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  • MADHYA PRADESH: घर की रसोई में पति की हत्या कर दफनाई लाश

    MADHYA PRADESH: घर की रसोई में पति की हत्या कर दफनाई लाश

    अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक महीने पहले एक महिला ने अपने पति की हत्या करके अपनी रसोई में दफना कर भोजन बनाती रही। मृतक के बड़े भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने जांच कर शव बरामद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक के भाई ने रिपोर्ट दी थी कि 22 अक्टूबर से उसका भाई लापता है। इस मामले में नया मोड़ 21 नवंबर को तब आया जब महेश के बड़े भाई अर्जुन ने पुलिस से संपर्क किया कि पीड़ित के भाई ने बताया कि उसके भाई के लापता होने के बाद परिवार के अन्य सदस्य उसके घर जाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी पत्नी प्रमिला ने आने नहीं दिया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि पिछले महीने कई बार मैंने अपने भाई के घर जाने का प्रयास किया लेकिन हर बार उसकी पत्नी बुरा बर्ताव करती और गालियां देकर भगा देती। इस सूचना के बाद पुलिस की टीम गांव में भेजा गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को प्रमिला के घर से बदबू महसूस हुई।

    एसएचओ अमरकंटक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि एक बार जब हमें महसूस हुआ कि घर के अंदर से दुर्गंध आ रही है, तो पूरी जगह की तलाशी ली गई। आखिरकार रसोई के स्लैब में खुदाई शुरू हुई। खुदाई के दौरान रसोई स्लैब के नीचे एक सड़ा-गला शव मिला। शव को जहां दफनाया गया था प्रमिला उसी स्थान पर पिछले एक महीने से खाना बना रही थी। प्रमिला ने बताया कि उसके सबसे बड़े बहनोई गंगाराम ने उसे अपराध करने में सहायता की। हालांकि पूछताछ में गंगाराम ने हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।

  • JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION: BJP का पहले चरण में सीटें बचाना मुश्किल, दे रहे अपने ही चुनौती

    JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION: BJP का पहले चरण में सीटें बचाना मुश्किल, दे रहे अपने ही  चुनौती

    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 13 विधानसभा सीटों पर 30 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के स्टार प्रचारकों का भी एक-दो दिन में इन क्षेत्रों में दौरा शुरू होगा। अब तक जो स्थितियां उभरी हैं उनके अनुसार इस चुनाव के प्रथम चरण की सभी सीटों पर रोचक मुकाबला होता दिख रहा है। कई सीटों पर आमने-सामने का मुकाबला है तो कई सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है।

    पहले चरण में पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरद्रा और गुमला जिले की विधानसभा की 13 सीटों पर 190 उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने जहां अपनी पुरानी सीटों को बचाने की चुनौती है वहीं सत्तधारी भाजपा को अपने बागी नेताओं से भी खतरा है।

    पुराने साथी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) ने भी राजग से नाता तोड़कर चुनावी समर में भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    इस चरण की 13 विधानसभा सीटों में से तीन सीटों पर भाजपा को ‘अपनों’ से ही चुनौती मिल रही है जबकि सात सीटों पर भाजपा को कांग्रेस-राजद-झामूमो गठबंधन से सीधी टक्कर मिल रही है। बाकी की तीन सीटों पर आजसू मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की जद्दोहजहद कर रही है।

    गढ़वा, डालटनगंज, विश्रामपुर, पांकी, मनिका, गुमला और बिशुनपुर में भाजपा और गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है वहीं भवनाथपुर, लातेहार और चतरा में भाजपा से बगावत कर चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी कड़ी चुनौती दे रहे हैं। लोहरदगा, छतरपुर और हुसैनाबाद सीट पर आजसू ने सियासी समीकरण को बिगाड़कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। छतरपुर से भी आजसू के प्रत्याशी राधाकृष्ण किशोर भाजपा से बगावत कर ही चुनाव मैदान में उतरे हैं।

    उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में इन 13 में से छह सीटों पर भाजपा का कब्जा था। इस चुनाव में कांग्रेस, राजद और झामुमो गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरे हैं।

    लातेहार से भाजपा की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम का टिकट काटकर हाल ही में झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) से भाजपा में आए निवर्तमान विधायक प्रकाश राम को टिकट दिया गया है। इसके बाद दो बार के विधायक रहे बैद्यनाथ झामुमो के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर आए और प्रकाश राम को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

    इसी तरह भाजपा ने भवनाथपुर से अनंत प्रताप देव का टिकट काटकर नौजवान संघर्ष मोर्चा से पार्टी में आए भानुप्रताप शाही को उम्मीदवार बनाया इससे नाराज होकर अनंत प्रताप निर्दलीय तौर पर चुनावी मैदान में हैं।

    चतरा सीट पर भी भाजपा की राह ‘बागी’ ने कठिन कर दी है। भाजपा ने जयप्रकाश सिंह भोक्ता का टिकट काटकर राजद से आए जनार्दन पासवान को चुनावी मैदान में उतार दिया है। ऐसे में सत्यानंद राजद की टिकट पर चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

    हुसैनाबाद सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने यह सीट गठबंधन होने की स्थिति में आजसू के लिए छोड़ी थी परंतु जब गठबंधन नहीं हो सका तो निर्दलीय प्रत्याशी विनोद सिंह को भाजपा ने समर्थन दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को छोड़कर आए निवर्तमान विधायक शिवपूजन मेहता आजसू के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं जबकि बसपा ने शेर अली को उतार दिया है। इधर, गठबंधन की ओर से संजय सिंह यादव चुनावी रण में ताल ठोक रहे हैं।

    विश्रामपुर सीट पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर दुबे (ददई दुबे) के बीच सीधा मुकाबला है जबकि गढ़वा में भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी और झामुमो के मिथिलेश ठाकुर के बीच कांटे की टक्कर है। डालटनगंज के रण में आलोक चौरसिया और कांग्रेस के कृष्णानंद त्रिपाठी एकबार फिर आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में झाविमो की टिकट से चुनाव जीते चौरसिया इस चुनाव में भाजपा के टिकट पर सीट निकालने की फिराक में हैं जबकि कांग्रेस के त्रिपाठी उन्हें इस चुनाव में पछाड़ने के लिए लगातार प्रयास में जुटे हैं।

    पांकी क्षेत्र में भी भाजपा के शशिभूषण मेहता और कांग्रेस के निवर्तमान विधायक देवेन्द्र कुमार सिंह के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है।

    मनिका विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के रघुपाल सिंह और कांग्रेस के रामचंद्र सिंह के बीच कांटे की टक्कर है तो गुमला में भी भाजपा के मिशिर कुजूर और झामुमो के भूषण टिर्की एक-दूसरे के सामने चुनावी मैदान में हैं। विष्णुपुर में अशोक उरांव और झामुमो के चमरा लिंडा के बीच सीधा मुकाबला है जबकि लोहरदगा में कांग्रेस से भाजपा में आए सुखदेव भगत और कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के बीच टक्कर है जबकि इस लड़ाई को आजसू की नीरू शांति भगत त्रिकोणीय बनाने में जुटी हैं। कई क्षेत्रों में झाविमो के प्रत्याशी भी लड़ाई में आने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं।

  • MAHARASHTRA : बैठक जारी तीनों दलों की, NCP नेता बोले, पेश करेंगे आज रात या कल सुबह सरकार बनाने का दावा

    MAHARASHTRA : बैठक जारी तीनों दलों की, NCP नेता बोले, पेश करेंगे आज रात या कल सुबह सरकार बनाने का दावा

    मुंबई। महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरण के बाद कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), कांग्रेस और शिवसेना के बीच सहमति बन गई है। इसका आज औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।

    अपडेट…

    • एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा तीनों पार्टियां पांच साल सरकार चलाने को प्राथमिकता देंगी। हम देर रात या शनिवार सुबह में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। मुख्यमंत्री पद शिवसेना को ही मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार पांच साल तक चले, लोगों की भावनाओं का सम्मान हो।

    • मुुंबई के नेहरू सेंटर में कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना के नेताओं की बैठक शुरू हो गई है।

    -केंद्रीय मंत्री नेता नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार बनेगी या नहीं उन्हें अभी भी संदेह है। उन्होंने कहा कि अगर इन तीनों दलों की सरकार बन गई तो वह टिकी रहेगी या नहीं, इसपर भी संदेह है।
    नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें कल्पना नहीं थी कि महाराष्ट्र में ऐसा होगा, उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के गठबंधन का आधार हिंदुत्व था और एक विचारधारा का गठबंधन था, लेकिन कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में विचारधारा का कोई तालमेल नहीं है और इस गठबंधन का आधार सिर्फ मौकापरस्ती होगा।

    -कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा है कि यह लगभग फाइनल हो चुका है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा। एनसीपी ने कभी मुख्यमंत्री के पद की मांग नहीं की।
    -उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपको समझना होगा कि हमने अपने पुराने दोस्त के साथ 25 साल पुराना क्यों छोड़ा, वो हमसे झूठ बोल रहे थे। आप सभी ने देखा है कि उन्होंने पिछले सालों में क्या कहा है और क्या किया है।
    – सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना विधायकों को उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पांच साल के लिए हमारा ही मुख्यमंत्री बनेगा। विधायकों ने उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई। ठाकरे ने कहा कि उन्होंने बालासाहेब को वचन दिया था कि वह मुख्यमंत्री पद पर किसी शिवसैनिक को ही बैठाएंगे। लेकिन मैंने मुख्यमंत्री पद अपने लिए नहीं मांगा है। बैठक में विधायकों ने एक स्वर में कहा कि जनता के बीच से जो चुनकर आया, ऐसा नेता मुख्यमंत्री पद पर आसीन होना चाहिए। यह फैसला विधायकों ने उद्धव ठाकरे पर छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे के नाम पर ज्यादातर लोगों ने सहमति दी है यानी शिवसेना की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए एकनाथ शिंदे का नाम आगे चल रहा है।

    -शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भवान इंद्र की गद्दी भी अगर बीजेपी अब पेश करती है तो बी हम उसके साथ नहीं जाएंगे। इस बयान के साथ ही महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए सारी संभावनाएं बंद हो गई है। राउत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में 5 सालों तक शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।

    • शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा और पांच साल चलेगी। आज सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद तय होगा कब दावा किया जाए।

    -कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने एक बार फिर ट्वीट कर अपनी पार्टी पर ही निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि आखिर ये तीन तिगाड़े काम बिगाड़े वाली सरकार कबतक चलेगी?

    -सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में शिवसेना की तरफ से मुख्यमंत्री होगा। देा उप मुख्यमंत्री एनसीपी और कांग्रेस के होंगे।

    आपको बताते जाए कि इससे पहले गुरुवार देर रात एनसीपी चीफ शरद पवार के घर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे के साथ पहुंचे थे। एनसीपी और शिवसेना नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बैठक हुई थी। इस बैठक के दौरान शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने आज होने वाले ऐलान का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिए हैं।
    शुक्रवार सुबह 10 बजे से मातोश्री में शिवसेना विधायकों को उद्धव ठाकरे संबोधित करेंगे। खबर आ रही है कि सभी शिवसेना विधायक अगले 5 दिनों के लिए जयपुर चले जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे के बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच आखिरी दौर की बातचीत होगी। शाम 4 बजे कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता चुनेगी।

  • छत्रपति उदयनराजे भी संसदीय समिति में हारे उपचुनाव, नहीं हैं किसी भी सदन के सदस्य

    छत्रपति उदयनराजे भी संसदीय समिति में हारे उपचुनाव, नहीं हैं किसी भी सदन के सदस्य

    मुंबई। सतारा से 21 अक्टूबर को लोकसभा उपचुनाव में हारना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता छत्रपति उदयनराजे पी.भोसले के लिए भले ही थोड़ा निराशाजनक रहा हो, लेकिन पार्टी में उनका रुतबा अभी भी कम नहीं हुआ है। हाल ही में जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, संसदीय कार्य मंत्रालय (एमपीए) ने उन्हें संसद की नागर विमानन परामर्शदात्री समिति (एमओसीए) में शामिल किया है।

    भारत सरकार के सचिव डॉ. राजेंद्र एस. शुक्ला द्वारा अधिसूचना एफ.7-1 / 2019-सीबी, दिनांक 31 अक्टूबर, 2019 पर हस्ताक्षर किए गए हैं और नागर विमानन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। समिति में दो अन्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी. मुरलीधरन भी पदेन सदस्य हैं।

    16 सदस्यीय समिति में राजीव प्रताप रूडी, थिरु सीएन अन्नादुरई, सुदीप बंद्योपाध्याय, शर्मिष्ठा सेठी, विनायक बी. राउत, सैयद इम्तियाज जमील, पी. के. कुनहलिकुट्टी, (छत्रपति उदयनराजे भोसले), पूनमबेन एच. मादम. पी.सी. मोहन (सभी लोकसभा सदस्य) और राज्यसभा सदस्य प्रफुल्ल पटेल, झरना दास बैद्य, सुब्रमण्यम स्वामी, श्वेत मलिक, मोतीलाल वोरा और विशम्भर प्रसाद निषाद शामिल हैं। हालांकि भोसले को लोकसभा के सांसद के रूप में दिखाया गया है, जबकि वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। यह एमपीए की ओर से की गई शाही गड़बड़ी को दर्शाता है।

  • MAHARASHTRA LIVE: संजय राउत बाेले-5 साल रहेगा शिवसेना का मुख्यमंत्री, आज नहीं करेंगे सरकार बनाने का दावा

    MAHARASHTRA LIVE: संजय राउत बाेले-5 साल रहेगा शिवसेना का मुख्यमंत्री, आज नहीं करेंगे सरकार बनाने का दावा

    मुंबई। महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरण के बाद कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), कांग्रेस और शिवसेना के बीच सहमति बन गई है। इसका आज औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।

    LIVE अपडेट…
    -शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भवान इंद्र की गद्दी भी अगर बीजेपी अब पेश करती है तो बी हम उसके साथ नहीं जाएंगे। इस बयान के साथ ही महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए सारी संभावनाएं बंद हो गई है। राउत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में 5 सालों तक शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।
    – शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा और पांच साल चलेगी। आज सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद तय होगा कब दावा किया जाए।

    -कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने एक बार फिर ट्वीट कर अपनी पार्टी पर ही निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि आखिर ये तीन तिगाड़े काम बिगाड़े वाली सरकार कबतक चलेगी?

    -सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में शिवसेना की तरफ से मुख्यमंत्री होगा। देा उप मुख्यमंत्री एनसीपी और कांग्रेस के होंगे।

    आपको बताते जाए कि इससे पहले गुरुवार देर रात एनसीपी चीफ शरद पवार के घर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे के साथ पहुंचे थे। एनसीपी और शिवसेना नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बैठक हुई थी। इस बैठक के दौरान शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने आज होने वाले ऐलान का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिए हैं।
    शुक्रवार सुबह 10 बजे से मातोश्री में शिवसेना विधायकों को उद्धव ठाकरे संबोधित करेंगे। खबर आ रही है कि सभी शिवसेना विधायक अगले 5 दिनों के लिए जयपुर चले जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे के बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच आखिरी दौर की बातचीत होगी। शाम 4 बजे कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता चुनेगी।

    आपको बताते जाए कि गुरुवार को एनसीपी सांसद सुनील तटकरे ने यह कहकर शिवसेना खेमे में सनसनी फैला दी है कि दोनों पार्टियों के विधायकों की संख्‍या में महज 2 का ही तो अंतर है। ऐसे में सरकार में 50-50 का फॉर्मूला तय होना चाहिए। एनसीपी ने सरकार गठन के लिए पहली बार खुलकर अपनी मांग रखी है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि कांग्रेस और राकांपा ने सभी मुद्दों पर चर्चा पूरी कर ली है। पूरी एकमतता है।

  • शिवराज सरकार ने 20 फीसदी प्रचारित किया नकारात्मक कृषि विकास दर को : मंत्री

    शिवराज सरकार ने 20 फीसदी प्रचारित किया नकारात्मक कृषि विकास दर को : मंत्री

    भोपाल। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उनका आरोप है कि तत्कालीन सरकार ने ऋणात्मक (नकारात्मक) कृषि विकास दर को 20 प्रतिशत बताकर राज्य की जनता और किसानों के साथ विश्वासघात किया है। राजधानी में अपने विभाग के 11 माह के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए यादव ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि तरक्की मुस्कुरा रही है।

    पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने सबसे बड़ा छल राज्य के किसानों के साथ किया। किसानों के नाम पर खुद की प्रसिद्घी का ढोल पीटा और किसानों को अभाव तथा निराशा के गर्त में धकेल दिया। उन्होंने आरोप लगाया, देशभर में कहा गया कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर लगातार कई वर्षों से 20 से 24 प्रतिशत बनी हुई है। मगर हमारी सरकार आने के बाद सच्चाई सामने आई। वर्ष 2013-14 में कृषि विकास दर ऋणात्मक 1.9 प्रतिशत थी, 2014-15 में 1.3 प्रतिशत थी, 2015-16 में ऋणात्मक 4.1 प्रतिशत और 2017-18 में 0.1 प्रतिशत थी।

    इसका अर्थ साफ था कि किसान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। उन्होंने आगे कहा, एक और बड़ा खुलासा मोदी सरकार ने 28 सितम्बर, 2018 को जारी एक रिपोर्ट में किया था कि मप्र में भाजपा सरकार के समय औसत तौर पर खेती का रकबा लगातार कम हो रहा है। सीमांत किसान की औसत जोत मात्र 0.49 हेक्टेयर रह गई है। वहीं खेती का रकबा 1.66 लाख हेक्टेयर कम हो गया है।

    राज्य में सत्ता बदलाव के बाद आ रहे परिवर्तन का जिक्र करते हुए यादव ने बताया कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का वचन दिया था। विरासत में मिली बेहद आर्थिक बदहाली के बावजूद किसानों की कर्जमाफी का एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया और जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत 2022731 किसानों के ऋण खातों का 715436 करोड़ रुपए का पहले चरण का कर्ज माफ किया तथा दूसरे चरण की ऋण माफी में 1202078 ऋण खाताधारक किसानों को लिया जा रहा है।

    उन्होंने आगे बताया, मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा पांच मार्च, 2019 को जय किसान समृद्घि योजना लागू की गई, जिसके तहत रबी सीजन 2019-20 के लिए कृषि उपज मंडी एवं ई-उपार्जन केंद्र के माध्यम से किसान द्वारा विक्रय किए गए गेहूं पर 160 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया। इस योजना के तहत 92.67 लाख मीट्रिक टन गेहूं विक्रय करने वाले लगभग 11.79 लाख किसान 1463.42 करोड़ रुपए से लाभान्वित होंगे।

    कृषि मंत्री यादव ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के मकसद से चलाए जा रहे शुद्घ के लिए युद्घ का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा, अमानक खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी है, कार्रवाई हो रही है। वहीं अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के मामले में केंद्र सरकार भेदभाव कर रही है।

  • MOB LYNCHING: पश्चिम बंगाल में भीड़ ने दो लोगों को गाय चोर समझकर मार डाला

    MOB LYNCHING: पश्चिम बंगाल में भीड़ ने दो लोगों को गाय चोर समझकर मार डाला

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में दो लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया। इन पर आरोप लगाया गया है कि गाय की चोरी शक में मारा डाला गया है। यह मामला गुरुवार सुबह कोतवाली थाना अंतर्गत पुटीमारी के पास फुलेश्वरी क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान प्रकाश दास और बाबला मित्र के रूप में हुई है। दोनों ही लोग माथाभांगा इलाके के रहने वाले हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार, दोनों गुरुवार सुबह पिकअप वैन से गाय लेकर जा रहे थे। फुलेश्वरी के पास उन्हें कुछ लोगों ने रोक कर पूछताछ करना प्रारंभ कर दिया। इसके बाद वे लोग उन्हें गाय चोर बताकर मारने लगे। सूचना मिलने के बाद टॉपर हॉट चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हमलावर भीड़ से छुड़ाया।

    दोनों घायलों को कूचबिहार जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।

    जिला पुलिस अधीक्षक संतोष निंबलकर ने बताया कि इस घटना में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों को गाय चोर समझकर मारा-पीटा गया है।

  • MAHARASHTRA: जुआ तो नहीं खेल गई अजित पवार पर भरोसा कर भाजपा?

    MAHARASHTRA: जुआ तो नहीं खेल गई अजित पवार पर भरोसा कर भाजपा?

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार सुबह जो फेरबदल हुआ बड़ा अप्रत्याशित था। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की शपथ ली। कुछ ही देर बाद NCP नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इस शपथ ग्रहण के बाद राज्य की राजनीति तेज हो गई। सरकार बनाने की कवायद में जुटी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी इस घटना के बाद शरद पवार की ओर से इन दलों को आश्वस्त किया गया कि सब कंट्रोल में है।

    एनसीपी प्रमुख शरद पवार दावा करते हैं कि सब ठीक है तो ऐसे में माना जाए कि लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के चक्कर में भारतीय जनता पार्टी भंवर में तो नहीं फंस गई। अजित पवार के साथ फडणवीस के शपथ ग्रहण के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि राज्य में नवनियुक्त सरकार का एनसीपी समर्थन नहीं करती है। यहां तक कि शरद पवार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन विधायकों को भी पेश किया जो अजित पवार के साथ शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद थे।

    अजित पवार के साथ शपथ ग्रहण समारोह में दिखने वाले धनंजय मुंडे शाम को शरद पवार की बैठक में शामिल हो गए। बैठक में एनसीपी के विधायक दल के नए नेता चुने गए जयंत पाटिल ने दावा किया कि बैठक में 54 में से 42 विधायक शामिल थे। जबकि 7 विधायक संपर्क में हैंं। रविवार को होने वाली बैठक में 49 विधायक शामिल होंगे।

  • MAHARASHTRA: लापता हुए NCP विधायक दौलत दरोदा, थाने में दर्ज करवाई पार्टी ने रिपोर्ट

    MAHARASHTRA: लापता हुए NCP विधायक दौलत दरोदा, थाने में दर्ज करवाई पार्टी ने रिपोर्ट

    मुंबई। एनसीपी के पूर्व विधायक पांडुरंग बरोरा ने शाहपुर से पार्टी के विधायक दौलत दरोदा के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, एनसीपी विधायक दौलत दरोदा शनिवार को राजभवन का दौरा करने के बाद से ही कथित रूप से गायब हो गए है, जहां देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

    पूर्व विधायक पांडुरंग बरोरा ने शनिवार शाम ठाणे के शाहपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज कराई। दारोगा शाहपुर सीट से विधायक हैं।

    राज्य में घटनाओं का नाटकीय मोड़ ऐसे समय में आया जब महाराष्ट्र में गैर-भाजपा सरकार बनाने पर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच विचार-विमर्श शुक्रवार को अंतिम चरण में पहुंच गया।

  • यहां देखें, किसको क्या मिला सुप्रीम कोर्ट से

    यहां देखें, किसको क्या मिला सुप्रीम कोर्ट से

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा इस्तेमाल किए गए समर्थन पत्रों को अदालत में प्रस्तुत किया जाए। शीर्ष अदालत ने आदेश पारित करते हुए सरकार को सोमवार सुबह 10.30 बजे तक समर्थन पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है।

    न्यायमूर्ति एन.वी रमना, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत राज्य में सरकार बनाने के लिए फडणवीस को आमंत्रित करने के राज्यपाल के आदेश की जांच के बाद तत्काल बहुमत सिद्ध करने वाली शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) की याचिका पर फैसला करेगी।

    इस मामले पर आगे की सुनवाई 25 नवंबर को सुबह 10.30 होगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार को यह अधिकार है कि वह राज्यपाल से दस्तावेजों का अनुरोध कर सके।

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ विधायकों और दो निर्दलीय विधायकों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ के समक्ष कहा कि याचिकाकर्ता 19 दिनों से सो रहे थे, और अब वे शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर आज ही फ्लोर टेस्ट (बहुमत सिद्ध) कराने की मांग कर रहे हैं।

    रोहतगी ने कहा कि मैं सभी तथ्यों को सामने लेकर आऊंगा, मुझे दो तीन दिन की मोहलत दें।”

    कांग्रेस और राकांपा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि या तो अदालत को फ्लोर टेस्ट का आदेश देना चाहिए या भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को रविवार या सोमवार तक करवाने के लिए निर्देश दिए जाने चाहिए।
    अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मेरे पास झरखण्ड, उत्तराखंड, गोवा, कर्नाटक और अन्य राज्यों में हुई ऐसी ही घटनाओं में वकालत का अनुभव है। राज्यपाल ने प्रक्रिया पालन की होती तो ये सवाल ही नहीं उठते। CM और DCM के शपथ ग्रहण के पीछे एनसीपी के बीच हुआ मतभेद है। सिंघवी ने कोर्ट को कुछ सुझाव दिए कि इस तरह समय प्रबंधन किया जा सकता है। सोमवार सुबह प्रोटेम स्पीकर के रूप में सबसे सीनियर विधायक को चुन लिया जाए, 11 बजे से शाम 4 बजे तक विधायकों की शपथ हो जाए। इसके बाद सत्र आहूत कर फ्लोर टेस्ट कराया जा सकता है। लाइव टेलीकास्ट और ओपन वोटिंग की मांग भी रखी है।