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  • महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की सरकार बनाने को केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले लेकर आए नया फार्मूला

    महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की सरकार बनाने को केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले लेकर आए नया फार्मूला

    नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर एक नया फार्मूला लेकर आए हैं। माना जा रहा है कि इससे महाराष्ट्र में सरकार बनाने की राह निकल सकती है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि मैंने समझौते के बारे में संजय राउत जी से बात की थी। मैंने उन्हें 3 साल (भाजपा से मुख्यमंत्री) और 2 साल (शिवसेना से मुख्यमंत्री) का फॉर्मूला सुझाया। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सहमत होती है तो शिवसेना इस बारे में सोच सकती है। मैं बीजेपी के साथ इस पर चर्चा करूंगा।

  • कयासों को दी हवा PM मोदी ने NCP की तारीफ कर , महाराष्ट्र में बदल सकती है तस्वीर!

    कयासों को दी हवा PM मोदी ने NCP की तारीफ कर , महाराष्ट्र में बदल सकती है तस्वीर!

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के 250वें सत्र के अपने संबोधन में सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की तारीफ की, जिससे राज्य में राजनीतिक गतिरोध के बीच कयासों को नई हवा मिल गई है। प्रधानमंत्री ने राकांपा और बीजू जनता दल(बीजद) के सदस्यों के सदन के मध्य न जाने को लेकर प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राकांपा किंगमेकर बनकर उभरी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ऊपरी सदन की प्रशंसा करते हुए सदन की महत्ता पर जोर दिया। अनुच्छेद 370 को हटाने से लेकर तीन तलाक विधेयक के बारे में चर्चा करते हुए मोदी ने रेखांकित किया कि कैसे यह सदन ‘ऐतिहासिक’ है। राज्यसभा की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने कहा कि सदन की परिपक्वता ने यह सुनिश्चित किया है कि विरोध के बावजूद तीन तलाक और जीएसटी पर विधेयक पारित हो सके।

    अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की चर्चा करते हुए, मोदी ने कहा, “जब भी राष्ट्र की बात आती है, राज्यसभा इस अवसर पर उठ खड़ा होता है और मजबूत योगदान दर्ज कराता है।”उन्होंने कहा, “जब अनुच्छेद 370 और 35(ए) से संबंधित विधेयक को पारित करवाने की बात आती है, तो हम राज्यसभा की भूमिका को कभी नहीं भूल सकते हैं।”

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “ऐसा माना जा रहा था कि तीन तलाक पर विधेयक यहां पारित नहीं हो सकेगा, लेकिन यह पारित हो गया। भाजपा-नीत राजग के पास ऊपरी सदन में संख्या का अभाव था, फिर भी सदन इसे पारित करवाने में सफल रहा।”

    प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा को ‘समर्थन देने वाला सदन’ बताया और केंद्र-राज्य के सहकारी संबंध के बारे में कहा, “हमारा संविधान कल्याणकारी राज्य के लिए काम करने को हमें प्रेरित करता है। यह हमें राज्यों के कल्याण के लिए काम करने को भी प्रेरित करता है। राज्यों का परिषद होने के नाते राज्यसभा सहकारी संघवाद की भावना को बढ़ाता है।”

    लेकिन एक बयान, जिसे संभवत: राजनीतिक चश्मे से देखा जाएगा, प्रधानमंत्री ने राकांपा और बीजद की संसद के वेल से दूर रहने के लिए तारीफ की। उन्होंने कहा, “आज मैं दो पार्टियों की प्रशंसा करना चाहता हूं, राकांपा और बीजद। इन पार्टियों ने शानदार तरीके से संसदीय नियमों का पालन किया है। वे कभी भी वेल में नहीं आए।

    उन्होंने अपने मुद्दे को काफी प्रभावी तरीके से रखा। इससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है।” इस बयान की इसलिए महत्ता है, क्योंकि भाजपा, महाराष्ट्र में 105 सीटें होने के बावजूद सरकार नहीं बना सकती और राकांपा वहां किंगमेकर बनकर उभरी है।

  • महाराष्ट्र : कांग्रेस करे शिवसेना के बदले भाजपा का समर्थन, पूर्व CM कुमारस्वामी की नसीहत

    महाराष्ट्र : कांग्रेस  करे शिवसेना के बदले भाजपा का समर्थन, पूर्व CM कुमारस्वामी की नसीहत

    बेंगलुरू। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (सेकुलर) के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी चाहते हैं कि कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए शिवसेना के बदले भाजपा को समर्थन दे। कुमारस्वामी के अनुसार शिवसेना एक कट्टर हिंदुत्व वाली पार्टी है। कुमारस्वामी के मीडिया सलाहकार चंदन धोरे ने आईएएनएस से कुमारस्वामी के हवाले से कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन में कट्टर हिंदुत्वावादी शिवसेना के बदले अपेक्षाकृत एक नरम हिंदुत्ववादी भाजपा को समर्थन दे तो बेहतर होगा, क्योंकि दोनों दक्षिणपंथी पार्टियां सिक्के के दो पहलू हैं।

    कुमारस्वामी की टिप्पणी 21 अक्टूबर के महाराष्ट्र चुनाव के लगभग एक महीने बाद भी नई सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध पर मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में आई है। चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने जीत दर्ज की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर दोनों दलों की राहें जुदा हो गईं।

    धोरे ने कहा, महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन में सांप्रदायिक शिवसेना के साथ धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस और उसकी सहयोगी राकांपा द्वारा गठबंधन करने की चल रही कोशिशों पर कुमारस्वामी से उनकी राय पूछी गई, क्योंकि कांग्रेस ने मई 2018 में कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाने में उनकी पार्टी जद(एस) का समर्थन किया था।

    कुमारस्वामी सोमवार को राज्य के उत्तरपश्चिम क्षेत्र में बेलगावी में थे, जहां वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में पांच दिसंबर के उपचुनाव के लिए प्रचार करने गए थे। कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों के लिए पांच दिसंबर को उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे।

    उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था, और उसी तरह चुनाव में कांग्रेस-राकांपा के बीच गठबंधन था। भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की, शिवसेना ने 56 सीटें जीती। जबकि राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भाजपा-शिवसेना का गठबंधन टूट गया और अब वह कांग्रेस-राकांपा की मदद से सरकार बनाने की कोशिश में है।

  • राउत बोले, 100 बार लेना होगा जन्म पवार का कहा समझने को,यह प्रतिक्रिया दी मोदी की तारीफ पर

    राउत बोले, 100 बार लेना होगा जन्म पवार का कहा समझने को,यह प्रतिक्रिया दी मोदी की तारीफ पर

    नई दिल्ली। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार क्या कहते हैं, इसे समझने के लिए 100 बार जन्म लेना पड़ेगा। शिवसेना सांसद से जब एक पत्रकार ने शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा द्वारा महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शरद पवार के लगभग यू-टर्न लेने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।

    राउत ने कहा, आपको पवार और हमारे गठबंधन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द, दिसंबर की शुरुआत में, एक शिवसेना नीत गठबंधन सरकार महाराष्ट्र में सत्ता में होगी। यह एक स्थिर सरकार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार गठन को लेकर सेना को कोई संदेह नहीं है, लेकिन मीडिया इस पर संदेह पैदा कर रहा है।

    राउत ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों के मुद्दों पर राकांपा प्रमुख के साथ चर्चा की थी। राउत ने कहा, क्या गलत है अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवार की तारीफ कर दी? इससे पहले मोदी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि पवार उनके राजनीतिक गुरु हैं। इसलिए इसमें कोई राजनीति न देखें।

    उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, वह सेना थी, जिसने महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा किया, उसे सीट दी और हमेशा अपने साथ रखा और अब भाजपा ने संसद में शिवसेना के सांसदों के सीटिंग अरेंजमेंट को बदल दिया है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

  • JHARKHAND : भाजपा दिग्गजों के सहारे दंगल जीतने की तैयारी में , 6 से 8 PM मोदी करेंगे सभाएं

    JHARKHAND : भाजपा दिग्गजों के सहारे दंगल जीतने की तैयारी में , 6 से 8 PM मोदी करेंगे सभाएं

    रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा और उसके बाद टिकट बंटवारे को लेकर उपजे असंतोष के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। भाजपा अब दिग्गजों के भरोसे झारखंड विधनसभा चुनाव फतह करने की कोशिश में है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा को चुनावी मझधार पार कराने के लिए प्रधानमंत्री अब यहां छह से आठ चुनावी सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

    भाजपा के टिकट बंटवारे से नाराज कई अपने बगावत कर दूसरे दलों में चले गए और वे वहां से टिकट लेकर चुनावी मैदान में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ खम ठोंक रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सरयू राय सरीखे नेता के पार्टी छोडऩे और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) का साथ छूट जाने का प्रभाव इस चुनाव में न पड़े, इसके लिए भाजपा ने डैमेज कंट्रोल प्रारंभ कर दिया है।

    पार्टी अब अपने स्टार प्रचारकों को अधिक से अधिक क्षेत्रों में पहुंचाने की कोशिश में जुटी है। भाजपा के झारखंड प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 21 नवंबर को लातेहार के मनिका और लोहरदगा में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। जबकि उसके अगले दिन यानी 22 नवंबर को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा चुनावी मोर्चा संभालने झारखंड पहुंचेंगे।

    नड्डा लातेहार में जनसभा को संबोधित करेंगे तथा उसके बाद पलामू में विधानसभा कोर समिति की बैठक लेंगे, जहां पार्टी के नेताओं को चुनावी टिप्स देंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 22 नवंबर को ही पलामू जिले के विश्रामपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे उसी दिन राजधानी रांची में पत्रकारों से बात करेंगे।

    भाजपा के एक नेता के अनुसार, प्रदेश भाजपा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अधिक से अधिक समय प्रचार के लिए चाहती है। पहले भाजपा की रणनीति प्रधानमंत्री की यहां चार-पांच चुनावी सभाएं आयोजित करने की थी, लेकिन अब इन चुनावी सभाओं की संख्या बढ़ा कर आठ-नौ की जा सकती हैं।

    सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री 25 नवंबर को पलामू और गुमला में सभाएं कर सकते हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों को तो चुनाव में उठाएगी ही, परंतु स्थानीय मुद्दों को ज्यादा तरजीह दी जाएगी। भाजपा ने चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने लिए रांची में वार रूम बनाया है, जहां से चुनावी गतिविधियों को समझा जा सकता है।

    सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस चुनाव में आदिवासी बहुल सीटों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। यही कारण है कि संथाल परगना क्षेत्रों पर भाजपा के नेता पूरा जोर लगाए हुए हैं। भाजपा इस चुनाव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चुनावी सभाओं के लिए उतारेगी।

    इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सांसदों को भी झारखंड में प्रचार में उतारने की योजना है। बिहार के कई नेता और कार्यकर्ता पहले से ही झारखंड के चुनावी अभियान में उतरे हुए हैं। गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होने हैं। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे।

  • महाराष्ट्र का घमासान : इन दिग्गज नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने की बैठक

    महाराष्ट्र का घमासान : इन दिग्गज नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने की बैठक

    नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध पर मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी और मल्लिकार्जुन खडग़े संग बैठक की। यही वे नेता हैं जो लगातार एनसीपी के साथ संपर्क में बने हुए हैं और सरकार गठन पर बात कर रहे हैं। सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सोनिया से मुलाकात की थी।

    उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर का विधानसभा चुनाव भाजपा-शिवसेना ने गठबंधन के तहत लड़ा था, जबकि कांग्रेस-राकांपा ने अलग गठबंधन के तहत यह चुनाव लड़ा था। लेकिन 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 105 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि शिवसेना 56 सीटें जीत पाई।

    इसके बाद भाजपा-शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर पैदा हुए गतिरोध के कारण दोनों पार्टियां अलग हो गईं। अब कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रयास कर रही हैं।

  • कार्यशाला आयोजित रोड सेक्टर पॉलिसी के लिए

    कार्यशाला आयोजित रोड सेक्टर पॉलिसी के लिए

    जयपुर। सार्वजनिक निर्माण विभाग मुख्यालय निर्माण भवन में सोमवार को वर्ल्ड बैंक पोषित राजस्थान रोड सेक्टर मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (आरआरएसएमपी) के तहत रोड सेक्टर पॉलिसी एंड स्ट्रैटजी पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वर्ष 2028 तक के लिए बनने वाली राजस्थान रोड सेक्टर पॉलिसी पर चर्चा की गई तथा पॉलिसी के प्रस्तावों पर सुझाव मांगे गए।

    कार्यशाला सार्वजनिक निर्माण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। कार्यशाला के दौरान प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन भास्कर ए. सावंत ने रोड सेक्टर पॉलिसी के लिए बाइपास सड़कों की आवश्यकता तथा नई एवं वर्तमान सड़कों के इको-फ्रेंडली डवलपमेंट के बारे में सुझाव दिए। वहीं एडीजी पुलिस (यातायात) पंकज कुमार सिंह ने ट्रोमा मैनेजमेंट, ग्रामीण क्षेत्रे में एम्बुलेंस की उपलब्धता तथा दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रें के दुरस्तीकरण से सम्बंधित सुझाव रखे।

    कार्यशाला में प्रजेंटेशन के माध्यम से पॉलिसी के उद्देश्यों और विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया गया। पॉलिसी के प्रस्तावों पर विभिन्न संस्थाओं, अभियंताओं, संवेदकों और अधिकारियों ने कई सुझाव कार्यशाला में रखे।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा कि सभी सुझावों का परीक्षण करवा कर पॉलिसी के प्रारूप में शामिल किया जाएगा और मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा।

    इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव वन एवं पर्यावरण श्रेया गुहा, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव पीडब्ल्यूडी अनूप कुलश्रेष्ठ, अन्य मुख्य अभियंताओं सहित विभिन्न अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

  • ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार

    ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित जदयू कार्यालय के समक्ष बिहार के ऊर्जा मंत्री- श्याम रजक ने जदयू प्रत्याशी- ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में प्रचार-प्रसार किया। लोगों को संबोधित करते हुए श्याम रजक ने कहा कि बिहार में शिक्षा,स्वास्थ्य,कानून व सड़क में जो आमूलचूल परिवर्तन हुआ है।वो सुशाशन बाबू का देन है।

    ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार
    ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार

    बिहार की तरह झारखण्ड राज्य में विकास की गंगा बहाने के लिए ब्रह्मदेव प्रसाद को वोट कर नीतीश कुमार के हाथों को मजबूत करें। इसके लिए जाती- पाती के भेद-भाव से ऊपर उठकर ब्रह्मदेव प्रसाद को चुनें।बिहार के रफीगंज के विधायक-अशोक कुमार ने कहा कि झारखण्ड में सड़क नहीं सिर्फ गढ्ढा दिखता है। बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा पलायन को मजबूर हैं।

    ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार
    ऊर्जा मंत्री ने ब्रह्मदेव प्रसाद के पक्ष में किया प्रचार-प्रसार

    कोई पता कर देख ले कि बिहार में पलायन पूरी तरह बंद है। 90 प्रतिशत लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। जदयू को एक बार मौका दें। झारखण्ड की तकदीर व तस्वीर बदल जाएगी। मौके पर- जदयू के प्रदेश अध्यक्ष-राजनारायण पटेल,जदयू के पलामू प्रमंडल प्रभारी तारकेश्वर आजाद,विश्रामपुर विधानसभा प्रभारी शम्भू नाथ दुबे,प्रखण्ड अध्यक्ष-सुनील कुमार,कैलाश प्रसाद सिंह,गरीबा साह, बलराम सोनी,कामेश्वर प्रसाद,पंकज कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

  • BENGAL BYPOLLS : स्थानीय मुद्दों तृणमूल और नागरिकता संशोधन विधेयक पर दे रही भाजपा जोर

    BENGAL BYPOLLS : स्थानीय मुद्दों तृणमूल और नागरिकता संशोधन विधेयक पर दे रही भाजपा जोर

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों और ममता बनर्जी सरकार के विकास के प्रयासों को सामने लाने के लिए हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग-अलग घोषणा-पत्र पेश किया है, जबकि भाजपा प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही है। नवगठित कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन केंद्र और राज्य सरकारों की विफलताओं, आर्थिक संकट और आवश्यक वस्तुओं के मूल्य वृद्धि जैसे मुद्दे को उछाल रहा है।

    यह उपचुनाव अप्रैल-मई के लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए पहला शक्ति परीक्षण होगा। रणनीति के एक बदलाव में कहा कहा जा रहा है कि यह चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से प्रभावित है, और तृणमूल ने पहली बार उपचुनाव के लिए घोषणापत्र प्रकाशित किया है, वह भी तीनों निर्वाचन क्षेत्रों -खडग़पुर सदर, कालियागंज और करीमपुर के लिए अलग-अलग।

    तृणमूल नेताओं के अनुसार, पार्टी भाजपा की ओर से राम मंदिर, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करके प्रस्तावित कैब के मुद्दे को उछालकर वोट पाने की योजना पर पानी फेरने के लिए तैयार है। हालांकि, हर जनसभा में तृणमूल नेता राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का मुद्दा उठा रहे हैं और इसका जिक्र कर रहे हैं कि असम में एनसीआर सूची से बाहर 19 लाख लोगों में से लगभग 12-13 लाख हिंदू हैं। लेकिन, तृणमूल के लिए प्रचार अभियान का मुख्य मुद्दा विकास है।

    तृणमूल के राज्यसभा सदस्य मानस भुनिया ने आईएएनएस से कहा, हमारी नेता ममता बनर्जी ने राज्य भर में बड़े पैमाने पर विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने समाज के लगभग हर वर्ग को लाभ पहुंचाने वाली कई सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी परियोजनाओं की कल्पना की है और उन्हें लागू किया है। स्वाभाविक रूप से, हम इस पहलू पर जोर दे रहे हैं।

    खडग़पुर सदर में निर्वाचन क्षेत्र आधारित मुद्दों पर अपने फोकस के तहत, तृणमूल रेलवे के एक हिस्से का निजीकरण करने के लिए केंद्र के वादे पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भुनिया ने कहा, विशेष रूप से खडग़पुर में भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है। हाल ही के चुनाव में जिन लोगों ने भाजपा को वोट दिया था, वे अब पूरी तरह से उनसे कन्नी काट गए हैं। लोगों को अपनी नौकरी खोने का डर है।

  • ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक

    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखंड स्थित सोनभद्र आदर्श इंटर कॉलेज के प्रांगण में मझिआंव-विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी- ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों के साथ एक बैठक किया। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 20 वर्षों तक आपलोगों ने मुझे अपने साथ रखा था। पांच वर्ष के लिए पुनः आपके बीच आया हूँ। अब फैसला आपको करना है कि मुझे स्वीकार करते हैं या नही। उन्होंने रुंधे गले से आगे कहा कि मेरा बेटा तो मुझे छोड़ कर चला गया,लेकिन मैं आपलोगों का साथ नही छोड़ सकता। वादा करता हूँ कि आपकी सारी तकलीफें दूर कर दूंगा। कहा की एक विपरीत परिस्थिति में मुझे चुनाव मैदान में आना पड़ा है।

    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक
    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक

    आपलोगों से आशीर्वाद की आवश्यकता है। इस अवसर पर कांडी व सोहगाड़ा गांव के 20 युवाओं ने ददई दुबे के समक्ष कांग्रेस पार्टी का सदस्यता ग्रहण किया। सबों को माला पहनाकर पार्टी के द्वारा स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के सदस्यता ग्रहण करने में बसंत कुमार, रौशन कश्यप, सोनू मेहता, रिंकू कुमार, राहुल कुमार, नरेश कुमार, सुशील मेहता, प्रदीप बहेलिया, रंजन ठाकुर, सोनू कुमार, शंकर साह, दीपक कुमार,चंदन कुमार, ओम प्रकाश, गोबिंद कुमार, रविन्द्र विश्वकर्मा, पप्पू कुमार, सुजीत कुमार, मोहित कुमार व शैलेन्द्र बैठा का नाम शामिल है। कार्यक्रम के अंत में पार्टी के स्वर्गीय-युवा नेता अजय दुबे की आकस्मिक निधन पर सभी ने दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कि गयी।

    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक
    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक
    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक
    ददई दुबे ने कार्यकर्ताओं के साथ किया बैठक

    मौके पर- प्रदेश कार्य समिति सदस्य बिमला कुमारी, झामुमो युवा- नेता पिंकू पाण्डेय, प्रखंड अध्यक्ष- झरी प्रसाद, विकास उपाध्याय, मुर्तुजा अंसारी, आबिद हुसैन, नंदलाल दुबे, अशर्फी तिवारी, अजय कुमार, जवाहिर राम, कयामुद्दीन खान, रामदास राम, जाबिर अंसारी, इसराइल अंसारी, बिजय राम, रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, बड़ू दुबे सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।