Category: sports

  • कोरोना ने खेल पर ब्रेक लगा दिया,जैव बुलबुले की मदद से खिलाड़ी मैदान पर लौटे

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    जब पिछले साल जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन खत्म हुआ था तब किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी ने सोचा नहीं था कि कोरोना महामारी का प्रकोप ऐसा फैलेगा कि सभी खेलों को बंद करने की नौबत आ जाएगी। प्रभाव सभी खेलों पर पड़ा, लेकिन सबसे ज्यादा असर एक-दूसरे को छूने वाले खेलों कुश्ती, मुक्केबाजी, फुटबॉल आदि पर दिखाई दिया। इस दौरान सबसे ज्यादा आस शतरंज ने जगाई।

    बायो बबल का सहारा लेकर खिलाड़ियों को मैदान में उतारने की पहल की गई। किसी खिलाड़ी ने कोरोना से पहले बायो बबल (खिलाड़ियों के लिए बनाए गए विशेष माहौल) के बारे में नहीं सुना था, लेकिन यह अब खेल का प्रमुख अंग बन गया है। सबसे पहले फुटबॉल में इसका प्रयोग किया गया। इससे बाकी खेलों में भी उम्मीदें बंधीं। कई जगह तो मैदान में दर्शकों की भी वापसी हो गई और इसका सबसे बड़ा उदाहरण भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज है।

    बड़े फुटबॉलरों को फिर से मैदान में उतारने का श्रेय जर्मनी की फुटबॉल लीग बुंडिशलीगा के आयोजकों को जाता है, जिन्होंने सटीक रणनीति के साथ इसे अंजाम दिया। 2020 की पहली तिमाही में कोरोना के कारण बुंडिशलीगा के सत्र को स्थगित करना पड़ा था। यह 16 मई को दोबारा शुरू हुई और यूरोप में शुरू होने वाली पहली बड़ी लीग बनी। बुंडिशलीगा के आयोजकों ने बायो बबल तैयार किया जिसमें सिर्फ खिलाड़ी, आयोजक और सहयोगी स्टाफ ही थे। कड़े नियम बनाए गए।

    खिलाड़ियों को शुरुआत में क्वारंटाइन किया गया। सबके कोरोना टेस्ट किए गए। क्वारंटाइन पीरियड में खिलाड़ी और स्टाफ एक-दूसरे से मिल नहीं सकते थे। उन पर होटल से बाहर निकलने पर भी प्रतिबंध रहा। पॉजिटिव पाए जाने वाले खिलाड़ी को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद फिर 14 दिन तक क्वारंटाइन होना पड़ा। इतनी मेहनत के बाद बुंडिशलीगा लीग का सत्र पूरा हो सका।

    उसके बाद मार्च से बंद पड़ी स्पेन की ला लीगा, इटली की सीरी-ए, इंग्लिश प्रीमियर लीग, यूएफा चैंपियंस लीग और यूरोपा लीग ने अपने-अपने सत्र समाप्त किए। ताइवान में तो चाइनीज लीग के दौरान खिलाड़ियों में जोश भरने के लिए मैदान पर प्रशंसकों के कटआउट और डमी लगाए गए। दर्शकों की जगह रोबोट को बैठाया गया। डेनमार्क की डेनिश सुपरलीगा में स्टेडियम में टीवी स्क्रीन लगाई गईं। इनमें ऐप पर लाइव मैच देख रहे प्रशंसकों को दिखाया गया।

    आवाज के लिए स्टेडियम में स्पीकर भी लगाए गए। यह सब सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रहा। सभी देशों और आयोजकों ने खेलों को शुरू करने के लिए ऐसे ही बायो बबल नियम अपनाए। बायो बबल के अलावा खेलों को दर्शकों के बिना कराने का दांव भी सफल रहा। पिछले साल विंबलडन ग्रैंडस्लैम रद्द हुआ। 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार रद्द हुआ था।

    क्रिकेट के जन्मदाता इंग्लैंड ने कोरोना के साये में इस खेल को बहाल करने में अहम योगदान दिया। इंग्लैंड ने अपने घर में वेस्टइंडीज के साथ सफलतापूर्वक टेस्ट सीरीज आयोजित करके इसकी शुरुआत की। उस दौरान कैरेबियाई टीम को 14 दिन तक क्वारंटाइन रहना पड़ा था। इंग्लैंड की सीरीज के बाद अन्य सीरीज भी होने लगी, लेकिन सबसे ज्यादा नजरें विश्व कप

    टी-20 और आइपीएल पर लगी थीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद आइसीसी ने टी-20 विश्व कप को स्थगित करके आइपीएल की राह आसान कर दी थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इस लीग को संयुक्त अरब अमीरात में बिना दर्शकों के सफलतापूर्वक आयोजित कराया।

    यहां तक कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के सपोर्ट स्टाफ के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भी यह टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।

     

  • रूट ने बताया- इंग्लैंड पॉजिटिव मामलों के बाद भी खत्म नहीं करेगी अपना श्रीलंका दौरा

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    लंदन| इंग्लैंड के कप्तान जोए रूट ने कहा है कि टीम में कोविड-19 के पॉजिटिव मामले आने के बाद भी टीम अपना श्रीलंका दौरा रद्द नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी टीम को दौरा पूरा करना होगा चाहे पॉजिटिव मामले ही क्यों न आएं। इंग्लैंड ने हाल ही में अपने दक्षिण अफ्रीका दौरे को कम कर दिया था। दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज रद्द कर दी गई थी क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के कुछ खिलाड़ी पॉजिटिव निकले थे।

    रूट ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पॉजिटिव परिणामों से दौरा अपने-आप रद्द हो जाएगा। यह फैसले मेडिकल स्टाफ को लेने होते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह खिलाड़ियों का फैसला होता है चाहे उनके पास दौरे से बाहर जाने का ही विकल्प क्यों न हो। हमें सिर्फ यह आश्वस्त करना है कि हम गाइडलाइंस का पालन करें। अगर हम ऐसा करते हैं तो हम अपने आप को उस स्थिति में न पहुंचने का सर्वश्रेष्ठ मौका देते हैं। हम जानते हैं कि प्रोटोकॉल्स ऐसी चीज हैं जो रहेंगी।”

    रूट ने कहा कि उन्हें इस बारे में तैयार रहना होगा कि दौरे के दौरान कोविड-19 मामले सामने आएंगे।

    उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि, आप पूरे विश्व की तरफ देखें। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड दौरे पर इसका सामना करना पड़ा। यह हमारे साथ भी हो सकता है। इसलिए हमें सर्वश्रेष्ठ तरीके से इसे संभालना होगा।”

    रूट का बयान तब आया जब दक्षिण अफ्रीका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शोएब मांजरा ने इंग्लैंड और बाकी अन्य देशों को बायो-बबल का बदला हुआ मॉडल मानना होगा जो इंग्लैंड ने पिछले साल अपने घर में लागू किया था।

  • नया मुख्य कोच नियुक्त किया एटलेटिको बिल्बाओ ने मार्सेलिनो को

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    मेड्रिड| स्पेनिश फुटबाल क्लब एटलेटिको बिल्बाओ ने मार्सेलिनो गार्सिया टोरेल को अपना नया मुख्य कोच नियुक्त किए जाने की पुष्टि की है। एटलेटिको बिल्बाओ ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि सेविला, विलारियल और वालेंसिया के पूर्व कोच मार्सेलिनो का करार जून 2022 में समाप्त होगा।

    55 वर्षीय मार्सेलिनो अब गैजका गेरिटानो की जगह लेंगे, जिन्हें क्लब ने एल्के के खिलाफ मिली 1-0 की जीत के दो घंटे बाद ही बर्खास्त कर दिया था।

    मार्सेलिनो को उच्च स्तर पर कोचिंग का बेहद खास अनुभव है। बतौर कोच उनके पास 416 मैचों का अनुभव हैं। इनमें से ला लीगा में 320, कोपा डेल रे में 54 और यूरोप में 42 मैचों का अनुभव हैं।

    इससे पहले वह वालेंसिया के कोच थे, जिनके मार्गदर्शन में टीम 2018-19 में टीम कोपा डेल रे कप जीती थी।

  • वार्नर, स्मिथ को क्रीज पर समय बिताने की जरूरत: लैंगर

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    सिडनी| आस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने मंगलवार को माना कि डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ ने पिछले एक साल में ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेली है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि भारत के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट में वे दोनों क्रीज पर समय बिताएंगे। लैंगर ने मंगलवार को वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, “डेवी (डेविड वार्नर) ने स्टीव स्मिथ की तरह ही काफी हद तक सीमित ओवरों की क्रिकेट खेली है। उन्होंने पिछले 12 महीने से कोई भी चार दिवसीय क्रिकेट नहीं खेली है। वह भी अपनी चोट के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा है, जिस पर हमने बात की है। वह खेल के मास्टर हैं। उन्होंने काफी क्रिकेट खेली है और उनका अनुभव उन्हें काम आएगा।”

    मुख्य कोच ने साथ ही कहा कि वार्नर और स्मिथ दोनों को लय में लौटने के लिए क्रीज में बहुत समय बिताने की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा, “स्टीव (स्टीव स्मिथ) को हमेशा अभ्यास से फायदा मिलता है। मेलबर्न में मौसम की वजह से हम थोड़ा बाधित हुए। हम दुर्भाग्य से बाहर निकलने में सक्षम नहीं थे। स्टीव बहुत सी गेंदों को हिट कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए बहुत कुछ किया। डेवी के लिए भी वही है। उन्होंने क्रीज पर ज्यादा समय नहीं बिताया है। उन्हें क्रीज पर समय बिताने की जरुरत है।”

  • टेस्ट डेब्यू करेंगे नवदीप सैनी, रोहित की मयंक की जगह हुई वापसी, प्लेइंग इलेवन का ऐलान

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    सिडनी। तेज गेंदबाज नवदीप सैनी गुरुवार से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर गुरुवार से आस्ट्रेलिया के साथ शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच में पदार्पण करेंगे। सैनी को चोटिल उमेश यादव के स्थान पर टीम में लाया गया है। उम्मीद के मुताबिक रोहित शर्मा की टीम में वापसी हुई है। वह मयंक अग्रवाल की जगह टीम में आए हैं। रोहित और गिल भारत के लिए तीसरे टेस्ट मैच में पारी की शुरुआत करेंगे।

    बाकी टीम में कोई और बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय टीम : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी।

  • रूट ने कहा- खिलाड़ी दौरा छोड़ सकते हैं अगर बायो-बबल नियम ज्यादा होते हैं तो

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    लंदन| इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान जोए रूट ने कहा है कि अगर खिलाड़ियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल्स के नियम ज्यादा सख्त लगते हैं तो वह टीम से बाहर जा सकते हैं। इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की वनडे सीरीज को बायो-सिक्योर के नियमों के उल्लंघन के कारण स्थगित कर दिया गया था। इंग्लैंड को अब श्रीलंका का दौरा करना है।

    रूट ने संवाददाताओं से कहा, “अगर किसी भी पल यह ज्यादा परेशानी वाला लगता है तो खिलाड़ी बाहर जा सकते हैं। एक कप्तान के तौर पर मेरा काम है कि मैं इस बात को आश्वास्त करूं कि लोग सहज रहें।”

    उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को अतिरिक्त साथ की जरूरत होगी, मैं इस बात को आश्वस्त करूंगा कि खिलाड़ियों के पास कोई न कोई बात करने को है।”

    इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच 14 जनवरी से पहला टेस्ट मैच शुरू हो रहा है। रूट ने कहा कि टीम में पॉजिटिव मामलों से दौरा तत्काल प्रभाव से खत्म नहीं होगा।

    उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोविड-19 पॉजिटिव मामले सामने आने से दौरा अपने-आप खत्म होगा। सच्चाई यह है कि पूरे विश्व की टीमों ने पॉजिटिव मामलों का सामना किया है। हम जितने अच्छे से इसे संभाल सकते हैं संभालेंगे।”

  • अगले सप्ताह होगी सुनवाई पूर्व फुटबालर चौबे की याचिका पर

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    नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट पूर्व भारतीय फुटबालर कल्याण चौबे की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी। चौबे ने अपनी याचिका में अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) में नए चुनाव कराने की मांग की है। वर्ष 1999 से 2006 तक भारतीय सीनियर फुटबाल टीम के लिए खेल चुके पूर्व गोलकीपर चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिक दाखिल कर कहा था कि एआईएफएफ के मौजूदा कार्यकारी समिति का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाए और जल्द नया चुनाव कराया जाए।

    चौबे ने साथ ही कोर्ट से यह भी मांग की थी कि चुनाव योग्यता प्रक्रिया में सुधार किया जाए ताकि पूर्व खिलाड़ी भी चुनाव लड़ सके और एआईएफफ की निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।

    मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और वी. रामसुब्रमण्यन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर प्रतिवादी (एस) को अगले सप्ताह उपस्थित होने की तारीख दी।”

    इससे पहले, चौबे ने कहा था, “मैंने केवल दो चीजों की मांग की है। पहला तो यह कि वर्तमान में जिस तरह से एआईएफएफ को चलाया जा रहा है, राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार, वह नियमों के अनुसार नहीं है। एआईएफएफ को इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का पालन करना चाहिए, अर्थात समिति चलाने के लिए चुनाव का आयोजन होना चाहिए।”

    उन्होंने कहा, ” दूसरा, एआईएफएफ ने एक बहुत ही अजीब शर्त रखी है कि यदि कोई भी महासंघ का चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे राज्य संघ में कम से कम चार साल तक किसी एक पद पर रहना होगा।”

    एआईएफएफ ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए मौजूदा कार्यकारी समिति के कार्यकाल को 21 दिसंबर तक विस्तार देने की अपील की थी। इसके पीछे महासंघ का तर्क यह था कि कोर्ट द्वारा गठित की गई प्रशासकों की समिति ने अभी तक नया संविधान नहीं बनाया है जिसके मुताबिक चुनाव होने हैं।

  • पहली बार टेस्ट में न्यूजीलैंड बनी नंबर-1 टीम

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    क्राइस्टचर्च| न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहली बार नंबर-1 टीम बनी है। न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से मात दे कर यह मुकाम हासिल किया है। न्यूजीलैंड ने बुधवार को हेग्ले ओवल मैदान पर खेले गए पाकिस्तान को दूसरे टेस्ट मैच में पारी और 176 रनों से हराया।

    केन विलियम्सन की कप्तानी वाली कीवी टीम के अब 118 अंक हो गए हैं और वह रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुंच गई है। आस्ट्रेलियाई टीम दूसरे स्थान पर है। उसके 116 अंक हैं। भारत 114 अंकों के साथ तीसरे और इंग्लैंड 106 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका 96 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।

    कीवी टीम ने बीते कुछ साल नंबर-2 पर रहते हुए निकाले हैं। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को लगातार दो सीरीज में मात दे कर न्यूजीलैंड ने अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया है।

    इसी के साथ उसने अपने आप को आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल की रेस में बनाए रखा है।

    इस चैम्पियनशिप की अंकतालिका में हालांकि न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है। टेस्ट चैम्पियनशिप का नतीजा प्रतिशत प्रणाली के आधार पर निकलेगा।

    भारत और आस्ट्रेलिया इस समय चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं और सीरीज इस समय 1-1 की बराबरी पर हैं। यह दोनों टीमें टेस्ट चैम्पियनशिप में अभी भी न्यूजीलैंड से आगे हैं।

  • इस वजह से बेहद कठोर सुरक्षा का इंतजाम किया गया है विराट कोहली की बेटी के लिए अस्पताल में

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    नई दिल्ली। भारतीय कप्तान विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। विराट कोहली ने इसके लिए बीसीसीआइ से खास तौर पर छुट्टी ली थी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच यानी पहला टेस्ट खेलने के बाद भारत वापस लौट आए थे। विराट ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता बनने की सूचना सबसे साझा की थी। इसके बाद विराट कोहली को हर किसी ने मुबारकबाद दी।

    अब बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक विरुष्का ने ब्रीच कैंडी अस्पताल में सख्त प्रतिबंध लगा दिया है जहां पर बच्ची का जन्म हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक विरुष्का किसी भी उपहार को स्वीकार नहीं कर रहे है और यहां तक की करीबी रिश्तेदारों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। इसके साथ ही आसपास के कमरे में आने वाले लोगों को भी बच्ची को देखने की इजाजत नहीं है।

    इससे पहले जब विराट कोहली ने सबको अपने पिता बनने की खबर दी थी उस वक्त ये अनुरोध किया था कि, उनकी गोपनीयता का सम्मान किया जाए। विराट ने संदेश साझा करते हुए लिखा था कि, हम आपके साथ ये साझा करने के लिेए रोमांचित हैं कि सोमवार को हमें ईश्वर ने बेटी के तौर पर एक बड़ा आशीर्वाद दिया है। हम आपके प्यार, प्रार्थनाओं और शूभकामनाओं के लिए धन्यवाद अदा करते हैं। दोनों स्वस्थ हैं और हमें उम्मीद है कि इस समय आप हमारी गोपनीयता का सम्मान कर सकते हैं। इस वक्त विराट को अनुष्का दोनों ही प्राइवेसी चाहते हैं साथ ही साथ कोरोना महामारी को देखते हुए इस तरह की सुरक्षा का इंतजाम किया गया है।

    आपको बता दें कि विराट कोहली ने अपनी बच्ची की जन्म के लिए बीसीसीआइ से पैटरनिटी लीव की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया था। इसके बाद विराट एडिलेड टेस्ट के बाद भारत आ गए थे हालांकि इस मैच में टीम इंडिया को हार मिली थी। वहीं दूसरे मैच में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारत को जीत मिली थी जबकि सिडनी टेस्ट मैच ड्रॉ हुआ था। अब भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच 15 जनवरी से खेला जाएगा।

     

  • पूर्व क्रिकेटर ने उठाया मुद्दा, BCA जांच करे दीपक हुड्डा और क्रुणाल पांड्या के बीच हुए विवाद की

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने मांग की है कि बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन यानी बीसीसीए को ऑलराउंडर दीपक हुड्डा और कप्तान क्रुणाल पांड्या के बीच हुए विवाद की जांच करनी चाहिए। दीपक हुड्डा ने कप्तान क्रुणाल पांड्या पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था और उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से अपना नाम वापस ले लिया था। ये सब टूर्नामेंट से ठीक पहले हुआ था।

    पठान ने कहा कि ऐसी घटनाओं का एक खिलाड़ी पर “प्रतिकूल प्रभाव” पड़ता है। दरअसल, दीपक हुड्डा ने बड़ौदा क्रिकेट संघ (BCA) को कथित रूप से उनकी अनुपलब्धता के बारे में सूचित करने के लिए लिखा था, यह दावा करते हुए कि क्रुणाल पांड्या ने अन्य खिलाड़ियों के सामने उन्हें बार-बार गालियां दी थीं और हाल ही में चल रहे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें रोक दिया था।

    सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए अब इरफान पठान ने कहा है, “इस महामारी (कोरोना वायरस) के कठिन समय के दौरान, जिसमें खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य का अत्यधिक महत्व होता है, क्योंकि उन्हें बायो-बबल में रहना पड़ता है और साथ ही खुद को खेल पर केंद्रित रखना होता है, ऐसी घटनाओं का खिलाड़ी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और इससे बचना चाहिए।”

    पठान, जो एक खिलाड़ी-सह-संरक्षक के रूप में जम्मू-कश्मीर जाने से पहले 17 साल बड़ौदा के लिए खेले। उन्होंने बीसीए से इस मामले को देखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है, “बड़ौदा के पूर्व कप्तान होने और कई युवाओं का उल्लेख करने के बाद, मैं समझता हूं कि एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण होना कितना महत्वपूर्ण है, जहां खिलाड़ी सुरक्षित महसूस कर सकें, खुलकर खेल सकें और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें। अगर मैंने दीपक हुड्डा के बारे में सुना है। यह सच है, यह वास्तव में चौंकाने वाला और निराशाजनक है। किसी भी खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।”

    उन्होंने आगे कहा है, “बीसीए के सभी सदस्यों से इस पर गौर करने और ऐसे कार्यों की निंदा करने का अनुरोध करता हूं, क्योंकि वे क्रिकेट के खेल के लिए अच्छे नहीं हैं।” 36 वर्षीय पठान ने भारतीय टीम के लिए 29 टेस्ट, 120 वनडे और 24 टी 20 इंटरनेशनल मैच खेल हैं। उन्होंने कहा है कि बीसीए को उन दो खिलाड़ियों के बारे में भी सोचना चाहिए, जिन्होंने पिछले साल टी20 टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन टीम ने उनको ड्रॉप कर दिया।