Category: sports

  • खेलने की वजह से खिलाड़ियों को सजा दे सकती है BCCI, बिहार क्रिकेट लीग में

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    नई दिल्ली। विवादित बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और इस संघ में पंजीकृत प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए खिलाड़ियों की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि बिहार क्रिकेट संघ ने बिहार क्रिकेट लीग (BCL) का आयोजन किया था, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में संघ और खिलाड़ियों को मूल निकाय के आदेशों को उल्लंघन करने के लिए BCCI से कड़े प्रतिबंधों का सामना करने की संभावना है। बीसीएल पटना में 20 से 26 मार्च तक आयोजित किया गया था।

    इस टूर्नामेंट में पांच फ्रेंचाइजी अंगिका एवेंजर्स, भागलपुर बुल्स, धारभंगा डायमंड्स, गया ग्लेडिएटर्स और पटना पायलट्स थी, जिसे यूरोपोर्ट चैनल पर प्रसारित किया गया था। दरभंगा डायमंड्स टीम उर्जा स्टेडियम में खेले गए फाइनल में चैंपियन बनकर उभरी। बीसीसीआइ ने 23 मार्च को एक पत्र (जो पीटीआइ के पास है) को बीसीए को यह कहते हुए भेजा था कि वे बिना किसी अनिश्चितता के शब्दों में कहें कि उनकी ‘टी 20 लीग’ को मंजूरी नहीं मिली है और इस टी20 लीग को रोक दिया जाना चाहिए।

    हालांकि, बीसीए अधिकारियों ने बीसीसीआइ के पत्र की ओर ध्यान नहीं दिया और शेष खेलों के साथ आगे बढ़े और टूर्नामेंट को खत्म किया। बोर्ड के कार्यकारी सीईओ हेमांग अमीन ने राज्य निकाय को लिखे पत्र में कहा, “हमने आपके प्रश्नों की प्रतिक्रियाओं की समीक्षा की है और सावधानीपूर्वक विचार करने पर बीसीसीआइ ने अपने टी20 घरेलू लीग क्रिकेट टूर्नामेंट (यानी बीसीएल) के संचालन के लिए बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) को अपनी मंजूरी नहीं देने का फैसला किया है, क्योंकि यह बीसीसीआइ द्वारा जारी एडवाइजरी और दिशानिर्देशों का पूरा तरह से अनुपालन नहीं करता है।”

    बीसीसीआइ ने अपने संचार में स्पष्ट रूप से बीसीए को बीसीएल को रद करने या बोर्ड के संविधान के अनुरूप प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार होने के लिए कहा था। इसमें आगे कहा गया, “हम बिहार राज्य में क्रिकेट संस्कृति के निर्माण के लिए बीसीए के प्रयास और निरंतर प्रयास की सराहना करते हैं और आपको विश्वास दिलाते हैं कि बीसीसीआइ बीसीए का समर्थन कानून के दायरे में करेगा। तदनुसार, बीसीसीआइ आपको टी20 घरेलू लीग क्रिकेट टूर्नामेंट (यानी, बीसीएल) को रद करने का निर्देश देता है।”

    पत्र में आगे कहा गया था, “यदि बीसीसीआइ के नियमों और विनियमों के अनुसार बीसीए चल रहे टी20 टूर्नामेंट (यानी, बीसीएल) को रद नहीं करता है तो टूर्नामेंट को ‘अस्वीकृत टूर्नामेंट’ माना जाएगा और बीसीसीआइ के नियमों और विनियमों के अनुसार बीसीए प्रतिबंधों के लिए उत्तरदायी होगा।” हाल के वर्षों में, अपनी भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) की सिफारिश पर बीसीसीआइ ने संदिग्ध स्वामित्व, असामान्य सट्टेबाजी पैटर्न के कई मामलों के सामने आने के बाद राज्य निकाय द्वारा संचालित टी20 लीग फिलहाल बंद करने का फैसला किया है।

    आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग को उजागर करने वाले आदित्य वर्मा ने पीटीआइ को बताया, “बिहार क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने जो किया है, उसने युवा खिलाड़ियों के करियर को ताक पर रखा है। क्या होगा अगर BCCI अब संविधान के अनुच्छेद 31 के अनुसार खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दे? यदि BCCI वार्षिक अनुदान रोक देता है तो क्या होगा? क्या राकेश तिवारी जिम्मेदारी लेंगे?क्योंकि बीसीसीआइ ने बीसीए को बीसीएल का आयोजन करने की अनुमति नहीं दी थी।”

    बीसीसीआइ द्वारा अस्वीकृत टूर्नामेंट में ऐसा कोई क्रिकेटर नहीं खेल सकता है, जिसका संबंध बीसीसीआइ से हो। खेलना ही नहीं, बल्कि अंपायरिंग से लेकर स्कोरर और अन्य किसी भी तरह से कोई भी शख्स ऐसे टूर्नामेंट में नहीं भाग ले सकता है, जिसकी अनुमति बीसीसीआइ ने नहीं दी हो। इस स्थिति में बीसीसीआइ की शीर्ष परिषद उचित कार्रवाई करेगी जिसमें निलंबन वित्तीय लाभ को रोकने जैसी कार्रवाई शामिल है।

  • जानिए क्यों, CSK को लगा बड़ा झटका, जोस हेजलवुड ने IPL 2021 से नाम लिया वापस

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    नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी की वजह से क्रिकेटर्स को कड़े नियमों के बीच क्रिकेट खेलनी पड़ रही है। सीरीज के दौरान खिलाड़ियों को बायो-बबल में लगातार रहना पड़ रहा है जो काफी कठिन होता है। खिलाड़ियों को एक सीरीज के बाद दूसरी सीरीज और फिर तीसरी सीरीज यानी लगातार खेलना पड़ता है और लगातार बायो-बबल में भी रहना होता है। इसकी वजह से क्रिकेटर्स मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी प्रभावित होते हैं। अब बायो-बबल की वजह से होने वाली थकान की वजह से ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जोस हेजलवुड ने आइपीएल 2021 में नहीं खेलने का फैसला किया है।

    आइपीएल 2021 के शुरु होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मिचेल मार्श ने भी इस लीग में खेलने से मना कर दिया था। वो इस सीजन में सनराइडर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले थे। वहीं जोस हेजलवुड इस बार एम एस धौनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व करने वाले थे। हेजलवुड के नहीं खेलने के फैसले से सीएसके को बड़ा झटका लगा है क्योंकि वो एक बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। अपने इस फैसले के बाद हेजलवुड ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बात करते हुए कहा कि, मैं पिछले 10 महीनों से लगातार बायो बबल में हूं और अब मैंने क्रिकेट से ब्रेक लेने का फैसला किया है ताकि मैं अगले दो महीने ऑस्ट्रेलिया में अपने घर में वक्त बिता सकूं।

    उन्होंने कहा कि आगे काफी बड़ा विंटर सीजन आने वाला है। वेस्टइंडीज का टूर काफी लंबा होने वाला है, बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज भी साल के आखिर में है। उसके बाद टी-20 विश्व कप और फिर एशेज सीरीज, तो अगले 12 महीने काफी बड़े होने वाले हैं और ऑस्ट्रेलिया के साथ रहते हुए मैं खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर इसके लिए तैयार रखना चाहता हूं। इसलिए, मैंने फैसला लिया है और यह मेरे लिए काफी अच्छा होगा।

  • 13 गेंदों में अर्धशतक, थिसारा परेरा ने एक ओवर में ठोके 6 छक्के

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    कोलंबो। श्रीलंकाई टीम के ऑलराउंडर थिसारा परेरा ने अपने देश के लिए इतिहास रच दिया है। जी हां, थिसारा परेरा पेशेवर क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले श्रीलंका के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, परेरा ने यह उपलब्धि रविवार को यहां पनागोडा में सैन्य मैदान में जारी मेजर क्लब्स लिमिटेड ओवर लिस्ट ए टूर्नामेंट में हासिल की।

    उन्होंने 13 गेंदों पर 52 रनों की नाबाद पारी खेली और साथ ही लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर डाला। क्रिकेट श्रीलंका (एसएलसी) ने भी अपने ट्विटर पर थिसारा परेरा का एक ओवर में छह छक्के लगाने का वीडियो पोस्ट किया है। किसी भी बल्लेबाज के लिए लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाना इसलिए भी कठिन है, क्योंकि अगर आप किसी एक गेंद पर चूकते हैं तो फिर ये रिकॉर्ड नहीं बन पाएगा।

    श्रीलंकाई आर्मी की कप्तानी कर रहे परेरा टूर्नामेंट में ब्लूमफील्ड क्रिकेट एवं एथलेटिक क्लब के खिलाफ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने अपनी पारी में कुल आठ छक्के लगाए, जो किसी श्रीलंकाई बल्लेबाज का लिस्ट ए में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक भी है। थिसारा परेरा ने श्रीलंका के लिए छह टेस्ट, 166 वनडे और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

    उनसे पहले पूर्व श्रीलंकाई ऑलराउंडर कौशल्या वीररत्ने ने 2005 में 12 गेंद में अर्धशतक जड़ा था। परेरा इस तरह पेशेवर क्रिकेट में यह उपलब्धि अपने नाम करने वाले नौवें क्रिकेटर बन गए। परेरा यह कारनामा करने वाले अब नौवें क्रिकेटर बन गए हैं। उनके अलावा गैरी सोबर्स, रवि शास्त्री, हर्शल गिब्स, युवराज सिंह, रॉस व्हाइटली, हजरतुल्लाह जजई, लियो कार्टर और किरोन पोलार्ड क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में एक ओवर में छह छक्के लगा चुके हैं।

  • कोच बोले – वर्ल्ड कप में मिलेगा फायदा, दक्षिणी अफ़्रीकी खिलाडी बीच में छोड़ देंगे पाकिस्तान के खिलाफ जरी सीरीज

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    नई दिल्ली। इस समय दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच सीमित ओवरों की क्रिकेट खेली जा रही है। इस वजह से कई खिलाड़ी साउथ अफ्रीका की टीम के साथ हैं, लेकिन आइपीएल के शुरू होते ही वे पाकिस्तान के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से हो जाएंगे। इसी को लेकर साउथ अफ्रीका की टीम के मुख्य कोच मार्क बाउचर ने बड़ा दावा किया है।

    मार्क बाउचर का मानना है कि आइपीएल के खेलने से उन्हें भारत में इसी साल के आखिर में होने वाले टी 20 विश्व कप की तैयारियों में मदद मिलेगी और साथ ही अपने दूसरी श्रेणी के खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिलेगा। दक्षिण अफ्रीका के टॉप पांच खिलाड़ी क्विंटन डिकॉक, कैगिसो रबादा, लुंगी नगिदी, डेविड मिलर और एनरिक नोत्र्जे पाकिस्तान के खिलाफ केवल दो वनडे मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

    इसमें से एक वनडे मैच 2 अप्रैल को खेला जा चुका है। इसके बाद ये सभी खिलाड़ी नौ अप्रैल से शुरू होने वाले आइपीएल के लिए भारत पहुंच जाएंगे। बाउचर ने कहा, “इन खिलाड़ियों के सीरीज के मैचों में नहीं खेलने के फायदे और नुकसान हैं, लेकिन हम पहले से इसे जानते थे, क्योंकि बीसीसीआइ और सीएसए (क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका) के बीच आइपीएल के लिए खिलाड़ियों को छोड़ने का समझौता हो रखा है और कोविड-19 के कारण कार्यक्रम अनुकूल तैयार नहीं किया जा सका।”

    उन्होंने आगे कहा है, “मुझे लगता है कि आइपीएल में भागीदारी का हमें विश्व कप में लाभ मिलेगा। इससे उन्हें अलग-अलग स्थलों में खेलने और विरोधी टीमों को समझने का अवसर मिलेगा। वे वहां छुट्टियां मनाने नहीं जा रहे हैं और इससे हमें अन्य खिलाड़ियों को आजमाने का मौका भी मिलेगा।” साउथ अफ्रीका के कोच का कहना है कि अगर शीर्ष खिलाड़ी जब नेशनल ड्यूटी पर नहीं होंगे तो बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा, जिससे कि वे अपने खेल में सुधार कर सकें और एक मजबूत टीम के साथ सामना करने में सक्षम हों।

  • बाबर आजम की कप्तानी पारी, रोमांचक मुकाबले में आखिरी गेंद पर जीता पाकिस्तान

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    नई दिल्ली। पाकिस्तान की टीम सीमित ओवरों की सीरीज के लिए इस समय साउथ अफ्रीका के दौरे पर है। दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज की शुरुआत हो गई है। वनडे सीरीज के पहले मैच में काफी देर तक ड्रामा चला, क्योंकि इस मैच का नतीजा आखिरी गेंद पर निकला। हालांकि, मेजबान टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पाकिस्तान की टीम के भी हाथ-पैर फूल चुके थे।

    दरअसल, पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आजम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऐसे में साउथ अफ्रीका की टीम को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। टीम को अच्छी शुरुआत मिल ही रही थी कि 55 रन तक मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने अपने चार विकेट खो दिए। इसके बाद रासी वैन डर दुसें और डेविड मिलकर के बीच एक साझेदारी पनपी। इस बीच डेविड मिलर 56 गेंदों में 50 रन बनाकर हैरिस रउफ की गेंद पर आउट हो गए।

    साउथ अफ्रीका के लिए रासी वैन डर दुसें ने 134 गेंदों में 10 चौके और 2 छक्कों की मदद से 123 रन की पारी खेली। इसी के दम पर मेजबान टीम ने निर्धारित 50 ओवर खेलकर 6 विकेट खोकर 273 रन बनाए। इस तरह 274 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम को शुरुआत अच्छी नहीं मिली, लेकिन दूसरे विकेट के लिए इमाम-उल-हक और कप्तान बाबर आजम के बीच 177 रन की साझेदारी हुई, जो मैच जिताऊ रही। इमाम 70 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन कप्तान बाबर आजम ने 104 गेंदों में 17 चौकों की मदद से 103 रन बनाए।

    आखिरी ओवर में हुआ ड्रामा

    पाकिस्तान की टीम को जीत के लिए आखिरी के ओवर की 6 गेंदों पर तीन रन बनाने थे। क्रीज पर 33 रन बनाकर खेलकर शादाब खान थे, लेकिन वे एंडी फेहलुकवायो की गेंद पर आउट हो गए। अगली गेंद फहीम अशरफ से खाली निकल गए। तीसरी गेंद बाउंसर थी, जो हेल्मेट पर लगी। अभी भी तीन गेंदों पर तीन रन बनाने थे। चौथी गेंद फहीम से फिर डॉट निकली, लेकिन पांचवीं गेंद पर उन्होंने दो रन ले लिए। इस तरह स्कोर बराबर हो गया। फहीम ने आखिरी गेंद पर जैसे-तैसे एक रन लिया और पाकिस्तान को 3 विकेट से जीत दिलाई।

  • किया ये दावा अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने दिल्ली कैपिटल्स के नए कप्तान रिषभ पंत को लेकर 

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    दिल्ली कैपिटल्स के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा आइपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं, जबकि स्पिनरों में शीर्ष पर हैं। वह उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो पहले सत्र से ही आइपीएल का हिस्सा रहे हैं। 38 साल के मिश्रा इस बार 23 साल के रिषभ पंत की कप्तानी में खेलेंगे। मिश्रा का मानना है कि पंत में पिछले कुछ महीनों में काफी बदलाव आए हैं और वह अब धैर्य रखना सीख गए हैं। पंत व आइपीएल के तमाम मुद्दों पर अभिषेक त्रिपाठी ने अमित मिश्रा से खास बताचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश :-

    -इस समय कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, लेकिन बीसीसीआइ आइपीएल कराने को लेकर उत्सुक है। आप लोगों को बायो-बबल में रहना पड़ रहा है। बतौर खिलाड़ी आप क्या देखते हैं, यह समय कितना कठिन है?

    –इसमें आपको बहुत अच्छा सकारात्मक संकेत देखना पड़ेगा कि महामारी बावजूद क्रिकेट हो रहा है। ऐसे समय पर यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन आने वाले समय में आप देखेंगे तो यह जीवन की आम हिस्सा बन जाएगा। पिछली बार हम दुबई में खेले, वही सारे नियमों का यहां भी पालन हो रहा है। हो सकता है कि कुछ लोगों ने उन नियमों का पालन नहीं किया हो तो उन्हें परेशानी हो सकती है।

    -पिछली बार आपका आइपीएल अच्छा चल रहा था और फिर चोट लगी और आपको बाहर होना पड़ा। उसके बाद से कैसे खुद को रिकवर किया और अब क्या लक्ष्य है?

    –इसमें कोई शक नहीं कि यह काफी निराशाजनक था, क्योंकि मैं बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा था, मैंने बहुत मेहनत भी की थी। फिर चोटिल हो गया। चोट लगना आपके हाथ में नहीं होता है। आप अपनी तरफ कोशिश करते हो, लेकिन चोटिल हो गए तो इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। एक चीज मुझे बहुत अच्छी लगी कि हम लोग फाइनल खेले। हालांकि, उसकी मुझे कमी खल रही थी, क्योंकि फाइनल खेलने के लिए 13 साल बहुत मेहनत की थी और मैं फाइनल में नहीं था, लेकिन बहुत अच्छा सकारात्मक संकेत भी देखा, खिलाड़ी, टीम प्रबंधन सभी ने मुझे मैसेज करके बोला कि हमें तुम्हारी कमी खल रही है। उसके बाद बहुत मुश्किल समय भी देखा। बेहद दर्द से गुजरा, लेकिन हमेशा बहुत सकारात्मक रहा। इसका नतीजा यह निकला कि फिर से आइपीएल हो रहा है और मैं एक बार फिर आइपीएल खेलने के लिए तैयार हूं। उम्मीद है कि इस बार यह और भी अच्छा साबित होगा। मैं इंतजार कर रहा हूं कि जल्दी से यह शुरू हो और मैं प्रदर्शन करने के लिए मैदान पर उतरूं।

    -दिल्ली कैपिटल्स अब बहुत मजबूत टीम मानी जाने लगी है, लेकिन श्रेयस अय्यर का चोटिल होना और अक्षर पटेल का कोरोना पॉजिटिव होना टीम के लिए कितना बड़ा झटका है?

    –इसमें कोई शक नहीं कि श्रेयस अय्यर की हमें कमी खलेगी, क्योंकि उनकी कप्तानी में हम लोग पिछले साल फाइनल भी खेले। लेकिन, मैं इसके लिए बस दुख ही जाहिर कर सकता हूं, क्योंकि मैं भी चोटिल हुआ था तो मैं जानता हूं कि चोटिल होने पर किसी खिलाड़ी की क्या भावनाएं होती हैं। उनके लिए हमारी पूरी टीम और प्रबंधन की ओर से शुभकामनाएं हैं कि वह जल्दी से फिट होकर वापस टीम में आएं। हालांकि, इससे युवा कप्तान के रूप में रिषभ पंत को मौका मिला है। उनके पास अपने को और बेहतर बल्लेबाज और कप्तान साबित करने का मौका है।

    -जब रिषभ की आलोचना हो रही थी उसके बाद से आपने उनमें क्या बदलाव देखा है?

    –रिषभ के अंदर मैंने जो पिछले चार-पांच महीनों में बदलाव देखा है, उनके अंदर परिपक्वता आई है। पिछली बार हम बात भी कर रहे थे वह कैसे परिपक्वता ला सकते हैं, कैसे वह अपनी बल्लेबाजी में सुधार कर सकते हैं, लेकिन अब वो चीजें उनके अंदर आई हैं। इससे यह पता चलता है कि वह अच्छे के लिए अपने को बदलना चाहते हैं। अब वह काफी धैर्य रखना सीख गए हैं। पहले जब हम बात करते थे तो वह थोड़े में ही बेचैन हो जाते थे। लेकिन अब उन्होंने धैर्य रखना सीख लिया है और यह उनकी बल्लेबाजी में भी दिख रहा है, उनके स्वभाव में भी दिख रहा है। आपने देखा होगा कि पिछली बार जब वह भारत के लिए खेल रहे थे तो कितने अच्छे से बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने फिटनेस पर भी काम किया है। वह काफी अनुशासित भी हुए हैं। जिस तरह से वह भारतीय टीम के लिए मैच विजेता बनकर आए हैं, मैं चाहूंगा कि वैसे ही वह हमारे लिए मैच विजेता बनकर आएं। वह अपनी कप्तानी के अंदर हमें इस बार आइपीएल जिताएं और उन्हें हम सब का सहयोग मिलेगा।

    -युवा कप्तान की अगुआई में खेलने का क्या फायदा होता है और उसमें सीनियर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी कितनी बढ़ जाती है?

    –जूनियर खिलाड़ी जब कप्तान बनते हैं तो सीनियर खिलाड़ी के लिए सबसे अच्छी बात यह होती है कि वह आपसे आपकी गेंदबाजी के बारे में पूछते हैं कि आप गेंदबाजी में क्या करना चाहते हैं या आपको लगता है कि कुछ सही नहीं हो रहा है या कुछ बदलाव करना चाहते हैं तो आप सीधे जाकर उनसे बोल सकते हैं और वे उस बात को सुनते हैं, उस पर अमल करना या ना करना परिस्थिति पर निर्भर करता है।

    -इस बार कोई टीम अपने घरेलू मैदान पर कोई मैच नहीं खेल पाएगी?

    –घरेलू मैदान पर नहीं खेलना फायदेमंद भी है और नुकसानदायक भी, लेकिन यह सभी टीमों के साथ होगा, ना कि सिर्फ हमारी टीम के साथ। घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा नहीं मिलेगा, तो आपको थोड़ा अलग तरह से सोचना होगा। आपको थोड़ी मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी।

    –स्पिनरों के लिए ये टूर्नामेंट कितना खतरनाक है, क्योंकि बल्लेबाज गेंद को मारने के इरादे से ही आता है?

    –हर बार आपको अपनी गेंदबाजी में कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। मैं हमेशा इसे लेकर उत्सुक रहता हूं कि कब क्या बदलाव करने हैं। बस जरूरी यह है कि आप कितनी जल्दी इन बदलावों को स्वीकार करते हो।

    –आपकी टीम में सीनियर और जूनियर का अच्छा संयोजन हैं। इस संयोजन को कैसे देखते हैं और आपकी टीम के लिए कैसा मौका है?

    -हमारी टीम के लिए पूरे मौके हैं और सबसे अच्छी बात तो यह है कि हमारी टीम के पास एक अच्छा संयोजन है। युवा खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं। सारे सीनियर खिलाड़ी अपने जूनियरों को सिखाना चाहते हैं। बहुत जल्दी हम लोग आपस में घुल मिल गए हैं और अच्छा ग्रुप बन गया है।

  • हो गया खुलासा, हिंदी का ट्यूशन लेते थे वीवीएस लक्ष्मण जैसे क्रिकेटर कमेंट्री के लिए 

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कभी इंग्लिश का जलवा था, लेकिन अब हिंदी ने उसे पीछे छोड़ दिया है। इसका असर कमेंट्री में दिखाई देने लगा है और ज्यादा से ज्यादा बड़े क्रिकेटर हिंदी में कमेंट्री करना चाहते हैं। दक्षिण भारत से आने वाले वीवीएस लक्ष्मण जैसे क्रिकेटर तो बाकयदा इसके लिए ट्यूशन भी लेते हैं।

    स्टार और डिज्नी इंडिया (खेल) के प्रमुख संजोग गुप्ता ने कहा कि दर्शक ही नहीं प्रसारक और कमेंट्रेटर भी नौ तारीख से शुरू होने वाले आइपीएल के लिए काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी आज क्रिकेट का सबसे बड़ा बाजार है। आइपीएल 2020 को कुल जितने दर्शकों ने देखा उसमें दो-तिहाई हिंदी के दर्शक थे। पहले टीवी पर क्रिकेट की भाषा इंग्लिश होती थी, लेकिन अब पूरा उलटा हो चुका है। अब ज्यादा से ज्यादा लोग हिंदी भाषा में क्रिकेट देख रहे हैं।

    संजोग ने कहा कि आपने देखा होगा कि सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज हिंदी कमेंट्री में हाथ आजमा चुके हैं। आज कोई भी बड़ा पूर्व भारतीय क्रिकेटर हो, वह हिंदी में जरूर कमेंट्री करना चाहता है। हैदराबाद से आने वाले वीवीएस लक्ष्मण की हिंदी बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन वह जानते थे कि श्रोता हिंदी में हैं, इसलिए उन्होंने अपनी हिंदी दुरुस्त करने की कोशिश की।

    उन्होंने बताया, “आप विश्वास नहीं करेंगे कि करीब एक साल के लिए वीवीएस लक्ष्मण हर हफ्ते दो या तीन दिन हिंदी की ट्यूशन लेते थे और अपनी बोलचाल की हिंदी को बहुत बेहतर किया। आज भी वह अपनी हिंदी बेहतर करने का प्रयास करते हैं। खास बात यह है कि सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हिंदी के दर्शकों की संख्या बढ़ी है।”

    रीप्ले के आधार पर होने वाले फैसले में आएगा सुधार

    संजोग ने कहा कि हम लोग तकनीक पर काफी काम कर रहे हैं। अगले 12 महीने में आप देखेंगे कि रीप्ले और उनके आधार पर लिए जाने वाले फैसले के स्तर में सुधार होगा। बेहतर तकनीक के इस्तेमाल से अंपायरों को मदद मिलेगी और फैसले सटीक आने लगेंगे। इसके लिए तकनीक में निवेश जारी रखने और कैमरों की क्वालिटी का स्तर बेहतर रखने की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि यूएई में दर्शकों के बिना हुआ पिछला आइपीएल उनके लिए सबक की तरह रहा और हमने समझा कि आपदा को अवसर में कैसे बदला जा सकता है। खाली स्टेडियम में कैमरे कहीं भी लगाए जा सकते हैं। इससे कवरेज में काफी बदलाव आ सकता है और अच्छे शॉट लिए जा सकते हैं। इससे टीवी दर्शकों को मैच देखने में अच्छा लगेगा।

  • मुंबई इंडियंस के इस गेंदबाज के नाम IPL में बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा बोल्ड आउट करने का रिकॉर्ड है

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    नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस आइपीएल की सबसे सफल टीम है और इस टीम के इस मुकाम तक पहुंचाने में टीम के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का अहम योगदान रहा है। हालांकि मलिंगा पिछले साल यानी 2020 से ही इस टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां कमाल की रही है। वो अब तक आइपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं तो वहीं इस लीग में उन्होंने सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड करने का मामले में खुद को पहले नंबर पर रखा है। यानी मलिंगा ने आइपीएल में अब तक सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को बोल्ड करने का कमाल किया है।

    लसिथ मलिंगा ने आइपीएल में 63 बल्लेबाजों को किया है बोल्ड

    मुंबई इंडियंस के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा आइपीएल में अब तक सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को बोल्ड करने के मामले में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने इस लीग में अब तक कुल 63 बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड किया है। मलिंगा ने इस लीग में कुल 112 मैच खेले थे जिसमें उन्होंने कुल 170 विकेट हासिल किए थे। इनमें से 63 बल्लेबाजों को तो उन्होंने बोल्ड आउट किया था। उनका बेस्ट प्रदर्शन 13 रन देकर 5 विकेट रहा है। एक मैच में चार विकेट लेने का कमाल उन्होंने 6 बार किया था जबकि एक मैच में 5 विकेट लेने का कमाल उन्होंने एक बार किया था। 

    वहीं आइपीएल में सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को बोल्ड आउट करने के मामल में पीयूष चावला दूसरे नंबर पर हैं तो इस साल यानी 2021 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। चावला ने इस लीग में अब तक कुल 43 खिलाड़ियों को बोल्ड आउट किया है। वहीं भुवनेश्वर कुमार व सुनील नरेन ने 36-36 बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड कर तीसरे व चौथे नंबर पर हैं।

    आइपीएल में सबसे ज्यादा बल्ल्बाजों को बोल्ड आउट करने वाले टॉप 6 गेंदबाज-

    63- लसिथ मलिंगा

    43- पीयूष चावला

    36- भुवनेश्वर कुमार

    36- सुनील नरेन

    29- रवींद्र जडेजा

    29- हरभजन सिंह

  • ये Mystery गर्ल छा गईं सनराइजर्स और कोलकाता के मैच में, ट्विटर पर मची सनसनी

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    नई दिल्ली: कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच आईपीएल 2021 (IPL 2021) के मुकाबले में एक ‘मिस्ट्री गर्ल’ मैच से ज्यादा चर्चा में रहीं. ऑरेंज ड्रेस में इस ‘मिस्ट्री गर्ल’ ने रविवार को खेले गए आईपीएल मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को चियर किया था.

    कौन हैं ये ‘मिस्ट्री गर्ल’

    सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की इस मिस्ट्री गर्ल का नाम काव्या मारन (Kaviya Maran) है. लाइव मैच के दौरान काव्या मारन (Kaviya Maran) कई बार टीवी स्क्रीन पर दिखाई दीं. बता दें कि काव्या SRH की CEO हैं. आईपीएल 2021 के ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए बोली लगाते वक्त भी काव्या को देखा गया था.

    काव्या मारन को काफी पसंद है क्रिकेट

    काव्या को क्रिकेट काफी पसंद है. इसके अलावा वह अपना कामकाज भी अच्छे से संभालती हैं. वह पहली बार आईपीएल 2018 के दौरान नजर आई थीं. काव्या ने चेन्नई से एमबीए किया है और अब उनका पूरा फोकस आईपीएल पर है. काव्या मारन (Kaviya Maran) ने एमबीए की पढ़ाई की है ताकि वो अपने पिता कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) को उनके बिजनेस में मदद कर सके.

    SRH के मालिक की बेटी हैं काव्या

    काव्या मारन (Kaviya Maran) सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी हैं. एसआरएच (SRH) उन्हीं की टीम है. काव्या मारन (Kaviya Maran) कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन (Dayanidhi Maran) की भतीजी हैं.

    सन ग्रुप के मालिक हैं काव्या के पिता

    काव्या के पिता कलानिधि सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक हैं. सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) टीम पर भी इसी कंपनी का मालिकाना हक है. 28 साल की काव्या मारन (Kaviya Maran) खुद सन म्यूजिक (Sun Music ) से जुड़ी हुईं हैं. वो पहली बार आईपीएल 2018 में अपनी टीम SRH को चियर करते हुए टीवी पर नजर आईं थीं.

    राशिद खान का कमाल, झूम उठीं काव्या

    सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की तरफ से खेलते हुए राशिद खान (Rashid Khan) ने जैसे ही केकेआर के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubhman Gill) को बोल्ड किया तो स्टैंड्स में मौजूद काव्या मारन (Kaviya Maran) खुशी से झूम उठीं.

  • ये Mystery गर्ल छा गईं सनराइजर्स और कोलकाता के मैच में, ट्विटर पर मची सनसनी

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    नई दिल्ली: कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच आईपीएल 2021 (IPL 2021) के मुकाबले में एक ‘मिस्ट्री गर्ल’ मैच से ज्यादा चर्चा में रहीं. ऑरेंज ड्रेस में इस ‘मिस्ट्री गर्ल’ ने रविवार को खेले गए आईपीएल मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को चियर किया था.

    कौन हैं ये ‘मिस्ट्री गर्ल’

    सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की इस मिस्ट्री गर्ल का नाम काव्या मारन (Kaviya Maran) है. लाइव मैच के दौरान काव्या मारन (Kaviya Maran) कई बार टीवी स्क्रीन पर दिखाई दीं. बता दें कि काव्या SRH की CEO हैं. आईपीएल 2021 के ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए बोली लगाते वक्त भी काव्या को देखा गया था.

    काव्या मारन को काफी पसंद है क्रिकेट

    काव्या को क्रिकेट काफी पसंद है. इसके अलावा वह अपना कामकाज भी अच्छे से संभालती हैं. वह पहली बार आईपीएल 2018 के दौरान नजर आई थीं. काव्या ने चेन्नई से एमबीए किया है और अब उनका पूरा फोकस आईपीएल पर है. काव्या मारन (Kaviya Maran) ने एमबीए की पढ़ाई की है ताकि वो अपने पिता कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) को उनके बिजनेस में मदद कर सके.

    SRH के मालिक की बेटी हैं काव्या

    काव्या मारन (Kaviya Maran) सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी हैं. एसआरएच (SRH) उन्हीं की टीम है. काव्या मारन (Kaviya Maran) कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन (Dayanidhi Maran) की भतीजी हैं.

    सन ग्रुप के मालिक हैं काव्या के पिता

    काव्या के पिता कलानिधि सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक हैं. सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) टीम पर भी इसी कंपनी का मालिकाना हक है. 28 साल की काव्या मारन (Kaviya Maran) खुद सन म्यूजिक (Sun Music ) से जुड़ी हुईं हैं. वो पहली बार आईपीएल 2018 में अपनी टीम SRH को चियर करते हुए टीवी पर नजर आईं थीं.

    राशिद खान का कमाल, झूम उठीं काव्या

    सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की तरफ से खेलते हुए राशिद खान (Rashid Khan) ने जैसे ही केकेआर के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubhman Gill) को बोल्ड किया तो स्टैंड्स में मौजूद काव्या मारन (Kaviya Maran) खुशी से झूम उठीं.