार सुबह शपथ ले ली।

  • जयपुर को बीसलपुर बांध का पानी पसंद, तो दिल्ली को वहां की मछलियां…

    जयपुर को बीसलपुर बांध का पानी पसंद, तो दिल्ली को वहां की मछलियां…

    बीसलपुर बांध (टोंक ) । बीसलपुर के बांध से पेयजल की आपूर्ति जयपुर, अजमेर,टोंक जिले के लिए होती है, लेकिन क्या आपको यह पता है कि इस बांध की मछलियों की बिक्री सबसे ज्यादा कहां होती है। इस बांध के लिए प्रतिवर्ष मत्स्य विभाग मछली पकड़ने का टेंडर निकालता है, और यहां की मछलियां दिल्ली की मंडी में बिक्री के लिए जाती है।

    इस वित्तीय वर्ष में यहां जब बांध पूरा भरा हुआ है और दो साल तक का पेयजल यहां भरा हुआ है, इसके चलते यहां पर इस बार मछली पकड़ने का ठेका 5 करोड़ 80 लाख रुपये में छूटा है।ठेका कंपनी डीएस फिशरिज के मुताबिक इस बांध से मछली पकड़ने के लिए 200 नावें लगा रखी है, साथ ही यूपी-बिहार के 300 मछुवारों को रोजगार दे रखा है।
    डीएस फिशरिज का कहना है कि मछुवारों को 34 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मछली पकड़ने का भुगतान किया जाता है। साथ ही 15 से 16 क्विंटल प्रतिदिन मछली यहां पकड़ी जाती है। इसके बाद दो दिन के अंतराल में 30 क्विंटल मछली का दिल्ली के बाजार में बिक्री के लिए सप्लाई की जाती है।

    डीएस फिशरिज का कहना है कि राजस्थान के शहरों में मछली की बिक्री कम है और रेट भी नहीं मिलती है, इसके चलते दिल्ली के मार्केट में ही मछली बिक्री के लिए भेजी जाती है। दिल्ली के बाजार में बीसलपुर बांध की मछली के दाम 100 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रतिकिलो मिल जाते है। साथ ही यहां अलग-अलग प्रजाति की मछलियां मिलती है।

  • MAHARASHTRA: महाराष्ट्र में बड़ी हलचल उद्धव ठाकरे की ताजपोशी से पहले, अजित पहुंचे शरद पवार के घर

    MAHARASHTRA: महाराष्ट्र में बड़ी हलचल उद्धव ठाकरे की ताजपोशी से पहले, अजित पहुंचे शरद पवार के घर

    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ आज उद्धव ठाकरे लेने जा रहे हैं। वे महाराष्ट्र के 18वें सीएम होंगे। वे अपना शपथ ग्रहण समारोह शिवाजी पार्क में शाम 6 बजकर चालीस मिनट पर लेंगे।विधानसभा चुनाव में 56 सीटें जीतने वाली शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने जा रही है। उद्धव ठाकरे के साथ तीनों ही पार्टियों के दो-दो नेता भी शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविन्द केजरीवाल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया है।

    LIVE अपडेट…
    – उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण से पहले बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के घर पहुंच गए हैं। लगता है बड़ा एलान हो सकता है।
    महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा कि यह सरकार 5 साल चलेगी और जो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय किया गया उसके हिसाब से चलेगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद भी कोई परेशानी होने वाली नहीं है। बीजेपी के बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि वह अब विपक्षी पार्टी है और उनका काम ऐसी बातें करना है। रिमोट कंट्रोल के मुद्दे पर बालासाहेब थोराट ने कहा कि यहां कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है, इस सरकार में सब मिलजुल कर के काम करेंगे


    -सूत्रों ने बताया कि एनसीपी की ओर से अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

    -डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन मुंबई पहुंच गए हैं। वे आज शिवसेना प्रमुख और ‘महा विकास अघाड़ी’ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में राज्य की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

    -शिवाजी पार्क में स्थित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के समाधि स्थल को आज सजाया गया है।

    -शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर फिर विरोधियों पर तंज कसते हुए ‘How’s the Josh?’ जय महाराष्ट्र!

    -मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘शनिवार वाड़ा’ के तर्ज पर मंच बनाया गया है। शपथ ग्रहण के लिए तैयारियां जोरों से चल रही हैं। आपको बताते जाए कि शनिवार वाड़ा, पुणे में है और वो जगह है जहां से पेशवाओं का राज चलता था।

    अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी…
    -बारामती, धुले और सोलापुर के किसान अजित पवार के घर के बाहर पहुंच गए हैं। किसानों की मांग है कि अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाए, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।

    मुंबई का शिवाजी पार्क गुरुवार को एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन जाएगा। यह पहला मौका होगा कि पिछले कई दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति को नियंत्रित करने वाले ठाकरे परिवार का कोई व्यक्ति पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।

  • MAHARASHTRA: आज होगी उद्धव ठाकरे की ताजपोशी, बनाया जा रहा है ‘शनिवार वाड़ा’ के तर्ज पर मंच

    MAHARASHTRA: आज होगी उद्धव ठाकरे की ताजपोशी, बनाया जा रहा है ‘शनिवार वाड़ा’ के तर्ज पर मंच

    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ आज उद्धव ठाकरे लेने जा रहे हैं। वे महाराष्ट्र के 18वें सीएम होंगे। वे अपना शपथ ग्रहण समारोह शिवाजी पार्क में शाम 6 बजकर चालीस मिनट पर लेंगे।विधानसभा चुनाव में 56 सीटें जीतने वाली शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने जा रही है। उद्धव ठाकरे के साथ तीनों ही पार्टियों के दो-दो नेता भी शपथ लेंगे।
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    -शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर फिर विरोधियों पर तंज कसते हुए ‘How’s the Josh?’ जय महाराष्ट्र!

    -मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘शनिवार वाड़ा’ के तर्ज पर मंच बनाया गया है। शपथ ग्रहण के लिए तैयारियां जोरों से चल रही हैं। आपको बताते जाए कि शनिवार वाड़ा, पुणे में है और वो जगह है जहां से पेशवाओं का राज चलता था।

    अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी…
    -बारामती, धुले और सोलापुर के किसान अजित पवार के घर के बाहर पहुंच गए हैं। किसानों की मांग है कि अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाए, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।

    मुंबई का शिवाजी पार्क गुरुवार को एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन जाएगा। यह पहला मौका होगा कि पिछले कई दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति को नियंत्रित करने वाले ठाकरे परिवार का कोई व्यक्ति पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।

    इसे यादगार बनाने के लिए शिवसेना ने व्यापक तैयारियां की हैं। एक तरह से पार्टी अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है। उद्धव के साथ और कौन-कौन शपथ लेगा, यह अभी साफ नहीं हुआ है। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उद्धव के साथ तीनों पार्टियों के दो-दो मंत्री शपथ लेंगे।

  • गोडसे पर बयान देना प्रज्ञा ठाकुर काे पड़ा महंगा, हटाया रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से और BJP संसदीय दल बैठक से भी रोका

    गोडसे पर बयान देना प्रज्ञा ठाकुर काे पड़ा महंगा, हटाया रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से और BJP संसदीय दल बैठक से भी रोका

    नई दिल्ली। भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को आज रक्षा संसदीय कमेटी से हटा दिया गया है। आपको बताते जाए कि लोकसभा में कल महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताना बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को महंगा पड़ गया है। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने साध्वी प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से निकाल देने की जानकारी दी है। इसके साथ ही सत्र के दौरान होने वाले बीजेपी संसदीय दल की बैठकों में भी साध्वी प्रज्ञा को नहीं आने का फरमान सुना दिया गया है।
    बीजेपी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि संसद में कल का उनका बयान निंदनीय है। बीजेपी कभी भी इस तरह के बयान या विचारधारा का समर्थन नहीं करती है।

    वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रज्ञा ठाकुर के लिए कहा है कि मैं उस महिला के बारे में नहीं बोलना चाहता, यह आरएसएस और बीजेपी की आत्मा में है। वह कहीं ना कहीं से निकलेगा, वह गांधी जी की कितनी भी पूजा करें। उनकी आत्मा (आरएसएस) की है। मैं अपना समय खराब नहीं करना चाहता, उनके उपर एक्शन लें।

     

  • लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट, प्रज्ञा को बताया राहुल गांधी ने ट्वीट में आतंकी

    लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट, प्रज्ञा को बताया राहुल गांधी ने ट्वीट में आतंकी

    नई दिल्ली। भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ने लोकसभा में चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को लोकसभा में जैसे ही प्रश्न काल शुरू हुआ, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने प्रज्ञा के बयान पर हंगामा करने लगे। विपक्षी दलों ने मांग रखी कि प्रज्ञा के बयान पर चर्चा हो लेकिन स्पीकर ने इसके मना कर दिया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गोडसे को देशभक्त कहे जाने की उनकी पार्टी निंदा करती है लेकिन असंतुष्ट कांग्रेसी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।

    गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य हंगामा करना प्रारंभ कर दिया। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी समेत विपक्ष के तमाम नेता प्रज्ञा के बयान पर चर्चा की मांग करने लगे। अधीर रंजन चौधरी ने कहा महात्मा गांधी की हत्या करने वालों को देशभक्त बताया जा रहा है। यह सरकार नाथूराम गोडसेपंथी है।

    इस पर स्पीकर ओम बिरला ने समझाते हुए कहा कि संबंधित सांसद के बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है। इस पर भी जब विपक्षी सदस्यों का हंगामा नहीं थमा तो स्पीकर ने साफ कहा कि जो बात सदन के रेकॉर्ड में ही नहीं है, उस पर चर्चा नहीं हो सकती।

    विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच स्पीकर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपनी बात रखने को कहा। रक्षा मंत्री ने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने की बात तो दूर, देशभक्त मानने की अगर किसी की सोच भी है, तो उनकी पार्टी इसकी निंदा करती है। महात्मा गांधी पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे, भविष्य में भी रहेंगे। उनकी विचारधारा कल भी प्रासंगिक थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी को सभी अपना आदर्श मानते हैं। सभी अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। रक्षा मंत्री के बयान से भी विपक्षी दल संतुष्ट नहीं हुए और विरोध में सदन से वॉकआउट कर गए।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साध्वी पर हमला करते हुए ट्वीट करते हुए लिखा है कि आतंकी प्रज्ञा ने आतंकी गोडसे को देशभक्त बताया’, भारत की संसद के इतिहास में ये एक दुखद दिन है।

  • कल ही साबित करना होगा फ्लोर टेस्ट- सूत्र

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    मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाल लिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार अपराह्न् यहां ‘मंत्रालय’ में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र कल बुलाया गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दिलीप वालसे पाटिल को महाराष्ट्र विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने बताया है कि कल ही फ्लोर टेस्ट साबित करना होगा।

    राज्य सरकार के मुख्यालय पहुंचे ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि, परिवार के कुछ सदस्यों, बेटे आदित्य और अन्य लोगों ने सबसे पहले शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस स्मारक को संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में अपना जीवन कुर्बान करने वालों की याद में बनाया गया है।
    उद्धव व आदित्य ठाकरे ने मंत्रालय के निकट स्मारक पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में उन्होंने मंत्रालय के भीतर बी.आर.आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज व दूसरे ऐतिहासिक शख्सियतों को पुष्पांजलि अर्पित की। ठाकरे के साथ, उनके मंत्रिमंडल के छह सहयोगी- शिवसेना के एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, राकांपा के जयंत पाटील और छगन भुजबल, और कांग्रेस के बालासाहेब थोरात और नितिन राउत ने अपने संबंधित कार्यलयों में कार्यभार संभाला।

    अपडेट…

    -महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मातोश्री से निकल गए हैं, अब वे मंत्रालय जा रहे हैं। उद्धव अब से कुछ देर में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालेंगे।

    इससे पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधा है। सामना में लिखा गया है कि भगवा ध्वज से दुश्मनी मोल लेने वाले संभल जाओ। अगर दुश्मनी करोगे तो खुद ही नुकसान में रहोगे। वहीं उद्धव सरकार के बारे में कहा गया है कि यह सरकार सत्य और न्याय की सारी कसौटियों पर खरी उतरकर स्थिर रहेगी।
    सामना के संपादकीय में पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है, इसलिए महाराष्ट्र के छोटे भाई को प्रधानमंत्री के रूप में साथ देने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी की बनती है। इसके साथ ही सामना में राज्य पर पांच लाख करोड़ का कर्ज लादने के लिए देवेन्द्र फडणवीस को निशाना साधा है।

  • JHARKHAND :अमित शाह बाेले , नहीं जीत पाएंगे इतनी भीड़ से , फोन लगाइए 25-25 लोगों को

    JHARKHAND :अमित शाह बाेले , नहीं जीत पाएंगे इतनी भीड़ से , फोन लगाइए 25-25 लोगों को

    चतरा। केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को यहां कहा कि भाजपा शासन के दौरान झारखंड से नक्सलियों का सफाया कर दिया गया है। शाह यहां पहले चरण के मतदान के लिए आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे। शाह ने कहा कि नक्सलियों को जमीन के 20 फुट नीचे दफना दिया गया है। बीते पांच सालों में केंद्र और राज्य में भाजपा शासन के दौरान नक्सलियों का सफाया हो चुका है। पहले लोग घर से बाहर कदम रखने में डरते थे और अब लोग आधी रात में बारात लेकर जाते हैं।

    झारखंड के चतरा में रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ये 10-15 हजार लोगों से हम जीत लेंगे क्या, मुझे भी गणित आता है, मैं भी बनिया हूं, बेवकूफ मत बनाओ, आपको एक रास्ता बताता हूं, आप करेंगे क्या, सब लोग हाथ में मोबाइल उठाकर अपने 25-25 परिजनों को फोन करो और कमल के निशान पर वोट डालने की अपील करो।

    अमित शाह ने आगे कहा कि राज्य में बहुत सारे काम किए गए। उद्योग स्थापित किए गए, हर घर तक बिजली पहुंची है, सड़क निर्माण किया गया, शौचालय बनाए गए। भाजपा सरकार ने उन महिलाओं को सम्मान दिया, जिन्हें खेतों में जाना पड़ता था। राहुल बाबा को ये बातें समझ नहीं आएंगी, क्योंकि उनका जन्म गरीब परिवार में नहीं हुआ। गरीबों का दर्द नरेंद्र मोदी समझते हैं, क्योंकि वह खुद गरीब पृष्ठभूमि से थे, रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे।

    वहीं ओबीसी मतदाताओं को लुभाने के लिए शाह ने कहा कि यह भाजपा सरकार ही है, जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाया, जिसे कांग्रेस बीते 60 सालों में नहीं कर पाई थी। हमें दोबारा मौका दीजिए, ताकि हम एक कमेटी का गठन कर ओबीसी को ज्यादा से ज्यादा आरक्षण दे सकें। वर्तमान में झारखंड में ओबीसी को मात्र 14 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। शाह ने कुछ दिन पहले लातेहार जिले में मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

  • WEST BENGAL BYPOLLS : तीनों सीटों पर हारी भाजपा साल 2016 से तिगुने वोट पाकर भी

    WEST BENGAL BYPOLLS : तीनों सीटों पर हारी भाजपा साल 2016 से तिगुने वोट पाकर भी

    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पश्चिम बंगाल में तीन सीटों के उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के क्षेत्र में भी पार्टी की हार हुई। भाजपा का हालांकि मानना है कि नतीजों के लिहाज से भले तीनों सीटों पर पार्टी हार गई, मगर पिछली बार की तुलना में वोटों में भारी इजाफा कर पार्टी दूसरे नंबर पर रही। इस तरह भाजपा अब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का मजबूत विकल्प बन चुकी है।

    कालियागंज और खडग़पुर में लोकसभा चुनाव के दौरान बढ़त मिलने के बावजूद उपचुनाव में हार भाजपा नेताओं को हालांकि परेशान कर रही है। कालियागंज विधानसभा सीट पर कांटे की लड़ाई के बाद मात्र 2300 वोटों से भाजपा की हार हुई। यहां 2016 के विधानसभा चुनाव में महज 27 हजार वोट पाकर भाजपा तीसरे स्थान पर रही थी, मगर इस बार उपचुनाव में तीन गुने से भी अधिक(95 हजार से अधिक) वोट मिले हैं।

    इसी तरह करीमपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा अपने वोटों में भारी बढ़ोतरी करने में सफल रही है। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में तीन गुना वोट बढ़े हैं। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 23302 वोट मिले थे, जबकि तीन साल बाद हुए इस उपचुनाव में 78 हजार से ज्यादा वोट मिले।

    भाजपा सूत्रों का कहना है कि तीनों सीटों पर हार के पीछे विरोधी वोटों का एकजुट होना है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को 18 सीटें मिलने के बाद विपक्षी वोट एकजुट हो गए, जिससे वोट बढऩे के बाद भी भाजपा सीट नहीं जीत सकी। बानगी के तौर पर देखें तो करीमपुर सीट पर तृणमूल कांग्रेस को पिछली बार से 10 हजार अधिक वोट मिले, जबकि भाजपा पिछली बार से 55 हजार अधिक वोट पाकर भी हार गई।

    इस सीट पर माकर्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वोट भी तृणमूल के पाले में चले जाने की बात सामने आ रही। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव रितेश तिवारी ने आईएएनएस से कहा, अक्सर उपचुनाव सत्तापक्ष की जीत होती है, क्योंकि पूरी मशीनरी विपक्ष के खिलाफ खड़ी रहती है। कालियागंज सीट पर सिर्फ दो हजार वोटों से ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस जीत पाई। इससे पता चलता है कि राज्य में विधानसभा चुनाव में भी जनता भाजपा की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रही है।

    कलियागंज सीट रायगंज लोकसभा क्षेत्र में आती है। 55 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाला लोकसभा क्षेत्र होने के बावजूद 2019 में भाजपा की देबाश्री चौधरी जीतने में सफल रही हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में माकपा और कांग्रेस के बीच मुस्लिम वोट बंट गया था। मगर इस बार विधानसभा चुनाव में कलियागंज सीट पर तृणमूल के जीतने के पीछे मुस्लिम व भाजपा विरोधी वोटों का एकजुट होना बताया जा रहा है। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली खडग़पुर सीट पर दिलीप घोष ने भाजपा को जीत दिलाई थी।

    मगर इस बार उपचुनाव में 20 हजार से अधिक वोटों से भाजपा की हार हुई है। जबकि लोकसभा चुनाव में भाजपा को इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 45 हजार वोटों की बढ़त मिली थी। वहीं कालियागंज सीट पर भी भाजपा ने 55 हजार से ज्यादा की बढ़त बनाई थी। साल 2016 में भाजपा के टिकट पर खडग़पुर विधानसभा सीट से जीते दिलीप घोष और करीमपुर से तृणमूल विधायक महुआ मित्रा के 2019 में सांसद बन जाने पर इन दोनों सीटों पर उपचुनाव हुआ। वहीं, कांग्रेस विधायक प्रमथनाथ राय के निधन के कारण कालियागंज सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।