Category: sports

  • 19 चौके और 11 छक्के 94 गेंद पर जमाते हुए इस भारतीय विकेटकीपर ने जमाए 173 रन

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    नई दिल्ली। विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई है। झारखंड के कप्तान इशान किशन ने मध्य प्रदेश के खिलाफ तूफानी पारी खेलते हुए महज 94 गेंद पर 173 रन बना डाले। कप्तान की इस आतिशी पारी की बदौलत टीम ने 50 ओवर में 422 रन की विशाल स्कोर बना डाला। यह टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है।

    शनिवार को मध्य प्रदेश के खिलाफ बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड के लिए कप्तान इशान किशन ने पारी की शुरुआत की। टीम को पहली झटका महज 10 रन के स्कोर पर लगा लेकिन इसके बाद इशान ने ऐसी पारी खेली जिसने टीम के बड़े स्कोर की नींव रख दी। कुमार कुशाग्र के साथ कप्तान ने टीम को 123 रन तक पहुंचाया। अनुकूल रॉय ने 72 जबकि विराट सिंह ने 68 रन की पारी खेली।

    इशान का तूफानी शतक

    मध्य प्रदेश के खिलाफ इशान ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। महज 94 गेंद पर 173 रन की आतिशी पारी खेलते हुए इस बल्लेबाज ने इतिहास रच दिया। इस पारी में उन्होंने 184 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की जिसमें 19 चौके और 11 छक्के जमाए। यह किसी विकेटकीपर कप्तान का इस टूर्नामेंट में बनाया सबसे बड़ा निजी स्कोर है। बतौर विकेटकीपर कप्तान इशान ने टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी खेली है।

    42 गेंद पर इशान ने अपना अर्धशतक पूरा किया फिर 74 गेंद पर शतक तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार तेज करते हुए दमदार शॉट्स लगाए। अगले 50 रन बनाने के लिए इस बल्लेबाज ने महज 11 गेंद का सामना किया। 85 गेंद पर इशान ने 150 रन पूरे किए और 94 गेंद पर 173 रन की पारी खेलकर आउट हुए।

     

  • 7 साल बाद मिला मौका, सिर्फ इस खिलाड़ी के लिए तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा ऑक्शन हॉल

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    नई दिल्ली। IPL 2021 Auction: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल के अगले सीजन के लिए चेन्नई में खिलाड़ियों की नीलामी हुई। इस नीलामी में एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ी ऐसे थे, जिन पर पैसों की बरसात हुई। यहां तक कि 50 के करीब खिलाड़ियों को टीमों ने खरीदा, लेकिन ऑक्शन हॉल में सिर्फ एक ही खिलाड़ी के लिए तालियों की गड़गड़ाहट देखने को मिली। ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि चेतेश्वर पुजारा थे।

    दरअसल, चेतेश्वर पुजारा का नाम सुनते ही क्रिकेट प्रेमियों के दिल में एक तस्वीर बनती है, जिसमें एक सफेद ड्रेस पहने शख्स एल्बो गार्ड लगाए लाल गेंद को डिफेंस कर रहा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हमें चेतेश्वर पुजारा को उस अंदाज में देखने की आदत बन गई है। यहां तक कि टेस्ट क्रिकेट में भी धीमा खेलने के लिए उनकी आलोचना हो गई, लेकिन टीम मैनेजमेंट कभी नहीं चाहता कि वे खुद को बदलें। हालांकि, वे तूफानी बल्लेबाज भी हैं।

    चेतेश्वर पुजारा ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में तूफानी बल्लेबाजी करके दिखाई भी है, लेकिन साल 2014 के बाद से उनको आइपीएल में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। पुजारा ने साल 2008 में ही आइपीएल डेब्यू किया था, उसी साल आइपीएल की शुरुआत भी हुई थी। आइपीएल के पहले तीन सीजन वे कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर का हिस्सा थे और फिर 2011 से 2013 तक वे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर यानी आरसीबी के लिए खेलते रहे।

    बाद में साल 2014 के आइपीएल में वे किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए खेलते दिखे, लेकिन वो साल आखिरी था, जब पुजारा आइपीएल खेले, लेकिन अब एमएस धौनी की कप्तानी वाली टीम ने उनको 50 लाख रुपये की बेस प्राइस में खरीदकर न सिर्फ उनका सम्मान बढ़ाया है, बल्कि ऑक्शन हॉल में बैठे सभी लोगों ने भी सीएसके के इस मूव की सराहना करते हुए चेतेश्वर पुजारा के लिए जमकर तालियां भी बजाईं।

    दाएं हाथ के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के आइपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 30 मैचों की 22 पारियों में कुल 390 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 20.53 का है। हालांकि, उनका स्ट्राइकरेट 100 से कम है, लेकिन वे 1 अर्धशतक जड़ चुके हैं। 50 चौके और 4 छक्के उन्होंने अपने आइपीएल करियर में लगाए हैं, लेकिन ये समय की बात है, जब तूफानी बल्लेबाजी का उतना क्रेज नहीं था।

  • CSK इन दो ऑलराउंडर पर मोटी बोली लगा सकती है, नेहरा ने बताया नाम

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    नई दिल्ली। IPL 2021 Auction: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और मौजूदा क्रिकेट कमेंटेटर आशीष नेहरा ने उन दो ऑलराउंडरों का नाम बताया है, जिनको एमएस धौनी की कप्तानी वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स अपने साथ जोड़ सकती है। आज यानी गुरुवार 18 फरवरी को चेन्नई में होने वाले ऑक्शन में सीएसके दो विदेशी ऑलराउंडर पर बोली लगा सकती है, क्योंकि टीम को उस तरह के खिलाड़ियों की जरूरत है।

    आशीष नेहरा ने बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन और इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोइन अली का नाम लिया है और कहा है कि सीएसके इन दो ऑलराउंडरों को अपने साथ जोड़ने के लिए बोली लगा सकती है। अशीष नेहरा चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आइपीएल खेल चुके हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि चेन्नई के पास सिर्फ एक ही ओवरशीज खिलाड़ी का स्लॉट खाली है, क्योंकि सिर्फ शेन वॉटसन ही टीम से बाहर हुए हैं।

    CSK को 6 स्लॉट भरने हैं, जिसमें एक ओवरशीज खिलाड़ी के लिए स्लॉट खाली है। चेन्नई की फ्रेंचाइजी के पर्स में 19.90 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में टीम किसी बड़े खिलाड़ी को अपने साथ जोड़ सकती है। सीएसके ने केदार जाधव, हरभजन सिंह और पीयुष चावला जैसे खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया था, जबकि एकमात्र विदेशी खिलाड़ी के तौर पर शेन वॉटसन खुद ही टीम से बाहर हो गए थे, क्योंकि उन्होंने संन्यास ले लिया था।

    आशीष नेहरा ने कहा, “शाकिब अल हसन और मोइन अली इस टीम के लिए सबसे अच्छे विकल्प हैं। एमएस धौनी उन प्रकार के खिलाड़ियों को पसंद करते हैं, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी करते हैं। चाहे वे चेन्नई में अपना मैच खेलें या यूएई में, जहां भी हो, इन दोनों खिलाड़ियों को आइपीएल का अनुभव है।” हालांकि, ऐसा भी माना जा रहा है कि सीएसके एक विदेशी ओपनर की तलाश में होगी। ऐसे में डेविड मलान सीएसके के निशाने पर होंगे।

  • सबसे महंगे बिके IPL 2021 के लिए ये 10 खिलाड़ी, सिर्फ ये 2 भारतीय खिलाड़ी हैं शामिल

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    नई दिल्ली। चेन्नई के एक होटल में आयोजित हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के ऑक्शन में जो सबसे महंगे 10 खिलाड़ी बिके उनकी कीमत 99 करोड़ रुपये है। आइपीएल के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है जब ऑक्शन में बिके टॉप 10 खिलाड़ियों की कीमत 99 करोड़ है। इनमें सबसे ज्यादा कीमत साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर क्रिस मौरिस को मिली है। उनको राजस्थान रॉयल्स ने 16 करोड़ 25 लाख रुपये में खरीदा है।

    IPL के 14 साल के ऑक्शन के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब इतनी कीमत किसी एक खिलाड़ी को मिली है। उनसे पहले ये रिकॉर्ड भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के नाम था, जिन्होंने 16 करोड़ रुपये नीलामी में हासिल किए थे। हालांकि, उनसे ज्यादा सैलरी आइपीएल के एक सीजन के लिए भारतीय कप्तान विराट कोहली पाते हैं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली को आरसीबी की तरफ से एक सीजन के लिए कुल 17 करोड़ रुपये मिलते हैं।

    आइपीएल के 14वें सीजन के लिए ऑक्शन में सबसे महंगे बिके 10 खिलाड़ियों में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ियों का नाम शामिल है। हैरान करने वाली बात ये है कि ये दोनों ही खिलाड़ी अभी अनकैप्ड हैं यानी इन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला है। ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम और ऑलराउंडर शाहरुख खान को ही मोटी रकम बतौर भारतीय इस आइपीएल के ऑक्शन में मिली है। के गौतम को सीएसके से 9 करोड़ 25 लाख मिले हैं, जबकि शाहरुख खान को पंजाब किंग्स ने 5 करोड़ 25 लाख रुपये में खरीदा है।

    Most expensive buys in IPL 2021

    1. क्रिस मौरिस को 16 करोड़ 25 लाख में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा

    2. काइल जैमीसन को 15 करोड़ में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने खरीदा

    3. ग्लेन मैक्सवेल को 14 करोड़ 25 लाख में आरसीबी ने खरीदा

    4. झाय रिचर्डसन को 14 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा

    5. कृष्णप्पा गौतम को 9 करोड़ 25 लाख में सीएसके ने खरीदा

    6. रिली मेरेडिथ को 8 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा

    7. मोइन अली को 7 करोड़ में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा

    8. शाहरुख खान को 5 करोड़ 25 लाख में पंजाब किंग्स ने खरीदा

    9. टॉम कुर्रन को 5 करोड़ 25 लाख में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा

    10. नैथन कुल्टर नाइल को 5 करोड़ में मुंबई इंडियंस ने खरीदा

  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को आइपीएल नीलामी से हुआ फायदा- सुनील गावस्कर

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    आइपीएल की मिनी नीलामी ने फिर से दिखा दिया कि कुछ के लिए यह वास्तव में लॉटरी है और कुछ के लिए लॉटरी बार-बार आती है। टीमें बहुत अच्छे से होमवर्क करती हैं और जानती हैं कि उन्हें अपनी टीमों को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्हें पता है कि कौन सी जगह भरनी है और किस खिलाड़ी की जरूरत है इसलिए बीसीसीआइ ने कुछ खिलाड़ियों की सूची जारी की जबकि नीलामी के लिए कई हजार नाम शामिल थे। फिर सूची में शामिल अंतिम खिलाड़ियों की नीलामी शुरू हो जाती है जिसमें बहुत करोड़पति बन जाते हैं जबकि कुछ खुद को यह सांत्वना देते हैं कि वे इस संख्या को पाने से चूक गए या इससे अधिक पा सकते थे।

    नीलामी में, जब किसी खिलाड़ी का नाम आता है तो भाग्य भी अहम भूमिका निभाता है। अगर फ्रेंचाइजी के पास अधिक राशि है तो वे ज्यादा बड़ी बोली तक लगा देते हैं और जब उनके पास राशि कम होती है तो उनका उत्साह भी कम हो जाता है। खिलाड़ी भी अपने आधार मूल्य से अधिक राशि पा लेते हैं। एक बार फिर इस साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने बड़ी कमाई की जो आश्चर्यचकित करता है कि फ्रेंचाइजियों के कोच और क्रिकेट निदेशक ज्यादातर उन देशों के ही होते हैं।

    आठ फ्रेंचाइजी में से छह के कोच और क्रिकेट निदेशक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के हैं। अनिल कुंबले और महेला जयवर्धने ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के नहीं हैं और जयवर्धने के मार्गदर्शन में मुंबई इंडियंस ने लगातार दो बार खिताब जीता है। भारतीय क्रिकेट टीम शीर्ष स्तर का क्रिकेट खेल रही है और इसमें पूरा सहयोगी स्टाफ भारतीय है जो दिखाता है कि भारत में कोचिंग की प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सभी दिखाना चाहते हैं कि वे भी काम कर सकते हैं।

    एक बात याद रखने की जरूरत है कि विदेश के क्रिकेट संघों को फ्रेंचाइजी द्वारा चयनित किए गए खिलाडि़यों की मैच फीस का 10 प्रतिशत मिलता है इसलिए प्रत्येक नीलामी के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के क्रिकेट बोर्ड अमीर हो जाते हैं। हालांकि फ्रेंचाइजियों द्वारा खिलाडि़यों की मैच का फीस का प्रतिशत और इसमें से कितनी कटौती की गई है या नहीं इसको लेकर मैं निश्चित नहीं हूं। जो भी हो, विदेशी बोर्ड आइपीएल के लिए अपने खिलाडि़यों को रिलीज करने से खुश हैं।

    वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसे क्रिकेट बोर्ड हाल के दिनों में संघर्ष कर रहे हैं और वे भी आइपीएल नीलामी पर नजरें रखते हैं क्योंकि यदि उनके देशों के खिलाड़ियों को चुना जाता है तो उन्हें भी राशि मिलेगी जिसमें खिलाडि़यों की मैच फीस का हिस्सा शामिल है। दक्षिण अफ्रीका क्रिस मौरिस की नीलामी से खुश होगा जबकि वेस्टइंडीज बोर्ड सोच रहा होगा कि उसके 18 में से सिर्फ एक खिलाड़ी को ही क्यों चुना गया। यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि वेस्टइंडीज ने आइसीसी टी-20 विश्व कप दो बार जीता है।

    इसके अलावा मैच विजेता और प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ी जैसे क्रिस गेल, कीरोन पोलार्ड, ड्वेन ब्रावो, आंद्रे रसेल, सुनील नरेन और निकोलस पूरन को भी याद रखना चाहिए जो विभिन्न फ्रेंचाइजियों के पास हैं। कोई भी तुलना शायद ही कभी निष्पक्ष होती है लेकिन उनके प्रदर्शन को देखें और तब अन्य देशों के बड़ी राशि में बिकने वाले खिलाड़ियों को देखें और आप सहमत होंगे कि अधिक राशि खर्च करने वाले खिलाड़ियों की तुलना में वे अधिक अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

    पूल में रिकॉर्ड 35 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी थे और आठ को तो फ्रेंचाइजियों ने कुछ अधिक कीमत पर खरीदा था। छह में से तीन न्यूजीलैंड के खिलाड़ी फिर से अच्छी कीमत पर बिक गए जबकि 18 में से वेस्टइंडीज का एक ही खिलाड़ी बिक पाया और करोड़ों की तुलना में वो भी महज 75 लाख रुपये में बिका। हम यही कह सकते हैं कि लॉटरी में कुछ को सही मिलता है तो कुछ को सबसे ज्यादा तो कुछ को बिल्कुल भी नहीं मिलता।

  • ‘IPL 2021 की नीलामी में अनसोल्ड रहना अप्रत्याशित नहीं था’, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा

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    क्राइस्टचर्च।ऑस्ट्रेलियाई टीम के सीमित ओवरों के कप्तान आरोन फिंच को पिछले साल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर यानी आरसीबी ने अपने साथ जोड़ा था, लेकिन आरोन फिंच अच्छा प्रदर्शन आइपीएल 2020 में नहीं कर पाए थे। ऐसे में आरसीबी ने उन्हें रिलीज कर दिया था। बाद में आरोन फिंच ने खुद को ऑक्शन के लिए डाला और आइपीएल 2021 खेलने की मंशा जाहिर की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज पर किसी भी टीम ने बोली नहीं लगाई और वे अनसोल्ड रहे। इसको लेकर उन्होंने कहा है कि यह उनके लिए अप्रत्याशित नहीं था। फिंच को आइपीएल के लिए नहीं चुने का मलाल तो है, लेकिन वे ज्यादा हैरान नहीं हैं।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट ने आरोन फिंच ने हवाले से कहा, “फिर से IPL में खेलना अच्छा होता। यह एक अद्भुत प्रतियोगिता है, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो यह अप्रत्याशित नहीं था। मैं क्रिकेट खेलना पसंद करूंगा, लेकिन घर पर थोड़ा सा समय मिलेगा तो यह खराब नहीं होगा।” पिछले सत्र में यूएई में खेले गए टूर्नामेंट में फिंच ने आरसीबी के लिए 12 मैच खेले थे और कुल 268 रन बनाए थे, जिसमें एक भी बड़ी पारी शामिल नहीं है। हालांकि, वे अर्धशतक जड़ने में सफल हुए थे, लेकिन बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके थे।

    ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय न्यूजीलैंड के दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए है। इस सीरीज में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनको मोटी रकम आइपीएल 2021 की नीलामी में मिली है। कंगारू ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सेवल को इस बार आरसीबी ने अपने साथ जोड़ा है, जबकि कीवी टीम के लिए खेलने वाले ऑलराउंडर काइल जैमीसन को भी आरसीबी की टीम ने मोटी रकम में खरीदा है। आरोन फिंच के अनसोल्ड रहने का कारण ये भी है कि उनकी बल्लेबाजी में इस समय धार नहीं है, जिसे वे खुद भी स्वीकार करते हैं और कुछ बदलाव करना चाहते हैं।

  • क्यों रोहित शर्मा का बल्ला चला? नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच खराब थी तो

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    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में अब तक जो सबसे विवादित बात रही है वो है पिच। चेन्नई के बाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया टेस्ट मैच भी ज्यादा समय तक नहीं चला। करीब पौने दो दिन के खेल में ही मुकाबले का नतीजा निकल आया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पिंक बॉल टेस्ट मैच के लिए बनाई गई पिच खराब थी।

    डे नाइट टेस्ट मैच दो दिन में खत्म होने पर पिच को लेकर सवाल उठना लाजिमी भी है, लेकिन यह भी देखना चाहिए कि उसी पिच पर एक बल्लेबाज ऐसा है, जिसने रन बनाए और कुछ प्रदर्शनीय शॉट भी खेले। ऐसे में पूरी तरह से पिच को खराब बताना भी सही नहीं होगा, क्योंकि टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने पहली पारी में नौ चौकों के साथ 66 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भी रोहित शर्मा 100 की स्ट्राइक रेट से 25 रन बनाए।दुनिया के सबसे बड़े और खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियम में पहली पारी में रोहित शर्मा ने तो जोफ्रा आर्चर की उठती हुई गेंद पर प्वाइंट और कवर के बीच से शॉट खेला था, जो देखने लायक था। वहीं, दूसरी पारी में उन्होंने छक्का लगाकर जीत दिलाई। ऐसे में एक ऐसी पिच पर अच्छे शॉट खेलना क्या सिर्फ रोहित शर्मा के लिए ही आसान था। हालांकि, इससे एक बात पता चल जाती है कि बल्लेबाज जीनियस हो तो किसी भी पिच पर रन कूट सकता है।

    पहले भी ऐसे अनगिनत मौके आए हैं, जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। सिर्फ रोहित ही नहीं, बल्कि तमाम ऐसे खिलाड़ी हैं जो कभी भी पिच का रोना नहीं रोते। हालांकि, मैच के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि दोनों टीमों की ओर से खराब बल्लेबाजी हुई और मैच दो ही दिन चल सका, लेकिन चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को भी नहीं भूलना चाहिए, जहां रोहित शर्मा ने शतक जड़ा था। उस पिच पर भी बल्लेबाजी करना आसान नहीं था।

  • बिल्कुल वैसा ही जैसा पिछले मैच में था, अजिंक्य रहाणे की इंग्लैंड को चुनौती, चौथे टेस्ट में भी होगा टर्निंग ट्रैक

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ने महज दो दिन में ही घुटने टेक दिए थे। हार के बाद इंग्लैंड के पूर्व दिग्गजों ने पिच को लेकर काफी बवाल मचाया था। इसे लेकर तरह तरह के बयान दिए गए थे यहां तक कहा गया कि आइसीसी भारत के डरता है लेकिन चौथे टेस्ट से पहले उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने साफ कर दिया विकेट में कोई बदलाव नहीं होने वाला।

    अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 4 मार्च गुरुवार से भारत और इंग्लैंड के बीच चार मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जाना है। मैच से पहले मीडिया से बात करने पहुंचे भारतीय टीम के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पिच को लेकर किए गए सवाल पर जवाब दिया। उन्होंने यह साफ कर दिया कि मैच के बाद चाहे जो कुछ भी कहा गया हो लेकिन यहां एक बार फिर से इंग्लैंड की टीम को उसी तरह की विकेट मिलने वाली है।

    रहाणे ने कहा, मुझे लगता है कि विकेट बिल्कुल वैसी ही होने वाली है जो तीसरे टेस्ट मैच के दौरान मिली थी। बल्कि जिस विकेट पर हमने चेन्नई में दूसरा टेस्ट मैच खेला था यहां भी वैसी ही विकेट होगी। यह विकेट भी स्पिनिंग ट्रैक ही होगी, हां पिंक बॉल की वजह से पिछले मैच में कुछ अलग देखने को मिला था। लाल गेंद की तुलना में पिंक बॉल विकेट पर थोड़ी ज्यादा तेजी से आ रही थी। इस एक चीज को लेकर हमें समायोजन बिठाना पड़ेगा। लेकिन जैसा कि मैंने आपको बताया यह विकेट काफी हद तक पिछले मैच जैसी ही होने वाली है जैसी पिछले दो टेस्ट मैच में रही थी।

    तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में इंग्लैंड की टीम महज 112 रन पर बना पाई थी जबकि दूसरी पारी में तो पूरी टीम सिर्फ 81 रन पर ही सिमट गई थी। भारत ने 49 रन के छोटे से लक्ष्य को हासिल करते हुए 10 विकेट की बड़ी जीत दर्ज की थी।

  • कहा- पिछले दो टेस्ट मेरे करियर के सबसे मुश्किल मैच थे, इंग्लैंड के बल्लेबाज का विकेटकीपर दावा

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    अहमदाबाद। इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बेन फोक्स ने कहा कि स्पिनरों की मददगार चेपक और गुलाबी गेंद से नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पर खेले गए पिछले दो टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे मुश्किल मुकाबले रहे।

    रोटेशन पॉलिसी के कारण जोस बटलर की जगह टीम में शामिल हुए फोक्स ने कहा, “मैंने जितनी विकेटकीपिंग की है, पिछले दो मैच मेरे लिए सबसे मुश्किल रहे हैं। पिछले मैच में गुलाबी गेंद स्किड कर रही थी, मैंने पहले ऐसी पिच नहीं देखी है और इस पर कीपिंग करना काफी चुनौतीपूर्ण था।”

    फोक्स ने कहा कि उन्होंने इससे पहले क्रिकेट गेंद को इतना टर्न मिलते हुए पहले कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा, “मैं अभी जिन दो पिचों पर खेला हूं, मैंने इससे पहले गेंद को इतना टर्न लेते हुए कभी नहीं देखा है। यह निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। पहले ही दिन पिच का बर्ताव पांचवें दिन के जैसा था।”

    दुनिया के अच्छे विकेटकीपरों में शामिल फोक्स के लिए पिछले दो मैच सीखने के नजरिये से बेहतरीन थे। उन्होंने कहा, “जब गेंद को टर्न मिलता है तो विकेटकीपिंग करना काफी रोचक होता है और श्रीलंका में यह आसान था क्योंकि वहां गेंद नियमित तरीके से स्पिन होती थी। गुलाबी गेंद से टेस्ट में मैंने देखा कि गेंद ज्यादा घूम रही है और पिच से स्किड कर आ रही है।”

    उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर कोई भी विकेटकीपर सभी कैचों को नहीं पकड़ सकता। पिछले टेस्ट को देखते हुए तो फोक्स ने कहा कि टीम को यह बात मानने की जरूरत है कि पिच का व्यवहार एक निश्चित तरीके से होगा, लेकिन उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा। फोक्स ने कहा, “जो चल रहा है उसे समझ कर हम बेहतर तरीके से उससे बाहर निकलेंगे। हमें जूझारूपन दिखाकर रन बनाने होंगे। हमें अपनी खेल योजना को समझना होगा, जो सबके लिए अलग होगा। अगर आप आउट भी होते हैं तो कुछ कोशिश करते हुए आउट होना है।”

  • जानिए कारण, ये खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए T20 क्रिकेट में डेब्यू करने से फिर चूक सकता है

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    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 12 मार्च से शुरू हो रही है। इसी सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने भारतीय टीम में मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को जगह दी है। लगातार दूसरी सीरीज के लिए वरुण चक्रवर्ती का चयन भारतीय टीम में हुआ है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वे फिर से भारतीय टीम के लिए डेब्यू करना मिस कर सकते हैं। इसके पीछे का कारण उनकी फिटनेस है।

    ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले यूएई में खेले गए आइपीएल 2020 के प्रदर्शन के दम पर वरुण चक्रवर्ती ने भारतीय टीम में जगह बनाई थी, लेकिन चोट के कारण वे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा सके थे और उन्होंने देश के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका गंवा दिया था। ऐसा ही कुछ इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज से पहले लग रहा है, क्योंकि इस बार वरुण चक्रवर्ती के साथ फिटनेस इश्यू है, जिसकी वजह वे टी20 टीम से बाहर हो सकते हैं।

    क्रिकबज की रिपोर्ट की मानें तो इंग्लैंड के खिलाफ आगामी T20I सीरीज के लिए वरुण चक्रवर्ती की उपलब्धता पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। इसके पीछे कारण ये है कि 29 वर्षीय स्पिनर ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए सेट किए गए नए फिटनेस बेंचमार्क पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। नए फिटनेस बेंचमार्क के तहत आपको या तो 8.5 मिनट में 2 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होती है या फिर यो-यो टेस्ट में 17.1 स्कोर करना होता है।

    इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले वरुण चक्रवर्ती को पांच महीने के भीतर दूसरी बार टीम से बाहर होना पड़ सकता है। इस बारे में वरुण चक्रवर्ती ने क्रिकबज को बताया है कि अभी उन्हें बोर्ड से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। 29 वर्षीय वरुण चक्रवर्ती इस समय कोलकाता की टीम के साथ मुंबई में ट्रेनिंग कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने तीन महीने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में बिताए हैं।