सैन डिएगो (कैलिफोर्निया)| अनुभवी भारतीय गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी फार्मर्स इंश्योरेंस टूर्नामेंट में अपनी गलतियों में सुधार करना चाहते हैं। लाहिड़ी ने ह्वेई में सोनी ओपन में कट हासिल किया था, लेकिन अमेरिकी एक्स्प्रैस में वह मामूली अंतर से कट हासिल करने से चूक गए थे।
लाहिड़ी ने कहा, “टोरेस पिन्स में वापस आना हमेशा से मेरे लिए खास रहा है। हवा की स्थिति खराब होने के कारण सोमवार को गोल्फ कोर्स बंद था, लेकिन आज मैंने अच्छा अभ्यास किया है।”
उन्होंने कहा, ” निश्वित रूप से, पिछले कुछ सप्ताह से मैंने काफी कुछ सीखा है। मैंने कई सारी गलतियां की है और अब मैं इन गलतियों में सुधार करना चाहता हूं।”
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लाहिड़ी चाहते हैं फार्मर्स इन्श्योरेंस ओपन से पहले अपनी गलतियों में सुधार
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नहीं रहे बार्सिलोना के पूर्व फारवर्ड जस्टो तेजादा…
[object Promise]बार्सिलोना पूर्व एफसी बार्सिलोना और एफसी रियल मेड्रिड के फॉरवर्ड जस्टो तेजादा का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। 6 जनवरी, 1933 को बार्सिलोना में जन्मे तेजादा ने एफसी बार्सिलोना की पहली टीम (1953 से 1961) के लिए कुल आठ सत्र खेले। । उन आठ वर्षों के दौरान, तेजादा ने 194 मैच खेले और 92 गोल किए। क्लब के साथ उन्होंने दो लीग चैंपियनशिप, दो कोपा डेल रे और दो फेयर कप हासिल किए।
बार्सिलोना के बाद वह रियल मैड्रिड में दो सत्रों (1961-63) के लिए खेले और दो सत्र एस्पेनयोल (1963-65) के लिए खेले।
तेजादा उन फुटबॅलरों में से एक थे, जिन्होंने 24 सितंबर, 1957 को कैंप नोउ में पहला गेम खेला था। उन्होंने स्टेडियम के इतिहास में पहला गोल करने के लिए यूलिओ मार्टिनेज की सहायता की।
वह उस महान बार्का टी का हिस्सा थे, जिसमें कुबाला, एंटोनी रामलेट्स, एस्टानिसलाउ बसोरा, एवरिस्टो डी मैसिडो और इलोगियो मार्टिनेज जैसे खिलाड़ी शामिल थे।
रियल मैड्रिड के लिए खेलते हुए उन्होंने दो ला लिगा खिताब और एक कोपा डी एस्पाना जीता।
वह स्पेन के लिए भी इंटरनेशनल फुटबाल भी ख्रेले थे।
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सोल्टेयर गोल्ड, सोल्टेयर का एक रोमांचक वर्जन
[object Promise]ताश का खेल भारत में 16वीं शताब्दी में आया और यह पूरे देश में बहुत जल्द लोकप्रिय हो गया। तभी से ताश को पूरे देश में बेहद पसंद किया जाता है। रमी और सोल्टेयर ताश के सबसे लोकप्रिय खेल हैं। ये खेल मस्ती और मनोरंजन से भरे हुए हैं।
तकनीक के विकास और इंटरनेट के बाद ताश का खेल ऑनलाइन दुनिया में भी आ चुका है। इन गेम्स ने ऑनलाइन गेमिंग की परिभाषा ही बदल दी है और खुद के लिए अलग ही स्थान बना लिया है। आज हमारे पास लगभग हर तरह के परम्परागत ताश के खेल का ऑनलाइन वर्जन मौजूद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साॅल्टेयर पहला ऑनलाइन गेम था? इसे विंडोज पीसी में जोडा गया था और यह युवा पीढी में बहुत लोकप्रिय हो गया था। यदि आपने कभी 90 के दशक या 2000 के शुरूआती सालों में विंडोज डेस्कटाॅप खरीदा हो तो आपके मन में अपने पीसी पर साॅल्टेयर खेलने की कई यादें होंगी। आज भी कई लोग अपने स्मार्टफोन या कम्प्यूटर पर अपने बचपन की यादेें ताजा करने के लिए यह गेम खेलते नजर आ जाते हैं। यदि आपने कभी सोल्टेयर वास्तविकता में या ऑफलाइन खेला हो तो आपको इसका ऑनलाइन वर्जन भी जरूर पसंद आएगा। सोल्टेयर गोल्ड एक लोकप्रिय सोल्टेयर ऑनलाइन गेम है जो आपका पसंदीदा गेमिंग डेस्टिनेशन बन सकता है।
क्या है सोल्टेयर गोल्ड?
सोल्टेयर गोल्ड भारत में मनी गेम्स की सूची में नया नाम है। यह एक ऑनलाइन प्लेटफार्म है जहां आप फ्री या कैश सोल्टेयर गेम्स ऑनलाइन खेल सकते हैं। इस प्लेटफार्म पर आपको सबसे अच्छा मोबाइल गेमिंग अनुभव प्राप्त होगा। पहले सोल्टेयर सिंगल प्लेयर गेम था। लेकिन सोल्टेयर गोल्ड में ऐसा नहीं है। आप प्लेटफार्म पर इसे वास्तविक खिलाडियों के साथ खेल सकते हैं और रोमांचक पुरस्कार जीत सकते हैं। आप आपस में मैच खेल सकते हैं और पूरे देश में कहीं भी बैठे प्लेयर्स के साथ लीग या टूर्नामेंट भी खेल कर बड़े नकद पुरस्कार जीत सकते हैं। आपको
सिर्फ अपने स्मार्टफोन पर सोल्टेयर गेम डाउनलोड करना है और खेलना शुरू करना है।क्या सोल्टेयर गोल्ड खेलना कानूनी रूप से मान्य है?
जी हां, सोल्टेयर गोल्ड फ्री या पैसे के खेलना पूरी तरह वैधानिक है। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्किल गेम्स केपक्ष में फैसला दिया है, क्योंकि इन गेम्स में प्लेयर की सफलता उसकी स्किल्स पर निर्भर करती है। इसमें किस्मत की कोई भूमिका नहीं है। स्किल गेम्स में किसी तरह का जुआ या सट्टा नहीं होता क्योंकि इनमें जीतने के लिए आप अपनी स्किल्स का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि सोल्टेयर स्किल से जुडा खेल है, इसलिए भारत में इसे खेलना पूरी तरह वैधानिक है। बस आपको गेम के नियमों और रणनीति की पूरी जानकारी होनी चाहिए और आप में जीत के लिए
जरूरी स्किल होनी चाहिए।हालांकि कुछ भारतीय राज्यों में वहां के निवासियों पर किसी तरह के मनी गेम्स खेलने पर पाबंदी है। इसलिए यदि आप निम्न में से किसी राज्य के निवासी हैं तो आप सोल्टेयर गोल्ड पर कैश सोल्टेयर गेम्स नहीं खेल सकते। ये राज्य हैं- असम, ओडिशा, तेलंगाना, सिक्किम, नागालैंड, आंध्र प्रदेश ओर तमिलनाडु।
सोल्टेयर गोल्ड की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
सोल्टेयर गोल्ड ऑनलाइन सोल्टेयर का सबसे आधुनिक वर्जन है। यह एप ताश के परम्परागत खेल और आधुनिक तकनीक का अच्छा मिश्रण है। तो ऐसा क्या है जो इसे दूसरों के मुकाबले सबसे अच्छा प्लेटफार्म बनाता है।आइए देखते हैं इसकी विशेषताएं-
कभी भी खेलिए
सोल्टेयर गोल्ड पूरे दिन में कभी भी खेला जा सकता है। आप आसानी से प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कर पूरे दिन में कभी वास्तविक प्लेयर्स के साथ कितने भी समय तक इसे खेल सकते हैं।शानदार वेलकम बोनस
सोल्टेयर गोल्ड हर नए खिलाडी का शानदार स्वागत करता है। आप प्लेटफार्म पर रजिस्टर करने के बाद 1500 रूपए तक का वेलकम बोनस पा सकते हैं। जी हां आपने बिल्कुल सही पढा है। अपने पहले डिपाॅजिट के बाद यह बोनस राशि सीधे आपके खाते में जमा हो जाती है।विशेष ऑफर्स
सोल्टेयर गोल्ड की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यह प्लेयर्स को विशेष ऑफर्स और पुरस्कार देता है। आप एप पर कई रोमांचक ऑफर्स ले सकते है और प्लेटफार्म पर मौजूद कई वास्तविक प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।रैफर कीजिए और जीतिए
अपने दोस्तों को सोल्टेयर गोल्ड पर खेलने के लिए बुलाइए और सफल रैफरल पर 500 रूपए तक पाइए। आपको अपने दोस्तों को वाट्सएप या एसएमएस के जरिए आसानी से आमंत्रित कर सकते हैं और आकर्षक बोनस प्राप्त कर सकते हैं।
पूरी तरह सुरक्षित
यदि आप सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं तो बिल्कुल चिंता मत कीजिए। यह पूरी तरह सुरिक्षत है। प्लेटफार्म पूरी तरह एन्क्रिप्टेड है और सुरक्षित पेमेंट गेटवे उपलब्ध कराता है। इस पर कई सुरक्षित भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं जैसे नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड और यूपीआई जिनके जरिए आप पूरी तरह से सुरक्षित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इसके आलावा आपकी व्यक्तिगत जानकारी भी पासवर्ड के जरिए पूरी तरह सुरक्षित रहती है। यानी आपका अपने एकाउंट पर पूरा नियंत्रण रहता है और कोई भी एकाउंट को नहीं खोल सकता है। -
बैडमिंटन मिश्रित युगल रैंकिंग में अश्विन-रेंकीरेड्डी की जोड़ी टॉप-20 में
[object Promise]नई दिल्ली| सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की मिश्रित युगल भारतीय जोड़ी बीडब्ल्यूएफ की ताजा विश्व रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंच गए हैं। अश्विन-रेंकीरेड्डी की मिश्रित युगल जोड़ी ने 16 स्थानों की लंबी छलांग लगाते हुए 19वां स्थान हासिल कर लिया। अश्विन-रेंकीरेड्डी जोड़ी की यह करियर की बेस्ट रैंकिंग है। इससे पहले उनकी बेस्ट रैंकिंग 23 थी, जोकि उन्होंने 30 जुलाई 2019 को हासिल किया था।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, ” सात्विकसाइराज रेंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की मिश्रित युगल भारतीय जोड़ी बीडब्ल्यूएफ की ताजा विश्व रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंच गए हैं। उन्होंने 16 स्थानों की लंबी छलांग लगाते हुए करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल कर ली है।”
बीडब्ल्यूएफ की ताजा विश्व रैंकिंग में चीन की झेंग सेवइ और हुआंगा योकियोंग की मिश्रित युगल जोड़ी टॉप पर है।
अश्विन-रेंकीरेड्डी मिश्रित युगल जोड़ी योनेक्स थाईलैंड ओपन के क्वार्टर फाइनल में और टॉयोटा थाईलैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थी, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पुरुष एकल वर्ग के रैंकिंग में किदांबी श्रीकांत को एक पायदान का फायदा हुआ है और अब वह 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं जबकि बी साई प्रणीत एक स्थान नीचे लुढ़ककर 17वें नंबर पर खिसक गए हैं।
महिला वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन पीवी सिंधु सातवें नंबर पर कायम है जबकि सायना नेहवाल एक स्थान ऊपर उठकर 19वें नंबर पर पहुंच गई हैं।
पुरुषों के युगल वर्ग में चिराग शेटटी और रेंकीरेड्डी 10वें नंबर पर बरकरार हैं।
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भुवनेश्वर विश्व कप-1999 में रो पड़े थे भारत की हार पर
[object Promise]नई दिल्ली| अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार चोट के कारण इन दिनों टीम से बाहर चल रहे हैं। भुवनेश्वर मैदान से बाहर होने के कारण क्रिकेट को काफी मिस कर रहे हैं। भुवी क्रिकेट को कितना पसंद करते हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंग्लैंड में 1999 में खेले गए विश्व कप में भारत को जब न्यूजीलैंड से हार मिली थी तो वह काफी रोने लग गए थे।
शुक्रवार को 31 साल के हुए भुवनेश्वर ने कहा, ” मुझे अब भी याद है कि मैं 1999 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप मैच देख रहा था। मैं अपनी बहन के साथ यह मैच देख रहा था और जब हम हार गए, मैं बहुत रोया था। मैं उस पल को कभी नहीं भूल सकता, तभी मुझे महसूस हुआ कि मुझमें इस खेल के प्रति कितना उत्साह और जोश है।”
भुवनेश्वर को गली क्रिकेट खेलते हुए क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ा। हालांकि तब उन्हें पता नहीं था कि उनके अंदर तेज गेंदबाज बनने की क्षमता है। उन्होंने उस वाक्य को याद करते हुए एक अच्छे मेंटर के होने का महत्व बताया, जिन्होंने उन्हें सही राह दिखाई।
उन्होंने कहा, ” गली क्रिकेट में हर कोई खुद को एक ऑलराउंडर के रूप में समझता है। जब मैं अपनी बहन के साथ पहली बार अकादमी में गया था, और कोच ने मुझसे पूछा कि मैंने क्या किया, तो मैंने कहा कि सब कुछ। इसके बाद कोच ने मुझमें कुछ देखा। उन्होंने मुझे गेंद सौंपी और तब से मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।”
भुवनेश्वर को पिछले साल दो अक्टूबर को आईपीएल-2020 में चेन्नई सुपर के खिलाफ खेले गए मैच में जांघ में चेन्नई की पारी के 19वें ओवर के दौरान चोट लगी थी और वह केवल एक ही गेंद फेंकने के बाद मैदान से बाहर चले गए थे।
भुवनेश्वर इसके बाद बेंगलुरु के राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अपनी चोट से उबर रहे थे और वह रिहेबिलिटेशन पूरा कर रहे थे।
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टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐसा कमाल करने वाले पहले क्रिकेटर, जो रूट ने ठोका दोहरा शतक
[object Promise]चेन्नई टेस्ट मैच में जो रूट ने कमाल करते हुए अपने टेस्ट करियर का पांचवां दोहरा शतक जड़ दिया है. इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा दोहरा शतक जमाने वाले रूट संयूक्त रूप से दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. रूट और एलिस्टेयर कुक ने अपने करियर में 5-5 दोहरा शतक जमाए हैं. इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा दोहरा शतक जमाने का रिकॉर्ड वॉल्टर हैमंड के नाम है. वॉल्टर हैमंड ने अपने टेस्ट करियर में 7 दोहरा शतक ठोके थे. इसके अलावा रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट में दोहरा शतक जमाया है. यानि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बल्लेबाज ने अपने टेस्ट करियर के 100वें टेस्ट में दोहरा शतक जमाने का कमाल कर दिखाया हो.
इसके साथ- साथ रूट साल 2010 के बाद भारत में दोहरा शतक जमाने वाले पहले विजिटिंग कप्तान बन गए हैं. आखिरी बार भारत में किसी विदेशी कप्तान ने टेस्ट मैच में दोहरा शतक साल 2010 में ब्रैंडन मैक्कुलम ने जमाया था. मैक्कुलम ने साल 2010 में हैदराबाद टेस्ट मैच में 225 रन की पारी खेली थी.
इसके अलावा 2014 के बाद किसी बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ दोहरा शतक जमाया है. 2014 में भी मैक्कुलम ने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने का कमाल किया था. इस टेस्ट मैच में मैक्कुलम ने 302 रन बनाए थे.
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झगड़े का वीडियो आया सामने, कोच शास्त्री की मौजूदगी में मोहम्मद सिराज ने पकड़ी कुलदीप यादव की गर्दन
[object Promise]नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर शाहबाज नदीम को कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने टीम में नहीं होने के बाद भी इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में खेलने का मौका दिया। वहीं अनुभवी कुलदीप यादव को एक बार फिर से प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। अक्षर पटेल के चोटिल होने के बाद बैकअप गेंदबाज नदीम को टीम में शामिल किया गया और फिर कुछ ही घंटो बाद प्लेइंग इलेवन में भी शामिल कर लिया गया। इस मैच से बाहर रखे गए कुलदीप और सिराज का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दोनों आपस में झड़प करते दिखे।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नदीम को कुलदीप पर तरजीह देकर प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने पर तमाम दिग्गजों ने सवाल उठाया। कुलदीप के साथ हो रही नाइंसाफी की तरफ भी इशारा किया। चेन्नई टेस्ट का एक वीडियो सामने आया है जिसमें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे गए मोहम्मद सिराज साथी गेंदबाज कुलदीप का कॉलर पकड़ते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो आईएएनएस ने जारी किया है। उनका दावा है कि दोनो खिलाड़ियों के बीच इस मैच के दौरान झड़प हुई जिसमें नदीम ने कुलदीप को चोट पहुंचाई।
जो वीडियो सामने आया है उसमें सिराज साफ कुलदीप का कॉलर पकड़कर उनको चोट पहुंचाते नजर आ रहे हैं।वैसे कुलदीप और सिराज काफी दिनों से टीम इंडिया के साथ हैं। दोनों ने इंडिया ए और घरेलू क्रिकेट में भी साथ वक्त बिताया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों के बीच दोस्ती के रिश्तो को लेकर लोगों ने इसपर भरोसा करने से मना किया है।
चेन्नई टेस्ट के पहले दो दिन नदीम बेअसर साबित हुआ और विकेट हासिल करने में नाकाम रहे। दिन के आखिर में उनको दो विकेट मिला जिसमें से एक ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का था जबकि दूसरा दोहरा शतक बनाने वाले कप्तान जो रूट का। पहली पारी में नदीम ने सबसे ज्यादा रन लुटाए और इंग्लैंड के दो बल्लेबाजों को आउट किया। 44 ओवर की गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 167 रन खर्च किए।
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बांग्लादेश का दौरा करेंगी T20 वर्ल्ड कप से पहले ये तीन टीमें, होंगे जबरदस्त मुकाबले
[object Promise]ढाका। का आयाजोन भारतीय सरजमीं पर होना है। इससे पहले बांग्लादेश के दौरे पर तीन बड़ी टीमें आने वाली हैं, क्योंकि बांग्लादेश में भी लगभग भारत जैसी पिचें होती हैं तो इस तरह विदेशी टीमों को मैच प्रैक्टिस करने का मौका मिल जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें इस साल सितंबर-अक्टूबर में तीन-तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए बांग्लादेश का दौरा करेंगी।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बुधवार को इसकी घोषणा की है कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के क्रिकेट बोर्डों के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही शेड्यूल को तय किया जाएगा। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम अक्टूबर में बांग्लादेश दौरे पर आएगी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से पहले न्यूजीलैंड की टीम बांग्लादेश का दौरे पर टी20 सीरीज में हिस्सा लेगी।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीम ने कोविड-19 महामारी के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश का अपना दौरा स्थगित कर दिया था, जोकि आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अंतर्गत खेला जाना था। बीसीबी के मुख्य कार्यकारी निजामुद्दीन चौधरी ने पत्रकारों से बात करते कहा है कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद इंग्लैंड की टीम भी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगी।
क्रिकइंफो ने निजामुद्दीन चौधरी के हवाले से लिखा है, “दोनों बोर्ड (क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) ऑस्ट्रेलिया के बांग्लादेश दौरे पर सहमत हो गए हैं, जो भारत में खेले जाने वाले आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप से पहले आयोजित होगा। ऐसा शेड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसमें बांग्लादेश को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है, लेकिन ट्राई सीरीज अभी डिसाइड नहीं हुई है। इंग्लैंड की टीम वनडे सीरीज खेल सकती है।” उधर, टी20 वर्ल्ड कप के लिए बांग्लादेश की टीम की भी तैयारियां पुख्ता हो जाएंगी।
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अचानक टेस्ट क्रिकेट से इस बड़े क्रिकेटर ने किया संन्यास का ऐलान
[object Promise]नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका टीम के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने आज टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। फाफ आने वाले दो टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयारी करना चाहते हैं। साउथ अफ्रीका की मीडिया के मुताबिक, फाफ डु प्लेसिस ने इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला है। 36 वर्षीय ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, जहां उन्होंने दूसरी पारी में 375 गेंदों पर 110 रनों की नाबाद पारी खेली।
साउथ अफ्रीका की टीम इस महीने के अंत में शुरू होने वाली तीन मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने वाली थी, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कोविड-19 चिंताओं के कारण अंतिम समय में दौरे को स्थगित कर दिया था। ऐसे में फाफ डुप्लेसिस ने अपने टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया है। फाफ डुप्लेसिस के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की खबर को साउथ अफ्रीका के न्यूज पोर्टल इंडेपेंडेंट मीडिया को सार्वजनिक किया है।
फाफ डुप्लेसिस ने कहा है, “मैं वास्तव में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के साथ समाप्त करना चाहता था। ऐसा लगा होगा कि यह सब पूरी तरह से आ गया है। मेरे पास दिमाग और दिल की स्पष्टता थी और भले ही अंत यह नहीं है कि मैंने कैसे कल्पना की थी, स्पष्टता बनी हुई है।” 2012 में साउथ अफ्रीकाई टीम के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले डुप्लेसिस को साल 2016 में टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था।
फाफ डुप्लेसिस ने एबी डिविलियर्स से कप्तानी ली थी, जो कि उनके स्कूल के दोस्त हैं। वह साउथ अफ्रीका के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने 2016 में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया था, जबकि 2018 में घरेलू सीरीज में कंगारू टीम को मात दी थी। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 17 में जीत हासिल की, लेकिन आखिरी के कुछ टेस्ट मैच बतौर कप्तान उनके लिए अच्छे नहीं रहे थे, जिनमें भारत का दौरा भी शामिल था।
बतौर कप्तान और बतौर बल्लेबाज फाफ डुप्लेसिस का रिकॉर्ड बीते दो साल में अच्छा नहीं रहा। यही कारण है कि उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी। 36 वर्षीय फाफ डुप्लेसिस ने 69 टेस्ट मैचों की 118 पारियों में 40 से ज्यादा की औसत से 4163 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 21 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वाधिक स्कोर 199 रन है। उन्होंने पांच पारियों में गेंदबाजी भी की, लेकिन कोई सफलता उनको नहीं मिली थी।
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19 चौके और 11 छक्के 94 गेंद पर जमाते हुए इस भारतीय विकेटकीपर ने जमाए 173 रन
[object Promise]नई दिल्ली। विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई है। झारखंड के कप्तान इशान किशन ने मध्य प्रदेश के खिलाफ तूफानी पारी खेलते हुए महज 94 गेंद पर 173 रन बना डाले। कप्तान की इस आतिशी पारी की बदौलत टीम ने 50 ओवर में 422 रन की विशाल स्कोर बना डाला। यह टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है।
शनिवार को मध्य प्रदेश के खिलाफ बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड के लिए कप्तान इशान किशन ने पारी की शुरुआत की। टीम को पहली झटका महज 10 रन के स्कोर पर लगा लेकिन इसके बाद इशान ने ऐसी पारी खेली जिसने टीम के बड़े स्कोर की नींव रख दी। कुमार कुशाग्र के साथ कप्तान ने टीम को 123 रन तक पहुंचाया। अनुकूल रॉय ने 72 जबकि विराट सिंह ने 68 रन की पारी खेली।
इशान का तूफानी शतक
मध्य प्रदेश के खिलाफ इशान ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। महज 94 गेंद पर 173 रन की आतिशी पारी खेलते हुए इस बल्लेबाज ने इतिहास रच दिया। इस पारी में उन्होंने 184 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की जिसमें 19 चौके और 11 छक्के जमाए। यह किसी विकेटकीपर कप्तान का इस टूर्नामेंट में बनाया सबसे बड़ा निजी स्कोर है। बतौर विकेटकीपर कप्तान इशान ने टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी खेली है।
42 गेंद पर इशान ने अपना अर्धशतक पूरा किया फिर 74 गेंद पर शतक तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार तेज करते हुए दमदार शॉट्स लगाए। अगले 50 रन बनाने के लिए इस बल्लेबाज ने महज 11 गेंद का सामना किया। 85 गेंद पर इशान ने 150 रन पूरे किए और 94 गेंद पर 173 रन की पारी खेलकर आउट हुए।