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  • डिप्टी स्पीकर का चुनाव हरियाणा विधानसभा में 26 को

    डिप्टी स्पीकर का चुनाव हरियाणा विधानसभा में 26 को

    चंडीगढ़ ।हरियाणा में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का चुनाव 26 नवंबर को होगा । संविधान दिवस पर एक दिन के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है ।
    एक महीने के भीतर ही विधानसभा का यह दूसरा सत्र है । इससे पहले चार नवंबर से शुरु हुए तीन दिन के सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाय गई थी और भाजपा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता को सर्वसम्मति से स्पीकत चुना गया था ।
    विधानसभा का यह सत्र संविधान दिवस की 70वीं वर्षगांठ को समर्पित होगा । एक दिन का सत्र बुलाने के फैसला 18 नवंबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया था । इस संबंध में अब विधानसभा सचिवालय की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है ।
    एक दिन के इस सत्र में विधायक अपने क्षेत्रों की समस्या नहींं उठा पाएंगे, क्योंकि यह सत्र संविधान दिवस की 70वीं वर्षगांठ को ही समर्पित रहेगा. गौरतलब है कि इस बार 44 ऐसे विधायक हैं, जो पहली दफा चुने गए हैं ।

  • अजित पवार को लेकर संजय राउत ने कहा ऐसा

    अजित पवार को लेकर संजय राउत ने कहा ऐसा

    मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शनिवार को बनाई भाजपा की देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार का मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने याचिका पेश करके महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Kosari) के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसमें उन्होंने प्रदेश में सरकार बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किया था। सुप्रीम कोर्ट में आज जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है। सोमवार को सुुबह साढ़े दस बजे दोबारा सुनवाई होगी। राज्यपाल के पास जो भी रिकॉर्ड हैं, उसे कोर्ट में पेश किया जाए।

    LIVE अपडेट…

    • शिवसेना नेता संजय राउत ने अजित पवार को लेकर कहा-परिवार में ऐसा होता रहता है। सबसे बड़ी बात है कि अगर सुबह का भूला शाम को घर वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। फडणवीस ने पहले शपथ ले ली, अब बहुमत जुटा रहे हैं। अगर उनके पास बहुमत है तो तुरंत फ्लोर टेस्ट कराएं।

    • एनसीपी विधायक धनंजय मुंडे ने किया ट्वीट, मैं पार्टी और पवार साहब के साथ हूं। कृपया अफवाह न फैलाएं। पूर्व में कहा जा रहा था कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय ने भाजपा और एनसीपी की सरकार बनाने में चाणक्य की भूमिका निभाई।

    • कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल पहुंचे। वहां इस समय कांग्रेस के विधायक रखे गए हैं। कांग्रेस के अन्य अनुभवी नेता अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोराट, सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खडग़े भी वहां हैं।

    • एनसीपी विधायक दिलीप बनकर ने कहा-मैं हमेशा शरद पवार साहब के साथ रहा हूं। मैं उनसे मिला और कहा कि मेरा बच्चा बीमार था। मुझे नासिक जाना था, इसलिए मैं बैठक में नहीं आ सका। हम एनसीपी का समर्थन कर रहे हैं, भाजपा का नहीं। उल्लेखनीय है कि बनकर के कथित तौर पर अजित पवार के शपथग्रहण में मौजूद रहने की खबरें आई थीं।

    • कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा- वरीयता के हिसाब से विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाना चाहिए। भाजपा सुप्रीम कोर्ट से ज्यादा समय हासिल करने की कोशिश कर रही है, आप इसके पीछे के मकसद को समझ सकते हैं। वे अन्य दलों के एमएलए को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं।

    • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने शाम 5.57 बजे किया ट्वीट। लिखा-भाजपा के साथ गठबंधन करने का सवाल ही नहीं उठता। हमने सरकार बनाने के लिए सर्वसम्मति से शिवसेना और कांग्रेस के साथ गठबंधन का फैसला किया है। अजित पवार का बयान गलत और गुमराह करने वाला है।

    • मुंबई में विधायक दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि हमने फ्लोर टेस्ट को आराम से पास करने की रणनीति पर चर्चा की। हमने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए बधाई देते हुए प्रस्ताव पारित किया। बैठक में सभी अपेक्षित विधायक मौजूद थे, जो निर्दलीय एमएलए हमारा समर्थन कर रहे हैं उनके साथ अलग जगह पर बैठक होगी।

    • अजित पवार ने डिप्टी सीएम बनाए जाने पर पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। पवार ने ट्वीट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपका शुक्रिया। हम महाराष्ट्र में स्थायी सरकार सुनिश्चित करेंगे, जो महाराष्ट्र की जनता के कल्याण के लिए कठिन परिश्रम करेगी। साथ ही लिखा, मैं एनसीपी में हूं और हमेशा एनसीपी में ही रहूंगा। पवार साहब हमारे नेता हैं।

    -इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भाजपा ने कहा है कि एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना का खेल खत्म हो गया है। अजित पवार एनसीपी विधायकों को विप जारी कर सकते हैं।

    • उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भाजपा के साथ गठबंधन को हित में बताया है। अजित पवार से मिलने के लिए एनसीपी के नेता जयंत और दिलीप घोष गए थे।

    -मुंबई में भाजपा कार्यालय में बीजेपी विधायकों की मीटिंग शुरू हो गई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का स्वागत किया जा रहा है। उनको मिठाई खिलाकर खुशी जताई गई है।

    -महाराष्ट्र मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद बीजेपी एक्टिव मोड़ में आ गई है। मुंबई में पार्टी दफ्तर में बीजेपी विधायकों की बैठक हो रही है। वहीं बीजेपी नेता आशीष शेल्लार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीजेपी की जीत बताते हुए कहा कि जब भी फ्लोर टेस्ट होगा हम बहुमत साबित करेंगे।

    -शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे एनसीपी के विधायकों से मिलने मुंबई के रेनेसां होटल पहुंच गए।

    -शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे कुछ ही देर में एनसीपी और कांग्रेस विधायकों सेे मिलने के लिए मातोश्री से रवाना हो गए हैं।

    -सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है। सोमवार को सुुबह साढ़े दस बजे दोबारा सुनवाई होगी। राज्यपाल के पास जो भी रिकॉर्ड हैं, उसे कोर्ट में पेश किया जाए।

  • MAHARASHTRA LIVE: BJP में मची खलबली, NCP में लौटे अजित पवार के खेमे से विधायक

    MAHARASHTRA LIVE: BJP में मची खलबली, NCP में लौटे अजित पवार के खेमे से विधायक

    मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शनिवार को बनाई भाजपा की देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार का मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने याचिका पेश करके महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Kosari) के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसमें उन्होंने प्रदेश में सरकार बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किया था। सुप्रीम कोर्ट तीनों दलों की याचिका पर आज सुबह 11:30 बजे सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच करेगी।

    LIVE अपडेट…

    -महाराष्ट्र में जिन एनसीपी विधायकों के बल पर बीजेपी बहुमत साबित करने में जुटी हुई है। ज्यादातर विधायक एनसीपी के खेमे में लौट आए हैं। खबर थी कि एनसीपी के 11 विधायक ऐसे थे जो एनसीपी के खेमे में मौजूद नहीं थे। अब 8 विधायक लौट आए हैं।

    –भाजपा सांसद काकडे ने कहा कि शरद पवार के साथ मुलाकात का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

    • शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि शरद पवार एक राष्ट्रीय नेता हैं। अगर बीजेपी सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, तो ऐसा नहीं होगा। यह बीजेपी और अजित पवार द्वारा उठाया गया एक गलत कदम है। 165 विधायक शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ हैं।

    -कांग्रेस के 30 विधायकों को जेडब्ल्यू मैरियट होटल में शिफ्ट किया गया है।

    -शरद पवार के घर पर भाजपा सांसद संजय काकड़े मिलने पहुंच गए हैं। वे वहां शरद पवार से मुलाकात कर रहे हैं।

    -शरद पवार की बेटी सुप्रीया सुले ने लिखा है कि लोगाें की सेवा के लिए नई टीम बनाएंगे।

    सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया गया है। तीनों पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि अदालत जल्द से जल्द और संभव हो तो रविवार को ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट का निर्देश दिया जाए। इससे बिलकुल स्पष्ट हो जाएगा कि बहुमत उद्धव ठाकरे के पास है या देवेंद्र फडणवीस के पास।

    आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र में भाजपा (BJP) और एनसीपी (NCP) के कुछ विधायकों के समर्थन से शनिवार को सरकार बन गई है। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार सुबह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम शपथ दिला दी । एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने वाईबी सेंटर में विधायकों के साथ बैठक में अजित पवार (Ajit Pawar) को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया। वहीं दिलीप पाटिल (Dilip Patil) को विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया।

  • राजनीतिक परिदृश्य से नदारद शरद पवार के करीबी प्रफुल्ल पटेल, लग रही हैं ये अटकलें

    राजनीतिक परिदृश्य से नदारद शरद पवार के करीबी प्रफुल्ल पटेल, लग रही हैं ये अटकलें

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में अजीत पवार की अगुवाई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायकों को फिर से शरद पवार के समर्थन में लाने के राजनीतिक उठापटक व व्यस्तता के बीच शरद पवार के करीबी सहयोगी प्रफुल्ल पटेल राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल ट्विटर पर पिछले दो दिनों से सक्रिय नहीं है। उन्होंने शुक्रवार को फुटबॉल को लेकर ट्वीट किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने अजीत पवार के पार्टी से विद्रोह पर कुछ नहीं कहा।

    अजीत पवार को मनाने की तीन कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। इसमें दो शनिवार को की गईं, जिसमें दिलीप वलसे पाटिल और हसन मुशरीफ ने उनसे मुलाकात की थी और एक कोशिश रविवार को की गई। रविवार को शरद पवार ने जयंत पाटिल को उनके पास भेजा था। ऐसी बातचीत के लिए शरद पवार पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।

    प्रफुल्ल पटेल एयर इंडिया घोटाले में जांच का सामना कर रहे हैं। राकांपा के एक सूत्र ने कहा है कि घोटाले में जांच से बचने के लिए वे शांत हैं। जबकि एक अन्य व्यक्ति ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि जब शरद पवार खुद सारा मामला संभाल रहे हैं तो किसी और की क्या जरूरत है।

    वहीं पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल को अजीत पवार के विद्रोह की भनक लगी थी लेकिन उन्होंने पार्टी को समय पर सूचित नहीं किया। राकांपा नेता उन्हें लेकर चौकन्ना हैं। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने पहले कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फ्लोर टेस्ट पर जोर देने के बजाय इस्तीफा दे देना चाहिए।

    मलिक ने कहा था कि जहां तक विधायकों का संबंध हैं, पांच विधायक संपर्क में नहीं थे। उनमें से दो वापस आ गए हैं। तीसरे विधायक ने वीडियो के माध्यम से अपना संदेश भेजा है। हमारे सभी विधायक आज शाम तक वापस आ जाएंगे। मलिक ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार के पास पर्याप्त विधायकों का समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि देवेंद्रजी इस्तीफा दें। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम निश्चित तौर पर सरकार को विधानसभा में हराएंगे और नई सरकार बनाएंगे।

  • महाराष्ट्र : सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना, अपील 24 घंटे में बहुमत साबित कराने की

    महाराष्ट्र : सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना, अपील 24 घंटे में बहुमत साबित कराने की

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह अप्रत्याशित रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार गठन और शपथ ग्रहण के बाद शिवसेना शाम को सुप्रीम कोर्ट पहुंची और नई सरकार को 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने का निर्देश देने की अपील की।

    भाजपा से नाता तोड़ चुकी पार्टी ने इस मामले में शीर्ष अदालत से आज ही रात याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि खरीद-फरोख्त रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह 24 घंटों के भीतर बहुमत साबित करे।

    शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में हुए ताजा घटनाक्रम को केंद्र सरकार का फर्जिकल स्ट्राइक करार दिया। उनका मानना है कि जो कुछ हुआ, फर्जी तरीके से हुआ, इसलिए यह फर्जिकल स्ट्राइक है।

  • इन दो बिंदुओं पर मिलेगी अजित पवार के व्हिप को कानूनी वैधता, यहां देखें

    इन दो बिंदुओं पर मिलेगी अजित पवार के व्हिप को कानूनी वैधता, यहां देखें

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में रातोंरात बड़ा उलटफेर के बाद अचानक मुख्यमंत्री बने देवेंद्र फडणवीस की सरकार को बचाने के लिए भाजपा हरसंभव कोशिशों में जुटी है। एक तरफ कानूनी दांव-पेच पर पार्टी विचार करने में जुटी है, दूसरी तरफ नितिन गडकरी, पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्रियों से लेकर पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और सांसदों की टीम को विधायकों से संपर्क के लिए मोर्चे पर लगाया गया है। इस बीच कानूनी विशेषज्ञ का कहना है कि आगे चलकर फ्लोर टेस्ट के दौरान भी विवाद पर मामला सुप्रीम कोर्ट जा सकता है। अजित पवार के व्हिप को सिर्फ दो बिंदुओं पर कानूनी वैधता हासिल हो सकती है।

    संवैधानिक मामलों के जानकार व सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता ने बताया कि फ्लोर टेस्ट के दौरान यदि अजित पवार और जयंत पाटिल (नए विधायक दल नेता) दोनों ने व्हिप जारी कर दिया तो बहुमत की संख्या में विवाद के साथ दलबदल का मामला भी बनेगा। उस स्थिति में स्पीकर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

    बहुमत, स्पीकर का चुनाव और दलबदल जैसे मामलों पर विवाद की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट में अगले राउंड में फिर से मामला आ सकता है।
    विराग गुप्ता ने आगे बताया कि अजित पवार के व्हिप को दो बिंदुओं पर वैधता मिल सकती है। मसलन, शरद पवार ने उन्हें विधायक दल के नेता के पद से हटाया है मगर पार्टी से नहीं हटाया है। दूसरी तरफ तीन दलों द्वारा जिस महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार बनाने की बात की जा रही है, उसके नेता के बारे में औपचारिक तौर पर सुप्रीम कोर्ट को नहीं बताया गया।

    एनसीपी के कुल 54 विधायक हैं। अगर स्पीकर ने अजित पवार का व्हिप माना तो फिर उनके फैसले के खिलाफ जाने वाले 53 अन्य विधायकों के वोट निरस्त हो जाएंगे। जिससे बहुमत के लिए आंकड़ा 118 रह जाएगा। इतने विधायकों का बंदोबस्त फिलहाल भाजपा के पास है। भाजपा के पास अपने 105 और 13 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया गया है।

    देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में पिछले दिनों हुई बैठक में 118 विधायक मौजूद रहे हैं।

    भाजपा के नेताओं का मानना है कि शपथ से पहले अजित पवार ने विधायक दल के नेता की हैसियत से समर्थन पत्र दिया था, इस नाते कानूनी पेच नहीं फंसता।

    महाराष्ट्र में सरकार तो बन गई, पर क्या स्थिर रह पाएगी, इस सवाल पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि अजित पवार विधायक दल के नेता की हैसियत से भाजपा को समर्थन दिए, जिससे भाजपा के विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने, कहीं कोई रोड़ा नहीं है। सदन में पार्टी बहुमत साबित करके रहेगी।

    विधायकों से इस्तीफे दिलाने की भी रणनीति…

    कर्नाटक में जिस तरह से ‘ऑपरेशन कमल’ चलाकर भाजपा ने विरोधी दलों के विधायकों से इस्तीफे दिलाकर बहुमत के आंकड़े को कम कर पूर्व में सरकार बनाई, उस रणनीति पर भी महाराष्ट्र में भाजपा काम कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि दलबदल कानून से बचने के लिए किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायकों का टूटना जरूरी है। ऐसे में तीनों दलों के कई विधायकों से इस्तीफे दिलाकर बीजेपी बहुमत के आंकड़े को इतना करीब लाना चाहेगी, जहां तक वह पहुंच सके। हालांकि भाजपा के लिए यह बहुत आसान नहीं है।

  • मुख्यमंत्री कमलनाथ मिले दोनों हाथ से लिखने का रिकार्ड बना चुकी बालिका से

    मुख्यमंत्री कमलनाथ  मिले दोनों हाथ से लिखने का रिकार्ड बना चुकी बालिका से

    भोपाल। दोनों हाथों से लिखने का रिकार्ड बना चुकी तीन साल की उज्जैन निवासी षंजन थम्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। कमलनाथ ने इस दौरान शंजना को प्रशंसा पत्र प्रदान किया। षंजन दुनिया में सबसे कम उम्र में ‘यंगेस्ट एक्टिवट्रेक्स्ट्रस राइटर’ के रूप में वर्ल्ड रिकार्ड बना चुकी हैं।

    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को मंत्रालय की 5वीं मंजिल पर अपने कक्ष में षंजन से मुलाकात की। षंजन अपनी मां मानसी थम्मा एवं नाना रमेश चंद्र शर्मा के साथ आई थीं। उज्जैन निवासी षंजन जैसे ही कक्ष में दाखिल हुईं, मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी के साथ उनसे हाथ मिलाया। षंजन से उन्होंने सवाल किया कि उसे कौन-कौन से मेडल प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने उसकी एक-एक उपलब्धि को देखा। मुख्यमंत्री ने षंजन को फूलों का गुलदस्ता भेट किया।

    मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से षंजन को एक प्रशंसा-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री को षंजन की मां मानसी ने बताया कि जब वह 10 माह की थी तभी से दोनों हाथों से लिखने के साथ ही एक से 10 तक की गिनती उसे याद थी। विज्ञान, राजनीति और दुनिया के भूगोल की षंजन को गहरी समझ और जानकारी है। षंजन का पहला रिकार्ड दो साल 11 माह में बना, जब वह दोनों हाथों से लिखने लगी थी। दूसरा रिकार्ड इतनी ही कम उम्र में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान के साथ ही सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान उसे पूरा याद होने के कारण बना। उसे वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकार्ड मिल चुका है।

    षंजन की मां के अनुसार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। षंजन की अपनी खुद की 250 किताबों की लाइब्रेरी है। चंद्रयान-दो की लॉन्चिंग उसने पूरी रात देखी और कहा कि आगे हम इसमें सफल होंगे। षंजन तीन साल की है और वह नर्सरी में है, लेकिन उसे 9वीं कक्षा तक का पूरा ज्ञान है।

    षंजन की मां सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्रीधर थम्मा वायुसेना में कच्छ में पदस्थ हैं। षंजन की प्रतिभा को सहेजने और संवारने के लिए मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी। वह बीएड कर रही हैं, ताकि स्वयं उसकी अधिकृत शिक्षिका बन सकें।

  • MADHYA PRADESH: BJP में खींचतान की आशंका जिलाध्यक्षों के चुनाव में

    MADHYA PRADESH: BJP में खींचतान की आशंका जिलाध्यक्षों के चुनाव में

    भोपाल। मध्यप्रदेश में आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर खाने जोर आजमाइश का दौर चलने के आसार बने हुए हैं, क्योंकि 30 नवंबर को जिलाध्यक्षों का चुनाव होने वाला है और तमाम बड़े दिग्गज अपने-अपने क्षेत्र में अपनी पसंद के जिलाध्यक्षों की ताजपोशी जो चाहते हैं।

    राज्य में भाजपा ने एक ही दिन यानि 30 नवंबर को सभी 56 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम तय किया है। भाजपा की राज्य की सियासत पर गौर करें तो भाजपा में छोटे-बड़े इतने नेता हैं कि अगर उनकी पसंद के जिलाध्यक्ष चुने गए तो संगठनात्मक जिले 56 कम पड़ जाएंगे।

    राज्य की राजनीति में अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए नेताओं के लिए अपनी पसंद का जिलाध्यक्ष निर्वाचित कराना पहली प्राथमिकता है।

    वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, थावरचंद गहलोत, फग्गन सिंह कुलस्ते आदि वे नेता हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में अपनी पसंद के नेताओं की जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी कराना चाहेंगे।

    भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय का कहना है कि प्रतिनिधियों और नेताओं की सहमति के आधार पर जिलाध्यक्ष चुनने की कोशिश होगी, जहां आम सहमति नहीं बन पाएगी और अगर जरूरी होगा तो चुनाव की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

    राज्य में जिलाध्यक्षों के निर्वाचन से पहले मंडल अध्यक्षों के चुनाव हो चुके हैं। अधिकांश स्थानों पर मंडल अध्यक्षों के चुनाव के लिए संगठन ने बड़े नेताओं के बीच आपसी समन्वय की कोशिश की थी और उसमें सफलता भी मिली। इसी तरह की कोशिश जिलाध्यक्षों के चुनाव में होगी, ताकि पार्टी नेताओं में किसी तरह की खींचतान न हो।

    राजनीतिक विश्लेषक साजी थॉमस का कहना है कि भाजपा हमेशा इस बात पर जोर देती रही है कि आपसी सहमति से चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो। इस बार भी वही प्रयास हो रहे हैं, मगर सब कुछ पार्टी की इच्छा के अनुरूप हो जाए, ऐसा कम लगता है। उसकी वजह है कि इस बार के चुनाव राज्य में भाजपा के सत्ता से बाहर होने के बाद हो रहा है, लिहाजा सभी नेता अपने समर्थकों को पद दिलाने में ज्यादा दिलचस्पी लेंगे, ऐसी संभावना को नकारा नहीं जा सकता। जब भाजपा सत्ता में थी तो जो नेता पदाधिकारी नहीं बन पाता था उसे सत्ता के जरिए संतुष्ट कर दिया जाता था, मगर इस दफा ऐसा नहीं है।

    राज्य के बड़े नेता अपनी-अपनी पसंद का प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहते हैं, इसीलिए उनकी कोशिश है कि मंडल अध्यक्षों के बाद जिलाध्यक्ष भी ज्यादा से ज्यादा चुने जाएं ताकि, वे जरूरत पड़ने पर अपनी पसंद के व्यक्ति का प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव में समर्थन कर सकें। जिसके जितने ज्यादा मंडल और जिलाध्यक्ष होंगे, उसे अपना दबाव बनाने में उतनी ही आसानी होगी।

  • सुप्रीम कोर्ट के महाराष्ट्र मामले पर निर्णय पर BJP, कांग्रेस,NCP और शिवसेना के इन नेताओं ने ये कहा

    सुप्रीम कोर्ट के महाराष्ट्र मामले पर निर्णय पर BJP, कांग्रेस,NCP और शिवसेना के इन नेताओं ने ये कहा

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी जीत के दावे घोषित किए हैं। आपको बताते जाए सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा है कि कल पांच बजे बाद महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाया जाए।

    यह निर्णय आने के बाद सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट हम जीतेंगे। भाजपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि हम कल विधानसभा में बहुमत हासिल करेंगे। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय बहुत ही अच्छा आया है। यह उस दिन आया है जब संविधान दिवस मनाया जा रहा है। इसके लिए भारत रतन बाबा साहेब अम्बेडकर का शुक्रिया मानता हूं। जिन्होंने ऐसा संविधान बनाया।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र में 23 नवंबर को राज्यपाल ने रात के अंधेरे में देवेंद्र फडणवीस को सीएम शपथ दिलाई थी। इसके साथ राज्यपाल ने अजित पवार को भी शपथ दिलाई थी। हमने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हम धन्वाद देते हैं कि कोर्ट ने रविवार और सोमवार को इस पर सुनवाई की और आज फैसला दे दिया। हमने कोर्ट से अपील की थी की तुरंत फ्लोर टेस्ट कराया जाए, जिसे कोर्ट ने मान लिया है। कल शाम 5 बजे प्रोटेम स्पीकर बहुमत परीक्षण कराएंगे।

    कोर्ट इसकी निगरानी करेगा। हम तीनों दल इस फैसले से बुहत खुश हैं। आज संविधान दिवस है। इस मौके पर कोर्ट ने संविधान के महत्व को स्वीकार किया है। कल हमने 162 विधायकों को मीडिया के सामने पेश किया था वह वास्तविकता थी। कल हम इस बात को साबित कर देंगे। देवेंद्र फडणवीस को अब इस्तीफा दे देना चाहिए।

    वहीं शिवसेना की ओर से उद्धव ठाकरे ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता है। इस निर्णय के बाद भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस निर्णय में सबसे पहले सोनिया गांधी ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट जीतेंगे। मैं यह कहना चाहता हूं कि जो सबसे कम सीटें महाराष्ट्र में कांग्रेस आई और वह फ्लोर टेस्ट जीतने की बात कह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम जरूर ही विधानसभा में फ्लोर टेस्ट जीतेंगे।

  • कलराज ले सकते हैं महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी की जगह

    कलराज ले सकते हैं महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी की जगह

    नई दिल्ली । अपनी छवि को पहुंचे नुकसान की भरपाई करने के कदम के तहत केंद्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का तबादला किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र कोश्यारी की जगह ले सकते हैं। केंद्र सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि मिश्र ने हिमाचल प्रदेश से स्थानांतरित किए जाने के बाद 9 सितंबर को राजस्थान के राज्यपाल का कार्यभार संभाला। कलराज मिश्र को 22 जुलाई को हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

    उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्रा राज्य व केंद्रीय मंत्री रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी प्रमुख के तौर पर सेवाएं दी हैं और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं।

    कोश्यारी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य के तौर पर सेवाएं दी हैं।

    कांग्रेस ने राज्यपाल कोश्यारी के संचालन के तरीके पर पर सवाल उठाया। पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, “सवाल यह नहीं है कि सच्चाई की जीत हुई है .. आज बड़ा सवाल यह है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट उन तरीकों को देखे, जिसमें राज्यपाल ने सबसे अधिक पक्षपातपूर्ण तरीका अपनाया। उन्होंने संविधान, नियम, कानून, मिसाल और परंपराओं की बिल्कुल परवाह नहीं की।”

    शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बहस करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने राज्यपाल पर पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया और उसे शीर्ष अदालत द्वारा स्थापित कानून के विपरीत बताया।

    कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राज्यपाल की स्थिति के मद्देनजर राष्ट्रपति को कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें तत्काल बदलना चाहिए।

    राज्यपाल कोश्यारी ने शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और फडणवीस को मुख्यमंत्री पद व अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।