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  • MAHARASHTRA : प्रफुल्ल पटेल बैठक के बाद बोले- डिप्टी सीएम NCP का, कांग्रेस का होगा स्पीकर

    MAHARASHTRA : प्रफुल्ल पटेल बैठक के बाद बोले- डिप्टी सीएम NCP का, कांग्रेस का होगा स्पीकर

    मुंबई। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की 4 घंटे चली बैठक के बाद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने अहम सूचना दी है। उद्धव ठाकरे गुरुवार शाम को शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में एक ही उप मुख्यमंत्री होगा और डिप्टी सीएम का ये पद एनसीपी को मिला है। हालांकि अभी तक एनसीपी की ओर से उप मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस को स्पीकर का पद दिया गया है।

    इससे पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज सुबह विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया। इस सत्र में मंत्री वह प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर को शपथ दिलाई। इसके बाद विधायकों को शपथ दिलाई गई। उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में दो डेप्युटी सीएम बनाए जा सकते हैं। इस रेस में कांग्रेस के कोटे से बालासाहेब थोराट और एनसीपी के कोटे से जयंत पाटिल का नाम आगे चल रहा है। एनसीपी नेता अजित पवार की इस सरकार में क्या भूमिका होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अजित पवार ने कहा है कि मंत्री पद पर वह पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे।

    LIVE अपडेट…
    – महाराष्ट्र में एक ही उप मुख्यमंत्री होगा और उप मुख्यमंत्री का ये पद एनसीपी को मिला है। हालांकि एनसीपी की ओर से उप मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये अबतक तय नहीं हो पाया है, वहीं कांग्रेस को स्पीकर का पद दिया गया है।

    • करीब चार घंटे चली एनसीपी-कांग्रेस-शिवेसना की बैठक। मंत्रिमंडल के बंटवारे को लेकर हुई चर्चा। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि सबकुछ फाइनल हो चुका है।

  • शिवसेना के संजय राउत बोले- देश में परिवर्तन की शुरुआत महाराष्ट्र से, मिलेगा अजित पवार को अच्छा पद

    शिवसेना के संजय राउत बोले- देश में परिवर्तन की शुरुआत महाराष्ट्र से, मिलेगा अजित पवार को अच्छा पद

    मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है। वे मुख्यमंत्री की शपथ गुरुवार शाम 6 बजकर 40 मिनट पर शिवाजी पार्क में लेंगे। इस बीच शिवसेना के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र से देश में परिवर्तन की शुरुआत हो गई है, आज उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने हैं और इसका मतलब है कि देश में परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। संजय राउत ने कहा कि अजित पवार को गठबंधन में ठीक स्थान मिलेगा, वो बहुत बड़ा काम करके आए हैं।

    संजय राउत ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबाेधित करते हुए कहा कि बीजेपी की ओर से ‘अघोरी’ प्रयोग किया गया था, लेकिन महाराष्ट्र की जनता ने सबकुछ ध्वस्त कर दिया। अब इस प्रकार के प्रयोग नहीं चलेंगे और महाराष्ट्र का असर अन्य राज्यों में भी दिखेगा।

    संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने का मिशन पूरा हो चुका है और हमारा ‘सूर्ययान’ मंत्रालय पर लैंड हो गया है, जब मैंने ये कहा था कि लोग मुझपर हंस रहे थे, अगर आने वाले समय में दिल्ली में भी हमारा सूर्ययान उतरे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इससे पहले संजय राउत ने ट्वीटर पर एक कविता ट्वीट की है। इसमें बताया है कि अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है, अभी तो इस परिंदे का इम्तिहान बाकी है ,अभी अभी मैंने लांघा है समुंदरों को, अभी तो पूरा आसमान बाकी है।

    आपको बताते जाए कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मुंबई के शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जहां मंत्रियों के साथ उद्धव शपथ लेंगे।

  • MAHARASHTRA: अजित पवार ने लगाया शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सुप्रिया सुले को गले

    MAHARASHTRA: अजित पवार ने लगाया शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सुप्रिया सुले को गले

    मुंबई। महाराष्ट्र में विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय 287 नवनिर्वाचित विधायक बुधवार को यहां महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र में शपथ ग्रहण कर रहे हैं। उन्हें प्रोटेम स्पीकर कालिदास एन. कोलांबकर शपथ दिला रहे हैं। शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सांसद सुप्रिया सुले-पवार, कांग्रेस के विभिन्न नेता विधान भवन में प्रवेश कर रहे हर पार्टी के विधायक का हाथ मिलाकर गर्मजोशी से स्वागत कर रहे थे।

    पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मुस्कराते हुए वहां सबको चौंका दिया जब उनके वहां पहुंचते ही उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने उनका स्वागत किया और इसके बाद उन्होंने उन्हें गले लगा लिया।

    सुप्रिया ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गर्मजोशी से हाथ जोड़कर स्वागत किया और जब वे मुस्कराते हुए आगे बढ़े तो उनके कंधे पर हाथ रखकर उनसे बात की।

    सुप्रिया ने पूर्व स्पीकर और भारतीय जनता पार्टी (बाजपा) के वरिष्ठ नेता हरिभाऊ बागडे और अन्य नेताओं का भी गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे पिछले कई दिनों से चल रहा तनावपूर्ण माहौल वहां सुहावना हो गया।
    एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पड़पोते रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार लौट आए हैं, इस बात की हमें खुशी है।

    मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए उद्धव ठाकरे विधान भवन आने और अन्य विधायकों से मिलने से पहले राजभवन में राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी से औपचारिक मुलाकात करेंगे। उद्धव ठाकरे को शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद के लिए महा विकास अगाड़ी का नेता चुना गया।

  • MAHARASHTRA : राज्यपाल को CM देवेन्द्र फडणवीस ने दिया इस्तीफा

    MAHARASHTRA : राज्यपाल को CM देवेन्द्र फडणवीस ने दिया इस्तीफा

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासत का ड्रामा अब क्लाइमेक्स हो गया है। देवेन्द्र फडणवीस ने आज राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने से पहले देवेन्द्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस काे संबोधित करते हुए कहा है कि आपको पता है विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जनता ने दिल खोलकर हमारे महागठबंधन को समर्थन दिया। जब शिवसेना को पता चला कि उनके बिना महाराष्ट्र में सरकार नहीं बन सकती है तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद की मांग करने लगे। उन्होंने हमारे से बात नहीं करके एनसीपी और कांग्रेस से मातोश्री से बाहर निकलकर बात करने लगी।

    मुख्ममंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सीएम पद से इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि मैं राजभवन जाऊंगा और अपना इस्तीफा दूंगा। मैं उन सभी को शुभकामना देता हूं जो भी सरकार बनाएंगे। लेकिन यह एक बहुत ही अस्थिर सरकार होगी, क्योंकि इसमें बहुत अंतर है।

    देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार के इस्तीफा देने के बाद हमारे पास इतने विधायक नहीं थे कि हम विधानसभा में बहुमत साबित कर सकें। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। हम मजबूत विपक्ष का काम करेंगे। शिवसेना का गठबंधन का मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना है।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTIONS: RJD को खल रही है झारखंड चुनाव में लालू प्रसाद यादव की कमी

    JHARKHAND ASSEMBLY ELECTIONS: RJD को खल रही है झारखंड चुनाव में लालू प्रसाद यादव की कमी

    रांची। बिहार में सियासत की एक धुरी माने जाने वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का ग्राफ पड़ोसी राज्य झारखंड में गिरता रहा है। झारखंड के नेताओं को इस विधानसभा चुनाव में राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में खोई हुई जमीन लौटाने की चुनौती है। हालांकि, इस चुनाव में राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद की कमी भी यहां के नेताओं को खल रही है।

    बिहार से अलग झारखंड के बनने के बाद राजद की पहचान मजबूत पार्टी के तौर होती थी, लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया, वैसे-वैसे राजद की जमीन सिमटती चली गई।

    इस विधानसभा चुनाव में राजद एक बार फिर पूरी ताकत के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी है।

    झारखंड राज्य गठन के पहले राजद झारखंड के कई क्षेत्रों में काफी मजबूत था, लेकिन झारखंड गठन के बाद से ही राजद का कुनबा ध्वस्त होता चला गया। पिछले विधानसभा चुनाव में राजद का एक भी प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका। राजद इस बार गठबंधन के साथ सात सीटों पर चुनाव मैदान में है। पार्टी ने हुसैनाबाद, चतरा, छतरपुर, कोडरमा, बरकठ्ठा, देवघर और गोड्डा से अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

    वर्ष 1995 में झारखंड (उस समय बिहार राज्य का हिस्सा था) में 14 सीटें तक जीती थी, मगर झारखंड बनने के बाद से राजद की जमीन पर अन्य दल कब्जा जमाते चले गए। पिछले चुनाव में राजद एक भी सीट नहीं जीत सकी थी जबकि 2009 में पांच सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब हो सकी थी।

    राजद के एक नेता कहते हैं कि राजद को नेताओं का साथ कभी नहीं मिला। राजद के महत्वपूर्ण नेता पार्टी छोड़ते चले गए। उन्होंने कहा इस साल हुए लोकसभा चुनाव के पहले राजद की अध्यक्ष रहीं अन्नपूर्णा देवी पार्टी छोड़कर भाजपा में चली गईं और कोडरमा से सांसद बन गईं। इसी तरह गिरिनाथ सिंह पार्टी छोड़कर अन्यत्र चले गए।

    इस चुनाव में राजद पूरी ताकत के साथ अपनी खोई जमीन वापस लाने के लिए पसीना बहा रही है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह कहते हैं कि इस चुनाव में पार्टी ने पांच ऐसी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जो सीटें 2009 के चुनाव में पार्टी के कब्जे में थी। सिंह भी मानते हैं कि इस चुनाव में लालू प्रसाद की कमी अखर रही है। उनके जैसा कोई स्टार प्रचारक नहीं है।

    राजद ने फिलहाल 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, इसमें लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों को भी जगह दी गई है।

    राजद के प्रदेश अध्यक्ष सिंह कहते हैं, “पार्टी को लालू प्रसाद जैसे स्टार प्रचारक की कमी पिछले चुनाव से ही खल रही है। पार्टी को अभी तक उनके बराबर का नेता नहीं मिल पाया है। चुनावों में लालू प्रसाद को सुनने के लिए हर वर्ग के लोगों की भीड़ होती थी।”

    झारखंड में विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव हो लालू का जलवा देखने के लिए उनकी चुनावी सभाओं में काफी भीड़ रहती थी।

    चर्चित चारा घोटाले के कई मामलों में सजा पा चुके लालू प्रसाद रांची की एक जेल में हैं। फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से वह रिम्स में भर्ती हैं। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जेल के नियम के मुताबिक उनसे मिलते हैं और रणनीतियां तय करते हैं, लेकिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को कसक है कि इस चुनाव में लालू प्रसाद नहीं हैं।

  • MAHARASHTRA LIVE : मुख्यमंत्री होंगे उद्धव ठाकरे, शरद पवार ने कहा,लेंगे 1 दिसंबर को शपथ

    MAHARASHTRA LIVE : मुख्यमंत्री होंगे उद्धव ठाकरे, शरद पवार ने कहा,लेंगे 1 दिसंबर को शपथ

    मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से सत्ता संघर्ष को लेकर घमासान जारी है। मंगलवार को भी प्रदेश इससे अछूता नहीं रहा। तमाम तरह की राजनीतिक गतिविधियों के बीच सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जबरदस्त उलटफेर देखने को मिला। अब लग रहा है कि इस ड्रामे का अंत नजदीक है। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के लोगों को एक सरकार मिल जाएगी, जबकि सियासी उठापटक पर ब्रेक लग जाएगा।

    LIVE UPDATES….

    • राकांपा (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा, महाविकास अघाड़ी के तीन प्रतिनिधि आज राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह 1 दिसंबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा।

    • महाराष्ट्र विकास अघाड़ी होगा कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन का नाम। बैठक में तीनों दल के नेताओं ने मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव ठाकरे के नाम के प्रस्ताव पर जताई सहमति।

    • मुंबई के ट्राइडेंट होटल में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस विधायकों की बैठक जारी

    • राज्यपाल ने कल यानी बुधवार सुबह 8 बजे विधानसभा सत्र बुलाया है। विधानसभा का विशेष सत्र चलेगा।

    • राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सोमवार शाम राजभवन में भाजपा विधायक कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई।

    • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आज शाम 7 बजे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेंगी। सरकार बनाने का दावा पेश करने की संभावना।

    • सूत्राें के अनुसार, उद्धव ठाकरे कल ले सकते हैं मुख्यमंत्री पद की शपथ। एनसीपी की ओर से उपमुख्यमंत्री जयंत पाटिल और कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट को बनाया जाएगा।।

    • महाराष्ट्र में सियासत का ड्रामा अब क्लाइमेक्स हो गया है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस आज इस्तीफा देने का एलान कर दिया है।वे राज्यपाल के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

    • राज्य में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अब उद्धव ठाकरे पांच साल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। अजित पवार भी हमारे साथ हैं। हम उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि अजित दादा ने इस्तीफा दे दिया है और अब वह हमारे साथ हैं। उद्धव ठाकरे पूरे 5 साल के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि आज शाम तीनों दलों की बैठक है और इस बैठक में उद्धव ठाकरे को विधायक दल का नेता चुना जाएगा।

    -सूत्रों ने बताया कि अजित पवार ने मुख्यमंत्री को अपने इस्तीफे दे दिया है।

    • मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस आज साढे तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

    • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। इस बैठक में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा मोजूद हैं।

    -सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी अब फ्लोर टेस्ट का ही इंतजार करेगी यानी किसी भी सूरत में पहले हथियार नहीं डाले जाएंगे । वानखेडे स्टेडियम में भाजपा विधायकों की आज शाम नौ बजे होगी।

    -मुंबई में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के विधायकों की आज शाम 5 बजे संयुक्त बैठक होगी।

    -सूत्रों ने बताया कि सुप्रिया सुले ने अजित पवार से फोन पर बात की है। इसके बाद अजित की अपने चाचा से मुलाकात हुई है। इसके बाद वे इसके बाद वे सीएम हाउस आए। वे मुख्यमंत्री फडणवीस से एकांत में बातचीत करके अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं। सुप्रीया सुले के पति भी अजित पवार से मिले हैं।

    -मुंबई में भाजपा विधायक हरिभाऊ बागडे सीएम देवेंद्र फडणवीस के आवास पर पहुंचे। वह पिछली विधानसभा के स्पीकर थे और आधिकारिक तौर पर, वह तब तक अध्यक्ष हैं जब तक कि अगले अध्यक्ष पदभार ग्रहण नहीं कर लेते। वह स्पीकर की आधिकारिक कार में पहुंचे हैं।

    • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के मुख्यमंत्री निवास वर्षा पर भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र यादव, उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में पहुंच गए हैं।

    • फडणवीस सरकार के भविष्य पर सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि 27 नवम्बर यानी बुधवार को फ्लोर टेस्ट करवाया जाए। बुधवार शाम पांच बजे तक विधायकों को शपथ दिला दी जाए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार का फ्लोर टेस्ट करवाए जाए। इस दौरान विधायकों का मतदान गुप्त नहीं होगा और मतदान लाइव होगा। राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करें। प्रोटेम स्पीकर ही कराएगा महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट ।

    -कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के प्रदेशाध्यक्ष बालासाहेब थोराट को कांग्रेस के विधायक दल के नेता चुन लिया गया है। इनका नाम पर अंतिम मोहर लगा दी है।

    • संजय राउत ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा है कि हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश जारी है, हमारे एक भी विधायक नहीं टूटेगा। एनसीपी के 51 विधायक वापस आ गए हैं।बिना बहुमत के कैसे सीएम पद की शपथ दिला दी गई?

    राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में पैसे का खेल चल रहा है। महाराष्ट्र ऐसे लोग घूम रहे हैं फर्जी। शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे हैं। एनसीपी का विधायक दल के नेता जयंत पाटील हैं। हमने अपना आंकड़ा दिखा दिया। मुझे बीजेपी के बारे में क्यों बात करनी है। बीजेपी ने राज्यपाल को फर्जी चिट्ठी दिखाई। एक भगत सिंह देश के लिए फांसी पर चढ़ गए और एक भगत सिंह कोश्यारी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी।

    -शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया कि हमारे साथ और भी विधायक जुड़ सकते हैं। राउत ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 162 और अधिक… बस इंतजार कीजिए और देखिए। राउत के ट्वीट से पहले सोमवार शाम को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने अपने विधायकों की परेड कराई।

    इससे पहले विधायकों ने ली एकता की शपथ। शक्ति प्रदर्शन के दौरान 162 विधायकों ने शरद पवार, सोनिया गांधी और उद्धव ठाकरे के नाम की शपथ ली, जिसमें किसी भी परिस्थिति में एक साथ रहने की बात कही गई। वहीं शरद पवार ने इस दौरान अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये मणिपुर-कर्नाटक नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र है।

  • कांग्रेस कर रही MP में नेताओं की कुंडली तैयार, मिलेगी पद और जिम्मेदारियां सौंपने में मदद

    कांग्रेस कर रही MP में नेताओं की  कुंडली तैयार, मिलेगी पद और जिम्मेदारियां सौंपने में मदद

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में आए 11 माह का वक्त गुजर गया है। सरकार और पार्टी नेताओं का जमीनी स्तर पर कितना और किस तरह का असर है, यह जानने के साथ ही पार्टी तमाम नेताओं की कुंडली भी तैयार करने में जुट गई है, ताकि उसके अनुरूप लोगों को पद और जिम्मेदारियां सौंपी जाएं और आगे की रणनीति बनाई जाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेताओं की वास्तविक जमीनी पकड़ का पता लगाने के लिए पार्टी ने 50 से ज्यादा समन्वयकों को मैदान में उतारा है।

    ये समन्वयक राज्य सरकार की योजनाओं के जमीनी असर की वास्तविकता का पता करने के साथ ही कांग्रेस के प्रति लोगों के नजरिए को भी करीब से जानेंगे। सूत्रों के अनुसार, राज्य के नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर पार्टी में मंथन का दौर जारी है, वहीं उसके बाद बड़े पैमाने पर जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं। इसके साथ ही निगम, मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है।

    दावेदार बड़ी संख्या में हैं, उनमें कई ऐसे हैं, जो पाला बदलकर आए हैं। पिछले दिनों पार्टी से यह चूक हो चुकी है कि भाजपा से आए नेता को जिम्मेदार पद पर बैठा दिया गया था, बाद में किरकिरी होने पर उसे हटाया गया। पार्टी के एक पदाधिकारी के अनुसार, समन्वयकों को लगभग हर जिले में भेजा गया है, वे पार्टी के नेताओं से संवाद और संपर्क में तो हैं ही, साथ में निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से भी वे बात कर रहे हैं।

    ये समन्वयक हर इकाई के पदाधिकारी की पार्टी के प्रति निष्ठा, कार्यशैली और कार्यकर्ताओं में पकड़ का आकलन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी पता लगाया जा रहा है कि राज्य में भाजपा की सरकार के मौके पर उसने पार्टी के लिए किस तरह से काम किया।

    पिछले दिनों राजधानी में प्रदेश प्रभारी बावरिया की मौजूदगी में बुलाई गई जिलाध्यक्षों की बैठक में कई नेताओं ने जमकर अपनी भड़ास निकाली थी और सरकार के कई मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं पर जमकर हमले भी बोले थे। उस दौरान यह बात साफ हो गई थी कि निचले स्तर का पदाधिकारी संतुष्ट नहीं है। इसी के बाद पार्टी ने जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी।

    सूत्रों का कहना है कि राज्य की कांग्रेस इकाई में दिसंबर के अंत में ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय हो सकता है और निगम, मंडल अध्यक्षों की चयन की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष के नाम का फैसला जहां हाईकमान को करना है, वहीं निगम, मंडल अध्यक्षों का चयन समन्वयकों की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा।

  • प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में फिर दिया विवादित बयान, गोडसे को बताया ‘देशभक्त’

    प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में फिर दिया विवादित बयान, गोडसे को बताया ‘देशभक्त’

    भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने संसद में नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा है। बुधवार को लोकसभा में बहस के दौरान प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है।

    दरअसल, लोकसभा में विशेष सुरक्षा दल संशोधन बिल पर डीएमके सांसद ए राजा अपनी राय रख रहे थे। इस दौरान ए राजा ने गोडसे के एक बयान का जिक्र किया जिसमें गोडसे ने कहा कि था कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा था।

    जब ए राजा बोल ही रहे थे उसी वक्त प्रज्ञा ठाकुर ने बीच में दखल देते हुए कहा कि आप एक देश भक्त का उदाहरण नहीं दे सकते हैं। उनके इस बयान के बाद लोकसभा में बवाल मच गया। हालांकि प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान को लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया है।

  • फिर किया साबित शरद पवार ने, हैं ताकतवर मराठा नेता और राजनीति के पुराने खिलाड़ी

    फिर किया साबित शरद पवार ने, हैं ताकतवर मराठा नेता और राजनीति के पुराने खिलाड़ी

    नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर अपने दिग्गज नेतृत्व का परिचय दिया है। उनके भतीजे अजित पवार के बागी होकर हाई-वोल्टेज विद्रोह करने के बाद पार्टी में सब कुछ समान करके उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि वे इस राजनीतिक खेल के पुराने खिलाड़ी और एक ताकतवर मराठा नेता हैं।

    विद्रोह के तीन दिनों के अंदर वे न केवल अपने विधायकों को एक साथ रखने में कामयाब रहे, बल्कि अजीत पवार का इस्तीफा दिलाकर वे चार दिन पुरानी फडणवीस सरकार को गिराने में कामयाब रहे। अजित पवार को अकेला छोडक़र सभी राकांपा विधायक शरद पवार के पास वापस लौट आए थे। शरद पवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देते हुए कहा था कि महाराष्ट्र राज्य गोवा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक नहीं है।

    चार दशक पहले 38 वर्ष की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बने शरद पवार अभी भी महाराष्ट्र की राजनीति में कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे तीन बार मुख्यमंत्री और कई बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2014 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार में वे केंद्रीय मंत्री थे। संप्रग के चुनाव हारने के बाद से राकांपा केंद्र और राज्य दोनों में एक सीमांत खिलाड़ी थी। लेकिन 24 अक्टूबर, 2019 के विधानसभा परिणाम आने के बाद से शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति की धुरी बने।

    उन्होंने शिवसेना नेताओं और उद्धव ठाकरे से होटल ट्राइडेंट में मिलने से लेकर बाकी सभी राजनीतिक गतिविधियों की निगरानी उनके द्वारा की गई थी। सरकार गठन पर सोनिया की सहमति के लिए वे दिल्ली में उनसे दो बार मिले। लुटियंस दिल्ली में उनका घर 6, जनपथ नई महाराष्ट्र सरकार के गठन पर पिछले कुछ दिनों से व्यस्त राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा। जब दिल्ली में न्यूनतम कार्यक्रम पर चर्चा की गई, तो ध्यान पवार के मुंबई के सिल्वर ओक में स्थानांतरित हो गया।

  • उद्धव होंगे ठाकरे परिवार के पहले CM, विधानसभा या विधान परिषद चुनाव जीतना होगा 6 महीने में

    उद्धव होंगे ठाकरे परिवार के पहले CM, विधानसभा या विधान परिषद चुनाव  जीतना होगा 6 महीने में

    मुंबई/नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति होंगे, जो महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा। उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-कांग्रेस के संयुक्त गठबंधन महा विकास अघाड़ी का नेतृत्व करने जा रहे हैं। उद्धव के पिता दिवगंत बाला साहेब ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित क्षेत्रीय पार्टी शिवसेना ने पहली बार कांग्रेस और राकांपा से एक साथ हाथ मिलाया है।

    मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे को छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लडक़र जीतना होगा। उद्धव ने आज तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वे दोनों में से किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उनके बेटे आदित्य ठाकरे, ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने पहली बार पिछले महीने वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीता था।

    राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस-राकांपा ने संयुक्त रूप से 288 सीटों वाली विधानसभा में 98 सीटें जीती थीं। 27 जुलाई 1960 को जन्में उद्धव ने वर्ष 2012 में अपने पिता के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाली थी। शिवसेना के मुखपत्र सामना का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

    वर्ष 1999 में महाराष्ट्र में शिवसेना के मुख्यमंत्री नारायण राणे की कार्यशैली और प्रशासनिक योग्यता की उन्होंने खुले तौर पर आलोचना की। इसके बाद हुए विवाद में राणे को इस्तीफा देना पड़ा। बाद में राणे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उद्धव के नेतृत्व में शिवसेना को 2002 में बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनावों में भारी मतों से जीत मिली थी। वर्ष 2003 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उद्धव और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच 2006 में मतभेद के बाद राज ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) का गठन किया। उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे पार्टी की युवा शाखा युवासेना के अध्यक्ष हैं।