Category: sports

  • दीपिका कुमारी क्वार्टरफाइनल में हार के साथ ही बाहर, टोक्यो में दो गोल्ड मेडल जीत चुकी

    टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में गुरुवार का दिन भारत के लिए हॉकी, आर्चरी और बैडमिंटन के मैदान से खुशखबरी मिली वहीं बॉक्सिंग के रिंग से भारतीय फैंस को बड़ा झटका लगा. भारत की स्टार बॉक्सर मैरीकॉम राउंड ऑफ 16 से ही बाहर हो गईं. हालांकि आज बॉक्सर लवलीना ने देश के लिए मेडल पक्का करके उस निराशा को खुशी में बदल दिया.  देश के खिलाड़ियों के लिए 30 जुलाई का दिन काफी अहम होने वाला है. भारत के कुछ खिलाड़ी मेडल के करीब पहुंच जाएंगे. हालांकि दीपिका कुमारी क्वार्टरफाइनल में हार के साथ ही बाहर हो गई.

    टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में भारत ने एक और मेडल पक्का कर लिया है. ये मेडल लवलीना बोर्गोहेन (Lovlina Borgohain) के पंच से पक्का हुआ है. हालांकि, मेडल का रंग क्या होगा ये आगे पता चलेगा.

    दीपिका कुमारी के लिए आगे की चुनौती काफी मुश्किल होगी. क्वार्टर फाइनल में दीपिका कोरिया की टॉप सीड एन सान का सामना करेंगी. सान पहले ही टोक्यो में दो गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. वह मिक्स्ड टीम इवेंट और महिला टीम इवेंट की गोल्ड मेडलिस्ट हैं.

    तीसरे सेट में एन सान की जीत के साथ ही दीपिका कुमारी की हार तय हो गई. दीपिका दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाई. एन सान ने पहले सेट के बाद कई खराब शॉट खेले लेकिन दीपिका उस समय लीड बनाने में नाकाम रहीं. कोरियन खिलाड़ी को शायद इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत नहीं पड़ी.

  • टोक्यो में कांस्य जीतकर पीवी सिंधु ने लगातार दो ओलंपिक गेम्स में पदक जीतने का नया इतिहास रचा

    Tokyo Olympics 2020: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने बैडमिंटन वीमेन्स सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। उन्होंने चीन की हे बिंगजिआओ (He Bing Jiao) को सीधे सेटों में 21-13, 21-15 से करारी शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने ओलंपिक में दो मेडल हासिल कर लिये हैं। इससे पहले मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल हासिल किया था। साथ कड़े मुकाबला कि में जीत दर्ज की। सिंधु ने रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अब टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भी ब्रांज मेडल जीतकर इतिहास रचा है। दोनों दिग्गज बैडमिंटन कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ अबतक 16 मैच खेल चुकी हैं, जिसमें 9 मैच चीन की बिंगजिआओ ने जीता है और 7 मैच सिंधु के नाम रहा है।

    वैसे सिंधु का गोल्ड का सपना पूरा नहीं हो पाया क्योंकि सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की यिंग ने उन्हें सीधे गेम में 21-18, 21-12 से हरा दिया था। लेकिन इस जीत के साथ पीवी सिंधु भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं जिनके नाम लगातार 2 ओलंपिक में मेडल जीतने का कारनामा दर्ज है। उनकी जीत पर पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर बधाई दी।

  • मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक ने भारतीय हॉकी टीम को बधाई दी

    भुवनेश्वर

    टीम अपनी गति जारी रखे और देश के लिए बहुप्रतीक्षित पदक लाए। टीम को शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक ने आज भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ओलंपिक सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए बधाई दी। भारत 41 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में खेलेगा। मुख्यमंत्री ने ग्रेट ब्रिटेन पर भारतीय टीम की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि क्वार्टर फाइनल में राष्ट्रीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि टीम सेमीफाइनल और ओलंपिक फाइनल दोनों जीतने की गति बनाए रखेगी।

    यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि ओडिशा सरकार पांच साल के लिए पुरुष और महिला दोनों भारतीय हॉकी टीम की प्रायोजक है। 2018 के बाद से।ओडिशा एकमात्र राज्य है जो पूरे देश में एक राष्ट्रीय खेल को बढ़ावा दे रहा है। ओडिशा हॉकी का उद्गम स्थल है और राज्य सरकार भारत को वैश्विक हॉकी में अपना दबदबा हासिल करने में मदद करने के लिए हॉकी पर प्रीमियम लगा रही है। यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि भारतीय पुरुष हॉकी और भारतीय महिला हॉकी टीम दोनों ओलंपिक सेमीफाइनल और क्वार्टर में प्रवेश कर रही हैं।

  • नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर टोक्यो की धरती पर लहराया भारतीय झंडा, ओलिंपिक में रचा इतिहास

    Neeraj chopra javelin thrower: टोक्यो ओलंपिक में आखिरकार भारत के नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया. भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में यह ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारत को पहला मेडल मिला है. बता दें कि सोशल मीडिया पर हर तरफ से नीरज को (Neeraj Chopra) इतिहास रचने के लिए बधाई मिल रही है.

    भारत के जेवलिन थ्रोअर (Javelin Throw) नीरज ने पहली ही कोशिश में 87.03 मीटरल भाला फेंका था तो वहीं दूसरी कोशिश में 87.58 की दूरी तक खुद को गोल्ड मेडल की दौड़ में सबसे आगे कर लिया. नीरज के इस कारनामें के बाद दूसरा एथलीट इतनी दूरी तक पूरे इवेंट में भाला नहीं फेंक पाया और आखिर में भारत के नीरज ने ऐतिहासिक कमाल करने हुए गोल्ड मेडल जीत लिया.

    फाइनल इवेंट के बाद जब मेडल लेने का समय आया तो पोडियम में चढ़ते हुए नीरज भावुक नजर आ रहे थे. इतना ही नहीं जब भारतीय झंडा दूसरे देश के झंडे से ज्यादा ऊंचा लहरा रहा था तो उस देखकर भारतीय एथलीट के आंखों में आंसू भी नजर आए. 

    जब नीरज को गोल्ड मेडल मिला तो भारतीय एथलीट ने अपने कोच की ओर देखकर अपने मेडल को प्रदर्शित किया. इसके बाद जब वो पोडियम पर ही थे तो भारत का राष्ट्रगान बजा,  इस दृश्य को देखकर हर एक भारतीय भावुक नजर आए. खुद नीरज भी गर्व से सीना चौड़ा करके अपने देश के राष्ट्रगान को सुनकर देशभक्ति में डूबे नजर आ रहे थे. सोशल मीडिया पर गोल्ड लेते समय का वीडियो खूब वायरल (Video Viral) हो रहा है.

    भारतीय एथलीट नीरज के ऐतिहासिक कारनामें को देखकर वीरेंद्र सहवाग भी खुश नजर आए हैं. सहवाग ने ट्वीट कर इस मौके को असाधारण कहा है. अपने ट्वीट में पूर्व क्रिकेटर सहवाग ने लिखा, ”रोंगटे खड़ा कर देने वाला, एक ओर भारत का टेस्ट मैच चल रहा है और जिस तरह से आज हम कमलप्रीत, रवि, बजरंग, सिंधु और नीरज चोपड़ा को उत्साहित करने के लिए अपनी टीवी पर चिपके हुए थे, यह @ओलंपिक अन्य खेलों के प्रति रुचि में एक आदर्श बदलाव का प्रतीक है, इन कुछ क्षणों में वास्तव में क्रिकेट गया तेल लेने का एहसास हुआ है.’

  • बजरंग ने पुरुषों के फ्री स्टाइल 65 किलो वर्ग कुश्ती में कजाकिस्तान के रेसलर को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया

    Tokyo olympic 2020: भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने पिता के भरोसे पर खरा उतरते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। इसके साथ ही उनका ओलिंपिक पदक का सपना भी पूरा हो गया है। टोक्यो ओलिंपिक में अब तक भारत की झोली में 6 पदक आ चुके हैं। बजरंग ने पुरुषों के फ्री स्टाइल 65 किलो वर्ग कुश्ती में कजाखस्तान के रेसलर को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया है। बजरंग की जीत के लिए उनकी मां ने शिवरात्रि व्रत रखा था, जबकि उनके पिता को भी पूरा भरोसा था कि बेटा खाली हाथ नहीं लौटेगा।

    8-0 से जीता मुकाबला

    इस मैच में बजरंग ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। इसके बाद दूसरे गेम में डेढ़ मिनट का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने जबरदस्त आक्रमण किया। उन्हें दो टेक डाउन के बाद तीन अंक मिले और आखिरी 30 सेकेंड में फिर उन्होंने दो अंक बटोरे। अंत में बजरंग ने 8-0 से एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की।

    कैसा रहा बजरंग का सफर

    टोक्यो ओलंपिक 2020 में बजरंग ने अपने सफर की शुरुआत जीत के साथ की थी। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान के एर्नाजर अकमातालिवे पर तकनीकी आधार पर जीत हासिल की थी। यह मुकाबला 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ था पर तकनीकि आधार पर बजरंग विजेता बने थे। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ईरानी पहलवान को चित करके मैच खत्म कर दिया था और बाय फाल से विजेता बने थे। हालांकि, सेमीफाइऩल मैच में उन्हें अजरबैजान के पहलवान के हाथों 12-5 से हार का सामना करना पड़ा।

    लेग डिफेंस पर किया काम

    बजरंग पूनिया पिछले दस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पदक जीतने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने छह स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य जीता है। अपने दमखम के आधार पर जीतने वाले बजरंग के लिए ‘लेग डिफेंस’ समस्या रहा है। लेकिन, उन्होंने इस पर मेहनत की है। विदेशी कोच के साथ बजरंग ने विशेष तौर पर लेग डिफेंस और स्टेमिना पर काम किया है।

  • भारतीय टीम ने की ज़ोरदार वापसी

    क्रिकेट | भारतीय टीम ने ज़ोरदार वापसी करते हुए इंग्लैंड के सामने जीत के लिए दूसरी पारी में 368 रन का विशाल लक्ष्य रखा जिसके सामने इंग्लैंड की टीम महज़ 210 रनों पर ढेर हो गई. ओवल टेस्ट में 157 रनों से मिली जीत ने साबित कर दिया है कि पिछले कुछ समय से वह उलटफ़ेर करने में माहिर हो चुकी है, ख़ासकर अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद. 

    कमाल की बात है कि भारत की जीत में गेंदबाज़ों का योगदान तो रहा ही है, साथ ही पुछल्ले बल्लेबाज़ों ने भी जमकर बल्लेबाज़ी की है. ओवल टेस्ट में मोहम्मद शमी की जगह टीम में शामिल किए गए आलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने दोनों पारियों में शानदार अर्धशतक बनाकर भारत के टॉप आर्डर को आईना भी दिखाया कि इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ स्वभाविक रूप से खेलते हुए भी रन बनाए जा सकते हैं. 

    किसका कैसा प्रदर्शन 

    ओवल में दूसरी पारी में भारत के सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने 127 रनों की शतकीय पारी खेली जबकि चेतेश्वर पुजारा ने भी 61 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली. इसके बाद कप्तान विराट कोहली के 44, ऋषभ पंत के 50 और शार्दुल ठाकुर के तेज़तर्रार 60 रनों की मदद से 466 रन बनाकर भारत ने पहले तो अपने सिर पर मंडराते हार के ख़तरे को दूर किया और उसके बाद गेंदबाज़ों ने वह काम कर दिखाया जिसके लिए वह जाने जाते हैं. 

    वैसे मैच के पाँचवें और अंतिम दिन लंच के समय तक इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट खोकर 131 रन था, लेकिन उसके बाद चायकाल तक भारत के गेंदबाज़ों ने उनकी बल्लेबाज़ी की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी. 

    इससे पहले कि कप्तान जो रूट चट्टान की तरह अड़े रहते उन्हें शार्दुल ठाकुर ने बोल्ड कर दिया. रूट ने 36 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज़ रॉरी बर्नस ने 50 और उनके जोड़ीदार हसीब हमीद ने 63 रन बनाकर भारतीय ख़ेमे की चिंता बढ़ाई और एक समय ऐसा लगा कि शायद मैच ड्रॉ की तरफ़ बढ़ रहा है, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने अपना धैर्य नहीं खोया और लगातार विकेट लेने की कोशिश करते रहे और कामयाब भी हुए . डेविड मालान को रन आउट होने का मलाल रहेगा तो जॉनी बेयरस्टो, ओली पोप, मोईन अली और क्रिस वोक्स ना तो ज़्यादा रन बना सके और ना ही विकेट पर टिक सके. 

    पूरी सिरीज़ में चर्चा में रहने वाले और बहुत कम ओवर करने वाले खब्बू स्पिनर रविंद्र जडेजा ने गेंदबाज़ी में एक छोर संभाले रखा. वह वैसे भी एक ही लाइन और लैंग्थ से गेंद करने के लिए जाने जाते हैं जिसका नतीजा यह निकला कि इंग्लैंड के बल्लेबाज़ खुलकर नहीं खेल सके और उनके रन बनाने की रफ़्तार धीमी हो गई. 

    हसीब हमीद जो कि अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे उनकी बल्लेबाज़ी का तो यह आलम था कि वह शॉर्ट पिच और फ़ुल टॉस गेंद को भी रक्षात्मक रूप से खेल रहे थे.   

    उनकी ऐसी बल्लेबाज़ी को देखकर कॉमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर भी कह उठे कि टीम प्रबंधन ने शायद उन्हें कह रखा है कि आप टिके रहो रन दूसरे छोर का बल्लेबाज़ बनाएगा, लेकिन उनकी यह रणनीति काम नहीं आई और जो विकेट एक समय रन बनाने और बल्लेबाज़ी के लिए आसान लग रही थी उसी विकेट पर अचानक विकेट गिरने का जैसे पतझड़ लग गया.

    .

  • भारत का टोक्यो पैरालंपिक में प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ

    अठारह वर्षीय कुमार ने पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए 2.07 मीटर की कूद से एशियाई रिकार्ड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

    वह ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम एडवर्ड्स के पीछे रहे जिन्होंने 2.10 मीटर की कूद से सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    कांस्य पदक रियो खेलों के चैम्पियन पोलैंड के मासिज लेपियाटो के हासिल किया जिन्होंने 2.04 मीटर की कूद लगायी।

    टी64 क्लास में वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनका पैर किसी वजह से काटना पड़ा हो और ये कृत्रिम पैर के साथ खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं।

    कुमार टी44 क्लास के विकार में आते हैं लेकिन वह टी64 स्पर्धा में भी हिस्सा ले सकते हैं।

    टी44 उन खिलाड़ियों के लिये है जिन्हें पैर का विकार हो, उनके पैर की लंबाई में अंतर हो, उनकी मांसपेशियों की क्षमता प्रभावित हो जिससे उनके पैर के मूवमेंट पर असर होता है।

    भारत का टोक्यो पैरालंपिक में प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ होने वाला है जिसमें देश ने अभी तक दो स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक जीत लिये हैं। 

    प्रवीण का पदक उनकी कड़ी मेहनत और अद्वितीय समर्पण का नतीजा: प्रधानमंत्री               

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक में शुक्रवार को रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत और अद्वितीय समर्पण का नतीजा है। 

    कुमार ने पैरालंपिक में पुरूषों की ऊंची कूद टी64 स्पर्धा में रजत पदक जीता जिससे इन खेलों में देश के पदकों की संख्या 11 तक पहुंच गयी है। 

    अठारह वर्षीय कुमार ने पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए 2.07 मीटर की कूद से एशियाई रिकार्ड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वह ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम एडवर्ड्स के पीछे रहे जिन्होंने 2.10 मीटर की कूद से सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 

     

     

    मोदी जी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार पर गर्व है। यह पदक उनकी कड़ी मेहनत और अद्वितीय समर्पण का नतीजा है। उन्हें बधाई। भविष्य के लिये उन्हें शुभकामनायें। ’

  • ख़ुशी के पल : नीरज चोपड़ा ने जब अपने माता पिता का छोटा सा सपना पूरा किया

    प्रशांत कुमार रिपोर्टर

    मेरा एक छोटा सा सपना आज सच हो गया क्योंकि मैं अपने माता-पिता को उनकी पहली उड़ान में ले जाने में सक्षम था।  भारत के भाला खिलाड़ी और स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने अपने माता-पिता को पहली उड़ान में लेकर एक ‘छोटा सपना’ पूरा किया।  एक ट्वीट में, स्वर्ण पदक विजेता ने ‘प्रार्थना’ और ‘आशीर्वाद’ के लिए नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया जिससे उनका सपना पूरा हुआ।

  • भारत की क्रिकेट टीम का बदलता रूख

    आंकड़े हमेशा आपको एक कहानी बताते हैं। ब्रिसबेन (जब भारत की तीसरे दर्जे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर चार टेस्ट मैचों की कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली सीरीज में मात दी थी) से ओवल (जहां विराट कोहली की टीम इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के शानदार अंत के मुहाने पर खड़ी है) तक टेस्ट क्रिकेट से जो नंबर सामने आए हैं वह काफी प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। 

    टीवी पर दर्शकों की संख्या में काफी इजाफा 

    साल 2021 में जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था तब ब्रिसबेन टेस्ट सब्सक्रिप्शन टीवी पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला मैच बन गया था। और उस सीरीज के औसत दर्शकों की संख्या भी 2019 (जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया का पिछला दौरा किया था) से 33 फीसद ज्यादा थी। 

    अब लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच इस सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच का आखिरी दिन का खेल था तब औसत रेटिंग में 70 फीसदी काउछाल देखा गया वहीं दिन के आखिरी सेशन में कुल 10.7 मिलियन यानी एक करोड़ 70 लाख व्युअरशिप मिली। यह हाल ही किसी भी टेस्ट मैच का यह सबसे ज्यादा देखा गया सेशन था। इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि सिर्फ भारत और पाकिस्तान का मुकाबला ही इससे ज्यादा दर्शकों को आकर्षित कर सकता है, ओवल के नंबर्स अभी सामने नहीं आए हैं। 

    इन नंबर्स से पता चलता है कि टेस्ट क्रिकेट का सूर्यास्त अभी नहीं हो रहा है, जैसा कि प्रचलित धारणा है। दरअसल, जिस तरह कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम खेल रही है, सूर्यास्त की धारणा के उलट वह टेस्ट क्रिकेट का सूर्योदय हो सकता है।
    आईसीसी ने हाल ही में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के टीवी नंबर्स जारी किए थे। भारत को इस फाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार का समाना करना पड़ा था। यह मैच तटस्थ मैदान पर खेला गया। इसका टाइम न्यूजीलैंड के प्राइम टाइम से काफी दूर था। लेकिन इसके बावजूद इसे 177 मिलियन वैश्विक दर्शकों ने देखा। इसके साथ ही 80 से ज्यादा इलाकों में लाइव व्युअरशिप करीब 130.6 मिलियन के करीब रही।

  • आई. पी. एल. 2021 के दुसरे चरण का आगाज़

    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के दूसरे चरण का आगाज होने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। दूसरा चरण 19 सितंबर से 15 अक्टूबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेला जाएगा। आईपीएल समाप्त होने के बाद 17 अक्टूबर से ओमान और यूएई में टी20 विश्व कप 2021 का आयोजन होगा। ऐसे में कई मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि दोनों टूर्नामेंट के साथ होने से खिलाड़ियों का फाएदा मिलेगा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की ओर से खेलने वाले ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने एक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आईपीएल में एक खास मकसद के साथ उतरेंगे। 

    ‘हमारे बल्लेबाजों के लिए शानदार होने वाला है’ 

    मैक्सवेल ने आईसीसी क्रिकेट डॉट कॉम से  कहा, ‘हमारे कई खिलाड़ी आईपीएल में खेलने वाले हैं। खिलाड़ियों का मकसद आईपीएल को टी20 विश्व कप की तैयारी के रूप लेना है ताकि वहां की परिस्थितियों ढल सकें। यह हमारे बल्लेबाजों के लिए बहुत शानदार होने वाला है। हमारे गेंदबाज भी विश्व कप शुरू होने तक पूरी तरह तैयार हो जाएंग। टूर्नामेंट शुरू हो गया है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हर कोई यूएई में मैदान पर उतरने के लिए उत्सुक है।’ 

    उन्होंने कहा, ‘यूएई में होने वाला टूर्नामेंट संभवतः बराबरी की टक्कर में थोड़ा ही सही लेकन अहम होगा। इससे थोड़ी आसान होगी पर घरेलू मैदान जितना फायदा नहीं होगा। आईपीएल  में बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जो विश्व कप में वहां खेलेंगे। मुझे लगता है कि इस काफी हद तक बराबरी के मुकाबले में मदद मिलेगी।’ 

    ‘इस विश्व कप में कोई कमजोर टीम नहीं है’ 

    बता दें कि टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया सुपर 12 स्टेज में एक कठिन ग्रुप में है। उसके ग्रुप में चैंपियन वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें हैं। वहीं, मैक्सवेल ने कहा, ‘इस विश्व कप में कोई कमजोर टीम नहीं है और हम यह जानते हैं। हम जानते हैं कि हमारे पास अपने दिन में सभी को हराने का बहुत अच्छा मौका है। दोनों ग्रुप कठिन हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसा कि मैंने पहले कहा था कि इस विश्व कप में कोई कमजोर टीम नहीं है इसलिए हर खेल हमारे लिए कठिन होने वाला है।’