Category: sports

  • आकाश चोपड़ा ने बताया ऑस्ट्रेलिया के इस खतरनाक बल्लेबाज को घमंडी…

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    नई दिल्ली। आइपीेएल 2020 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए ग्लेन मैक्सवेल ने बेहद खराब प्रदर्शन किया और इसका नतीजा ये रहा कि ये टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच पाई। दुनिया के बेहतरीन हार्ड हिटर माने जाने वाले मैक्सवेल ने इस सीजन के 13 मैचों में 108 रन बनाए और एक भी छक्का लगाने में कामयाब नहीं हो पाए। वहीं भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में मैक्सवेल कमाल की फॉर्म में दिखे।

    आइपीएल 2020 में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे मैक्सवेल ने भारत के खिलाफ पहले वनडे में 19 गेंदों पर 45 रन की पारी खेली जबकि दूसरे वनडे में 29 गेंदों पर 63 रन बनाए। तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मैच ऑस्ट्रेलिया के नाम रहे। मैक्सवेल द्वारा आइपीएल में खराब प्रदर्शन किए जाने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा कि, जब वो आइपीएल में खेलते हैं तो मिनी बन जाते हैं, लेकिन जब अपने देश ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हैं तो मैक्स बन जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि जब मैक्सवेल कि बात आती है तो आइपीएल में उनकी कहानी अलग होती है और इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके प्रदर्शन का स्तर अलग होता है। आइपीएल में वो संघर्ष करते दिखते हैं तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए वो मैक्स बन जाते हैं। आकाश ने कहा कि, टीम इंडिया के गेंदबाजों को मैक्सवेल के इगो के साथ खेलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैक्सवेल के खिलाफ लगातार बाउंसर फेंकना एक अच्छी रणनीति हो सकती है क्योंकि उनके लिए शॉर्ट डिलीवरी से निपटना मुश्किल होता है।

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि उनकी परेशानी टो और नोज है ऐसे में आपको किसी ऐसे गेंदबाज को ट्राई करना चाहिए तो पहले उनके टो पर गेंद फेंके और फिर उनकी नाक की उंचाई पर गेंद फेंके। आपको उनके इगो के साथ खेलना चाहिए क्योंकि वो बेहद अहंकारी खिलाड़ी हैं। आकाश ने कहा कि अगर आप उन्हें बाउंसर फेंकते हैं तो वो उसे बाद में खेलने जाएगा और जब आप उसे यॉर्कर फेकेंगे तब वो पैर हटाकर उसे खएलने की कोशिश करेगा। अगर आप इस तरह की गेंद फेकेंगे तो उसे आउट कर सकते हैं। आपको उसके खिलाफ लेंथ गेंदबाजी नहीं करनी चाहिए उसे सेट होने से पहले ही आउट करने की कोशिश करनी चाहिेए।

     

  • कोरोना पॉजिटिव मिले पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के 8 सदस्य, टीम न्यूजीलैंड में

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    टरबरी। न्यूजीलैंड दौरे पर गई पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक और सदस्य को कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इस तरह पाकिस्तान टीम के 8 सदस्य अब तक न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं। न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है कि पाकिस्तान टीम के सदस्यों के कोरोना संक्रमण की कुल संख्या आठ हो गई है। कैंटरबरी में इस नए मामले की पुष्टि हुई है।

    मंत्रालय के बयान में पॉजिटव आए व्यक्ति के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है। बयान में कहा गया कि टीम को अभी भी ट्रेनिंग करने की अनुमति नहीं है। पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी उस समय तक प्रैक्टिस के लिए नहीं उतर सकते, जब तक कि कैंटरबरी के स्वास्थ्य अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं होते है। न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि ट्रेनिंग से संक्रमण का दायरा बढ़ सकता है।

    COVID-19 से संक्रमित पाए गए दो सदस्यों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है। उधर, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा कि उन खिलाड़ियों आइसोलेशन में रखा गया है, जो नेगेटिव पाए गए हैं। पीसीबी ने पॉजिटिव आए खिलाड़ियों की पहचान नहीं की है और कहा कि नेगेटिव आने के बाद ये सभी लोग प्रबंधित आइसोलेशन में ट्रेनिंग कर पाएंगे। अब रविवार को सभी सदस्यों का कोरोना टेस्ट होगा, जिसमें तस्वीर और साफ हो जाएगी।

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा है, “पीसीबी न्यूजीलैंड में पाकिस्तान टीम प्रबंधन के साथ निकट संपर्क बनाए हुए है और उन्हें प्रशिक्षण प्रक्रिया में वापसी पर नजर रखे हुए है। मैनेजमेंट और खिलाड़ी प्रक्रिया का पूर्ण समर्थन करते हैं और न्यूजीलैंड सरकार के नियमों का अनुपालन करते हुए मैदान पर वापस आने के लिए उत्सुक हैं।” गौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के 6 सदस्यों को एक ही दिन कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था।

     

  • T20 सीरीज नहीं खेल पाएंगे ये भारतीय खिलाड़ी, टीम मैनेजमेंट ने लिया फैसला

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    कैनबरा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज यानी शुक्रवार 4 दिसंबर से तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज होने जा रहा है। सीरीज का पहला मुकाबला कैनबरा के मनुका ओवल मैदान पर खेला जाएगा। इससे पहले खेली गई वनडे सीरीज में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से भारतीय टीम को धूल चटाई थी। ऐसे में ये टी20 सीरीज दिलचस्प होने वाली है। इसी बीच भारतीय टीम मैनेजमेंट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि कौन से खिलाड़ी इस सीरीज में नहीं खेलेंगे।

    टी20 सीरीज और कैनबरा में होने वाले मैच से पहले टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि जो खिलाड़ी टी20 सीरीज के लिए चुने गए हैं, वही इस सीरीज का हिस्सा होंगे। इसका मतलब ये है कि तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर, स्पिनर कुलदीप यादव और सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, बैकअप के तौर पर वे टीम के साथ बने हुए हैं और तब तक नहीं खेल पाएंगे, जब तक कि कोई खिलाड़ी चोटिल न हो। ये तीनों खिलाड़ी वनडे टीम में चुने गए थे।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी वनडे मैच जीतकर भारतीय टीम के पास जीत की लय बरकरार रखने का मौका है, जबकि विराट कोहली एंड कंपनी का आत्मविश्वास इसलिए भी ऊपर होगा, क्योंकि भारत का टी20 रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ काफी अच्छा है। भारत ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया में नौ मैच खेले हैं, जिसमें से पांच बार भारत को जीत मिली है। यहां तक कि एक भी टी20 सीरीज भारत ने ऑस्ट्रेलिया में हारी नहीं है।

    भारत के पास टी20 के लिए अलग टीम है, लेकिन 16 में से 14 खिलाड़ी वही हैं जो वनडे टीम का हिस्सा थे। दीपक चाहर और वॉशिंगटन सुंदर ही दो नए नाम टी20 टीम में शामिल हैं। उधर, ऑस्ट्रेलिया के लिए कोई नया नाम नहीं है। वनडे और टी20 सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने एक ही टीम चुनी थी। हालांकि, बाद में डेविड वार्नर के बैकअप के तौर पर डार्सी शॉर्ट को टीम में शामिल किया गया था।

  • कोविद के कारण अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट खेलना मुश्किल, सर्दी का मौसम भी चुनौती: जीव मिल्खा

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    चंडीगढ़। जीव मिल्खा सिंह इंविटेशनल गोल्फ टूर्नामेंट के मेजबान पद्मश्री जीव मिल्खा सिंह ने बताया कि कोविड महामारी के चलते दुनियाभर के वीजा नियमों में बदलाव हुआ है। इसके अलावा इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी बंद है। हर देश ने कोविड से निपटने के लिए अलग-अलग कानून बनाए हैं।

    ऐसे में गोल्फर्स के लिए इंटरनेशनल गोल्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेना मुश्किल हुआ है। इसके अलावा दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण का खतरा भी काफी ज्यादा है, इसलिए अभी गोल्फर्स पीजीटीआइ टूर्नामेंट्स पर ध्यान दे रहे हैं।

    सर्द मौसम गोल्फर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती

    गोल्फर्स के लिए जीव मिल्खा सिंह इंविटेशनल गोल्फ टूर्नामेंट में सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी, इस बात का जवाब देते हुए लीविंग लीजेंड पद्मश्री जीव मिल्खा सिंह ने बताया कि मेरे ख्याल से सिटी ब्यूटीफुल की सर्द हवाओं से बढ़कर उन्हें कोई और बड़ी चुनौती नहीं दिखती है। जीव ने बताया कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले तमाम प्रोफेशनल गोल्फर्स के लिए सुबह के समय अपना बेस्ट प्रदर्शन देना आसान नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों से ठंड बढ़ी है और इसका असर सभी गोल्फर्स के खेल पर देखने को मिलेगा।

    गोल्फ में फिजिकल डिस्टेंसिंग रखना आसान

    जीव मिल्खा सिंह ने बताया कि गोल्फ में ऐसा खेल है जिसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग रखना बेहद आसान है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ क्लब 115 एकड़ में फैला हुआ है। गोल्फर्स की अपनी अलग किट होती है और इसमें संक्रमण का खतरा लगभग न के बराबर होता है। बावजूद इसके हमने टूर्नामेंट में संक्रमण को रोकने के लिए तमाम तरह की गाइडलाइंस बनाई हैं। इनमें हर होल्स को खेलने के बाद सेनिटाइज किया जाएगा।

  • खुद इंटरव्यू देते नजर आए युजवेंद्र चहल Chahal TV पर, लेकिन मयंक अग्रवाल को दे दी धमकी

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    नई दिल्ली। भारतीय टीम जब भी कोई सीमित ओवरों की क्रिकेट में मैच जीतती है तो फिर स्पिनर युजवेंद्र चहल उस खिलाड़ी का इंटरव्यू भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ की वेबसाइट के लिए लेते नजर आते हैं, जिसने मैच में शानदार प्रदर्शन किया हो, लेकिन इस बार खुद युजी चहल को ही चहल टीवी पर आना पड़ा, क्योंकि उन्होंने खुद शानदार प्रदर्शन किया।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कैनबरा के मैदान पर तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम ने 11 रन से जीत दर्ज की। युजवेंद्र चहल प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन रवींद्र जडेजा के सिर पर गेंद लगने के बाद उनके कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर बीच मैच में जगह मिली थी। पहले बल्लेबाज में जडेजा खेलने उतरे, लेकिन गेंदबाजी युजवेंद्र चहल ने की। चहल ने मैच जिताऊ 3 विकेट हासिल किए।

    चहल के बाद मयंक अग्रवाल बीसीसीआइ के लिए युजवेंद्र चहल का इंटरव्यू लेते नजर आए। इस इंटरव्यू में चहल ने इस बारे में खुलासा किया है कि उन्होंने किस तरह गेंदबाजी की और किस तरह से कंगारू टीम के बल्लेबाजों को फंसाया। इसी दौरान उन्होंने मयंक अग्रवाल को धमकी दी कि उनसे चहल टीवी पर एकरिंग करना कोई नहीं छीन सकता, क्योंकि वे ही इसके हकदार हैं और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर वे फिर से चहल टीवी पर सभी को लाएंगे।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला सिडनी में रविवार 6 दिसंबर को खेला जाएगा। ये मैच कंगारू टीम के लिए करो या मरो का है, जबकि भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। इसी के साथ वनडे सीरीज में 2-1 से मिली हार का बदला भी भारतीय टीम के पास लेने का मौका है।

     

  • संजय मांजरेकर ने ‘कंसुशन सब्स्टीट्यूट’ के बारे में कहा – देखने की जरूरत है आईसीसी को

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    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 मैच में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के स्थान पर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को कन्कशन सब्स्टीट्यूट रूप में भारत ने प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। हालांकि, इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है। मिचेल स्टार्क की एक गेंद जडेजा के हेलमेट पर लगी थी, लेकिन इससे पहले वे पैर की चोट से परेशान थे। मैच के बाद में कप्तान विराट कोहली और संजू सैमसन ने बताया था कि वे पारी के खत्म होने के बाद चक्कर जैसी शिकायत महसूस कर रहे थे।

    जडेजा के स्थान पर चहल फील्डिंग करने आए और मैच जिताऊ गेंदबाजी भी की, लेकिन कई पूर्व क्रिकेटरों को यह अनुचित लगता है, क्योंकि जडेजा की जांच करने के लिए कोई फिजियो मैदान पर नहीं आया था। जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी और नाबाद पवेलियन लौटे। इसके बाद जब वे फील्डिंग करने नहीं आए और भारत ने कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर युजवेंद्र चहल को पेश किया तो ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर नाराजगी व्यक्त की और उन्होंने मैच रेफरी डेविड बून से भी बात की कि जडेजा को हैमस्ट्रिंग है।

    उधर, भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज और क्रिकेट कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी इस फैसले पर हैरानी जताई है और भारतीय टीम के फैसले की आलोचना करते हुए आइसीसी से भी सवाल पूछा है। उन्होंने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्ट चैनल पर कहा, “वास्तव में बहुत खुशी हुई कि उन्हें(चहल) वह मौका मिला और मुझे लगता है कि विराट भी इस बात को स्वीकार करने के लिए बहुत ईमानदार थे कि भाग्य बदल गया, उन्होंने किसी ऐसे गेंदबाज की तुलना में बेहतर गेंदबाजी की जो शायद अपने चार ओवरों में नहीं कर पाए। चहल एक बहुत बड़ा बोनस था और भगवान का शुक्रिया कि भारत 160 कर पाया और यह सब संभव हो गया।”

    हालांकि, उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अब, इसके बाद वहां कन्कशन सब्स्टीट्यूट को लेकर बहुत कुछ सोचा जा रहा है। पूरी अवधारणा विशुद्ध रूप से इसलिए है, क्योंकि हम खिलाड़ी हैं – हम सभी – नियम हैं, जो कि अच्छे इरादे के साथ बनाए गए हैं, लेकिन हम अपने लाभ के लिए उन नियमों में कमियां खोजने की कोशिश कर रहे हैं। क्या भारत ने कोई फायदा उठाया, हमें नहीं पता, लेकिन आइसीसी को देखने की जरूरत है, ताकि किसी एक टीम को इतना बड़ा फायदा न हो।”

     

  • BCCI अधिकारी पदों पर रहेंगे कुछ और दिन…

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    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ जब 24 दिसंबर को अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित करेगा, तब सुप्रीम कोर्ट शीतकालीन छुट्टियों पर होगी। सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियां 18 दिसंबर से एक जनवरी तक रहेंगी। इसका मतलब है कि क्रिकेट सुधार संबंधित सभी मामले अगले साल में पहुंचेंगे। इसका यह भी मतलब है कि सौरव गांगुली, जय शाह और जयेश जॉर्ज अपने पदों पर 2021 तक बने रहेंगे, वो भी तब जब उनका कार्यकाल कुछ महीनों पहले खत्म हो चुका है।

    बीसीसीआइ के नए संविधान के मुताबिक, उसके अधिकारियों को बीसीसीआइ में या किसी राज्य संघ में, दोनों को मिलाकर, लगातार छह साल बिताने के बाद कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होता है। कूलिंग ऑफ पीरियड बिताने के बाद वह शख्स दोबारा तीन साल के लिए लौट सकता है। यह उन सात नियमों में से है जिन पर बदलाव की मांग की गई है। सौरव गांगुली पिछले साल 23 अक्टूबर को बीसीसीआइ अध्यक्ष चुने गए थे। उनके पास 278 दिन बचे थे, क्योंकि वह बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) में भी रह चुके थे।

    वह सीएबी में जुलाई 2014 से थे। इसलिए बीसीसीआइ में उनका कार्यकाल 26 जुलाई 2020 को खत्म हो गया है। 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआइ के मौजूदा सचिव जय शाह आठ सितंबर 2013 को गुजरात क्रिकेट संघ (जीसीए) के संयुक्त सचिव चुने गए थे। इससे पहले भी वह जीसीए के कार्यकारी थे। इसलिए उनका कार्यकाल भी खत्म हो चुका है। बीसीसीआइ के मौजूदा संयुक्त सचिव जॉर्ज पांच साल तक केरल क्रिकेट संघ (केसीए) के सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष रह चुके हैं और वह बीसीसीआइ में बतौर संयुक्त सचिव एक साल पूरा कर चुके हैं।

    पिछले साल सितंबर में उन्होंने केसीए के चुनाव के समय एक अखबार से कहा था कि, मैं 21 जून 2013 से सात जुलाई 2018 तक केसीए में रहा हूं। मेरे पास छह साल का समय पूरा करने के लिए अभी 11 महीने बाकी हैं। केसीए के कार्यकाल के दौरान उन्होंने ब्रेक भी लिया था। उन्होंने सात जुलाई 2018 से 14 सितंबर 2019 के बीच ब्रेक लिया था और फिर 23 अक्टूबर 2019 को केसीए अध्यक्ष के तौर पर लौटे थे।

    इसका मतलब है कि वह अपने छह साल पूरे कर चुके हैं, ब्रेक को हटाकर। इसलिए 14 सितंबर से वह भी कूलिंग ऑफ पीरियड में चले जाने चाहिए थे। तीनों अधिकारी हालांकि अभी बोर्ड में हैं क्योंकि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इन सभी ने सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआइ संविधान में सात बदलाव करने की अपील की है।

     

  • अब इस दिग्गज ने भी विराट कोहली के बाद क्रिकेट से छुट्टी ली, बनने वाले हैं पिता

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    नई दिल्ली। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली पहली बार पिता बनने जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक लेने का फैसला किया है, जिसका समर्थन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने भी किया है और उनको पितृत्व अवकाश दिया है। ऐसा ही कुछ न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन के साथ भी है। विलियमसन भी पहली बार पिता बनने जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक लेने का फैसला किया है, जिसका समर्थन उनके क्रिकेट बोर्ड ने किया है।

    केन विलियमसन ने पिछले शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि उनकी पत्नी दिसंबर के मध्य से दिसंबर के अंत तक पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और वह इस बारे में निर्णय लेंगे कि क्या कोई मैच उस समय के करीब है। रविवार को हैमिल्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में पारी और 134 रन से जीत दर्ज करने के बाद टीम के कोच गैरी स्टीड ने सोमवार को कहा कि विलियमसन को पितृत्व अवकाश के लिए बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है।

    कोच स्टीड ने कहा है, “सबसे खराब स्थिति में केन विलियमसन कुछ मैचों को मिस कर सकते हैं। एक पिता के रूप में, एक अभिभावक के रूप में, आपको अपने जीवन में एक बार अपने (पहले) बच्चे के जन्म के लिए वह अवसर मिलता है और मुझे पता है कि यह केन के लिए भी महत्वपूर्ण है। हम क्रिकेट खेलते हैं, ये महत्वपूर्ण है, लेकिन अन्य चीजें भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं। और वह ज्यादा महत्वपूर्ण है।”

    दूसरा वेस्टइंडीज टेस्ट वेलिंग्टन के बेसिन रिजर्व में शुक्रवार से शुरू होगा। इसके बाद कीवी टीम 18 दिसंबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज में पाकिस्तान से भिड़ेगी और फिर दो टेस्ट जो 26 दिसंबर से शुरू होंगे। स्टीड ने कहा कि विल यंग, जिन्होंने सीडन पार्क में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, विलियमसन के लिए “प्राकृतिक प्रतिस्थापन” हैं। कोच ने कहा कि उन्हें सीडेन पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआत हासिल की थी, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए थे।

     

  • सहवाग ने कहा- आखिरी टी 20 में इस बल्लेबाज को संजू सैमसन की जगह मौका मिलना चाहिए

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है। तीन मैचों की सीरीज के पहले दो मैच जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज अपने नाम कर ली है। इससे पहले वनडे सीरीज में भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज खेला जाना है। इस मैच से पहले पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने एक बदलाव का सुझाव दिया है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में आज तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जाना है। भारत ने दो वनडे मैचों में हार से शुरुआत करने के बाद लगातार तीन मुकाबले जीते हैं। आखिरी वनडे में जीत हासिल करने के बाद से भारत अच्छा खेल दिखा रही है। ऐसे में तीसरे टी20 में भारत को बदलाव की जरूरत तो नहीं लेकिन सीरीज अपने नाम कर चुकी टीम को सहवाग ने एक बदलाव करने का सुझाव दिया है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही सीरीज का भारत में प्रसारण करने वाले चैनल पर सहवाग ने बात करते हुए मनीष पांडे को मौका दिए जाने की बात कही। सहवाग ने कहा कि वैसे तो जीत हासिल कर रही इस टीम में बदलाव करने की जरूरत नहीं है लेकिन मनीष अगर फिट होते हैं तो आखिरी टी20 में उनको मौका दिया जाना चाहिए।

    सहवाग ने कहा, “देखिए वैसे तो मुझे नहीं लगता की टीम में जबरदस्ती किसी तरह के बदलाव की जरूरत है, लेकिन मनीष पांडे अगर मैच खेलने के लिए फिट हो जाते हैं तो मेरे हिसाब तो मौका मिलना चाहिए। मुझे लगता है कि संजू सैमसन की जगह मनीष पांडे को टीम में खिलाया जा सकता है। सैमसन ने दो मैच में मौका दिया गया लेकिन वह रन नहीं बना पाए, वैसे भी विराट को टीम में बदलाव करने की आदत है।”

     

  • इंग्लिश ऑलराउंडर ने नाम लिया वापस बिग बैश से, लौटेंगे अपने घर

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    सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की टी20 लीग बिग बैश से बाहर होने वाले खिलाड़ियों में एक और नाम जुड़ गया है। ऑलराउंडर टॉम कुर्रन बिग बैश लीग (बीबीएल) के आगामी सत्र से नाम वापस लेने वाले इंग्लैंड के एक और खिलाड़ी हो गए हैं। वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। इससे पहले इंग्लैंड के ही टॉम बैंटन ने ऑस्ट्रेलियाई टी-20 लीग से नाम वापस लिया था।

    कुर्रन जुलाई से बायो-बबल (कोरोना से बचाव के लिए बनाए गए सुरक्षित माहौल) से अंदर बाहर हो रहे हैं। वह पहले इंग्लैंड के गर्मियों के सत्र में खेले थे और इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आइपीएल खेलने गए थे। इसके बाद वह इंग्लैंड टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका गए थे। वह क्वारंटाइन से गुजरने के बाद क्रिसमस के बाद सिडनी सिक्सर्स से जुड़ने वाले थे।

    25 साल के इस खिलाड़ी ने पिछले सप्ताह सिक्सर्स के टीम प्रबंधन से बात कर अपने फैसले के बारे में बताया कि वह अपना अनुबंध पूरा नहीं कर पाएंगे। कुर्रन ने अपने प्रशंसकों के लिए एक खुले पत्र में बताया कि मैं इस साल बिग बैश लीग में नहीं खेल पाऊंगा, इसके लिए माफी मांगता हूं। जैसा कि आप पहले से जानते हैं, यह काफी चुनौतीपूर्ण साल रहा है और मैं जुलाई से बबल में हूं।

    उन्होंने कहा, मैंने सिक्सर्स के साथ खेलने का लुत्फ उठाया है। बीते दो सत्र मुझे काफी पसंद आए थे। मैं आपसे वादा करता हूं कि यह फैसला हल्के में नहीं लिया गया है। मैंने आने वाले कई वर्षो के लिए वापसी करूंगा, लेकिन मुझे कुछ समय चाहिए, मैं घर पर रहकर परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं।