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  • MAHARASHTRA LIVE: संजय राउत बोले, कल साफ हो जाएगी महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तस्वीर, आज शरद पवार मिलेंगे PM नरेन्द्र मोदी से

    MAHARASHTRA LIVE: संजय राउत बोले, कल साफ हो जाएगी महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तस्वीर, आज शरद पवार मिलेंगे PM नरेन्द्र मोदी से

    नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी तक स्थिति साफ होती नजर नहीं आ रही है। शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस काफी सोच विचार कर रही है। महाराष्ट्र के कांग्रेस नेताओं ने बयान दिया है कि सरकार बनाने में शीघ्र निर्णय ले लेना चाहिए। नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    LIVE अपडेट…

    • शिवसेना के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया अगले 5-6 दिनों में पूरी हो जाएगी और दिसंबर से पहले महाराष्ट्र में एक लोकप्रिय और मजबूत सरकार का गठन किया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर पिछले 10-15 दिनों में जो भी रुकावटें थीं, वे अब नहीं हैं। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक आपको पता चल जाएगा कि सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। गुरुवार दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी।

    -इलेक्टोनिक मीडिया के अनुसार, एनसीपी नेता शरद पवार आज साढे 12 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी से मिलेंगे। बताया जा रहा है कि ये मुलाकात किसानों की समस्या पर होगी। लेकिन यह हो नही सकता कि जिस प्रकार से महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर राजनीति हो रही है उस पर बात नहीं हूं। कल शरद पवार के घर पर चार भाजपा सांसदों ने भाेजन किया था। इसको लेकर नई तस्वीर दिखाई देने लगी है।

    शिवसेना की नजरे आज कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की बैठक पर टिकी हुई है। क्योंकि उनकी स्थिति ज्यादा खराब होती जा रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि शिवसेना की चीफ उद्धव ठाकरे शुक्रवार को अपने विधायकों से मिल उन्हें सरकार बनाने में हो रही देरी को लेकर जानकारी देंगे। आज शिवसेना के नेता संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ट्वीट करते हुए लिखा है कि आहुति बाकी, यज्ञ अधूरा,अपनों के विघ्नों ने घेरा,अंतिम जय का वज्र बनाने, नव दधीचि हड्डियां गलाएं। आओ फिर से दिया जलाएं। इससे जानकारों का मानना है कि शिवसेना के तेवर ढीले पडते नजर आ रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और एनसीपी की बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, पृथ्वी राज चव्हान, अशोक चव्हान, प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और एनसीपी की तरफ से प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, अजीत पवार, छगन भुजबल और जयंत पाटिल शामिल होने की सम्भावना हैं।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर शिवसेना के बीजेपी से अलग होने के बाद 12 नवंबर को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का ऐलान कर दिया गया था। इसके बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल के साथ मीटिंग और फिर उद्धव ठाकरे पवार और पटेल दोनों से मिले। उसके बाद कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना के साथ सरकार बनाने की सहमति दी।

  • बिहार : साथियों में पड़ी दरार NRC के मुद्दे पर! आमने-सामने BJP-JDU

    बिहार : साथियों में पड़ी दरार NRC के मुद्दे पर! आमने-सामने BJP-JDU

    पटना। बिहार में मिलकर सरकार चला रहे जनता दल (युनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर अलग-अलग सुर अलापे हैं। जद(यू) के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एनआरसी के मुद्दे पर बिना किसी का नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा है।

    प्रशांत ने ट्वीट किया कि 15 से अधिक राज्यों में गैर-भाजपाई मुख्यमंत्री हैं और ये ऐसे राज्य हैं, जहां देश की 55 फीसदी से अधिक जनसंख्या है। उन्होंने आगे सवालिया लहजे में कहा कि आश्चर्य ये है कि उनमें से कितने लोगों से एनआरसी पर विमर्श किया गया और कितने अपने-अपने राज्यों में इसे लागू करने के लिए तैयार हैं।

    उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह लगातार एनआरसी के पक्ष में मुखर बने हुए हैं। गिरिराज ने कुछ दिन पहले ही ट्वीट कर कहा था कि पश्चिम बंगाल और बिहार में एनआरसी की जरूरत है।

    उन्होंने लिखा था कि पश्चिम बंगाल बिहार में एनआरसी की जरूरत, बिहार में एनआरसी की जरूरत, बाहरी लोगों को छोडऩा होगा देश। जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू हो। अपने संस्कार व संस्कृति को सहेजने की जरूरत। उल्लेखनीय है कि बुधवार को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनआरसी से डरने की जरूरत नहीं है और इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

  • रोहतांग टनल के कार्य में तेजी लाने का मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से किया आग्रह

    रोहतांग टनल के कार्य में तेजी लाने का मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से किया आग्रह

    शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की तथा उनसे रोहतांग टनल के कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि जनजातीय जिले लाहौल-स्पिति के लिए बर्फवारी के दौरान भी उचित सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

    राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि मई, 2020 तक इस टनल का निर्माण कार्य पूरा करके इसे आरम्भ करने के सभी प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पिति के लोगों के फिलहाल रोहतांग टनल से आवाजाही के लिए सड़क मार्ग के रूप में टनल का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करने का भी आग्रह किया, क्योंकि प्रशासन द्वारा लाहौल-स्पिति सड़क मार्ग को अधिकारिक रूप से भारी बर्फवारी के कारण बंद कर दिया जाता है, जिसके कारण घाटी का शेष भाग से सम्पर्क टूट जाता है।

    उन्होंने बीआरओ के अधीन सड़कों की हालत सुधारने का भी आग्रह किया तथा उनसे सीमा क्षेत्र की सड़कों के लिए जरूरत के अनुसार धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।

    केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। रक्षा मंत्री ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की।

  • जेडीए ने किया कमेटी का गठन लीज बकायेदारों से वसूली के लिए

    जेडीए ने किया कमेटी का गठन लीज बकायेदारों से वसूली के लिए

    जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 50 लाख रुपए से अधिक के लीज बकायेदारों से वसूली के लिए कमेटी का गठन किया गया है।

    जयपुर विकास आयुक्त ने बताया कि 50 लाख रुपए से अधिक लीज बकाया राशि की वसूली की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए संबंधित जोन के उपायुक्त, तहसीलदार, प्रवर्तन अधिकारी एवम् लेखाधिकारी की कमेटी का गठन किया गया है।

    उन्होंने बताया कि कमेटी द्वारा 27 नवंबर, 2019 से पहले बकायेदारों से बकाया लीज राशि जमा कराने के लिए समझाइश करने के लिए संपर्क करेगी। रविकांत ने बताया कि बकायादारों द्वारा लीज राशि जमा नहीं कराने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

  • जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप मानवादित्य सिंह राठौड़ ने जीती

    जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप मानवादित्य सिंह राठौड़ ने जीती

    जयपुर । पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के बेटे मानवादित्य सिंह राठौड़ ने 63 वें राष्ट्रीय खेलों में अंडर 21 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती है। इस जीत के साथ ही वे अंडर 21 के राष्ट्रीय चैम्पियन बन गये है। मानवादित्य सिंह राठौड़ ने सीनियर्स के फाईनल शूटऑफ में 125 में से 120 अंक प्राप्त किए है जो इनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन है तथा सीनियर्स में यह दूसरा श्रेष्ठ क्वालिफिकेशन स्कोर है।
    मानवादित्य सिंह राठौड़ ने सीनियर्स टीम इवेन्ट में सिल्वर व जूनियर टीम इवेन्ट में गोल्ड जीता है।

  • 90 में से 84 विधायक हरियाणा में करोड़पति, सबसे अमीर बलराज कुंडू

    90 में से 84 विधायक हरियाणा में करोड़पति, सबसे अमीर बलराज कुंडू

    चंडीगढ़। हरियाणा में 90 विधायकों में से 84 विधायक करोड़पति हैं। रोहतक जिले में महम क्षेत्र के आज़ाद विधायक बलराज कुंडू सबसे अमीर हैं। सबसे अमीर दस विधायकों में कुंडू के अलावा आदमपुर क्षेत्र से कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई, सिरसा क्षेत्र से हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के गोपाल कांडा, गन्नौर क्षेत्र से भाजपा की निर्मल रानी, बाढ़डा क्षेत्र से जननायक जनता पार्टी (जजपा) की नैना चौटाला, उचाना कलां क्षेत्र से उनके बेटे उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, लोहारू क्षेत्र से भाजपा के जयप्रकाश दलाल, बादशाहपुर क्षेत्र से आज़ाद विधायक राकेश दौलताबाद और ऐलनाबाद क्षेत्र से इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय सिंह चौटाला शामिल हैं।

    भाजपा के 40 विधायकों में 37, जजपा के सभी 10 और कांग्रेस के 31 में से 29 विधायक करोड़पति हैं. हलोपा के इकलौते विधायक गोपाल कांडा भी करोड़पति हैं. इस समय 50 विधायकों के पास पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की सम्पत्ति है. इसके अलावा 13 विधायकों के पास 50 लाख से 2 करोड़ रुपए तक की सम्पत्ति है।

    विधानसभा में दो ऐसे भी विधायक हैं, जिनके पास 50 लाख से कम की सम्पत्ति है। इनमें पटौदी (रिजर्व) क्षेत्र से भाजपा के सत्यप्रकाश जरावता और इसराना (रिजर्व) क्षेत्र से कांग्रेस के बलबीर सिंह शामिल हैं। पहली बार चुनाव जीते बलबीर सिंह सबसे गरीब विधायक हैं और उनके पास इस समय 40 लाख रुपए की सम्पत्ति है।
    खट्टर सरकार के मंत्रियों में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल 76. 75 करोड़ रुपए की सम्पत्ति के साथ पहले स्थान पर हैं। जबकि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला 27.08 करोड़ रुपए की सम्पत्ति के साथ दूसरे और उनके दादा व बिजली मंत्री रणजीत सिंह 74. सम्पत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पास सिर्फ 1. 27 करोड़ रुपए की सम्पत्ति है।

  • CM पद के लिए शिवसेना ने सुझाए नए नाम, NCP ने उद्धव पर दिया जोर

    CM पद के लिए शिवसेना ने सुझाए नए नाम, NCP ने उद्धव पर दिया जोर

    नई दिल्ली। शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे का नाम मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में शामिल नहीं होने के बाद अब पार्टी ने सुभाष देसाई और एकनाथ शिंदे के नामों का प्रस्ताव रखा है। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने उन्हें खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शीर्ष पद पर काबिज हों।

    पार्टी के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो महाराष्ट्र के अलावा भी राजनीति में लाभकारी सिद्ध हो और उद्धव ठाकरे मराठी सम्मान के लिए दिल्ली की केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।

    सत्ता के फार्मूले के अनुसार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के पद के अलावा शिवसेना के 15, राकांपा के 15 और कांग्रेस के 12 मंत्री होंगे।

    विधानसभा अध्यक्ष का पद राकांपा देना नहीं चाहती लेकिन कांग्रेस को यह पद अपने पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के लिए चाहिए।

    इसके लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने तर्क दिया कि उन्हें ऐसा विधानसभा अध्यक्ष नहीं चाहिए जिसे बार-बार पार्टी आलाकमान से इजाजत लेनी पड़े।

  • MAHARASHTRA LIVE: सांसद संजय राउत बोले- उद्धव ठाकरे होंगे मुख्यमंत्री,बन जाएगी दो दिन में सरकार

    MAHARASHTRA LIVE: सांसद संजय राउत बोले- उद्धव ठाकरे होंगे मुख्यमंत्री,बन जाएगी दो दिन में सरकार

    मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अब रास्ता दिखाई देने लगा है। एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की आज फिर अलग-अलग दोनों पार्टियों के नेता बैठक करेंगे। इसके बाद सरकार गठन पर कुछ निर्णय हो सकता है, गुरुवार शाम को ही नेता मुंबई के लिए रवाना होंगे। इसके बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र में चर्चा होगी और गठबंधन का ऐलान भी किया जा सकता है।

    LIVE अपडेट…

    • शिवसेना के नेता संजय राउत ने आज कहा कि शिवेसना, कांग्रेस और एनसीपी मिलकर सरकार बना रहे हैं। एक-दो दिन में अमलीजामा पहना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का बनेगा। साथ ही कहा कि सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे संभालेंगे। राउत ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया 1 दिसंबर से पहले पूरी हो जाएगी।

    शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच लगातार बैठकों का दौर चला, इसके बाद NCP सूत्रों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि कांग्रेस शिवसेना के साथ गठबंधन के लिए मान गई है। हालांकि, पार्टियों के बीच अभी भी मंत्रालय, स्पीकर पद और अन्य बातों पर मुहर लगनी बाकी है।

    शिवसेना नेता संजय राउत लगातार दावा कर रहे हैं कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा और दिसंबर के पहले हफ्ते में सरकार बन जाएगी। राउत लगातार सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर निशाना साध रहे हैं और सरकार गठन पर शिवसेना का दावा पेश कर रहे हैं।

  • नीतीश कुमार ने ‘तीर’ से BJP के ‘बागी’ सरयू राय के बहाने साधे ये निशाने

    नीतीश कुमार ने ‘तीर’ से BJP के ‘बागी’ सरयू राय के बहाने साधे ये निशाने

    पटना। झारखंड विधानसभा चुनाव में भी जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से बगावत कर मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ बतौर निर्दलीय चुनाव में उतरे सरयू राय के बहाने एकबार फिर भाजपा को न केवल आईना दिखाया है, बल्कि सरयू राय की दोस्ती रखते हुए उनको पुचकारा है।

    कहा जा रहा है कि नीतीश ने जद (यू) के ‘तीर’ से कई निशाने साधे हैं। जद (यू) का चुनाव चिह्न् ‘तीर’ है। हालांकि झारखंड के इस चुनाव में आयोग ने इसे ‘फ्रीज’ कर दिया है।

    छात्र राजनीति के समय से दोस्त रहे सरयू राय और नीतीश कुमार की दोस्ती बिहार और झारखंड की सियासत में किसी से छिपी नहीं है। चारा घोटाले में नीतीश का नाम घसीटे जाने के मौके पर सरयू राय का विरोध रहा हो या वर्ष 2017 में राय की एक किताब का नीतीश द्वारा लोकर्पण किए जाने का मामला, दोनों की दोस्ती जगजाहिर है।

    भ्रष्टाचार के सख्त विरोधी छवि के राय रघुवर सरकार में मंत्री रहते सरकार के कई फैसलों की खिलाफत करते रहे हैं। उम्मीदवारों की चौथी सूची में भी अपना नाम नहीं देखकर सरयू ने अपनी सीट जमशेदपुर (पश्चिमी) छोड़कर मुख्यमंत्री रघुवर दास की सीट जमशेदपुर (पूर्वी) से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी और बतौर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतर गए।

    बिहार में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रही जद (यू) सरयू राय की इस घोषणा के बाद उनके समर्थन में उतर गई। हालांकि बाद में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने झारखंड के चुनाव प्रचार में नहीं जाने की घोषणा कर दी।

    राजनीतिक के जानकार भी कहते हैं कि नीतीश ने झारखंड में सरयू के बहाने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। रांची के वरिष्ठ पत्रकार और झारखंड की राजनीति को नजदीक से जानने वाले संपूर्णानंद भारती कहते हैं, “सरयू राय को समर्थन देने की घोषणा जद (यू) के सांसद ललन सिंह ने रांची में बिना पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार से पूछे नहीं की होगी। इस दौरान सिंह ने स्पष्ट कहा था कि सरयू राय के चुनावी प्रचार में नीतीश कुमार भी आ सकते हैं।”

    इसके अगले ही दिन नीतीश ने स्पष्ट कह दिया कि वहां मेरी कोई जरूरत नहीं है।”

    भारती कहते हैं कि नीतीश ने एक तरफ जहां भाजपा को आईना दिखाया, वहीं यह भी बता दिया कि वह भाजपा के साथ है और उसके विरोध करने वाले के साथ नहीं हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक सुरेंद्र किशोर हालांकि इससे इत्तेफाक नहीं रखते। किशोर कहते हैं कि सांसद ललन सिंह ने अतिउत्साह में नीतीश कुमार को लेकर बयान दे दिए होंगे। नीतीश और सरयू की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है और चुनाव प्रचार में आना और न आना भी इनके रिश्ते में कोई मायने नहीं रखता। मेरी अपनी सोच है कि गहरी दोस्ती के कारण ही सांसद ने ऐसा बयान दिया होगा।”

    किशोर हालांकि यह भी कहते हैं कि जद (यू) ने तो भाजपा को उसी दिन आईना दिखा दिखा दिया था, जिस दिन उसने झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि इसमें राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनने की सोच भी रही होगी।

    बहरहाल, नीतीश की पार्टी जद (यू) और खुद नीतीश के बयानों को लेकर सियासत में कयासों का बाजार गर्म है। नीतीश की पार्टी जद (यू) ने जहां भाजपा को आईना दिखाते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि है बिहार में भाजपा ‘छोटे भाई’ की ही भूमिका में रहे।

    इधर, नीतीश ने सरयू राय के चुनावी प्रचार में न जाकर यह भी संदेश दे दिया है कि भाजपा उन पर परोक्ष या अपरोक्ष रूप से विरोधियों की मदद करने का आरोप न चस्पा कर दे।

    वैसे, ताजा बयानों को लेकर जो भी कयास लगाए जा रहे हों, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि झारखंड के चुनाव परिणाम बिहार की राजनीति पर जरूर असर डालेंगे, और इसकी आंच भाजपा और जद (यू) के रिश्ते तक भी पहुंचेगी।

  • रन-थ्रू-फाइल प्रणाली को विकसित करें मुददों की फाईलों के त्वरित निपटान के लिए: CM मनोहर

    रन-थ्रू-फाइल प्रणाली को विकसित करें मुददों की फाईलों के त्वरित निपटान के लिए: CM मनोहर

    चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे महत्वपूर्ण मुददों की फाईलों के तवरित निपटान के लिए रन-थ्रू-फाइल (आरटीएफ) प्रणाली को विकसित करें ताकि ऐसे महत्वपूर्ण मुददों की फाइलों का जल्द से जल्द निपटान हो सके।

    मुख्यमंत्री ने गुरूवार को यहां वित्त विभाग के संचालन से संबंधित विभिन्न कार्यप्रणाली व क्रियाकलापों के बारे में आयोजित की गई एक समीक्षा बैैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने वित्त विभाग के संचालन और राज्य की राजकोषिय स्थिति के संबंध में एक प्रस्तुति भी दी।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि संबंधित विभाग ऐसी महत्वपूर्ण फाइलों के त्वरित निपटान के लिए वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु विभिन्न प्रश्नों के लिए तैयार चेकलिस्ट की सुविधा भी प्रदान करें, ताकि महत्वपूर्ण मुददों की फाइलों को जल्द से जल्द से निपटाया जा सकें। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के कार्य की प्रशंसा करते हुए सुझाव दिया कि अर्थव्यवस्था की वृद्वि व इक्विटी के लिए विभाग को विभिन्न सुधारों को शुरू करना चाहिए।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन.प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी.उमाशंकर के अलावा वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी मौजूद थे।